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Rajeev KumarRajeev KumarFollow21 Jul 2024, 07:57 am
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उज्जैन में 17 सितम्बर को 25 लाख दीपों से शहर रोशन होगा

Ujjain, Madhya Pradesh:उज्जैन में 17 सितंबर की शाम एक बार फिर दीपों की रोशनी से शहर जगमगाएगा। सेवा संकल्प अभियान के तहत शहर के प्रमुख घाटों और महाकाल लोक में भव्य दीपोत्सव का आयोजन किया जाएगा। शाम 7 बजे होने वाले इस आयोजन में करीब 25 लाख दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। दीपोत्सव की तैयारियों को लेकर कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने अधिकारियों के साथ बैठक की। कार्यक्रम के लिए पूरे क्षेत्र को 7 सेक्टर और 250 सब-सेक्टर में बांटा गया है। दीप जलाने से लेकर लोगों की व्यवस्था संभालने तक करीब 22,500 वॉलंटियर्स जिम्मेदारी निभाएंगे। दीपोत्सव के लिए केदारेश्वर घाट, सुनहरी घाट, दत्त अखाड़ा, भूखी माता, महाकाल लोक कॉरिडोर और रामघाट के दो सेक्टर प्रमुख रहेंगे। वॉलंटियर को उनकी तय जगह पर ही ड्यूटी करने के निर्देश दिए गए हैं। सभी सेक्टरों की कलर कोडिंग भी की जाएगी, ताकि लोगों और वॉलंटियर्स को अपने क्षेत्र की पहचान आसानी से हो सके। बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था पर भी फोकस किया है। कंट्रोल रूम, बैरिकेडिंग, स्वास्थ्य केंद्र, पेयजल और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं पहले से पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। यानी 17 सितंबर की शाम उज्जैन के घाटों से लेकर महाकाल लोक तक 25 लाख दीपों की रोशनी का नजारा देखने को मिलेगा।
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उत्तर-पूर्वी दिल्ली में प्रॉपर्टी विवाद से युवक की हत्या

New Delhi, Delhi:उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सुंदर नगरी इलाके में प्रॉपर्टी विवाद को लेकर एक युवक की चाकू से हत्या कर दी गई। शनिवार रात घर के बाहर मौजूद युवक पर आरोपियों ने हमला कर दिया। गंभीर हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। मृतक की पहचान अली के रूप में हुई है। परिजनों ने उसके ताया, ताया के बेटों और उनके अन्य साथियों पर हत्या का आरोप लगाया। पुलिस के मुताबिक, वारदात की सूचना मिलते ही नंद नगरी थाने की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। शुरुआती जांच में प्रॉपर्टी विवाद को वारदात की वजह माना जा रहा है। पुलिस आरोपियों की भूमिका और हमले के दौरान मौजूद अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है। परिजनों के मुताबिक, अली के परिवार में प्रॉपर्टी को लेकर करीब आठ महीने से विवाद चल रहा था। शनिवार रात अली अपने घर के बाहर था। इसी दौरान उस पर चाकू से हमला किया गया। हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजनों का आरोप है कि विवाद के चलते ही ताया, उसके बेटे और उनके साथियों ने अली को निशाना बनाया। अली पीवीसी पैनल लगाने का काम दिहाड़ी पर करता था। उसकी मौत के बाद परिवार में मातम पसरा है। परिजनों का कहना है कि लंबे समय से चल रहे प्रॉपर्टी विवाद को लेकर तनाव था, लेकिन उन्हें अंदाजा नहीं था कि मामला हत्या तक पहुंच जाएगा। पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के साथ आरोपियों की तलाश और वारदात की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। सवाल यही है—आखिर प्रॉपर्टी के विवाद में रिश्तों की इतनी बड़ी कीमत क्यों चुकानी पड़ी?
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प्लेटफॉर्म 8 पर मुखबिर से पकड़: दो महिलाएं डोडाचूरा तस्करी में गिरफ्तार

Ujjain, Madhya Pradesh:प्लेटफॉर्म नंबर 8 पर मुखबिर की सूचना से कार्रवाई, पुलिस के मुताबिक कैरियर के तौर पर कर रही थीं काम उज्जैन रेलवे स्टेशन पर जीआरपी ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो महिलाओं को गिरफ्तार किया है। दोनों के कब्जे से करीब 75 किलो डोडाचूरा बरामद हुआ है। जब्त डोडाचूरा की कीमत पुलिस ने करीब 2 लाख रुपये बताई है। जीआरपी थाना प्रभारी एसके गुप्ता ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो महिलाएं डोडाचूरा लेकर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 8 पर मौजूद हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर दोनों महिलाओं को पकड़ा। तलाशी के दौरान एक महिला के पास मौजूद ट्रॉली बैग और दो पिट्ठू बैग से 41 किलो 555 ग्राम, जबकि दूसरी महिला के ट्रॉली बैग और हैंड बैग से 33 किलो 440 ग्राम डोडाचूरा बरामद हुआ। इस तरह दोनों के पास से कुल 74 किलो 995 ग्राम डोडाचूरा जब्त किया गया। पूछताछ में महिलाओं ने पुलिस को बताया कि उन्हें यह सामान किसी अज्ञात व्यक्ति ने दिया था और वे इसे पंजाब के लुधियाना लेकर जा रही थीं। पुलिस के मुताबिक, दोनों महिलाएं कैरियर के तौर पर काम कर रही थीं और सामान पहुंचाने के बदले उन्हें पैसे मिलने थे। थाना प्रभारी के अनुसार, महिलाओं ने यह भी बताया कि लुधियाना रेलवे स्टेशन के बाहर एक व्यक्ति ने उन्हें सामान लेने के लिए कहा था। फिलहाल पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि डोडाचूरा उन्हें कहां से मिला और इसे आगे किसे पहुंचाना था। जीआरपी ने दोनों महिलाओं के खिलाफ NDPS एक्ट की धारा 8/15 के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाने में लगी है。
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बुंदेलखंड में शराब दुकानों पर भारी विरोध, तोड़ा सब कुछ

RSR.B. SinghJust now
Tikamgarh, Madhya Pradesh:एंकर- मध्य प्रदेश के सागर जिले में शराब से हुई मौतों की दहशत अब समुचे बुंदेलखंड में दिखाई देने लगी है और लोगों का आक्रोश अब शराब की दुकानों और सड़कों पर आंदोलन के रूप में दिखाई देने लगा है, आज ऐसे ही एक विरोध प्रदर्शन में टीकमगढ़ जिले के बम्होरी बराना गांव में महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने देशी शराब की दुकान पर धावा बोल दिया और दुकान में रखी शराब की पेटियां की पेटियां उठाकर सड़क पर पटक पटक कर फोड़ डाली, लोगों का गुस्सा इतने पर ही नहीं रुका लोगों ने शराब की पेटियों और बोतलों का ढेर बनाकर उसमें आग भी लगा दी, इस दौरान मौके पर उपस्थित पुलिस मूकदर्शक बनी सारा नजारा खड़े खड़े देखती रही, लोगो का गुस्सा देख शराब ठेकेदार के कर्मचारी दुकान छोड़कर मौके से भाग निकले, वही ग्रामीणों का कहना है की 2022 की पुरानी शराब की बोतलों पर नया लेवल लगाकर बेचा जा रहा था, ग्रामीणों को डर था की बंडा जैसा हाल बम्होरी गांव में ना हो जाए, इसी डर के कारण महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने शराब की दुकान पर तोड़फोड़ कर दुकान में रखी शराब की पेटियां और बोतलों को नष्ट कर दिया है।
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पप्पू यादव ने बाढ़ पीड़ितों को 500₹ दिए, कहा सरकार से अधिक पैसा मेरे पास

Katihar, Bihar:मनिहारी पहुंचे सांसद पप्पू यादव, बोले- सरकार से ज्यादा मेरे पास पैसा है बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेने सांसद पप्पू यादव मनिहारी पहुंचे। उन्होंने नया टोला, सिंगल टोला, आजमपुर गोला सहित विभिन्न बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान बाढ़ पीड़ितों ने नाव, भोजन, पशुचारा एवं राहत सामग्री की समस्या सांसद के सामने रखी। सांसद पप्पू यादव ने बाढ़ पीड़ित परिवारों को तत्काल राहत के तौर पर 500 रुपया प्रति महिला को सहयोग राशि दी। उन्होंने कहा कि बाढ़ की इस कठिन परिस्थिति में पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा रहना उनकी जिम्मेदारी है और जरूरी के अनुसार आगे भी सहायता की जाएगी। मौके पर सांसद ने कहा कि सरकार से ज्यादा मेरे पास पैसा है। उन्होंने प्रशासन से भी बाढ़ प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री और अन्य जरूरी सुविधाएं पहुंचाने की अपील की। सांसद के दौरे से स्थानीय लोगों में राहत की उम्मीद जगी。
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मोदी के जन्मदिन पर घर-घर जलेगा आशीर्वादन का दिया

Darbhanga, Bihar:मोदी के जन्मदिन पर घर-घर जलेगा ‘आशीर्वाद का दिया’, सरकारी कार्यक्रम बनाए जाने के विपक्ष के आरोप पर बीजेपी के सांसद धर्मशिला गुप्ता का पलटवार दरभंगा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन को बीजेपी इस बार ‘सेवा और संकल्प’ के रूप में मनाएगी। 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक देशभर में विभिन्न जनसेवा कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। बीजेपी सांसद धर्मशीला गुप्ता ने दरभंगा में प्रेस वार्ता कर बताया कि 17 सितंबर की शाम सात बजे ‘आशीर्वाद का दिया’ अभियान के तहत देशभर में घर-घर एक दीप जलाया जाएगा। सांसद ने कहा कि यह सिर्फ दीप जलाने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री के 25 वर्षों के सेवा-संकल्प के प्रति जनता का आभार और आशीर्वाद व्यक्त करने का अवसर है। वहीं, प्रधानमंत्री के जन्मदिन को सरकारी कार्यक्रम बनाए जाने के विपक्ष के आरोपों पर धर्मशीला गुप्ता ने पलटवार करते हुए कहा कि विपक्ष को सेवा और संकल्प का मतलब नहीं पता। उन्होंने मोदी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि गरीबों को पक्का मकान, उज्ज्वला गैस, शौचालय और अन्य योजनाओं का लाभ मिला है। उन्होंने विपक्ष पर भ्रष्टाचार और घोटालों के आरोप लगाते हुए कहा कि मोदी सरकार में देश की दिशा और दशा बदली है और पूरी दुनिया में भारत का सम्मान बढ़ा है। बाइट 1, धर्मशीला गुप्ता, राज्यसभा सांसद
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भरतपुर के बयाना में पति ने पत्नी पर चाकू हमला, फिर खौफनाक कदम उठा लिया

Bharatpur, Rajasthan:भरतपुर- बयाना में सनसनीखेज वारदात, पत्नी पर चाकू से हमला, इंस्टाग्राम चैटिंग को लेकर पति को हुआ था पत्नी पर शक, कैला देवी झील का बाड़ा के जंगलों में पत्नी पर किया चाकू से हमला, हमले में पत्नी रजनी के गर्दन और पेट पर गंभीर चोटें, पत्नी के चिल्लाने पर ग्रामीण पहुंचे, बाइक छोड़कर भागा पति, pुलिस ने घायल रजनी को झील सीएचसी में कराया भर्ती, पत्नी पर हमला करने के बाद पति सुशील ने उठाया खौफनाक कदम, सालाबाद रेलवे स्टेशन के पास ट्रेन के आगे कूदकर दी जान, RPF की सूचना पर कोतवाली पुलिस ने शव की सुशील के रूप में की पहचान करीब 3 साल पहले हुई थी शादी, कोतवाली पुलिस कर रही जांच CO देवेंद्र जाखड़, CI रामगिलास गुर्जर पहुंचे मौके पर
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पटना में नेशनल फिजियोथेरैपी कॉन्फ्रेंस 2026 का उद्घाटन राज्यपाल ने किया

Patna, Bihar:लोकेशन — पटना नेशनल फिजियोथैरेपी कॉन्फ्रेंस 2026 का आयोजन पटना में किया गया है। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने दीप प्रज्वलित कर के कार्यक्रम का उद्घाटन किया। वही भाजपा MLC ने कहा नेशनल फिजियोथेरापिस्ट 2026 का आयोजन बिहार फिजियोथेरापिस्ट एसोसिएशन द्वारा किया गया है। इस कार्यक्रम में देशभर से फिजियोथेरापिस्ट और डॉक्टर शामिल हुए हैं। आज माननीय राज्यपाल महोदय ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया, यह हमारे लिए बेहद खुशी और गौरव की बात है। इस कार्यक्रम के माध्यम से आम जनता, समाज और सरकार के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश है। आज मेडिकल क्षेत्र में सिर्फ एलोपैथी तक सीमित रहने की जरूरत नहीं है। आयुष और एलाइड मेडिकल साइंस के साथ-साथ फिजियोथेरापी की भूमिका भी लगातार महत्वपूर्ण हो रही है। ऐसी कई स्वास्थ्य समस्याएं हैं, जिनमें दवाइयों से सिर्फ अस्थायी राहत मिलती है, जबकि फिजियोथेरापी के जरिए मरीज को लंबे समय तक बेहतर और प्रभावी समाधान मिल सकता है। 1996 के बाद इस क्षेत्र में सरकार की ओर से काम शुरू हुआ, लेकिन अभी भी बहुत कुछ किया जाना बाकी है। मेरा मानना है कि सरकार ने इस क्षेत्र में अभी अपनी क्षमता का लगभग 10 से 15 प्रतिशत ही काम किया है। इस क्षेत्र में काफी संभावनाएं हैं। खासकर लोअर और मिडिल क्लास परिवारों की बात करें तो बीमारी के इलाज में उनका बहुत बड़ा पैसा खर्च होता है। अगर फिजियोथेरापी और एलाइड मेडिकल साइंस को स्वास्थ्य व्यवस्था में उचित प्राथमिकता दी जाए, तो लोगों के इलाज का खर्च कम किया जा सकता है। सरकार को इस दिशा में प्रभावी पॉलिसी बनाकर फिजियोथेरापी को और बढ़ावा देना चाहिए। इससे न सिर्फ आम लोगों को फायदा होगा, बल्कि हमारी अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी। हम स्वस्थ युवा और स्वस्थ भारत की बात करते हैं। योग और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता के साथ फिजियोथेरापी को बढ़ावा देना भी इस दिशा में एक बड़ा कदम और महत्वपूर्ण माइलस्टोन साबित हो सकता है। बाइट — जीवन कुमार, MLC,BJP
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गोरखपुर के उरुवा बैंक में आग, शॉर्ट सर्किट से मामला नियंत्रण में

Gorakhpur, Uttar Pradesh:गोरखपुर के उरुवा बाजार से इस वक्त की बड़ी खबर... यहाँ उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक की शाखा में रविवार सुबह अचानक आग लग गई। बैंक बंद था, इसलिए अंदर कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था... लेकिन अचानक बैंक के भवन से उठते धुएं ने पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। आसपास के दुकानदारों की नजर जैसे ही बैंक से निकल रहे धुएं पर पड़ी, तुरंत पुलिस और अग्निशमन विभाग को सूचना दी गई। इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस और फायर ब्रिगेड ने मोर्चा संभाला और आग को फैलने से पहले ही काबू कर लिया। आग बुझने के बाद जब बैंक के अंदर जांच हुई तो प्रबंधक के केबिन में लगा CCTV कैमरे का बोर्ड जला हुआ मिला। शुरुआती जांच में इसी हिस्से में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका जताई जा रही है। राहत की सबसे बड़ी बात ये रही कि बैंक में रखे महत्वपूर्ण दस्तावेज और अभिलेख सुरक्षित हैं। ये तस्वीरें गोरखपुर के उरुवा बाजार की हैं... जहां रविवार सुबह अचानक ग्रामीण बैंक से धुआं निकलने लगा। वक्त करीब पौने नौ बजे का था... बैंक बंद था और कर्मचारी अंदर नहीं थे। लेकिन बैंक से उठता धुआं देखकर आसपास के दुकानदारों में हड़कंप मच गया। बिना देर किए पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही बैंक प्रबंधक व कैशियर और फील्ड अफसर मौके पर पहुंच गए। उधर उरुवा पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीम ने पहुंचते ही आग बुझाने का ऑपरेशन शुरू कर दिया। तेजी से कार्रवाई हुई और आग को बैंक के दूसरे हिस्सों में फैलने से रोक लिया गया। आग के बाद बैंक के अंदर जब जांच की गई तो प्रबंधक के केबिन में लगा CCTV कैमरे का बोर्ड जला हुआ मिला। प्रारंभिक जांच में आशंका है कि यहीं हुए शॉर्ट सर्किट ने आग को जन्म दिया। हालांकि आग ज्यादा फैलने से पहले ही उस पर काबू पा लिया गया। सबसे बड़ी राहत ये कि बैंक के महत्वपूर्ण दस्तावेज और अभिलेख सुरक्षित बताए जा रहे हैं। बैंक प्रबंधन के मुताबिक कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है और सोमवार से बैंक का कामकाज सामान्य रूप से शुरू किया जाएगा। यानी दुकानदारों की सतर्कता और पुलिस-फायर ब्रिगेड की तेजी ने एक बड़े हादसे को टाल दिया।
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लखनऊ में 80 फीट ऊँचा AC पंडाल, 20 करोड़ बीमा के साथ गणेश पूजा

Lucknow, Uttar Pradesh:गणेश पूजन की कल से शुरुआत हो रही है जिसको लेकर राजधानी लखनऊ में जगह-जगह पर बड़े-बड़े पंडाल सजाए गए हैं जिसमें सबसे भव्य और दिव्य लखनऊ की गोमती नदी के तट पर स्थित झूलेलाल वाटिका में बनाया गया है। अमेरिका के न्यू जर्सी स्थित स्वामीनारायण मंदिर की तर्ज पर 13 हजार वर्गफीट क्षेत्र में 80 फीट ऊंचा विशाल पंडाल बनाया जा रहा है। यह पंडाल पूरी तरह वाटरप्रूफ और वातानुकूलित (AC) है। पंडाल का 20 करोड़ रुपये का बीमा कराया गया है। भक्त सुबह 9:00 बजे से रात्रि 11:00 बजे तक 'मनौतियों के राजा श्री गजानन' के दर्शन कर सकेंगे। आरती का समय प्रतिदिन सुबह 9:00 बजे और शाम 6:00 बजे आरती होगी। श्रद्धालु सुबह 10:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक मनौतियों के राजा को अपनी मनोकामना की चिट्ठी लिख सकते हैं। कोलकाता के प्रसिद्ध भजन गायक संजय शर्मा के निर्देशन में रोजाना भजन संध्या और नृत्य नाटिका का आयोजन होगा। समिति के अध्यक्ष घनश्याम अग्रवाल ने बताया कि हर रोज यहां पर 25 से 30 हजार लोगों का फुट फाल होगा 14 सितंबर से 25 सितंबर तक कार्यक्रम चलेंगे। मराठी कम्युनिटी के लोगों ने कहा कि आज से 20 साल पहले शहर में सिर्फ दो जगह पर गणेश पूजा का कार्यक्रम होता था आज सैकड़ो जगह पर बड़े-बड़े पंडाल लगते हैं इससे हम लोगों को गर्व की अनुभूति होती है। महाराष्ट्र से शुरू हुए गणेश पूजन की पहचान आज पूरे विश्व में है।
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पंचकूला सेक्टर-11 के अलिफ लैला बार के बाहर गोलीबारी, दहशत फैल गई

Panchkula, Haryana:पंचकूला: शहर के पॉश इलाकों में शुमार सेक्टर-11 में सुरक्षा व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए रविवार तड़के करीब 3 बजे एक बार फिर से कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए। सेक्टर-11 स्थित 'अलिफ लैला बार' के बाहर दो गुटों के बीच किसी बात को लेकर जमकर विवाद हुआ, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। आरोप है कि इस दौरान दोनों पक्षों के बीच चली गोलियां, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। वारदात की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं। स्थिति का ज्याज़ा और सीन ऑफ़ क्राइम टीम ने घटनास्थल से कारतूस के खोखे और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं। घटना के बाद से तनाव का माहौल है और एहतियात के तौर पर 'अलिफ लैला बार' के मुख्य द्वार पर ताला लगा दिया गया है। पुलिस नाकों और सुरक्षा दावों पर उठे सवाल शहर के चप्पे-चप्पे पर पुलिस के नाके और रात्रि गश्त के दावे किए जाते हैं, लेकिन इसके बावजूद बेखौफ अपराधी शहर में वारदातों को अंजाम देकर आसानी से फरार हो जाते हैं। इस घटना ने एक बार फिर जिला प्रशासन और पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है कि आखिर तमाम पहरे के बावजूद बदमाश हथियार लेकर कैसे खुलेआम घूम रहे है फिलहाल पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज को खंगालने में जुटी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि विवाद की असली वजह क्या थी, फायरिंग किसने की और इस पूरी वारदात में कुल कितने लोग शामिल थे। फिलहाल अभी पुलिस आधिकारिक बयान सामने नहीं आया, फिलहाल पुलिस जांच का हवाला दे रही है,
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पानीपत की बुजुर्ग महिलाएं पढ़ाई से बना रहीं नया जीवन, सच में उम्र का कोई दीवार नहीं

Panipat, Haryana:70 की उम्र में थामा कलम अब अंगूठा नहीं लगातीं रामप्यारी जिस स्कूल में कभी बच्चियां पढ़ती थीं वहीं आज सास बहू और बुजुर्ग महिलाएं सीख रही हैं जिंदगी का हिसाब किताब पानीपत। कहते हैं कि शिक्षा की कोई उम्र नहीं होती। पढ़ाई सिर्फ अक्षर ज्ञान नहीं देती, बल्कि इंसान को अपने अधिकारों और आत्मसम्मान के साथ जीना भी सिखाती है। पानीपत के भारत नगर में एक छोटा-सा स्कूल इसी सोच को साकार कर रहा है। यहां कभी छोटी-छोटी बच्चियां पढ़ने आती थीं, लेकिन आज उसी स्कूल में 50 से 70 वर्ष तक की महिलाएं अपने जीवन के उस अधूरे सपने को पूरा कर रही हैं, जिसे गरीबी और परिस्थितियों ने कभी पूरा नहीं होने दिया। भारत नगर की एक छोटी-सी जगह पर 13 जुलाई 2013 को चेतना स्कूल की शुरुआत हुई थी। शुरुआत में महज करीब 20 महिलाएं यहां पढ़ने आती थीं। इनमें अधिकांश ऐसी महिलाएं थीं, जो दिनभर मजदूरी करने के बाद शाम को स्कूल पहुंचती थीं। धीरे-धीरे इनके उत्साह को देखकर दूसरी महिलाएं भी जुड़ती गईं। आज तकरीबन 100 से अधिक महिलाएं यहां पढ़ना-लिखना सीख चुकी हैं। कभी बैंक में अंगूठा लगाने वाली ये महिलाएं अब अपने हस्ताक्षर करती हैं। बस और ट्रेन के टिकट पढ़ लेती हैं और सबसे बड़ी बात—अपनी मजदूरी और घर के खर्च का हिसाब-किताब खुद रखने लगी हैं। 70 साल की रामप्यारी ने कहा- अब बैंक में अंगूठा नहीं, साइन करती हूं 70 वर्षीय रामप्यारी के चेहरे पर पढ़ाई सीखने की खुशी साफ दिखाई देती है। जब उनसे पूछा गया कि इस उम्र में पढ़ने में कैसा लगता है तो उनका सीधा जवाब था—“अच्छा लगता है।” रामप्यारी बताती हैं कि पहले उन्हें अपना नाम तक लिखना नहीं आता था। बैंक में जाना होता तो अंगूठा लगाना पड़ता था। अब वह बैंक में अपने हस्ताक्षर कर लेती हैं। पुलिस या दूसरे जरूरी काम में भी साइन कर लेती हैं। इतना ही नहीं, अब उन्हें गिनती भी आती है। बातचीत के दौरान उन्होंने 1 से 30 तक गिनती सुनाकर अपनी सीखने की ललक का उदाहरण भी दिया है। 50 साल की गुरमीत कौर ने पांच साल में बदली अपनी पहचान गुरमीत कौर पिछले पांच साल से चेतना स्कूल में पढ़ रही हैं। करीब 50 वर्षीय गुरमीत कहती हैं कि पहले उन्हें कुछ भी नहीं आता था और हर जगह अंगूठा लगाना पड़ता था। अब वह पढ़ भी लेती हैं और अपने हस्ताक्षर भी कर लेती हैं। उनका कहना है कि पहले बस या ट्रेन से कहीं जाना होता था तो काफी दिक़्त होती थी, लेकिन अब वह रास्ते और जरूरी चीजें समझने लगी हैं। गुरमीत अपनी कॉपी खोलकर पढ़कर दिखाते हुए कहती हैं कि “पढ़ना बहुत अच्छा लगता है।” सास ने बहू को नहीं, बहू ने सास को पढ़ने के लिए प्रेरित किया चेतना स्कूल की सबसे खूबसूरत तस्वीर यह है कि यहां कई जगह सास और बहू एक साथ पढ़ने आती हैं। 32 वर्षीय सोनिया करीब डेढ़-दो साल से अपनी सास राजग्री के साथ यहां आती हैं। सोनिया बताती हैं कि उन्हें थोड़ा-बहुत पढ़ना-लिखना आता था। उन्होंने अपनी सास से कहा कि अपना नाम लिखना तो आना ही चाहिए। इसी सोच के साथ दोनों स्कूल आने लगीं। अब सोनिया पहले से बेहतर हस्ताक्षर कर लेती हैं और सास के साथ पढ़ने को लेकर पूरा परिवार खुश है। मां-बाप नहीं रहे, मजदूरी की... अब 60 साल की अंगूरी सीख रही हिसाब-किताब 60 वर्षीय अंगूरी की कहानी भी दर्द और हौसले से भरी है। वह बताती हैं कि माता-पिता के निधन के बाद पढ़ाई का मौका नहीं मिला और जिंदगी मजदूरी करते हुए गुजरती रही। लेकिन उम्र के इस पड़ाव पर उन्होंने तय किया कि जितना समय बचा है, उसमें कुछ नया सीखा जाए। दो साल से चेतना स्कूल में पढ़ रहीं अंगूरी अब अपना नाम लिख लेती हैं, हस्ताक्षर कर लेती हैं और हिसाब-किताब भी खुद कर लेती हैं। वह मजदूरी करने के साथ-साथ पढ़ाई के लिए समय निकालती हैं। 40 साल की विधवा मां, चिनाई की मजदूरी और फिर पढ़ाई का सपना एक अन्य महिला की कहानी और भी भावुक कर देती है। 40 वर्षीय यह महिला चिनाई के काम पर मजदूरी करती हैं। पति की मौत को पांच साल हो चुके हैं। उस समय बच्चे छोटे थे। डेढ़ साल का बेटा था और परिवार की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई थी। उन्हें कभी स्कूल जाने का मौका नहीं मिला। वह बताती हैं कि पहले वह पूरी तरह अंगूठा टेक थीं। उनके बच्चे चेतना स्कूल में पढ़ते थे। बच्चों ने ही एक दिन कहा—“मम्मी, आप भी शाम को लेडीज के साथ पढ़ने जाया करो, अपना नाम लिखना सीख जाओगी।” बस, यहीं से उनकी जिंदगी ने नया मोड़ लिया। अब वह साइन कर लेती हैं, अपना हिसाब-किताब जोड़ लेती हैं और दूसरी महिलाओं को भी पढ़ाने के लिए प्रेरित करती हैं। उनकी चार बेटियाँ भी पढ़ रही हैं, जिनमें दो हॉस्टल में हैं और दो कावड़ी में पांचवीं और छठी कक्षा में पढ़ रही हैं। जिस स्कूल में पढ़ी, उसी में अब बुजुर्ग महिलाओं को पढ़ा रही अंजलि चेतना स्कूल की सबसे भावुक कहानी अंजलि की है। जब स्कूल शुरू हुआ था, तब मैम उनके घर जाकर बच्चों को स्कूल भेजने के लिए कहती थीं। अंजलि और उसके भाई-बहन चेतना स्कूल में पढ़ने लगे। यहीं से अंजलि ने पढ़ाई के साथ सिलाई और ब्यूटी पार्लर का काम भी सीखा। आज वह खुद इसी स्कूल में शिक्षिका की भूमिका निभाती हैं और 55 से 70-80 वर्ष तक की महिलाओं को पढ़ाती हैं। यानी जिस स्कूल ने कभी अंजलि के हाथ में किताब थमाई थी, आज उसी स्कूल में अंजलि दूसरी महिलाओं के हाथ में कलम थमा रही हैं। सिर्फ अक्षर ज्ञान नहीं, आत्मनिर्भरता की पाठशाला अध्यापिका सुनीता बताती हैं कि चेतना स्कूल में महिलाओं को पढ़ाई के साथ सिलाई और ब्यूटी पार्लर का प्रशिक्षण भी दिया जाता है। अब तक करीब 100 महिलाएं यहां से पढ़कर निकल चुकी हैं। इनमें कई ऐसी महिलाएं हैं जो पहले अपना नाम तक नहीं लिख पाती थीं, लेकिन अब हस्ताक्षर करने के साथ जोड़-घटाव और अपने काम की कमाई का हिसाब भी रख लेती हैं। सुनीता का कहना है कि जब महिला पढ़ती है तो उसका असर सिर्फ उस महिला तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरा परिवार उससे प्रभावित होता है। बिना प्रचार और सरकारी मदद के चल रही उम्मीद की पाठशाला भारत नगर की इस छोटी-सी जगह पर चल रहा चेतना स्कूल किसी बड़े भवन में नहीं, बल्कि आज भी बिना प्लास्टर की दीवारों वाले एक साधारण हॉलनुमा कमरे में महिलाओं को शिक्षा दे रहा है। न कोई बड़ा प्रचार, न कोई तामझाम। इसके बावजूद यहां आने वाली महिलाओं की संख्या और उनके भीतर सीखने की ललक लगातार बढ़ रही है। अध्यापिका सुनीता का सपना है कि एक बार शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा इस स्कूल में आएं और इन महिलाओं को देखें, जिन्होंने साबित किया है कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती। सबक उन लोगों के लिए, जो मानते हैं कि बदलाव सिर्फ सरकारी योजनाओं से आता है चेतना स्कूल की कहानी सिर्फ एक स्कूल की कहानी नहीं है। यह उन महिलाओं की कहानी है, जिन्होंने गरीबी, मजदूरी, विधवापन और उम्र की बंदिशों के बावजूद अपने हाथ में कलम थाम ली। यह उन बच्चों की कहानी है जिन्होंने अपनी मां को पढ़ने के लिए प्रेरित किया और उस छात्रा की कहानी है जो कभी यहां पढ़ती थी और आज उसी जगह बुजुर्ग महिलाओं को पढ़ा रही हैं। भारत नगर की इस छोटी-सी पाठशाला ने यह साबित कर दिया है कि अगर नीयत में सेवा और दिल में बदलाव की चाह हो तो बिना बड़े संसाधनों के भी जिंदगी बदली जा सकती है। कभी जिन हाथों में मजदूरी का फावड़ा था, उन्हीं हाथों में अब कलम है और कभी जो महिलाएं बैंक में अंगूठा लगाती थीं, आज वही आत्मविश्वास के साथ अपना नाम लिख रही हैं।
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नोएडा डूब क्षेत्र के लोगों के बिजली-पानी के लिए प्रदर्शन; भारी पुलिस बल तैनात

Noida, Uttar Pradesh:नोएडा के डूब क्षेत्र में रहने वाले लोग और किसानों का बिजली पानी की माँग को लेकर सड़क पर प्रदर्शन सड़क पर किसानो के उतरते ही लगा लंबा भीषण जाम वाहनों की थमी रफ्तार एडीसीपी मनीषा सिंह ख़ुद मौके पर समझाने पहुंची भारी पुलिस बल तैनात भारतीय किसान परिषद के अध्यक्ष सुखबीर ख़लीफ़ा के नेतृत्व में सड़क पर उतरे डूब क्षेत्र के लोग पिछ्ले कई दिनों से पर्थला गांव के पास चल रहा है बिजली की माँग को लेकर धरना प्रदर्शन किसान नेता सुखबीर ख़लीफ़ा ने कहा तब तक लिखित आश्वासन नहीं तब तक जारी रहेगा धरना प्रदर्शन
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