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पेंडेंसी 200 पार: आयुक्त ने 2-3 दिन में शिकायत निस्तारण के निर्देश दिए

Kota, Rajasthan:राजस्थान संपर्क पोर्टल की पेंडेंसी 200 पार, आयुक्त ने 2-3 दिन में शिकायतें निपटाने के दिए निर्देश कोटा। राजस्थान संपर्क पोर्टल पर नगर निगम से जुड़ी शिकायतों की पेंडेंसी 200 के पार पहुंचने के बाद निगम आयुक्त ओपी मेहरा ने अधिकारियों को शिकायतों के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए हैं। आयुक्त ने एक-एक विभाग की लंबित फाइलों की स्थिति की समीक्षा की। आयुक्त ने बताया कि पिछले दो-तीन महीनों से संपर्क पोर्टल पर पेंडेंसी औसतन 100 से 120 प्रकरणों के आसपास थी, लेकिन अचानक यह आंकड़ा बढ़कर 200 के पार पहुंच गया है। उन्होंने इसे गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को सामान्य शिकायतों का समाधान 2 से 3 दिन में करने के निर्देश दिए। वहीं प्रक्रियागत और तकनीकी मामलों को 4 से 5 दिन में निस्तारित करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन मामलों में स्वाभाविक रूप से अधिक समय लगता है, उनमें भी अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। अधिकारियों को पेंडेंसी लगातार कम करने और आमजन की शिकायतों पर तत्काल, पारदर्शी एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। घर-घर कचरा संग्रहण के लिए आएंगे नए वाहन आयुक्त ओपी मेहरा ने बताया कि बजट घोषणा के तहत कोटा शहर में घर-घर कचरा संग्रहण और सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए नए ऑटो टीपर और हूपर शामिल किए जाएंगे। नगर निगम ने अपनी कुल आवश्यकता का आकलन कर विस्तृत मांग पत्र राज्य सरकार को भेज दिया है。 सरकार की ओर से वाहनों की खरीद या किराए से संबंधित नियम और दिशा-निर्देश जारी होते ही आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। नए वाहनों के बेड़े में शामिल होने से शहर के वार्डों में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था को और मजबूती मिलने की उम्मीद है。 bite ओम प्रकाश मेहरा नगर निगम आयुक्त कोटा
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छड़ी मुबारक की पूजा शंकराचार्य मंदिर में, अमरनाथ यात्रा 2026 की तैयारी जारी

Srinagar, Uttarakhand:छड़ी मुबारक को पूजा के लिए शंकराचार्य मंदिर ले जाया गया स्वामी अमरनाथ जी यात्रा 2026 के सिलसिले में, महंत दीपेंद्र गिरी जी की अगुवाई में पवित्र छड़ी मुबारक को आज हरियाली अमावस्या (श्रावण अमावस्या) के मौके पर पुरानी परंपराओं के अनुसार पूजा के लिए श्रीनगर में गोपाद्री पहाड़ियों पर बने ऐतिहासिक शंकराचार्य मंदिर ले जाया गया। मंदिर का माहौल शंख की आवाज़ से गूंज रहा था क्योंकि वैदिक मंत्रों के जाप के साथ पूजा की गई। पवित्र छड़ी के साथ आए साधुओं ने भी पूजा में हिस्सा लिया, जो करीब 90 मिनट तक चली। जम्मू-कश्मीर और पूरे देश में शांति और खुशहाली के लिए मिलकर पूजा की गई। पत्रकारों से बात करते हुए, महंत दीपेंद्र गिरी जी ने कहा कि इतिहासकारوں का मानना ​​है कि पहाड़ी की चोटी पर बना मंदिर असल में राजा संदीपन (2629–2564 BC) ने बनवाया था और पहले इसे ज्येष्ठेश्वर या ज्योतेश्वर मंदिर के नाम से जाना जाता था। उन्होंने कहा कि आदि गुरु शंकराचार्य जी के आने के बाद, यह श्री शंकराचार्य मंदिर के नाम से मशहूर हो गया। महंत जी ने यह भी कहा कि इस पहाड़ी को पहले जेठा लारक के नाम से जाना जाता था और बाद में इसे गोपादरी पहाड़ी कहा जाने लगा। छड़ी-मुबारक को 13 अगस्त, 2026 को श्रीनगर के हरि पर्वत पर ऐतिहासिक शारिका-भवानी मंदिर ले जाया जाएगा, जहाँ पारंपरिक अमरनाथ यात्रा रस्मों के तहत देवी की पूजा की जाएगी।
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अलवर नगर निगम सफाई भर्ती मामला: धरने के बाद पांच नियुक्ति पत्र दिए गए

Alwar, Rajasthan:अलवर से खबर नगर निगम में सफाई कर्मचारियों की भर्ती मामले में आज दिनभर हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को लगा , सुबह करीब 11 बजे राजस्थान सरकार के मंत्री संजय शर्मा धरने पर बैठ , मंत्री के धरने पर बैठने की सूचना मिलते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया , दरअसल यह मामला 2012 में 329 सफाई कर्मियों की भर्ती का मामला है जिन्हें आज तक नियुक्ति नहीं मिल पाई थी , मामला हाईकोर्ट भी पहुंचा , 2019 में हाईकोर्ट ने डीएलबी को 329 अभ्यर्थियों को नौकरी देने के आदेश दिए थे , डीएलबी और अलवर जिला प्रशासन के बीच तालमेल की कमी के चलते नियुक्ति न होने से खफा होकर वन मंत्री संजय शर्मा अपनी ही सरकार के खिलाफ धरने पर बैठे , हालांकि चार घंटे तक चले इस धरने के बाद निगम प्रशासन ने पांच अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे और शेष एलिजिबल अभ्यर्थियों को आगामी 16 तारीख को रोजगार मेले के दौरान नियुक्तियाँ दी जाएंगी ।
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अभिषेक 포रेल के मामले से बंगाल क्रिकेट को बड़ा झटका, फॉर्म पर असर?

Chinsurah, West Bengal:আত্ম বিশ্লেষন একটা বড় ব্যাপার,অনেকেই সাফল্য ধরে রাখতে পারেনা। অভিষেক পোড়েলের ঘটনা তার খেলায় প্রভাব পড়বে!তবে কাটিয়ে উঠে আবার খেলায় মনোযোগ দিক, বার্তা অনুষ্টুপ মজুমদারের。 বাংলা দলের মিস্টার ডিপেন্ডেবল ছিলেন চন্দননগরের অনুষ্টুপ মজুমদার। তার ব্যাটে বহু কঠিন ম্যাচ জিতেছে বাংলা। চলতি মরসুম থেকে অবশ্য নিজে খেলা ছেড়ে বাংলার অনূর্ধ্ব ১৬ দলের কোচিং এর দায়িত্ব নিয়েছেন। আগামী ক্রিকেটার তৈরীর কাজে নিজেকে ব্যস্ত রেখেছেন।২২ বছর ধরে বাংলা দলের হয়ে রঞ্জি খেলেছে। বাংলা দলে সেদিনও এক সঙ্গে ড্রেসিং রুম শেয়ার করেছেন অনুষ্টুপ মজুমদার আর অভিষেক পোড়েল। অভিষেক সম্ভাবনাময় ক্রিকেটার।বিগত কয়েক বছরে জাতীয় দলে বাংলা থেকে সেই ভাবে কোনো প্রতিনিধিত্ব নেই।আইপিএল দলে অভিষেক পোড়েলই বাংলার মুখ。 বিয়ের প্রতিশ্রুতি দিয়ে সহবাস ধর্ষনের অভিযোগে গ্রেফতার হয়েছেন অভিষেক পোড়েল। মগড়া থানার পুলিশ তাকে চুঁচুড়া আদালতে পেশ করলে তিন দিনের পুলিশ হেফাজতের নির্দেশ দেয় আদালত。 কি হয়েছে না হয়েছে সেটা আমি বলতে পারব না।সেটা আদালত বলবে বিচার বলবে।কিন্তু এটা তো ঠিক যে একটা খারাপ দিকে চলে গেল। অভিষেক পোড়েলের ক্যারিয়ারটা উপরের দিকে যাচ্ছিল।সেই সময় এই ধরনের একটা ঘটনা নিশ্চিতভাবেই তার খেলার প্রভাব পড়বে।তবে চাইবো এসব কাটিয়ে আবার খেলায় মনোযোগ দিক。 এরকম আগেও খেলোয়াড়ের বিরুদ্ধে নানা রকম অভিযোগ সামনে এসেছে।অনেকেই সেসব ওভারকাম করে ভালো খেলেছেন আবার অনেকে ওভারকাম করতে পারেননি। অবশ্য ক্ষেত্রে আদালতে কি হয় তার ওপর অনেক কিছু নির্ভর করছে। আমাদের খেলোয়াড়দের পরিচিতি হল মাঠে।বাইরের জগৎটা অবশ্যই গুরুত্বপূর্ণ।আমার মনে হয় ফিরে আসার পরে নিজের কাছে একটা বড় চ্যালেঞ্জ আইপিএলে খেলা বা অন্য ফিল্ডে খেলা।এবং সেখানে একটা মারাত্মক মানসিক লড়াই থাকবে。 অনুষ্টুপ আরো বলেন,অনেকেই সাফল্য টাকে ধরে রাখতে পারেনা।আমি নাম করছি না এরকম অনেকের ক্ষেত্রেই দেখা গেছে।এবং নিজের সেই দুর্বলতার কারণেই এটা হয়েছে।সেল্ফ রিফ্লেকশান একটা বড় ব্যাপার。 আগামী দিনে বাংলার থেকে জাতীয় দলে খেলা ক্রিকেটার দেখা যাবে,আশাবাদী অনুষ্টুপ。 চুঁচুড়ার এইচইটিসি ইঞ্জিনিয়ারিং কলেজের ২২ বছর পূর্তিতে আজ অনুষ্টুপ মজুমদারকে সম্বধর্না দেওয়া হয় তার ২২ বছরের ক্রিকেট কেরিয়ারের জন্য。
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सीकर राजपूत सभा ने भाजपा जिलाध्यक्ष हटाने की मांग तेज कर दी

Sikar, Rajasthan:सीकर में राजपूत सभा ने भाजपा के वर्तमान जिलाध्यक्ष मनोज बाटड़ पर समाज की उपेक्षा और द्वेषपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से पद से हटाने की मांग की है। सभा का कहना है कि राजपूत समाज जनसंघ के समय से भाजपा का समर्थन करता आया है और पार्टी संगठन में समाज को लगातार उचित प्रतिनिधित्व मिलता रहा है, लेकिन वर्तमान जिलाध्यक्ष के कार्यकाल में समाज की अनदेखी की जा रही है। राजपूत सभा के पदाधिकारियों ने बताया कि नए जिलाध्यक्ष की नियुक्ति के बाद उसी दिन मंडल अध्यक्षों की घोषणा कर दी गई। इसके बाद जिला कार्यकारिणी के विस्तार में भी पहली बार राजपूत समाज से किसी को महामंत्री पद नहीं दिया गया, जबकि पूर्व में समाज से एक महामंत्री लिया जाता रहा है। सभा ने लक्ष्मणगढ़ क्षेत्र के एक पटवारी के स्थानांतरण को लेकर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि लक्ष्मणगढ़ तहसील के बाटड़ानाऊ गांव में पदस्थ राजपूत समाज के एकमात्र पटवारी को लक्ष्मणगढ़ में पद रिक्त होने के बावजूद नीमकाथाना स्थानांतरित कर दिया गया। सभा ने इसे भी समाज के प्रति कथित द्वेषपूर्ण रवैये से जोड़कर देखा है। वहीं जिला स्तरीय जन अभाव अभियोग निराकरण समिति के गठन में भी समाज को प्रतिनिधित्व नहीं मिलने पर सभा ने नाराजगी जताई। सभा के अनुसार 10 सदस्यीय जिला स्तरीय समिति में राजपूत समाज से एक भी सदस्य नहीं लिया गया। इसी प्रकार उपखंड स्तरीय समितियों में 49 सदस्यों की नियुक्ति के बावजूद समाज से किसी को प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया। राजपूत सभा ने लक्ष्मणगढ़, रींगस और रामगढ़ शेखावाटी की समितियों की सोशल मीडिया पर वायरल हो रही सूचियों को लेकर भी स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। सभा का कहना है कि ये सूचियां अभी स्वीकृत नहीं हैं। इस संबंध में पूर्व विधायक प्रत्याशियों, नगर निकाय के नेताओं और सांसद प्रत्याशी से बातचीत की गई, जिनसे कथित तौर पर पता चला कि समितियों के गठन में उनकी राय भी नहीं ली गई। राजपूत सभा ने मांग की है कि भाजपा जिलाध्यक्ष को तत्काल प्रभाव से हटाया जाए तथा जन अभाव अभियोग निराकरण समितियों की जारी सूचियों को निरस्त किया जाए। जिन समितियों की सूचियां अभी जारी नहीं हुई हैं, उनमें राजपूत समाज को उचित प्रतिनिधित्व दिया जाए। साथ ही भाजपा संगठन में समाज के योग्य एवं सक्रिय कार्यकर्ताओं को सम्मानजनक प्रतिनिधित्व देने की मांग की गई है। सभा ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आगामी नगर निकाय एवं पंचायत चुनावों में समाज की नाराजगी का भाजपा को राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
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डूंगरपुर में चलने-फिरने के विक्षिप्त बुजुर्ग का क्षत-विक्षत शव मिला, जंगली हमले की आशंका

Dungarpur, Rajasthan:डूंगरपुर जिले के रामसागडा थाना क्षेत्र के मानातलाई गाँव में चलने फिरने में असमर्थ मानसिक विक्षिप्त व्यक्ति का शव घर के पास क्षत विक्षत हालत में मिलने पर क्षेत्र में सनसनी फ़ैल गई | परिजनों ने किसी जंगली जानवर द्वारा हमले की आशंका जताई है | पुलिस मामले की जांच में जुटी है | डूंगरपुर जिले के रामसागडा थाने के ASI कांतिलाल ने बताया कि मानातलाई निवासी कमजी भगोरा ने रिपोर्ट दी है | रिपोर्ट में बताया कि उसका 49 वर्षीय बेटा बाबूलाल, जो पिछले दो साल से एक दुर्घटना के कारण चलने-फिरने में असमर्थ था और मानसिक रूप से भी अस्वस्थ था | उसकी पत्नी उसे छोड़कर चली गई थी | जिसके चलते वह घर पर अकेला ही रहता था | उसका बड़ा भाई उसे खाना दिया करता था | लेकिन पिछले 10 दिन से उसके बड़े भाई ने भी खाना देना बंद कर दिया था | इधर आज उसके पिता ने घर के पास स्थित खेत में अपने बेटे बाबूलाल का शव क्षत-विक्षत हालत में पड़ा देखा| स्थिति इतनी भयावह थी कि शव का निचला हिस्सा जानवरों द्वारा खा लिया गया था | पिता ने बताया कि उनका बेटा चलने में असमर्थ था, ऐसे में उसकी मौत कब और कैसे हुई, इसका उन्हें कोई अंदेशा नहीं है | पुलिस ने डूंगरपुर जिला अस्पताल की मोर्चरी में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौप दिया है | वही मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है |
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झुंझुनूं के चारणवास में बिहारीजी मंदिर की जमीन विवाद

Jhunjhunu, Rajasthan:झुंझुनूं जिले के प्रतापपुरा पंचायत के चारणवास गांव में लगभग 400 से 600 साल पुराने बिहारीजी मंदिर की जमीन को लेकर विवाद उभरा है। ग्रामीणों ने बुधवार को झुंझुनूं कलेक्टर को ज्ञापन देकर मंदिर की जमीन की रजिस्ट्री निरस्त करने और नामांतरण वापस मंदिर के नाम करने की मांग की। उनका आरोप है कि मंदिर के महंत जगदीश दास ने अपने सगे भाई को दत्तक पुत्र बताकर sekitar सात बीघा जमीन उसके नाम कर दी, जिसके बाद निर्माण शुरू हुआ और कोठी बनाए जाने की खबर मिली। ग्रामिणों का कहना है कि पुराने दस्तावेजों में भी जमीन मंदिर की दर्ज थी और रजिस्ट्री में खरीदार का पता दिल्ली का दर्ज है। ग्रामीणों ने 2002 के पुराने विवाद का हवाला देते हुए कहा कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा; पहले गांव स्तर पर, फिर पूरे जिला के नागरिकों के साथ कलेक्ट्रेट के समक्ष धरना दिया जाएगा। उनके अनुसार मंदिर करीब 400 साल पुराना है और जमीन का रजिस्ट्रीकरण महंत के नाम होने के बाद बदले में सात बीघा जमीन उनके भाई के नाम हो चुकी है। इस मामले में ग्रामीणों ने प्रशासन से रजिस्ट्री और नामांतरण निरस्त कर जमीन वापस मंदिर के नाम दर्ज करने की मांग की है।
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स्पीड ट्रायल से अख्तर शाह को 10 वर्ष कारावास, मुखिया रहते अपराध जारी

Motihari, Bihar:मुखिया को पैसा बनाने की लगी ऐसी लत की अब 10 वर्षों तक खानी होगी जेल की हवा, पुलिस ने स्पीड ट्रायल चलाकर दिलाई सजा समाज में कुछ लोग ऐसे भी होते है जो अपने आदतों से बाज नहीं आते है। अपनी गलत गतिविधियों के कारण पुलिस की नौकरी गंवा देने के बाद उसे किस्मत ने पंचायत मुखिया के पद पर जीता कर एक और मौका दिया कि वो एक बेहतर जिंदगी जी सके। पर वो कहते है न चोर चोरी से जाय पर हेराफेरी से ना जाए ऐसा ही कुछ मोतिहारी के एक मुखिया ने किया जिसका नतीजा यह हुआ कि अब वो ना पुलिस रहा और ना ही मुखिया बल्कि अब दस वर्षों तक मोतिहारी की जेल में सजा काटने की उसे मिली सजा। क्या है मामला ? मोतिहारी पुलिस अब अपराधियों को सिर्फ सलाखों के पीछे नही भेज रही है। अब सलाखों के पीछे भेजने के बाद स्पीडी ट्रायल चलाकर सजा भी दिला रही है। इसबार मोतिहारी पुलिस ने स्पीडी ट्रायल चलाकर आदापुर प्रखण्ड के बखरी पंचायत के मुखिया अख्तर शाह को सजा दिलाया है। अख्तर शाह मुखिया बनने से पहले मुजफ्फरपुर जिला पुलिस बल में सिपाही था । नौकरी के दौरान कई आपराधिक गतिविधाओं में शामिल होने के कारण उसे पुलिस से बर्खास्त कर दिया गया था। फिर इसने पंचायत चुनाव में मुखिया का चुनाव लड़ा और मोतिहारी के बखरी पंचायत का मुखिया बन गया। लेकिन मुखिया बनने के बाद भी इसने अपना आपराधिक कार्यशैली नही छोड़ा। अब आपराध के साथ साथ सीमा पार से नारकोटिक्स तस्करी का कारोबार शुरू कर दिया। फिर आदापुर पुलिस वर्ष 2024 में एसएसबी के साथ क्षापेमारी करके भारी मात्रा में गाँजा बरामद किया था। इस मामले में आदापुर थाना में कांड संख्या 227 / 24 दर्ज कर पुलिस ने अनुसंधान शुरू किया। पुलिस ने मामले में चार्जशीट दायर कर स्पीडी ट्रायल चलाया। सिविल कोर्ट मोतिहारी में NDPS कोर्ट 1 श्रीमती रेशमा वर्मा ने लोक अभियोजन अधिकारी डॉ शंभु शरण सिंह के तमाम दलील एवं सबूत के आधार पर मुखिया अख्तर शाह को 10 वर्ष की सजा एवं 1 लाख के अर्थ दंड की सजा सुनाई है। यानि अख्तर जो पहले सिपाही था पर अपने अपराधिक कार्यशैली के कारण बर्खास्त कर दिया गया था वह मुखिया का चुनाव जीतने के बाद नारकोटिक्स की तस्करी करने लगा था यानि मुखिया बनने के बाद रुपया का भूख उसकी खत्म नहीं हुई जिसका नतीजा आज यह हुआ कि अब वह ना तो पुलिस रहा और ना ही मुखिया रह सका ।अब अख्तर सजावऱ कैदी के रूप में समाज में पहचाना जाएगा।
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उदयपुर MB अस्पताल में चार घंटे की जटिल सर्जरी से छात्र का जीवन बचा

Udaipur, Rajasthan:उदयपुर के महाराणा भूपाल चिकित्सालय के चिकित्सकों ने एक बेहद जटिल ऑपरेशन कर आदिवासी छात्र को नया जीवन प्रदान किया है। बीती रात चार घण्टे तक चले इस ऑपरेशन के दौरान चिकित्सको ने छात्र के सीने में लगे तीर को बाहर निकालने में सफलता हासिल की। बताया जा रहा है कि डूंगरपुर जिले के सागवाड़ा स्थित पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय में बच्चे तीर अंदाजी की प्रैक्टिस कर रहे थे। इस दौरान स्कूल में पढ़ने वाला विकास नानोमा अचानक बीच मे आ गया और तीर उसके सीने में घुस गया। स्कूल प्रबंधन से जुड़े लोग गम्भीर अवस्था मे उसे हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। जहां से विकास को उदयपुर रेफर किया गया। उदयपुर के एमबी चिकित्सालय की आपातकाली इकाई में विकास की जांच की। विकास को बचाने के लिए रात में ही चिकित्सकों ने ऑपरेशन करने का निर्णय लिया। सभी वरिष्ठ चिकित्सकों की टीम को बुलाया गया और करीब चार घण्टे के ऑपरेशन के बाद विकास के दिल को चीर देने वाले तीर को बाहर निकाल दिया गया। विकास का ऑपरेशन करने वाले कार्डिक सर्जन डॉ विनय नैथानी ने बताया कि विकास को लगा तीर छाती की हड्डी के आर-पार हो गया था। तीर का सिरा स्टर्नम और पेरिकार्डियम को पार करके दाहिने वेंट्रिकल में फंस गया था। इस चोट के कारण दिल से लगातार खून बह रहा था और उसके चारों ओर खून जमा हो गया था। जिससे ''कार्डियक टैम्पोनैड'' की स्थिति बन गई थी। यह एक जानलेवा स्थिति है जिसमें दिल के चारों ओर दबाव बढ़ने से दिल की खून पंप करने की क्षमता बुरी तरह प्रभावित होती है। चोट की गंभीरता को देखते हुए, आधी रात को ही, सीटी स्कैन किया एवं उसे इमरजेंसी सर्जरी के लिए सीधे ऑपरेशन थिएटर ले जाया गया। दाहिनी तरफ़ के थोराकोटॉमी की गई और पेरिकार्डियम को खोलकर कार्डियक टैम्पोनैड से राहत दिलाई गई। सर्जरी के दौरान जाँच से पुष्टि हुई कि तीर स्टर्नम, पेरिकार्डियम और दाहिने वेंट्रिकल के आर-पार हो गया था। तीर के सिरे को सावधानीपूर्वक निकाला गया और दाहिने वेंट्रिकल में लगी चोट से हो रहे रक्तस्राव को सफलतापूर्वक ठीक किया गया। सर्जरी में मरीज को चार यूनिट खून भी चढ़ाया गया।ऑपरेशन में डॉ. विनय नैथानी के साथ डॉ. नरेश और डॉ. जसवंत ने उनकी मदद की। एनेस्थीसिया डॉ. संदीप शर्मा और डॉ. अंजूरी गोयल ने दिया। नर्सिंग में दुर्गा मीणा ने सहायता की। इमरजेंसी डिपार्टमेंट में शुरुआत में डॉ. विष्णु प्रताप ने मरीज़ का इलाज किया और उसकी स्थिति को स्थिर किया। डॉ. कुशल गहलोत ने विशेषज्ञ रेडियोलॉजिकल जाँच की। मरीज़ की देखभाल और सुधार पर प्रिंसिपल और कंट्रोलर डॉ. राहुल जैन और मेडिकल सुपरिटेंटेंडेंट डॉ. आर. एल. सुमन लगातार नज़र रखे हुए थे। सर्जरी सफल रही और मरीज़ अभी स्थिर है, अच्छी तरह ठीक हो रहा है और सामान्य आहार ले रहा है। बाईट- विनय नैथानी, कार्डिक सर्जन, एमबी हॉस्पिटल, उदयपुर
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झारखंड छात्र आंदोलन में सियासी टकराव तेज, मंत्री पर बर्खास्तगी की मांग उठी

Giridih, Jharkhand:एभीबी : झारखंड में जारी छात्र आंदोलन को लेकर अब सियासी टकराव तेज हो गया है। विधानसभा मार्च के दौरान छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के बाद भाजपा ने सरकार पर हमला और तेज कर दिया है। भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य सुरेश साहू ने बुधवार को प्रेसवार्ता कर नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार पर गंभीर आरोप लगाए और उन्हें तत्काल मंत्री पद से बर्खास्त करने की मांग की। सुरेश साव ने आरोप लगाया कि मंत्री के नेतृत्व और इशारे पर रांची पुलिस ने सीबीआई जांच की मांग कर रहे छात्रों पर बर्बर कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से विधानसभा घेराव के लिए जा रहे छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया तथा आंदोलनकारी छात्रों के पंडाल की बिजली तक काट दी गई।भाजपा नेता ने कहा कि छात्रों और सरकार के बीच वार्ता के लिए बनी कमेटी में मंत्री सुदिव्य कुमार को शामिल किए जाने से लोगों को उम्मीद थी कि बातचीत के जरिए आंदोलन का समाधान निकलेगा। लेकिन, उनके आरोप के मुताबिक, मंत्री की भूमिका छात्रों की मांगों का समाधान निकालने के बजाय आंदोलन को कुचलने की रही। सुरेश साव ने झामुमो नेताओं के उस आरोप को भी खारिज किया, जिसमें भाजपा पर छात्र आंदोलन को हाईजैक करने का आरोप लगाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब छात्र अपने अधिकार और भविष्य को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे थे, उस समय उन पर पुलिसिया कार्रवाई की गई। इससे स्पष्ट है कि सरकार छात्रों की आवाज सुनने के बजाय आंदोलन को दबाने का प्रयास कर रही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र आंदोलन को लेकर सरकार और छात्रों के बीच खाई पैदा करने में मंत्री सुदिव्य कुमार की भूमिका रही है। श्री साहू ने कहा कि छात्रों के साथ हुई कथित बर्बरता की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और मंत्री को तत्काल पद से हटाया जाना चाहिए। इस पूरे घटनाक्रम के बाद छात्र आंदोलन अब केवल भर्ती परीक्षाओं और छात्रों की मांगों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह सरकार और विपक्ष के बीच सीधी राजनीतिक लड़ाई का मुद्दा भी बनता जा रहा है। एक ओर सरकार भाजपा पर छात्र आंदोलन को राजनीतिक रूप से हाईजैक करने का आरोप लगा रही है, वहीं भाजपा सरकार पर आंदोलन को कुचलने का आरोप लगा रही है।
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