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नंद नगरी पुलिस ने हथियारों के साथ 23 वर्षीय बदमाश गिरफ्तार किया

New Delhi, Delhi:नंद नगरी पुलिस की बड़ी कार्रवाई, हथियारों के साथ 23 वर्षीय बदमाश गिरफ्तार उत्तर-पूर्वी दिल्ली: नंद नगरी थाना पुलिस ने अपराध की वारदात को अंजाम देने की फिराक में घूम रहे एक आदतन अपराधी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक देशी सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल, 4 जिंदा कारतूस और एक ड्रैगन चाकू बरामद किया है। पुलिस के मुताबिक, 7 अगस्त 2026 की शाम करीब 6:50 बजे नंद नगरी थाना पुलिस की टीम सुंदर नगरी इलाके में गश्त कर रही थी। इसी दौरान पिली मिट्टी पार्क के पास पुलिस टीम को सूचना मिली कि एच-ब्लॉक स्थित सुलभ शौचालय के पास झुग्गी इलाके में एक संदिग्ध युवक अवैध हथियार लेकर मौजूद है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस को देखते ही संदिग्ध युवक भागने लगा, लेकिन पुलिसकर्मियों ने पीछा कर उसे दबोच लिया। पूछताछ में उसकी पहचान 23 वर्षीय शाहनवाज उर्फ शानू, निवासी सुंदर नगरी झुग्गी, दिल्ली के रूप में हुई। तलाशी के दौरान आरोपी के पास से एक देशी सेमी-ऑटोमैटिक प Pistl मिला; 4 जिंदा कारतूस और एक ड्रैगन चाकू बरामद हुआ। मामले में नंद नगरी थाने में FIR नंबर 434/2026, आर्म्स एक्ट की धारा 25/54/59 के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपराध में संलिप्तता स्वीकार की है। पुलिस अब उसके हथियार के स्रोत और उसके अन्य आपराधिक कनेक्शन की जांच कर रही है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, शाहनवाज उर्फ शानू पहले भी हत्या के प्रयास, लूट, झपटमारी और चोरी समेत 5 आपराधिक मामलों में शामिल रहा है। बरामदगी: - 1 देशी सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल - 4 जिंदा कारतूस - 1 ड्रैगन चाकू रिपोर्ट - राकेश चावला उत्तर पूर्व जिला
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हरियाणा शिक्षा मंत्री ने पंचकूला कॉलेज में एमपीएड कोर्स शुरू करने के संकेत दिए

DRDivya RaniJust now
Panchkula, Haryana:हरियाणा के शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा ने आज पंचकूला के सेक्टर-1 स्थित राजकीय महाविद्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कॉलेज परिसर का जायजा लिया और विद्यार्थियों के बीच जाकर अत्यंत आत्मीयता के साथ उनसे सीधा संवाद किया। शिक्षा मंत्री ने विद्यार्थियों की shैक्षणिक और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना और उनके त्वरित समाधान के लिए मौके पर मौजूद कॉलेज प्रशासन को निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान विद्यार्थियों ने कॉलेज में विभिन्न पाठ्यक्रमों, संसाधनों और बुनियादी सुविधाओं को लेकर मंत्री के सामने अपनी बात रखी। विद्यार्थियों ने विशेष रूप से कॉलेज में शारीरिक शिक्षा में स्नातकोत्तर यानी एमपीएड का कोर्स शुरू करने की मांग प्रमुखता से उठाई। शिक्षा मंत्री ने विद्यार्थियों की सभी मांगों को गंभीरता से लेते हुए आश्वासन दिया कि सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक और सार्थक तरीके से विचार करेगी। उन्होंने कहा कि कॉलेज में एमपीएड का कोर्स शुरू करवाने की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे ताकि खेल और शारीरिक शिक्षा के क्षेत्र में भविष्य बनाने वाले युवाओं को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर अवसर मिल सकें। विद्यार्थी देश का भविष्य, अपनी ऊर्जा का देश निर्माण में करें सही इस्तेमाल विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा ने कहा कि युवा और विद्यार्थी किसी भी राष्ट्र का असली भविष्य और उसकी ऊर्जा का आधार होते हैं। आज का युवा यदि सही दिशा में आगे बढ़े तो वह न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे प्रदेश और देश का नाम विश्व पटल पर रोशन कर सकता है। उन्होंने छात्रों का आह्वान किया कि वे अपनी ऊर्जा को सकारात्मक कार्यों में लगाएं, नशे और अन्य सामाजिक बुराइयों से दूर रहकर अपने कौशल को निखारने पर ध्यान केंद्रित करें। सरकार युवाओं को रोजगारपरक व गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए पूरी तरह से है प्रतिबद्ध शिक्षा मंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार प्रदेश में शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाने और युवाओं को रोजगारपरक व गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। प्रदेश के सभी सरकारी कॉलेजों में इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जा रहा है ताकि विद्यार्थियों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। मंत्री ने कॉलेज प्रशासन को दिए निर्देश शिक्षा मंत्री ने कॉलेज प्राध्यापकों और प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे विद्यार्थियों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील रहें और परिसर में बेहतर शैक्षणिक माहौल बनाए रखें। उन्होंने कहा कि समय-समय पर छात्रों के साथ संवाद कायम किया जाए ताकि उनकी समस्याओं का तुरंत निपटारा हो सके। स्वच्छता, पेयजल और लाइब्रेरी जैसी प्राथमिक सुविधाओं में किसी प्रकार की लापरवाही न बरतें। शिक्षा मंत्री के इस दौरे और आत्मीय व्यवहार से विद्यार्थियों में काफी उत्साह देखने को मिला。 इस अवसर पर कॉलेज की प्राचार्या डा.शैलजा छाबड़ा, वरिष्ठ प्राध्यापक, स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी और काफी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे。
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पंचायत परिसीमन के साहसिक निर्णय का बिहार में व्यापक स्वागत

Patna, Bihar:बिहार सरकार द्वारा पंचायतों के परिसीमन के ऐतिहासिक और साहसिक निर्णय का स्वागत अब पूरे प्रदेश में देखने को मिल रहा है। इसी कड़ी में मधेपुरा जिला मुख्यालय के श्री कृष्ण मंदिर गोशाला परिसर में एक भव्य धन्यवाद एवं आभार सभा का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मिथिलेश कुमार राय, प्रदेश अध्यक्ष मुखिया महासंघ बिहार, कृष्णा कुमारी यादव, प्रदेश अध्यक्ष जिला परिषद संघ अमोद कुमार निराला प्रदेश अध्यक्ष पंच सरपंच संघ बिहार उपस्थित रहीं। प्रमुख संघ के प्रदेश अध्यक्ष श्री मति रश्मि कुमारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए। सभा की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष परमेश्वरी यादव ने किया । इस अवसर पर जिला परिषद अध्यक्ष मंजू देवी जिला प्रमुख संघ के जिला अध्यक्ष आदि सैकड़ीं मुखिया सरपंच वार्ड सदस्य पंचायत समिति प्रखंड अध्यक्ष उपस्थित थे । इस अवसर पर वक्ताओं ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के पंचायत परिसीमन संबंधी फैसले को ऐतिहासिक, दूरदर्शी और साहसिक निर्णय बताते हुए इसकी सराहना की। उन्होंने कहा कि वर्षों बाद लिए गए इस निर्णय से पंचायत व्यवस्था अधिक संतुलित, प्रभावी और जनसंख्या के अनुरूप बनेगी, जिससे ग्रामीण लोकतंत्र और अधिक मजबूत होगा। सभा में उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इस निर्णय का स्वागत किया और इसे बिहार के पंचायत इतिहास में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
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अल्मोड़ा के रवि टम्टा ने उड़ने वाला इलेक्ट्रिक वाहन बनाकर सफल परीक्षण किया

Noida, Uttar Pradesh:अल्मोड़ा के युवा रवि टम्टा ने बनाया उड़ने वाला इलेक्ट्रिक वाहन, सफल परीक्षण से पूरा किया बचपन का सपना अल्मोड़ा के धौलादेवी ब्लॉक के काफलीखान गांव निवासी रवि टम्टा ने अपने बचपन के उस सपने को साकार कर दिखाया है, जिसमें वह हवा में उड़ने वाले वाहन की कल्पना करते थे। रवि ने खुद तैयार किए गए एक सीट वाले इलेक्ट्रिक फ्लाइंग व्हीकल 'हपिडा स्काइनेक्स' का सफल परीक्षण किया है। शुक्रवार को अल्मोड़ा के आर्मी हेलीपैड में हुए परीक्षण के दौरान यह वाहन करीब एक मिनट तक हवा में रहा। रवि का दावा है कि इस वाहन की अधिकतम गति करीब 200 किलोमीटर प्रति घंटे तक हो सकती है। रवि टम्टा हपिडा स्काई प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं। उन्होंने सीमित संसाधनों के बीच देश-विदेश से जरूरी उपकरण जुटाकर इस वाहन को तैयार किया है। इसका डिजाइन और निर्माण उन्होंने खुद किया। पूरी तरह इलेक्ट्रिक पावर से चलने वाला यह वाहन अभी प्रोटोटाइप स्तर पर है और आने वाले समय में इसकी सुरक्षा, क्षमता और प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए कई और परीक्षण किए जाएंगे। रवि के लिए यह सफलता अचानक नहीं मिली। करीब 20 वर्ष की उम्र में वर्ष 2014 में उन्होंने अपने गांव में ही हेलीकाप्टर बनाने का काम शुरू किया था। करीब दो वर्ष की मेहनत के बाद हेलीकाप्टर तैयार भी हो गया था, लेकिन उसे उड़ाने के लिए प्रशासन से अनुमति नहीं मिल सकी। सुरक्षा को लेकर प्रशासन की ओर से अनुमति नहीं दी गई और रवि का हेलीकाप्टर गांव में ही रह गया। हालांकि, इस असफलता ने उनका हौसला नहीं तोड़ा। यही अनुभव आगे चलकर उड़ने वाला वाहन बनाने की उनकी सबसे बड़ी प्रेरणा बना। इसके बाद रवि ने लगातार तकनीकी जानकारी जुटाई और अलग-अलग प्रयोग किए। उनका कहना है कि उन्होंने तकनीक की पढ़ाई किसी विशेष संस्थान से नहीं की, बल्कि इंटरनेट के माध्यम से अलग-अलग विषयों की जानकारी हासिल की और उसी के आधार पर अपने प्रयोग आगे बढ़ाए। करीब डेढ़ वर्ष की मेहनत के बाद हपिडा स्काइनेक्स का प्रोटोटाइप तैयार किया गया। करीब दो वर्ष पहले चीन की यात्रा के दौरान रवि ने वहां हो रहे तकनीकी प्रयोगों को भी देखा और अपने वाहन के लिए कुछ जरूरी उपकरण लेकर आए। वाहन का इंजन तमिलनाडु से मंगाया गया, जबकि इसका निर्माण उन्होंने अपने घर पर ही किया। रवि ने इस वाहन को अल्मोड़ा से काफलीखान तक करीब 40 किलोमीटर की उड़ान पर ले जाने की भी योजना बनाई थी। उनका कहना था कि यह दूरी करीब 12 मिनट में पूरी की जा सकती है, लेकिन आवश्यक अनुमति नहीं मिलने के कारण यह उड़ान नहीं हो सकी। इसके बाद सुरक्षित वातावरण में परीक्षण के लिए आर्मी हेलीपैड में वाहन को उड़ाया गया। परीक्षण के दौरान प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। जिलाधिकारी अंशुल सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर आर. घोड़के की मौजूदगी में सुरक्षा के आवश्यक इंतजामों के बीच परीक्षण किया गया। परीक्षण सफल रहने के बाद रवि के इस प्रयास की सराहना की गई। मुख्यमंत्री ने भी वीडियो कॉल के माध्यम से रवि टम्टा से बातचीत कर उनकी उपलब्धि की सराहना की। मुख्यमंत्री ने इसे प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि इस तरह के प्रयोग विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में नई संभावनाओं को जन्म देते हैं। उन्होंने रवि को उनके काम को आगे बढ़ाने में हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया। जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने भी इसे अल्मोड़ा के लिए गौरव की उपलब्धि बताया और कहा कि ऐसे प्रयोग स्थानीय युवाओं को नई सोच के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं। रवि इससे पहले भी कई तकनीकी प्रयोग कर चुके हैं। उन्होंने हेलीकाप्टर के अलावा वन विभाग के लिए अग्निशमन उपकरण, दिव्यांगों के लिए छड़ी, स्टिक मोबाइल चार्जर और हपिडा पाइन पीट मशीन तैयार की है। पाइन पीट मशीन की आपूर्ति वन विभाग को भी की जा रही है। करीब सात वर्ष पहले उन्होंने इलेक्ट्रोलाइट पंप मशीन भी बनाई थी, जिससे इलेक्ट्रिक वाहनों को कम समय में चार्ज करने का प्रयास किया गया। रवि ने जूनियर हाईस्कूल तक की पढ़ाई अपने गांव से की और कुमाऊं विश्वविद्यालय नैनीताल से कला संकाय में स्नातक किया। उनके पिता हरीश राम मोटर मैकेनिक हैं। रवि का कहना है कि उनका लक्ष्य व्यक्तिगत हवाई परिवहन के क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम करना है। अब वह हपिडा स्काइनेक्स को पेटेंट कराने की तैयारी कर रहे हैं और इसके संचालन के लिए डीजीसीए से आवश्यक प्रक्रिया और अनुमति को लेकर बातचीत करेंगे।
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सागबारा जंगल जमीन पर खेती के लिए ग्रामीणों का एकजुट आंदोलन

Karantha, Gujarat:સાંસદની સભા બાદ સાગબારાના ગ્રામજનોનું ખેડાણ માટે એકજૂથ આંદોલન હલગામ, પાડી, દોધનવાડી અને ખોપી સહિતના ગ્રામજનો બળદ-હળ સાથે જંગલ જમીન ખેડાણ માટે પહોંચ્યા સાગબારા તાલુકામાં જંગલ જમીન પર ખેડાણનો મુદ્દો દિવસેને દિવસે વધુ ગરમાઈ રહ્યો છે. સાંસદ મનસુખ વસાવીયા, ધારાસભ્ય દર્શનાબેન દેશમુખ સહિતના આગેવાનોએ જંગલ જમીન ખેડાણના મુદ્દે ગ્રામજનોને સમર્થન આપ્યા બાદ હવે હલગામ, પાડી, દોધનવાડી, ખોપી સહિતના ગામોના ગ્રામજનો એકજૂથ થઈ ખેડાણ માટે આગળ આવ્યા છે. ગ્રામજનો બળદ અને હળ લઈ જંગલ વિસ્તારમાં પહોંચ્યા હતા અને જમીન ખેડાણ કરતા હોવાના દ્રશ્યો સામે આવ્યા છે. ગ્રામજનોનું કહેવું છે કે તેઓ લાંબા સમયથી આ જમીન પર ખેતી કરતા આવ્યા છે અને પોતાના હક્ક માટે લડત ચાલુ રાખશે. બીજી તરફ, વન વિભાગ દ્વારા પોલીસ બંદોબસ્ત સાથે ગ્રામજનોને ખેડાણ કરતા અટકાવવાનો પ્રયાસ કરવામાં આવી રહ્યો છે. જેના પગલે ગ્રામજનો અને વન વિભાગ વચ્ચે તણાવની સ્થિતિ સર્જાઈ રહી છે. સાંસદ અને અન્ય આગેવાનોના સમર્થન બાદ હવે આ મુદ્દે અનેક ગામોના લોકો એકજૂથ બનતા મામલો વધુ ચર્ચાસ્પદ બન્યો છે. ગ્રામજનો પોતાના હક્ક અને ખેડાણની મંજૂરીની માંગ સાથે આગળ વધી રહ્યા છે. જ્યારે વન વિભાગ દ્વારા જંગલ જમીન પર નિયમ મુજબની કાર્યવાહી કરવામાં આવી રહી હોવાનું જણાવવામાં આવે છે. હવે આગામી દિવસોમાં ગ્રામજનોની લડત અને વન વિભાગની કાર્યવાહી વચ્ચે આ મુદ્દે વહીવટી તંત્ર શું નિર્ણય લે છે તેના પર સૌની નજર છે.
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झारखंड में दूसरा फेज: 18+ के नागरिकों के लिए विशेष मतदाता पंजीकरण कैंप

Khunti, Jharkhand:क्षेत्र - खूँटी । स्लग - एसआईआर के दूसरे फेज को लेकर जिला प्रशासन सक्रिय, मुख्य निर्वाचन पदा ने की अपील। झारखंड के सभी मतदान केंद्रों पर शनिवार एवं रविवार (8 एवं 9 अगस्त 2026) को मतदाताओं के सहयोग हेतु विशेष कैंप का आयोजन किया जा रहा है। वहीं उपायुक्त ज़ावेद हुसैन ने पदाधिकारियों और राजनीति दल के लोगों के साथ बैठक करके जानकारी दिये। इस दौरान उन्होंने लोगों से अपील भी किया कि एसआईआर फार्म भरवाने में मदद करेंगे। झारखण्ड प्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रविकुमार ने कहा कि जो भी व्यक्ति 01 अक्टूबर 2026 के अर्हता तिथि तक 18 वर्ष पूर्ण कर लेंगे। वैसे सभी पात्र भारतीय नागरिक फॉर्म 6 एवं घोषणा पत्र भरकर अपना नाम मतदाता सूची में अवश्य जुड़वा सकते हैं।
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Sonbhadra नदी उफान पर, रपटे से लोग जान जोखिम में डालकर पार कर रहे

Bhind, Madhya Pradesh:हेडर-सोनभद्रिका के उफान में जिंदगी दांव पर,दो फीट पानी के तेज बहाव के बीच रपटा पार कर रहे लोग, हादसा हुआ तो कौन होगा जिम्मेदार, उफनती नदी के बीच रपटा करने को मजबूर सैकड़ों लोग। एंकर-भिण्ड के लहार इलाके में लगातार बारिश के बाद सोनभद्रिका नदी उफान पर है, और नदी पर बना रपटा अब जानजोखिम में डाल कर पार कर रहे लोगों के लिए जानलेवा बन सकता है रास्ता, रपटे के ऊपर करीब दो फीट तक पानी का तेज बहाव है, लेकिन इसके बावजूद लोग अपनी जान की परवाह किए बिना नदी पार कर रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि यहां न कोई सुरक्षा इंतजाम नजर आ रहे हैं और न ही लोगों को रोकने की कोई व्यवस्था। ऐसे में सवाल है कि आखिर प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार क्यों कर रहा है? तस्वीरें लहार तहसील के दबोह और रावतपुरा थाना इलाके के देवरी और नरौल गांवों के बीच सोनभद्रिका नदी पर बने रपटे की हैं। तेज बारिश के बाद नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया और देखते ही देखते रपटा पूरी तरह जलमग्न हो गया। रपटे के ऊपर करीब दो फीट तक पानी तेज रफ्तार से बह रहा है। नदी का बहाव इतना तेज है कि जरा सी चूक किसी की जिंदगी पर भारी पड़ सकती है। इसके बावजूद ग्रामीण और वाहन चालक बेखौफ होकर पानी के बीच से अपने वाहन निकाल रहे हैं। कोई बाइक लेकर गुजर रहा है तो कोई पैदल ही उफनती नदी पार करने की कोशिश कर रहा है। यह रपटा मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती दर्जनों गांवों को आपस में जोड़ता है। रोजाना बड़ी संख्या में ग्रामीण इसी रास्ते से आवागमन करते हैं। यही वजह है कि रास्ता जलमग्न होने के बावजूद लोगों की आवाजाही थम नहीं रही है। सबसे बड़ा खतरा उन दोपहिया और चार पहिया वाहन चालकों के लिए है, जो तेज बहाव के बीच रपटा पार कर रहे हैं। पानी की धार बढ़ी तो वाहन का संतुलन बिगड़ने में ज्यादा वक्त नहीं लगेगा और जरा सी लापरवाही किसी को नदी की तेज धार में बहा सकती है। ग्रामीणों की मजबूरी भी साफ दिखाई दे रही है। वैकल्पिक रास्ता उपलब्ध नहीं होने के कारण रोजमर्रा के काम, बाजार, नौकरी और जरूरी कामों के लिए उन्हें इसी खतरनाक रास्ते का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। लेकिन सवाल यह है कि क्या लोगों की जान से बढ़कर कोई मजबूरी हो सकती है? फिलहाल सोनभद्रिका नदी उफान पर है और रपटे के ऊपर से लगातार तेज बहाव के साथ पानी गुजर रहा है। अगर बारिश का दौर जारी रहा और जलस्तर और बढ़ा, तो यह रास्ता कभी भी बड़े हादसे की वजह बन सकता है। ऐसे में जरूरत है कि प्रशासन तत्काल मौके पर सुरक्षा व्यवस्था करे, लोगों को रपटा पार करने से रोके और वैकल्पिक रास्ते की व्यवस्था सुनिश्चित करे,क्योंकि हादसा होने के बाद बचाव से बेहतर है, उससे पहले सावधानी।
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सासाराम के सदर अस्पताल में मोबाइल टॉर्च से इलाज, जांच कमेटी गठित

Sasaram, Bihar:बड़ी खबर सासाराम से है। जहां सासाराम के सदर अस्पताल के परिसर में अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में मोबाइल की टोर्च की रोशनी में मरीज का इलाज करने की खबर सामने आने के बाद जिला प्रशासन में संज्ञान लिया है। तथा डीएम दीपक कुमार मिश्रा ने इसको लेकर एक जांच कमेटी बना दी है। इस जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। बता दे की सासाराम के सदर अस्पताल परिसर में मॉडल हॉस्पिटल का विशाल बिल्डिंग बनाया गया है। उसके लिए अलग से जनरेटर की व्यवस्था की गई है। लेकिन कमोबेश ऑपरेटर की नियुक्ति नहीं होने के कारण पावरकट के बाद जनरेटर चलने में थोड़ी देर हो जाती है। जबकि आपातकालीन कक्ष में इनवर्टर की व्यवस्था की गई है। कल जिस तरह से पावरकट हुआ तथा उस दौरान जिन मरीजों का इलाज चल रहा था, उन्हें मोबाइल के टोर्च की रोशनी में इलाज करना पड़ा। इस संबंध में बताया गया कि इनवर्टर की लाइन से बैकअप दिया गया है। लेकिन अचानक एमसीबी में कुछ तकनीकी खराबी आ गई। जिस कारण पावरकट हुआ। लेकिन कुछ ही क्षण के लिए बिजली गुल हुई थी। लेकिन फिर बिजली बहाल कर दी गई।
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भरूच अमोद तहसील कांग्रेस अध्यक्ष नरेंद्र पटेल उर्फ काजी समेत दो की गिरफ्तारी

Bharuch, Gujarat:Барૂч अमोद तहसील कांग्रेस अध्यक्ष नरेंद्र पटेल उर्फ काजी सहित तहसील पंचायत सदस्य चिंतन पटेल की गिरफ्तारी; तहसीला विकास अधिकारी की शिकायत के आधार पर आमोद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया; सरकारी कार्य में अवरोध और धमकी समेत के आरोपों पर earlier शिकायत दर्ज थी; गिरफ्तारी के खबर फैलते हैं आमोद के राजनीतिक वातावरण में चर्चा; भरूच जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजेंद्रसिंह राणा और MAJI विधायक संजय सोलंकी समेत नेताओं पुलिस स्टेशन पहुंचे; कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी से आमोद पुलिस थाना में राजनीतिक माहौल गरमाया
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Apeejay MUN में छात्रों के बीच लात-घूंसे, वीडियो वायरल—सुरक्षा पर उठे सवाल

Jalandhar, Punjab:Apeejay स्कूल के मॉडल यूनाइटेड नेशंस (MUN) में भीड़े छात्र, जमकर चले लात-घूंसे -वीडियो वायरल महानगर के Apeejay में सभी स्कूली बच्चों के लिये मॉडल यूनाइटेड नेशंस (MUN) आयोजित करवाई गई थी। इस कार्यक्रम में वेटर व छात्राओं के बीच जमकर लात-घूसे चलें हैं। जिसकी वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। जानकारी के अनुसार, एपीजे कॉलेज परिसर में विभिन्न स्कूलों के बच्चों के लिए खानपान का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या अलग-अलग नामी स्कूलों के छात्र मौजूद थे। इसी बीच किसी बात को लेकर कुछ बच्चों के बीच भी विवाद हो गया। इस वीडियो के वायरल होने के बाद छात्रों के सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। क्योंकि इस MUN में शहर के नामी स्कूलों के बच्चों ने भाग लिया था। यदि स्कूल परिसर में यदि बच्चे सेफ नहीं, तो ऐसे कार्यक्रम आयोजित करना कितना सही है। इसका अनुमान वायरल हो रही वीडियो से लगाया जा सकता है। एक-दूसरे के साथ धक्का-मुक्की और हाथापाई करते दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इन विवादों के पीछे की वजह क्या है। लेकिन बच्चों की ये वायरल वीडियो शहर में चर्चा का विषय बनी हुई है।
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पौंग विस्थापितों को 55 साल बाद भी अधिकार नहीं, न्याय की मांग तेज

Nurpur, Himachal Pradesh:देश को बिजली मिली... राजस्थान को पानी मिला... लेकिन पौंग बांध विस्थापित आज भी न्याय के इंतजार में 55 साल बाद भी अपने हक़ की जमीन से वंचित हजारों परिवार, आरक्षित भूमि पर भू-माफिया के कब्जे का आरोप राजा का तालाब में प्रदेश पौंग बांध विस्थापित समिति की बैठक, सरकारों और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ फूटा आक्रोश राजा का तालाब में आयोजित प्रदेश पौंग बांध विस्थापित समिति की बैठक में विस्थापितों ने आरोप लगाया कि श्रीगंगानगर में उनके लिए आरक्षित करीब 2 लाख 25 हजार एकड़ भूमि में से 1188 मुरब्बों पर कथित भू-माफिया का कब्जा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब यह भूमि पौंग बांध विस्थापितों के लिए आरक्षित है तो आखिर उस पर दूसरे लोगों का कब्जा कैसे हो गया। बैठक में कहा गया कि 55 वर्षों से हर सरकार ने केवल आश्वासन दिए, लेकिन आज तक विस्थापितों को उनका अधिकार नहीं मिला। हम किसी की जमीन नहीं मांग रहे हम अपना हक़ मांग रहे हैं। सरकार बताए कि हमारे लिए आरक्षित जमीन कहां है और उस पर कब्जा करने वालों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही। अब हम चुप बैठने वाले नहीं हैं। बैठक में राजस्थान सरकार, केंद्र सरकार और जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए। वक्ताओं ने कहा कि देशहित में अपनी उपजाऊ जमीन, घर और गांव छोड़ने वाले परिवार आज भी दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं। चुनावों के समय बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होते ही विस्थापितों को भुला दिया जाता है। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई अब किसी राजनीतिक दल की नहीं, बल्कि हजारों परिवारों के सम्मान और अधिकार की लड़ाई बन चुकी है। हमारी लड़ाई किसी सरकार या नेता से नहीं, अन्याय से है। हमने देश के लिए अपना सब कुछ खोया, लेकिन बदले में हमें सिर्फ इंतजार मिला। अब हम अपने अधिकार के लिए आखिरी सांस तक लड़ेंगे। सरकार हमारी आरक्षित जमीन हमें दिलाए, यही हमारी मांग है। पौंग बांध से बिजली बनी. राजस्थान के खेतों तक पानी पहुंचा. विकास की नई तस्वीर बनी. लेकिन जिन लोगों ने इसके लिए अपनी जमीन, अपना घर और अपना भविष्य कुर्बान किया, वे आज भी न्याय के इंतजार में हैं। राजा का तालाब में हुई इस बैठक ने एक बार फिर सरकारों से सवाल पूछा है— आखिर पौंग बांध विस्थापितों का कसूर क्या था? क्या उन्हें अपने हिस्से की आरक्षित जमीन और न्याय मिलेगा... या उनकी अगली पीढ़ियां भी इसी उम्मीद में संघर्ष करती रहेंगी?
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