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बेमेतरा: फांसी प्रयास के बाद पुलिस ने मृत मान दिया, दो घंटे बाद महिला जिंदा

Bemetara, Chhattisgarh:बेमेतरा जिले से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने वाला हैरान करने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि फांसी लगाने की कोशिश करने वाली एक महिला को पुलिस ने बिना डॉक्टरी जांच के मृत मान लिया। इतना ही नहीं, महिला को कमरे में बंद कर ताला लगा दिया गया और परिजनों को अंदर जाने से रोक दिया गया। बताया जा रहा है कि करीब दो घंटे बाद जब पुलिस पंचनामा की कार्रवाई के लिए पहुंची, तो महिला जिंदा मिली। घटना सिटी कोतवाली क्षेत्र के वार्ड नंबर-7, परशुराम चौक की है। परिजनों और प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन महिला की नब्ज जांचने या तत्काल चिकित्सकीय सहायता लेने के बजाय उसे मृत घोषित कर दिया गया। कमरे को सील करने के बाद परिजनों को भी अंदर जाने से रोक दिया गया। करीब दो घंटे बाद महिला के जिंदा मिलने की जानकारी सामने आते ही हड़कंप मच गया। अब लोग पूरे मामले की जांच और संबंधित पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
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मानोरा एसटी बस दुर्घटना: 45 छात्र सुरक्षित रहे, चालक की सजगता से बड़ा हादसा टला

Washim, Maharashtra:वाशीमच्या मानोरा तालुक्यातील नांदगव्हाण आणि बोरव्हा येथील विद्यार्थ्यांना घेऊन मानोऱ्याकडे जात असलेल्या मंगरूळपीर एसटी आगाराची मानव विकास मिशन ची बस चढाई वर असतांना अचानक बोरव्हा घाटात न्यूट्रल झाली. त्यामुळे चालकाचे बसवरील नियंत्रण सुटल्याने ती बस चक्क उलट्या दिशेने माघारी ( रिव्हर्समध्ये ) जाऊन एका शेतात घसरली. या एसटी बसमधून वर्ग 7 ते 10 चे 45 विद्यार्थी प्रवास करत होते. बस अचानक मागे जात असल्याने बस मधील विद्यार्थ्यांमध्ये एकच गोंधळ उडाला. सुदैवाने चालकाने प्रसंगावधान राखून बस नियंत्रित केल्याने अपघाताची मोठी दुर्घटना टळली. मंगरुळपीर एसटी आगाराच्या एसटी बस ची नियमित देखभाल दुरुस्ती होत नसल्याने अशा घटना घडत असल्याचे अधोरेखित होते. या घटने नंतर विद्यार्थ्यांमध्ये भीतीचे वातावरण निर्माण झाले असून शाळेत ये जा करण्यासाठी चांगल्या एसटी बस उपलब्ध करण्याची मागणी विद्यार्थ्यांकडून होत आहे.
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बच्चे का तबियत खराब देख रुके डीएम, तत्काल करवाए इलाज का इंतजाम

ASAmit SinghFollowJust now
Deoria, Uttar Pradesh:सड़क एवं अन्य निर्माण कार्यों का जायजा लेने निकले जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने शुक्रवार को सोनूघाट चौराहे पर एक बच्चे की स्वास्थ्य संबंधी परेशानी देख संवेदनशीलता का परिचय दिया। उन्होंने तत्काल बच्चे के उपचार और आवश्यक जांच की व्यवस्था कराई। सोनूघाट चौराहे पर आमजन से संवाद के दौरान जिलाधिकारी की नजर करीब आठ-नौ वर्षीय बच्चे पर पड़ी। बच्चे को उसके अभिभावक चिकित्सकीय जांच के लिए ले जा रहे थे। जिलाधिकारी ने अपना काफिला रुकवाकर अभिभावकों से बच्चे के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। अभिभावकों ने बताया कि बच्चा अक्सर मूर्छित हो जाता है और इसी समस्या को लेकर उसे चिकित्सकीय जांच के लिए ले जाया जा रहा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों से वार्ता की और बच्चे के समुचित उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने आवश्यक चिकित्सकीय जांच, सीटी स्कैन सहित अन्य जांच कराने के निर्देश देते हुए बच्चे को मेडिकल कॉलेज भेजवाया। जिलाधिकारी की इस त्वरित पहल से बच्चे के अभिभावकों को तत्काल उपचार की उम्मीद मिली। मौके पर मौजूद लोगों ने जिलाधिकारी की संवेदनशीलता और मानवीय पहल की सराहना करते हुए कहा कि आमजन की समस्या को देखकर तत्काल मदद के लिए आगे आना सराहनीय है।
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धुळे के 100-बेड महिला‑बाल अस्पताल का उद्घाटन, स्वास्थ्य मंत्री ने किया उद्घाटन

Dhule, Maharashtra:धुळे जिल्हा रुग्णालयामध्ये शंभर खाटांच्या महिला व बाल रुग्णालयाचा लोकार्पण सोहळा संपन्न झाला. आरोग्य मंत्री प्रकाशराव आबिटकर यांच्या प्रमुख उपस्थितीमध्ये या रुग्णालयाचा लोकार्पण पार पडलं. यावेळेस पालकमंत्री जयकुमार रावल देखील उपस्थित होते. येणाऱ्या काळामध्ये जिल्ह्यामध्ये खाजगी रुग्णालयांपेक्षा दर्जेदार आणि चांगल्या सुविधा देण्याचा प्रयत्न जिल्हा रुग्णालयाच्या माध्यमातून करण्यात येईल असं आश्वासन आरोग्यमंत्री प्रकाशराव आंबिटकर यांनी दिले. तर येणाऱ्या काळामध्ये 24 तास नागरिकांना आरोग्य यंत्रणा आणि रुग्णयाशी निगडित तक्रारी करण्यासाठी एक वेबसाईट विकसित केली जाणार असल्याची माहिती पण यावेळेस प्रकाश आबिटकर यांनी दिली. 100 खटांच्या रुग्णालय गेल्या अनेक वर्षांपासून प्रतीक्षेत होतं. अखेर आज या रुग्णालयाचे लोकार्पण झाल्यामुळे लोकांना सुविधा खुली झाली आहे.
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भरतपुर के मोर तालाब गांव में पानी और स्वास्थ्य सुविधाओं का भारी अभाव

Bharatpur, Rajasthan:बयाना(भरतपुर) पहाड़ पर गांव, पानी के लिए पलायन और इलाज के लिए खाट का सहारा, मोर तालाब गांव में बीमार बुजुर्ग को खाट पर 5 किमी पैदल लाने की मजबूरी, भरतपुर के बयाना से सामने आई यह तस्वीर सिस्टम के दावों पर सवाल खड़े करती है। करीब एक हजार फीट ऊंची पहाड़ी पर बसे मोर तालाब गांव में आज भी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। पानी की किल्लत के चलते ग्रामीण गर्मियों में पहाड़ छोड़कर तलहटी में रहने को मजबूर हैं। वहीं, गांव तक सड़क और वाहन की सुविधा नहीं होने से बीमार और बुजुर्गों को खाट पर लादकर पहाड़ी से नीचे लाना पड़ता है। अरावली पर्वत श्रृंखला की ऊंचाइयों और ऐतिहासिक विजयगढ़ दुर्ग की गोद में बसा मोर तालाब गांव... कभी 200 से ज्यादा गुर्जर परिवारों की आबादी वाला यह गांव आज महज 50 से 60 परिवारों तक सिमट गया है। पानी की समस्या इतनी गंभीर है कि ग्रामीणों को साल में करीब छह महीने पहाड़ी पर बने अपने पुराने घरों में और गर्मियां शुरू होते ही तलहटी में रहने को मजबूर होना पड़ता है। इस बार भी गर्मी शुरू होते ही कई परिवार गांव छोड़कर नीचे आ गए। लेकिन परेशानी सिर्फ पानी तक सीमित नहीं है। गांव में करीब आठ साल पहले पांचवीं कक्षा तक चलने वाला सरकारी स्कूल भी बंद हो गया। अब बच्चों को पढ़ाई के लिए रोजाना पहाड़ी उतरनी पड़ती है। ग्रामीणों का कहना है कि इसी वजह से कई बच्चों की पढ़ाई तक छूट गई। स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति इससे भी ज्यादा चिंताजनक है। आज एक बुजुर्ग महिला की अचानक तबीयत खराब हुई तो परिजनों के सामने उसे अस्पताल पहुंचाने के लिए कोई वाहन नहीं था। मजबूरी में महिला को खाट पर लिटाया गया और परिजन करीब पांच किलोमीटर तक उसे कंधों पर लेकर पहाड़ी से नीचे उतरे। इसके बाद महिला को बयाना अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जो गांव की बदहाल स्वास्थ्य और परिवहन व्यवस्था की तस्वीर बयां कर रहा है। एक तरफ सरकार गांवों में सड़क, पानी और आवास जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने के दावे करती है, तो दूसरी तरफ मोर तालाब के ग्रामीण आज भी पानी के लिए पलायन और इलाज के लिए खाट का सहारा लेने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का सवाल है कि जब सड़क, पानी और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाएं ही नहीं हैं, तो सरकारी योजनाओं के तहत बने मकानों में भी ताले क्यों न लटकें? अब देखना होगा कि मोर तालाब के ग्रामीणों की यह परेशानी कब दूर होती है और पहाड़ी पर बसे इस गांव तक मूलभूत सुविधाएं कब पहुंचती हैं।
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हरिद्वार में वंदेभारत एक्सप्रेस के कोच के पास अजगर, वन विभाग ने रेस्क्यू किया

Haridwar, Uttarakhand:हरिद्वार रेलवे स्टेशन की वाशिंग लाइन मेंमेंटीनेंस के लिए खड़ी वंदे भारत एक्सप्रेस में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब करीब दस फीट लंबा अजगर ट्रेन के कोच के आसपास नजर आया और अंदर घुसने की कोशिश करता दिखाई दिया। वाशिंग लाइन में काम कर रहे कर्मचारियों की नजर समय रहते अजगर पर पड़ गई, जिसके बाद उन्होंने बिना जोखिम उठाए वन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही हरिद्वार रेंज की टीम मौके पर पहुंची और करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद अजगर को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। वन विभाग के मुताबिक अजगर को बाद में उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया। राहत की बात यह रही कि सांप के ट्रेन में प्रवेश करने से पहले ही उसका पता चल गया, वरना यात्रियों के बीच बड़ा खतरा पैदा हो सकता था। वन विभाग की टीम ने पूरे ऑपरेशन को सावधानी के साथ अंजाम दिया।
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दिल्ली में रेलवे ट्रैक पर मच्छर नियंत्रिण के लिए एक महीने का स्प्रे अभियान

New Delhi, Delhi:रेलवे ट्रैक पर पानी का जमा हो जाता है मच्छर पनपते हैं उससे बचाव के लिए ट्रेन को रवाना किया गया है एक महीने तक यह ट्रेन छिड़काव करेगी रेलवे ट्रैक पर यह छिड़काव करेगी जिससे मच्छर पनप ना। दिल्ली के सभी ट्रैक पर यह ट्रेन जाएगी ताकि वहां पर मच्छर पैदा ना पाए, और सीजनल बीमारी को मानसून में रोका जा सकें। दिल्ली में डेंगू मलेरिया चिकनगुनिया को लेकर निगम की पूरी तैयारी है। हमारे पास सभी दवाइयां हैं दिल्ली में हर जगह छिड़काव किया जा रहा है 4000 लोग इसके लिए अलग से लगाए गए हैं। डीबीसी कर्मचारियों की जो मांग थी वह हमने पूरी की है समान काम और समान वेतन वाली वो पूरा हो गई है। दिल्ली के लोगों को जागरूक किया जा रहा है, रूटीन चेकिंग की जा रही है। डीबीसी कर्मचारी घर-घर जा रहे हैं लोगों को जागरुक कर रहे है पार्षद भी कर रहे हैं और अलग से MCD का जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। दिल्ली रेलवे स्टेशन से चलकर हजरत निजामुद्दीन, लाजपत नगर, सेवा नगर, लोधी कॉलोनी, सफदरगंज, पटेल नगर, किशनगंज, सदर बाजार, सराय रोहिल्ला, इंद्रपुरी ,मायापुरी, दया बस्ती ,दिल्ली कैंट, पालम बेहटा हाजीपुर हॉल्ट, शाहदरा से होते हुए नई दिल्ली पहुंचेगी।
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अरुण साव का दावा—शक्कर के दाम वैश्विक कारण, जल्द स्थिति सामान्य

Begun, Rajasthan:रायपुर छत्तीसगढ़ समेत देशभर में बढ़े शक्कर के दामों पर डिप्टी सीएम अरुण साव का बयान- कीमतों में बढ़ोतरी की परिस्थितियां वैश्विक स्तर पर बनी हैं, यह स्थिति ज्यादा लंबे समय तक नहीं रहेगी और जल्द ही परिस्थितियां सामान्य हो जाएंगी.. बारिश के दौरान स्कूलों की समस्याओं को लेकर जेन अल्फा के प्रदर्शन पर डीसीएम अरुण साव का बयान- बारिश के मौसम में कुछ समय के लिए दिक्कतें आती हैं, सरकार शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर करने के लिए लगातार काम कर रही है, प्रदेश में टीचर-स्टूडेंट रेशियो अच्छा है, इसके बावजूद शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया भी जारी है.. IGKV में पेपर लीक मामले पर डिप्टी सीएम ने कहा- मुख्यमंत्री ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और कार्रवाई भी की गई है, जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी.. किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.. जल जीवन मिशन में छग का 23वां स्थान मामले में डिप्टी सीएम अरूण साव ने कहा- पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान कुव्यवस्था और कुप्रबंधन की स्थिति रही, सरकार बनने के बाद व्यवस्थाओं में सुधार की कोशिश की जा रही है.. फर्जी रिपोर्टिंग के मामले भी सामने आए हैं मिशन के सभी कामों को दुरुस्त और सुव्यवस्थित करने के लिए विभागीय स्तर से लेकर मुख्य सचिव स्तर तक लगातार समीक्षा की जा रही है... समय पर काम पूरे हों, इसके लिए भी योजना बनाई जाएगी सोशल मीडिया पर बीजेपी कांग्रेस के गधा-मुर्गा वाले पोस्टर को लेकर डीसीएम अरुण साव ने कहा- कांग्रेस मुद्दाविहीन होकर इस तरह की राजनीति कर रही है जनता से जुड़े वास्तविक मुद्दों के बजाय ऐसे विषयों को उठाया जा रहा है, जिनसे लोगों का कोई लेना-देना नहीं है कांग्रेस की दुर्दशा का यही कारण है और उसके चाल, चरित्र और चेहरे लगातार उजागर हो रहे हैं.. बस्तर से सामने आ रहे मलेरिया के मरीज, मामले पर डिप्टी सीएम अरुण साव ने कहा- सरकार पूरी तरह सजग और सक्रिय है, स्वास्थ्य मंत्री स्वयं प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर चुके हैं और व्यव्स्थाओं को दुरुस्त किया गया है. बीमारियों की रोकथाम के लिए सरकार लगातार काम कर रही है और पुख्ता इंतजाम किए गए हैं.. बाइट- अरुण साव, डिप्टी सीएम
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तेस्ता नदी में मां-बच्ची की छलांग, बच्ची की मौत, पुलिस जांच शुरू

Mal Bazar, West Bengal:মাল মহকুমার গাজলডোবার ৭ নম্বর এলাকার বাসিন্দা অনামিকা মল্লিক ভোরে প্রায় ছয় মাসের কন্যাসন্তানকে নিয়ে তিস্তা নদীতে ঝাঁপ দেন। পারিবারিক বচসার জেরেই এই ঘটনা বলে প্রাথমিকভাবে জানা গেছে। অনামিকার দাবি, স্বামী তাঁকে বাবার বাড়ি চলে যেতে বলেছিলেন। মানসিকভাবে ভেঙে পড়ে তিনি মেয়েকে পিঠে কাপড় দিয়ে বেঁধে নদীতে ঝাঁপ দেন। প্রায় দুই কিলোমিটার ভেসে মা ও মেয়ে ক্রান্তি ব্লকের কাঠামবাড়ি খালবস্তি এলাকার ১ নম্বর স্পারের কাছে পৌঁছন। সকাল ৮টা নাগাদ স্থানীয়রা তাঁদের দেখতে পেয়ে উদ্ধার করেন। খবর পেয়ে অ্যাম্বুলেন্স চালক শাহজাহান হক দুজনকে দ্রুত ওদলাবাড়ি গ্রামীণ হাসপাতালে নিয়ে যান। হাসপাতালে চিকিৎসকেরা শিশুটিকে মৃত ঘোষণা করেন। অনামিকার চিকিৎসা চলছে এবং তাঁর শারীরিক অবস্থা বর্তমানে স্থিতিশীল। খবর পেয়ে মালবাজার থানার পুলিশ হাসপাতালে পৌঁছয়। শিশুটির মৃতদেহ ময়নাতদন্তে পাঠানো হবে। ঘটনার তদন্ত শুরু করেছে পুলিশ।
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मण्डला में बारिश के दौरान नाले पार कर रहे मवेशियों के वीडियो पर पुल मांग

Mandla, Madhya Pradesh:मण्डला में बारिश के बीच उफनाते नाले को पार करते मवेशियों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में तेज बहाव के बीच मवेशियों की जान जोखिम में नजर आ रही है। ग्रामीण लंबे समय से यहां पुल निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। यह तस्वीरें मण्डला के निवास विधानसभा क्षेत्र के मोहगांव ब्लॉक की ग्राम पंचायत मचला के वार्ड क्रमांक 8 स्थित आली टोला की बताई जा रही हैं। गुरुवार दोपहर वायरल हुए वीडियो में एक दर्जन से ज्यादा मवेशी उफनाते नाले को पार करते दिखाई दे रहे हैं। तेज बहाव के बीच कुछ मवेशी पानी में बहते हुए भी नजर आ रहे हैं। ग्रामीणों के मुताबिक आली टोला के नाले पर पुल निर्माण की मांग लंबे समय से की जा रही है। बारिश के दिनों में नाला उफान पर आ जाता है और जंगल में चरने जाने वाले मवेशियों को इसी रास्ते से गुजरना पड़ता है। ग्रामीणों का दावा है कि तेज बहाव में कई बार मवेशी फंसकर दुर्घटना का shikar हो चुके हैं, जिससे पशुपालकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से नाले पर जल्द पुल निर्माण कराए जाने की मांग की है, ताकि बारिश के दिनों में हादसों का खतरा टाला जा सके।
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