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खूंटी में टीवी मरीजों के बढ़ते मामले से भय, शराब भट्ठियों पर रोक की मांग

Khunti, Jharkhand:खूँटी नगर पंचायत क्षेत्र में टीवी मरीजों की बढ़ते मामले ने वार्ड 12 अंतर्गत खूँटीटोला बस्ती के लोगों को भयभीत कर दिया है. जिसमें एक ही मजदूर परिवार के दो निज भाईयों की टीवी के कारण दो माह के अंदर मौत हो गयी है. जिसके बाद से मुहल्ले के लोगों में इन दिनों भय का माहौल सता रहा है. मुहल्ले में कई लोग टीवी मरीज पाये जाने की आशंका सता रहा हैं. जिसका कारण शराब की भठ्ठी को बताया जा रहा है. टीवी मरीज भट्ठी में शराब पीते हैं. उसी बर्तन में सभी लोग पीछे हैं. साथ में बैठते हैं. वहीं मुहल्ले में शराब भट्ठी चलने से लोगों में संदेह है कि एक ही कटोरे गिलास में शराब पीने के कारण लोगों में भी टीवी फेल सकता है. इसी को देखते हुए मुहल्ले में टीवी जाँच के लिए शिविर लगाया गया था. जिसमें कुछ अच्छे लोगों ने जाँच कराया लेकिन शराब पीनेवाले टीवी जाँच नहीं कराए और भाग गये. इससे अभी ट्यूबरक्लोसिस फैलने की ग्रामीणों के बीच आशंका बनी हुई है. मृतकों की माँ ने बताया कि उनके दो बेटे की टीवी के कारण मौत हो गई. दोनों मजदूरी करते थे और मुहल्ले के भट्ठियों में शराब पीते थे. एक दवा भी खाता था लेकिन वह भी छोड़ दिया था. दो माह में दो बेटों की मौत का गम सता रहा है. पड़ोसी मुहल्लेवासी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि खूंटीटोला मुहल्ले में और भी टीवी पेशेंट होने की आशंका है. यह दो लोगों की मौत हो चुकी है. और जिसका कारण मुहल्ले में शराब की भट्टी है. कृष्णा लोहरा ने बताया कि मधुर परिवार के लोग यहां रहते हैं और भत्ते में शराब पीते हैं एक ही बर्तन में पीने से टीवी मरीज बढ़ रहे हैं. मुहल्ले की स्वास्थ्य सहिया ने बताई कि मोहल्ले में टीवी पेशेंट पाए जाने के बाद यहां शिविर लगाया गया था लेकिन शिविर में शराब पीने वाले लोग जांच नहीं कराई और भाग गये अगर जांच किया जाए तो और भी टीवी पेशेंट मिल सकते हैं. क्योंकि अभी हाल ही में दो लोगों की मौत टीवी के कारण हो चुकी है. बता दे कि अभी खूंटी ओला मुहल्ले में टीवी मरीज के मौत के बाद भय का माहौल है. जिसके कारण लोग दूर-दूर रह रहे हैं वहीं शराब की भट्टी को बंद करने और शराबियों पर टीवी जांच करने की मांग की जा रही है. अगर भट्टी बंद नहीं होता है तो कहीं एन एक लोग टीवी के घातक बीमारी से ग्रसित होने की आशंका है.
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पोते के जन्म की खुशी मातम बनी, हाईवा हादसे में दादी की मौत

Samastipur, Bihar:पोते के जन्म की खुशी मातम में बदलीं, हाईवा की चपेट में दादी की मौत। नवजात पोते को देखने बहू के मायके गए थे दंपती, लौटते समय हादसा। समस्तीपुर में पोते के जन्म की खुशी परिवार में पूरी तरह मना भी नहीं था कि सड़क हादसे ने खुशियों को मातम में बदल दिया। शुक्रवार की देर रात को मुसरीघरारी चौराहे पर हाईवा की चपेट में आने से बाइक सवार अनीता देवी (40) की मौत हो गई, जबकि उनके पति मनोज पासवान घायल हो गए। उजियारपुर थाना क्षेत्र के नाजिरपुर निवासी मनोज पासवान अपनी पत्नी अनीता देवी के साथ दो दिन पहले जन्मे पोते को देखने पूसा के श्रीरामपुर गए थे। शुक्रवार को दोनों बाइक से घर लौट रहे थे। इसी दौरान मुसरीघरारी चौराहे पर उनकी बाइक हाईवा की चपेट में आ गई। गंभीर रूप से घायल अनीता देवी को निजी अस्पताल से सदर अस्पताल रेफर किया गया, जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने हाईवा के चालक और खलासी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने वाहन जब्त कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अनीता की मौत की खबर मिलते ही सदर अस्पताल पहुंचे परिजनों में कोहराम मच गया। कुछ घंटे पहले तक पोते के जन्म की खुशी मनाने वाली दादी की मौत से पूरा परिवार सदमे में है।
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झरिया पुनर्वास: जमीन अधिकारों को लेकर ग्रामीण-प्रशासन में तेज टकराव

Dhanbad, Jharkhand:झरिया कतरास और केंदुआडीह क्षेत्र में भू-धसान से प्रभावित परिवारों को विस्थापित कर बैलगड़िया स्थित JRDA टाउनशिप में बसाने की तैयारी तेज है। जिला प्रशासन की ओर से आवास निर्माण और विस्थापित परिवारों के लिए जरूरी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। वहीं, बैलगड़िया के ग्रामीण अपनी जमीन के अधिग्रहण का विरोध कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि BCCL की मुकुंदा ओपन कास्ट परियोजना के लिए वर्ष 1984,85 में 16 गांवों की जमीन रैयतों से अधिग्रहित की गई थी। उस समय करीब 300 परिवारों को नियोजन और मुआवजा दिया गया, लेकिन 600 से अधिक रैयत आज भी जमीन के बदले नियोजन या मुआवजे से वंचित हैं। रमेश राही, भाजपा नेता ग्रामीणों का कहना है कि अब झरिया पुनर्वास योजना के तहत एक तरफ बसाया जा रहा और दूसरी तरफ हम लोगों की जमीन छीना जा रहा हैं,केंद्र सरकार की ओर से झरिया पुनर्वास के लिए राज्य सरकार को करीब छह हजार करोड़ रुपये का बजट दिए जाने के बाद बैलगड़िया में तेजी से आवास निर्माण और जमीन चिह्नित करने का काम चल रहा है। इसी को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है और वे राज्य सरकार तथा BCCL के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। जीतलाल सिंह , पूर्व मुखिया रैयत रैयतों का दावा है कि वर्ष 2012 में तत्कालीन उपायुक्त और सरकार के भू राजस्व मंत्री मथुरा प्रसाद महतो की अध्यक्षता में बैठक में यह तय हुआ था कि BCCL अथवा JRDA द्वारा उपयोग में नहीं लाई गई उस जमीन को रैयतों को वापस किया जाएगा। ग्रामीणों का या भी कहना है कि उस फैसले पर रैयतों ने भी सहमति जताई थी।ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा है कि जब तक BCCL और राज्य सरकार उचित मुआवजा एवं नियोजन नहीं देती, तब तक वे अपनी जमीन नहीं देंगे। उनका कहना है कि प्रशासन को यदि जमीन चाहिए तो पहले रैयतों के अधिकारों का समाधान करना होगा, अन्यथा वे आंदोलन को और तेज करने के लिए बाध्य होंगे। गौतम सिंह , रैयत वहीं जिला प्रशासन की योजना झरिया, कतरास और केंदुआडीह के भू-धसान प्रभावित परिवारों को बैलगड़िया टाउनशिप में बसाने की है। ऐसे में पुनर्वास की प्रक्रिया और जमीन के अधिकार को लेकर ग्रामीणों और प्रशासन के बीच टकराव की स्थिति बनती नजर आ रही है。
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87 लाख के शिक्षकों के आवासीय भवन में बदहाली: उत्तरकाशी में सरकारी लापरवाही पर बड़ा सवाल

barahat, Uttarkashi, Uttarakhand:स्लग-87 लाख रुपए की लागत से बना भवन महज तीन साल में खंडहर विभाग की लापरवाही पर सवाल उत्तरकाशी। उत्तरकाशी जिले में सरकारी संपत्ति तीन साल में खंडहर कैसे बन गई यह हम तस्वीरों में देख सकते हैं राजकीय इंटर कॉलेज मुस्टिकसौड़ में तीन साल पहले शिक्षकों के लिए 87 लाख रुपए की लागत से बनाए गए आवासीय भवन आज बदहाली के आंसू रो रहा है और भवन महज तीन साल में खंडहर में तब्दील हो गया। झाड़ियां, गंदगी और टूटे दरवाजे-खिड़कियां सरकारी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहे हैं आखिर 87 लाख रुपये खर्च करने के बाद इस भवन का उपयोग क्यों नहीं हुआ-एक रिपोर्ट तस्वीरें उत्तरकाशी के राजकीय इंटर कॉलेज मुस्टिकसौड़ की हैं। शिक्षकों के आवासीय भवन के लिए वर्ष 2022 में 87 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत हुई और वर्ष 2023 में भवन बनकर तैयार हो गया। निर्माण के बाद इसे शिक्षा विभाग को हैंड ओवर किए जाने की बात कही गई। लेकिन आज यही भवन सरकारी सिस्टम की लापरवाही का आईना बना हुआ है। भवन के चारों तरफ झाड़ियां और घास उग आई हैं। कमरों के दरवाजे-खिड़कियां टूटे पड़े हैं, पंखे उखड़े हुए हैं और नल की टोंटियां तक गायब हैं। कई कमरों में गंदगी का अंबार है। यानि जिस भवन पर 87 लाख रुपये खर्च किए गए, उसका रखरखाव तक नहीं हो सका। विभाग का कहना है यह भवन शिक्षा विभाग के माध्यम से विद्यालय को सौंप दिया गया था, जबकि राजकीय इंटर कॉलेज के प्रभारी प्रधानाचार्य का कहना है कि उन्हें न तो कोई एनओसी मिली और न ही भवन का हैंड ओवर हुआ। बाइट 01 चित्रा नौटियाल प्रधानाचार्य निर्माण निगम चंबा ने वर्ष 2023 में भवन का निर्माण पूरा किया था। सीमांत क्षेत्र के विकास के लिए स्वीकृत 87 लाख रुपए की राशि से बनी सरकारी संपत्ति आज उपयोग के बजाय बदहाली का उदाहरण बन गई है। ग्रामीण भी सरकारी धन की बर्बादी से हैरान है। स्थानीय क्षेत्र पंचायत सदस्य और पूर्व प्रधान ने पूरे मामले की स्वतंत्र जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। बाइट 02 शंकर गुसाईं क्षेत्र पंचायत सदस्य बाइट 02 सत्यनारायण सेमवाल पूर्व प्रधान अब सवाल सिर्फ एक भवन की बदहाली का नहीं, बल्कि सरकारी धन, निर्माण की गुणवत्ता, हैंडओवर प्रक्रिया और जिम्मेदारी तय करने का है। तीन साल में खंडहर बने इस 87 लाख के शिक्षकों के आवासीय भवन पर अब शिक्षा विभाग और संबंधित कार्यदायी संस्था को जवाब देना होगा—आखिर सरकारी धन की बर्बादी का जिम्मेदार कौन है।
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खूँटी में जमीन कब्ज़ी को लेकर दो पक्षों में मारपीट, 6 गिरफ्तार

Khunti, Jharkhand:क्षेत्र - खूँटी। स्लग - जमीन विवाद में दो पक्षों में मारपीट, एक पक्ष के तीन और दूसरे पक्ष का एक घायल, थाने में मामला दर्ज (अपडेट)। खूँटी जिले में जमीन विवाद की बड़ी घटना सामने आई है जिसमें कल दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट और खूनी संघर्ष हुई। घटना खूँटी थाना क्षेत्र अंतर्गत बेलहाथी मौजा की है। जिसमें कथित जमीन मालिक और दूसरा खरीदार पक्ष के साथ आपस में मारपीट हुई जिसमें जमीन मालिक पर डंडा , लाठी और बंदूक के कुंदा से मारपीट किए जाने का आरोप लगा है। जिसमें लालधारी सिंह के पुत्र सुरेंद्र सिंह, बलिंदर सिंह और श्याम सिंह के सिर पर और छाती में गंभीर प्रहार किए जाने का मामला सामने आया है। सुरेंद्र सिंह की स्थिति गंभीर होने के कारण बेहतर उपचार के लिए रेफर किए जा रहा है। वहीं दूसरे पक्ष के एक व्यक्ति को भी चोट लगी है। घटना के बाद पुलिस मारपीट करने वालों में 6 लोगों को पकड़ी है। वहीं दोनों ही पक्षों ने खूँटी थाने में केस दर्ज कराया है। जिसमें जमीन मालिक पक्ष के द्वारा विनय महतो, राहूल राम, आशीष राम, राहुल कश्यप, महावीर राम, दशरथ राम, उमाशंकर साहू, पंकज साहू, सहित 25-30 लोगों पर मामला दर्ज कराया गया। इनके उपर डंडा, हथियार, बंदूक होने की बात कही गयी। वहीं दूसरे जमीन खरीदार पक्ष के द्वारा कथित जमीन मालिक कहे जाने वाले पक्ष सुरेंद्र सिंह, बलिंदर सिंह और श्याम सिंह के ऊपर हथियार चलाने का मामला दर्ज कराया गया। कथित जमीन मालिक बलिंदर सिंह ने बताया कि उनकी जमीन किसी और के द्वारा बिक्री कर दी गयी है और वे लोग आज जबरन हमारी जमीन पर कब्जा करने के लिए जेसीबी चला रहे थे जिन्हें मना किए जाने पर मारपीट पर उतारू हो गए और जानलेवा हमला किया। बलिंदर सिंह की माँ ने बताया कि यह जमीन हमारी है लेकिन कोई और जमीन को भेज देने बात कहा गया तभी आज कुछ लोगों के द्वारा जमीन पर चढ़ाई किया गया और मेरे बेटों के साथ मारपीट की गई। जमीन खरीदार पक्ष में राँची जिले के डिम्बा गांव निवासी उमाशंकर साहू ने बताया कि करिश्मा कुमारी दीपिका देवी और सोनी कुमारी के नाम से एक ही डिड में जमीन खरीदे हैं। जहां आज जेसीबी चला कर प्लाटिंग करने गए थे वहां पर सुरेंद्र सिंह बलिंदर सिंह और श्याम सिंह के द्वारा जानलेवा हमला किया गया। हम लोगों ने बीच बचाव किया जिसमें अपने हाथ में चोट आ गई है। गुमला जिले के भरनो प्रखंड के कोइंनजारी गाँव निवासी पंकज साहू ने बताया कि यह जमीन हमने खरीदा है जिसमें इसका कोई हक नहीं बनता है जो यह मामला तक गया था लेकिन इसपर हमलोग सही थे। अगर इनका जमीन था तो इनको थाना आना चाहिए था ना कि जमीन पर लड़ाई करने जाना था। थाना प्रभारी अशोक कुमार सिंह ने बताया कि जमीन विवाद का मामला आया है जो बेलहाती गांव मौजा में घटना हुई है जिसमें दो पक्षों के बीच मारपीट की घटना सामने आई है उसमें पूछताछ के लिए कुछ लोगों को लाकर राखे हैं। ईश्वर अनुसंधान चल रहा है।
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व्यस्त सड़क पर युवकों में मारपीट, कुछ देर मची अफरा-तफरी

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Muhammadabad Gohna, Uttar Pradesh:व्यस्त सड़क पर युवकों में मारपीट, कुछ देर मची अफरा-तफरी मुहम्मदाबाद गोहना, मऊ। शुक्रवार की शाम करीब 6 बजे लाइफ लाइन अस्पताल और छप्पन भोग के पास व्यस्त सड़क पर कुछ युवक आपस में भिड़ गए। देखते ही देखते युवकों के बीच सड़क पर ही कहासुनी के बाद हाथापाई होने लगी, जिससे मौके पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बताया गया कि उक्त स्थान पर शाम के समय काफी चहल-पहल रहती है। इसी दौरान युवकों के आपस में झगड़ने से राहगीरों और आसपास मौजूद लोगों का ध्यान मौके की ओर चला गया। हालांकि, युवकों के बीच विवाद किस बात को लेकर हुआ, इसकी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आ सकी है।
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शिरूर में नरभक्षक बिबट को वन विभाग ने पकड़ा, ग्रामीणों में राहत

Shirur, Maharashtra:शिरूर तालुक्यातून एक मोठी आणि दिलासादायक बातमी समोर येतेय. इनामगाव, मांडवगण आणि पिंपळसुटी परिसरात गेल्या दोन वर्षांपासून दहशत माजवणाऱ्या नरभक्षक बिबट्याला वन विभागाने अखेर जेरबंद केलं आहे. गेल्या दोन वर्षांत या बिबट्याने लहान मुलं आणि वयोवृद्धांवर जीवघेणे हल्ले करून मोठी दहशत निर्माण केली होती. वन विभागाच्या पथकाने तांत्रिक तपास आणि सापळा रचून या बिबट्याला पकडलं आहे. विशेष म्हणजे, बिबट्याच्या पायाच्या दोन तुटलेल्या बोटांच्या खुणांवरून हाच तो नरभक्षक बिबट्या असल्याची खात्री वन विभागाने केली आहे. या कारवाईमुळे परिसरातील ग्रामस्थांनी अखेर सुटकेचा निश्वास टाकला आहे.या बिबट्या ची रवानगी माणिकडोह बिबट निवारण केंद्रात करण्यात आलीय...
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NCR drives phased removal of old commercial vehicles; focus on BS-VI/EV

Chandigarh, Chandigarh:अगस्त-हरियाणा सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में पुराने वाणिज्यिक वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाने के लिए कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। राज्य के एनसीआर जिलों में बीएस-I, बीएस-II, बीएस-III और बीएस-IV श्रेणी के ट्रकों और बस मालिकों को नोटिस जारी किए जाएंगे और उन्हें निर्धारित समय-सीमा में वाहनों को हटाने या बदलने की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि वाहन मालिकों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पुराने वाहनों का निपटान करना या उन्हें बदलना होगा। बीएस-I, बीएस-II, बीएस-III और इससे पुराने वाहनों को पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा केंद्रों पर स्क्रैप कराना होगा। पात्र बीएस-IV वाहनों को स्क्रैप कराया जा सकता है अथवा एनसीआर से बाहर गैर-एनसीएपी शहर या क्षेत्र में बेचा जा सकता है। इनके स्थान पर बीएस-टप् मानकों के अनुरूप, अधिक कड़े उत्सर्जन मानकों वाले अथवा इलेक्ट्रिक वाहन खरीदे जा सकेंगे। निर्देशों का पालन नहीं करने वाले वाहन मालिकों के विरुद्ध प्रवर्तन कार्रवाई की जाएगी। इसके तहत संबंधित वाहनों को जब्त किया जा सकता है और उन्हें अधिकृत वाहन स्क्रैपिंग केंद्रों पर भेजा जा सकता है। यह कार्रवाई परिवर्तन योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और एनसीआर में पुराने प्रदूषणकारी वाणिज्यिक वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाने के उद्देश्य से की जाएगी। परिवहन विभाग के आयुक्त एवं सचिव अतुल कुमार ने बताया कि राज्य के एनसीआर जिलों में बड़ी संख्या में पुराने वाणिज्यिक वाहन चिन्हित किए गए हैं। इसलिए योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए प्रवर्तन कार्रवाई महत्वपूर्ण है। परिवहन परिवर्तन पोर्टल के अनुसार राज्य में कुल 96,441 लक्षित वाहन हैं, जिनमें 81,079 ट्रक और 15,362 बसें शामिल हैं। सबसे अधिक लक्षित वाहन गुरुग्राम में 24,032 हैं, जबकि फरीदाबाद में 18,141 वाहन चिन्हित किए गए हैं। इसके अलावा जींद, रेवाड़ी, सोनीपत, झज्जर, करनाल, पानीपत और रोहतक में भी बड़ी संख्या में पुराने वाणिज्यिक वाहन चिन्हित किए गए हैं। सरकार की योजना में सख्त अनुपालन के साथ आर्थिक सहायता का भी प्रावधान किया गया है, ताकि वाहन मालिकों पर पुराने वाहनों को बदलने का आर्थिक बोझ कम हो और वे स्वच्छ एवं कम प्रदूषण वाले वाहनों की ओर आसानी से बढ़ सकें। नई बीएस-VI या इलेक्ट्रिक गाड़ी खरीदने वाले पात्र वाहन मालिकों को 10 वर्ष के लिए मोटर वाहन कर में सौ फीसदी छूट दी जाएगी। पुराने वाहन के स्थान पर पात्र पुराना वाहन खरीदने पर 50 प्रतिशत की छूट मिलेगी। योजना के तहत पंजीकरण शुल्क भी पूरी तरह माफ किया जाएगा। इसके अतिरिक्त वाहन ऋण पर 5 प्रतिशत ब्याज सहायता, एक वर्ष से अधिक समय से लंबित देनदारियों की माफी तथा भाग लेने वाले वाहन निर्माताओं की ओर से 8 प्रतिशत तक की छूट का प्रावधान है। बीएस-VI डीजल और सीएनजी वाहनों के लिए मासिक ईंधन वाउचर तथा इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वालों के लिए इसके समान एकमुश्त वित्तीय प्रोत्साहन का भी प्रावधान किया गया है। प्रदेश में पुराने वाहनों के निपटान के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा भी तैयार किया गया है। राज्य में 26 अधिकृत वाहन स्क्रैपिंग केंद्र स्थापित किए गए हैं। अब तक इस पोर्टल पर 314 वाहनों के पंजीकरण की सूचना प्राप्त हुई है।
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2027 चुनाव से पहले मऊ विधायक अब्बास अंसारी का विवादित बयान, बवाल मचा

Prayagraj, Uttar Pradesh:2027 के चुनाव से पहले फिर आया मऊ विधायक अब्बास अंसारी का विवादित बयान, कहा चार वर्ष के लिए भेजा गया था मुझे जेल, कोई असर नहीं दिखा, अब्बास ने भरे मंच से कहा कि 400 वर्ष की भी सजा कटवा दें तब भी सामंतियों से लड़ने के लिए हमको सोचना नहीं पड़ेगा, अब्बास ने कहा कि आज समय ऐसा हो गया है कि गली मोहल्लों में निकलने के लिए जो नहीं सोचते थे वह भी मीडिया में बयान दे रहें हैं, कहा कि बुरा समय जब आता है तो ऊंट पर बैठे आदमी को भी कुत्ता काट लेता है, समझ लीजिए कि अभी हमारा बुरा समय चल रहा है, अब्बास अंसारी ने कहा कि रात हमेशा रात ही नहीं रहती है, कहा कि जब सूरज ढलता है तो असुरों का राज होता है, लेकिन जब सूरज फिर से उदय होता है तो असुरों का नास होता है और राम राज्य स्थापित होता है, गाजीपुर के मोहम्मदाबाद में एक कार्यक्रम के दौरान अब्बास ने दिया विवादित बयान。
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मेरठ के टैंक चौराहे पर डंपर टक्कर: 10 लोग घायल

मेरठ में टैंक चौराहे पर भीषण हादसा, 10 लोग घायल मेरठ। थाना लालकुर्ती क्षेत्र के टैंक चौराहे पर शनिवार तड़के भीषण सड़क हादसा हो गया। हरिद्वार से जल लेकर हरदोई और एटा जा रहे श्रद्धालुओं की पिकअप बोलेरो सड़क किनारे खड़ी थी। वाहन में करीब 32 लोग सवार थे, जो आराम करने के लिए टैंक चौराहे पर रुके थे। इसी दौरान पीछे से तेज रफ्तार में आए एक खाली डंपर ने खड़ी पिकअप बोलेरो में जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में करीब 10 लोग घायल हो गए। हादसा इतना भीषण था कि दो महिलाओं और एक पुरुष के पैर कटकर अलग हो गए। घटना के बाद डंपर चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। डंपर उत्तराखंड नंबर UK 08 CB 7164 का बताया जा रहा है। सभी घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सूचना मिलते ही सीओ कैंट पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस फरार डंपर चालक की तलाश में जुटी है।
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संभल में विवाहिता की संदिग्ध मौत, दहेज हत्या के आरोप

Sambhal, Uttar Pradesh:संभल में विवाहिता की संदिग्ध मौत। ससुराल में दुपट्टे से फांसी के फंदे पर लटका मिला विवाहिता का शव। ससुरालियों ने 10 घंटे तक पुलिस को घटना की सूचना नहीं दी। 10 घंटे बाद मिली सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। मृतक विवाहिता के मायके लोगों ने ससुरालियों पर दहेज उत्पीड़न के आरोप लगाये। नायब तहसीलदार ने मौके पर पहुंचकर बयान दर्ज किए। डेढ़ साल पूर्व हुई थी विवाहिता की शादी। दहेज की मांग पूरी न होने पर विवाहिता की हत्या का आरोप। पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम जांच को भेजा। पुलिस को अभी मामले की तहरीर नहीं मिली। हजरत नगर गढ़ी थाना इलाके के वराही गाँव का मामला。
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