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BBBINDU BHUSHAN THAKURFollow14 Jun 2024, 06:22 am

मधुबनी में तालाब में डूबने से तीन बच्चे की हुई मौत, घटना बेनीपट्टी थाना के धनौजा गांव की

Madhubani, Bihar:

मधुबनी के बेनीपट्टी थाना के धनौजा गांव में तालाब से मिट्टी लाने गए तीन बच्चों की तालाब में डूबने से जान चली गई। जहां तीनों ही खेलते हुए तालाब के पास पहुंचकर नहाने लगे। जिसमें एक बच्चा गहरे पानी में चला गया, जिसे बचाने के लिए अन्य दोनों बच्चे भी गहरे पानी में बह गए। आसपास खेल रहे बच्चों के शौर पर लोगों ने तालाब से तीनों बच्चों को निकालकर अस्पताल पहुंचाया। जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक में 8 वर्षीय बालक व 10 वर्षीय बालिका सगे भाई-बहन थे, वहीं 10 वर्षीय बच्ची पड़ोस से थी।

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हॉस्टल पर पथराव के आरोपी को गिरफ्तार, भूमि विवाद के कारण चौंकाने वाला खुलासा

Dungarpur, Rajasthan:डूंगरपुर जिले की धंबोला थाना पुलिस ने गैलन गांव में चित्रकूट परियोजना हॉस्टल पर पथराव करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने पूछताछ में जमीन विवाद को लेकर शराब के नशे में हॉस्टल पर पथराव करना कबूल किया है। पथराव में हॉस्टल भवन की टीन में छेद हो गए और जालियों को भी नुकसान पहुंचा। घटना के बाद हॉस्टल में रहने वाले विद्यार्थी और कर्मचारी भयभीत हो गए थे। धंबोला थानाधिकारी चन्द्रशेखर किलानिया ने बताया कि 13 अगस्त को हॉस्टल प्रमुख अंबालाल गमेती ने रिपोर्ट दी थी कि चित्रकूट परियोजना गैलन के धोदरा में चल रही है। यहां 10 विद्यार्थी और परियोजना से जुड़े 4 कर्मचारी रहते हैं। 12 अगस्त की रात के समय अज्ञात बदमाशों ने हॉस्टल भवन के पीछे से गाली-गलौज करते हुए तेज पथराव किया। इससे भवन की टीन और जालियों को नुकसान पहुंचा। बाहर सो रहा एक कर्मचारी पथराव के कारण भागकर भवन के अंदर चला गया और दरवाजा बंद कर लिया। बदमाशों ने दरवाजा तोड़ने का प्रयास भी किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम गठित की गई। टीम ने आसपास के लोगों से पूछताछ करते हुए संदिग्धों पर निगरानी रखी गई। जाँच के दौरान पुलिस ने गैलन निवासी दिनेश पुत्र हकरा कटारा को डिटेन कर लिया। पूछताछ में उसने जमीन विवाद को लेकर 12 अगस्त की रात शराब के नशे में हॉस्टल के पीछे से पथराव करना कबूल किया। उसने बताया कि चित्रकूट धाम परियोजना करीब 15 बीघा जमीन पर बनाई जा रही है। जमीन की एक तरफ राजेंद्र पाटीदार, दूसरी तरफ जंगलात और तीसरी तरफ सविता पत्नी हकरा कटारा की जमीन है। परियोजना के निर्माण के समय जमीन को लेकर विवाद हुआ था। बाद में ग्रामीणों की बीच बचाव करते हुए करीब डेढ़ से दो बीघा जमीन छोड़कर रास्ता भी दिया था। संस्था ने शेष जमीन पर बाउंड्रीवॉल निर्माण के लिए जेसीबी से सफाई शुरू कराई और पौधारोपण के लिए गड्ढे खुदवाए। बाउंड्री का काम शुरू होने से पशुओं के चारे की व्यवस्था को लेकर वह नाराज था। इसी नाराजगी में उसने शराब के नशे में हॉस्टल के पीछे से पथराव कर दिया। घटना के बाद आरोपी करीब दो दिन तक अपनी मौजूदगी छिपाता रहा और मौका देखकर अहमदाबाद चला गया था। पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है।
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जनता कॉलोनी में विवाहिता ने फंदा लगाकर आत्महत्या, जमीन विवाद बना तनाव

Alwar, Rajasthan:जनता कॉलोनी में विवाहिता ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। अलवर के अरावली विहार थाना क्षेत्र की जनता कॉलोनी में एक विवाहिता ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को राजीव गांधी सामान्य चिकित्सालय की मोर्चरी में रखवाया। पुलिस के अनुसार, महिला पिछले कुछ समय से अपने बेटे से जुड़े पारिवारिक विवाद और करीब 23 लाख रुपए के जमीन संबंधी मामले को लेकर तनाव में थी। परिजनों के मुताबिक, इन विवादों के चलते वह मानसिक रूप से काफी परेशान थी। महिला का पीहर खेरली थाना क्षेत्र के सालवाड़ी में और ससुराल कठूमर तहसील के सेडू का नंगला में है। उसके पति तुलसीराम का पहले ही निधन हो चुका है। वर्तमान में महिला अलवर शहर में अरावली विहार थाना क्षेत्र के मौजपुर हाउस के पास जनता कॉलोनी में रह रही थी। महिला के एक बेटा और एक बेटी हैं, दोनों की शादी हो चुकी है। बेटे रामगोपाल की शादी गढ़ बंजारी में हुई थी। बताया जा रहा है कि रामगोपाल कथित तौर पर एक अन्य महिला के साथ चला गया था, जिसके बाद परिवार और समाज में विवाद बढ़ गया था। पुलिस ने शव को मोर्चरी में रखवाकर मामले की जांच शुरू कर दी है। आत्महत्या के कारणों को लेकर पुलिस परिजनों से पूछताछ कर रही है।
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इचलकरंजी के स्कूल की छत गिरने से बड़ा हादसा, विद्यार्थी उपस्थित नहीं थे

Kolhapur, Maharashtra:कोल्हापूर जिल्ह्यातील इचलकरंजी शहरात एका शाळेचे छत कोसळले आहे. सुदैवाने या शाळेमध्ये विद्यार्थी नसताना हा अपघात घडला आहे. छत कोसळत असतानाचे सीसीटीव्ही फुटेज समोर आला असून पहिल्या दुसऱ्या तिसऱ्या रांगेवर हे छत कोसळल्याचे दिसून आल आहे. इचलकरंजी महानगरपालिकेच्या आनंदीबाई कर्वे विद्यामंदिर शाळेत ही घटना घडली आहे.. धक्कादायक बाब म्हणजे काही महिन्यापूर्वी खासदार फंडातून ज्या शाळेंचं डिजिटलायझेशन झालं त्या शाळेचा समावेश आहे. त्यामुळे शाळेत झालेल्या विकासाच्या कामावरच प्रश्नचिन्ह उपस्थित झाला आहे.
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सन्त कबीरनगर में सरयू उफान से बाढ़ का खतरा बढ़ा

Uska Khurd, Uttar Pradesh:सन्तकबीरनगर में सरयू नदी उफान पर है। नदी खतरे के निशान के करीब पहुँच गई है। जलस्तर बढ़ने से नदी और एम बडी बांध के बीच बसे गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। गुनवतिया, भौवापार, गायघाट, ढोलबजा, सियरकला सहित करीब एक दर्जन गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। लोगों को आवागमन के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। जलस्तर बढ़ने से किसानों की धान, मक्का, गन्ना और अन्य फसल पानी में डूब गए हैं। पशुओं के लिए चारे का संकट खड़ा हो गया है। इलाके के स्कूलों में पानी भर जाने से पढ़ाई प्रभावित हो गई है। नदी के बढ़ते जलस्तर ने ग्रामीण सहमे हुए हैं। वहीं सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से बाढ़ के खतरे को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर है। बाढ़ से बचाव के लिए बाढ़ राहत चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है । कटान के खतरे को देखते हुए एमबीडी बंधे की लगातार निगरानी की जा रही है。
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प्रतापगढ़ में भगवान शिव की चलित जलधारी शोभायात्रा, 5 किलो चांदी का शिवलिंग आकर्षण

Pratapgarh, Rajasthan:प्रतापगढ़ शहर में भगवान शिव की चलित जलाधारी की भव्य 쇼भायात्रा श्रद्धा और उत्साह के साथ निकाली गई। इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। आयोजन को लेकर सुबह से ही क्षेत्र में भक्तिमय माहौल नजर आया। शोभायात्रा सुबह करीब 10 बजे केशव राय मंदिर से ढोल-नगाड़ों और बैंड-बाजे के साथ रवाना हुई। यात्रा के दौरान श्रद्धालु भगवान शिव के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़े। मार्ग में जगह-जगह लोगों ने पुष्प वर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया। शोभायात्रा केशव राय मंदिर से रवाना होकर धान मंडी, सूरजपोल चौराहा होते हुए एरिया पति रोड स्थित महादेव मंदिर पहुंची। यात्रा में शामिल 5 किलो चांदी से निर्मित शिवलिंग श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। शिवलिंग के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग उमड़े। महादेव मंदिर पहुंचने के बाद चांदी से निर्मित शिवलिंग की विधिवत पूजा-अर्चना की गई और महाआरती का आयोजन हुआ। इसके बाद श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसादी का वितरण किया गया। आयोजन में समाजजनों के साथ बड़ी संख्या में वार्डवासी भी शामिल हुए और धार्मिक आयोजन का आनंद लिया। आयोजकों ने बताया कि भगवान शिव के प्रति आस्था और दीप नाथ महादेव के आशीर्वाद से उन्हें यह पुनीत आयोजन करने का अवसर मिला। पूरे कार्यक्रम के दौरान शहर में भक्ति और उल्लास का माहौल बना रहा।
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जालौन में बाढ़ का खतरा: यमुना जलस्तर बढ़ने से प्रशासन सतर्क

Jalaun, Uttar Pradesh:ब्रेकिंग जालौन जालौन में संभावित बाढ़ को लेकर प्रशासन हुआ अलर्ट, कालपी में तेजी से बढ़ रहा यमुना नदी का जलस्तर, यमुना पट्टी के 13 गांवों पर प्रशासन की विशेष नजर, यमुना से 13 और नून नदी से 27 गांव बाढ़ आने पर होते है प्रभावित, प्रशासन ने नाविकों और स्थानीय गोताखोरों समेत स्वास्थ्य, राजस्व, पुलिस व अन्य विभागों की टीमों को किया अलर्ट, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ टीमों के साथ बाढ़ राहत चौकियों को भी अलर्ट रहने के दिए निर्देश, हालांकि खतरे के निशान से काफी नीचे चल रहा यमुना नदी का जलस्तर, जालौन के कालपी तहसील क्षेत्र के यमुना नदी का मामला।
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प्रयागराज में बाढ़ से देवरहा बाबा की कुटिया जलमग्न, अखण्ड ज्योति जलती रही

Prayagraj, Uttar Pradesh:संगम नगरी प्रयागराज में बाढ़ की जद में आई देवरहा बाबा की कुटिया, अखण्ड ज्योति का पिलर और हवन कुंड भी पूरी तरह से जलमग्न हुआ, बहाव होने के चलते संगम क्षेत्र में नावों के संचालन पर भी लगा दी गई रोक। संगम नगरी प्रयागराज में गंगा और यमुना के बढ़ते जलस्तर के चलते अब मठ और मंदिरों की तरफ बाढ़ का पानी जाने लगा है। अरैल घाट, किला घाट, गऊघाट, दशाश्वमेध घाट के अलावा कई अस्थायी घाट बाढ़ की जद में आ गए हैं। इसके साथ ही शास्त्री ब्रिज और रेलवे ब्रिज के बीच में स्थित देवरहा बाबा के शिष्य रामदास महराज की कुटिया भी अब बाढ़ की जद में आ गई है। कुटिया और हवन कुंड पूरी तरह से जलमग्न हो चुका है, रामदास महराज की कुटिया भले ही बाढ़ की जद में आ गई है, लेकिन यहाँ 60 फीट ऊंचाई पर स्थित अखंड ज्योति निरंतर जल रही है। हालांकि कुटिया के नीचे का पूरा एरिया गंगा की चपेट में आ गया है। बता दें कि देवरहा बाबा के शिष्य रामदास की इस कुटिया और यहां जलने वाली अखंड ज्योति का इतिहास अयोध्या के श्री राम मंदिर आंदोलन से जुड़ा है। साल 1989 में यह अखंड ज्योति राम मंदिर आंदोलन के आह्वाहन के साथ जलाई गई थी, जो आज भी काशी और मथुरा के कब्जामुक्त के संकल्प के साथ निरंतर जलाई जा रही है। माघ मेला और कुंभ के दौरान यहां पर भक्तों का भारी हुजूम उमड़ता है। फिलहाल यह कुटिया अभी बाढ़ की जद में आ गई है। वहीं गंगा और यमुना के बढ़ते जलस्तर के बीच गुरुवार को गंगा और यमुना में बहाव भी देखने को मिला। जिसकी वजह से संगम क्षेत्र में नावों के संचालन पर रोक लगा दी गई। चूंकि बहाव तेज होने के चलते हादसे का खतरा रहता है, इस लिए नावों के संचालन पर रोक लगाई गई है। जिसके चलते करीब 4 हजार नावें गंगा और यमुना के किनारे खड़ी हो गईं हैं।
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हरदा में दूध विक्रेताओं की अनिश्चितकालीन हड़ताल से शहर में दूध की आपूर्ति बाधित

Harda, Khedi Mahmudabad, Madhya Pradesh:हरदा में दूध विक्रेताओं की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू हरदा। दूध विक्रेता संघ द्वारा आज से अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी गई है। हड़ताल के चलते शहर में दूध की बिक्री प्रभावित होने लगी है, जिससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। हरदा-हंडिया मार्ग और इंदौर रोड क्षेत्र में दूध विक्रेता एकत्रित हुए। इस दौरान उन्होंने अपने अन्य साथियों को भी हड़ताल में शामिल होने और एकजुट रहने की समझाइश दी。 यह मांग है, - किसानों को कम दाम में दूध बेचना पड़ा है - दूध के दाम बढ़ाए जाएं - डेयरी संचालक दूध के दाम बढ़ा दिए हैं, लेकिन किसानों से कम दाम में खरीदा - गाय और दूध का दाम अलग-अलग हो दूध विक्रेताओं का कहना है कि मांगें पूरी होने तक हड़ताल जारी रहेगी। वहीं, हड़ताल के कारण शहर में दूध की आपूर्ति और बिक्री पर असर दिखाई देने लगा है।
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1 करोड़ की शादी के बाद दहेज मांग, ससुराल ने दरवाजा बंद रखा

मेरठ: 1 करोड़ की शादी, 30 लाख की डिमांड पूरी करने के बाद भी ससुराल ने बंद किया दरवाजा, 8 महीने की बेटी के साथ दरद-दर भटकी नवविवाहिता मेरठ, 20 अगस्त 2026 — गाजियाबाद में 1 करोड़ से अधिक खर्च कर हुई शादी, फिर 30 लाख की अतिरिक्त मांग पूरी करने के बावजूद एक नवविवाहित महिला को अपने ही ससुराल की चौखट पर धरना देना पड़ा। बुधवार को नंगलाबट्टू निवासी ऋतु गुप्ता 8 महीने की बेटी को गोद में लेकर ससुराल पहुंची, लेकिन ससुरालियों ने दरवाजा नहीं खोला। घंटों चले हाईवोल्टेज ड्रामे के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। शादी के बाद भी नहीं थमी दहेज की मांग सिकंदराबाद निवासी मोनू पुत्र सुधीर ने बताया कि उनकी बहन ऋतु गुप्ता की शादी 18 फरवरी 2025 को नंगलाबट्टू निवासी अनमोल गुप्ता से हुई थी। परिवार का दावा है कि गाजियाबाद के एक बड़े मंडप में हुई शादी में 1 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए। आरोप है कि शादी के बाद भी ससुराल पक्ष ने 30 लाख रुपये की मांग की, जिसे परिवार ने दे दिया। इसके बाद भी ऋतु को प्रताड़ित किया जाता रहा। मोनू के अनुसार डिलीवरी से ठीक पहले सास उर्वशी ने ऋतु को मायके भेज दिया। 23 दिसंबर 2025 को ऋतु ने बेटी को जन्म दिया। आरोप है कि बेटी के जन्म से ससुराल पक्ष नाराज हो गया और ऋतु को वापस नहीं बुलाया गया। दरवाजा बंद, पुलिस भी नहीं खुलवा सकी बुधवार को परिवार ऋतु को लेकर ससुराल पहुंचा तो अनमोल पक्ष ने अंदर से कुंडी बंद कर ली। सूचना पर सिविल लाइन पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन बातचीत के बावजूद दरवाजा नहीं खुला। पुलिस दोनों पक्षों को थाने ले गई। यहाँ ऋतु के परिजनों ने एसएचओ अखिलेश कुमार गौड़ को तहरीर दी। ऋतु ने पति अनमोल पर नशा करने, दहेज के लिए प्रताड़ित करने और किसी अन्य युवती से संबंध का आरोप लगाया है। पुलिस का कहना है कि तहरीर के आधार पर जांच की जा रही है।
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सतना के सच्चिदानंद परमहंस आश्रम भारी बारिश से जलमग्न, सुरक्षा अलर्ट जारी

Satna, Madhya Pradesh:सतना जिले के प्रसिद्ध सच्चिदानंद परमहंस आश्रम धारकुंडी में भारी मूसलाधार बारिश के बाद पहाड़ों से आए पानी ने विकराल रूप धारण कर लिया है। विंध्याचल की पहाड़ियों से उतरे तेज सैलाब के कारण पूरा आश्रम परिसर जलमग्न हो गया है। यहाँ स्थित मुख्य प्राकृतिक झरने और पवित्र अघमर्षण कुंड का जलस्तर खतरे के निशान के पास पहुँच चुका है। पानी की तेज लहरें और डरावनी आवाजें भक्तों में खौफ पैदा कर रही हैं। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने अलर्ट जारी कर श्रद्धालुओं को उफनते झरनों और रपटों से दूर रहने की सख्त चेतावनी दी है।
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मैहर में भारी बाढ़: लाखों लोग पानी में फंसे, इलाके टापू बने

Maihar, Madhya Pradesh:मध्य प्रदेश के मैहर जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। अमरपाटन सहित आसपास के इलाकों में नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। बर्षात की वजह से ताला थाना क्षेत्र में गाँव टापुओं में तब्दील हो चुके हैं, मरहा, भंवरा और मुरजुआ तीनों नदियां उफान पर हैं। प्रशासन ने बाढ़ का अलर्ट जारी कर दिया है। मुकुन्दपुर इलाका पूरी तरह टापू में डूब चुका है। भंवरा और मुरजुआ नदी के पानी ने संपर्क मार्ग काट दिए हैं, जिससे अमरपाटन, रीवा और सभी शहरी मार्गों से ताला मुकुंदपुर का संपर्क टूट गया है और चारों ओर पानी है। ग्रामीण क्षेत्र भी जलमग्न हैं। बारिश की वजह से गऊ घाट पुल के ऊपर से पानी बह रहा है। कस्तरा रपटा डूब चुका है और पानी तेज रफ्तार से बह रहा है। अष्टभुजा मंदिर भी पानी से घिर गया है। तकिया दरगाह और मुकुन्दपुर के ग्राउंड में भी पानी पहुंच गया है। सबसे ज्यादा परेशानी आम लोगों को हो रही है। ग्रामीणों के अनुसार कई घर पानी में डूब गए हैं; लोग पानी पार कर सुरक्षित जगहों पर जाने को मजबूर हैं। घरों में रखा अनाज और जरूरी सामान भी पानी में डूब गया है, खाने-पीने की दिक्कतें बढ़ गई हैं। प्रशासन से राहत और बचाव कार्य तेज करने की अपील है और riverine क्षेत्रों से दूर रहने के निर्देश दिए गए हैं।
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चीनी के दाम आसमान छूने से मिठाई उद्योग पर बड़ा असर

Lucknow, Uttar Pradesh:चीनी के दाम लगातार आसमान छू रहे हैं पिछले 1 महीने में दामों में 15 से 20 रुपए की बढ़ोतरी हुई है और आगे भी यह सिलसिला जारी रहेगा। मार्केट में फुटकर लूज चीनी जहां 65 से 67 रुपए किलो में है तो वही पैकिंग में ब्रांडेड सल्फर लेस चीनी 75 से 80 रुपए में मिल रही है। लखनऊ में व्यापारी गौरव गुप्ता ने बताया कि पिछले महीने तक 48 से 50 रुपए किलो चीनी बेच रहे थे लेकिन अब लगभग ₹15 बढ़कर ₹65 किलो बेच रहे हैं और आज से हमें भी थोक रेट में ₹65 की पड़ रही है तो अब हमें भी कल से दाम बढ़ाने पड़ेंगे जो की ₹70 तक जा सकते हैं। ब्रांडेड चीनी जो 75 किलो है उसके दाम भी ₹80 तक जा सकते हैं शायद एथेनॉल बनाने के कारण चीनी की शॉर्टेज हो रही है। वहीं बढ़ते दामों का सीधा और सबसे बड़ा असर मिठाई के व्यापार पर पड़ा है। मिठाई व्यवसाई राजेश गुप्ता ने बताया कि पिछले महीने के मुकाबले इस महीने 80 से 90000 रुपए ज्यादा की चीनी खरीदी है जो कि हमारा नुकसान है क्योंकि हम अचानक से मिठाई के रेट नहीं बढ़ा सकते वरना कस्टमर दूसरी दुकानों पर चला जाएगा मार्केट में बहुत कंपटीशन है इसी महीने रक्षाबंधन है बल्क में चीनी लेनी होगी अगर मिठाई के दाम नहीं बढ़ाए तो हमारा बड़ा नुकसान होगा सरकार को इस विषय में सोचना चाहिए। महंगाई के कारण कर्मचारियों को तनख्वाह भी बढ़ा कर देनी पड़ती है। अगर ऐसा ही चलता रहा तो स्वीट्स इंडस्ट्री पर बड़ा असर पड़ेगा。 वहीं चीनी के बढ़ते दामों पर महिलाओं का कहना है कि चीनी डायरेक्ट हमारे जीवन से जुड़ी हुई है जिसे रोज हम बड़ी मात्रा में इस्तेमाल करते हैं चीनी हमारी मजबूरी है कितना भी रेट महंगा हो जाए लेना तो पड़ेगा ही लेकिन इस बढ़ोतरी से हमारी जेब पर अच्छा खासा असर पड़ रहा है。
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देवरिया में ग्रामीण सड़क योजना में गड़बड़ी, केंद्रीय टीम जांच हेतु पहुंची

Deoria, Uttar Pradesh:देवरिया जनपद में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत 5 किलोमीटर लंबी सड़क का बदरबाट करने का मामला सामने आया है। स्थानीय सांसद की शिकायत पर दिल्ली से केंद्रीय जांच टीम आज देवरिया पहुंची है। सलेमपुर विकासखंड के परासी चकलाल मार्ग जो लगभग 5.682 किलोमीटर है। 2022 में इस रोड का टेंडर हुआ था और इस रोड को 2024 में बन जाना था। पिछले 5 साल से इस इलाके के हजारों नागरिक जिनका इस रोड से आना-जाना होता है वह व्यथित हैं। और सड़क को लेकर कई बार धरना प्रदर्शन कर चुके हैं लेकिन ठेकेदार की मनमानी चरम पर है। ठेकेदार ने बाकायदा इस रोड के किनारे बोर्ड लगा दिया है कि यह रोड 2024 में पूर्ण हो चुकी है और इसका अनुरक्षण कार्य 2027 तक है। जबकि आधे से अधिक सड़क अधूरी पड़ी हुई है। और ग्रामीण ने आरोप लगाया कि घटिया सीमेंट का प्रयोग कर जगह-जगह गांव के किनारे कुछ जगह रोड बनाया गया है। लगातार शिकायत करने पर भी कोई कार्यवाही नहीं हुई ठेकेदार काफी प्रभावशाली है इस मामले में सलेमपुर से सपा सांसद रमाशंकर विद्यार्थी ने इसकी शिकायत की और उन्हें आरोप लगाया कि अधूरी सड़क और घटिया निर्माण किया गया है और सड़क को पूर्ण दिखाकर बोर्ड लगा दिया गया है। सांसद के शिकायत के बाद आज केंद्रीय जांच टीम पहुंची और सड़क की जांच पड़ताल शुरू कर दी। इस दौरान जनपद के आला अधिकारी भी वहां मौजूद रहे। वहीं स्थानीय लोगों ने बताया कि पिछले 4 सालों से स्थिति काफी भयावह है। रोड को कहीं-कहीं बनाया गया है कहीं पूरी तरह छोड़ दिया गया है कहीं गिट्टी बिछाकर छोड़ दिया गया है, और रोड को पूर्ण दिखा दिया गया है बोर्ड लगाकर बाकायदा दिखाया गया है कि 2024 में सड़क बनकर पूरी हो चुकी है।
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