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खराब सड़क से एक्सीडेंट के कारण विधायक ने FIR की मांग

Jhansi, Uttar Pradesh:एंकर-झांसी मोंठ तहसील क्षेत्र के कानपुर हाईवे पर जगह-जगह गड्ढे और हाईवे की टूटी सड़क देख कर भाजपा विधायक जवाहर लाल राजपूत भड़क गए और उन्होंने NHAI के अफसर को फोन लगाकर कहा टूटी सड़क की वजह से एक्सीडेंट हो रहे हैं। हम आप लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कराएंगे। तुम्हारा ये टोल भी बंद करा देंगे। जब रोड इतना खराब है तो आप टोल क्यों वसूल रहे हो, लोग क्यों और किस बात का पैसा दें, मुख्यमंत्री से भी इसकी शिकायत करूंगा। जनता को परेशान नहीं होने देंगे। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वी/ओ.1- बताया जा रहा है कि सड़क हादसे में एक महिला की मौत के बाद विधायक जवाहर लाल राजपूत मौके पर पहुंचे थे। इसी दौरान उनके सामने दूसरी घटना हो गई। जिसमें बाइक से गिरकर बाप-बेटे घायल हो गए। जबकि सड़क हादसे में रामदेवी नाम की महिला मौत हो गई थी। घटना को देखकर विधायक नाराज हो गए और उन्होंने कहा दोनों एक्सीडेंट में किसी गाड़ी ने टक्कर नहीं मारी। टूटी सड़क की वजह से दोनों एक्सीडेंट हुए हैं। कहीं न कहीं ये लापरवाही है। परियोजना निदेशक से फोन पर हो रही बातचीत का वीडियो सामने आया है। इसमें विधायक कह रहे हैं, ये तुम्हारे क्षेत्र में आता है या नहीं, जिनके क्षेत्र का मामला हैं उनका नाम बताओ, हम एफआईआर कराएंगे। ऐसे काम नहीं चलेगा। जब रोड इतना खराब है तो आप टोल पर क्यों पैसा वसूल रहे हो, यहां ये रोड की कटिंग करके चले गए और यहां एक्सीडेंट हो रहे हैं। हम डीएम और एसएसपी से भी बात करेंगे। ऐसा नहीं होगा कि रोड इतना खराब है और फिर लोग आपको टोल दें。 बाइट--जवाहर लाल राजपूत......विधायक गरौठा, झांसी
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बालाघाट में आदिवासी बच्चों की मौत: स्वास्थ्य सेवाओं में खामियों और मिशन की पुकार

Noida, Uttar Pradesh:Balaghat Tribal Child Deaths Highlight Urgent Gaps in Public Healthcare: Prof. Salim Engineer New Delhi: Jamaat-e-Islami Hind (JIH) Vice President Prof. Salim Engineer has expressed deep concern over the reported deaths of more than 30 tribal children in Balaghat district of Madhya Pradesh amid an outbreak of infectious diseases. He said the tragedy highlights serious gaps in healthcare, vaccination, nutrition and disease surveillance in remote tribal communities and calls for an urgent, compassionate and sustained response. Prof. Salim Engineer said, “The most disturbing aspect is that some of these villages appear to have received adequate medical attention only after children had already died. Reports of vacant ASHA positions, inadequate medical staff, and children dying at home without timely medical care raise serious questions about the reach of our public health system. Of the 72 reported ASHA vacancies in Balaghat, 48 are in Birsa block. This calls for a transparent review - not merely to fix responsibility, but to understand where the system failed and prevent a recurrence.” He also cautioned against placing the burden of blame on tribal families for relying on traditional or faith-based healing. “When formal healthcare is distant, understaffed or inaccessible, people naturally turn to systems they know and trust. The answer is not to blame them, but to build a healthcare system that reaches them, respects them and earns their confidence.” Prof. Salim Engineer proposed that the Madhya Pradesh government launch a special Tribal Child Health Mission, bringing together health officials, local communities and civil society organisations. Such a mission could combine door-to-door health screening and vaccination with nutrition support, early detection of infectious diseases and rapid referral of seriously ill children. He further suggested that trained local women, community volunteers and ASHA/Anganwadi workers could be organised as a village-level early-warning network, reporting unusual clusters of fever, measles, diarrhoea or child deaths to health authorities before they develop into a major outbreak. Mobile medical teams could visit remote villages on a fixed schedule, while local emergency transport arrangements could ensure that critically ill children reach health facilities without delay. “Government cannot do everything alone, and civil society should not stand aside merely to criticise. We are willing to work with the administration and local communities in health awareness, vaccination mobilisation, nutrition support and community-level monitoring wherever such cooperation is welcomed,” Prof. Salim Engineer said. He called for an independent and transparent review of the reported deaths and urged the Madhya Pradesh government to use this tragedy as an opportunity to strengthen public healthcare in remote tribal areas. “The real measure of a public health system is not how quickly it responds after a tragedy, but how early it reaches a child who is in danger. Every preventable child death should become a reason to make the system stronger, more accessible and more humane.” पेश किया गया: Salman Ahmad राष्ट्रीय सचिव, मीडिया Dept. Jamaat-e-Islami Hind, HQRS
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करोड़ों की घोषणा, एक करोड़ का इंतजार... सिकंदरा राव अंबेडकर पार्क का कब बदलेगा हाल?

Mohammad RajaMohammad RajaFollow5m ago
Piluwa, Uttar Pradesh:सिकंदराराऊ -सरकार द्वारा अंबेडकर पार्कों के विकास और सौंदर्यीकरण के लिए करोड़ों रुपये की योजनाओं की घोषणा किए जाने के बावजूद जीटी रोड स्थित अंबेडकर पार्क का कार्य शुरू न होने से अंबेडकर पार्क विकास समिति में रोष व्याप्त है। रविवार को पार्क परिसर में आयोजित प्रेस वार्ता में समिति पदाधिकारियों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से शीघ्र कार्रवाई की मांग की। समिति के अध्यक्ष ओमप्रकाश गौतम एडवोकेट ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा अंबेडकर पार्कों के विकास के लिए बड़ी धनराशि स्वीकृत किए जाने की घोषणा की गई थी। इसके तहत प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में लगभग एक करोड़ रुपये खर्च किए जाने की बात कही गई थी, लेकिन सिकंदराराऊ स्थित अंबेडकर पार्क में अब तक कोई विकास कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि पार्क की स्थिति लंबे समय से जर्जर बनी हुई है। पार्क में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है तथा सौंदर्यीकरण कार्य न होने से स्थानीय लोगों और डॉ. भीमराव अंबेडकर के अनुयायियों में निराशा है। समिति ने मांग की कि घोषित धनराशि का उपयोग करते हुए पार्क में जल्द विकास कार्य शुरू कराया जाए, जिससे क्षेत्र के लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। प्रेस वार्ता में समिति पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी। उन्होंने प्रशासन से मामले का संज्ञान लेकर विकास कार्यों को प्राथमिकता देने की मांग की।प्रेस वार्ता में डॉ. अमर सिंह पूर्व सभासद एवं मंत्री प्रबंधक, अनिल कुमार भारती पूर्व सभासद व्यवस्थापक, नरेश भारती, समाज प्रिय रतन एडवोकेट, निखिल स्वामी पवन, मटरू माल पूर्व सभासद, मुरारी लाल पूर्व सभासद, सुरेंद्र नौटियाल, राकेश कुमार सोनी, सत्यवीर सिंह पूर्व उपनिरीक्षक, जन प्रिया गौतम एडवोकेट, मुनेश नारायण, पदम सिंह, चंद्रपाल पुष्कर, भंते धंभवीर सिंह, कुलदीप रन और महेंद्र सिंह लाइट वाले सहित समिति के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
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JDU का नाम बदलकर जनता दल नीतीश: बिहार राजनीति में बहस तेज

Patna, Bihar:बिहार के राजनीतिक गलियारों में JDU का नाम बदलकर जनता दल नीतीश JDN करने की मांग तेज हो गई है. पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा के इस प्रस्ताव को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का समर्थन मिल गया है. लेकिन आरजेडी ने जेडीयू के इस प्रस्ताव पर सवाल उठाते हुए कहा कि जेडीयू को भाजपा के तर्ज पर ले जाया जा रहा है और नीतीश कुमार के समाजवादी मूल्य का संहार किया जा रहा है. दरअसल, जनता दल युनाइटेड के नाम में बदलाव की चर्चा पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा के एक बयान के बाद शुरू हुई. तीन दिन पहले खगड़िया में आयोजित फरक्का जल संधि पर नीतीश संवाद कार्यक्रम में संजय झा ने पार्टी की पहचान और नीतीश कुमार के बीच गहरे संबंध की बात कही और उन्होंने पार्टी के नाम को सीधे नीतीश कुमार के नाम से जोड़ने के सुझाव दिए . उसके बाद पार्टी के तमाम बड़े नेतासों ने इस प्रस्ताव का समर्थन कर दिया .पार्टी के सरकार में ग्रामीण कार्य मंत्री सुनील कुमार के साथ पार्टी के विधान पार्षद संजय गांधी ने कहा कि इस सुझाव को लेकर कोई किंतु-परंतु नहीं है. उनके मुताबिक यह JDU के हर कार्यकर्ता के मन की बात है. जेडीयू के नाम बदलने के प्रस्ताव को सिर्फ नए नेताओं का समर्थन नहीं मिल रहा है. बल्कि समता पार्टी के समय से JDU से जुड़े रहे कई वरिष्ठ नेता भी इसके पक्ष में नजर आ रहे हैं. पार्टी के कार्यकर्त्ता तो यहाँ तक कहते हैं कि इससे बेहतर दूसरा प्रस्ताव नहीं हो सकता. इन बयानों के बाद माना जा रहा है कि पार्टी की 18 सितम्बर की पटना में बैठक में इसको लेकर प्रस्ताव आ सकता है और इस बैठक में मुहर लगने के बाद पार्टी की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में इसको लेकर सहमति बनाने की कोशिश हो सकती है. अब आपको बताते हैं की इस प्रस्ताव के पीछे सबसे बड़ा सवाल पार्टी की आगे की पहचान को लेकर मंथन है. बिहार में JDU की पहचान लंबे समय से नीतीश कुमार के साथ जुड़ी रही है. ऐसे में पार्टी के शीर्ष नेताओं के बीच यह सोच है की नितीश कुमार के समर्थको को आगे भी पार्टी से जोड़े रखने के लिए नीतीश कुमार के नाम को मजबूती से पार्टी के नाम से जोड़ दिया जाए. यही कारण है की जनता दल यूनाइटेड की जगह अब जनता दल नीतीश नाम रखने का प्रस्ताव केवल नाम बदलने तक सीमित नहीं माना जा रहा है, बल्कि इसे पार्टी की राजनीतिक पहचान से जोड़कर देखा जा रहा है. आपको बता दें कि जनता दल यूनाइटेड का गठन 2003 में हुआ था. उस समय शरद यादव के नेतृत्व वाले जनता दल यूनाइटेड और समता पार्टी का विलय हुआ था. शरद यादव 2016 तक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे. नीतीश कुमार को पार्टी का प्रमुख चेहरा माना जाता रहा. 2016 में नीतीश कुमार ने JDU के राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली. इसके बाद 2017 में शरद यादव पार्टी से अलग हो गए. नीतीश कुमार ने 2020 में राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद छोड़ दिया था. इसके बाद आरसीपी सिंह को पार्टी की कमान मिली. बाद में केंद्र में मंत्री बनने को लेकर हुए विवाद के बीच ललन सिंह को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया. 2023 में ललन सिंह के इस्तीफे के बाद नीतीश कुमार फिर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने. इस तरह पिछले दो दशक में JDU की कमान कई नेताओं के हाथों से गुजरी, लेकिन नीतीश कुमार पार्टी का सबसे बड़ा चेहरा बने रहे. कई साल तक बिहार के मुख्यमंत्री रहने के बाद अप्रैल 2026 में नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद छोड़ दिया और राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए. इसके बावजूद पार्टी अध्यक्ष के तौर पर उनकी भूमिका बनी हुई है. उनके बेटे निशांत कुमार अब बिहार की नई बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार में मंत्री हैं. इसी बदलाव के बीच JDU की राजनीतिक विरासत और आगे की पहचान को लेकर भी चर्चा तेज है. हालाँकि जेडीयू का नाम बदलने को लेकर आरजेडी ने कहा की यह नितीश कुमार के समाजवादी मूल्यों की राजनीतिक हत्या बीजेपी के इशारे पर करने की तैयारी है.
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छिंदवाड़ा में गणेश उत्सव, मोहन नगर राजा की झांकी में महाभारत गाथा

Chhindwara, Madhya Pradesh:गणेश जी का विसर्जन क्यूं होता है मोहन नगर के राजा में दर्शायी जाएगी झाकी . श्रद्धालु जानेगे विसर्जन की गाथा छिंदवाड़ा में गणेश उत्सव की धूम आज से शुरू हो गई है लोगों में काफी उत्साह है और अपनी मनोकामना लेकर श्रद्धालु हर पंडाल ने पहुंचेंगे .सुबह 4 बजे तक सभी पंडालों में गणेश जी का आगमन आतिशबाजी और बैंड बाजे के साथ हुआ वही जी मीडिया की टीम मोहन नगर के राजा के सेट पर पहुंची और समिति और सदस्यों से बात की इस बार की झांकी के बारे में तो उन्होंने बताया कि इस बार भगवान गणेश जी महाभारत की गाथा सुनायेंगे और वेद व्यास जी उस गाथा को लिखते हुए नजर आएंगे उसके बाद जब महाभारत की कथा सुनाते हुए जब गणेश जी के शरीर का तापमान बढ़ जाता है तो उनका विसर्जन किया जाता है ये झांकी मोहन नगर के राजा में नजर आएगी वही कुछ श्रद्धालु भी मौजूद थे जिन्होंने बताया कि हर साल वो अपने घर ने भी गणेश जी की स्थापना करते है सुबह शाम आरती करते है और सभी सुख समृद्धि के लिए कामना करते है लगभग 20 सालों से समिति के द्वारा मोहन नगर में मोहन नगर का राजा को विराजमान किया जाता है और बड़ी मात्रा में श्रद्धालु यहाँ पहुंचते है भगवान गणेश के दर्शन करने के लिए
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मधुमक्खी डंक से किसान की मौत: खेत में दहशत, परिवार में गम

Khairgarh, Uttar Pradesh:खैरागढ़। बेटी के सिर से पति का साया उठ चुका था, इसलिए पिता माखन वर्मा अक्सर बेटी के घर खेती-किसानी के काम में हाथ बंटाने पहुंचते थे। लेकिन रविवार को बेटी और नातिन के साथ खेत में काम करने पहुंचे माखन की जिंदगी का यह आखिरी दिन साबित हुआ। मधुमक्खियों के अचानक हुए हमले के बाद जान बचाने भागे माखन का शव कुछ देर बाद धान के खेत में पानी के भीतर मिला। घटना ठेलकाडीह थाना क्षेत्र के ग्राम घोंघेडबरी की है। ग्राम भनपुरी, राजनांदगांव निवासी माखन वर्मा अपनी बेटी बोधंतिन वर्मा के यहां खेती के काम में सहयोग करने आए थे। रविवार सुबह करीब 11 बजे माखन, बेटी और नातिन धान के खेत में खाद का छिडकाव कर रहे थे। इसी दौरान पास के खेत में नीम के पेड़ पर बने मधुमक्खियों के छत्ते से अचानक बड़ी संख्या में मधुमक्खियां निकल आईं और तीनों पर हमला कर दिया। डंक से बचने के लिए तीनों अलग-अलग दिशाओं में भागे। बोधंतिन और उनकी बेटी किसी तरह घायल हालत में गांव पहुंच गईं, लेकिन माखन नजर नहीं आए। परिजनों और ग्रामीणों को घटना की जानकारी मिलते ही सरपंच सहित ग्रामीण खेत की ओर दौड़े और तलाश शुरू की। काफी तलाश के बाद माखन धान की फसल के बीच पानी में डूबे मिले। उन्हें बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए खैरागढ़ सिविल अस्पताल भेजा। यहाँ पोस्टमार्टम किया जा रहा है। माखन की मौत मधुमक्खियों के डंक, पानी में डूबने या किसी अन्य वजह से हुई, इसका स्पष्ट खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही होगा। घटना के बाद गांव में मातम पसरा है।
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लखनऊ विश्वविद्यालय गेट-1 पर सुरक्षा कर्मियों का धरना: 40 निकाले जाने के आरोप

Lucknow, Uttar Pradesh:लखनऊ विश्वविद्यालय के गेट नंबर 1 पर भारी संख्या में सुरक्षा कर्मी और छात्र संगठन के लोग अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। इनका कहना है कि हिंद सिक्योरिटी फोर्स कंपनी के जरिए यहाँ पर पिछले 8 से 10 सालों से सुरक्षा कर्मी की नौकरी कर रहे हैं अचानक से बिना कोई कारण बताए लगभग 40 लोगों को नौकरी से निकाल दिया गया। इनका आरोप है कि ₹40000 नौकरी के नाम पर घूस मांगी गई, हमारी सैलरी 10 से ₹12000 है, ऐसे में इतने पैसे दे पाना मुमकिन नहीं। इसीलिए पुराने लोगों को निकाल कर नए लोगों से घूस लेकर उन्हें नौकरी दी जा रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन की तरफ से समर्थन की उम्मीद है, नहीं तो ऐसे ही प्रदर्शन चलता रहेगा। हम लोगों को जाति सूचक गालियां भी दी गई और झूठे आरोप लगाकर निकाल दिया गया।
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बलरामपुर गैसड़ी में तेंदुए का आतंक: 27 सेकंड के वीडियो में खेत तक पहुंचा

Balrampur, Uttar Pradesh:बलरामपुर में तेंदुए का आतंक: गैसड़ी के दो रेंज में दहशत, 27 सेकंड के वीडियो में गन्ने के खेत में जाता दिखा तेंदुआ बलरामपुर के गैसड़ी क्षेत्र में तेंदुए की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। जनकपुर और रामपुर रेंज के अलग-अलग इलाकों में तेंदुआ देखे जाने की सूचना के बाद लोग सहमे हुए हैं। इसी बीच तेंदुए का करीब 27 सेकंड का वीडियो सामने आया है, जिसमें वह साफ दिखाई दे रहा है और कुछ ही देर में गन्ने के खेत में जाता नजर आ रहा है। वीडियो सामने आने के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार, जनकपुर रेंज के हलौरा क्षेत्र में सोमवार सुबह करीब 8 बजे खेत की जुताई कर रहे किसान के सामने अचानक तेंदुआ आ गया। तेंदुए को देखकर किसान ट्रैक्टर छोड़कर मौके से भाग निकला। ग्रामीणों के मुताबिक पिछले करीब 15 दिनों में तेंदुए ने तीन बकरियों पर हमला किया, जिनमें दो की मौत हो चुकी है। वहीं रामपुर रेंज के डालपुर-जमधरा मार्ग पर बरूनी नाले के पास भी झाड़ियों में तेंदुआ दिखाई देने की सूचना है। सड़क से गुजरने वाले राहगीरों में इसके बाद से डर बना हुआ है। ग्रामीण खेतों और सुनसान रास्तों पर जाने से बच रहे हैं। वन विभाग ने क्षेत्र में गश्त बढ़ाने की बात कही है। विभाग की ओर से लोगों को शाम के बाद अकेले बाहर न निकलने और तेंदुआ दिखाई देने पर तत्काल वन विभाग को सूचना देने की अपील کی गई है। तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजड़ा लगाने के संबंध में उच्च अधिकारियों को सूचना भेजी गई है।
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