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भभुआ में पुलिस लाइन में तैनात जमादार की हार्ट अटैक से गई जान
Bhabua, Bihar:कैमूर जिले के पुलिस लाइन भभुआ में तैनात एक जमादार की हार्ट अटैक से मौत हो गई। सहकर्मियों द्वारा उन्हें सदर अस्पताल भभुआ लाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही कैमूर एसपी ललित मोहन शर्मा और जिलाधिकारी सावन कुमार अस्पताल पहुंचे और मामले की जानकारी ली। मृतक की पहचान पूर्वी चंपारण जिले के गोविंदगंज थाना क्षेत्र के झखरा गांव निवासी हरि नारायण सिंह (55) के रूप में हुई है। परिजनों को सूचना दे दी गई है। पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।
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खराब सड़कों पर 10 वर्षीय बच्चे की मौत, नागरिकों में भारी आक्रोश
Pimpri-Chinchwad, Maharashtra:रस्त्याच्या दुरावस्थेमुळे दहा वर्षीय चिमूरड्याचा मृत्यू... नागरिकांमध्ये आक्रोश..! आय टी पार्क हिंजवडी जवळ असलेल्या म्हाळुंगे मध्ये काल रिषभ पाटोळे या १० वर्षीय मुलाचा ट्रकच्या चाक्या खाली येऊन मृत्यू झाला...या घटनेनंतर रस्त्याचा मुद्दा पुन्हा एकदा ऐरणीवर आलाय..! रिषभ आणि त्याच्या बहिणीला घेऊन संदीप पाटोळे गोदरेज ग्रीन कोव्ह वसाहतीच्या समोरून जात असताना खराब रस्त्यामुळे त्यांची गाडी स्लिप झाली आणि रिषभ पाटोळे या १० वर्षीय चिमुकल्याचा मृत्यू झाला. त्या नंतर मोठा आक्रोश व्यक्त केला जात आहे... अपघातानंतर नागरिकांशी चर्चा केलीय आमचे प्रतिनिधी कैलास पुरी यांनी..!0
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आमाटोला हाई स्कूल के गेट पर ताला, ग्रामीण शिक्षक हटाने की मांग पर प्रदर्शन
मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। अंबागढ़ चौकी विकासखंड के ग्राम आमाटोला स्थित हाई सेकेंडरी स्कूल में छात्र-छात्राओं और ग्रामीणों ने स्कूल के मुख्य द्वार पर ताला जड़ दिया है। ग्रामीण एक व्याख्याता की कार्यशैली से नाराज बताए जा रहे हैं और उन्हें स्कूल से हटाने की मांग को लेकर लामबंद हैं। मौके पर पुलिस बल भी मौजूद है। मामला अंबागढ़ चौकी विकासखंड के ग्राम आमाटोला स्थित हाई सेकेंडरी स्कूल का है, जहां मंगलवार को छात्र-छात्राओं और ग्रामीणों ने स्कूल के मुख्य द्वार पर ताला जड़कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि स्कूल में पदस्थ एक व्याख्याता की कार्यशैली को लेकर छात्र-छात्राओं और ग्रामीणों में लंबे समय से नाराजगी है। इसी नाराजगी के चलते ग्रामीणों ने एकजुट होकर व्याख्याता को हटाने की मांग उठाई है। सुबह से ही बड़ी संख्या में ग्रामीण स्कूल परिसर में पहुंचे और मुख्य द्वार पर ताला लगाकर धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की और संबंधित व्याख्याता को हटाने की मांग की। वहीं, स्कूल में तालाबंदी और ग्रामीणों के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए मौके पर पुलिस बल भी मौजूद है। पुलिस द्वारा स्थिति पर नजर रखी जा रही है, ताकि किसी तरह की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। अब देखने वाली बात होगी कि शिक्षा विभाग और प्रशासन ग्रामीणों की इस मांग पर क्या कदम उठाता है और स्कूल में उत्पन्न विवाद का समाधान किस तरह किया जाता है。0
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दिल्ली में जंतर मंतर विरोध: 30,000 भीड़ और सुरक्षा के कड़े इंतजाम
Noida, Uttar Pradesh:दिल्ली पुलिस का काउंटर-एफिडेविट (डीसीपी सचिन शर्मा, नई दिल्ली जिला द्वारा दायर) – रिट पिटीशन (क्रिमिनल) नंबर 280 ऑफ 2026 (एवं संबंधित याचिकाएँ) सर्वोच्च न्यायालय में पृष्ठभूमि और अनुमति की स्थिति • जंतर मंतर पर प्रदर्शन लगभग 6 जून 2026 से शुरू हुए। 17 जून 2026 को आयोजक सौरव दास ने 20 जून 2026 को एक दिवसीय शांतिपूर्ण धरने (सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक, अनुमानित 500-600 लोग) की अनुमति मांगी, जिसमें दिल्ली पुलिस स्टैंडिंग ऑर्डर नंबर 48/2022 का पालन करने का वचन दिया गया। • अनुमति एक बार के अपवाद के रूप में दी गई (कम नोटिस और सर्वोच्च न्यायालय के दिशानिर्देशों WP No. 1153/2017 का पूर्ण पालन न होने के बावजूद)। यह अनुमति 20 जून 2026 शाम 5 बजे के बाद समाप्त हो गई, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने स्थल खाली नहीं किया और तितर-बितर नहीं हुए। आंदोलन जारी रहा और छात्रों, राजनीतिक कार्यकर्ताओं, नेताओं तथा कार्यकर्ताओं के शामिल होने से फैल गया। • स्टैंडिंग ऑर्डर नंबर 48/2022 के अनुसार सेंट्रल विस्टा/जंतर मंतर/बोट क्लब क्षेत्र में अधिकतम 1,000 प्रदर्शनकारियों की अनुमति है। आयोजकों ने बार-बार अधिक लोगों को बुलाने और 20 जुलाई 2026 (मानसून सत्र के उद्घाटन दिवस) को “चलो संसद” मार्च का आह्वान किया। संसद की ओर किसी भी मार्च/जुलूस की अनुमति न तो मांगी गई और न ही दी गई। • नई दिल्ली जिले में 21 जून 2026 से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 163 के तहत निषेधात्मक आदेश लागू थे, जो निर्धारित स्थल के बाहर बिना पूर्व अनुमति के विरोध मार्च, जुलूस, प्रदर्शन और सभाओं पर प्रतिबंध लगाते थे। 19 जुलाई 2026 को X (ट्विटर) सहित सार्वजनिक सलाह और द्विभाषी पोस्टर/बैनर जारी किए गए, जिसमें संसद मार्च के लिए कोई अनुमति न होने की जानकारी दी गई। पुलिस की तैयारी और तैनाती • संसद, राष्ट्रपति भवन और अन्य उच्च-संवेदनशीलता वाले क्षेत्रों के पास सुरक्षा जोखिमों की आशंका को देखते हुए सेंट्रल आर्मड पुलिस फोर्स, दिल्ली पुलिस रिजर्व, CRPF और RAPID एक्शन फोर्स (RAF) के साथ 3,600 से अधिक बैरिकेड्स लगाए गए। • 20 जुलाई 2026 को लगभग 5,000 वर्दीधारी कर्मी (विशेष शाखा, स्पेशल सेल, क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस के सादे कपड़ों वाले “स्पॉटर्स” सहित) तैनात किए गए। स्पॉटर्स को बड़ी सभाओं में असामाजिक/अपराधी तत्वों की पहचान के लिए वैश्विक मानक अभ्यास बताया गया। • महिला प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा और गरिमा के लिए व्यापक महिला पुलिस तैनाती: 20 जुलाई दिन में 292, 21 जुलाई दिन में 648 रात में 276, 22 जुलाई दिन में 560 रात में 296, 23 जुलाई दिन/रात में प्रत्येक 519, 24 जुलाई दिन में 520 रात में 260, और 25 जुलाई को कम से कम 520/260 — इस अवधि में कुल 4,600 से अधिक महिला कर्मी। • Other उपाय: एम्बुलेंस, शांतिपूर्ण तितर-बितर होने के लिए निरंतर लाउडस्पीकर घोषणाएँ/चेतावनियाँ, आयोजकों (सौरव दास और आशुतोष रांका) से संवाद, तथा पीसीआर कॉल पर प्रतिक्रियाएँ। 20 जुलाई 2026 की घटनाएँ और बल प्रयोग • भीड़ का आकार 30,000 से अधिक (कथित दंगाई/दुष्कृत्यकारी तत्वों सहित) हो गया, जो जंतर मंतर के आसपास लगभग 3 किमी के दायरे में फैली थी और लगभग 5,000 अधिकारियों द्वारा संभाली गई। • बार-बार अनुरोध, चेतावनी और समझाने के बावजूद प्रदर्शनकारियों के एक वर्ग ने आक्रामक रुख अपनाया, कई परतों के बैरिकेड्स तोड़े और संसद भवन की ओर आगे बढ़ने का प्रयास किया। पुलिस का कहना है कि सभा गैरकानूनी हो गई। • हिंसा में शामिल था: पुलिस पर हमला (पुरुष और महिला अधिकारियों को खींचना/मनहैंडल करना), पथराव (विशেষ रूप से संसद मार्ग पर रजिस्ट्रार को-ऑपरेटिव सोसाइटीज ऑफिस के पास, जहाँ फर्नीचर और ईंटें फेंकी गईं), सरकारी/पुलिस वाहनों, बैरिकेड्स और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान। मुख्य संघर्ष बिंदु थे — जंतर मंतर, संसद मार्ग, पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन क्षेत्र, जनपथ-जंतर मंतर जंक्शन, टॉल्स्टॉय मार्ग, अशोका रोड, पटेल चौक मेट्रो पहुंच मार्ग, तथा कनॉट प्लेस, रीगल सिनेमा, गोल मार्केट और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के आसपास के क्षेत्र। • पुलिस का दावा है कि प्रतिक्रिया क्रमिक थी: पहले मध्यस्थता/बातचीत, फिर न्यूनतम आवश्यक बल (अंतिम उपाय के रूप में टियर स्मोक शेल्स, तथा तितर-बितर करने और व्यवस्था बहाल करने के लिए सीमित/नियंत्रित लाठीचार्ज)। हमले झेल रहे अधिकारियों द्वारा रक्षात्मक रूप से फाइबर लाठियों का भी उपयोग किया गया। बल का प्रयोग केवल बैरिकेड तोड़ने और हिंसा शुरू होने के बाद ही किया गया। • 240 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए (कई गंभीर रूप से; सूची अनुलग्नक आर-7 के रूप में संलग्न). लगभग 200-218 आम नागरिक/प्रदर्शकारियों की भी मेडिको-लीगल जांच हुई। पुलिस का तर्क है कि प्रदर्शनकारियों की चोटें 30,000 की नियंत्रण से बाहर भीड़ की अफरातफरी में हुईं और ये अत्यधिक बल का संकेत नहीं हैं। • “कील वाली लाठियाँ” का आरोप: पुलिस का कहना है कि एकमात्र वीडियो में प्रदर्शनकारियों के हाथ में (राष्ट्रीय ध्वज के साथ) एक छड़ी दिखाई दे रही है, पुलिस की नहीं; किसी MLA/प्रकारण में कील की चोट का उल्लेख नहीं हैं फेस रेकग्निशन सिस्टम (FRS) और आपराधिक तत्व • एफआरएस वाहनों को मौजूदा आपराधिक रिकॉर्ड वाले व्यक्तियों की पहचान के लिए आनुपातिक उपाय के रूप में तैनात किया गया (शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की अंधाधुंध निगरानी या प्रोफाइलिंग नहीं)। यह केवल गंभीर अपराधों के लिए पुलिस डेटाबेस में पहले से मौजूद चेहरों का मिलान करता है; किसी भी कार्रवाई से पहले फील्ड सत्यापन किया जाता है। आम लोगों के बायोमेट्रिक्स नहीं लिए जाते और किसी को आधार कार्ड लेकर नहीं बुलाया गया। • 20-26 जुलाई 2026 के बीच एफआरएस ने मौजूदा रिकॉर्ड से मेल खाने वाले 2,873 व्यक्तियों की पहचान की (2,402 क्राइम कुंडली डेटाबेस से; 471 डोजियर रिकॉर्ड से). इनमें से 92 10 से अधिक मामलों में शामिल थे; 47 इतिहास-शीटर थे। पूर्व अपराधों में हत्या, हत्या का प्रयास, डकैती/लूट, बलात्कार, पॉक्सो, महिलाओं के विरुद्ध अपराध, आयुध अधिनियम, अपहरण, छीनना, एनडीपीएस और अन्य गंभीर आईपीसी/BNSS/विशेष कानून के मामले शामिल थे। • इसी छह दिवसीय अवधि में क्षेत्र में 7 मोटर वाहन चोरी, 67 अन्य चोरियाँ और 123 “खोया” रिपोर्ट दर्ज हुईं — जिन्हें दुष्कृत्यकारियों/अपराधियों के घुसपैठ के प्रमाण के रूप में बताया गया। • दिल्ली पुलिस आयुक्त द्वारा गठित SIT गंभीर आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों की संलिप्तता की जांच करेगी। इन 2,873 व्यक्तियों के अलावा अन्य प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई जांच नहीं की जाएगी। व्यापक रुख और चेतावनियाँ • शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार (छात्रों/युवाओं सहित) मौलिक और पवित्र है। समस्या तब पैदा होती है जब प्रदर्शन हिंसक हो जाते हैं, नागरिकों/पुलिस को चोट पहुँचाते हैं, सार्वजनिक संपत्ति नष्ट करते हैं, या आपराधिक पृष्ठभूमि वाले असामाजिक तत्वों द्वारा घुसपैठ किए जाते हैं। • याचिकाएँ कथित रूप से चयनित तस्वीरों, अधूरे वीडियो और असत्यापित मीडिया/सोशल मीडिया रिपोर्टों पर आधारित हैं, जो एकतरफा तस्वीर पेश करती हैं। पुलिस पूर्ण समकालिक रिकॉर्ड (खुफिया इनपुट, तैनाती आदेश, वायरलेस लॉग, डीडी एंट्री, CCTV, आधिकारिक वीडियोग्राफी, बॉडी-वॉर्न कैमरा, मेडिकल रिकॉर्ड, नुकसान आकलन) जांच के अधीन रखेगी। • एफिडेविट सीमित है (गुण-दोष पर पैरा-वार नहीं) क्योंकि पूर्ण जांच जारी है और सर्वोच्च न्यायालय बल प्रयोग की जांच के लिए समिति नियुक्त करने पर विचार कर रहा है। दिल्ली पुलिस ऐसी किसी भी समिति के साथ पूर्ण सहयोग करेगी और सभी आवश्यक विवरण उपलब्ध कराएगी। अत्यधिक बल और अन्य उपकरणों के उपयोग के आरोप उसी जांच के लिए छोड़ दिए गए हैं। • पुलिस ने जन-व्यवस्था बनाए रखने, संसद और अन्य महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों (राष्ट्रपति भवन, केंद्रीय सरकारी कार्यालय, मंत्रियों/वरिष्ठ अधिकारियों के आवास, कनॉट प्लेस) की सुरक्षा, लोक सेवकों और नागरिकों की रक्षा, तथा निषेधात्मक आदेशों को लागू करने के लिए सद्भावना से कार्य किया। तेजी से बदलती हिंसक स्थिति में परिचालन निर्णय को केवल अलग-अलग क्लिपों के आधार पर बाद में आंकना उचित नहीं है। एफिडेविट के साथ आयोजकों का आवेदन/वचन, स्टैंडिंग ऑर्डर 48/2022, अनुमति उत्तर, धारा 163 के आदेश, सार्वजनिक सलाह, धारा 163 के पोस्टर, घायल पुलिसकर्मियों की सूची और वीडियो संकलनों वाला पेनड्राइव संलग्न हैं.0
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पतौता गाँव के बदहाल रास्तों से एम्बुलेंस नहीं पहुँच पाई, बुजुर्ग की मौत
Rewa, Madhya Pradesh:रीवा जिले के गुढ़ विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत पतौता के कसई गांव में आजादी के दशकों बाद भी सड़क जैसी मूलभूत सुविधा नहीं पहुंच सकी है। गांव से मुख्य मार्ग तक पहुंचने के लिए करीब 3 किलोमीटर का रास्ता तय करना पड़ता है, लेकिन बारिश के दिनों में यही रास्ता दलदल में तब्दील हो जाता है। ग्रामीणों का आरोप है कि इसी बदहाल रास्ते के कारण 65 वर्षीय मोहम्मद सिरदार को समय पर एंबुलेंस नहीं मिल सकी और उन्हें अस्पताल पहुंचाने में देरी हुई, जिसके चलते इलाज के अभाव में उनकी मौत हो गई। बुजुर्ग की मौत के बाद गांव के मुस्लिम समुदाय के लोगों में गहरा आक्रोश है। ग्रामीणों ने अपनी परेशानी और बदहाल रास्ते का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया है, जिसमें वे अपनी व्यथा बताते हुए प्रशासन से सड़क निर्माण और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं। हालात इतने खराब हैं कि बारिश के दौरान गांव से शव को भी दलदल भरे रास्ते से परिजनों को कंधों पर उठाकर मुख्य मार्ग तक ले जाना पड़ता है। ग्रामीणों का सवाल है कि जब एक गांव तक एंबुलेंस और शव वाहन तक नहीं पहुंच सकता, तो आखिर आजादी के इतने वर्षों बाद भी विकास की पहुंच यहां तक क्यों नहीं हुई?0
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गोंदिया के लोधीटोला गाव में महिलाओं ने छेड़छाड़ के आरोपों पर कड़ी कार्रवाई की मांग
Bhandara, Maharashtra:गोंदिया तालुक्या अंतर्गत येणाऱ्या लोधीटोला गावातील महिलांच्या सुरक्षेचा प्रश्न गंभीर बनला असल्याचा आरोप गावातील महिलांनी केला आहे. गावातील काही युवक महिलांची छेड काढत असून अश्लील इशारे आणि असभ्य वर्तन करीत असल्याचा आरोप लोधीटोला गावातील महिलांनी केला आहे. या प्रकरणाची पोलिसांनी तात्काळ दखल घेऊन संबंधितांवर कठोर कारवाई करावी, अशी मागणी महिलांनी पत्रकार परिषद घेत केली आहे. लोधीटोला गावातील महिलांनी पत्रकार परिषद घेतली. यावेळी गावातील काही युवक रस्त्यावरून जाणाऱ्या महिलांना अश्लील भाषेत बोलणे,अश्लील इशारे करणे आणि त्रास देणे असे प्रकार करीत असल्याचं आरोप करण्यात आला. या प्रकारांना विरोध करणाऱ्या नागरिकांनाही धमकावले जात असल्याचा दावा महिलांनी केला आहे. त्यामुळे परिसरातील महिला भीतीच्या वातावरणात वावरत असून रस्त्यावरून जातानाही त्यांना असुरक्षित वाटत असल्याचे महिलांनी सांगितले. संबंधित युवकांवर यапूर्वीही अनेक गुन्हे दाखल असल्याचा दावा पत्रकार परिषदेत महिलांनी केला आहे. तसेच परिसरात अवैध धंदे, जुगार आणि अवैध उत्खनन सुरू असल्याचे आरोपही महिलांनी केले आहेत. मात्र, पोलिस प्रशासनाकडून अपेक्षित कठोर कारवाई होत नसल्याचा आरोप यावेळी करण्यात आला.0
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नितिन नवीन की नई भाजपा टीम: उत्तराखंड से चार नेता शामिल
Dehradun, Uttarakhand:एंकर भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की नई टीम का ऐलान हो गया है। उत्तराखंड से नई टीम में चार नेताओं को जगह मिली है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने ज़ी मीडिया से खास बात करते हुए कहा कि उत्तराखंड को राष्ट्रीय टीम में विशेष जगह दी गई है पूर्व मुख्यमंत्री तीर्थ सिंह रावत को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी को तीसरी बार राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी बनाया गया है तो वहीं महेंद्र पांडे एक बार फिर से कार्यालय मंत्री और आलोक भट्ट को भी सोशल मीडिया में जगह दी गई है। महेंद्र भट्ट का कहना है कि साल 2027 के विधानसभा चुनाव के लिहाज से राष्ट्रीय टीम मजबूत टीम है जिसका उत्तर प्रदेश से लेकर उत्तराखंड को बड़ा फायदा मिलेगा टिक टैक महेंद्र भट्ट प्रदेश अध्यक्ष भाजपा उत्तराखंड0
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शिरोमणि गुरद्वारा कमेटी का डेलिगेशन पाकिस्तान एंबेसी पहुंचा, सिख मुद्दों पर चर्चा
Noida, Uttar Pradesh:शिरोमणि गुरद्वारा कमेटी का डेलिगेशन पाकिस्तान एंबेसी पहुंचा, अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी, दिल्ली शिरोमणि अकाली दल अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना, मंजीत सिंह जीके साथ में मौजूद, पाकिस्तान में सिखो से जुड़े मुद्दों पर हो रहीं है चर्चा。0
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गोरखपुर में योगी आदित्यनाथ ने PRD जवानों के सम्मेलन में स्वास्थ्य योजना लॉन्च की
Noida, Uttar Pradesh:GORAKHPUR (UTTAR PRADESH): UP CM YOGI ADITYANATH ATTENDS PRD JAWANS' CONFERENCE, LAUNCH HEALTHCARE SCHEME YOGI ADITYANATH (CHIEF MINISTER, UTTAR PRADESH) SPEECH0
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दिल्ली में सफाईकर्मचारी हत्या: विधायक गायब, पुलिस से जवाब मांगें
Noida, Uttar Pradesh:AAP नेता संजीव झा "हमारे विधायक कुलदीप कुमार एक सफाई कर्मचारी की हत्या पर बोल रहे थे तो उन्हें पुलिस द्वारा उठा लिया गया है। पुलिस जानकारी नहीं दे रही है कि कुलदीप कुमार कहां है? पुलिस क्या छिपा रही है? खुलेआम हत्या हो रही है? तो पुलिस कुछ कर नहीं रही है? और जो आवाज उठा रहा है? उसे आप उठा रहे हैं? दिल्ली देश की राजधानी है... जब तक कुलदीप कुमार के बारे में पता नहीं चलता है? तब तक हम यहां से नहीं जाएंगे।"0
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नाबालिग हत्या: आरोपी अविनाश गिरफ्तार, लाश सूटकेस में बरामद
Noida, Uttar Pradesh:दिल्ली: आउटर नॉर्थ ज़िले की पुलिस की स्पेशल स्टाफ़ टीम ने एक नाबालिग लड़की की हत्या के मामले में एक व्यक्ति को गिरफ़्तार किया है। आरोपी अविनाश को पकड़ा गया और लंबी पूछताछ के दौरान उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने पुलिस टीम को बुराड़ी के अजीत विहार में उस जगह तक पहुँचाया जहाँ लड़की की लाश एक सूटकेस में छिपाई गई थी। उसकी निशानदेही पर ही लाश बरामद की गई। बुराड़ी पुलिस स्टेशन ने यह मामला अपने हाथ में ले लिया है, FIR दर्ज की जा रही है और आगे की जाँच चल रही है।0
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दिल्ली में बस्तर शांति समिति की प्रेस कॉन्फ्रेंस: आहत बस्तर की गूहर पर चर्चा
Noida, Uttar Pradesh:DELHI: BASTAR SHANTI SAMITI PRESS CONFERENCE ON "AAHAT BASTAR KI GUHAR"0
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BJP ने राज्यों के लिए वरिष्ठ नेताओं की नई नियुक्तियाँ कीं; जानिए इंचार्ज कौन
New Delhi, Delhi:BJP has reorganised the senior leaders responsible for managing the party’s affairs in key states. BJP has announced key appointments for state in-charges and co-in-charges. Vinod Tawde, National General Secretary and Rajya Sabha MP, has been appointed as Uttar Pradesh Incharge, with Jagdish Ishwarbhai Patel as Co-Incharge. Satish Poonia, National General Secretary and Rajya Sabha MP, has been appointed as Punjab Incharge. Tarun Chugh, Rajya Sabha MP and National Head Quarter In-charge, has been appointed as Gujarat Incharge.0
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बगीचा में शराब दुकान तक पहुंचा बाढ़ का पानी; लाखों शराब की बोतलें टूटी
Jashpur Nagar, Chhattisgarh:बगीचा शराब दुकान तक फिर पहुंचा बाढ़ का पानी, शराब दुकान और शराब दुकान के बाजू में स्थित अहाते में घुसा पानी, घुटनो तक भरा बाढ़ का पानी, बगीचा के डोड़की नदी के किनारे है अंग्रेजी शराब दुकान, कुछ दिन पहले शराब दुकान में बाढ़ का पानी घुसने से टूटी थी लाखों की शराब की बोतलें।0
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चंबा आईटीआई की पारंपरिक गद्दी ड्रेस मेकिंग को मिला बड़ा ऑर्डर
Chamba, Himachal Pradesh:चंबा। आईटीआई चंबा की पारंपरिक गद्दी ड्रैस मेकिंग का हुनर आईटीआई स्टूडेंट्स के लिए कारगर साबित हो रहा है। इस हुनर का ऐसा जलवा है कि यहां पर प्रशिक्षण हासिल करके अच्छा काम करने वाली युवतियों को अभी से काम मिलना शुरू हो गया है। ऐसा होने पर जहां आईटीआई प्रबंधन ने प्रसन्नता जाहिर की है तो वहीं प्रशिक्षण हासिल करने वाली युवतियां भी काफी गदगद हैं। यहां स्पष्ट कर दें कि आईटीआई चंबा में प्रशिक्षण हासिल कर रही युवतियों को सिलाई कढ़ाई समेत ड्रैस मेकिंग का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान फैंसी ड्रेस, पारंपरिक गद्दी ड्रैस खासकर लुआंचड़ी और पसवाज बनाने भी सिखाया गया है। आईटीआई चंबा की इस विशेषता के चलते यहां से प्रशिक्षण हासिल करने वाली युवतियाँ आत्मनिर्भर बनकर जहां खुद रोजगार हासिल करने में सक्षम हो रही हैं तो वहीं औरों को भी रोजगार मुहैया करवाने में अहम भूमिका निभा रही हैं। आईटीआई चंबा में युवतियों को प्रशिक्षण देने वाले स्टाफ का ही कमाल है कि युवतियाँ अपने काम में रिकॉर्ड समय में परफेक्ट काम करके आईटीआई का नाम रोशन कर रही हैं। परिणामस्वरूप पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय सरोल की स्टूडेंट्स के लिए लोक नृत्य की प्रस्तुति के लिए पारंपरिक ड्रैस बनाने का ऑर्डर आईटीआई चंबा को मिला है। इस तरह का ऑर्डर मिलने पर आईटीआई में प्रशिक्षण हासिल करने वाली युवतियाँ तनिषा, प्रिंयंका, सिराज ने बताया कि उन्हें खुशी है कि प्रशिक्षण के दौरान इस तरह का ऑर्डर मिला है। उन्होंने रिकॉर्ड समय में बेहतरीन कार्य सिखाने के लिए आईटीआई के स्टाफ का आभार जताया। उधर, आईटीआई चंबा के प्रिंसिपल बिपिन शर्मा ने भी आईटीआई चंबा को पारंपरिक ड्रेस मेकिंग का ऑर्डर मिलने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि रिकॉर्ड समय में बेहतरीन कार्य सीखने वाली आईटीआई की स्टूडेंट्स आईटीआई की इंस्ट्रक्टर की अगुवाई में पारंपरिक ड्रैस तैयार कर रही हैं।0
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ED ने मोहाली प्रोजेक्ट से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अधिकारी ब्रार को समन भेजा
Jalandhar, Punjab:ED ਵੱਲੋਂ ਪੰਜਾਬ ਦੇ IAS ਅਧਿਕਾਰੀ ਕੰਵਲ ਪ੍ਰੀਤ ਬਰਾੜ ਨੂੰ ਸੰਮਨ ਭੇਜੇ ਜਾਣ ਤੌ ਬਾਅਦ ਹੋਏ:pੇਸ਼, ਮੋਹਾਲੀ ਪ੍ਰਾਜੈਕਟ ਨਾਲ ਜੁੜੀ ਮਨੀ ਲਾਂਡਰਿੰਗ ਜਾਂਚ ਇਨਫੋਰਸਮੈਂਟ ਡਾਇਰੈਕਟੋਰੇਟ (ED) ਨੇ ਪੰਜਾਬ ਕੈਡਰ ਦੀ IAS ਅਧਿਕਾਰੀ ਕੰਵਲ ਪ੍ਰੀਤ ਬਰਾੜ ਨੂੰ ਮੋਹਾਲੀ ਵਿੱਚ ਇੱਕ ਪ੍ਰਾਜੈਕਟ ਨਾਲ ਜੁੜੀ ਮਨੀ ਲਾਂਡਰਿੰਗ ਜਾਂਚ ਦੇ ਸਬੰਧ ਵਿੱਚ 18 ਅਗਸਤ ਨੂੰ ਪੁੱਛਗਿੱਛ ਲਈ ਸੰਮਨ ਭੇਜੇ ਗਏ ਸੀ ਜਿਸ ਤੋਂ ਅੱਜ ਓਹ 10.25 ਤੇ ਪੇਸ਼ ਹੋ ਗਏ ਨੇ。 ਇਹ ਸੰਮਨ Suntek City ਪ੍ਰਾਜੈਕਟ ਨਾਲ ਸਬੰਧਤ ਹੈ, ਜਿੱਥੇ ED ਵੱਲੋਂ Change of Land Use (CLU) ਦੀ ਮਨਜ਼ੂਰੀ ਅਤੇ ਜ਼ਮੀਨ ਮਾਲਕਾਂ ਦੀ ਸਹਿਮਤੀ ਨਾਲ ਜੁੜੇ ਦਸਤਾਵੇਜ਼ਾਂ ਦੀ ਤਸਦੀਕ ਵਿੱਚ ਕਥਿਤ ਬੇਨਿਯਮੀਆਂ ਦੀ ਜਾਂਚ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ。 ED ਸੂਤਰਾਂ ਮੁਤਾਬਕ, ਬਰਾੜ ਨੂੰ ਸੰਮਨ ਈਮੇਲ ਰਾਹੀਂ ਭੇਜੇ ਗਏ ਹਨ। ਜਾਂਚ ਕਰਤਾ ਉਨ੍ਹਾਂ ਤੋਂ ਇਸ ਬਾਰੇ ਪੁੱਛਗਿੱਛ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹਨ ਕਿ ਪ੍ਰਾਜੈਕਟ ਡਿਵੈਲਪਰ ਨੂੰ ਜ਼ਮੀਨ ਵੇਚਣ ਲਈ ਜ਼ਮੀਨ ਮਾਲਕਾਂ ਦੀ ਸਹਿਮਤੀ ਦੀ ਤਸਦੀਕ ਕਰਨ ਦੌਰਾਨ ਅਧਿਕਾਰੀਆਂ ਵੱਲੋਂ ਕਿਹੜੀ ਪ੍ਰਕਿਰਿਆ ਅਪਣਾਈ ਗਈ ਸੀ。 ਇਹ ਮਾਮਲਾ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੋਸ਼ਾਂ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਸਾਹਮਣੇ ਆਇਆ, ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਵਿੱਚ ਕਰੀਬ 30.5 ਏਕੜ ਜ਼ਮੀਨ ਨਾਲ sbੰਬੰਧਤ 15 ਜ਼ਮੀਨ ਮਾਲਕਾਂ ਦੀ ਸਹਿਮਤੀ ਵਾਲੇ ਦਸਤਾਵੇਜ਼ ਕਥਿਤ ਤੌਰ ’ਤੇ ਜਾਅਲੀ ਬਣਾਏ ਜਾਣ ਦਾ ਦੋਸ਼ ਹੈ। ਦੱਸਿਆ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ ਕਿ ਇਨ੍ਹਾਂ ਦਸਤਾਵੇਜ਼ਾਂ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਪ੍ਰਾਜੈਕਟ ਲਈ CLU ਮਨਜ਼ੂਰੀਆਂ ਹਾਸਲ ਕਰਨ ਵਾਸਤੇ ਕੀਤੀ ਗਈ ਸੀ。0
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