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पंकज चौधरी ने महराजगंज में मेरे सपनों का भारत कार्यक्रम में युवाओं से संवाद

Maharajganj, Uttar Pradesh:एंकर- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर सेवा संकल्प अभियान के तहत महराजगंज जिला मुख्यालय स्थित पंडित दीनदयाल कॉलेज में मेरे सपनों का भारत कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसका उद्घाटन भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने किया। इस कार्यक्रम में सेवा संकल्प अभियान को लेकर एक चित्र प्रदर्शन लगाई गई जिसमें सरकार की उपलब्धियों को दर्शाया गया था। इस मौके पर मेरे सपनों का भारत एवं विकसित भारत विषय को लेकर चित्रकला, निबंध, भाषण प्रतियोगिता के प्रतिभागी छात्र-छात्राओं से प्रदेश अध्यक्ष ने संवाद के माध्यम से विकसित भारत में युवाओं के योगदान और संकल्प को लेकर चर्चा की एवं प्रधानमंत्री के विजन को लेकर सरकार के संकल्प को दोहराया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न प्रतियोगिताओं में विजयी प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा कि सपनों का भारत कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों के अंदर नारी सशक्तिकरण, देश का विकास एवं आधुनिकीकरण की कल्पना है जिस पर सरकार काम भी कर रही है। इस कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों के अंदर राष्ट्र भाव की भावना जागृत हो रही है। चुनाव आयोग द्वारा तृणमूल कांग्रेस के चुनाव चिन्ह को फ्रिज किए जाने को लेकर राहुल गांधी के बयान पर टिप्पणी करते हुए पंकज चौधरी ने कहा राहुल गांधी को अपनी दादी इंदिरा गांधी के समय से देखना चाहिए। क्योंकि तृणमूल कांग्रेस भी कांग्रेस पार्टी से टूटकर बनी थी और कितनी पार्टियो का सिंबल बदलवाने का काम इंदिरा गांधी ने किया था। बाईट- पंकज चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा
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लखीमपुर खीरी: प्रेमिका के भाई पर सनकी की गोलीबारी, बाद में आरोपी ने खुद भी गोली मार ली

Baibahamunnusingh, Uttar Pradesh:लखीमपुर खीरी के पढुवा थाना इलाके के दुलहीगांव में एक सनकी ने प्रेमिका के भाई को पहले गोली मारी इसके बाद खुद को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। घायल प्रेमिका के भाई को लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर किया गया है। वही घटना चूंकि 2 समुदायों के बीच घटित हुई है ऐसे में एहतियातन गांव में पुलिस बल तैनात किया गया है। घायल अखिलेश प्रेमिका का भाई गंभीर रूप से घायल है। जबकि इदरीस मामले में खुद को फंसता देख मौके पर खुद को गोली मार ली और उसकी घटना स्थल पर मौत हो गई। मृतक इदरीस पहले भी 2006 में हत्या के प्रयास में सात साल की सजा काट चुका है। थाना पढुआ इलाके के गांव दुलही में सनसनीखेज गोलीकांड का मामला सामने आया है। इदरीस ने सामने रहने वाले व्यक्ति अखिलेश को गोली मार दी गंभीर रूप से घायल को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इदरीस हत्या के मामले में कुछ महीने पहले जेल से छूट कर आया था, सामने रहने वाली हिंदू लड़की को भगा ले गया था, पुलिस ने कल युवती को बरामद करके उसे घर वालो को सौंप दिया था, इसी से नाराज इदरीस ने लड़की के भाई को गोली मारी थी वही मामले में घटनाक्रम के बाद बल तैनात किया गया था लेकिन जैसे ही पुलिस का पहरा वैसे ही गांव में छुपा इदरीस निकल गया और प्रेमिका के घर पहुंच गया घर में मौजूद प्रेमिका के भाई को गोली मार दी जिसके बाद खुद भी गोली मार ली। आखिर जब लड़की की बरामदगी हुई थी पुलिस आरोपी की तलाश घर पर डेरा जमाए हुए थी तब आरोपी चकमा देकर गोली बारी करने में कामयाब कैसे हो गया। मामले में मृतक की पत्नी ने प्रेमिका पक्ष के लोगों पर हत्या का आरोप लगाया.
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टोंक DST ने गांजा तस्करों के नेटवर्क का पर्दाफाश, पति-पत्नी समेत 3 गिरफ्तार

Tonk, Rajasthan:टोंक DST के बड़ा एक्शन, पति-पत्नी समेत 3 गांजा तस्कर गिरफ्तार टोंक पुलिस अधीक्षक रोशन मीणा के निर्देशन में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत DST टोंक ने बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने मेहन्दवास और बरौनी थाना क्षेत्रों में कार्रवाई करते हुए पति-पत्नी समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दोनों कार्रवाई में कुल 45 किलो अवैध गांजा, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 22 लाख रुपये बताई गई है, बरामद किया। इसके अलावा दो कारें, चार मोबाइल और 1,320 रुपये नकद भी जब्त किए गए। मेहन्दवास थाना क्षेत्र में 17 सितंबर को बरवास में कार्रवाई के दौरान सोहेला निवासी लालाराम गुर्जर (42) और पुरानी टोंक हाउसिंग बोर्ड निवासी मुकेश महावर (41) को पकड़ा गया। इनके कब्जे से 23 किलो गांजा, दो कारें, तीन मोबाइल और नकदी बरामद हुई। वहीं बरौनी थाना क्षेत्र में लालाराम की पत्नी को DETAIN कर उसके कब्जे से 22 किलो गांजा और एक मोबाइल बरामद किया गया। प्रारंभिक पूछताछ में पति-पत्नी द्वारा गांजा सप्लाई का नेटवर्क संचालित करने की जानकारी सामने आने की बात पुलिस ने कही है। दोनों थानों में NDPS Act की धाराओं में अलग-अलग प्रकरण दर्ज कर पुलिस अब गांजे की सप्लाई के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक खंगाल रही है।
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कोटपूतली नगर परिषद सभापति उम्मीदवारों में भाजपा बनाम कांग्रेस टकराव जारी

Jaipur, Rajasthan:कोटपूतली(कोटपूतली-बहरोड़)......नगर परिषद के निकाय चुनाव 2026 में सभापति पद की रेस अब बेहद दिलचस्प और सीधी हो चुकी है। नामांकन वापसी के अंतिम दिन 4 प्रत्याशियों ने अपने नाम वापस ले लिए हैं। इससे पहले सभापति पद के लिए 6 दावेदारों ने कुल 8 नामांकन दाखिल किए थे। नाम वापस लेने वालों में भाजपा से बागी हुए पूर्व चेयरमैन महेंद्र सैनी और उनकी पत्नी सुषमा सैनी शामिल हैं। इसके अलावा, कांग्रेस के पूर्व चेयरमैन प्रकाश चंद सैनी और निर्दलीय हाइब्रिड प्रत्याशी दिनेश मीणा ने भी अपनी दावेदारी वापस ले ली है। सियासी समीकरण और बदला हुआ माहौल..... भाजपा vs कांग्रेस (हाइब्रिड) नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मैदान में अब सिर्फ दो मुख्य चेहरे बचे है। जिसमें भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी कमल सैनी और कांग्रेस के हाइब्रिड कैंडिडेट रमेश पायला मैदान में है अब इनके बीच सीधा मुकाबला है...... रमेश पायला को विपक्ष का समर्थन नामांकन वापस लेने के बाद पूर्व चेयरमैन महेंद्र सैनी ने पत्नी सहित कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार को अपना समर्थन देने का ऐलान किया है। वही पार्टी निष्ठा का दावा कांग्रेस के पूर्व चेयरमैन प्रकाश चंद सैनी ने नाम वापस लेते हुए स्पष्ट किया कि पार्टी सर्वोपरि है जहां पार्टी का निर्णय होगा वहीं मेरा रुख रहेगा। इन नेताओं ने भ्रष्टाचार मुक्त कोटपूतली का वादा किया......नाम वापस लेने वाले सभी नेताओं का एक सुर में कहना है कि कोटपूतली को भ्रष्टाचार मुक्त बनाना ही उनकी सबसे पहली प्राथमिकता है। जनता के मन में सवाल और 21 तारीख का इंतजार है। एक तरफ जहां नेता भ्रष्टाचार खत्म करने के बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर आम जनता का मानना है कि स्थानीय नेताओं ने हमेशा कोटपूतली के हितों के साथ समझौता किया है। जिसके कारण निकाय में भ्रष्टाचार लगातार बढ़ता गया। तमाम दावों और सियासत जोड़-तोड़ के बीच असली फैसला 21 तारीख को होगा। अब देखना यह होगा कि मतदान के बाद किसके सिर पर जीत का सेहरा बंधता है और कौन कोटपूतली नगर परिषद का नया सभापति बनकर जनता की उम्मीदों पर खरा उतर पाता है। बाइट:--01...प्रकाश चंद सैनी कांग्रेस पूर्व चेयरमैन....(पहचान सफ़ेद कुर्ते पायजामे मे)..... बाइट:--02....महेंद्र सैनी भाजपा पूर्व चेयरमैन.....(पहचान गले मे सफ़ेद तौलिया...) बाइट:--03....योगेश देवल SDM कोटपूतली.....
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गंगा जलस्तर घटा, बाढ़ से लौटे लोग, डेंगू-जलजनित बीमारियों का डर बढ़ा

Begusarai, Bihar:एंकर बेगूसराय में गंगा के जलस्तर में धीरे-धीरे कमी जरूर आई है, लेकिन बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों की परेशानी अभी भी बरकरार है। मटिहानी विधानसभा क्षेत्र के छितरौर और खोरामपुर गांव में बाढ़ का पानी कम होने के बाद लोग धीरे-धीरे अपने घरों को लौटने लगे हैं। हालांकि, घरों के आसपास और सड़कों पर अब भी पानी जमा है, जिससे लोगों को आने-जाने में काफी परेशानी हो रही है। वहीं, लंबे समय से जमा पानी के कारण ग्रामीणों को डेंगू और अन्य जलजनित बीमारियों का डर सता रहा है। दरअसल, पिछले दिनों गंगा के जलस्तर में हुई बढ़ोतरी के बाद मटिहानी विधानसभा क्षेत्र के छितरौर और खोरामपुर गांव में बाढ़ ने जमकर तबाही मचाई थी। कई घरों में पानी प्रवेश कर जाने के कारण लोगों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर पलायन करना पड़ा था। अब गंगा के जलस्तर में धीरे-धीरे कमी आने के बाद ग्रामीण वापस अपने घरों को लौटने लगे हैं। कई परिवारों ने दोबारा घर में रहना शुरू कर दिया है, लेकिन मुश्किलें अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं। घर के आसपास अब भी पानी जमा है, जबकि कई सड़कों पर भी जलजमाव की स्थिति बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि करीब एक महीने तक घरों में पानी रहने के बाद अब धीरे-धीरे पानी निकल रहा है, लेकिन घर के सामने जमा पानी के कारण रोजमर्रा की जिंदगी अभी भी मुश्किल बनी हुई है। सबसे बड़ी चिंता अब बीमारी को लेकर है। ग्रामीणों को लंबे समय से जमा पानी के कारण डेंगू समेत दूसरी बीमारियों का डर सता रहा है। लोगों का आरोप है कि पानी घटने के बाद अब तक इलाके में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव नहीं कराया गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जलजमाव वाले इलाकों में साफ-सफाई, ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव और स्वास्थ्य संबंधी जरूरी इंतजाम कराने की मांग की है。
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बोकारो के चंद्रपूरा डबल मर्डर: SIT और एफएसएल टीम ने जांच तेज की

Bokaro Steel City, Jharkhand:बोकारो के चंद्रपुरा थाना क्षेत्र में हुई डबल मर्डर केस मामले में देर रात तक घटनास्थल पर कैंप करती रही पुलिस के आला अधिकारी। हत्या मामले में एसआईटी टीम गठित किया गया। बतात े चले कि बोकारो के चंद्रपुरा थाना क्षेत्र के पश्चिम पल्ली में दंपती की गोली मारकर हत्या करने और पुत्र को गोली मारकर घायल करने के मामले में बोकारो पुलिस ने जांच तेज कर दी है। घटना के बाद बोकारो पुलिस अधीक्षक, एएसपी चास और डीएसपी बेरमो देर रात तक घटनास्थल पर कैंप कर मामले की जांच और पुलिस कार्रवाई की निगरानी करते रहे। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएसपी रविंद्र कुमार सिंह के नेतृत्व में विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है। टीम को हत्याकांड से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच कर आरोपियों तक पहुंचने की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाने के लिए एफएसएल टीम और डॉग स्क्वॉड भी घटनास्थल पर पहुंची। टीम ने घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य जुटाने और घटना से जुड़े सुराग तलाशने का प्रयास किया। पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में देर रात तक जांच जारी रही। पुलिस हत्या के कारणों और वारदात में शामिल आरोपियों की पहचान के लिए विभिन्न बिंदुओं पर जांच कर रही है。
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हरिद्वार में सुरेंद्र कोली की मौत पर ताजा अपडेट

Noida, Uttar Pradesh:हरिद्वार में सुरेंद्र कोली की मौत से जुड़ा नया अपडेट, चार दिन पहले ही किराए पर ली थी चाय की दुकान सप्त सरोवर रोड पर चाय की दुकान चलाने वाले सुरेंद्र कोली के बारे में पड़ोसियों ने कई अहम बातें बताईं। बताया जा रहा है कि कोली पिछले कुछ महीनों से हरिद्वार में अकेला रह रहा था और करीब चार दिन पहले ही सड़क किनारे दुकान किराए पर लेकर चाय बेचने का काम शुरू किया था। दुकान के लिए उसने संचालक को कुछ महीनों का किराया एडवांस भी दिया था। स्थानीय लोगों के मुताबिक क्षेत्र में कुंभ की तैयारियों को लेकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई चल रही है। इसी बीच दुकान हटने और एडवांस रकम फंसने को लेकर वह परेशान था। हालांकि दुकान हटने की चिंता को मौत की वजह मानना फिलहाल पड़ोसियों का अनुमान है, पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की है। पुलिस आत्महत्या के कारणों समेत पूरे मामले की हर पहलू से जांच कर रही है।
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मुरादाबाद रेलवे में बड़ा मॉक ड्रिल, बचाव टीमों की तैयारी दिखी

Moradabad, Uttar Pradesh:रेल हादसों मे बचाव कार्यों कों लेकर मुरादाबाद मे रेलवे का बड़ा मॉक ड्रिल, रेल हादसे का सीन क्रिएट कर मोकड्रिल मे किया गया राहत बचाव कार्य, NDRF की टीमों ने कटर से रेल की बोगी कों काटकर घायलों कों निकाला फिर स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने किया ईलाज, NDRF, रेलवे पुलिस एवं कर्मचारियों की टीमें, एवं सिविल पुलिस ने संयुक्त रूप से की मोकड्रिल, मुरादाबाद रेलवे स्टेशन के यार्ड मे किया गया मोकड्रिल, मुरादाबाद रेलवे की DRM विनीता श्रीवास्तव बोलीं पुरे मुरादाबाद रेलवे मंडल के अधिकारीयों ने लिया मोकड्रिल मे भाग, तो वहीँ लोगो से की आपात स्थिति मे संयम बरतने एवं समय से पुलिस कों सूचना देने की अपील, Zee मीडिया ने जब मौके पर मौजूद NDRF के डिप्टी कमांडेंट ऑफिसर कुणाल से बातचीत की तो उन्होंने किस तरह से लोगो कों बचाने मे NDRF का कार्य रहता है उसकी दी जानकारी, बाइट :- विनीता श्रीवास्तव, DRM मुरादाबाद रेल मंडल.
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झारखंड हाईकोर्ट ने HEC बाईपास अतिक्रमण हटाओ अभियान पर रोक लगाई

Ranchi, Jharkhand:रांची के HEC बाईपास रोड पर चल रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान पर झारखंड हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। कोर्ट के इस आदेश के बाद प्रशासन को अपनी कार्रवाई बीच में ही रोकनी पड़ी और अतिक्रमण हटाने गई टीम को जेसीबी मशीनों के साथ वापस लौटना पड़ा है। गौरतलब है कि HEC बाईपास रोड के चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण को लेकर सुबह जिला प्रशासन और नगर निगम की संयुक्त टीम भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची थी। इस दौरान स्थानीय लोगों ने टीम का भारी विरोध भी किया, लेकिन प्रशासन ने कार्रवाई जारी रखी…इसी बीच झारखंड हाई कोर्ट की ओर से इस अभियान पर रोक लगाने का आदेश आ गया। ऐसे में झारखंड हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान क्या कुछ हुआ और क्या कुछ निर्देश दिए गए ये अधिवक्ता अविनाश ने बताया
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भारत में चीता कुनबा 56 हुआ: KGP12 ने 4 शावकों को जन्म दिया

Bhopal, Madhya Pradesh:56 हुआ भारत में चीतों का कुनबा - कूनो में गूंजी चीतों की नई किलकारी - - भारत में जन्मी मादा KGP12 ने 4 शावकों को दिया जन्म, - 52 से बढ़कर 56 हुआ भारत का चीता कुनबा... - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल से शुरू हुई चीता पुनर्स्थापना यात्रा में मध्यप्रदेश ने रचा नया अध्याय... - कूनो में भारत में जन्मी मादा चीता KGP12 ने दिए 4 शावकों को जन्म... - प्रोजेक्ट चीता के लिए ऐतिहासिक और हर्ष का क्षण- मध्यप्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान में भारत में जन्मी मादा चीता KGP12 ने 18 सितंबर को चार नन्हे शावकों को जन्म दिया। - चार नए शावकों के जन्म के साथ भारत में चीतों की संख्या 52 से बढ़कर 56 हो गई है। - चार वर्ष-चार नई जिंदगियां। प्रोजेक्ट चीता की यात्रा में यह उपलब्धि भारत में चीता संरक्षण और प्राकृतिक प्रजनन की सफलता का महत्वपूर्ण प्रतीक है। - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 17 सितंबर 2022 को कूनो राष्ट्रीय उद्यान से शुरू हुई चीता पुनर्स्थापना की ऐतिहासिक यात्रा अब एक नए मुकाम पर पहुंच गई है।
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भाजपा पाड़ादाह मंडल में नाराजगी, छह बूथ के अध्यक्ष समेत 11 पदाधिकारी इस्तीफा

Khairgarh, Uttar Pradesh:खैरागढ़। डोंगरगढ़ के बाद अब भाजपा के पाड़ादाह मंडल में भी संगठनात्मक नाराजगी सामने आई है। मंडल अध्यक्ष गोरेलाल वर्मा पर कथित मनमानी और कार्यकर्ताओं से पक्षपात के आरोप लगाते हुए छह बूथ अध्यक्षों समेत 11 पदाधिकारियों ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। नाराज पदाधिकारी गुरुवार को रायपुर पहुंचे और प्रदेश महामंत्री नवीन मारकंडे को इस्तीफा सौंपा। बताया गया कि मारकंडे ने करीब एक घंटे तक पदाधिकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने फैसला वापस लेने से इनकार कर दिया। इस्तीफा देने वालों ने आरोप लगाया कि वर्षों से पार्टी के लिए काम करने के बावजूद उन्हें संगठनात्मक गतिविधियों से दूर रखा गया और चुनिंदा लोगों को प्राथमिकता दी गई। वनांचल क्षेत्र के कार्यकर्ताओं के साथ कथित भेदभाव को भी नाराजगी की वजह बताया गया। नई सेवा सहकारी समितियों में अध्यक्ष चयन को लेकर भी असंतोष की चर्चा है। हालांकि मंडल अध्यक्ष गोरेलाल वर्मा ने इस्तीफों की जानकारी से अनभिज्ञता जताई, जबकि जिलाध्यक्ष डॉ. बिशेसर साहू ने कहा कि जानकारी मिलने पर बैठकर चर्चा की जाएगी।
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जयपुर महापौर मुकाबला: 78 पार्षद के बावजूद चेहरा चुनना भाजपा के लिए बड़ी चुनौती

Jaipur, Rajasthan:एंकर-जयपुर में पार्षदों का चुनाव खत्म हुआ...अब शुरू हुई पार्षदों को साधने की परीक्षा। भाजपा के पास 78 पार्षद हैं...बहुमत के लिए चाहिए 76, यानी कुर्सी सुरक्षित दिखती है लेकिन कुशन सिर्फ दो वोट का है। उधर कांग्रेस 57 और निर्दलीय 15 मिलाकर आंकड़ा 72 तक पहुंचता है। यही नंबर गेम भाजपा को 2019 की याद भी दिला रहा है...जब 63 पार्षद होते हुए भी उसका मेयर प्रत्याशी एक वोट से हार गया था। इस बार दावेदार आधा दर्जन से ज्यादा हैं...कोई दिल्ली तक पैरवी में जुटा है तो कोई संगठन और संघ के दरवाजे पर। ब्राह्मण, अग्रवाल और राजपूत संगठनों ने भी प्रतिनिधित्व की मांग रख दी है। यानी मेयर की कुर्सी एक है...दावेदार कई हैं और भाजपा के सामने चुनौती सिर्फ मेयर चुनने की नहीं, ऐसा मेयर चुनने की है जिसके नाम पर उसके 78 वोट भी एक रहें। जयपुर नगर निगम में भाजपा ने बहुमत तो हासिल कर लिया, लेकिन महापौर की कुर्सी तक पहुंचने का रास्ता उतना आरामदायक नहीं है, जितना 78 सीटों का आंकड़ा पहली नजर में दिखाता है। वजह है बहुमत से सिर्फ 2 सीट ज्यादा और सात साल पुरानी एक वोट की हार। 150 पार्षदों वाले निगम में महापौर के लिए बहुमत का आंकड़ा 76 है। भाजपा के पास 78 पार्षद हैं। कांग्रेस के पास 57 और निर्दलीय 15 हैं। कांग्रेस और सभी निर्दलीयों का संख्या बल जोड़ दें तो आंकड़ा 72 होता है। यानी दोनों तरफ के आंकड़ों के बीच फासला सिर्फ 6 पार्षदों का है। इसी छोटे से अंतर ने महापौर प्रत्याशी के चयन को भाजपा के लिए केवल ‘चेहरा चुनने’ का मामला नहीं रहने दिया है। अब पार्टी को ऐसा चेहरा भी तलाशना है, जिसके नाम पर अपने पार्षदों में नाराजगी न हो और वोटिंग के वक्त 2019 जैसी सेंध न लगे। भाजपा के सामने सबसे बड़ा सबक 2019 का महापौर उपचुनाव है। तब 90 सदस्यीय बोर्ड में भाजपा के पास 63 पार्षद थे। कांग्रेस के सिर्फ 18 और निर्दलीय 9 थे। यानी भाजपा संख्या के लिहाज से बेहद मजबूत थी। इसके बावजूद बागी विष्णु लाटा ने भाजपा प्रत्याशी मनोज भारद्वाज को एक वोट से हरा दिया था। लाटा को 45 और भारद्वाज को 44 वोट मिले थे, एक वोट निरस्त हुआ था। भाजपा अपने पार्षदों को रिसॉर्ट में रखने के बावजूद क्रॉस वोटिंग नहीं रोक पाई थी। यही वजह है कि इस बार पार्टी सिर्फ 78 का आंकड़ा देखकर निश्चिंत नहीं है। वरिष्ठ नेताओं की पार्षदों के बीच आवाजाही बढ़ गई है और संगठन के साथ खड़े रहने का संदेश दिया जा रहा है। जयपुर नगर निगम महापौर की दौड़ में नाम लगातार बढ़ रहे हैं। सुनील कोठारी, पुनीत कर्णावट, शैलेन्द्र भार्गव, सुभाष सिंगी, विमल अग्रवाल और भवानी सिंह राजावत के बाद अब अनुराधा माहेश्वरी और विजय अग्रवाल के नाम भी चर्चा में हैं। सूत्रों के मुताबिक एक नए चेहरे को आगे बढ़ाने के लिए दो केंद्रीय मंत्रियों के स्तर पर सक्रियता की चर्चा है, इनमें एक राजस्थान से बताए जा रहे हैं। हालांकि पार्टी ने किसी नाम पर आधिकारिक मुहर नहीं लगाई है। ऐसे में प्रत्याशी मौजूदा दावेदारों में से होगा या पार्टी कोई नया नाम निकालकर चौंकाएगी, इस पर नजर है। दावेदारों की लॉबिंग के बीच महापौर की कुर्सी अब सामाजिक समीकरण का केंद्र भी बन गई है। ब्राह्मण, अग्रवाल और राजपूत संगठनों ने भाजपा नेतृत्व के सामने प्रतिनिधित्व की मांग रखी है। ब्राह्मण संगठनों ने बैठक कर समाज को अवसर देने की मांग की है। विप्र फाउंडेशन का प्रतिनिधिमंडल भी भाजपा नेतृत्व से मिला। अग्रवाल समाज के संगठनों نے अग्रवाल चेहरे को मौका देने की मांग उठाई है। राजपूत संगठनों के प्रतिनिधिमंडल ने भी पार्टी नेतृत्व کو ज्ञापन दिया है। ऐसे में महापौर का चेहरा जिस सामाजिक वर्ग से होगा, उपमहापौर का समीकरण उससे अलग वर्ग को साधते हुए तय होने की चर्चा है। भाजपा अपने 78 पार्षदों की किलेबंदी के साथ निर्दलीयों पर भी नजर बनाए हुए है। पार्टी का दावा है कि करीब 50% निर्दलीय उसके संपर्क में हैं। निर्दलीय पार्षदों के भाजपा से जुड़ने को भी इसी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। बहरहाल, जयपुर नगर निगम में री-पोल के बाद चार वार्ड कांग्रेस के जीतने से उसका आंकड़ा 53 से बढ़कर 57 हो गया। भाजपा 78 पर कायम है। सीटों की लड़ाई पूरी हो चुकी है, लेकिन महापौर चुनाव में कहानी केवल सीटों से तय नहीं होगी। 2019 बता चुका है कि निगम की राजनीति में बोर्ड का बहुमत और बैलेट बॉक्स का बहुमत हमेशा एक जैसा हो, यह जरूरी नहीं। इसलिए इस बार भाजपा के सामने सवाल सिर्फ यह नहीं है कि मेयर कौन बनेगा, उससे पहले सवाल यह है 78 में से 78 को एक नाम पर कौन साथ रख पाएगा?
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