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हरिद्वार से 425 किमी 43 घंटे में भूरासर पहुंचे 61 शिवभक्त कांवड़ यात्रा

Jhunjhunu, Rajasthan:झुंझुनूं सावन के दूसरे सोमवार पर भूरासर में गूंजा बम-बम भोले हरिद्वार से 425 किमी नॉन-स्टॉप चले 61 कांवड़िए 43 घंटे में पैदल सफर तय कर भूरासर पहुंचे शिवभक्त पहली बार हर की पौड़ी से कांवड़ में गंगाजल लेकर पहुंचे 61 श्रद्धालु सुबह 7 बजे गांव पहुंचते ही नाचते-गाते कांवड़ियों का भव्य स्वागत माला, भगवा दुपट्टा और तिलक लगाकर कांवड़ियों का किया अभिनंदन कांवड़ियों ने बुजुर्गों के चरण स्पर्श कर लिया आशीर्वाद सरपंच रोशन मांजू के नेतृत्व में हुआ कांवड़ियों का स्वागत सावन के दूसरे सोमवार को झुंझुनूं जिले के शिवालयों में शिवभक्तों की भीड़ उमड़ी। इसी बीच जिला मुख्यालय से सटे भूरासर गांव में 61 शिवभक्तों ने अनूठी कांवड़ यात्रा निकालकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। भूरासर और बास भूरासर गांव के नवयुवक मंडल से जुड़े 61 शिवभक्त पहली बार हरिद्वार की हर की पौड़ी से कांवड़ में गंगाजल लेकर भूरासर पहुंचे। इस कांवड़ यात्रा की खास बात यह रही कि शिवभक्तों ने करीब 425 किलोमीटर का सफर बिना रुके और बिना थके 43 घंटे में नॉन-स्टॉप पैदल तय किया। शनिवार Twoपहर करीब 12 बजे हरिद्वार की हर की पौड़ी से गंगाजल भरकर कांवड़िए भूरासर के लिए रवाना हुए और सोमवार सुबह करीब 7 बजे गांव पहुंचे। सुबह गांव में कांवड़ियों के पहुंचते ही माहौल भक्तिमय हो गया। कांवड़िए नाचते-गाते और बम-बम भोले के जयकारे लगाते हुए गांव में दाखिल हुए। ग्रामीणों के साथ बड़ी संख्या में महिलाएं भी कांवड़ियों के स्वागत के लिए मंदिर पहुंचीं। गांव के लोगों ने पुष्पमाला पहनाकर और जयकारों के साथ कांवड़ियों का स्वागत किया। पहली बार निकली इस कांवड़ यात्रा के सफल आयोजन से भूरासर में पूरे दिन उत्सव और भक्ति का माहौल बना रहा। गांव पहुंचने पर सरपंच रोशन मांजू के नेतृत्व में कांवड़ियों का माला पहनाकर, भगवा दुपट्टा ओढ़ाकर और तिलक लगाकर स्वागत किया गया। इसके बाद कांवड़ियों ने अपने से बड़े-बुजुर्गों के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया। झुंझुनूं शहर से भूरासर तक भी ग्रामीण और कांवड़िए डीजे की धुन पर नाचते-गाते हुए गांव पहुंचे। इस दौरान पूरा गांव ‘बम-बम भोले’ और भगवान शिव के जयकारों से गूंज उठा। कांवड़िए भूरासर गांव के गैस प्लांट वाले बालाजी मंदिर के समीप स्थित शिवालय पहुंचे, जहां विधिविधान से भगवान शिव का गंगाजल से जलाभिषेक किया गया। पहली बार आयोजित इस कांवड़ यात्रा को लेकर ग्रामीणों में भी खासा उत्साह देखने को मिला। सामाजिक कार्यकर्ता राकेश मांजू ने बताया कि 61 शिवभक्तों के उत्साह को देखकर हर कोई अभिभूत था। करीब 425 किलोमीटर का सफर 43 घंटे में पूरा करने के बावजूद कांवड़ियों के उत्साह में कोई कमी नहीं थी। गांव पहुंचने के बाद भी कांवड़िए पूरे जोश के साथ धार्मिक कार्यक्रम में शामिल हुए।कांवड़ यात्रा और स्वागत की व्यवस्थाओं में सहयोग के लिए होशियार सिंह मांजू, अनुराग सैन, अजय फगेड़िया, इंद्राज मांजू, शीशराम मांजू, सुरेश मेघवाल, राकेश मांजू, विद्याधर गोदारा, शिवप्रसाद कस्वां, नीरज डांगी, मुकेश मांजू, वीरेंद्र मांजू, अनिल गुर्जर और रामनिवास मांजू सहित ग्रामीणों ने सरपंच रोशन मांजू का आभार जताया। नवयुवक मंडल बास भूरासर के कार्यकर्ताओं ने भी आयोजन को सफल बनाने में सहयोग के लिए सरपंच का धन्यवाद किया। सरपंच रोशन मांजू ने कहा कि गांव में धार्मिक, सामाजिक, शैक्षणिक, सह-शैक्षणिक और खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए वे हमेशा ग्रामीणों के साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से गांव में सामाजिक और धार्मिक एकजुटता को मजबूती मिलती है। बाइट 01 : राकेश मांजू, सामाजिक कार्यकर्ता (गले में माला नहीं) बाइट 02 : कांवड़ लेकर आए शिवभक्त (गले में माला) बाइट 03 : कांवड़ लेकर आए शिवभक्त (गले में माला)
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निराश्रित गोवंश के लिए बड़ी गौशालाएं बनेंगी, किसानों को मिलेगी राहत :धर्मपाल सिंह

Bareilly, Uttar Pradesh:बरेली पहुंचे पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने विकास भवन में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ बरेली मंडल की समीक्षा बैठक की। बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने निराश्रित गोवंश के संरक्षण, गौशालाओं की व्यवस्थाओं और राजनीतिक मुद्दों को लेकर बयान दिया।मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि योगी सरकार की प्राथमिकता निराश्रित गोवंश का संरक्षण है। इसके लिए बड़ी गौशालाएं बनाई जा रही हैं, ताकि गोवंश खुले में न रहे और किसानों के खेतों में पहुंचकर फसलों को नुकसान न पहुंचाए। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में और बड़ी गौशालाएं बनाकर निराश्रित गोवंश को उनमें संरक्षित किया जा रहा है।उन्होंने बताया कि प्रदेश में करीब साढ़े सात हजार गौशालाओं में 13 लाख गोवंश को संरक्षण दिया जा रहा है। इनके रखरखाव पर प्रतिदिन करीब आठ करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। बरेली मंडल में बरसात के मौसम को देखते हुए गौशालाओं में गोवंश के लिए पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। गौशालाओं में हरे चारे की पर्याप्त उपलब्धता, साफ-सफाई और समय से गोवंश का टीकाकरण कराने पर भी विशेष जोर दिया गया है।झारखंड में चल रहे छात्र आंदोलन को लेकर मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि वहां की सरकार किस तरह काम करती है, यह देखने वाली बात होगी। उन्होंने दिल्ली में हुए छात्र आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि आंदोलन में कुछ अराजक तत्व घुस आए थे, हालांकि छात्रों की बात सही ढंग से सुनी गई। उन्होंने कहा कि छात्र देश का भविष्य हैं और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना जाना चाहिए।समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव पर पलटवार करते हुए धर्मपाल सिंह ने कहा कि समाजवादी पार्टी पीडीए के नाम पर बिरादरीवाद की राजनीति करती है। उन्होंने कहा कि जिन-जिन दलों ने बिरादरी के नाम पर राजनीति की, वे धीरे-धीरे समाप्त हो गए। भाजपा लगातार जनता का विश्वास हासिल कर चुनावों में जीत दर्ज कर रही है।
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SDM khanna ने NHIA को नोटिस जारी कर आम आदमी पार्टी के सरपंच अमरजीत सिंह की मौत की जांच मांगी

Khanna, Punjab:ਸੜਕ ਦੇ ਟੋਏ ਨੇ ਲਈ ਆਮ ਆਦਮੀ ਪਾਰਟੀ ਦੇ ਸਰਪੰਚ ਅਮਰਜੀਤ ਸਿੰਘ ਦੀ ਜਾਨ, ਐਸ.ਡੀ.ਐਮ ਖੰਨਾ ਵੱਲੋਂ ਐਨ.ਐਚ.ਏ.ਆਈ ਨੂੰ ਕਾਰਨ ਦੱਸੋ ਨੋਟਿਸ ਕੀਤਾ ਜਾਰੀ. ਸਰਪੰਚ ਅਮਰਜੀਤ ਸਿੰਘ ਦੀ ਮੌਤ ਮਾਮਲੇ ’ਚ ਐਨ.ਐਚ.ਏ.ਆਈ ਘੇਰੇ ’ਚ, ਐਸ.ਡੀ.ਐਮ ਸਵਾਤੀ ਟਿਵਾਣਾ ਨੇ ਮੰਗਿਆ ਰਿਕਾਰਡ ਤੇ 24 ਘੰਟਿਆਂ ’ਚ ਜਵਾਬ. ਉਪ ਮੰਡਲ ਮਜਿਸਟਰੇਟ (ਐਸ.ਡੀ.ਐਮ.) ਖੰਨਾ ਸਵਾਤੀ ਟਿਵਾਣਾ ਨੇ ਪਿੰਡ ਰਤਨਹੇੜੀ ਦੇ ਵਸਨੀਕ ਅਤੇ ਆਮ ਆਦਮੀ ਪਾਰਟੀ ਦੇ ਸਰਪੰਚ ਅਮਰਜੀਤ ਸਿੰਘ ਦੀ 6 ਅਗਸਤ, 2026 ਨੂੰ ਹੋਈ ਘਾਤਕ ਸੜਕ ਹਾਦਸੇ ਵਿੱਚ ਮੌਤ ਦੇ ਮਾਮਲੇ ਸਬੰਧੀ ਪ੍ਰੋਜੈਕਟ ਡਾਇਰੈਕਟਰ, ਨੈਸ਼ਨਲ ਹਾਈਵੇ ਅਥਾਰਟੀ ਆਫ਼ ਇੰਡੀਆ (ਐਨ.ਐਚ.ਏ.ਆਈ), ਪ੍ਰੋਜੈਕਟ ਇੰਪਲੀਮੈਂਟੇਸ਼ਨ ਯੂਨਿਟ, ਲੁਧਿਆਣਾ ਨੂੰ ਕਾਰਨ ਦੱਸੋ ਨੋਟਿਸ ਜਾਰੀ ਕੀਤਾ ਹੈ। ਨੋਟਿਸ ਵਿੱਚ ਕਿਹਾ ਗਿਆ ਹੈ ਕਿ ਮੁੱਢਲੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਅਨੁਸਾਰ ਹਾਦਸਾ ਰਾਸ਼ਟਰੀ ਰਾਜਮਾਰਗ ਦੇ ਕੈਰੇਜਵੇਅ 'ਤੇ ਮੌਜੂਦ ਇੱਕ ਵੱਡੇ ਅਤੇ ਮੁਰੰਮਤ ਨਾ ਕੀਤੇ ਗਏ ਟੋਏ ਕਾਰਨ ਵਾਪਰਿਆ। ਟੋਏ ਕਾਰਨ ਅਮਰਜੀਤ ਸਿੰਘ ਆਪਣੇ ਵਾਹਨ ਤੋਂ ਕੰਟਰੋਲ ਗੁਆ ਬੈਠੇ ਅਤੇ ਸੜਕ 'ਤੇ ਡਿੱਗ ਪਏ, ਜਿਸ ਦੌਰਾਨ ਪਿੱਛੋਂ ਆ ਰਹੇ ਟਰੱਕ ਦੀ ਲਪੇਟ ਵਿੱਚ ਆਉਣ ਕਾਰਨ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਮੌਕੇ 'ਤੇ ਹੀ ਮੌਤ ਹੋ ਗਈ। ਮਾਮਲੇ ਦੀ ਪੁਲਿਸ ਜਾਂਚ ਦੇ ਹੁਕਮ ਪਹਿਲਾਂ ਹੀ ਜਾਰੀ ਕੀਤੇ ਜਾ ਚੁੱਕੇ ਹਨ। ਐਸ.ਡੀ.ਐਮ. ਨੇ ਨੋਟਿਸ ਵਿੱਚ ਰਾਸ਼ਟਰੀ ਰਾਜਮਾਰਗ ਦੇ ਸਬੰਧਤ ਹਿੱਸੇ ਦੀ ਸੁਰੱਖਿਅਤ ਅਤੇ ਮੋਟਰਯੋਗ ਸਥਿਤੀ ਬਣਾਈ ਰੱਖਣ ਲਈ ਜ਼ਿੰਮੇਵਾਰ ਏਜੰਸੀਆਂ ਦੀ ਜਵਾਬਦੇਹੀ 'ਤੇ ਗੰਭੀਰ ਸਵਾਲ ਉਠਾਏ ਹਨ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸੜਕ 'ਤੇ ਖਤਰਨਾਕ ਟੋਏ ਦੀ ਮੌਜੂਦਗੀ, ਉਸ ਦੀ ਸਮੇਂ ਸਿਰ ਮੁਰੰਮਤ ਨਾ ਕਰਨਾ ਅਤੇ ਲੋੜੀਂਦੀ ਬੈਰੀਕੇਡਿੰਗ, ਸਾਈਨੇਜ ਜਾਂ ਚੇਤਾਵਨੀ ਨਾ ਲਗਾਉਣਾ ਸੜਕ ਸੁਰੱਖਿਆ ਦੇ ਮਾਪਦੰਡਾਂ ਦੀ ਗੰਭੀਰ ਉਲੰਘਣਾ ਮੰਨੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ। ਐਨ.ਐਚ.ਏ.ਆਈ ਨੂੰ ਨੋਟਿਸ ਦੀ ਪ੍ਰਾਪਤੀ ਤੋਂ 24 ਘੰਟਿਆਂ ਦੇ ਅੰਦਰ ਆਪਣਾ ਜਵਾਬ ਪੇਸ਼ ਕਰਨ ਲਈ ਕਿਹਾ ਗਿਆ ਹੈ। ਇਸ ਵਿੱਚ ਇਹ ਸਪੱਸ਼ਟ ਕਰਨ ਲਈ ਕਿਹਾ ਗਿਆ ਹੈ ਕਿ ਲਾਪਰਵਾਹੀ ਕਾਰਨ ਹੋਈ ਮੌਤ ਲਈ ਜ਼ਿੰਮੇਵਾਰ ਅਧਿਕਾਰੀਆਂ, ਰਿਆਇਤੀ ਜਾਂ ਰੱਖ-ਰਖਾਅ ਠੇਕੇਦਾਰਾਂ ਵਿਰੁੱਧ ਕਾਨੂੰਨ ਅਨੁਸਾਰ ਕਾਰਵਾਈ ਕਿਉਂ ਨਾ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇ ਅਤੇ ਮਾਮਲਾ ਜਾਂਚ ਏਜੰਸੀ ਨੂੰ ਕਿਉਂ ਨਾ ਭੇਜਿਆ ਜਾਵੇ। ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ, ਸਬੰਧਤ ਸਟ੍ਰੈਚ ਦੀ ਦੇਖ-ਰੇਖ ਅਤੇ ਨਿਰੀਖਣ ਲਈ ਜ਼ਿੰਮੇਵਾਰ ਅਧਿਕਾਰੀਆਂ, ਇੰਜੀਨੀਅਰਾਂ ਅਤੇ ਠੇਕੇਦਾਰ ਕਰਮਚਾਰੀਆਂ ਦੇ ਵੇਰਵੇ ਪੁਲਿਸ ਨੂੰ ਉਪਲਬਧ ਕਰਵਾਉਣ ਲਈ ਵੀ ਕਿਹਾ ਗਿਆ ਹੈ। ਮਾਮਲੇ ਦੀ ਰਿਪੋਰਟ ਐਨ.ਐਚ.ਏ.ਆਈ ਦੇ ਖੇਤਰੀ ਅਧਿਕਾਰੀ ਅਤੇ ਸੜਕ ਆਵਾਜਾਈ ਤੇ ਰਾਜਮਾਰਗ ਮੰਤਰਾਲੇ ਨੂੰ ਭੇਜਣ ਅਤੇ ਲੋੜ ਅਨੁਸਾਰ ਵਿਭਾਗੀ ਤੇ ਇਕਰਾਰਨਾਮੇ ਅਧੀਨ ਕਾਰਵਾਈ ਕਰਨ ਦੇ ਨਿਰਦੇਸ਼ ਵੀ ਦਿੱਤੇ ਗਏ ਹਨ। ਐਸ.ਡੀ.ਐਮ ਨੇ ਸਬੰਧਤ ਟੋਏ ਦੀ ਤੁਰੰਤ ਮੁਰੰਮਤ ਕਰਨ ਅਤੇ ਸਬ-ਡਵੀਜ਼ਨ ਖੰਨਾ ਵਿੱਚ ਪੈਂਦੇ ਪੂਰੇ ਰਾਸ਼ਟਰੀ ਰਾਜਮਾਰਗ ਹਿੱਸੇ ਦਾ ਸੁਰੱਖਿਆ ਆਡਿਟ ਕਰਨ ਦੇ ਨਿਰਦੇਸ਼ ਦਿੱਤੇ ਹਨ। ਨਾਲ ਹੀ ਪਿਛਲੇ ਤਿੰਨ ਮਹੀਨਿਆਂ ਦੇ ਸੜਕ ਨਿਰਾਖਣ ਲੌਗ, ਟੋਏ ਦੀ ਮੁਰੰਮਤ ਦੇ ਰਿਕਾਰਡ ਅਤੇ ਰੱਖ-ਰਖਾਅ/ਰਿਆਇਤ ਸਮਝੌਤੇ ਦੀਆਂ ਕਾਪੀਆਂ ਪੇਸ਼ ਕਰਨ ਲਈ ਕਿਹਾ ਗਿਆ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਸਪੱਟ ਕੀਤਾ ਕਿ ਸੜਕ ਉਪਭੋਗਤਾਵਾਂ ਦੀ ਸੁਰੱਖਿਆ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨ ਦੀ ਸਭ ਤੋਂ ਵੱਧ ਤਰਜੀਹ ਹੈ ਅਤੇ ਮਨੁੱਖੀ ਜਾਨ ਦੇ ਨੁਕਸਾਨ ਨਾਲ ਸਬੰਧਤ ਕਿਸੇ ਵੀ ਲਾਪਰਵਾਹੀ ਨੂੰ ਗੰਭੀਰਤਾ ਨਾਲ ਲਿਆ ਜਾਵੇਗਾ। ਇਹ ਨੋਟਿਸ ਮ੍ਰਿਤਕ ਦੇ ਕਾਨੂੰਨੀ ਵਾਰਸਾਂ ਦੇ ਹੱਕਾਂ ਅਤੇ ਚੱਲ ਰਹੀ ਪੁਲਿਸ ਜਾਂਚ ਨੂੰ ਪ੍ਰਭਾਵਿਤ ਕੀਤੇ ਬਿਨਾਂ ਜਾਰੀ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਹੈ। ਬਾਈਟ - ਸਵਾਤੀ ਟਿਵਾਣਾ SDM
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सीहोर में उफनते नाले में गर्भवती महिला का SDRF ने सफल रेस्क्यू किया

सीहोर उफनते नाले के पार फंसी गर्भवती महिला, प्रसव पीड़ा से तड़पती रही SDRF ने किया रेस्क्यू सीहोर जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच हालात चिंताजनक बने हुए हैं। लसूड़िया परिहार के पास जमनी पालड़ी रोड पर उफनते नाले के कारण एक गर्भवती महिला फंस गई। महिला को प्रसव के लिए एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन नदी-नाले के तेज बहाव के चलते एंबुलेंस आगे नहीं बढ़ सकी। ग्रामीणों की सूचना पर SDRF की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। टीम ने उफनते पानी के बीच महिला को सुरक्षित बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया。 कुलास नदी के उफान पर आने से सीहोर-बिलकिसगंज मार्ग बंद हो गया है। दूसरी ओर नगर के बीचों-बीच बहने वाली सीवन नदी भी उफान पर है, जिसके चलते दो दर्जन से अधिक गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क प्रभावित हो गया है。
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झाड़ग्राम महकमे कार्यालय के पास किसान-श्रमिक विरोध में भारी तनाव, 19 गिरफ्तार

Jhargram, West Bengal:ঝাড়গ্রাম: একাধিক দাবিতে কৃষক ও ক্ষেতমজুরদের ঝাড়গ্রাম মহকুমা ShAO দফতর অভিযানকে কেন্দ্র করে চরম উত্তেজনা ও রণক্ষেত্রের রূপ নিল এলাকা। গোলমাল ও সরকারি কাজে বাধা দেওয়ার অভিযোগে পুলিশ ঘটনাস্থল থেকেই ১৯ জন বিক্ষোভকারীকে গ্রেপ্তার করেছে। Purutghoshit কর্মসূচি অনুযায়ী, সোমবার সকাল থেকেই কৃষক ও ক্ষেতমজুর সংগঠনের কর্মী-সমর্থকরা ঝাড়গ্রাম শহরে জমায়েত হতে শুরু করেন। পরিস্থিতি নিয়ন্ত্রণে রাখতে ও অপ্রীতিকর ঘটনা এড়াতে মহকুমা শাসকের দফতরের বাইরে আগে থেকেই কড়া নিরাপত্তা ব্যবস্থা গ্রহণ করেছিল ঝাড়গ্রাম জেলা পুলিশ। আদালতের মূল ফটক ও দফতর সংলগ্ন রাস্তায় একাধিক লেয়ারের শক্তপোক্ত ব্যারিকেড গড়ে তোলা হয়। বিশাল পুলিশ বাহিনীর পাশাপাশি মোতায়েন ছিল র‌্যাফ ও কুইক রেসপন্স টিম। মিছিলটি এসডিও অফিসের সামনে পৌঁছতেই উত্তেজনা চরমে ওঠে। আন্দোলনকারীরা ব্যারিকেড ভেঙে এগোতে গেলে পুলিশ বাধা দেয়, যার ফলে দু'পক্ষের মধ্যে তীব্র ধাক্কাধাক্কি শুরু হয়। পুলিশের তৈরি ব্যারিকেড ভেঙে ফেলার চেষ্টা করেন ক্ষুব্ধ বিক্ষোভকারীরা। বেশ কিছু ব্যারিকেড উপরে ফেলা হলে পরিস্থিতি দ্রুত নিয়ন্ত্রণের বাইরে চলে যায় এবং এলাকা জুড়ে ব্যাপক অশান্তি ছড়ায়।
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Me­dini­pur me kanoon ullanghan andolan: police se dhakkamukki, bhari bheed giraftar

Mollar Chak, West Bengal:মেদিনীপুরে বামেদের আইন অমান্য আন্দোলন, পুলিশের সঙ্গে ধস্তাধস্তি। কাজের অধিকার, গণতন্ত্র, সমতা ও ন্যায়বিচারের দাবিতে মেদিনীপুর শহরে আইন অমান্য আন্দোলনে নামল বামপন্থী ছাত্র, যুব, মহিলা, শ্রমিক ও কৃষক সংগঠনগুলি। সোমবার এই কর্মসূচিকে ঘিরে কার্যত সরগরম হয়ে ওঠে মেদিনি­পুর শহর। এদিন মেদিনি­পুর শহরের বিদ্যাসাগর হল প্রাঙ্গণ থেকে বামপন্থীদের একটি বিশাল মিছিল বের হয়। মিছিলে ছাত্র, যুব, মহিলা, শ্রমিক ও কৃষক সংগঠনের বহু কর্মী-সমর্থক অংশ নেন। বিভিন্ন দাবির সমর্থনে স্লোগান দিতে দিতে মিছিলটি শহরের রিং রোড পরিক্রমা করে কলেক্টরেটের দিকে এগিয়ে যায়。 মিছিল কলেক্টরেটের গেটের মূল প্রবেশ পথ বন্ধ করে দিয়ে পথ আটকায় পুলিশ। এরপর পুলিশ ও আন্দোলনকারীদের মধ্যে বেশ কয়েক ঘণ্টা ধরে ঠেলাঠেলি হয়। পরিস্থিতি নিয়ন্ত্রণে রাখতে ঘটনার সময় উপস্থিত ছিল অতিরিক্ত পুলিশ। আইন অমান্য করে এগিয়ে যাওয়ার অভিযোগে একের পর এক আন্দোলনকারীকে আটক করা হয়। আন্দোলনকারীদের দাবি, এদিন প্রায় ১০ হাজার মানুষকে গ্রেফতার করা হয়। পরে তাঁদের জামিনে ছেড়ে দেওয়া হয়। এরপর আন্দোলনকারীদের একটি প্রতিনিধি দল জেলাশাসকের দপ্তরে যায়। সেখানে তাঁদের বিভিন্ন দাবির কথা উল্লেখ করে লিখিত ডেপুটেশন জমা দেওয়া হয়। কাজের অধিকার নিশ্চিত করা, গণতান্ত্রিক অধিকার রক্ষা, সামাজিক ও অর্থনৈতিক ক্ষেত্রে সমতা প্রতিষ্ঠা, ন্যায়বিচার নিশ্চিত করা—সহ একাধিক দাবি ডেপুটেশনে তুলে ধরা হয়। বাম নেতৃত্বের বক্তব্য, সাধারণ মানুষের জীবন-জীবিকার সঙ্গে যুক্ত সমস্যা ও গণতান্ত্রিক অধিকার রক্ষার দাবিতে এই আন্দোলন সংগঠিত হয়েছে। দাবি পূরণ না হলে আগামী দিনেও বৃহত্তর আন্দোলনের হুঁশিয়ারি দিয়েছেন তাঁরা। আইন অমান্য কর্মসূচিকে কেন্দ্র করে এদিন মেদিনীপুর শহরে ব্যাপক পুলিশি নিরাপত্তা ব্যবস্থা করা হয়। শহরের বিভিন্ন এলাকায় যান চলাচলেও সাময়িক প্রভাব পড়ে।
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छाताबाद भूधसान: 20 घर जमींदोज, राहत-बचाव में बीसीसीएल की भूमिका पर सवाल

Dhanbad, Jharkhand:धनबाद जिले के कतरास थाना क्षेत्र अंतर्गत छाताबाद में भूधसान की घटना चार दिन बीत जाने के बाद भी राहत बचाव रेस्क्यू शुरू नहीं हुआ है। 6 अगस्त को 20 घर जमींदोज हो गया था; एक दर्जन लोग घायल हुए थे. घटना के दिन का एक दर्दनाक वीडियो सामने आया है, जिसमें एक महिला मलबे में दबी दिख रही है और भारी मशक्कत के बाद स्थानीय युवकों ने उसे बाहर निकाला। अस्पताल में भर्ती महिला की जान बच गई। स्थानीय लोगों ने STG आउटसोर्सिंग कंपनी पर हैवी ब्लास्टिंग का आरोप लगाया है, जिसे बीसीसीएल और STG पर घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है। पुनर्वास और मुआवजे की मांग को लेकर स्थानीय लोग STG कंपनी के काम को बाधित कर अनिश्चितकालीन धरना पर बैठ गए हैं। स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने क्षेत्र का दौरा किया और कहा कि बीसीसीएल को मुआवजे और पुनर्वास सुनिश्चित करना चाहिए। हालांकि मांग पूरी नहीं होने तक धरना जारी रहेगा। क्षेत्र के लोगों को बेघर होने की स्थिति के साथ राहत-राहत कार्य की कमी की शिकायत है। मुख्यमंत्री को स्थिति से अवगत कराए जाएंगे।
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डांगावास हत्या मामले में सभी 40 आरोपी बरी, भीम आर्मी हाईकोर्ट में अपील मांग

Didwana, Rajasthan:डीडवाना से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। डांगावास प्रकरण में विशेष न्यायालय के फैसले के बाद भीम आर्मी भारत एकता मिशन की ओर से जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में डांगावास प्रकरण के फैसले के खिलाफ राजस्थान सरकार से हाईकोर्ट में अपील करने, पीड़ित परिवारों की सुरक्षा बढ़ाने और मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की गई है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि वर्ष 2015 में डांगावास गांव में जातिगत विवाद के दौरान छह लोगों की हत्या हुई थी। मामले में विशेष न्यायालय ने 5 अगस्त 2026 को सभी 40 आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। संगठन ने इस फैसले से पीड़ित परिवारों और दलित समाज में असुरक्षा एवं अविश्वास की स्थिति पैदा होने की बात कही है। भीम आर्मी पदाधिकारियों ने राज्यपाल, मुख्यमंत्री और राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के नाम भी ज्ञापन की प्रतियां भेजते हुए न्याय के लिए आगे कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई है。
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गढ़वा उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय: 16 छात्र, 3 शिक्षक, शिक्षा पर सवाल

Narayanpur, Jharkhand:झारखण्ड के गढ़वा जिले मे एक अजूबा सरकारी विद्यालय, जहां कुल नामांकित छात्रों की संख्या है 16, जबकि शिक्षक है 3, एक ही क्लास मे होती है वर्ग एक से लेकर 5 तक की पढ़ाई, शिक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल। गढ़वा सदर प्रखंड का यह है अजूबा सरकारी विद्यालय नाम है उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय बाएं। इस विद्यालय की खाशीयत क्या मै बताऊ आपको खुद चलिए इस विद्यालय मे। दो कमरों का यह विद्यालय जिसमे एक रूम मे चलता है कार्यालय तो दूसरे रूम मे होती है वर्ग 1 से लेकर पांचवी तक की पढ़ाई। वर्ग 1 मे बच्चे की संख्या एक है 2 मे دو, 3 मे तीन, 4 मे चार और इस तरह वर्ग 5 मे पांच बच्चे इस तरह कुल नामांकित छात्रों की संख्या 16 है। यदि आप शिक्षक की बात करें तो आपको यह जानकर हैरानी होगी की इन 16 बच्चो को पढ़ाने के लिए तीन तीन शिक्षको को पदास्थापित किया गया है जिसमे दो सरकारी शिक्षक है जबकि एक पारा शिक्षक है। नियम की माने तो 45 छात्रों पर एक शिक्षक की नियुक्ति होती है जिले मे कई ऐसे भी विद्यालय है जहां सैंकड़ो छात्र तो है पर शिक्षकों की कमी के चलते है बच्चो की पढ़ाई बाधित हो रही है। इस विद्यालय मे बच्चो की पढ़ाई स्मार्ट हो इसके लिए स्मार्ट टीवी भी लगाया गया है लेकिन पढ़ाई नदारद है एक ही क्लास मे तीन तीन शिक्षक इन 16 छात्रों को पढ़ा रहे है जिससे शिक्षा विभाग के कार्यशैली मे सवाल उठना लाजमी है शिक्षकों का कहना है की सरकार ने हमारी पोस्टिंग की है सरकार के नजर मे है यंहा कितने बच्चे पढ़ते है और कितने शिक्षक पढ़ाते है। जबकि दूसरे शिक्षक ने तो बात करने से ही मना कर दिया। डीसी गढ़वा ने कहा की मामला संज्ञान मे आया है जिसको लेकर जिला शिक्षा अधीक्षक को जाँच का आदेश दिए गए है और निर्देशित किया गया है की बच्चे कम है और शिक्षक ज्यादा है आवश्यकता के अनुसार शिक्षक को दूसरे जगह शिफ्ट किया जाए。
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