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बिहार के SIR पर राजद-नीतीश पर विपक्ष का आरोप, चुनावी घमासान तेज

Noida, Uttar Pradesh:बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर सियासी घमासान तेज है। राजद के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने चुनाव आयोग और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि 2025 के विधानसभा चुनाव से पहले पुनरीक्षण पूरा होने के बावजूद दोबारा SIR की जरूरत क्यों पड़ी? शक्ति सिंह यादव ने दावा किया कि इस प्रक्रिया में कई विधानसभा क्षेत्रों में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम काटे गए और एक खास वर्ग व धर्म के लोगों को निशाना बनाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले से मतदाता सूची में शामिल और मतदान कर चुके लोगों के नाम राजनीतिक मंशा से हटाए गए, ताकि विपक्ष समर्थक मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल न कर सकें।
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यूपी विधानसभा 2027: बूथ-स्तर पर CCTV, 1200 मतदाता और EVM तस्वीर से पहचान

Lucknow, Uttar Pradesh:उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियां अब रफ्तार पकड़ने लगी हैं। सियासी दल अपनी-अपनी रणनीति बनाने में जुटे हैं, तो चुनाव आयोग भी मतदान की व्यवस्था को दुरुस्त करने में लगा है। इस बार फोकस सिर्फ चुनाव कराने पर नहीं, बल्कि मतदान केंद्रों पर भीड़ कम करने, मतदाताओं को सहूलियत देने और चुनावी प्रक्रिया की निगरानी मजबूत करने पर है। एक बूथ पर अधिकतम 1200 मतदाताओं का मानक, प्रदेश के सभी मतदान केंद्रों पर CCTV लगाने की तैयारी, EVM पर उम्मीदवारों की तस्वीर और मतदाताओं के लिए नई सुविधाएं। आखिर इन व्यवस्थाओं से यूपी के चुनाव में क्या बदलेगा? देखिए ये खास रिपोर्ट。 वी ओ— बूथों की संख्या बढ़ेगी, कतारों से मिलेगी राहत? यूपी में विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारी पहले सेचल रही है। 1500 मतदाताओं की पुरानी सीमा के मुकाबले अब अधिकतम 1200 मतदाताओं का मानक अपनाया जा रहा है। इस बदलाव का सीधा मकसद है मतदान केंद्रों पर मतदाताओं का दबाव कम करना। ज्यादा मतदाता होने पर लंबी कतारें लगती हैं और मतदान में समय भी अधिक लगता है। ऐसे में बूथों का पुनर्गठन मतदाताओं को राहत दे सकता है。 दिसंबर 2025 की एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदेश में मतदान केंद्रों की संख्या बढ़कर 1 लाख 77 हजार 516 हो गई थी। यानी चुनावी तैयारियों में बूथ प्रबंधन एक बड़ा मुद्दा बनकर सामने आया है。 वी ओ— अब कैमरे की नजर में होगा हर बूथ चुनाव के दौरान निगरानी व्यवस्था को लेकर भी बड़ा अपडेट सामने आया है। 9 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, यूपी के करीब 1 लाख 77 हजार मतदान केंद्रों पर CCTV कैमरे लगाने की तैयारी है。 अब तक करीब 50 प्रतिशत बूथों पर कैमरे लगाने की व्यवस्था का उल्लेख किया गया था। नई तैयारी का उद्देश्य सभी मतदान केंद्रों तक निगरानी का दायरा बढ़ाना है。 इसका मतलब है कि मतदान प्रक्रिया पर नजर रखने और किसी शिकायत की स्थिति में संबंधित अधिकारियों को जानकारी उपलब्ध कराने की व्यवस्था मजबूत करने पर जोर है। हालांकि, कैमरों की लाइव निगरानी, रिकॉर्डिंग और फुटेज तक पहुंच की विस्तृत प्रक्रिया आधिकारिक निर्देशों से स्पष्ट होगी。 वी ओ— EVM पर उम्मीदवारों की तस्वीर से पहचान आसान मतदान के दौरान उम्मीदवारों की पहचान को आसान बनाने के लिए EVM की बैलेट यूनिट पर उम्मीदवार का नाम, चुनाव चिह्न और निर्धारित प्रारूप में तस्वीर अहम भूमिका निभाते हैं。 इस व्यवस्था का मकसद मतदाता को सही उम्मीदवार की पहचान करने में मदद देना है। खासकर एक जैसे नाम वाले उम्मीदवारों की स्थिति में तस्वीर उपयोगी हो सकती है。 लेकिन तस्वीर का उद्देश्य पहचान आसान बनाना है। इसे EVM की तकनीक में किसी नए बदलाव के रूप में पेश करना सही नहीं होगा, जब तक आयोग के निर्देश ऐसा स्पष्ट न करें。 वी ओ— वोटर स्लिप से लेकर मोबाइल जमा करने तक आपके सामने आए दस्तावेज में मतदाता सूचना पर्ची पर सीरियल नंबर और पार्ट नंबर दर्ज करने, मतदान केंद्र पर मोबाइल फोन जमा करने की सुविधा और मतदाताओं की सहूलियत से जुड़े दूसरे बिंदुओं का भी उल्लेख है。 इन व्यवस्थाओं का मकसद मतदान केंद्र पर पहुंचने वाले मतदाताओं को अपनी जानकारी खोजने और मतदान की प्रक्रिया पूरी करने में मदद देना है。 हालांकि, मोबाइल जमा करने की व्यवस्था किस तरह लागू होगी, इसके लिए काउंटर कहां बनेंगे और फोन की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी होगी—इन सवालों पर आधिकारिक दिशा-निर्देशों की पुष्टि जरूरी है。 वी ओ— उम्मीदवारों के बूथ पर भी नियमों का पालन दस्तावेज में मतदान केंद्र से 100 मीटर की दूरी पर उम्मीदवारों के बूथ बनाए जाने की व्यवस्था का भी जिक्र है。 चुनाव के दौरान मतदान केंद्र के आसपास व्यवस्था बनाए रखना, मतदाताओं की आवाजाही को सुगम बनाना और चुनावी नियमों का पालन कराना प्रशासन की जिम्मेदारी होती है。 ऐसे में उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों के बूथों को लेकर लागू दूरी, अनुमति और दूसरी शर्तों की माहिती आधिकारिक आदेश से स्पष्ट करना जरूरी होगा。 वी ओ — युवा मतदाताओं को जोड़ने पर भी जोर चुनाव की तैयारियों में सिर्फ बूथ और कैमरे ही नहीं, बल्कि मतदाता जागरूकता भी अहम है। दस्तावेज में युवा मतदाताओं के बीच लोकतांत्रिक मूल्य, जागरूकता और सहभागिता बढ़ाने के लिए ELCS को मजबूत करने की बात कही गई है। इसका उद्देश्य युवाओं को मतदान, मतदाता पंजीकरण और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के महत्व से परिचित कराना है。
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किसान संगठन की चेतावनी: झोने में फसल पर कोई कटौती नहीं, पूर्ण मूल्य दिलाने का आदेश

Kapurthala, Punjab:ਕਪੂਰਥਲਾ : ਝੋਨੇ ’ਤੇ ਕੱਟ ਲਗਾਏ ਤਾਂ ਬਿਲਕੁਲ ਬਰਦਾਸ਼ਤ ਨਹੀਂ ਕਰਾਂਗੇ, ਕਿਸਾਨਾਂ ਦੀ ਲੁੱਟ ਖ਼ਿਲਾਫ਼ ਵਿੱਢਾਂਗੇ ਤਿੱਖਾ ਸੰਘਰਸ਼: ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਪ੍ਰਧਾਨ ਸਰਵਨ ਸਿੰਘ ਬਾਊਪੁਰ ਕਿਸਾਨ ਮਜ਼ਦੂਰ ਸੰਘਰਸ਼ ਕਮੇਟੀ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਪ੍ਰਧਾਨ ਦੀ ਸਖ਼ਤ ਚੇਤਾਵਨੀ, ਕਿਸਾਨਾਂ ਨੂੰ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਫ਼ਸਲ ਦਾ ਪੂਰਾ ਮੁੱਲ ਦਿਵਾਉਣਾ ਯਕੀਨੀ ਬਣਾਏ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨ ਕਪੂਰਥਲਾ: ਝੋਨੇ ਦੀ ਖਰੀਦ ਦੌਰਾਨ ਜੇਕਰ ਦਾਣਾ ਮੰਡੀਆਂ ਵਿੱਚ ਕਿਸਾਨਾਂ ਦੀ ਫ਼ਸਲ ’ਤੇ ਕਿਸੇ ਵੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੇ ਗੈਰ-ਵਾਜਬ ਕੱਟ ਲਗਾਏ ਗਏ ਤਾਂ ਇਸ ਨੂੰ ਬਿਲਕੁਲ ਬਰਦਾਸ਼ਤ ਨਹੀਂ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇਗਾ। ਕਿਸਾਨਾਂ ਦੀ ਮਿਹਨਤ ਦੀ ਕਮਾਈ ’ਤੇ ਡਾਕਾ ਮਾਰਨ ਦੀ ਕਿਸੇ ਨੂੰ ਵੀ ਇਜਾਜ਼ਤ ਨਹੀਂ ਦਿੱਤੀ ਜਾਵੇਗੀ। ਇਹ ਸਖ਼ਤ ਚੇਤਾਵਨੀ ਕਿਸਾਨ ਮਜ਼ਦੂਰ ਸੰਘਰਸ਼ ਕਮੇਟੀ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਪ੍ਰਧਾਨ ਸਰਵਨ ਸਿੰਘ ਬਾਊਪੁਰ ਨੇ ਦਿੰਦਿਆਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਕਿਸਾਨਾਂ ਦੀ ਲੁੱਟ ਕਿਸੇ ਵੀ ਕੀਮਤ ’ਤੇ ਬਰਦਾਸ਼ਤ ਨਹੀਂ ਹੋਵੇਗੀ ਅਤੇ ਜੇਕਰ ਅਜਿਹਾ ਕਰਨ ਦੀ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕੀਤੀ ਗਈ ਤਾਂ ਜਥੇਬੰਦੀ ਕਿਸਾਨਾਂ ਦੇ ਹੱਕਾਂ ਦੀ ਰਾਖੀ ਲਈ ਮੈਦਾਨ ਵਿੱਚ ਉਤਰੇਗੀ。 ਸਰਵਨ ਸਿੰਘ ਬਾਊਪੁਰ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਕਿਸਾਨ ਦਿਨ-ਰਾਤ ਸਖ਼ਤ ਮਿਹਨਤ ਕਰਕੇ ਆਪਣੀ ਫ਼ਸਲ ਤਿਆਰ ਕਰਦੇ ਹਨ। ਮਹਿੰਗੇ ਬੀਜਾਂ, ਖਾਦਾਂ, ਕੀਟਨਾਸ਼ਕਾਂ, ਡੀਜ਼ਲ ਅਤੇ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਦੇ ਵਧਦੇ ਖਰਚਿਆਂ ਦੇ ਬਾਵਜੂਦ ਕਿਸਾਨ ਦੇਸ਼ ਦੇ ਅੰਨ ਭੰਡਾਰ ਭਰਨ ਵਿੱਚ ਆਪਣਾ ਯੋਗਦਾਨ ਪਾਉਂਦੇ ਹਨ। ਪਰ ਜੇਕਰ ਝੋਨੇ ਦੀ ਖਰੀਦ ਸਮੇਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਫ਼ਸਲ ’ਤੇ ਗੈਰ-ਵਾਜਬ ਕੱਟ ਲਗਾ ਕੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਆਰਥਿਕ ਨੁਕਸਾਨ ਪਹੁੰਚਾਇਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਤਾਂ ਇਹ ਕਿਸਾਨਾਂ ਨਾਲ ਸਰਾਸਰ ਬੇਇਨਸਾਫ਼ੀ ਹੋਵੇਗੀ。 ਉਨ੍ਹਾਂ ਸਪੱਸ਼ਟ ਸ਼ਬਦਾਂ ਵਿੱਚ ਕਿਹਾ ਕਿ ਦਾਣਾ ਮੰਡੀਆਂ ਵਿੱਚ ਕਿਸਾਨਾਂ ਦੀ ਫ਼ਸਲ ਦੀ ਖਰੀਦ ਨਿਰਧਾਰਤ ਨਿਯਮਾਂ ਅਨੁਸਾਰ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ। ਕਿਸੇ ਵੀ ਕਿਸਾਨ ਨੂੰ ਬੇਵਜ੍ਹਾ ਪਰੇਸ਼ਾਨ ਕਰਨਾ ਜਾਂ ਉਸ ਦੀ ਫ਼ਸਲ ਦੀ ਬਣਦੀ ਕੀਮਤ ਵਿੱਚ ਕਟੌਤੀ ਕਰਨਾ ਬਰਦਾਸ਼ਤ ਨਹੀਂ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇਗਾ। ਜੇਕਰ ਕਿਸੇ ਫ਼ਸਲ ਸਬੰਧੀ ਨਿਰਧਾਰਤ ਮਾਪਦੰਡਾਂ ਦਾ ਮਸਲਾ ਹੈ ਤਾਂ ਉਸ ਨੂੰ ਨਿਯਮਾਂ ਅਨੁਸਾਰ ਪਾਰਦਰਸ਼ੀ ਢੰਗ ਨਾਲ ਹੱਲ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇ, ਪਰ ਕਿਸਾਨਾਂ ਦੇ ਹੱਕਾਂ ਨਾਲ ਖਿਲਵਾੜ ਨਹੀਂ ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ。 **ਸੈਲਰ ਮਾਲਕਾਂ ਅਤੇ ਆੜ੍ਹਤੀਆਂ ਨੂੰ ਵੀ ਸਖ਼ਤ ਸੁਨੇਹਾ** ਕਿਸਾਨ ਆਗੂ ਨੇ ਸੈਲਰ ਮਾਲਕਾਂ ਅਤੇ ਆੜ੍ਹਤੀਆਂ ਨੂੰ ਅਪੀਲ ਕੀਤੀ ਕਿ ਝੋਨੇ ਦੀ ਖਰੀਦ ਦੌਰਾਨ ਕਿਸਾਨਾਂ ’ਤੇ ਕਿਸੇ ਵੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੇ ਗੈਰ-ਵਾਜਬ ਕੱਟ ਨਾ ਲਗਾਏ ਜਾਣ ਅਤੇ ਕਿਸਾਨਾਂ ਨੂੰ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਫਸਲ ਦਾ ਪੂਰਾ ਬਣਦਾ ਮੁੱਲ ਮਿਲਣਾ ਯਕੀਨੀ ਬਣਾਇਆ ਜਾਵੇ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਕਿਸਾਨਾਂ ਦੀ ਮਿਹਨਤ ਦਾ ਸਤਿਕਾਰ ਕਰਨਾ ਸਾਰਿਆਂ ਦੀ ਜ਼ਿੰਮੇਵਾਰੀ ਹੈ ਅਤੇ ਮੰਡੀਆਂ ਵਿੱਚ ਅਜੀਹੀ ਕੋਈ ਕਾਰਵਾਈ ਨਹੀਂ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ, ਜਿਸ ਨਾਲ ਕਿਸਾਨਾਂ ਨੂੰ ਆਰਥਿਕ ਨੁਕਸਾਨ ਝੱਲਣਾ ਪਵੇ。 **ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨ ਪਹਿਲਾਂ ਹੀ ਸੁਚੇਤ ਹੋਵੇ, ਨਹੀਂ ਤਾਂ ਹੋਵੇਗਾ ਤਿੱਖਾ ਸੰਘਰਸ਼** ਸਰਵਨ ਸਿੰਘ ਬਾਊਪੁਰ ਨੇ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨ ਨੂੰ ਚੇਤਾਵਨੀ ਦਿੰਦਿਆਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਦਾਣਾ ਮੰਡੀਆਂ ਵਿੱਚ ਖਰੀਦ ਪ੍ਰਕਿਰਿਆ ’ਤੇ ਨਿਗਰਾਨੀ ਰੱਖੀ ਜਾਵੇ ਅਤੇ ਕਿਸਾਨਾਂ ਦੀਆਂ ਸ਼ਿਕਾਇਤਾਂ ਦਾ ਤੁਰੰਤ ਨਿਪਟਾਰਾ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਜੇਕਰ ਝੋਨੇ ’ਤੇ ਗੈਰ-ਵਾਜਬ ਕੱਟ ਲਗਾਉਣ ਜਾਂ ਕਿਸਾਨਾਂ ਦੀ ਲੁੱਟ ਕਰਨ ਦੀ ਕੋਈ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕੀਤੀ ਗਈ ਤਾਂ ਕਿਸਾਨ ਮਜ਼ਦੂਰ ਸੰਘਰਸ਼ ਕਮੇਟੀ ਪੰਜਾਬ ਇਸ ਨੂੰ ਕਿਸੇ ਵੀ ਕੀਮਤ ’ਤੇ ਬਰਦਾਸ਼ਤ ਨਹੀਂ ਕਰੇਗੀ。 ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੋ-ਟੁੱਕ ਸ਼ਬਦਾਂ ਵਿੱਚ ਕਿਹਾ ਕਿ ਕਿਸਾਨਾਂ ਦੀ ਲੁੱਟ ਬੰਦ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਜੇਕਰ ਕੱਟ ਲਗਾਏ ਗਏ ਤਾਂ ਜਥੇਬੰਦੀ ਚੁੱਪ ਨਹੀਂ ਬੈਠੇਗੀ। ਕਿਸਾਨਾਂ ਦੇ ਹੱਕਾਂ ਦੀ ਰਾਖੀ ਲਈ ਲੋੜ ਪੈਣ ’ਤੇ ਤਿੱਖਾ ਸੰਘਰਸ਼ ਵਿੱਢਿਆ ਜਾਵੇਗਾ, ਜਿਸ ਦੀ ਜ਼ਿੰਮੇਵਾਰੀ ਸਬੰਧਤ ਜ਼ਿੰਮੇਵਾਰ ਧਿਰਾਂ ਦੀ ਹੋਵੇਗੀ。
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रुद्रप्रयाग में भूकंप अलर्ट से आपदा प्रबंधन की तैयारी परखने की पहल

Rampur, Uttar Pradesh:स्थान : रुद्रप्रयाग, 9 अक्टूबर भूकंप जैसी आपदा से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए आज सुबह 11 बजे मोबाइल फोन पर सायरन बजाकर लोगों को जागरूक किया गया। इस पहल के तहत हर महीने की 9 तारीख को अलर्ट जारी कर आपदा प्रबंधन की तैयारियों, टीमों की सतर्कता और त्वरित प्रतिक्रिया की जांच की जाएगी। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने कहा कि आपदा से निपटने के लिए समय रहते सतर्कता और बेहतर तैयारी बेहद जरूरी है। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने बताया कि भूकंप और उससे जुड़ी संभावित आपदाओं के प्रति लोगों को जागरूक करने के साथ ही सरकारी तंत्र की तैयारियों को परखना इस पहल का उद्देश्य है। हर महीने की 9 तारीख को होने वाली इस प्रक्रिया से आपदा प्रबंधन टीमों की सतर्कता और राहत-बचाव कार्यों में प्रतिक्रिया के समय का आकलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि केदारनाथ धाम और चारधाम यात्रा की दृष्टि से रुद्रप्रयाग संवेदनशील जनपद है। पूर्व में आई आपदाओं से सीख लेते हुए अलर्ट जारी करने और समय रहते सूचना पहुंचाने की व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। इससे स्थानीय लोगों, यात्रियों और संबंधित विभागों को संभावित खतरे के प्रति पहले से सतर्क करने में मदद मिलेगी। जिलाधिकारी ने कहा कि आपदा प्रबंधन में जनसुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए सभी संबंधित टीमों को तैयार रहना होगा。
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बीजेपी ने सलबोनी पंचायत समिति पर कब्जा किया, नए अध्यक्ष रणजीत महतो निर्वाचित

Mollar Chak, West Bengal:এবার শালবনি পঞ্চায়েত সমিতি দখল করল বিজেপি। পঞ্চায়েত সমিতির নুতুন সভাপতি হলেছেন বিজেপির পঞ্চায়েত সদস্য রনজিত মাহাতো। এদিন সভায় উপস্থিত ১৭জন পঞ্চায়েত সদস্য তাকে সমর্থন করেন। উল্লেখ্য, বেশ কিছুদিন আগে পঞ্চায়েত সমিতির পদ থেকে ইস্তফা দিয়েছিলেন তৃণমূলের পঞ্চায়েত সভাপতি নেপালি সিংহ। তার পর থেকে এই পথ ফাঁকাই ছিল। আজকে পঞ্চায়েত সমিতির সভাপতি নির্বাচনের জন্য বৈঠক ছিল। সেখানে একমাত্র রঞ্জিত মাহাতোর নামেই উঠে আসে। সেই নাম সবাই সমর্থন করে। এরপর স্থানীয় শালবনির বিজেপি বিধায়ক বিমান মাহাতো এবং মেদিনীপুরের বিজেপি বিধায়ক শঙ্কর গুছাইত সহ বিজেপির অন্যান্য নেতা ও কর্মীরা নবনির্বাচিত পঞ্চায়েত সমিতির সভাপতিকে সঙ্গে নিয়ে এলাকায় মিছিল করেন।
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भूकंप से निपटने के लिए हर माह 9 को आपदा प्रबंधन तैयारी की परख

Noida, Uttar Pradesh:भूकंप जैसी आपदा से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए आज सुबह 11 बजे मोबाइल फोन पर सायरन बजाकर लोगों को जागरूक किया गया। इस पहल के तहत हर महीने की 9 तारीख को अलर्ट जारी कर आपदा प्रबंधन की तैयारियों, टीमों की सतर्कता और त्वरित प्रतिक्रिया की जांच की जाएगी। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने कहा कि आपदा से निपटने के लिए समय रहते सतर्कता और बेहतर तैयारी बेहद जरूरी है। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने बताया कि भूकंप और उससे जुड़ी संभावित आपदाओं के प्रति लोगों को जागरूक करने के साथ ही सरकारी तंत्र की तैयारियों को परखना इस पहल का उद्देश्य है। हर महीने की 9 तारीख को होने वाली इस प्रक्रिया से आपदा प्रबंधन टीमों की सतर्कता और राहत-बचाव कार्यों में प्रतिक्रिया के समय का आकलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि केदारनाथ धाम और चारधाम यात्रा की दृष्टि से रुद्रप्रयाग संवेदनशील जनपद है। पूर्व में आई आपदाओं से सीख लेते हुए अलर्ट जारी करने और समय रहते सूचना पहुंचाने की व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। इससे स्थानीय लोगों, यात्रियों और संबंधित विभागों को संभावित खतरे के प्रति पहले से सतर्क करने में मदद मिलेगी। जिलाधिकारी ने कहा कि आपदा प्रबंधन में जनसुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए सभी संबंधित टीमों को तैयार रहना होगा।
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जंतर-मंतर पर बिना जरूरी मंजूरी के प्रदर्शन करना गैरकानूनी -सुप्रीम कोर्ट

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New Delhi, Delhi:

नई द‍िल्‍ली: दिल्ली में 10 अक्टूबर को होने वाले प्रदर्शन से पहले दिल्ली आने वाली ट्रेन और मेट्रो  पर रोक लगाए जाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है. वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट में इस मामले को रखा।

 

सिब्बल ने कहा  10 अक्टूबर को शांतिपूर्ण प्रदर्शन के मद्देनजर  दिल्ली मेट्रो के लगभग 57 स्टेशन बंद किए जा रहे है। दिल्ली आने वाली ट्रेनें को रद्द किया जा रहा हैं। ऐसे में लोग कहीं आ-जा नहीं सकते। मेरे देश में यह क्या हो रहा है? यह तो शांतिपूर्ण प्रदर्शन है।

 

वहीं अभ‍िषेक मनु सिंघवी ने कहा क‍ि सुरक्षा के लिए CAPF की 221 कंपनियां तैनात की जा रही हैं। 10 detention सेन्टर तैयार किए जा रहे हैं। OYO होटलों से कहा गया है कि वे नई बुकिंग न लें। YouTubers के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। मीडिया से कहा गया है कि वे अपना आई कार्ड साथ रखें। दिल्ली पुलिस लोगों को प्रदर्शन में शामिल न होने की सलाह दे रही  है।

 

इस पर सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि गैरकानूनी गतिविधियों को रोकने के लिए ऐसा किया जा रहा है।

 

इस बात पर याच‍िका लगाने वाले वकीलों ने जवाब दिया कि सरकार को समझना होगा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन गैरकानूनी नहीं होता। वकील गोपाल शंकरनारायणन ने कहा कि  सिर्फ इसलिए कि सरकार  प्रदर्शनकारियों को संभाल नहीं पा रही हैं, वे पूरे शहर को बंद नहीं कर सकते। वकील ने बताया कि इंडियन यूथ कांग्रेस ने इजाजत मांगी थी, उन्हें नहीं मिली। इसलिये वो हाई कोर्ट गए।


इस मामले को सुनते हुए जस्टिस बागची ने कहा क‍ि लोगों  को संगठन बनाने और उससे जुड़ने का मौलिक अधिकार है, लेकिन कानून के अनुसार इस अधिकार को नियंत्रित भी किया जा सकता है। अगर अधिकारी प्रदर्शन की  अनुमति देने में देरी करते हैं या  नहीं करते हैं, तो आप कोर्ट आ सकते हैं।  लेकिन बिना ज़रूरी मंजूरी के प्रदर्शन करना गैरकानूनी होगा। अगर हमें पता चल जाए कि प्रदर्शन का आयोजन कौन कर रहा है और उसमें कितने लोगों के आने की उम्मीद है, तो हम उसी हिसाब से व्यवस्था का आदेश दे सकते है। अगर हमें यह जानकारी मिल जाए तो हम सरकार से भी कह सकते हैं कि वह उसी के अनुसार कदम उठाए, न कि पूरे शहर पर बड़े पैमाने पर बैन लगा दें।

 

इस पर सिब्बल ने कहा कि हम याचिकाकर्ताओं से पूरी जानकारी लेकर कोर्ट आएंगे। दो बजे कोर्ट को पूरी जानकारी देंगे।

 

(द‍िल्‍ली से जी न्‍यूज र‍िपोर्टर अरव‍िंद स‍िंह की र‍िपोर्ट)
 

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कटनी रेलवे स्टेशन पर नवजात बच्ची मिलने से हड़कंप, अस्पताल में निगरानी

Katni, Madhya Pradesh:ट्रेन में मिली नवजात बच्ची कटनी रेलवे स्टेशन पर एक नवजात बच्ची मिलने से हड़कंप मच गया। बीना-मालखेड़ी से कटनी आ रही ट्रेन में प्लेटफॉर्म नंबर-4 पर बच्ची मिलने की जानकारी सामने आई है। स्टेशन पर मौजूद यात्रियों की नजर बच्ची पर पड़ी, जिसके बाद उन्होंने तत्काल आरपीएफ और जीआरपी के जवानों को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही रेलवे पुलिस हरकत में आई और वरिष्ठ अधिकारियों को मामले से अवगत कराया। पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए तत्काल डॉक्टर को मौके पर बुलाया और नवजात बच्ची का स्वास्थ्य परीक्षण कराया। इसके बाद बच्ची को जिला अस्पताल कटनी पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद बच्ची को स्वस्थ बताया है। फिलहाल नवजात बच्ची जिला अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में है। वहीं, आगे की प्रक्रिया के तहत बच्ची को किलकारी चाइल्ड हेल्पलाइन संस्था को सौंपे जाने की तैयारी है।
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सारंगढ़-बिलाईगढ़ में साइबर जागरूकता अभियान: विद्यार्थियों को ऑनलाइन ठगी से बचने के उपाय

Saiki, Bihar:सारंगढ़ में साइबर जागरूकता अभियान: विद्यार्थियों को ऑनलाइन ठगी से बचने के बताए गए उपाय, कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने किया जागरूक। एंकर | सारंगढ़-बिलाईगढ़। छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में विद्यार्थियों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने और ऑनलाइन ठगी से बचाव के उद्देश्य से 9 अक्टूबर को सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत साइबर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला पुलिस प्रशासन द्वारा यह कार्यक्रम सारंगढ़ स्थित स्वामी आत्मानंद विद्यालय परिसर में आयोजित किया गया, जिसमें जिले के प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम में जिला कलेक्टर श्रीमती पद्मिनी भोई साहू, पुलिस अधीक्षक श्री सुनील शर्मा, जिला पंचायत सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को डिजिटल दुनिया में बढ़ते साइबर अपराधों की जानकारी देना और उन्हें ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के लिए सतर्क करना रहा। | इस अवसर पर कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू, पुलिस अधीक्षक श्री सुनील शर्मा ने विद्यालय परिसर में विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने साइबर जागरूकता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्तमान समय में मोबाइल फोन, इंटरनेट और डिजिटल माध्यमों का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में ऑनलाइन सुविधाओं का इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतना बेहद जरूरी है | विद्यार्थियों को ऑनलाइन ठगी के विभिन्न तरीकों के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता बताई गई। अनजान व्यक्तियों के फोन कॉल, संदिग्ध लिंक, फर्जी वेबसाइट, ऑनलाइन इनाम के लालच और फर्जी निवेश योजनाओं से सावधान रहने की समझाइश दी गई। साथ ही, किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ बैंक खाते की जानकारी, एटीएम पिन, ओटीपी और अन्य गोपनीय जानकारी साझा नहीं करने के महत्व पर जोर दिया गया। |साइबर अपराध से बचाव के लिए जागरूकता को महत्वपूर्ण बताते हुए विद्यार्थियों को डिजिटल माध्यमों का सुरक्षित उपयोग करने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल संबंधित पुलिस विभाग को देने के लिए प्रेरित किया गया। बाइट/कलेक्टर बाइट/पुलिस अधीक्षक
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