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Kaimur821101

कैमूर में खेत में गिरे बिजली के तार से किसान की गई जान

Jul 23, 2024 16:14:22
Bhabua, Bihar

कैमूर जिले के बेलांव थाना क्षेत्र में एक किसान की करंट लगने से जाना चली गई। मृतक की पहचान राजा के अकोढ़ी गांव निवासी शिवपूजन यादव के 45 वर्षीय पुत्र विनोद यादव के रूप में हुई है। विनोद अपने खेत का निरीक्षण करने गए थे, जहां वे गिरे हुए हाई टेंशन तार की चपेट में आ गए। घायल अवस्था में उन्हें पहले रामपुर सीएचसी ले जाया गया, फिर भभुआ सदर अस्पताल रेफर किया गया, जहां उनकी जान चली गई। ग्रामीण श्याम नारायण पासवान ने घटना की पुष्टि की। स्थानीय प्रशासन मामले की जांच कर रहा है।

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Jan 09, 2026 16:25:23
Pilibhit, Uttar Pradesh:पीलीभीत की पूरनपुर मंडी में एक बार धान खरीद को लेकर बड़ी घटना सामने आई है, यहां कलीनगर तहसील निवासी ग्राम पचपेड़ा के किसान का बीते 15 दिनों से क्रय केंद्र पर धान पड़ा था, जिसकी तौल नही की जा रही थी। तौल न होने पर केंद्र प्रभारी से किसान की नोकझोंक के बाद मारपीट हो गई। घटना को लेकर मंडी में अफरा तफरी मच गई। हाई वोल्टेज हंगामे के बाद किसान को किसी तरह से समझा बुझाकर मामले को शान्त करवाया।वहीं घटना को लेकर मंडी एएमओ ने घटना से पूरी तरह इंकार कर दिया। फिलहाल इन दिनों धान ख़रीद किसानों के बीच नोकझोक की खबरें खासा चर्चा में है। सवाल यह असल किसान अपनी फसल को लिए मंडियों में कई कई दिनों से पड़ा है। लेकिन उसकी तौल नही खरीद की जा रही है।
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Jan 09, 2026 16:23:24
Hathras, Uttar Pradesh:हाथरस जनपद के थाना हसायन कोतवाली क्षेत्र के गांव अंडोली में एक 70 वर्षीय बुजुर्ग का शव उनके घर के कमरे में संदिग्ध परिस्थितियों में मिला है। शव रक्त रंजित अवस्था में था, जिससे हत्या की आशंका जताई जा रही है। सूचना मिलते ही हसायन कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। घटना स्थल पर सिकंद्राराऊ क्षेत्राधिकारी जेनेन्द्र नाथ अस्थाना और अपर पुलिस अधीक्षक रामानंद कुशवाहा भी फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड के साथ पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।मृतक की पहचान श्यामलाल के पुत्र बाबा अमरनाथ सिंह (लगभग 70 वर्ष) के रूप में हुई है। गांव के जयकिशोर ने बताया कि अमरनाथ सिंह देर शाम करीब 8 बजे आग तापने के बाद अपने घर चले गए थे। वह घर में अकेले रहते थे। शुक्रवार, 9 जनवरी 2026 को सुबह करीब 7 बजे जब दूध देने वाला आया और आवाज लगाई, तो कोई जवाब नहीं मिला। पड़ोसियों ने पीछे से जाकर देखा तो अमरनाथ सिंह चारपाई से नीचे रजाई सहित पड़े थे। उनकी गर्दन और आंखों पर खून व चोट के निशान थे, जिससे पड़ोसियों में हड़कंप मच गया और उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। अमरनाथ सिंह की पत्नी का पहले ही निधन हो चुका था और उनकी कोई संतान नहीं थी। उनकी दो विवाहित बहनें हैं, जबकि घर के अन्य सदस्य दिल्ली में रहते हैं। उनके पास छह बीघा जमीन थी, जिसमें से तीन बीघा बेच दी गई थी और शेष जमीन पट्टे पर दे रखी थी। वह जरूरतमंद लोगों को पैसे भी उधार देते थे और करीब पांच लाख रुपये का कर्ज भी उनका बाजार में था। गांव वालों के अनुसार, वह व्यवहार कुशल व्यक्ति थे और उनका किसी से कोई झगड़ा नहीं था। पड़ोसियों ने आशंका जताई है कि उनकी हत्या की गई है।इस मामले में अपर पुलिस अधीक्षक रामानंद कुशवाहा ने बताया कि पुलिस को घर में शव मिलने की जानकारी मिली थी। पुलिस टीम ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। उन्होंने कहा कि मौत कैसे हुई, इसकी गहन छानबीन और जांच पड़ताल की जाएगी।
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Jan 09, 2026 16:22:15
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RKRakesh Kumar Bhardwaj
Jan 09, 2026 16:20:07
Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर- राजस्थान हाईकोर्ट ने राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (आरसीए) से जुड़े एक अहम मामले में याचिकाकर्ता को अंतरिम राहत देते हुए 2 नवंबर 2025 के उस आदेश के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी है, जिसके तहत उन्हें आरसीए की जूनियर चयन समिति के अध्यक्ष पद से हटाया गया था। जस्टिस सुनील बेनीवाल की बेंच ने आदेश को आरसीए के संविधान और नियमों के विपरीत मानते हुए संबंधित प्रतिवादियों को नोटिस जारी किए हैं। याचिकाकर्ता नरेश गहलोत की ओर से अधिवक्ता कुणाल विश्नोई ने अदालत को बताया कि 2 नवंबर 2025 का आदेश पूर्णतः अवैध है। उन्होंने कहा कि आरसीए ने इससे पहले 11 अक्टूबर 2025 को जिला क्रिकेट संघ जोधपुर (डीसीए) को अयोग्य घोषित कर डि-अफिलिएट कर दिया था। इसके चलते उसी दिन से डीसीए जोधपुर के तत्कालीन अध्यक्ष धनंजय सिंह का पद स्वतः समाप्त हो गया था। इसके बावजूद उनके हस्ताक्षरों से 2 नवंबर 2025 का आदेश जारी किया गया, जबकि उस समय उन्हें ऐसा कोई अधिकार प्राप्त नहीं था। इसके अलावा यह भी तर्क दिया गया कि यह आदेश आरसीए की एडहॉκ कमेटी के कन्वीनर की मौजूदगी और अनुमति के बिना पारित किया गया। कन्वीनर ने स्वयं किसी बैठक के आयोजन से इनकार किया है। हाईकोर्ट ने इन तथ्यों को गंभीर मानते हुए आदेश के प्रभाव व संचालन पर रोक लगाई और अगली सुनवाई तक यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए हैं。
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PSParmeshwar Singh
Jan 09, 2026 16:19:56
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CSChandrashekhar Solanki
Jan 09, 2026 16:19:11
Ratlam, Madhya Pradesh:रतलाम में “गांव की ओर अभियान” के तहत आज कलेक्टर मिशा सिंह ने कारवाखेड़ी क्लस्टर की ग्राम पंचायतों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों की शिक्षा व्यवस्था का गहन निरीक्षण किया। ग्राम आंक्याकला स्थित शासकीय स्कूल में कलेक्टर ने मध्यान भोजन की गुणवत्ता परखी और स्वयं रसोई में जाकर भोजन चखा। साथ ही खाद्य सामग्री के भंडारण और साफ-सफाई की स्थिति का भी जायजा लिया। ताल नगर में कलेक्टर ने विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर, स्कूल की लैब, कक्षाओं और अन्य बुनियादी सुविधाओं का निरीक्षण किया। शिक्षा से जुड़े निर्माण कार्यों की प्रगति को देखते हुए उन्होंने कार्य में तेजी लाकर समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। दौरे के दौरान कलेक्टर मिशा सिंह ने ग्रामीणों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। यह दौरा ग्रामीण शिक्षा और व्यवस्थाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रहा।ratlam
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VMVimlesh Mishra
Jan 09, 2026 16:18:45
Mandla, Madhya Pradesh:मण्डला - सिस्टम की लापरवाही से दिव्यांग दंपत्ति को नहीं मिला पीएम आवास योजना का लाभ, 5-6 साल से सरकारी दफ्तर के काट रहे चक्कर, आवेदन लेकर भटक रहे दर दर, सिर्फ मिल रहा आश्वासन, मण्डला - सरकार कहती है, हर गरीब को पक्का मकान हो, हर दिव्यांग को प्राथमिकता मिले, और प्रधानमंत्री आवास योजना । नाम सुनते ही आंखों में एक सपना पक्का घर, सुरक्षित छत और सम्मानजनक जीवन की तस्वीर उभर आती है लेकिन मंडला के खड़देवरी में एक दिव्यांग दंपत्ति का परिवार ऐसा भी है, जिसका सपना आज भी कच्ची दीवारों में कैद है । नाम है रामभरोस, और सच में, उसकी ज़िंदगी आज सिर्फ राम के भरोसे चल रही है । व्ही ओ - 1 - मध्यप्रदेश के मंडला जिले की ग्राम पंचायत पीपरपानी के पोषक ग्राम खड़देवरी के रहने वाले दिव्यांग रामभरोस बरमैया जो दोनों हाथ–पैर से दिव्यांग लेकिन हौसले ऐसे, कि हालात को हर रोज़ मात देते हैं । राम भरोस पीएम आवास के लिए पिछले 5–6 सालों से सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे है । उन्होंने सरकारी दफ्तर, पंचायत में फॉर्म पर फॉर्म, आवेदन पर आवेदन कर चुके हैं, लेकिन प्रधानमंत्री आवास योजना आज भी इनसे दूर है । व्ही ओ - 2 - दिव्यांग रामभरोस की शादी को 7 साल हो चुके हैं, दो छोटे–छोटे बच्चे हैं, पत्नी पूनम बरमैया जो खुद एक पैर से दिव्यांग । दोनों पति पत्नी का जीवन संघर्षशील है । उनका एक कच्चा मकान है और बरसात आते ही छत से पानी टपकता है, पूरे घर में कीचड़, सीलन और डर का माहौल बन जाता है । डर इस बात का कि कहीं दीवार ही न गिर जाए । बाइट - 1 - रामभरोस बरमैया - पीड़ित व्ही ओ - 3 - हैरानी की बात ये है कि हाथ–पैर से दिव्यांग होने के बावजूद रामभरोस ऑटो चलाकर अपने परिवार का पेट पाल रहे हैं । उन्होंने कभी हालात से हार नहीं मानी, लेकिन सिस्टम के सामने आज ये दिव्यांग दंपत्ति बेबस नज़र आता है । बाइट - 2 - पूनम बरमैया - पीड़िते की पत्नी । व्ही ओ - 4 - जब एक आम व्यक्ति को योजना का लाभ मिल सकता है, तो फिर दिव्यांग दंपत्ति क्यों वंचित है? क्या यही है सरकारी प्राथमिकता? या फिर कागज़ों में उलझकर, ज़मीनी सच्चाई दम तोड़ रही है? बाइट - 4 - शाश्वत सिंह मीना - जिला पंचायत सीईओ । फाइनल व्ही ओ - लेकिन सवाल अब भी वही है ? कब तक इंतज़ार? कब तक सिर्फ आश्वासन? जिस व्यक्ति का नाम रामभरोस हो, क्या उसका घर भी हमेशा राम के भरोसे ही रहेगा?
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Jan 09, 2026 16:18:36
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ADArjun Devda
Jan 09, 2026 16:17:34
Harda, Madhya Pradesh:हरदा कलेक्टर कार्यालय में जिला योजना सलाहकार समिति की बैठक, कई अहम फैसले बैठक में जिले से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करते हुए कई अहम फैसले लिए गए। बैठक में अवैध उत्खनन पर सख्ती से कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया। इसके तहत राजस्व, पुलिस और खनिज विभाग की संयुक्त टीम बनाकर कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही शासकीय स्कूलों में विद्यार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए टॉयलेट निर्माण पर विशेष जोर दिया गया। जिन स्कूलों में शौचालय की कमी है, वहां प्राथमिकता के आधार पर निर्माण कार्य कराने के निर्देश दिए गए। वहीं सरकारी योजनाओं के तहत किए जाने वाले निर्माण कार्यों के दौरान आने वाले अतिक्रमण को हटाने का भी फैसला लिया गया, ताकि विकास कार्य बिना किसी बाधा के समय पर पूरे किए जा सकें।
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RKRakesh Kumar Bhardwaj
Jan 09, 2026 16:16:39
Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर- राजस्थान हाईकोर्ट ने जोधपुर स्थित जय नारायण व्यास स्मृति टाउन हॉल की जर्जर और गैर-कार्यात्मक स्थिति पर कड़ा रुख अपनाते हुए राज्य सरकार और संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। न्यायालय ने कहा कि वर्ष 2018 से लगातार मॉनिटरिंग के बावजूद टाउन हॉल का बंद रहना प्रशासनिक उदासीनता और गंभीर विफलता को दर्शाता है। वरिष्ठ न्यायाधीश डॉ. पुष्पेंद्र सिंह भाटी एवं न्यायाधीश संदीप शाह की खंडपीठ ने स्वप्रेरणा से दर्ज जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए लोक निर्माण विभाग के सचिव तथा पर्यटन, कला, साहित्य, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को संयुक्त शपथ-पत्र दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि शपथ-पत्र में यह बताया जाए कि टाउन हॉल की बदहाली के लिए कौन-कौन से अधिकारी जिम्मेदार हैं और उनके विरुद्ध अब तक क्या कार्रवाई की गई है। अदालत ने यह भी उल्लेख किया कि टाउन हॉल के साथ-साथ जनकवि गणेशलाल व्यास मिनी ऑडिटोरियम और सूचना केंद्र भी लंबे समय से बंद पड़े हैं, जिससे शहर की सांस्कृतिक गतिविधियां लगभग ठप हो चुकी हैं। एमिकस क्यूरी वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. सचिन आचार्य ने अदालत को अवगत कराया कि वर्षों से चली आ रही सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और कार्यक्रम बंद हैं, जिससे कलाकारों और आमजन को नुकसान हो रहा है। राज्य सरकार की ओर से पेश निरीक्षण रिपोर्ट में भवन की स्थिति को बेहद चिंताजनक बताया गया। रिपोर्ट के अनुसार दीवारों में नमी, प्लास्टर व पेंट का उखड़ना, छज्जों का टूटना, सरियों का बाहर दिखना, जिप्सम सीलिंग के गिरने की आशंका और पैनलिंग का क्षतिगस्त होना सामने आया है। विशेषज्ञों ने समय रहते मरम्मत और संरचनात्मक ऑडिट नहीं होने पर गंभीर दुर्घटना की चेतावनी दी है। हाईकोर्ट ने निर्देश दिए कि शपथ-पत्र में जिम्मेदारी तय करने के साथ-साथ टाउन हॉल और मिनी ऑडिटोरियम को शीघ्र चालू करने की समयबद्ध कार्ययोजना भी प्रस्तुत की जाए। यह शपथ-पत्र 15 जनवरी 2026 तक दाखिल करना अनिवार्य होगा, अन्यथा संबंधित अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होना पड़ेगा। मामले की अगली सुनवाई 15 जनवरी को होगी。
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BSBhanu Sharma
Jan 09, 2026 16:16:00
Dholpur, Rajasthan:मासूम को जन्म देने के बाद प्रसूता महिला की मौतHospital में इलाज के दौरान हुई है मौत, शुक्रवार को घर पर ही दिया था मासूम को जन्म धौलपुर। धौलपुर शहर के महिला जनाना अस्पताल में शुक्रवार दोपहर को इलाज के दौरान एक प्रसूता की मौत हो गई। महिला को गांव में प्रसव के बाद तबीयत बिगड़ने पर परिजन अस्पताल लेकर आए थे। पुलिस ने मामले को संदिग्ध मानते हुए शव को जिला अस्पताल धौलपुर की मोर्चरी में रखवाया है। जानकारी के अनुसार दिहौली की शाला निवासी 27 वर्षीय पूजा पत्नी कोमल गिरी ने शुक्रवार सुबह गांव में ही एक पुत्र को जन्म दिया था। प्रसव के बाद अचानक उसकी हालत बिगड़ने लगी। परिजन उसे तुरंत जिला जनाना अस्पताल धौलपुर लेकर पहुंचे, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतका के पति कोमल गिरी ने बताया कि उनकी शादी वर्ष 2014 में हुई थी। यह पूजा का चौथा प्रसव था फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है
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VSVishnu Sharma
Jan 09, 2026 16:15:45
Jaipur, Rajasthan:बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ से मुलाक़ात कर चुके EWS आरक्षण मंच के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को सवर्ण और EWS के लंबित मुद्दों से अवगत कराया और आगामी बजट में इन्हें शामिल करवाने की मांग की। ऐसा नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई। राठौड़ ने प्रतिनिधि मंडल को उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया। EWS आरक्षण मंच के प्रतिनिधि शुक्रवार दोपहर बीजेपी प्रदेश कार्यालय पहुंचे और मदन राठौड़ से मिलकर विभिन्न मांगों की तरफ ध्यान दिलाया। ईडब्ल्यूएस वर्ग व सामान्य वर्ग में राजपूत, ब्राह्मण, वैश्य, माथुर, कायस्थ, जैन, मुस्लिम और अन्य अनारक्षित वर्ग आते हैं। सरकार बने हुये दो वर्ष पूर्ण हो चुके हैं। अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री, समाज कल्याण मंत्री, विधायक, सांसद सभी को बता चुके हैं, लेकिन मुद्दे लंबित हैं। प्रतिनिधिमंडल में EWS आरक्षण मंच के अध्यक्ष सुनील उदेया, परशुराम सेना के अध्यक्ष एड० अनिल चतुर्वेदी, विप्र महासभा अध्यक्ष योगेन्द्र भारद्वाज सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल थे। प्रतिनिधियों ने बताया कि राजस्थान सरकार ने EWS वर्ग के लिए वर्ष 2022-23 में 100 करोड, वर्ष 2023-24 में 200 करोड और 2024-25 में 150 करोड रुपए का बजट आवंटित किया था, लेकिन इस वित्तीय वर्ष 2025-26 में ईडब्ल्यूएस वर्ग को शून्य बजट दिया गया है जिससे इस वर्ग के लोगों में रोष है। साथ ही प्रदेश में पिछली सरकार में इस वर्ग के उत्थान और कल्याण के लिये ईडब्ल्यूएस बोर्ड, विप्र कल्याण बोर्ड, देवस्थान बोर्ड राजस्थान सार्वजनिक प्रन्यास मण्डल, अग्रसेन बोर्ड आदि का संचालन हो रहा था लेकिन वर्तमान में उक्त बोर्डों का कोई अता पता नहीं है। ईडब्ल्यूएस बोर्ड केसंचालन नहीं होने और बजट आवंटित नहीं होने से गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को शैक्षणिक संस्थानों में छात्रवृत्ति भी नहीं मिल रही है। मंदिर माफी की जमीनों को बचाने के लिये कोई एक्शन प्लान नहीं है जिससे भूमाफियाओं द्वारा इन जमीनों को कब्जा कर बेचा जा रहा है। बीजेपी अध्यक्ष राठौड़ से आग्रह किया गया कि ऊपर बताये गये बोर्डों में आरएएस अधिकारी लगा कर EWS बोर्ड, विप्र कल्याण बोर्ड, देवस्थान बोर्ड और अन्य बोर्डों का संचालन जनहित में किया जाय, बजट आवंटित किया जाय साथ ही मंदिर माफी की जमीनों के लिये सख्त दिशा निर्देश जारी किये जायें।इस बावत निवेदन है जिससे सवर्ण वर्ग में सरकार और पार्टी के प्रति विश्वास कायम रहे।
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