icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

बुलढाणा में कांग्रेस का घेराव; कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे के सामने किसान संकट पर घोषणाबाजी

Buldhana, Maharashtra:बुलडाणा.. कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे यांना काँग्रेसचा घेराव.. शेतकरी प्रश्नांवर जोरदार घोषणाबाजी. बुलढाणा जिल्ह्याच्या दौऱ्यावर असलेल्या कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे यांना काँग्रेस कार्यकर्त्यांच्या रोषाला सामोरे जावे लागले. जिल्ह्यातील पावसाअभावी निर्माण झालेली पीक स्थिती, शेतकरीांचे नुकसान, कर्जमाफी आणि पीकविम्यासह विविध प्रश्नांवर काँग्रेस कार्यकर्त्यांनी आक्रमक भूमिका घेतली. कृषि मंत्रीांच्या ताफ्याला घेराव घालत कार्यकर्त्यांनी जोरदार घोषणाबाजी केली. बुलढाणा जिल्ह्यात कोरडा दुष्काळ जाहीर करून शेतकऱ्यांना तातडीने आर्थिक मदत द्यावी, अशी मागणी यावेळी करण्यात आल्याची माहिती आहे.
0
0
Report

रतलाम के गणेश पंडाल में युवक ने महिला से छेड़छाड़; महिलाएं ने दबोचा

Ratlam, Madhya Pradesh:रतलाम के पी एंड टी कॉलोनी में एक गणेश पंडाल में विवाद का वीडियो सामने आया है जहाँ एक युवक ने महिला से जबरन छेड़छाड़ की, जिसके बाद महिला व साथ मौजूद अन्य महिलाओं ने युवक को रोका। गणेश आरती के दौरान इस तरह छेड़छाड़ की हरकत वायरल भी हुआ है। इस दौरान महिला के साथ मौजूद महिलाओं ने हिम्मत जुटाई और सरफिरे युवक को दबोचा और उसे सबक भी सिखाया। युवक मौके से भाग निकला। देर रात महिला की शिकायत पर युवक के खिलाफ छेड़छाड़ की रिपोर्ट दर्ज कराई गई; थाना औद्योगिक पुलिस ने एफआईआर लिखी और मामले की जांच शुरू की।
0
0
Report

रोड का समाजिक समरसता सम्मेलन: पश्चिमी यूपी में चुनावी सक्रियता तेज

Noida, Uttar Pradesh:रालोद का समाजिक समरसता सम्मेलन MUZFFAR NAGAR के पश्चिमी उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर राष्ट्रीय लोकदल (RLD) ने अपनी तैयारियों का आगाज कर दिया है। पुरकाजी विधानसभा क्षेत्र में रविवार को रालोद की ओर से ‘सामाजिक समरसता सम्मेलन’ का आयोजन किया गया। सम्मेलन में रालोद प्रमुख और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे और विशाल जनसभा को संबोधित किया। कार्यक्रम का आयोजन प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार की ओर से किया गया। सम्मेलन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक पहुंचे। मंच पर भाजपा मंत्री कपिल देव समेत रालोद के विधायक और पार्टी के कई प्रमुख नेता मौजूद रहे। भारी भीड़ के बीच जयंत चौधरी ने पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों को संबोधित करते हुए सामाजिक एकजुटता और संगठन को मजबूत करने पर जोर दिया। रालोद की ओर से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में इसी तरह के सामाजिक समरसता सम्मेलनों के आयोजन की योजना बताई गई है। इन कार्यक्रमों के जरिए पार्टी जनपद स्तर पर संगठन को सक्रिय करने और आगामी विधानसभा चुनाव के लिए राजनीतिक गतिविधियों को तेज करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। मुजफ्फरनगर के सम्मेलन में अपने संबोधन के दौरान जयंत चौधरी ने समाजवादी पार्टी और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी निशाना साधा। उन्होंने सपा की राजनीति और उसके रुख को लेकर सवाल उठाए। इसके साथ ही सपा प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल को लेकर भी जयंत चौधरी ने तीखे राजनीतिक बयान दिए। सम्मेलन में रालोद नेताओं ने आगामी चुनाव को लेकर कार्यकर्ताओं में जोश भरने का प्रयास किया। पश्चिमी यूपी में रालोद की सक्रियता के बीच मुजफ्फरनगर में आयोजित यह सम्मेलन पार्टी के आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों की शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है। जनसभा में जुटी भीड़ और नेताओं के संबोधन के बीच 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर क्षेत्र की सियासत गरमाने के संकेत भी दिखाई दिए।
0
0
Report
Advertisement

हनुमान अंश निर्माता अनुप्रिया नागर ने बागेश्वर धाम का अनुभव साझा किया

Chhatarpur, Madhya Pradesh:अनुप्रिया नागर ने धाम में बिताए अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि वह दूसरी बार धाम आई हैं और यहां आकर उन्हें परिवार जैसा माहौल और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव होता है। उन्होंने गुरुजी की सेवा, विज़न और धाम की व्यवस्थाओं की जमकर सराहना की। ,अनुप्रिया नागर ने बताया कि वह इससे पहले मुंबई में भी गुरुजी के मट में जा चुकी हैं। पहली बार बागेश्वर धाम आने पर उन्हें परिवार जैसा अपनापन मिला था। उन्होंने देखा कि गुरुजी किस तरह निस्वार्थ भाव से लोगों की सेवा कर रहे हैं।,उन्होंने धाम की व्यवस्थाओं का जिक्र करते हुए कहा कि यहां की अन्नपूर्णा रसोई में रोजाना हजारों लोगों के लिए निशुल्क भोजन और भंडारे का आयोजन होता है। यह अपने आप में बड़ी सेवा है।,अनुप्रिया नागर ने गुरुकुल का भी दौरा किया। उन्होंने बताया कि गुरुकुल में बच्चे संस्कृत और अंग्रेजी की शिक्षा लेने के साथ-साथ खेल और घुड़सवारी भी सीख रहे हैं, जो आधुनिकता के साथ संस्कृति को जोड़ने का बेहतरीन उदाहरण है।,इसके अलावा उन्होंने धाम में निर्माणाधीन कैंसर अस्पताल और भविष्य की योजनाओं की भी जानकारी ली। गुरुजी की माताजी और पूरे धाम के वातावरण के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि यहां आकर शांति और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है।
0
0
Report

दल्लीराजहरा आईटीआई में शिक्षक की पिटाई से छात्रों को चोट, भारी हंगामा

Raipur, Chhattisgarh:बालोद जिले के दल्लीराजहरा नगर स्थित शासकिय आई टी आई में पाँच विद्यार्थियों को शिक्षक फलिन साहू ने पिटाई कर दी जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। इसके बाद नाराज पालकों ने आई टी आई में हंगामा किया। मामले की लिखित शिकायत पर दल्लीराजहरा थाने में फलिन साहू के खिलाफ धारा 296, 351(3), 115(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। विश्वकर्मा पूजा के दिन सभी विद्यार्थी और शिक्षक भोजन बना रहे थे, गजेंद्र साहू पानी पीने गया तभी शिक्षक फलिन साहू ने उसे डांटा और पिटाई कर दी, साथ ही अश्लील गालियाँ दीं। इससे बचाव कर आये छात्रों को भी पिटाई की गई, जिससे बच्चों को चोट लगी और परिजन आई टी आई बुलाकर थाने में शिकायत कर दिए।
0
0
Report
Advertisement

झारखंड में एमएमडीआर एक्ट संशोधन के खिलाफ कांग्रेस की बड़ी रैली की चेतावनी

Ranchi, Jharkhand:भारतीय जनता पार्टी ने 19 सितंबर से 30 सितंबर तक एमएमडीआर एक्ट को लेकर जन-जागरूकता अभियान चलाने का फैसला किया है। इसके तहत झारखंड के अलग-अलग जिलों में कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को एमएमडीआर एक्ट से जुड़े प्रावधानों और इसके कथित फायदों की जानकारी दी जाएगी。 बीजेपी के इस अभियान को लेकर झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री और कांग्रेस नेता डॉ. इरफान अंसारी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बीजेपी पर झारखंड के हितों को लेकर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया और एमएमडीआर एक्ट में किए गए संशोधन को वापस लेने की मांग की। डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि बीजेपी को एमएमडीआर एक्ट को लेकर जनता के बीच जाने के बजाय पहले यह बताना चाहिए कि इस कानून की जरूरत क्यों पड़ी और इसे लाया किसने है। उन्होंने कहा कि झारखंड के खनिज संसाधनों पर राज्य का हक है और सरकार किसी भी कीमत पर राज्य के हितों से समझौता नहीं करेगी। स्वास्थ्य मंत्री ने दावा किया कि खनिजों से मिलने वाले राजस्व का बड़ा हिस्सा राज्य की शिक्षा, छात्रवृत्ति और स्वास्थ्य जैसी योजनाओं में खर्च होता है। उन्होंने कहा कि यदि राज्य को मिलने वाला हिस्सा प्रभावित होता है तो इसका असर आम लोगों और सरकारी योजनाओं पर पड़ सकता है। एमएमडीआर एक्ट को हम किसी कीमत पर स्वीकार नहीं करेंगे। बीजेपी लोगों को गुमराह कर रही है। आप एमएमडीआर एक्ट क्यों लेकर आए? अगर आपको झारखंड के हित की चिंता है तो इस संशोधन को واپس लेना होगा। हमारा कोयला है, हमारा लोहा है और हमारे खनिज संसाधन हैं। आप कौन होते हैं हमारे हक पर फैसला करने वाले? डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी 26 सितंबर को एमएमडीआर एक्ट के मुद्दे को लेकर बड़ी रैली करेगी। उन्होंने बीजेपी पर झारखंड के आदिवासी और मूलवासी हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि झारखंड को गुजरात, छत्तीसगढ़ या उत्तर प्रदेश की तरह नहीं देखा जा सकता और राज्य के खनिज संसाधनों पर यहां के लोगों का अधिकार है। मंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर एमएमडीआर एक्ट में किए गए संशोधन को वापस नहीं लिया गया तो कांग्रेस इस मुद्दे पर अपना आंदोलन और तेज करेगी。 26 तारीख को कांग्रेस पार्टी की विशाल रैली है। एमएमडीआर के संशोधन को हर हाल में वापस लेना होगा। अगर आप तनाव और टकराव चाहते हैं तो हम भी पीछे हटने वाले नहीं हैं। यह झारखंड है, यहां के लोगों के हक की बात होगी और हम अपने हक को नहीं छीनने देंगे। बाइट: डॉ. इरफान अंसारी स्वास्थ्य मंत्री, झारखंड
0
0
Report

राज्य के सात जिलों के स्कूलों में 700 साइंस क्लब बनेंगे, विज्ञान सीखना आसान

Jaipur, Rajasthan:जयपुर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में विज्ञान शिक्षा को प्रयोग आधारित बनाने के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। विभाग की ओर से प्रदेश के सात जिलों में 700 साइंस क्लब स्थापित करने की तैयारी शुरू की गई है। इन क्लबों में विद्यार्थियों को किताबों के साथ-साथ प्रयोग और गतिविधियों के जरिए विज्ञान समझाया जाएगा। पहले चरण में जयपुर, अलवर, दौसा, ब्यावर, खैरथल-तिजारा और कोटपूतली-बहरोड़ सहित सात जिलों के माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्कूलों का चयन किया जाएगा। प्रत्येक जिले में 100 स्कूलों में साइंस क्लब खोलने का लक्ष्य रखा गया है। विभाग के उप निदेशक राजेश कुमार गर्ग ने इस संबंध में सातों जिलों के मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक को पत्र भेजकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। साइंस क्लब में विद्यार्थियों को वैज्ञानिक गतिविधियों से जोड़ने के साथ मॉडल तैयार करने, विभिन्न प्रयोग करने और रॉकेट बनाने जैसी गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। अनुभवी शिक्षक और वैज्ञानिक बच्चों को प्रयोगों के माध्यम से विज्ञान की अवधारणाएं समझाएंगे। विभाग का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच विकसित करना और विज्ञान विषय के प्रति रुचि बढ़ाना है। विभाग ने साइंस क्लब के संचालन के लिए गाइडलाइन जारी करने के साथ पंजीकरण के लिए गूगल फॉर्म का लिंक भी उपलब्ध कराया है। साथ ही प्रत्येक जिले के लिए जिला और अकादमिक समन्वयक नियुक्त किए गए हैं।
0
0
Report
Advertisement

चित्तौड़गढ़ के दिगंबर जैन मंदिर में पर्युषण पर्व पर दशलक्षण श्रद्धा से मनन

Begun, Rajasthan:चित्तौड़गढ़ के दिगंबर जैन मंदिर स्थित अतिशयकारी श्री मल्लिनाथ भगवान के मंदिर में पर्युषण पर्व के अवसर पर दशलक्षण पर्व श्रद्धा और धार्मिक उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। समाज के संरक्षक राजकुमार गदिया ने बताया कि दसों दिनों तक भगवान के श्री मस्तक पर 108 कलशों से मंत्रोच्चार के साथ विशेष अभिषेक और शांतिधारा की जा रही है। इसी क्रम में एक गुप्त पुण्यार्जक परिवार द्वारा भगवान को पंचमेरू अर्पित किए गए। वहीं मुनि सेवा समिति अध्यक्ष मनोज पाटनी पांच उपवास की तपस्या कर रहे हैं। चित्तौड़गढ़ शहर में करीब पांच-छह श्रावक-श्राविकाओं ने भी पांच उपवास पूर्ण किए। समाजजनों ने सभी तपस्वियों की मंगल अनुमोदना की।
0
0
Report

रायपुर में आरक्षण बचाओ रैली: प्रमोशन में आरक्षण, फर्जी प्रमाण पत्र पर जोर

Begun, Rajasthan:राजधानी रायपुर में आज आरक्षण के समर्थन में बड़ी रैली निकाली गई.. आरक्षण बचाओ मंच के बैनर तले आयोजित इस रैली में प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचे SC, ST और OBC वर्ग के लोग शामिल हुए.. रैली अंबेडकर चौक से शुरू होकर राजभवन की ओर बढ़ रही थी, लेकिन राजभवन पहुंचने से पहले ही पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोक दिया.. इसके बाद प्रदर्शनकारी सड़क पर ही बैठ गए और काफी देर तक नारेबाजी करते रहे.. बाद में तहसीलदार को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा.. प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में पदोन्नति में आरक्षण की बहाली, बैकलॉग के पदों पर विशेष भर्ती और फर्जी जाति प्रमाण पत्रों की जांच शामिल है.. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सरकारी और सार्वजनिक क्षेत्र में प्लेसमेंट और ठेका एजेंसियों के जरिए होने वाली भर्तियों से SC, ST और OBC वर्ग के प्रतिनिधित्व पर असर पड़ रहा है.. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनकी लड़ाई किसी जाति या व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि संविधान में मिले अधिकारों और आरक्षण के प्रावधानों के प्रभावी क्रियान्वयन की मांग को लेकर है..
0
0
Report
Advertisement

बीकापुर 2027: डंका किसके बजेगा, बबलू सिंह बना प्रमुख चेहरा

Ayodhya, Uttar Pradesh:अयोध्या जनपद की बीकापुर विधानसभा सियासत की वह जमीन जहां चुनावी मुकाबला सिर्फ राजनीतिक दलों के बीच नहीं, बल्कि मजबूत व्यक्तित्वों और व्यक्तिगत जनाधार के बीच भी होता रहा है। 2027 के विधानसभा चुनाव की आहट के साथ यहां राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। भाजपा के सामने अपनी सीट बचाने की चुनौती है, समाजवादी पार्टी में टिकट के कई दावेदार हैं और बसपा से पूर्व विधायक जितेंद्र सिंह उर्फ बबलू सिंह की संभावित दावेदारी ने मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है। आखिर 2027 में बीकापुर में किसका बजेगा डंका... देखिए ये खास रिपोर्ट। रामनगरी अयोध्या की बीकापुर विधानसभा का चुनावी इतिहास हमेशा से दिलचस्प रहा है। यहां सत्ता के समीकरण समय के साथ बदलते रहे हैं और कई बार उम्मीदवारों की व्यक्तिगत पकड़ पार्टी की लहर पर भी भारी पड़ती दिखाई दी है। बीकापुर के चुनावी इतिहास में एक अनोखा संयोग भी चर्चा में रहा है। एक दौर ऐसा था जब यहां से जीतने वाले कई नेताओं के नाम में ‘राम’ जुड़ा रहा। सीताराम निषाद, श्रीराम द्विवेदी और परशुराम यादव जैसे नेताओं के नामों ने करीब तीन दशकों तक इस चुनावी संयोग को खास बनाया। बदलावते दौर के साथ भाजपा ने बीकापुर में अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत की। 2017 में जीत दर्ज करने के बाद पार्टी ने 2022 में भी सीट पर कब्जा बरकरार रखा। मौजूदा विधायक डॉ. अमित सिंह चौहान ने जीत हासिल की, जबकि समाजवादी पार्टी के हाजी फिरोज खान उर्फ गब्बर ने कड़ी टक्कर दी थी और जीत की दहलीज तक पहुच गए थे सपा प्रत्याशी गब्बर खान। 2022 के चुनाव और वर्तमान परिस्थितियों में देखा जाय तो हाजी फिरोज खान उर्फ गब्बर का व्यक्तिगत जनाधार काफी हद तक मजबूत है। और यही वजह है पिछले चुनाव के करीबी मुकाबले ने साफ कर दिया कि बीकापुर में किसी भी दल के लिए जीत आसान नहीं है। बीकापुर की चुनावी जंग में सबसे बड़ा फैक्टर सिर्फ पार्टी नहीं, बल्कि प्रत्याशी का अपना जनाधार है। गांवों की चौपाल से लेकर बाजारों तक राजनीतिक चर्चा शुरू हो चुकी है। भाजपा जहां अपनी जीत को दोहराने की तैयारी में है, वहीं विपक्ष इस बार सत्ता की राह रोकने के लिए नए समीकरण तलाश रहा है। और इन्हीं समीकरणों के बीच एक पुराने नाम पूर्व विधायक जितेंद्र सिंह उर्फ बबलू सिंह की सक्रियता ने सियासी हलचल बढ़ा दी है। बीकापुर की राजनीति में इन दिनों जिस नाम की सबसे ज्यादा चर्चा है, वह है पूर्व विधायक जितेंद्र सिंह उर्फ बबलू सिंह। विधायक रहते हुए उनकी अलग राजनीतिक पहचान रही और आज भी क्षेत्र में उनकी सक्रियता चर्चा का विषय बनी हुई है। समर्थक उन्हें बेबाक और जनता के सुख-दुख में खड़ा रहने वाला नेता बताते हैं, जबकि विरोधी उनकी दबंग छवि को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। लेकिन राजनीतिक जानकार मानते हैं कि क्षेत्र में उनकी व्यक्तिगत पकड़ को नजरअंदाज करना आसान नहीं है। जी मीडिया से बातचीत में जितेंद्र सिंह उर्फ बबलू सिंह ने कहा विधायक बनने के बाद बीकापुर की जनता किसी भी कार्यालय में फरियाद लेके नही जाएगा बल्कि अधिकारी फरियादी के पास जायेंगे। एक बार बबलू सिंह बसपा से बीकापुर विधानसभा की दावेदारी कर रहे हैं। अगर पार्टी उन्हें टिकट देती है तो बसपा के पारंपरिक वोट बैंक और बबलू सिंह के व्यक्तिगत जनाधार का मेल चुनावी गणित बदल सकता है। उनकी राजनीतिक सक्रियता उस समय और चर्चा में आई जब एक कार्यक्रम की प्रशासनिक अनुमति मिलने और बाद में निरस्त होने का मामला सामने आया। कारण चाहे जो रहे हों, लेकिन इस घटनाक्रम ने बीकापुर की राजनीति में बबलू सिंह को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में जरूर ला दिया। यही वह मोड़ है जहां बीकापुर की 2027 की लड़ाई सबसे दिलचस्प होती दिखाई देती है। अगर बबलू सिंह चुनावी मैदान में उतरते हैं तो मुकाबला सिर्फ भाजपा और सपा की सीधी लड़ाई तक सीमित नहीं रहेगा। सवाल यह होगा कि उनका व्यक्तिगत जनाधार बसपा के वोट बैंक के साथ कितना मजबूत तालमेल बना पाता है। क्योंकि बीकापुर में एक मजबूत तीसरा चेहरा सिर्फ अपनी जीत की कोशिश नहीं करता वह बाकी दो प्रमुख दलों का चुनावी गणित भी बिगाड़ सकता है। दूसरी तरफ ये भी माना जाता है कि जितेंद्र सिंह उर्फ बबलू सिंह के चुनाव लड़ने से सबसे ज्यादा बीजेपी को नुकशान पहुचायेंगे उधर समाजवादी पार्टी के सामने भी चुनौती कम नहीं है। 2022 के चुनाव में पार्टी प्रत्याशी रहे हाजी फिरोज खान उर्फ गब्बर एक बार फिर टिकट के प्रमुख दावेदार हैं। उनका कहना है कि पिछले चुनाव में उन्हें एक लाख से ज्यादा वोट मिले और बेहद कम अंतर से हार का सामना करना पड़ा। ऐसे में वह पिछले प्रदर्शन के आधार पर मजबूत दावेदारी पेश कर रहे हैं। बीकापुर के लोगो ने कहा 1 लाख मत पाना आसान नही है इसलिए गब्बर को अनदेखा करना भी पार्टी के लिए नुकशान दायक हो सकता है। लेकिन सपा से टिकट की दौड़ में आनंद सेन यादव भी एक बड़ा नाम हैं। वह पूर्वांचल की राजनीति के चर्चित नेता रहे स्वर्गीय मित्रसेन यादव के बेटे हैं। राजनीतिक विरासत और सामाजिक समीकरणों के आधार पर उनके समर्थक उनकी दावेदारी को मजबूत मानते हैं। वहीं राघवेंद्र सिंह उर्फ अनूप सिंह भी लंबे समय से समाजवादी पार्टी से जुड़े होने और संगठन में सक्रिय रहने के आधार पर टिकट की मांग कर रहे हैं। ऐसे में सपा नेतृत्व के सामने पिछले चुनाव का प्रदर्शन, राजनीतिक विरासत और संगठन के प्रति लंबे अनुभव के बीच संतुलन बनाने की चुनौती होगी। दूसरी ओर भाजपा मौजूदा विधायक डॉ. अमित सिंह चौहान के नेतृत्व और मजबूत संगठन के सहारे विकास कार्यों को अपनी ताकत के रूप में जनता के बीच लेकर जा रही है। अयोध्या में हुए बड़े विकास कार्यों और सरकार की योजनाओं का असर बीकापुर के मतदाताओं तक कितना पहुंचता है, यह भी चुनावी नतीजे में अहम भूमिका निभाएगा। बीकापुर में चुनावी तस्वीर अभी पूरी तरह साफ नहीं है, लेकिन इतना जरूर है कि मुकाबला रोचक होने वाला है। भाजपा के सामने अपनी सीट बचाने की चुनौती है... सपा के सामने सही चेहरे के चयन और पिछली हार को जीत में बदलने की चुनौती है... जबकि बसपा के लिए बबलू सिंह जैसे संभावित चेहरे की सक्रियता को वोटों में बदलना बड़ी परीक्षा होगी। जातीय समीकरण, उम्मीदवारों की व्यक्तिगत पकड़ और जनता के स्थानीय मुद्दों के बीच बीकापुर का वोटर किस पर भरोसा जताएगा इसका फैसला 2027 में होगा। फिलहाल एक बात तय है बीकापुर की सियासी जंग में इस बार डंका किसका बजेगा, इस सवाल ने हर राजनीतिक दलो की धड़कनें बढ़ा दी हैं। सवाल कई हैं और जवाब चुनावी मैदान में मिलेंगे: क्या भाजपा अपना किला बचाएगी? क्या सपा टिकट के संग्राम से निकलकर जीत का रास्ता बनाएगी? क्या बसपा के संभावित चेहरे के रूप में बबलू सिंह कोई बड़ा सियासी उलटफेर करेंगे? फिलहाल बीकापुर में हर दल अपनी बिसात बिठा रहा है, समीकरण बदल रहे हैं और दावेदार अपनी ताकत दिखा रहे हैं। लेकिन इतना तय है कि 2027 में बीकापुर सिर्फ एक विधानसभा सीट नहीं होगी... बल्कि अयोध्या जनपद की सबसे दिलचस्प और चर्चित चुनावी जंग में से एक होगी.
0
0
Report

बसपा के पूर्व विधायक जितेंद्र बबलू के प्रबुद्ध संवाद से 2027 की बड़ी उम्मीद

Ayodhya, Uttar Pradesh:Anchor - बीकापुर विधानसभा में बसपा के पूर्व विधायक जितेंद्र सिंह बबलू ने प्रबुद्ध संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम में बसपा के प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। मंच पर वैदिक आचार्य शंखनाद करते नजर आए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में प्रबुद्ध वर्ग के लोगों की मौजूदगी रही। मीडिया से बातचीत में विश्वनाथ पाल ने दावा किया कि करीब 8 से 10 हजार लोग कार्यक्रम में पहुंचे और जितेंद्र सिंह बबलू को आशीर्वाद देने का काम किया। बबलू की उम्मीदवारी को लेकर सवाल पर उन्होंने कहा कि घोषणा जल्द कर दी जाएगी और बहन जी का आशीर्वाद मिलने के संकेत का भी जिक्र किया। चंद्रशेखर आजाद की जनसभा पर निशाना साधते हुए विश्वनाथ पाल ने मिल्कीपुर उपचुनाव का जिक्र किया और उनके राजनीतिक प्रदर्शन पर सवाल उठाए। वहीं पीडीए को लेकर उन्होंने कहा कि अगर वास्तव में पीडीए का विकास चाहते हैं तो बैकलॉग भर्ती, एससी आरक्षण और पदोन्नति आरक्षण जैसे मुद्दों पर काम होना चाहिए। विश्वनाथ पाल ने संविधान को लेकर कहा कि बाबा साहब का संविधान ईमानदारी से लागू किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि 2027 में बसपा बड़ी संख्या में जीत हासिल करेगी और 2007 के तर्ज पर सरकार बनाने का काम किया जाएगा। Byte - विश्वनाथ पाल, प्रदेश अध्यक्ष बसपा
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top