Become a News Creator

Your local stories, Your voice

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back
Kondagaon494226

धरोहर समिति के देसी धान बीज संरक्षण से बस्तर में जैविक खेती की राह

CJCHAMPESH JOSHI
Jan 28, 2026 07:09:18
Kondagaon, Chhattisgarh
कृषि मंत्रालय, नई दिल्ली द्वारा वर्ष 2016 में धरोहर समिति को प्रशस्ति पत्र और 10 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। धरोवर समिति का मकसद एक है विलुप्त हो रही प्राकृतिक धान की किस्मो को बचाने के साथ किसानों को रासायनिक खेती छोड़ परम्परागात देशी खेती के लिए प्रेरित करना जिससे भूमि बंजर होने से बचे उर्वरकता शक्ति बड़े इसमें सफल हो भी हो रहा इनका प्रयास इसके लिए समिति के प्रयास को देखते हुए कृषि मंत्रालय, नई दिल्ली द्वारा वर्ष 2016 में धरोहर समिति को प्रशस्ति पत्र और 10 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की है । छत्तीसगढ़ को यूं ही धान का कटोरा नहीं कहा जाता है लेकिन बस्तर जैसे आदिवासी अंचल में आज यह पहचान खतरे में है। अधिक उत्पादन के लालच में हाईब्रिड धान की बढ़ती खेती ने पारंपरिक देसी प्रजातियों को विलुप्ति के कगार पर ला खड़ा किया है। ऐसे समय में कोंडागांव के किसान शिवनाथ यादव और उनकी ‘धरोहर समिति’ उम्मीद की एक मजबूत मिसाल बनकर सामने आए हैं। करीब 25 वर्षों की निरंतर मेहनत से शिवनाथ यादव ने धान की 290 देसी और विलुप्त होती किस्मों को सहेज कर रखा है, जबकि 44 किस्मों पर उनका शोध अभी भी जारी है। यह काम केवल बीज संग्रहण तक सीमित नहीं, बल्कि पारंपरिक ज्ञान, पर्यावरण संरक्षण और किसानों के अधिकारों की रक्षा से जुड़ा एक व्यापक आंदोलन है। प्रेरणा से आंदोलन तक शिवनाथ यादव को देसी बीजों के संरक्षण की प्रेरणा मुंबई की स्वयंसेवी संस्था रूरल कम्यूनस के फाउंडर स्व. मुन्नीर से मिली। इसी प्रेरणा के साथ उन्होंने वर्ष 1995 में कोंडागांव के गोलावंड में किसानों का समूह बनाकर ‘धरोहर’ की नींव रखी। तब से लेकर आज तक यह समूह देसी बीजों के संरक्षण और संवर्धन में जुटा है। उनके इस उल्लेखनीय कार्य को राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली। पौधा किस्म एवं कृषक अधिकार प्राधिकरण, कृषि मंत्रालय, नई दिल्ली द्वारा वर्ष 2016 में धरोहर समिति को प्रशस्ति पत्र और 10 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। बेचते नहीं, बांटते हैं बीज धरोहर समिति की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह बीजों का व्यापार नहीं करती। शिवनाथ और उनका समूह बीजों की अदला-बदली करता है और किसानों को खुद बीज उत्पादन के लिए प्रेरित करता है। पारंपरिक ज्ञान के साथ-साथ कृषि वैज्ञानिकों का सहयोग लेकर धान की किस्मों को संरक्षित किया जा रहा है। शिवनाथ यादव बताते हैं, “पहले किसान जमीन की प्रकृति के अनुसार अलग-अलग किस्म का धान बोते थे। गोबर की खाद और प्राकृतिक तरीकों से कीट नियंत्रण होता था, जिससे पर्यावरण का संतुलन बना रहता था। आज अधिक उत्पादन की होड़ में रासायनिक खाद और दवाओं का अत्यधिक उपयोग हो रहा है, जिसका असर पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य दोनों पर पड़ रहा है。” देसी धान: पोषण भी, औषधि भी शिवनाथ यादव के अनुसार देसी धान की कई किस्में पोषक तत्वों और औषधीय गुणों से भरपूर हैं। काटा मैहर धान में प्राकृतिक रूप से आयरन पाए जाने की बात पारंपरिक ज्ञान में मिलती है। इलायची आलचा जैसी किस्में दवाई के रूप में उपयोग की जाती रही हैं。 सुगंधित और विशेष किस्मों में — पतला श्रेणी: बादशाहभोग, लोकटी माछी मोटा श्रेणी: दांदर, कुमड़ा फूल, कुकड़ी मुंही, अलसागार, बासमुही अर्ली वैरायटी: भूरसी, लालू-14, धंगढ़ी काजर सहित अनेक किस्में शामिल हैं, जिन पर शोध जारी है। जैविक खेती की बढ़ती संभावनाएं आज देश-विदेश में ब्लैक राइस, रेड राइस और पोषक तत्वों से भरपूर देसी चावल की मांग बढ़ रही है। इससे बस्तर अंचल में जैविक खेती और किसानों की आय बढ़ाने की नई संभावनाएं बन रही हैं। शिवनाथ यादव का मानना है कि यदि देसी बीजों को संरक्षित कर उन्हें बाजार से जोड़ा जाए, तो यह क्षेत्र आत्मनिर्भर कृषि की मिसाल बन सकता है। विरासत को बचाने की जंग धरोहर समिति का यह प्रयास सिर्फ खेती नहीं, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के लिए खाद्य सुरक्षा और जैव विविधता को बचाने की लड़ाई है। शिवनाथ यादव जैसे किसानों की मेहनत यह साबित करती है कि अगर संकल्प मजबूत हो, तो विलुप्त होती विरासत को भी फिर से जीवन दिया जा सकता है।
0
comment0
Report

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

Advertisement
Jan 28, 2026 08:45:52
Gauri Bazar, Uttar Pradesh:गौरीबाजार विकास खंड कार्यालय में एसआईआर (SIR) से संबंधित नोटिस मिलने के बाद बड़ी संख्या में लोग कार्यालय पहुंचे, जहां उनका आक्रोश साफ देखने को मिला। नोटिस को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी व्याप्त रही। लोगों का आरोप है कि जब एसआईआर का फार्म भरा गया था, उस समय संबंधित कर्मचारियों द्वारा लापरवाही बरती गई। फार्म भरने में हुई कर्मचारियों की गलतियों का खामियाजा अब आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। नोटिस मिलने से लोग मानसिक रूप से परेशान हैं और बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। उन्होंने सभी आवश्यक दस्तावेज समय पर उपलब्ध कराए थे, इसके बावजूद अब उनसे जवाब-तलब किया जा रहा है, जो पूरी तरह से अनुचित है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि कर्मचारियों ने अपने कर्तव्यों का सही ढंग से पालन किया होता तो आज यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती।लोगों ने मांग की आम जनता को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए।
0
comment0
Report
Jan 28, 2026 08:45:38
Barabanki, Uttar Pradesh:बाराबंकी के फतेहपुर में मौसम ने अचानक करवट ले ली। रात करीब 9 बजे हल्की बूंदाबांदी के साथ शुरू हुई बारिश धीरे-धीरे तेज फुहारों में बदल गई। इसके बाद पूरी रात रुक-रुक कर बारिश होती रही, जिससे ठंड और गलन का असर बढ़ गया है। मौसम में आए इस बदलाव का असर आम जनजीवन के साथ-साथ किसानों पर भी पड़ा है। बारिश से जहां एक ओर कुछ रबी फसलों को फायदा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है, वहीं दूसरी ओर कई फसलों के नुकसान की आशंका भी बढ़ गई है। कृषि विशेषज्ञों और किसानों के अनुसार इस बारिश से गेहूं, चना और मसूर की फसलों को पर्याप्त नमी मिलेगी, जिससे इनकी पैदावार बेहतर होने की संभावना है। खेतों में नमी बढ़ने से उत्पादन पर सकारात्मक असर पड़ सकता है। हालांकि, सरसों, आलू, मटर और सब्जी वाली फसलों के लिए यह बारिश नुकसानदायक साबित हो सकती है। जिन खेतों में जल निकासी की व्यवस्था नहीं है, वहां पानी भरने से फसल खराब होने का खतरा बढ़ गया है। खासकर आलू और मटर की फसलों में सड़न और रोग लगने की आशंका को लेकर किसान चिंतित नजर आए। किसानों का कहना है कि अगर बारिश सीमित मात्रा में ही रहती है तो यह कुछ फसलों के लिए लाभकारी होगी, लेकिन बारिश का दौर लंबा चला या ज्यादा पानी गिरा तो भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। किसानों ने प्रशासन और कृषि विभाग से मौसम पर लगातार नजर रखने और समय-समय पर सलाह जारी करने की मांग की है। कुल मिलाकर फतेहपुर क्षेत्र में हुई इस बारिश ने ठंड तो बढ़ा दी है, लेकिन किसानों के लिए यह मौसम फिलहाल राहत और चिंता दोनों लेकर आया है। अब सबकी नजरें आने वाले दिनों के मौसम पर टिकी हुई हैं।
0
comment0
Report
SMSHARAD MAURYA
Jan 28, 2026 08:45:34
Bhadohi Nagar Palika, Khamaria, Uttar Pradesh:भदोही जिले में यूजीसी बिल के विरोध में सवर्ण समाज द्वारा जोरदार प्रदर्शन किया गया इस दौरान हजारों की संख्या में लोग एकजुट होकर सड़कों पर उतरे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों के हाथों में बैनर-पोस्टर थे, जिन पर यूजीसी बिल को काला कानून बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग लिखी हुई थी। पूरे क्षेत्र में प्रदर्शन को लेकर काफी देर तक हलचल बनी रही। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यूजीसी बिल शिक्षा व्यवस्था के लिए नुकसानदायक है और यह समाज को बांटने वाला कानून है उनका आरोप है कि यह बिल सामाजिक एकता और आपसी भाईचारे के खिलाफ है, जिससे समाज में विभाजन की स्थिति पैदा हो सकती है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शिक्षा का उद्देश्य समाज को जोड़ना है, न कि उसे वर्गों और जातियों में बांटना। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि विद्यार्थी की कोई जाति नहीं होती। शिक्षा सभी के लिए समान होती है और किसी भी प्रकार का जातिगत भेदभाव शिक्षा के मूल सिद्धांतों के विपरीत है उनका कहना था कि यूजीसी बिल लागू होने से उच्च शिक्षा संस्थानों में असमानता बढ़ेगी और छात्रों के भविष्य पर नकारात्मक असर पड़ेगा प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस कानून को वापस नहीं लिया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। वहीं, किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा।
0
comment0
Report
DMDILEEP MISHRA
Jan 28, 2026 08:35:33
Baibahamunnusingh, Uttar Pradesh:लखीमपुर खीरी के धौरहरा कोतवाली इलाके में 26 जनवरी को हुए युवती से रेप के मामले में पीड़िता ने आज कमरे में लगे पंखे से फांसी लगाकर अपने जीवन लीला समाप्त कर ली। मामले में रेप का आरोप दूसरे समुदाय के शख्स पर लगा है जिसने इंटर में पढ़ने वाली छात्रा को सुनसान जगह पर खींचकर उससे बलात्कार किया। घटना की जानकारी जैसे ही परिजनों को मिली वैसे ही परिजन पुलिस के पास मामले की शिकायत लेकर पहुंचे लेकिन पुलिस ने उस दिन कोई कार्रवाई न करते हुए अगले दिन पीड़िता और परिजनों को थाने में बुलाया। इसके बाद पूरे मामले में 24 घंटे बाद FIR दर्ज की गई। इस बीच पीड़िता से तरह-तरह के सवाल किए गए। पूरी घटना से आहत युवती ने लोक लाज और प्रताड़ना से आखिरकार मौत को ही गले लगाना उचित समझा। मामले में परिजनों ने बताया कि इससे पहले घटना के बाद बलात्कार के बाद बलात्कारी के भाई के द्वारा धर्म बदलने की बाद शादी करा देने की बात कहकर कार्रवाई न करने का दबाव बनाते रहे। मामले में हिंदू संगठनों ने घटना पर संवेदना व्यक्त करने पीड़िता के घर पहुंचे और दुखी परिवार को शान्तवना देते हुए न्याय दिलाने में हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है। पुलिस ने मामले में शव को कब्जे में लेते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.
0
comment0
Report
JPJitendra Panwar
Jan 28, 2026 08:35:16
Karnaprayag, Uttarakhand:चमोली जनपद में बीती रात को हुई भारी बारिश और बर्फबारी के बाद आज मौसम साफ और सुहावना हो गया है। पर्यटक स्थल ओली में बर्फबारी के बाद चटक खिलने पर हिम क्रीड़ा स्थल ओली पर्यटकों से गुलजार हो गयी है। बर्फवारी के बाद चमोली जिले में पर्यटकों के आने से पर्यटन और तीर्थाटन भी बढ़ने लगा है, जिससे होटल कारोबारी भी खुश दिखाई दे रहे हैं। दिल्ली से कुंवारी पास ट्रेक पर आये तीन युवक कह रहे हैं कि हम नेचर को देखने के लिए उत्तराखंड आये हैं। यहां का मौसम साफ और सुंदर है। गुजरात से जारा शाह और प्रशांत शाह का कहना है कि ओली का दीदार कर लौट रहे लोगों ने देश और दुनिया के लोगों को उत्तराखंड आने का आह्वान किया। लंबे समय से कारोबार में बंदी की मार झेल रहे होटल कारोबारी भी बारिश और बर्फबारी के बाद काफी खुश दिखाई दे रहे हैं। कर्णप्रयाग में होटल कारोबारी हरिकृष्ण भट्ट ने कहा कि बर्फवारी को देखने के लिए चमोली आ रहे पर्यटकों से अब कारोबार भी बढ़ने लग गया है। पर्यटकों के आने से सुनसान पड़े होटल भी गुलजार हो गए हैं।
0
comment0
Report
VTVinit Tyagi
Jan 28, 2026 08:35:00
Roorkee, Uttarakhand:रुड़की गंगनहर कोतवाली क्षेत्र के रामपुर चुंगी इलाके में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक चाय की दुकान में रखे गैस सिलेंडर में अचानक भीषण धमाका हो गया। धमाका इतना जोरदार था कि दुकान पूरी तरह तबाह हो गई और उसके परखचे उड़कर दूर जा गिरे। आसपास का इलाका दहल उठा और लोग डर के मारे अपने घरों से बाहर निकल आए। ये हादसा सुबह के वक्त का बताया जा रहा है, जब चाय की दुकान खुली हुई थी और कुछ लोग वहां मौजूद थे। वीडियो और तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि कैसे धमाके के बाद दुकान आग की लपटों में घिर गई। इस हादसे के वक्त दुकान पर चाय पीने आए दो लोग मलबे और आग की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तुरंत इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और सिलेंडर ब्लास्ट के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
0
comment0
Report
ACAshish Chauhan
Jan 28, 2026 08:34:05
Jaipur, Rajasthan:वृक्षारोपण के नाम पर धन का दुरुपयोग,नए पौधे लगाकर चोरी छिपाई,NGT का कडा फैसला जयपुर-राजस्थान में वृक्षारोपण के नाम पर धन का दुरुपयोग के मामला सामने आया है.इस पर एनजीटी ने कडा फैसला लेते हुए जिम्मेदार अफसरों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए.ये पूरा मामला कोटा के वन क्षेत्र का है,जहां करोड़ों रुपए की गड़बड़ी सामने आई है. नए पौधे लगाकर पुराने कार्यों को छिपाया- कोटा में कागजों में ही करोड़ों के वृक्षारोपण कर दिए.वरिष्ठ वन अधिकारियों की निरीक्षण रिपोर्ट में यह सामने आया कि NHAI द्वारा ₹25.72 करोड़ की राशि CEC में जमा कराई,जिसका उपयोग पत्थर की दीवार,वृक्षारोपण के लिए होना था,लेकिन वृक्षारोपण तो किया नहीं उल्टा अधिकांश स्थानों पर नए पौधे लगाकर पुराने कार्यों को छिपाया गया.एनजीटी ने वन विभाग के हॉफ को मामले की व्यक्तिगत जांच करने निर्देश,दोषी अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करने और 400 हेक्टेयर क्षेत्र में नए सिरे से वृक्षारोपण कराने के आदेश दिए. अवैध अतिक्रमण हटाने की मांग- राष्ट्रीय हरित अधिकरण केंद्रीय क्षेत्र पीठ भोपाल, जिसमें न्यायमूर्ति श्यो कुमार सिंह और सुधीर कुमार चतुर्वेदी शामिल ने राजस्थान के कोटा क्षेत्र में वन भूमि पर किए गए असफल वृक्षारोपण सरकारी धन के दुरुपयोग के गंभीर मामले पर कड़ा संज्ञान लिया है.तापेश्वर सिंह भाटी बनाम राजस्थान राज्य और अन्य में पारित किया गया. याचिका में लगभग 2375.86 हेक्टेयर वन भूमि से अवैध अतिक्रमण हटाने और लखावा वृक्षारोपण क्षेत्रों को पुनः बहाल करने की मांग की गई थी. जीवित पौधे नगण्य मिले- अधिकरण को बताया गया कि एनएच-27 के निर्माण के लिए वन भूमि के विचलन के बदले भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा ₹25.72 करोड़ की राशि केंद्रीय सशक्त समिति (CEC) में जमा कराई गई थी, जिसका उपयोग पत्थर की दीवार, फेंसिंग, बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण के लिए किया जाना था.लेकिन वरिष्ठ वन अधिकारियों की निरीक्षण रिपोर्ट में यह सामने आया कि वृक्षारोपण लगभग पूरी तरह असफल रहा,जीवित पौधे नगण्य हैं और अधिकांश स्थानों पर हाल ही में नए पौधे लगाकर पुराने कार्यों को छिपाने का प्रयास किया गया.रिपोर्ट में गंभीर लापरवाही, प्रशासनिक विफलता, धन के दुरुपयोग की ओर भी संकेत किया गया है, जिससे पर्यावरण और वन संपदा को भारी क्षति पहुंची है.अब मामले की अगली सुनवाई 16 मार्च को होगी.
0
comment0
Report
ACAshish Chauhan
Jan 28, 2026 08:32:37
Jaipur, Rajasthan:जयपुर-राजस्थान में वृक्षारोपण के नाम पर धन का दुरुपयोग के मामला सामने आया है. इसके पर एनजीटी ने कडा फैसला लेते हुए जिम्मेदार अफसरों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए. ये पूरा मामला कोटा के वन क्षेत्र का है,जहां करोड़ों रुपए की गड़बड़ी सामने आई है. आखिरकार कैसे वृक्षारोपण के नाम पर खुला खेल हुआ,देखे इस रिपोर्ट में! कहां रोप दिए वृक्ष? कोटा में कागजों में ही करोड़ों के वृक्षारोपण कर दिए. वरिष्ठ वन अधिकारियों की निरीक्षण रिपोर्ट में यह सामने आया कि NHAI द्वारा ₹25.72 करोड़ की राशि CEC में जमा कराई, जिसका उपयोग पत्थर की दीवार, वृक्षारोपण के लिए होना था,लेकिन वृक्षारोपण तो किया नहीं उल्टा अधिकांश स्थानों पर नए पौधे लगाकर पुराने कार्यों को छिपाया गया. एनजीटी ने वन विभाग के पक्ष को मामले की व्यक्तिगत जांच करने निर्देश, दोषी अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करने और 400 हेक्टेयर क्षेत्र में नए सिरे से वृक्षारोपण कराने के आदेश दिए. अवैध अतिक्रमण हटाने की मांग- राष्ट्रीय हरित अधिकरण केंद्रीय क्षेत्र पीठ भोपाल, जिसमें न्यायमूर्ति श्यो कुमार सिंह और सुधीर कुमार चतुर्वेदी शामिल ने राजस्थान के कोटा क्षेत्र में वन भूमि पर किए गए असफल वृक्षारोपण सरकारी धन के दुरुपयोग के गंभीर मामले पर कड़ा संज्ञान लिया है. तापेश्वर सिंह भाटी बनाम राजस्थान राज्य और अन्य में पारित किया गया. याचिका में लगभग 2375.86 हेक्टेयर वन भूमि से अवैध अतिक्रमण हटाने और लखावा वृक्षारोपण क्षेत्रों को पुनः बहाल करने की मांग की गई थी. जीवित पौधे नगण्य मिले- अधिकरण को बताया गया कि NH-27 के निर्माण के लिए वन भूमि के विचलन के बदले भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा ₹25.72 करोड़ की राशि केंद्रीय सशक्त समिति (CEC) में जमा कराई गई थी, जिसका उपयोग पत्थर की दीवार, फेंसिंग, बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण के लिए किया जाना था. लेकिन वरिष्ठ वन अधिकारियों की निरीक्षण रिपोर्ट में यह सामने आया कि वृक्षारोपण लगभग पूरी तरह असफल रहा, जीवित पौधे नगण्य हैं और अधिकांश स्थानों पर हालिया में नए पौधे लगाकर पुराने कार्यों को छिपाने का प्रयास किया गया. रिपोर्ट में गंभीर लापरवाही, प्रशासनिक विफलता, धन के दुरुपयोग की ओर भी संकेत किया गया है, जिससे पर्यावरण और वन संपदा को भारी क्षति पहुंची है. अब मामले की अगली सुनवाई 16 मार्च को होगी.
0
comment0
Report
ASAkhilesh Sharma
Jan 28, 2026 08:32:23
Dungarpur, Rajasthan:हेडलाइन- जानलेवा हमले के मामले में 6 दोषियों को 7-7 साल की सजा, प्रत्येक पर 11-11 हजार रुपए का जुर्माना एंकर इंट्रो- डूंगरपुर जिले की एडीजे कोर्ट ने बिछीवाडा थाना क्षेत्र के मोदर गाँव में एक युवक पर जानेलवा हमले के मामले में 6 आरोपियों को दोषी करार दिया है | कोर्ट ने सभी 6 दोषियों को 7-7 साल की सजा सुनाई है वही प्रत्येक दोषी पर 11-11 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है | दोषियों ने आपसी रंजिश के चलते घर में घुसकर पीड़ित के साथ मारपीट की थी और चाकू से जानेलवा हमला किया था | बॉडी- डूंगरपुर जिले के एडीजे कोर्ट के अपर लोक अभियोजनक उदय सिंह ने बताया कि मामला बिछीवाडा थाना क्षेत्र का है | 8 नवम्बर 2018 को मोदर गाँव निवासी जीवराज ताबियाड अपने घर पर अपनी पत्नी जमना और बच्चो के साथ घर पर ही था | इस दौरान गाँव का ही किशन और उसके साथी बाबू ताबियाड, अश्विनी ताबियाड, किरण ताबियाड, कावा ताबियाड और रूपा ताबियाड घर पर आये और जीवराज के साथ मारपीट शुरू कर दी | इस दौरान बाबु ताबियाड ने चाकू निकाला और जीवराज के पेट में घोप दिया | वही जानलेवा हमला करने के बाद सभी मौके से फरार हो गए | पीड़ित की पत्नी की ओर से एसपी को दिए गए परिवाद पर बिछीवाडा थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर सभी 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया था | इसी मामले में पुलिस ने अनुसन्धान पूर्ण करते हुए एडीजे कोर्ट में चालान पेश किया | इसी मामले में कोर्ट ने अंतिम सुनवाई करते हुए किशन, बाबु, अश्विनी, किरण, कावा और रूपा ताबियाड को 7-7 साल की सजा सुनाई और सभी पर 11-11 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है |
0
comment0
Report
DSDevendra Singh
Jan 28, 2026 08:31:56
Bharatpur, Rajasthan:एंकर--अब पर्यटक ई-स्कूटी के जरिए शहर का भ्रमण कर सकेंगे। पर्यटन को बढ़ावा देने और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बीडीए ने बड़ी पहल की है। बीडीए कार्यालय में 40 ईवी स्कूटी पहुंच चुकी है। फरवरी की शुरुआत में ई-स्कूटी की सेवा पर्यटकों के लिए शुरू हो जाएगी। इसके अलावा इनके सुचारू संचालन के लिए 9 ईवी स्टेशनों की भी पूरे तरीके से तैयार कर दिया गया है। वहीं, राजेंद्र नगर Municipal Corporation की पार्किंग में उसका चार्जिंग स्टेशन रहेगा। जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पिछले साल ई-साइकिलिंग और ई-बाइक स्टेशन स्थापित करने की घोषणा की गई थी। उसी के तहत इलेक्ट्रिक व्हीकल से टूरिस्ट शहर में पर्यटन स्थलों पर घूम सकें। इसके लिए 10 ईवी स्टेशन तैयार कराए गए थे, जिसके लिए बीडीए की ओर से एप तैयार कर लिया गया है। जीपीएस स्टॉल का काम चल रहा है। इसके अलावा राजेंद्र नगर में चार्जिंग स्टेशन को तैयार करने का भी काम किया जा रहा है, जो अगले हफ्ते तक बन कर तैयार हो सकेगा। ई-स्कूटी पर्यटकों को जीपीएस पार्क, टाउन हॉल, आरबीएम हॉस्पीटल, गोविंद निवास सर्कल, हीरादास बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, मेडिकल कॉलेज एसपीजेड कॉलोनी के पास, राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज के ईवी-स्टेशन पर पर्यटकों को स्कूटी आसानी से मिल सकेंगे।
0
comment0
Report
NJNEENA JAIN
Jan 28, 2026 08:31:31
Saharanpur, Uttar Pradesh:इकरा हसन एक बार फिर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से बनाए गए फेक वीडियो का शिकार हो गई हैं। अज्ञात लोगों द्वारा तैयार किया गया एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल किया जा रहा है, जिसमें एक युवती को क्रिकेट मैच के उद्घाटन के दौरान बैट से गेंद हिट करते हुए दिखाया गया है। इस वीडियो को शेयर करते हुए कई लोग दावा कर रहे हैं कि क्रिकेट टूर्नामेंट का उद्घाटन सपा सांसद इकरा हसन कर रही हैं। हालांकि वीडियो में न तो आयोजन स्थल का जिक्र है और न ही किसी तरह की आधिकारिक जानकारी दी गई। जब वीडियो की तहकीकात की गई तो सामने आया कि यह वीडियो इकरा हसन का नहीं है, बल्कि किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा AI तकनीक के जरिए तैयार किया गया फर्जी वीडियो है, जिसे जानबूझकर वायरल किया गया। खुद इकरा हसन के करीबियों ने इसकी पुष्टि की है यह पहला मौका नहीं है जब इकरा हसन के नाम पर इस तरह की फेक सामग्री सामने आई हो। इससे पहले भी उनकी कई AI जनरेटेड वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुकी हैं। कुछ समय पहले मेवात के कुछ यूट्यूबर्स द्वारा उनकी एक आपत्तिजनक वीडियो भी वायरल की गई थी। मामला सामने आने पर काफी हंगामा हुआ था, हालांकि वीडियो बनाने वाले नाबालिग होने के चलते सांसद ने उन्हें माफ कर दिया था, इकरा हसन के नाम से अभी भी सोशल मीडिया पर कई फर्जी अकाउंट सक्रिय हैं। इस संबंध में उन्होंने पुलिस अधिकारियों को पत्र लिखकर फेक अकाउंट्स और भ्रामक सामग्री के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। बताया जा रहा है कि सांसद की बढ़ती लोकप्रियता का फायदा उठाने और सोशल मीडिया पर ज्यादा व्यूज हासिल करने के लिए कुछ लोग उनकी रील्स बनाते हैं और कई बार फर्जी AI वीडियो बनाकर विवाद खड़ा करने की कोशिश करते हैं।
0
comment0
Report
Advertisement
Back to top