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राजस्थान के हाईवे स्मार्ट बनेंगे: ITS और EV चार्जिंग समेत

Jaipur, Rajasthan:एंकर राजस्‍थान में अब सिर्फ नई सड़कें नहीं बनेंगी, बल्कि हाईवे स्मार्ट भी होंगे। राज्य सरकार ने वर्ल्ड बैंक के सहयोग से चल रहे राजस्थान हाईवे मॉडर्नाइजेशन प्रोजेक्ट (आरएचएमपी) को गति देते हुए करीब 800 किलोमीटर राज्य राजमार्गों को आधुनिक तकनीक से लैस करने की तैयारी शुरू कर दी है। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने परियोजना की समीक्षा करते हुए राजस्थान स्टेट हाईवे ऑथॉरिटी (आरएसएचए) को और मजबूत बनाने तथा सड़क सुरक्षा कार्यक्रम में तेजी लाने के निर्देश दिए। सचिवालय में हुई समीक्षा बैठक में 14 प्रस्तावित सड़क परियोजनाओं की प्रगति का आकलन किया गया। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि सभी परियोजनाएं तय समयसीमा में पूरी हों, ताकि आधुनिक सड़क नेटवर्क का लाभ जल्द लोगों तक पहुंचे। वर्ल्ड बैंक की प्रस्तुति में बताया गया कि परियोजना के तहत केवल सड़क चौड़ीकरण ही नहीं, बल्कि डिजिटल रोड मैनेजमेंट सिस्टम, इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम (ITS), इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर, सड़क सुरक्षा सुधार, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क और निजी निवेश को भी बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही जलवायु परिवर्तन को ध्यान में रखते हुए क्लाइमेट-रेजिलिएंट (जलवायु-अनुकूल) सड़कें विकसित करने की भी योजना है। सरकार का मानना है कि यह परियोजना राजस्थान के सड़क नेटवर्क को तकनीक आधारित, सुरक्षित और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बनाने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगी।
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बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में अधीक्षक का औचक निरीक्षण; प्रसूताओं की हालत के बाद सतर्कता बढ़ी

Bikaner, Rajasthan:पीबीएम अधीक्षक डॉ. बी.सी. घीया का अस्पताल में औचक निरीक्षण सखी सेंटर और जनाना विंग का लिया जायजा, दिए आवश्यक निर्देश लेबर रूम पहुंचकर व्यवस्थाओं और उपचार व्यवस्था की समीक्षा प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने की घटनाओं के बाद अस्पताल प्रशासन हुआ अलर्ट Intro - बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में हाल ही में प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने और एक प्रसूता की मौत के मामले के बाद अस्पताल प्रशासन अलर्ट मोड पर नजर आया इसी क्रम में अधीक्षक डॉ. बी.सी. घीया ने अस्पताल के जनाना विंग, सखी सेंटर और लेबर रूम का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान डॉ. घीया ने चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ से व्यवस्थाओं की जानकारी ली तथा मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए उन्होंने लेबर रूम में भर्ती प्रसूताओं की स्थिति की भी जानकारी ली और उपचार व्यवस्था की समीक्षा की। अधीक्षक ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रसूताओं के उपचार में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए और हर मरीज की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए साथ ही आवश्यक दवाइयों, उपकरणों और स्टाफ की उपलब्धता पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मरीजों को बेहतर और सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है और व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की जा रही है।
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सीएम साय ने बुनकर सम्मेलन में कई योजनाओं की सौगात का ऐलान किया

Raipur, Chhattisgarh:प्रदेश स्तरीय बुनकर सम्मलेन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शामिल हुए. विधानसभा अध्यक्ष डॉक्टर रमन सिंह, मंत्री ओपी चौधरी, गजेन्द्र यादव, लखन लाल देवांगन समेत अन्य इस दौरान मौजूद रहें. पंडित दीनदयाल ऑडोटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में राज्य से सैकड़ों की संख्या में बुनकर पहुंचे. बुनकरों को विभिन्न योजनाओं की मुख्यमंत्री ने सौगात दी. मुख्यमंत्री ने इस दौरान कहा- 10.90 करोड़ से ज्यादा राशि का वितरण बुनकर समाज के लोगों के लिए किया जा रहा है. बुनकर समाज को आगे बढ़ाने के लिए सरकार लगातार योजनाएं चला रही है. राज्य के हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास दिया जा रहा है. 70 लाख माताओं बहनों को महतारी वंदन का 30वां किस्त दे रहे. सुशासन-अभिशरण विभाग से सिस्टम बेहतर किया जा रहा है. मुख्यमंत्री हेल्प लाइन नंबर माध्यम से समस्याओं का समाधान किया जा रहा है. सेवा सेतु से 36 विभाग के 721 सेवा ऑनलाइन शामिल किया गया. 1 अगस्त से सेल्फी विथ स्वदेशी योजना की शुरुआत हुई है. सेल्फी लेकर विभाग के इंस्टाग्राम में अपलोड करेंगे, उसमें जिले के 10 लोगों को सम्मान दिया जाएगा कार्यक्रम के दौरान बंदूक उठाने वाली पूर्व नक्सली महिलाओं का रैंप वॉक भी हुआ. पहली बार पुनर्वासी महिलाओं ने किया रैंप वॉक. दीनदयाल ऑडिटोरियम में राज्य स्तरीय बुनकर सम्मलेन में 9 पुनर्वासी महिलाओं ने किया रैंप वॉक इस दौरान पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए एसआई नतीजे में अभ्यर्थियों के नामों के मामले को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा- पीएससी ने स्थिति स्पष्ट कर दी है, जो नाम आये है वास्तव में अभ्यर्थियों के वहीं नाम है, किसी भी तरह का गलत नहीं हुआ है
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रायगढ़: दुष्कर्म के प्रयास के बाद महिला और बच्चों की हत्या, आरोपी गिरफ्तार

Darogapara, Chhattisgarh:रायगढ़ जिला के लैलूंगा थाना क्षेत्र के ग्राम छापरपानी में महिला और उसकी 10 माह की मासूम बच्ची की हत्या के मामले में पुलिस ने 21 दिन बाद अंधे कत्ल का खुलासा करते हुए 65 वर्षीय आरोपी भिखारीराम नागवंशी को गिरफ्तार किया है। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार 16 जुलाई को महिला खेत स्थित बोर मकान में गंभीर रूप से घायल हालत में मिली थी, जबकि उसकी 10 माह की बच्ची की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। महिला के सिर और चेहरे पर गंभीर चोट के निशान थे। उपचार के दौरान महिला की भी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, एफएसएल और डॉग स्क्वॉड की टीम मौके पर पहुंची और साक्ष्य जुटाए। सुनसान स्थान होने और कोई प्रत्यक्षदर्शी नहीं मिलने के कारण पुलिस के लिए आरोपी तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण था। एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन में लैलूंगा पुलिस ने गांव में कैंप लगाकर लगातार पूछताछ की। इसी दौरान पुलिस को भिखारीराम नागवंशी के संबंध में अहम जानकारी मिली। पूछताछ में उसके हाथ पर चोट का निशान भी मिला, लेकिन उसने शुरुआत में घटना से इनकार किया। पुलिस के मुताबिक वैज्ञानिक और मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ करने पर आरोपी ने अपराध स्वीकार कर लिया। आरोपी ने बताया कि 15 जुलाई की रात उसने महिला के साथ जबरन दुष्कर्म का प्रयास किया। महिला के विरोध करने पर उसने ईंट से उसके सिर और चेहरे पर हमला कर दिया। इसके बाद बच्ची के रोने पर उसका गला दबाकर और ईंट से हमला कर उसकी भी हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी ने घटना के समय पहनी गई धोती छिपा दी थी। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने खून के निशान वाली धोती बरामद की है। मामले में हत्या और दुष्कर्म की धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए आरोपी को जेल भेज दिया गया है
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छिंदवाड़ा दौरे पर मुख्यमंत्री ने लापरवाही पर बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की

Chhindwara, Madhya Pradesh:छिंदवाड़ा दौरे पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का बड़ा एक्शन सीएमएचओ डॉ. नरेश गुन्नाड़े निलंबित, लापरवाह तहसीलदार और पटवारी पर भी गिरी गाज; सीएम हेल्पलाइन में लापरवाही पर पदोन्नति रोकने के निर्देश मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को छिंदवाड़ा दौरे के दौरान प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की .कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों, राजस्व मामलों एवं विभिन्न विभागों की कार्यप्रगति की समीक्षा की.समीक्षा के दौरान लापरवाही सामने आने पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. नरेश गुन्नाड़े को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए.मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के अंतर्गत मुख्यमंत्री ने राजस्व विभाग के कार्यों में लापरवाही बरतने वाले एक तहसीलदार और एक पटवारी के विरुद्ध भी निलंबन की कार्रवाई के निर्देश दिए.उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनता की समस्याओं के निराकरण में किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी और जवाबदेही तय करते हुए कठोर कार्रवाई की जाएगी. बैठक में मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से सीएम हेल्पलाइन के लंबित एवं संतुष्टिपूर्वक निराकृत नहीं किए गए प्रकरणों पर नाराजगी व्यक्त की. उन्होंने निर्देश दिए कि जो अधिकारी और कर्मचारी सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण में लगातार लापरवाही बरत रहे हैं उनकी क्रमोन्नति एवं पदोन्नति भी रोकी जाए.साथ ही ऐसे अधिकारियों की नियमित समीक्षा कर आवश्यकतानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता आम नागरिकों की शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण समाधान है.जनता को कार्यालयों के चक्कर लगाने के लिए मजबूर करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का निर्धारित समय सीमा में संतोषजनक निराकरण सुनिश्चित करें तथा शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पारदर्शी और प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाए. मुख्यमंत्री की इस कार्रवाई को प्रशासनिक जवाबदेही और सुशासन की दिशा में बड़ा संदेश माना जा रहा है. मुख्यमंत्री ने FDDI ऑडिटोरियम से निकल कर शासकीय ITI का निरीक्षण भी किया और उसके बाद कुछ दिन पूर्व भाजपा पार्षद जिनकी हार्ट अटैक से मृत्यु हुई थी उनके घर पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उसके बाद लोक सेवा केंद्र का निरीक्षण भी किया .
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बिलासपुर में मलेरिया से पहली मौत, रोकथाम योजनाओं पर उठे सवाल

Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर जिले में मलेरिया से बचाव और रोकथाम के स्वास्थ्य विभाग के दावों के बीच अब पहली मौत का मामला सामने आया है। कोटा क्षेत्र के औरापानी गांव की रहने वाली 37 वर्षीय रेखा बैगा ने सिम्स बिलासपुर में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। बताया जा रहा है कि तबीयत बिगड़ने पर परिजनों को गनियारी पीएचसी लेकर किया गया था, जहां जांच के दौरान मलेरिया की पुष्टि हुई। हालत गंभीर होने के कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए सिम्स रेफर किया गया, जहां करीब दो दिनों तक उनका इलाज चला, लेकिन गुरुवार को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। जिले में मलेरिया से यह पहली मौत बताई जा रही है। इधर, कोटा क्षेत्र में लगातार मलेरिया के मामले सामने आने से चिंता बढ़ गई है। अब तक जिले में 50 से ज्यादा मरीजों की पहचान हो चुकी है, जबकि फिलहाल 11 एक्टिव केस बताए जा रहे हैं। ऐसे में एक ओर जहां स्वास्थ्य विभाग मलेरिया की रोकथाम और प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी को लेकर लगातार प्रयासों की बात करता रहा है, वहीं बीमारी से हुई मौत ने इन व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर आदिवासी और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाली आबादी तक समय पर जांच, उपचार और बचाव के उपाय पहुंचाना बड़ी चुनौती है। अब इस मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग के सामने कोटा सहित प्रभावित इलाकों में मलेरिया की रोकथाम के लिए निगरानी और उपचार व्यवस्था को और मजबूत करने की चुनौती है।
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प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के प्रचार के लिए मधेपुरा में भव्य सोलर मेला

Madanpur, Bihar:प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के प्रचार-प्रसार को लेकर मधेपुरा विद्युत आपूर्ति प्रमंडल परिसर में भव्य सोलर मेले का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन उप विकास आयुक्त अनिल बसाक ने किया। मेले में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर सोलर पैनल, इन्वर्टर और अन्य सौर उपकरणों की जानकारी ली। डीडीसी ने अधिकारियों और वेंडरों को निर्देश दिया कि 200 यूनिट से अधिक बिजली खपत वाले उपभोक्ताओं को चिन्हित कर सोलर योजना से जोड़ा जाए। साथ ही बैंकों को सोलर लोन जल्द स्वीकृत करने के निर्देश दिए। बिजली विभाग ने बताया कि योजना के तहत आकर्षक सब्सिडी, आसान ऑनलाइन आवेदन और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। मेले में कई उपभोक्ताओं को ऋण भी स्वीकृत किया गया। अधिकारियों ने लोगों से प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का लाभ उठाकर स्वच्छ और सस्ती ऊर्जा अपनाने की अपील की।
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कटिहार में बस-बाइक टक्कर: एक की मौत, दो घायल

Katihar, Bihar:कटिहार ब्रेकिंग — राष्ट्रीय राजमार्ग 31 पर कुर्सेला देवीपुर के समीप बस और मोटरसाइकिल के बीच टक्कर में एक की मौत, दो घायल। घटनास्थल पर ही एक युवक की मौत हो गई और दो घायल हो गए। देवीपुर चौक के समीप शुक्रवार दोपहर यात्रियों से भरी शोभा ट्रेवल्स बस और तीन युवकों से सवार बाइक के बीच जोरदार टक्कर हो गई। बाइक के परखच्चे उड़ गए। अस्पताल में मृतक की पहचान जितेंद्र साह के रूप में की गई है; घायल रौशन कुमार साह और सूरज कुमार को बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर किया गया। मृतक और घायल सभी समेली प्रखंड के वार्ड नं 13 के निवासी हैं। राहत की बात यह रही कि बस में सवार यात्रियों को हताहत नहीं हुआ। पुलिस मामले की जांच कर रही है。
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बरसात में कांगड़ा-चंबा क्षेत्र की 820 पेयजल योजनाएं प्रभावित; नुकसान 67 करोड़

mathura, Dharamshala, Himachal Pradesh:बरसात में कांगड़ा-चंबा जोन की 820 पेयजल योजनाएं हुईं प्रभावित, 67 करोड़ रुपये का हुआ नुकसान धऱ्मशाला: लगातार हो रही बारिश के दौरान कांगड़ा-चंबा जोन में पेयजल आपूर्ति को भारी नुकसान पहुंचा है। हालांकि विभाग ने सभी प्रभावित योजनाओं को बहाल कर लोगों को नियमित पेयजल उपलब्ध करवा दिया है। यह जानकारी धर्मशाला जोन के मुख्य अभियंता दीपक गर्ग ने दी। उन्होंने बताया कि कांगड़ा-चंबा जोन में कुल 1,643 पेयजल योजनाएं हैं, जिनमें से करीब 820 योजनाएं अलग-अलग समय पर बारिश के कारण प्रभावित हुईं। वर्तमान में सभी योजनाएं बहाल कर दी गई हैं। इनमें लगभग 90 प्रतिशत योजनाओं को स्थायी रूप से और शेष 10 प्रतिशत को वैकल्पिक व्यवस्था के माध्यम से अस्थायी रूप से चालू किया गया है। मुख्य अभियंता ने बताया कि इस मानसून के दौरान कांगड़ा-चंबा जोन में अब तक लगभग 67 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इसमें चंबा जिले में करीब 27 करोड़ रुपये तथा कांगड़ा जिले में लगभग 40 करोड़ रुपये का नुकसान दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र चंबा जिले के सुल्तानपुर, उदयपुर और ओबरी बाग क्षेत्र रहे। इसके अलावा धर्मशाला की गज पेयजल योजना, जयसिंहपुर, थुरल की ब्यास आधारित योजनाएं तथा भरमौर की लगभग 10 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हुई थीं। हालांकि अब सभी योजनाएं बहाल कर दी गई हैं और लोगों को नियमित पेयजल आपूर्ति की जा रही है। बरसात के मौसम में पानी की गुणवत्ता को लेकर लोगों से अपील करते हुए दीपक गर्ग ने कहा कि बारिश के दौरान पानी में सिल्ट आने और जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों को उबालकर पानी पिलाया जाए। उन्होंने बताया कि विभाग नियमित रूप से पानी की गुणवत्ता की जांच कर रहा है। पंचायतों को फील्ड टेस्ट किट उपलब्ध कराई गई हैं तथा विभागीय प्रयोगशालाओं में भी लगातार परीक्षण किए जा रहे हैं। साथ ही पानी के टैंकों की सफाई भी नियमित अंतराल पर करवाई जा रही है। मुख्य अभियंता ने कहा कि बरसात के दौरान खड्डों और नालों पर आधारित पेयजल योजनाओं की मरम्मत सबसे बड़ी चुनौती होती है। विभाग के कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए प्रभावित योजनाओं को जल्द से जल्द बहाल करना प्राथमिकता रहती है। इसके लिए विशेष टीमें गठित की गई थीं तथा आवश्यकता वाले क्षेत्रों में आउटसोर्स आधार पर अतिरिक्त मैनपावर भी तैनात की गई। फिलहाल सभी क्षेत्रों में स्थिति सामान्य है और पेयजल आपूर्ति सुचारु रूप से जारी है।
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