icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

5 महीने से मानदेय अटका: डूंगरपुर की 4,172 आंगनबाड़ी कर्मी आर्थिक संकट में

Dungarpur, Rajasthan:डूंगरपुर जिले में गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और छह वर्ष तक के बच्चों की जिम्मेदारी संभालने वाली 4,172 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं पिछले पांच महीने से आर्थिक संकट से जूझ रही हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग के इन कर्मियों को केंद्र सरकार के हिस्से का मानदेय नहीं मिला है। मानदेय में देरी के कारण उनका घरेलू बजट पूरी तरह बिगड़ गया है। इधर विभागीय अधिकारी भुगतान में देरी का मुख्य कारण विभाग की नई ऑनलाइन प्रणाली और 'एमएमए स्पर्श पोर्टल' पर मैनुअल एंट्री की व्यवस्था को बता रहे है। डूंगरपुर जिले में वर्तमान में 2 हजार 140 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। इन केंद्रों पर 2 हजार 91 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और 2 हजार 81 सहायिकाएं कार्यरत हैं। ये कार्मिक न केवल बच्चों के पोषण और टीकाकरण कार्यक्रमों को संचालित करती हैं, बल्कि पोषण ट्रैकर, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, पोषण अभियान, सर्वे कार्य और विभिन्न सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में भी अहम भूमिका निभाती हैं। इसके बावजूद उन्हें समय पर मानदेय नहीं मिल पा रहा है। मानदेय न मिलने से आर्थिक संकट में कार्यकर्ता महिला व बाल विकास विभाग में कार्यरत इन कार्मिकों को पिछले पांच माह से केंद्र सरकार के हिस्से का मानदेय नहीं मिला है, जबकि राज्य सरकार का भी दो माह का भुगतान बकाया है। ऐसे में हजारों परिवारों के सामने روزमर्रा के खर्च चलाने की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं में लगभग 80% महिलाएं ऐसी हैं जो विधवा, तलाकशुदा हैं या बेहद दयनीय स्थिति में जी रही हैं। 5 महीनों से मानदेय न मिलने के कारण कई कार्यकर्ताओं के घरों में रोने जैसी स्थिति बनी हुई है। हर साल मानदेय में इस तरह की देरी होती है, जिससे हमें गंभीर आर्थिक संकट से गुजरना पड़ता है। कई बार कलेक्टरैट के बाहर धरना प्रदर्शन के जरिये शासन व प्रशासन तक अपनी मांगे उठा चुके है, लेकिन अब तक कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया है। एमएमए स्पर्श पोर्टल पर मैनुअल एंट्री से देरी विभागीय जानकारी के अनुसार इस बार भुगतान में देरी की बड़ी वजह विभाग की नई ऑनलाइन प्रणाली भी बनी है। पहले भुगतान संबंधी बिल 'राज पोषण पोर्टल' से 'पे मैनेजर' और 'एसएम पोर्टल' पर भेजे جاتے थे। लेकिन, अब 'एमएमए स्पर्श पोर्टल' पर मैनुअल एंट्री की व्यवस्था लागू की गई है। इस बदलाव के कारण कई परियोजनाओं की मैपिंग अब तक पूरी नहीं हो सकी है। जहां मैपिंग पूरी हो भी गई है, वहां भी तकनीकी समस्याओं के कारण आवश्यक डेटा उपलब्ध नहीं हो पा रहा है, जिसके परिणामस्वरूप भुगतान प्रक्रिया प्रभावित हुई है। हालांकि, विभाग का दावा है कि तकनीकी दिक्कतों को दूर करने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रक्रिया पूरी होते ही भुगतान जारी कर दिया जाएगा। डिजिटलाइजेशन और व्यवस्थाओं को पारदर्शी बनाने के नाम पर पोर्टल बदलना सरकार का अच्छा कदम हो सकता है, लेकिन इसकी ज़मीनी तैयारी न होने का खमियाजा उन गरीब महिलाओं को भुगतना पड़ रहा है जो खुद दूसरों के बच्चों का कुपोषण दूर करती हैं। जब तक तकनीकी कमियों को दूर कर 'एमएमए स्पर्श पोर्टल' को पूरी तरह एक्टिव नहीं किया जाता, तब तक इन कर्मियों को राहत मिलना मुश्किल है। प्रशासन को चाहिए कि वह इस मामले में संवेदनशीलता दिखाते हुए कोई वैकल्पिक या अंतरिम रास्ता निकाले, ताकि इन परिवारों को इस गंभीर आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव से तुरंत निजात मिल सके।
0
0
Report

अमरोहा में झमाझम बारिश ने गर्मी-उमस को किया दूर

Amroha, Uttar Pradesh:एंकर अस्वीकार नहीं किया गया अमरोहा जनपद में बुधवार सुबह से लगातार हो रही बूंदाबांदी ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया। पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों को आखिरकार बड़ी राहत मिली। बारिश के साथ चल रही ठंडी हवाओं से तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई, जिससे मौसम सुहाना हो गया। बारिश शुरू होते ही लोगों ने चिलचिलाती धूप और उमस से राहत की सांस ली। सड़कों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर मौसम का बदला हुआ रंग साफ दिखाई दिया। किसानों ने भी इस बारिश को फसलों के लिए लाभदायक बताते हुए खुशी जताई। मौसम में आए इस बदलाव से जनजीवन पर सकारात्मक असर देखने को मिला और लोगों ने लंबे समय बाद राहत भरे मौसम का आनंद लिया।
0
0
Report

सतलुज पेयजल योजना में मलयावर के सभी गांवों को समान लाभ देने की मांग तेज

Bilaspur, Chhattisgarh:सतलुज नदी से निर्मित पेयजल एवं सिंचाई योजना से पंचायत मलयावर के सभी गांवों को समान रूप से शामिल करने की मांग ग्रामवासियों ने उठाई है. ग्रामीणों ने जल शक्ति विभाग के अधीक्षक अभियंता राहुल दुबे को ज्ञापन सौंपकर योजना का लाभ सभी क्षेत्रों तक पहुंचाने की मांग की है. वे बताते हैं कि बीते वर्ष 24 जून को विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक में अपनी चिंताएं बताई थीं. उनका कहना है कि योजना का लाभ सभी पंचायत गाँव टीहरा, भटोली, बेह्या, जलोना गेहु(पालंगरी), परसोला और कुटला सहित सभी गांव को मिलना चाहिए ताकि हर परिवार को पानी और सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सके. ग्रामीणों ने कहा कि इससे पहले भी कई योजनाएं कुछ क्षेत्रों तक सीमित रह गई थीं, इसलिए किसी गांव की अनदेखी न हो. सनोटी गांव में बने भंडारण टैंक से टीहरा, भटोली, जलोना गेहु, परसोला और बेहड़ा आदि सभी क्षेत्रों में समान रूप से पेयजल और सिंचाई जल का वितरण सुनिश्चित करने का भी आग्रह है. ग्रामीणों ने कहा कि पंचायत के सभी गांवों को योजना से जोड़कर पानी और सिंचाई की सुविधा समान रूप से उपलब्ध करवाई जाए. उन्होंने अधीक्षक अभियंता से कहा है कि जब तक सभी गांव नहीं जुड़ जाते और योजना पूर्ण क्रियान्वित नहीं हो जाती, तब तक इसका उद्घाटन न किया जाए. अगर लाभ सभी क्षेत्रों तक नहीं पहुंचा तो भविष्य में जल संबंधी समस्याएं हो सकती हैं. उन्होंने स्थायी और व्यापक समाधान निकालने की मांग की है. ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि जल शक्ति विभाग उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करेगा और पंचायत के प्रत्येक गांव को योजना का समान लाभ मिल सकेगा.
0
0
Report
Advertisement
Advertisement

उदयपुर में रेस्टोरेंट संचालक पर तलवार हमला; आरोपी गिरफ्तार, CCTV सामने

Udaipur, Rajasthan:उदयपुर शहर के सवीना थाना क्षेत्र में एक रेस्टोरेंट संचालक पर तलवार से हमला करने की कोशिश और तोड़फोड़ का मामला सामने आया है। हालाकि सविना थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूरी वारदात का सीसीटीवी भी सामने आया है। जिसमें आरोपी तलवार से वार करते हुए दिखाई दे रहा है। बताया जा रहा है कि आरोपी कमलेश हनी दाल बाटी और पंजाबी रेस्टोरेंट पर आया। उसने खाने पेक करने के लिए कहा। जब दुकान संचालक ने उसको पिछला बकाया देने के लिए कहा तो एक बार वह वहां से चला गया। कुछ देर बाद वह तलवार लेकर आया और रेस्टोरेंट में तोड़फोड़ की। साथ ही तलवार से हमला करने का प्रयास किया। पुलिस गिरफ्त में आने के बाद आरोपी अपनी करतुर्त के लिए माफ़ी मांगता दिखाई दिया।
0
0
Report
Advertisement

उत्तराखंड: मदरसों में अब सामान्य विषय भी पढ़ाए जाएंगे, पंजीकरण अनिवार्य

Haridwar, Uttarakhand:उत्तराखंड की धामी सरकार ने 1 जुलाई से मदरसा शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव लागू कर दिया है। अब राज्य के मदरसों में केवल धार्मिक शिक्षा ही नहीं, बल्कि पहली पारी में हिंदी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान सहित अन्य सामान्य विषय भी स्कूलों की तर्ज पर पढ़ाए जाएंगे। दूसरी पारी में विद्यार्थियों को धार्मिक शिक्षा दी जाएगी, ताकि आधुनिक शिक्षा और धार्मिक अध्ययन दोनों साथ-साथ चल सकें। हरिद्वार जिले की बात करें तो यहां अल्पसंख्यक विभाग में पंजीकृत 272 मदरसे हैं। अब इन सभी मदरसों को शिक्षा विभाग में अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराना होगा और विभाग द्वारा निर्धारित मानकों का पालन करना होगा। सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य बच्चों को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ना और उन्हें बेहतर भविष्य के लिए तैयार करना है। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित प्रक्रिया पूरी नहीं करने वाले मदरसों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी。
0
0
Report

दिल्ली के 650 करोड़ घोटाले पर AAP आरोप, BJP हमला और ACB जाँच मांग

Noida, Uttar Pradesh:दिल्ली: हेल्थ डिपार्टमेंट में 650 करोड़ रुपये के घोटाले के AAP के आरोपों पर दिल्ली BJP अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा ​​ने कहा, "शायद दिल्ली सरकार के इतिहास में यह पहली बार है कि मुख्यमंत्री, और खास तौर पर रेखा गुप्ता ने खुद गड़बड़ी का पता चलने पर ACB जांच शुरू करवाई... रेखा गुप्ता से पहले 10 साल तक सत्ता में रहने वाले लोग भ्रष्टाचार के उस्ताद थे... प्रशासन तय प्रक्रियाओं के अनुसार काम करता है, लेकिन केंद्र हो या कोई राज्य, भ्रष्टाचार के प्रति BJP की नीति 'ज़ीरो टॉलरेंस' की है... सौरभ भारद्वाज अलग-अलग आंकड़े बता रहे हैं। जब ACB की जांच अभी शुरू ही हुई है, तो ये आंकड़े कहां से आ रहे हैं? क्या हो सकता है कि उनकी मिलीभगत उन लोगों से हो जो इसमें शामिल हैं? पिछले एक दशक में हर विभाग में भारी भ्रष्टाचार हुआ है, और अब जैसे-जैसे यह बात सामने आ रही है, उस भ्रष्टाचार में शामिल किसी भी अधिकारी को सज़ा दिलाई जाएगी...
0
0
Report
Advertisement

तेज़ बारिश ने बाजपुर-ऊधम नगर में जलभराव मचाया; विद्यालय में पानी घुसा

Jaspur, Uttarakhand:उत्तराखंड में मौसम विभाग की भविष्यवाणी सच साबित हुई जिससे भीषण गर्मी से राहत मिली, पर ऊधम सिंह नगर और बाजपुर के कई इलाकों में कुछ घंटों की बारिश से जलभराव हो गया. बाजपुर के अनेक स्थानों में घरों में पानी घुस गया, जिससे दहशत फैली. कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में पानी घुस गया, डाइनिंग रूम व बेडरूम समेत स्टोर में पानी भर गया, छात्रों व स्टाफ को परेशानी का सामना करना पड़ा. प्रशासन मौके पर नहीं पहुँचा तो ग्रामीणों ने रोष व्यक्त किया. जिले के मुख्यालय रुद्रपुर और जफ़रपुर में भी देर रात तेज बारिश से पानी घुस गया और ग्राम चकरपुर में स्थिति और खराब हो गई. पुल निर्माण के कारण पानी गांव की ओर आ गया जिससे रास्ते अवरुद्ध हो गए. राहत कार्य शुरू कर दिए गए और तीन घंटे में राहत संभावित बताई गई.
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top