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आसनसोल में नदी चोरों के कारण जलजToम, स्थाई समाधान क्या मिलेगा?

Asansol, West Bengal:নদী চুরি, घরে अभी জল! সোম্বারेर বৃষ্টির পরেও দুর্ভোগে আসানসোল আসানসোল: সোম্বার মাত্র কয়েক ঘণ্টার টানা বৃষ্টিতে জলবন্দি হয়ে পড়েছিল আসানসোল শিল্পাঞ্চলের বিস্তীর্ণ এলাকা। বৃষ্টি থেমেছে দু’দিন আগে, কিন্তু বুধবারও সেই দুর্ভোগের ছবি পুরোপুরি কাটেনি। কোথাও রাস্তায় জল, কোথাও সাধারণ মানুষের বাড়ির ভিতর ও উঠোনে এখনও জমে রয়েছে জল। আর এই জলযন্ত্রনার সবচেয়ে বড় অভিযোগ সামনে এসেছে—‘নদী চুরি হয়ে গিয়েছে’! আসানসোল শিল্পাঞ্চলের মাঝ বরাবর বয়ে গিয়েছে গাড়ুই ও নুনিয়া নদী। একসময় এই দুই নদীই শহরের বিস্তীর্ণ এলাকার বর্ষার জল বহন করে বাইরে নিয়ে যেত। অভিযোগ, বছরের পর বছর নদীর জায়গা দখল করে গড়ে উঠেছে ঘরবাড়ি ও বিভিন্ন নির্মাণ। ফলে নদীর স্বাভাবিক জলপ্রবাহ বাধাপ্রাপ্ত হয়েছে। তারই ফল কয়েক ঘণ্টার বৃষ্টিতে ভয়াহবহভাবে সামনে এসেছে বলে অভিযোগ স্থানীয়দের। সোমবারের বৃষ্টির দু’দিন পরেও দিলদারনগর, গোপালপুর, চেলিডাঙা, পলাশডিহা, রামকৃষ্ণডাঙা, রেলপার-সহ বিভিন্ন এলাকায় জল জমে থাকার ছবি দেখা যাচ্ছে। বহু পরিবার এখনও জলযন্ত্রণায় রয়েছেন। কোথাও বাড়ি থেকে জল বের করার পথ নেই, কোথাও আবার নিকাশি নালা থাকলেও তার জল বেরোনোর স্বাভাবিক পথ বাধাপ্রাপ্ত। এই পরিস্থিতিতে বুধবার আসানসোল উত্তর বিধানসভা এলাকার বিভিন্ন জায়গায় ঘুরে পরিস্থিতি খতিয়ে দেখেন বিধায়ক কৃষ্ণেন্দু মুখোপাধ্যায়। সাধারণ মানুষের সঙ্গে কথা বলার পাশাপাশি কোন এলাকায় কতটা জল জমেছে, কোথায় নিকাশি ব্যবস্থা সমস্যায় রয়েছে এবং কোন পরিবার সবচেয়ে বেশি সমস্যায় রয়েছে, তা সরেজমিনে দেখেন তিনি। শুধু পরিদর্শন নয়, সমস্যার কারণ চিহ্নিত করতে আসানসোল পুরনিগমের ইঞ্জিনিয়ারদেরও বিভিন্ন এলাকায় নিয়ে গিয়ে পরিস্থিতি দেখানো হয়। কোথা দিয়ে জল বেরোতে পারছে না, কোন ড্রেনেজ ব্যবস্থা সংস্কার প্রয়োজন এবং কোথায় স্থায়ী সমাধানের প্রয়োজন—ইঞ্জিনিয়ারদের মাধ্যমে বিভিন্ন দিক খতিয়ে দেখা হচ্ছে বলে জানান বিধায়ক। কৃষ্ণেন্দু মুখোপাধ্যায়ের বক্তব্য, আগামী বছর যাতে কয়েক ঘণ্টার বৃষ্টিতে আর এই ধরনের বন্যা পরিস্থিতি তৈরি না হয়, তার জন্য রাজ্য GOVERNMENT পক্ষ থেকে প্রয়োজনীয় সমস্ত ব্যবস্থা নেওয়া হবে। তাঁর দাবি, শুধু জল সরিয়ে দিলেই সমস্যার সমাধান হবে না; সমস্যার মূল জায়গায় গিয়ে কাজ করতে হবে। বিশেষ করে গাড়ুই ও নুনিয়া নদীর সংস্কার এবং নদীর জায়গা দখলমুক্ত করার বিষয়টি সামনে এসেছে। বিধায়কের কথায়, নদীর জায়গা দখল হয়ে যাওয়ার ফলে জল যাওয়ার স্বাভাবিক পথ সংকুচিত হয়েছে। তাই নদীর স্বাভাবিক প্রবাহ ফিরিয়ে আনার পাশাপাশি নিকাশি ব্যবস্থারও দীর্ঘমেয়াদি সংস্কার প্রয়োজন। তিনি জানান, বিভিন্ন হাইড্রেন ইতিমধ্যেই পরিষ্কার করা হয়েছে। কিন্তু আগামী দিনে আরও পরিকল্পিতভাবে কাজ করতে হবে। কোথায় ড্রেন তৈরি হবে, কোথায় সংস্কার প্রয়োজন, কোথায় জল আটকে যাচ্ছে—সবকিছু ইঞ্জিনিয়ারদের মাধ্যমে চিহ্নিত করে প্রয়োজনীয় পদক্ষেপ নেওয়া হবে। সোমবারের কয়েক ঘণ্টার বৃষ্টি যেন ফের চোখে আঙুল দিয়ে দেখিয়ে দিয়েছে আসানসোর জলনিকাশি ব্যবস্থার দীর্ঘদিনের সমস্যা। বৃষ্টি থেমে গেলেও দু’दिन পরেও যদি সাধারণ মানুষের ঘরে জল থাকে, তাহলে প্রশ্ন উঠছে স্থায়ী সমাধান কোথায়? এবার সেই প্রশ্নের উত্তর খুঁজতেই নদী, নিকাশি এবং দখল—তিনটি বিষয়কে সামনে রেখে কাজ শুরু করার আশ্বাস দিয়েছেন বিধায়ক ক্রিশ্নেন্দু মুখোপাধ্যায়।
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कान्हा टाइगर रिजर्व में बाघ के हमले से ग्रामीण घायल, अस्पताल में भर्ती

Mandla, Madhya Pradesh:मण्डला: बाघ के हमले में ग्रामीण घायल बाघ के हमले से एक ग्रामीण घायल हो गया। मशरूम संग्रहण के दौरान बाघ ने ग्रामीण पर हमला किया, जिसके बाद वन विभाग ने तत्काल मौके पर पहुंचकर घायल को अस्पताल पहुंचाया। घटनाक्रम: 17 अगस्त की सुबह करीब 7 बजे बोदल बेहरा क्षेत्र में ग्राम करेली निवासी करीब 40 वर्षीय संतोष मेहराम पर बाघ ने हमला कर दिया। हमले में उनके हाथ, पैर और सिर में चोटें आई हैं। वन अमले ने घायल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बैहर पहुंचाया, जहां उनका उपचार जारी है। वन विभाग ने घायल को अग्रिम सहायता राशि दी है और क्षेत्र में निगरानी बढ़ाते हुए बाघ की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। विभाग ने ग्रामीणों से जंगल में अकेले नहीं जाने और वन्यजीव दिखाई देने पर सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की है。
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इग्नाइट शालाओं में किताबों की कमी से खैरागढ़-गंडई में छात्रों की पढ़ाई प्रभावित

Khairgarh, Uttar Pradesh:छत्तीसगढ़ में शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने और सरकारी स्कूलों में सीबीएसई पैटर्न लागू करने के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले की इग्नाइट शालाओं में तस्वीर इन दावों से बिल्कुल अलग है। सत्र शुरू हुए दो महीने बीत गए, लेकिन पहली से आठवीं तक के बच्चों को अब तक नई किताबें नहीं मिली हैं। बच्चे पुरानी और फटी किताबों के सहारे पढ़ाई करने को मजबूर ہیں। खास बात यह है कि आठवीं का सिलेबस बदल चुका है, लेकिन नए पाठ्यक्रम की किताबें भी उपलब्ध नहीं हैं। त्रैमासिक परीक्षा सिर पर है और ऐसे में बच्चों की पढ़ाई और परीक्षा परिणाम को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में संचालित दो इग्नाइट शालाओं को बच्चों को आधुनिक शिक्षा, रचनात्मकता और बेहतर शुरुआती विकास का माहौल देने के उद्देश्य से शुरू किया गया था। लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों पर सवाल खड़े कर रही है। कहीं स्कूल भवन की स्थिति चिंता बढ़ाती है, कहीं शिक्षकों की कमी है और अब सबसे बड़ी समस्या बच्चों की किताबों को लेकर सामने आई है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 शुरू हुए दो महीने पूरे हो चुके हैं, लेकिन पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों को अभी तक नई पाठ्यपुस्तकें नहीं मिल पाई हैं। शिक्षक बताते हैं कि पहली से सातवीं तक के बच्चे पुरानी किताबों से पढ़ने को मजबूर हैं। कई किताबें फट चुकी हैं। छोटे बच्चों को पुरानी किताबों में लिखे पाठ को रबर से मिटाकर दोबारा इस्तेमाल करना पड़ रहा है। वहीं आठवीं कक्षा का सिलेबस पिछले वर्ष से बदल चुका है, लेकिन नए पाठ्यक्रम की किताबें अब तक उपलब्ध नहीं हुई हैं। शिक्षकों के मुताबिक पिछले साल भी पुराने पैटर्न से ही पढ़ाई करानी पड़ी और परीक्षा भी पुराने पाठ्यक्रम के आधार पर ली गई। इस वर्ष भी किताबें नहीं मिलने के कारण शिक्षक अपने खर्च से पुस्तकें खरीदकर बच्चों को पढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। अब अगले महीने त्रैमासिक परीक्षा प्रस्तावित है। ऐसे में किताबों के अभाव में बच्चों की तैयारी प्रभावित होने के साथ परीक्षा परिणाम पर भी असर पड़ने की आशंका है। सवाल यही है कि जब आधुनिक शिक्षा की बात हो रही है, तो बच्चों को उनके पाठ्यक्रम की किताबों के लिए दो महीने तक इंतजार क्यों करना पड़ रहा है? मामले में जिला शिक्षा अधिकारी मुकुल साव का कहना है कि पूरे प्रदेश की इग्नाइट शालाओं में शासन स्तर से अब तक किताबों का आबंटन नहीं हुआ है। शिक्षकों को पुरानी किताबों से पढ़ाई कराने के निर्देश दिए गए हैं और शासन से आबंटन मिलते ही किताबों का वितरण कर दिया जाएगा। यानी शिक्षा के नए मॉडल की इग्नाइट शालाओं में फिलहाल बच्चे नई किताबों का इंतजार कर रहे हैं और व्यवस्था पुराने संसाधनों के भरोसे चल रही है।
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नियुक्ति पत्र मिलने के बावजूद ज्वाइनिंग नहीं, सफाई कर्मचारियों ने जाम लगाया

Alwar, Rajasthan:अलवर। नगर निगम में सफाई कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र मिलने के बावजूद ज्वाइनिंग नहीं होने से कर्मचारियों में आक्रोश बढ़ गया। नाराज सफाई कर्मचारियों ने बुधवार को नगर निगम कार्यालय के बाहर सड़क पर जाम लगा दिया और निगम प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। सफाई कर्मचारियों का कहना है कि वर्ष 2012 में 329 सफाई कर्मचारियों की भर्ती हुई थी, लेकिन लंबे समय बाद भी सभी अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र और ज्वाइनिंग नहीं मिल सकी है। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि नियुक्ति प्रक्रिया में लगातार देरी की जा रही है। बताया गया कि 12 अगस्त को सफाई कर्मचारियों के धरने के दौरान वन मंत्री संजय शर्मा भी मौके पर बैठे थे। उस दौरान मंत्री ने पांच अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिलवाए थे। कर्मचारियों को उम्मीद थी कि इसके बाद उनकी ज्वाइनिंग की प्रक्रिया भी पूरी हो जाएगी, लेकिन नियुक्ति पत्र मिलने के बाद भी अब तक ज्वाइनिंग नहीं होने से उनमें नाराजगी है। इसी को लेकर बुधवार को सफाई कर्मचारी नगर निगम कार्यालय के बाहर एकत्रित हुए और सड़क पर जाम लगा दिया। कर्मचारियों ने नगर निगम प्रशासन से जल्द से जल्द ज्वाइनिंग कराने की मांग की। जाम के कारण सड़क पर यातायात प्रभावित हुआ और मौके पर कर्मचारियों का निगम प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश देखने को मिला।
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नावा में अमृत 2.0 जलाशय शिलान्यास स्थगित, भूमि के मालिकाना हक़ का विवाद तेज

Didwana, Rajasthan:एंकर_डीडवाना जिले के नावा शहर के व्यास कॉलोनी वार्ड नंबर 5 में अमृत 2.0 योजना के तहत 5 करोड़ 52 लाख रुपये की लागत से प्रस्तावित उच्च जलाशय निर्माण का शिलान्यास बुधवार को राजस्व राज्य मंत्री विजय सिंह चौधरी द्वारा किया जाना था। जलदाय विभाग ने कार्यक्रम को लेकर मौके पर पूरी तैयारियां कर ली थीं। भाजपा कार्यकर्ताओं और आमजन की मौजूदगी में कार्यक्रम शुरू होने ही वाला था कि एक परिवादी ने उक्त भूमि पर अपना अधिकार बताते हुए स्थगन आदेश की प्रति प्रशासन को सौंप दी। इसके बाद शिलान्यास कार्यक्रम को स्थगित करना पड़ा और मामले की जानकारी मिलने पर मंत्री भी नावा नहीं पहुंचे: नावा में विकास कार्य शुरू होने से पहले ही स्टे की एंट्री इन दिनों लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। आगामी दिनों में नगरपालिका चुनाव भी प्रस्तावित हैं, ऐसे में इस घटनाक्रम को राजनीतिक नजरिए से भी देखा जा रहा है। बताया जा रहा है कि इससे पहले भी भूमि पर मालिकाना हक जताने वाले परिवादी ने मौके पर लगे ‘शहीद भगत सिंह पार्क’ के बोर्ड को पुतवाकर अपना नाम लिखवा दिया था। बाद में नगरपालिका प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर बोर्ड पर पुनः ‘शहीद भगत सिंह पार्क’ का नाम लिखवाया था। अब उच्च जलाशय निर्माण के शिलान्यास पर स्थगन आदेश आने के बाद मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है。
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बाड़ी प्राइमरी स्कूल में मिड-डे मील से 38 बच्चों की तबीयत बिगड़ी, इलाज जारी

Kullu, Himachal Pradesh:बाड़ी प्राइमरी स्कूल में मिड-डे मील खाने के बाद 38 बच्चों की तबीयत बिगड़ी मिड-डे मील बना मुसीबत? खीर खाने के बाद 38 बच्चों की बिगड़ी तबीयत बाड़ी स्कूल में मिड-डे मील के बाद बच्चों की तबीयत बिगड़ी, 4 बच्चे कुल्लू रेफर एंकर-कुल्लू-मनाली के मध्य स्थित पतलीकुहल के बाड़ी प्राइमरी स्कूल में मिड-डे मील के तहत खीर खाने के बाद 38 बच्चों की तबीयत बिगड़ने का मामला सामने आया है। पेट दर्द, उल्टी और बुखार जैसी शिकायतों के बाद कई बच्चों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। परिजनों के अनुसार, कुछ बच्चों की हालत इतनी बिगड़ गई कि वे घर लौटते समय रास्ते में ही गिर पड़े। सीएचसी अस्पताल डॉक्टर के अनुसार, बाड़ी स्कूल के कुल 38 बच्चों को अस्पताल लाया गया था। इनमें से 22 बच्चों को प्राथमिक उपचार और ओरल फीड देने के बाद छुट्टी दे दी गई है। डॉक्टर के मुताबिक बच्चों ने दोपहर करीब एक बजे मिड-डे मील में खीर खाई थी, जिसके बाद बच्चों में पेट दर्द, उल्टी और बुखार की शिकायतें सामने आईं। बच्चों को आवश्यकतानुसार इंजेक्शन और फ्लूइड दिया गया। वहीं, तीन बच्चों को कुल्लू रेफर किया गया, जबकि एक बच्चे को आज सुबह रेफर किया गया है। इसी मामले पर अभिभावकों में भी चिंता का माहौल है। अभिभावक ने बताया कि बच्चों के बीमार होने की सूचना शाम करीब चार बजे मिली। इसके बाद बच्चों को उल्टी और दस्त की शिकायत होने लगी। उन्होंने आशंका जताई कि मिड-डे मील में परोसी गई खीर या उसमें इस्तेमाल किए गए दूध में किसी तरह की समस्या हो सकती है। उन्होंने प्रशासन और सरकार से मिड-डे मील के भोजन की उचित जांच करवाने की मांग की। इसी मामले पर पूर्व शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने आज अस्पताल का दौरा किया और बच्चों और अभिभावक से बातचीत करने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने जिला प्रशासन और सरकार से मांग की की इस घटना की जांच एडमिनिस्ट्रेटिव जांच करवाई जाए ताकि इस घटना के कारण का पता लगाया जा सके
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तेज़ रफ्तार कार ने मोपेड सवार पिता-पुत्री को टक्कर दी, बेटी की मौत

Kawardha, Chhattisgarh:तेज़ रफ्तार कार का कहर: मोपेड बाइक सवार पिता-पुत्री को तेज रफ़्तार कार नें मारी टक्कर, बेटी की मौत कुण्डा थाना क्षेत्र के मुंगेली-पंडरिया मार्ग पर बिजली ऑफिस के सामने डोमसरा गांव के पास तेज रफ्तार कार ने खेत से काम कर लौट रहे मोपेड बाइक सवार पिता-पुत्री को जोरदार टक्कर मार दी. हादसे में 35 वर्षीय फुलेश्वरी निर्मलकर, निवासी डोमसरा, की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उनके पिता गंभीर रूप से घायल हो गए. हादसे के बाद कार चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया. ग्रामीणों की सूचना पर कुंडा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी. घायल किसान को उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया. कुंडा पुलिस की टीम फरार कार चालक की तलाश में जुटी है.
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सोनभद्र के रजमिलान नदी में तेज बहाव: एक बच्चा डूबा, मदद को आए दोनों लोग बह गए

Obra, Uttar Pradesh:सोनभद्र के बीजपुर थाना क्षेत्र के रजमिलान में बिछियारी नदी में अचानक बढ़े पानी ने बड़ा हादसा कर दिया। नदी में नहा रहे तीन बच्चों में से एक बच्चा तेज बहाव की चपेट में आकर बहने लगा। बच्चे को डूबता देख 50 वर्षीय राजकुमार ने नदी में छलांग लगा दी, लेकिन तेज धार में वह खुद भी बह गया। हादसे के बाद पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस मौके पर पहुंचकर दोनों की तलाश में जुटी हुई है। बताया जा रहा है कि रजमिलान के रहने वाले तीन बच्चे नीरज, समयलाल और लल्लू उर्फ राजू बिछियारी नदी में नहा रहे थे। इसी दौरान नदी में अचानक पानी का तेज बहाव आ गया। नीरज और समयलाल किसी तरह तैरकर सुरक्षित बाहर निकल आए, लेकिन 10 वर्षीय लल्लू उर्फ राजू तेज धार में बहने लगा। बच्चे को नदी में बहता देख 50 वर्षीय राजकुमार पुत्र बहादुर उसे बचाने के लिए पानी में कूद गए। लेकिन नदी का बहाव इतना तेज था कि राजकुमार भी उसकी चपेट में आ गए और देखते ही देखते दोनों पानी में बह गए। हादसे की खबर मिलते ही गांव में कोहराम मच गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। घटना की सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष राजेश कुमार सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने उच्चाधिकारियों को मामले की जानकारी देते हुए नदी में बहे दो लोगों की तलाश शुरू कर दी है। फिलहाल तेज बहाव के बीच दोनों की खोजबीन जारी है।
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किशनगढ़ के आरके कॉलोनी में डंपर ने बिजली तार तहस-नहस कर दिए

Kishanganj, Bihar:किशनगढ़ के आरके कॉलोनी में सड़क निर्माण कार्य में लगे एक डंपर ने बिजली व्यवस्था को तहस-नहस कर दिया। डंपर की चपेट में आने से तीन विद्युत ट्रांसफार्मर सहित सात विद्युत पोल जमीन से उखड़कर सड़क पर जा गिरे। हादसे के दौरान डंपर विद्युत तारों में बुरी तरह उलझ गया, जिससे मौके पर अफरातफरी मच गई। गनीमत रही कि इस दौरान कोई जनहानि नहीं हुई। सूचना मिलते ही विद्युत विभाग ने तत्काल क्षेत्र की बिजली सप्लाई बंद कर दी और टीम मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। बताया जा रहा है कि विकसित हो रही कॉलोनी में सड़क निर्माण का काम चल रहा था। काम पूरा होने के बाद डंपर वापस लौट रहा था, इसी दौरान वह विद्युत तारों में उलझ गया। तारों का दबाव पड़ते ही पोल और ट्रांसफॉर्मर डंपर का दबाव नहीं झेल सके और धराशायी हो गए। विद्युत विभाग की टीम मरम्मत कार्य में जुटी है और देर शाम तक क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति सुचारू होने की संभावना है。
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STP घोटाला: वीरेंद्र सचदेवा ने केजरीवाल पर जनता को धोखा का आरोप

Noida, Uttar Pradesh:दिल्ली: DJB में गड़बड़ी के मामले में ACB द्वारा दिल्ली के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी पर दिल्ली BJP के पूर्व अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा, "STP घोटाला बहुत बड़ा घोटाला था। यमुना की सफाई के नाम पर अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी ने दिल्ली की जनता को धोखा दिया। उस समय STP प्लांट लगाने की बात हुई थी। लेकिन 2021 में निकाले गए टेंडर में जानबूझकर एक शर्त जोड़ी गई ताकि एक खास कंपनी, यूरोटेक, को फायदा हो सके। उस कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए टेंडर की शर्तों में हेरफेर की गई और टेंडर उन्हें दे दिया गया... पिछले 10 सालों में अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली की जनता के साथ जिस तरह से धोखा किया है, यह काम उन्हीं गलत कामों का एक हिस्सा है, जिसमें अब इन छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है..."
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भरूच-जंबूसर: नकली विवाह प्रमाणपत्र से हिंदू युवती भगाने का मामला

Bharuch, Gujarat:ભરૂચ 브ેક링 ભરૂચના જંબુસરમાં બનાવટી મેરેજ સર્ટિફિકેટ બનાવી હિન્દુ યુવતીને ભગાડી જવાના મામલે મુસ્લિમ યુવક સામે ફરિયાદ 24 વર્ષીય યુવતીને પ્રેમજાળમાં ફસાવી વડોદરાથી ભગાડી ગયાનો પિતાનો આક્ષેપ કારજણના 크િયા ગામના ફેઝલ મજીદ દિવાન સામે જંબુસર પોલીસમાં ફરિયાદ નોંધાઈ yuવતી ઘરેથી 6 તોલાનો સોનાનો હાર લઈ ગઈ હોવાનો પણ ફરિયાદમાં ઉલ્લેખ કરાયો યુવકના મામાએ પોલીસ સમક્ષ રજૂ કરેલા મેરેજ સર્ટિફિકેટની ખરાઈ કરાવરણતા રજિસ્ટ્રાર કચેરીએ પ્રમાણપત્ર બનાવટી હોવાનું જણાવ્યું સરકારી રેકોર્ડમાં બંનેના નામે લગ્ન નોંધણી નhokી હોવાનું સામે આવતા છેતરપિંડી અને કૂટદસ્તાવેજનો આક્ષેપ જંબુસર પોલીસને BNSની વિવિધ કલમો હેઠળ ગુનો નોંધી વધુ તપાસ હાથ ધરી.
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कलेक्टर ने जिला अस्पताल में साफ-सफाई पर नाराजगी जताई, सुधार के निर्देश

Chhatarpur, Madhya Pradesh:एकंर- छतरपुर के कलेक्टर मृणाल मीणा ने आज जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। कलेक्टर के औचक निरीक्षण से हडकंप की स्थिति रही ,इस दौरान अस्पताल की सफाई व्यवस्था को लेकर उन्होंने नाराजगी जताई,कलेक्टर ने अस्पताल के वार्ड, टॉयलेट और फ्लोर की सफाई देखी। उन्होंने कहा कि डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल के हिसाब से सफाई स्टैंडर्ड के अनुरूप नहीं है। मरीजों को साफ-सुथरा माहौल मिलना चाहिए।,कलेक्टर ने कहा कि उन्होंने सफाई इंचार्ज से चर्चा की है। साफ सफाई में बहुत सुधार की जरूरत है। टॉयलेट और फ्लोर की सफाई स्टैंडर्ड के हिसाब से नहीं है। कॉकरोच की भी शिकायत मिली है। निर्देश दिए हैं कि फ्लोर ड्राई रखें और जिम्मेदारी से काम करें,कलेक्टर ने सफाई इंचार्ज को सख्त निर्देश दिए हैं कि व्यवस्था में तुरंत सुधार किया जाए। लापरवाही पाए जाने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई। बाइट - मृणाल मीणा - कलेक्टर
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UP ATS के खुलासे: पाक हैंडलर से चंदा लेकर युवाओं को आतंकी बनाने की कोशिश

Noida, Uttar Pradesh:आईएसआई की बदहाली की खुली पोल, भेजने के बजाय पाकिस्तानी हैंडलर मंगा रहा रकम बोला- चंदा जुटाओ. उत्तर प्रदेश एटीएस की जांच में आतंकी नेटवर्क की फंडिंग से जुड़ा अहम खुलासा हुआ है। गिरफ्तार आरोपी पर चंदा जुटाकर पाकिस्तान रकम भेजने और भड़काऊ भाषणों के जरिए युवाओं को आतंकी गतिविधियों के लिए उकसाने का आरोप है। जांच एजेंसियां संदिग्ध नेटवर्क और फंडिंग के स्रोतों की पड़ताल कर रही हैं. यूपी एटीएस द्वारा बिहार से गिरफ्तार किए गए जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े मोहम्मद जफर से चंदा जुटाकर रकम पाकिस्तान मंगाई जा रही थी। वह मदरसों और मस्जिदों से चंदा जुटा रहा था। वह इन जगहों पर भड़काऊ भाषण देकर लोगों को आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के लिए उकसाता था। इससे पहले आईएस के हैंडलर द्वारा भी आतंकी गतिविधियों के लिए रकम नहीं भेजने के मामले सामने आ चुके हैं। सूत्रों के मुताबिक इसकी वजह पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी की बदहाली की वजह से आतंकी संगठनों की फंडिंग में कटौती है। बाईट ए के जैन पूर्व डीजीपी यूपी. ग्राफ़िक्स इन--- 1 बदहाली की वजह से ही आईएसआई के इशारे पर पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी भी युवाओं को आतंकी गतिविधियों में शामिल हाेने के लिए चंद रुपये भेजकर अपने जाल में फंसाता है। 2--उसके नेटवर्क के सदस्यों के खिलाफ देश भर में 80 से ज्यादा एफआईआर दर्ज करने के साथ तमाम संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। जांच में सामने आया है कि उसने युवाओं को दो से पांच हजार रुपये ही भेजे थे जिसकी भनक खुफिया एजेंसियों को मिलने पर उन्हें दबोच लिया गया। 3-- पूर्व में गिरफ्तार हुए कई आतंकियों ने भी इस बात का खुलासा किया कि उनको 5000 या ₹10000 ही काम के मिलते थे जबकि कुछ साल पहले यह रकम लाखों रुपए में होती थी. 4--वित्तीय और खुफिया जांच के कारण इन संगठनों को मिलने वाली फंडिंग और साजो-सामान की सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई है। 5--सुरक्षा एजेंसियों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कड़े नियमों के कारण आतंकी संगठनों की फंडिंग में कमी आई है। सरकारें हवाला चैनलों, फर्जी चैरिटी ट्रस्टों और क्रिप्टो करेंसी के अवैध इस्तेमाल पर लगातार नजर रख रही हैं. 6-- बिना अनुमति चंदा जुटाने और मनी ट्रांसफर पर पाबंदी है। ग्राफ़िक्स आउट-- वीओ--सुरक्षा एजेंसियों की सख्त कार्रवाई और तकनीकी कसावट के चलते आईएसआईएस और आईएसआई समर्थित आतंकी मॉड्यूल अब काफी हद तक बदहाल हो चुके हैं. इसकी सबसे बड़ी वजह है कि नकली नोटों पर भी बड़ी कार्रवाई करते हुए उसे पर पूरी तरह से लगाम लगा दी गई है। हालिया जांचों में यह भी सामने आया है कि नापाक मंसूबों को पूरा करने के लिए ये आतंकी नकली नोटो का इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहे थे, जिसे एजेंसियों ने नाकाम कर दिया था।
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MSP गेहूं भुगतान नहीं मिलने पर किसान प्रतिनिधि कलेक्टर से मिलने पहुँचे

Hanumangarh, Rajasthan:हनुमानगढ़ में एमएसपी पर बेची गई गेहूं की फसल का भुगतान नहीं होने से परेशान किसान प्रतिनिधियों ने बुधवार को जिला कलेक्टर से मुलाकात कर भुगतान करवाने की मांग की। किसान प्रतिनिधियों ने कलेक्टर को प्रार्थना पत्र सौंपकर बताया कि ग्राम पंचायत मानूका, तहसील हनुमानगढ़ के चक 22 MMK में कुलदीप सिंह की करीब 22 बीघा कृषि भूमि है। इस भूमि पर दो किसान अलग-अलग हिस्से में ठेके पर खेती कर रहे हैं। किसान प्रतिनिधियों के अनुसार देवकरण ने करीब 18 बीघा भूमि ठेके पर लेकर काश्त की थी। भूमि मालिक की ओर से दोनों किसानों के लिए अलग-अलग ठेकानामा तैयार करवाया गया था। इनमें से एक किसान को उसकी फसल का भुगतान मिल चुका है, लेकिन देवकरण की ओर से एमएसपी पर बेची गई गेहूं की राशि का भुगतान अभी तक नहीं हुआ है। देवकरण ने बताया कि भुगतान में देरी के कारण उसे आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। फसल बेचने के बाद समय पर राशि नहीं मिलने से खेती से जुड़े खर्च और अन्य जरूरी जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो रहा है。
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