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गाजियाबाद में शिव भक्तों के लिए ड्रेस बिकिनी को लेकर चर्चाएं तेज

Ghaziabad, Uttar Pradesh:गाजियाबाद में शिव भक्तों के लिए शिव की ड्रेस बिकिनी शुरू हो गई है। शिवरात्रि पर भगवान शिव का जल अभिषेक करने के लिए भक्त इस ड्रेस को पहनकर गंगाजल लेकर आते हैं। ड्रेस बनाने के लिए विजयनगर में दुकानें सज गई हैं और उसे पर शिव भक्त पहुंचना शुरू हो गए हैं। ड्रेस खरीद रहे शिव भक्त ने बताया कि इस साल उनमें उत्साह और भी ज्यादा बढ़ गया है। वह भगवान शिव का जल अभिषेक करने के लिए इन वस्त्र को पहनकर गंगाजल लेकर आएंगे। वहीं दुकानदारों का कहना है कि अभी भक्तों की भीड़ दुकान पर आ रही है, जो अनुमानित समय के साथ बढ़ती हुई दिखाई देगी.
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भिवाड़ी स्टील प्लांट हादसे के बाद मृतक के परिजनों ने गेट जाम लगा दिया

Bagheri Kalan, Rajasthan:भिवाड़ी स्थित एक स्टील प्लांट में 29 जुलाई को हुए एक हादसे में गई श्रमिक की जान के बाद आज फेक्ट्री गेट पर मृतक के परिवार पहुंच गए और फेक्ट्री गेट पर टायर जलाकर रोड जाम कर दिया। हंगामे और रोड जाम की सूचना के बाद मौके पर पहुंची फेज थर्ड थाना पुलिस ने परिजनों और अन्य श्रमिकों से समझाइश का प्रयास किया, लेकिन परिजन फेक्ट्री मालिक को मौके पर बुलाने और मृतक के परिवार को मुआवजे की मांग पर अड़े रहे। बताया जा रहा है कि उतरप्रदेश के खुशीनगर निवासी 40 वर्षीय मृतक किशोर भिवाड़ी में स्थित निर्मल इंटरप्राइजेज में करीब 2 साल से काम कर रहा था। बताया जा रहा है कि 29 जुलाई को मृतक को तेजाब के खाली टैंक की सफाई के लिए टैंक में उतारा गया, जहाँ दम घुटने से मृतक की तबियत खराब हो गई, जिसे भिवाड़ी जिला अस्पताल से इलाज के लिए अलवर रेफर किया गया था, वहाँ इलाज के दौरान श्रमिक की मौत हो गई। मौत के बाद आज काफी तादाद में परिजन और श्रमिक गेट पर जमा हो गए और जाम लगा दिया। पुलिस की समझाइश के बाद जाम को हटा दिया गया, लेकिन परिजन गेट पर ही डटे रहे। थानाधिकारी विक्रम सिंह ने बताया कि अभी परिजनों ने कोई भी लिखित में शिकायत नहीं दी है; जैसे ही कोई शिकायत मिलेगी उसके बाद पोस्टमार्टम करवा कार्रवाई की जाएगी。
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Bhopal, Madhya Pradesh:
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झारखंड-छत्तीसगढ़ पुल खतरे की घंटी: जल्द बनेगा नया पुल

Narayanpur, Jharkhand:झारखंड और छत्तीसगढ़ को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण पुल खतरे की घंटी बन चुका है. पुल कभी भी धराशायी हो सकता है, फिर भी लोग जान हथेली पर रखकर पार कर रहे हैं. प्रशासन ने चेतावनी बोर्ड और बैरिकेडिंग लगा दी है, लेकिन आवाजाही जारी है. इस पुल की हालत बेहद जर्जर है; नदी में पाया धंस गया है और बीच का स्लैब नीचे बैठ गया है, जिससे कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है. स्थानीय लोग कई बार शिकायत कर चुके हैं लेकिन स्थायी समाधान नहीं हुआ. भारी वाहनों के आवागमन पर प्रतिबंध होने के बावजूद कई वाहन नियमों की अनदेखी कर रहे हैं. विभाग ने चेतावनी बोर्ड, बैरिकेडिंग और वैकल्पिक बाईपास मार्ग की व्यवस्था की है; नया पुल निर्माण कार्य जल्द शुरू होगा और टेंडर जारी है.
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अकोले नगर पंचायत चुनाव: सोनाली नाईकवाडी ने 11 में 11 वोट से जीत

Shirdi, Maharashtra:अकोले नगरपंचायतमध्ये अविश्वास ठरावानंतर रिक्त झालेल्या नगराध्यक्ष पदासाठी मतदान प्रक्रिया पार पडली. या निवडणुकीत भाजपच्या सोनाली नाईकवाडी आणि वैष्णवी धुमाळ या दोन्ही नगरसेविकांनी उमेदवारी अर्ज दाखल केले होते. सोनाली नाईकवाडी यांना 17 पैकी 11 नगरसेवकांनी हात उंचावून मतदान केल्याने विजय झाला. भाजप नेते वैभव पिचड समर्थक वैष्णवी धुमाळ यांना 6 मत पडल्याने पराभवाचा सामना करावा लागला. पिठासीन अधिकारी अरुण उंडे यांच्या अध्यक्षतेखाली ही मतदान प्रक्रिया पार पडली. कुठलाही अनुचित प्रकार घडू नये यासाठी पोलिस बंदोबस्त तैनात होता. नगराध्यक्ष पदासाठी भाजपच्याच दोन नगरसेविकांमध्ये रंगतदार लढत बघायला मिळाली. अकोले नगरपंचायतीच्या पंचवार्षिक निवडणुकीला सात महिने बाकी असताना नगराध्यक्ष बाळासाहेब वडजे यांच्या विरोधात अविश्वास ठराव पास झाला. वडजे यांना पायउतार व्हावे लागल्याने अकोले पालिकेत मोठा राजकीय पेच निर्माण झाला होता. अखेर नगराध्यक्ष पदासाठी पार पडलेल्या निवडणुकीत सोनाली नाईकवाडी यांना 17 पैकी 11 नगरसेवकांनी मतदान करत विजयी केले. सोनाली नाईकवाडी दुसऱ्यांदा अकोल्याच्या नगरध्यक्षपदी विराजमान झाल्या आहेत.
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वर्धा की सड़कों पर तीन-फुट से पाँच-फुट गड्ढे, यातायात बाधित

Wardha, Maharashtra:वर्धा शहर खड्ड्यांच्या विळख्यात? रस्ता की मृत्यूचा सापळा? तीन ते पाच फूट खड्ड्यांनी नागरिक हैराण नगरपालिकेचा निष्काळजीपणा? जीवघेण्या खड्ड्यांमुळे नागरिकांचा संताप वर्ध्यात खड्ड्यांचे साम्राज्य! बॅचलर रोड ते शिवाजी चौक अपघात वाढले अँकर - वर्धा शहरातील बॅचलर रोड, पावडे चौक, शिवाजी चौक आणि शास्त्री चौक येथील रस्त्यांवर मोठमोठे खड्डे पडल्याने नागरिकांचे हाल होत आहेत. तब्बल तीन ते पाच फूट खोल खड्ड्यांमुळे दररोज अपघात घडत असल्याचा नागरिकांचा आरोप है. वाहनचालक आणि पादचाऱ्यांना जीव धोक्यात घालून प्रवास करावा लागत असूनही नगरपालिका प्रशासनाकडून अद्याप ठोस उपाययोजना झालेली नाही.याच रस्त्यावरून खड्ड्याचा आढावा घेतला आमचे प्रतिनिधी मिलिंद आंडे यांनी..
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यवतमाल के दारव्हा में कुपटी नदी के पास कार डूबी, माँ व दो बेटियाँ मृत

Yavatmal, Maharashtra:यवतमाळच्या दारव्हा तालुक्यातील दहेली गावाजवळ असलेल्या कुपटी नदीत कार वाहून झालेल्या दुर्घटनेची चौकशी करण्याचे आदेश पालकमंत्री संजय राठोड यांनी दिले आहे. या कार मधल्या कुटुंबातील पती बचावला मात्र आई सह तिच्या दोन मुलींचा पुराच्या पाण्यात बुडून मृत्यू झाला. सिमेंट रस्त्याच्या अर्धवट कामामुळे तसेच रेड अलर्ट असताना या धोकादायक पुलाजवळ दिशादर्शक फलक नव्हते त्यामुळे पाण्याचा अंदाज आला नाही अशी माहिती अपघातातून बचावलेल्या अविनाश खंदारे यांनी पालकमंत्र्यांना दिली होती. दारव्हा ते आर्णी या सिमेंट रस्त्याचे काम पुलाजवळ अर्धवट सोडले आहे, पुलावरही मोठे खड्डे आहेत. कंत्राटदाराने पूरस्थिती असताना तिथे कठडे लावायला हवे होते मात्र त्याकडे दुर्लक्ष झाले असल्याची बाब दिसून येत असल्याचे पालकमंत्री संजय राठोड यांनी सांगितले. त्यामुळे घटनेची चौकशी करून संबंधित दोषीवर योग्य ती कारवाई करण्याचे आदेश दिल्या जाईल असे पालकमंत्री संजय राठोड यांनी सांगितले.
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वाई के महागणपती मंदिर कृष्णामाई नदी के जलस्तर से बंद

Satara, Maharashtra:सातारा जिल्ह्यातील दक्षिण काशी म्हणून ओळखल्या जाणाऱ्या ऐतिहासिक वाई शहरातील महागणपती मंदिराला कृष्णामाईच्या पुराच्या पाण्याचा वेढा पडला आहे. धोम धरणातून सुमारे ७ हजार क्यूसेक पाण्याचा विसर्ग सुरू असल्याने कृष्णा नदीची पाणीपातळी वाढली असून पुराचे पाणी थेट महागणपतीच्या चरणापर्यंत पोहोचले आहे. ही पुराची परिस्थिती लक्षात घेता मंदिर प्रशासनाने मंदिर बंद ठेवण्याचा निर्णय घेतला आहे. कृष्णामाईच्या पाण्याने महागणपतीला जलाभिषेक घातल्यानंतर पुजाऱ्यांनी विधिवत पूजा करून मंदिराचे दरवाजे बंद केले आहेत. पाणी ओसरल्यानंतर मंदिर पुन्हा भाविकांसाठी खुले करण्यात येईल असे पुजारी पुरुषोत्तम गोखले गुरव आणि मयुरी गुरव यांनी सांगितलेआहे.
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नदी मार्ग से अवैध बালি तस्करी: गोसाबा पुलिस ने 5 नावें पकड़ी, 5 गिरफ्तार

Baruipur, West Bengal:নদীপথে বেআইনি বালি পাচারের খবর পেয়ে বড়গড় অভিযান চালালো গোসাবা থানার পুলিশ। অভিযানে বালি বোঝাই 5টি ধলাই নৌকা বাজেয়াপ্ত করা হয়েছে। গ্রেফতার করা হয়েছে 5 জনকে। গোপন সূত্রে খবর পেয়ে গোসাবা থানার পুলিশ, চাঁদিপুর ফিসারি ঘাট থেকে 5টি নৌকায় বালি বোঝাই করে সোনাখালীর দিকে যাচ্ছে। কোনো বৈধ কাগজপত্র নেই বলে অভিযোগ । খবর পাওয়া মাত্রই চাঁদিপুর ফিসারি ঘাটের কাছে নদীতে অভিযান চালায় পুলিশ। নদীর মাঝে পরপর 5টি বালি বোঝাই নৌকাকে আটক করা হয়। তল্লাশিতে দেখা যায় নৌকাগুলিতে প্রায় 2250 CFT সাদা বালি রয়েছে। পুলিশ বৈধ কাগজ দেখতে চাইলে কেউ দেখাতে পারেনি। জিজ্ঞাসাবাদে অভিযুক্তরা স্বীকার করে, ব্যবসায়িক লাভের জন্য নৌকার মালিকদের হয়ে তারা চাঁদিপুর থেকে সোনাখালীতে বালি নিয়ে যাচ্ছিল। গ্রেফতার হওয়া 5 জন হলেন:* আকবর শেখ, শাহার আলি শেখ, রাহুল আমিন সর্দার, আজিজুল লস্কর এবং নবীর আলি সর্দার। সকলের বাড়ি বাসন্তী থানার রামচন্দ্রখালি দক্ষিণ গ্রামে। এই ঘটনায় গোসাবা থানায় 401/26 নম্বর মামলা রুজু হয়েছে। মামলা দায়ের হয়েছে BNS এর 303(2)/317(2)/61(2) ধারা এবং খনি ও খনিজ আইন 1957-এর 21 ধারায়। পুলিশ সূত্রে জানা গেছে, এই চক্রের সাথে জড়িত আরও 5 জনের নামও মামলায় হয়েছে। গোটা ঘটনার তদন্ত শুরু করেছে পুলিশ。
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मेदिनापुर मेडिकल कॉलेज सलाइन कांड: पूर्व सुपर जयंत कुमार राउत ने फिर से जांच की मांग की

Mollar Chak, West Bengal:পুন:তদন্তের দাবি জানিয়ে মুখ্যমন্ত্রীকে চিঠি দিয়ে দেড় বছর আগে ঘটে যাওয়া মেদিনীপুর মেডিকেল কলেজ হাসপাতালের স্যালাইন কাণ্ডকে ফের খবরের শিরোনামে নিয়ে এলেন তৎকালীন হাসপাতাল সুপার ডা: জয়ন্ত কুমার রাউত। তদন্ত ঠিকঠাক হয়নি, তার কাছ থেকে কিছু না শুনেই তাকে সাসপেন্ড করে দেওয়া হয়েছিল, বিস্ফোরক দাবি প্রাক্তন হাসপাতাল সুপারের। দেড় বছর আগে ২০২৫ সালের ৮ ই জানুয়ারী মেদিনীপুর মেডিকেল কলেজ হাসপাতালের বেশ কয়েকটি প্রসুতি কে মেয়াদ উত্তীর্ণ স্যালাইন দেওয়ার অভিযোগ ওঠে মেদিনীপুর মেডিকেল কলেজ হাসপাতালের উপর! ঘটনায় ৬ প্রসুতি হঠাৎ করেই অসুস্থ হয়। একদিন পর ১০ তারিখ ১ প্রসুতি মারা যায়। বাকিদের মধ্যে ৩ জনকে গ্রীন করিডর করে ১২ তারিখ নিয়ে যাওয়া হয় এসএসকেএম এ। তাদের মধ্যে আরো একজনের মৃত্যু হয়। অন্যদিকে ১৬ তারিখ মৃত্যু হয় এক সদ্যজাতের। এই ঘটনা নাড়ে দিয়েছিল গোটা রাজ্যকে। স্বাস্থ্য দফতরের এক প্রতিনিধি দলের পাশাপাশি ঘটনার তদন্তভার দেওয়া হয় সিআইডি কে। ঘটনার জন্য ১৬ জানুয়ারী হাসপাতাল সুপার জয়ন্ত রাউত সহ মোট ১৩ জনকে সাসপেন্ড করা হয়। নুতুন সরকার আসার পরে ধাপে ধাপে ১২ জনের সাসপেনশন উঠে যায়। এখনো সাসপেন্ড রয়েছেন একজন৷ আর এই ঘটনা নিয়েই এবার বিস্ফোরক দাবি সেই সময় সাসপেন্ড হওয়া হাসপাতাল সুপার জয়ন্ত রাউত! ঘটনার তদন্ত ঠিকঠাক হয়নি বলে দাবি করে পুন:তদন্তের দাবি নিয়ে মুখ্যমন্ত্রীর কাছে চিঠি লিখেছেন তিনি। তিনি সাসপেন্ড হলেও তাকে এখনো পর্যন্ত কোনো তদন্তকারী দল বা সিআইডি তার বক্তব্য নেয়নি বলেই দাবি করেছেন তিনি। ঘটনার দিনও তিনি ছুটিতে ছিলেন বলে দাবি তার। স্যালাইন স্যাম্পেল তদন্তকারী দলকে দেওয়া হয়নি বলে দাবি তার। প্রকৃত তদন্ত হলে অনেক কিছু বেরিয়ে আসবে বলে দাবি করলেন তিনি।সম্প্রতি সাসপেনশন উঠে যাওয়ার পর জয়ন্ত বর্তমানে তমলুক মেডিকেল কলেজে কর্মরত।
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मझौली में 10 वर्षों से केंद्र बंद, बेटियों को 50 किमी दूर जाना पड़ता है

Sidhi, Madhya Pradesh:एंकर सुबह के चार बजे... चारों तरफ घना अंधेरा... सुनसान सड़क... और हाथों में किताबें व एडमिट कार्ड लिए बस का इंतजार करती बेटियां। ये किसी फिल्म का दृश्य नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश के सीधी जिले के मझौली क्षेत्र की हकीकत है। यहां की छात्राओं को परीक्षा देने के लिए करीब 50 किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय सीधी जाना पड़ता है। सुबह 7 बजे परीक्षा होने के कारण उन्हें भोर से पहले घर छोड़ना पड़ता है। सवाल यह है कि जब सरकार बेटियों की शिक्षा और सुरक्षा की बात करती है, तो आखिर मझौली में पिछले 10 वर्षों से परीक्षा केंद्र क्यों बंद है? देखिए हमारी यह विशेष रिपोर्ट। --- वीओ-1 ये तस्वीरें मझौली क्षेत्र की हैं, जहां प्रथम वर्ष की परीक्षाएं चल रही हैं। लेकिन परीक्षा केंद्र मझौली में नहीं, बल्कि जिला मुख्यालय सीधी में बनाया गया है। ऐसे में छात्राओं को समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचने के लिए सुबह चार बजे ही घर से निकलना पड़ता है। चुवाही और आसपास के क्षेत्रों में कई छात्राएं अंधेरे में बस का इंतजार करती दिखाई देती हैं। अभिभावकों का कहना है कि परीक्षा से ज्यादा चिंता बेटियों की सुरक्षित यात्रा की रहती है। बाइट 1– छात्राएं वीओ-2 शासकीय महाविद्यालय मझौली में पिछले करीब 10 वर्षों से परीक्षा केंद्र संचालित नहीं हो रहा है। संकुल प्रभारी प्राचार्य प्रभाकर सिंह के अनुसार, नकल प्रकरण के बाद विश्वविद्यालय ने परीक्षा केंद्र निरस्त कर दिया था। उनका कहना है कि कुछ अन्य महाविद्यालयों ने न्यायालय से राहत लेकर अपने परीक्षा केंद्र बहाल करा लिए, लेकिन मझौली में ऐसा नहीं हो सका। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि परीक्षा केंद्र बहाली के लिए महाविद्यालय स्तर से विश्वविद्यालय को प्रभावी पत्राचार की जानकारी उपलब्ध नहीं है। परिणाम यह है कि आज भी छात्र-छात्राओं को करीब 50 किलोमीटर दूर सीधी जाकर परीक्षा देनी पड़ रही है। बाइट2 – प्रभाकर सिंह, संकुल प्रभारी प्राचार्य वीओ-3 इस मुद्दे पर क्षेत्रीय विधायक कुंवर सिंह टेकाम का कहना है कि वर्ष 2016 में परीक्षा केंद्र निरस्त हुआ था। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 में तत्कालीन कुलपति से इस विषय पर चर्चा की थी, जहां उन्हें बताया गया कि पुराने नकल प्रकरण और न्यायालय के आदेश के कारण केंद्र बहाल नहीं हो सकता। विधायकका कहना है कि परीक्षा केंद्र शुरू कराने के लिए अब उच्च न्यायालय की अनुमति आवश्यक है और विधिक प्रक्रिया पूरी कर इसे बहाल कराने का प्रयास किया जाएगा। हालांकि यह बयान कई वर्ष पुराना है, लेकिन 2026 तक भी परीक्षा केंद्र बहाल नहीं हो सका है। बाइट3 – कुंवर सिंह टेकाम, विधायक वीओ-4 छात्र अथर्व तिवारी का कहना है कि परीक्षा केंद्र बहाली की मांग पिछले चार वर्षों से लगातार की जा रही है। 5 मार्च 2022 को छात्रों ने सांसद, विधायक, कलेक्टर सहित कई अधिकारियों को ज्ञापन भी सौंपा था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि नकल प्रकरण के कारण परीक्षा केंद्र समाप्त किया गया था, तो उसी महाविद्यालय में अन्य परीक्षाएं कैसे आयोजित कराई जा रही हैं। छात्रों का कहना है कि यह दोहरे मापदंड को दर्शाता है और परीक्षा केंद्र जल्द बहाल किया जाना चाहिए। बाइट –4 अथर्व तिवारी, छात्र बहरहाल एक तरफ सरकार बेटियों की शिक्षा और सुरक्षा को प्राथमिकता देने का दावा करती है, तो दूसरी तरफ मझौली की छात्राएं आज भी परीक्षा देने के लिए अंधेरे में 50 किलोमीटर का सफर तय करने को मजबूर हैं। सवाल सिर्फ परीक्षा केंद्र का नहीं, बल्कि सुरक्षा, समान अवसर और प्रशासनिक संवेदनशीलता का भी है। अब देखना होगा कि जिम्मेदार विभाग इस समस्या का स्थायी समाधान कब तक निकालते हैं।
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