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Muzaffarpur842001

बिहार के मुजफ्फरपुर में नेटवर्किंग कंपनी में चल रहा था बालिका गृह कांड जैसा व्यवहार

Jun 18, 2024 10:47:04
Muzaffarpur, Bihar

मुजफ्फरपुर में अहियापुर के बखरी स्थित एक नेटवर्किंग कंपनी के प्रशिक्षण केंद्र में लड़कियों व युवतियों के शोषण और मारपीट का मामला सामने आया है। आपको बता दें कि छपरा की एक युवती की शिकायत पर अहियापुर थाने में FIR दर्ज की गई है। वहीं पीड़िता के अनुसार, कंपनी के अधिकारियों ने अलग-अलग जिलों की दर्जनों लड़कियों के साथ बालिका गृह कांड जैसा व्यवहार किया है। आरोपियों में नोएडा सेक्टर-2, पूर्वी चंपारण, सीवान, पूर्णिया और हाजीपुर के लोग शामिल हैं। साथ ही पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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SSSandeep Singh
Jan 09, 2026 07:22:18
Himachal Pradesh:हिमाचल में कड़ाके की ठंड का कहर, लाहौल-स्पीति में जल स्रोत जमे, मैदानी इलाकों तक शीत लहर हिमाचल प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से जबरदस्त कड़ाके की ठंड पड़ रही है। प्रदेश के कई इलाकों में न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे पहुँच चुका है। ठंड का सबसे ज्यादा असर जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति में देखने को मिल रहा है, जहां इस वक्त तमाम जल स्रोत जमना शुरू हो चुके हैं और कई जगह पूरी तरह से जाम हो गए हैं। समुद्रतल से 13000 फीट से लेकर 16000 फीट की ऊंचाई वाले पहाड़ों पर भारी बर्फबारी के बाद इलाके में जबरदस्त ठंड बढ़ गई है। इसका असर अब मैदानी इलाकों तक देखने को मिल रहा है और पूरा क्षेत्र शीत लहर की चपेट में आ चुका है। वहीं मनाली जैसे इलाकों में, जहां आमतौर पर इन दिनों बर्फ जमी रहती है, वहां बिना बर्फ के ही तापमान माइनस 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिससे लोग भीषण ठंड झेलने को मजबूर हैं। दूसरी ओर, ऊंची पर्वत श्रृंखलाओं और दर्रों में पहुंचे सैलानी ठंड और बर्फ के बीच खूब मौज-मस्ती करते नजर आ रहे हैं।
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PDPradyut Das
Jan 09, 2026 07:21:42
Jalpaiguri, West Bengal:বন্য শুয়োরের হামলায় মৃত জলপাইগুড়ির রাজগঞ্জের শিকারপুর অঞ্চলে ফুলাতিপাড়ার বাসিন্দা রাতিয়া ওরাওঁ (৫২)। বাড়ির পাশে চা বাগানে কাজ করতে এই গিয়ে বন্য শুয়োরের হামলার মুখে পড়েন তিনি। মোট তিনজন জখম হন। একজনের আঘাত কম হওয়ায় তাঁকে বেলাকোবা গ্রামীণ হাসপাতালে চিকিৎসা করানো হয়। বাকি দু'জনকে নিয়ে আসা হয় জলপাইগুড়ি মেডিকেলের অধীন সুপার স্পেশালিটি হাসপাতালে। সেখানে বৃহস্পতিবার রাতে মৃত্যু হয় রাতিয়া ওরাওঁয়ের। অপরজনের চিকিৎসা চলছে। বনদপ্তর ওই চা বাগান এলাকায় বন্য শুয়োরের খোঁজে তল্লাশি অভিযান চালাচ্ছে। আজ জলপাইগুড়ি হাসপাতালে মর্গে মৃত রাতিয়ার দেহের ময়নাতদন্ত হবে। মৃত ও আহতরা সরকারি নিয়ম অনুযায়ী ক্ষতিপূরণ পাবেন বলে বনদপ্তরের পক্ষ থেকে জানানো হয়েছে। বন দপ্তর সূত্রে খবর, জখম বাকি দুজন হলেন মোহন মাঝি এবং বাবলু ওরাওঁ। আহত মোহন মাঝি বর্তমানে জলপাইগুড়ি মেডিকেলে চিকিৎসাধীন বলে বেলাকোবার রেঞ্জার রাজকুমার পাল জানান۔
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SCSaurav Chaudhuri
Jan 09, 2026 07:20:34
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DSDIBYENDU SARKAR
Jan 09, 2026 07:19:16
Arambag, West Bengal:আরামবাগ: ০৯ জানুয়ারি ভোটের আগে বোমা উদ্ধার ঘিরে নতুন করে আতঙ্ক আরামবাগের হরিণখোলায়। হরিণখোলা-২ পঞ্চায়েতের আমগ্রাম এলাকায় একটি বাগান থেকে দুই ব্যাগ ভর্তি ব Bombা উদ্ধার করে পুলিশ। জানা গেছে, কে বা কারা পরিত্যক্ত এই বাগানে ব bombা গুলি রেখে চলে যায় তার হদিস পায় নি পুলিশ। ভোটের আগে এলাকা অশান্ত করতে এখন থেকেই ব Bombা মজুত করা হচ্ছে বলে এলাকার মানুষের আশঙ্কা। সিআইডির বম্ব স্কোয়াডের প্রতিনিধিরা এসে সেগুলি উদ্ধার করে মুণ্ডেশ্বরী নদীর তীরে ফাঁকা জায়গায় ব Bombা গুলি নিষ্ক্রিয় করেন। প্রসঙ্গত, এর আগে বারবার ব Bombাবাজিতে উত্তপ্ত হয়েছে আরামবাগের হরিণখোলা এলাকা। ব Bombার আঘাতে গুরুতর জখমের পাশাপাশি প্রাণহানিও ঘটেছে। যদিও এলাকায় পরিবারের দাবি, গত ২-৩ বছর ধরে এলাকা শান্ত রয়েছে। কোনো ঝামেলা অশান্তির ঘটনা ঘটেনি। নতুন করে ব Bombা উদ্ধার এর ঘটনায় ফের সিঁদুরে মেঘ দেখছেন হরিণখোলার মানুষ। তাঁরা চাইছেন, যে বা যারা এই ব Bombা মজুত করেছিল, তাদের চিহ্নিত করে শাস্তি দিক প্রশাসন। এবার ভোট শান্তিপূর্ণ হোক। নতুন করে এলাকায় অশান্তির বাতাবরণ তাঁরা চান না। এই ঘটনায় শুরু হয়েছে রাজনৈতিক চাপানউতোর। বিজেপি অভিযোগ তুলছে, ভোটের আগে এলাকা অশান্ত করতে তৃণমূলের দুষ্কৃতিরা এই কাজ করেছে। যদিও অভিযোগ অস্বীকার করে তৃণমূলের দাবি, যে বা ვინც এই কাজ করছে প্রশাসন তাদের খুঁজে বের করে শাস্তি দিক। ছবি ও বাইট আছে ২টি।
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KSKuldeep Singh
Jan 09, 2026 07:18:12
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GSGajendra Sinha
Jan 09, 2026 07:17:41
Koderma, Jharkhand:कोडरमा थाना क्षेत्र के पूरनानगर में ठंड से बचने के लिए की गई लापरवाही ने एक दंपती की जान ले ली। अंगीठी जलाकर बंद कमरे में सोने के दौरान दम घुटने से सैलून संचालक पति-पत्नी की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों की पहचान पूरनानगर निवासी वीरेंद्र शर्मा उर्फ नामकी और उनकी पत्नी कांति देवी के रूप में हुई है। घटना से इलाके में शोक और दहशत का माहौल है। गुरुवार की रात कड़ाके की ठंड से बचने के लिए दंपती ने कमरे में अंगीठी जलाकर सो गए। अंगीठी से निकलने वाली जहरीली गैस धीरे-धीरे कमरे में भरती चली गई, जिससे दोनों की नींद में ही दम घुट गया। सुबह जब घर की बहू झाड़ू लगाने कमरा खोला तो दोनों को अचेत अवस्था में पाया गया। घटना की सूचना मिलते ही कोडरमा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। प्रारंभिक जांच में मौत का कारण दम घुटना बताया जा रहा है। इस हृदयविदारक घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। यह हादसा एक बार फिर चेतावनी है कि ठंड से बचाव के लिए की गई छोटी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है।
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RGRupesh Gupta
Jan 09, 2026 07:16:55
Raipur, Chhattisgarh:छत्तीसगढ़ की लगातार नक्सली कर रहे हैं सरेंडर उप मुख्यमंत्री अरुण साव का बयान प्रधानमंत्री मोदी देश के गृह मंत्री अमित शाह का संकल्प है, लगातार हमारी सरकार उस दिशा में काम कर रही है, bस्तर के लोगों के जीवन खुशहाली आए इसके लिए काम हो रहा है, सुरक्षा बल के रणनीति से बड़े बड़े नक्सली न्यूट्रलाइज हो रहे हैं, आने वाले कुछ दिनों में बस्तर नक्सल मुक्त होगी。 कवर्धा में धान घोटाले का लगा आरोप उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने दिए जांच के आश्वासन कहा - प्रशासन के लोग उसका संज्ञान लेंगे, किसी भी तरह की गड़बड़ी स्वीकार नहीं की जाएगी, जानकारी आएगी फिर कार्रवाई होगी。 कांग्रेस के लगाए आरोप पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने किया पटलवार नक्सलियों से रिश्ता निभा रही थी कांग्रेस:- अरुण साव उन्होंने क्या रोडमैप तैयार किया था ये पूरी दुनिया के समाने है, रोडमैप में उन्होंने घोटालों का काम किया था, छत्तीसगढ़ के विकास को अवरुद्ध किया था, नक्सलवादियों को खुली छूट दी थी, उनसे रिश्ते निभा रहे थे, सफलता मिल रही है तो श्रेय लेने चले आ रहे हैं, surक्षा बल के कार्यों पर प्रश्न चिन्ह उठाए, वो नक्सल उन्मूलन का रोड मैप बनाए ये कभी हो सकता है क्या???? कवर्धा में धान घोटाले का लगा आरोप उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने दिए जांच के आश्वासन कहा - प्रशासन के लोग उसका संज्ञान लेंगे, किसी भी तरह की गड़बड़ी स्वीकार नहीं की जाएगी, जानकारी आएगी फिर कार्रवाई होगी。
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Jan 09, 2026 07:16:30
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GPGYANENDRA PRATAP
Jan 09, 2026 07:16:15
Unnao, Uttar Pradesh:location: unnao स्लग - कड़ाके की सर्दी क्या है मजदूर और मजदूर मंडी का हाल Zee media कि group report एंकर - कड़ाके की सर्दी में मजदूरों पर दोहरी मार पड़ रही है। एक तरफ भीषण सर्दी में घरों से निकलने और 15 से 20 किलोमीटर दूर जाकर काम ढूंढने कि उनकी मजबूरी है वहीं दूसरी तरफ काम न मिलने की वजह से रोजी-रोटी की दिक्कतों का भी सामना करना पड़ रहा है। Zee media कि टीम ग्राउंड पर पहुंची तो मजदूरों ने अपनी दयानी स्थिति और अपनी पीड़ा दोनों बताई, मजदूरों ने बताया कि 15 से 20 किलोमीटर दूर कड़ाके के कि सर्दी में रोज काम ढूंढने शहर को आते हैं, लेकिन उन्हें काम नहीं मिलता। कई मजदूरों ने तो बताया कि 5 से लेकर 10 दिन तक काम नहीं मिलता, तो कुछ नहीं यह बताया है कि पीते एक से डेढ़ महीने से मजदूर में सन्नाटा है, कुछ लोगों ने रोजी-रोटी का भी जुगाड़ ना होने का दुखड़ा रोया。
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DCDhruv Chaudhary
Jan 09, 2026 07:09:38
Noida, Uttar Pradesh:Rahul Gandhi RahulGandhi देश भर में “भ्रष्ट” जनता पार्टी की डबल इंजन सरकारों ने जनता की ज़िंदगी तबाह कर दी है। भ्रष्टाचार के साथ सत्ता का दुरुपयोग और अहंकार का ज़हर BJP की राजनीति में ऊपर से नीचे तक फैल चुका है। इनके सिस्टम में गरीब, असहाय, मज़दूर और मध्यमवर्ग की ज़िंदगी सिर्फ़ आंकड़ा है और “विकास” के नाम पर वसूली-तंत्र चल रहा है। उत्तराखंड में अंकिता भंडारी की निर्मम हत्या ने पूरे देश को झकझोर दिया - लेकिन सवाल आज भी वही है: सत्ता का संरक्षण BJP के किस VIP को बचा रहा है? कानून सबके लिए बराबर कब होगा? उत्तर प्रदेश के उन्नाव कांड में भी पूरा देश देख चुका है कि सत्ता के गुरूर में अपराधियों को कैसे बचाया गया और पीड़िता को न्याय के लिए कितनी कीमत चुकानी पड़ी। इंदौर में ज़हरीला पानी पीकर मौतें हों या गुजरात-हरियाणा-दिल्ली तक “काले पानी” और दूषित सप्लाई की शिकायतें - हर तरफ़ बीमारियों का डर है। राजस्थान की अरावली हो या प्राकृतिक संसाधन - जहां-जहां अरबपतियों का लालच और स्वार्थ पहुंचा, वहां-वहां नियमों को रौंद दिया गया। पहाड़ काटे जा रहे हैं, जंगल उजाड़े जा रहे हैं - और जनता को बदले में मिल रहा है: धूल, प्रदूषण और आपदा। खांसी के सिरप से बच्चों की मौतें, सरकारी अस्पतालों में नवजातों को मारते चूहे, सरकारी स्कूलों की गिरती छतें - ये “लापरवाही” नहीं, भ्रष्टाचार की सीधी मार है। पुल गिरते हैं, सड़कें धंसती हैं, ट्रेन हादसों में परिवार मिट जाते हैं और BJP सरकार हर बार वही करती है: फोटो-ऑप, ट्वीट और मुआवज़े की औपचारिकता। मोदी जी का “डबल इंजन” चल रहा है - लेकिन सिर्फ़ अरबपतियों के लिए। आम भारतीय के लिए ये भ्रष्टाचार की डबल इंजन सरकार विकास नहीं, तबाही की रफ्तार है - जो हर दिन किसी न किसी की ज़िंदगी कुचल रहा है। #BhrastJanataParty
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MDMritunjay Das
Jan 09, 2026 07:09:20
Bankura, West Bengal:প্রায় পাঁচ বছর ধরে বন্ধ শালতোড়ার পাথর ভাঙা শিল্প, কর্মহীন হয়ে ভিনরাজ্যে পাড়ি এই শিল্পের সঙ্গে যুক্ত প্রায় ২০ হাজার শ্রমিকের, ভোট আসতেই শাসক বিরোধী দায় ঠেলাঠেলি বাঁকুড়ার শালতোড়া ব্লকের একসময় পরিচিতি ছিল পাথর ভাঙা শিল্পের জন্য। এই ব্লকে থাকা প্রায় ২৫০ টি ক্র‍্যশারে প্রত্যক্ষ ও পরোক্ষভাবে কাজ করতেন এলাকার ২০ হাজার শ্রমিক। ২০২১ সালের পর সরকারি নির্দেশে এই ব্লকের ক্র‍্যশার শিল্প বন্ধ হয়ে যায়। দীর্ঘ আন্দোলনের পরেও বিভিন্ন কারনে সেই শিল্পের চাকা আর সেভাবে ঘোরেনি। কাজ হারিয়ে প্রায় ২০ হাজার শ্রমিক হয়ে পড়েছেন পরিযায়ী। ভোট আসতেই শালতোড়ার পাথর ভাঙা শিল্প নিয়ে স্বাভাবिक ভাবেই শুরু হয়েছে শাসক বিরোধী দায় ঠেলাঠেলি। রুখা শুখা বাঁকুড়া জেলার সবথেকে অনুর্বর ব্লক হিসাবে পরিচিত শালতোড়া। কিন্তু এই শালতোড়ার মাটির নীচেই লুকিয়ে রয়েছে থরে থরে কালো পাথর। একসময় এই পাথরের উপর নির্ভর করেই শালতোড়ায় রমরমিয়ে চলতো প্রায় ২৫০ টি পাথর ভাঙার ক্র‍্যশার। এলাকার প্রায় ২০ হাজার শ্রমিকের প্রত্যক্ষ ও পরোক্ষভাবে জীবন ও জীবিকা চলতো এই ক্র‍্যশারগুলির উপর নির্ভর করে। বীরভূমের রামপুরহাট ও পাঁচামির সঙ্গে সমানে সমানে টেক্কা দিত শালতোড়ার পাথর ভাঙা শিল্প। কিন্তু অধিকাংশ পাথর খাদানের বৈধ অনুমতি নেই এই অভিযোগে ২০২১ সালে রাজ্য সরকার শালতোড়ায় পাথর উত্তোলন বন্ধ করে দেয়। কাঁচামালের অভাবে ধীরে ধীরে বন্ধ হয়ে যায় সবকটি ক্র‍্যশার। পাথর খাদানগুলির বৈধ অনুমতির দাবিতে ক্র‍্যশার মালিক থেকে শ্রমিকরা দীর্ঘ আন্দোলন চালিয়েও লাভ না হওয়ায় শেষ পর্যন্ত হতাশ শ্রমিকেরা পেটের টানে পরিযায়ী শ্রমিক হয়ে পাড়ি জমান ভিন রাজ্যে অথবা ভিন জেলায়। অচল অবস্থায় পড়ে পড়ে বিকল হয়ে যায় ক্র‍্যশারগুলির কলকব্জা। ২০২৩ এর পঞ্চায়েত নির্বাচনের আগে শালতোড়ায় দলীয় কর্মসূচীতে গিয়ে ক্র‍্যশার মালিকদের সঙ্গে বৈঠক করে অভিষেক বন্দ্যোপাধ্যায় পাথর ভাঙা শিল্প পুনরায় চালুর উদ্যোগ নেওয়ার আস্বাস দিয়েছিলেন। তারপর নামমাত্র কয়েকটি খাদানে পাথর উত্তোলনের অনুমতি দেওয়া হয়েছে। হাতে গোনা গোটা চারেক সেই খাদানে যে সামান্য পরিমাণ পাথর উত্তোলন করা যায় তা দিয়ে শালতোড়া ব্লকের দু একটি ক্র‍্যশার ধুঁকে ধুঁকে চললেও বাকি ক্র‍্যশারগুলির হাল ফেরেনি। এদিকে নির্বাচন আসতেই শালতোড়া ব্লকের পাথর ভাঙা শিল্পের এই দূর্দশা নিয়ে শুরু হয়েছে শাসক বিরোধী রাজনীতি। শাসক দলকে কাঠগোড়ায় তুলে বিজেপির দাবি ২০২১ সালের নির্বাচনে শালতোড়া বিধানসভায় বিজেপি জিতে যাওয়ার কারনেই প্রতিহিংসায় রাজ্য সরকার শালতোড়ার পাথর ভাঙা শিল্প বন্ধ করে দিয়েছে। অভিযোগ উড়িয়ে শাসক তৃনমূলের দাবি ওই শিল্পের সঙ্কট কাটানোর প্রক্রিয়া চলছে। ইতিমধ্যেই কয়েকটি ক্র‍্যশার চালু হয়েছে। বাকি ক্র‍্যশার ও পাথর খাদানগুলি যাতে দ্রুত চালু করা যায় তারও প্রক্রিয়া শুরু হয়েছে।
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