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MANISH KUMAR SINGHMANISH KUMAR SINGHFollow30 Sept 2024, 11:11 am
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इटावा के सैफई यूनिवर्सिटी में पहली बार रोबोटिक घुटना-हिप प्रत्यारोपण सफल

Etawah, Uttar Pradesh:इटावा के सैफई यूनिवर्सिटी आज एक नई उपलब्धि हासिल की है सैफई यूनिवर्सिटी में पहली बार रोबोटिक घुटना एवं कूल्हा प्रत्यारोपण सर्जरी सफलतापूर्वक की गई है। सैफई यूनिवर्सिटी में आर्थोपेडिक्स विभाग में रोबोटिक ज्वाइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी की नई शुरुआत चिकित्सा के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। अब मरीजों को लखनऊ और दिल्ली के चलकर नहीं लगाने पड़ेंगे सैफई में सुविधा मिलेगी। इटावा के सैफई में स्थित उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय में आर्थोपेडिक्स विभाग ने संस्थान के इतिहास में एक महत्वपूरक उपलब्धि दर्ज कराई है। सैफई में विभागाध्यक्ष एवं प्रोफेसर डॉक्टर सुनील कुमार के नेतृत्व में पहली बार रोबोटिक टोटल नी रिप्लेसमेंट एवं रोबोटिक टोटल हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी सफलता पूर्व सम्पन्न कराई गई है। यह उपलब्धि सैफई आयुर्विज्ञान में सटीक एवं उन्नत आर्थोपेडिक्स सर्जरी की दिशा में एक नया अध्याय की शुरुआत की गई है। वैसे यह सरकारी चिकित्सा संस्थान में रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट जैसी अत्याधुनिक सुविधा मरीजों के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। वहीं संस्थान के द्वारा पहली शुरुआत को लेकर टीम में भी उत्साह देखने को मिला था वहीं विभाग के लोग भी इस तरह की उपलब्धि मरीजों के हित में एक सैफई के कुलपति का सराहनीय कदम मान रहे है। सैफई के कुलपति की माने तो हम लोगों ने दो रोबोट खरीदने की प्रक्रिया की शुरुआत कर दी है आज रोबोट से पहली सर्जरी आर्थोपेडिक्स में की गई है यह बहुत उच्च स्तरीय के प्रणाली को अपनाया है जो प्राइवेट अस्पताल में खर्चा आता है हम लोग उससे बहुत कम खर्चे में कर रहे है रोबोटिक सर्जरी से मरीजों को ज्यादा राहत मिलेगी सर्जरी के बाद मरीज बहुत जल्द सही हो जाएगा। और अपने काम पर लौट पाएगा। अभी तक इस तरह की सर्जरी कराने के लिए मरीजों को लखनऊ या दिल्ली जाना पड़ता था लेकिन अब मरीजों को यहां पर राहत मिलेगी।
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जोधपुर बासनी अग्निकांड में फायर फाइटर प्रीतेश परमार की मौत का मामला, शहीद के दर्जे की मांग को लेकर बिछीवाड़ा में निकाला कैंडल मार्च

Dungarpur, Rajasthan:जोधपुर बासनी अग्निकांड में फायर फाइटर प्रीतेश परमार की मौत का मामला, शहीद के दर्जे की मांग को लेकर बिछीवाड़ा में निकाला कैंडल मार्च. जोधपुर के बासनी औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक केमिकल फैक्ट्री में आग बुझाने के दौरान भीषण हादसे का शिकार हुए डूंगरपुर जिले के 19 वर्षीय वीर फायर फाइटर प्रीतेश परमार के निधन के मामले में क्षेत्र में शोक की लहर व्याप्त है। दिवंगत जवान को भावपूर्ण श्रद्धांजलि देने व उसे शहीद का दर्जा दिए जाने की माँग को लेकर बिछीवाड़ा ब्लॉक मुख्यालय पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों द्वारा एक विशाल कैंडल मार्च निकाला गया। डूंगरपुर जिले के लांबाभाटड़ा (चुंडावाड़ा) गांव निवासी प्रीतेश परमार जोधपुर में अग्निशामक के रूप में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे थे। ट्रेनिंग के दौरान बासनी स्थित फैक्ट्री में लगी भीषण आग को बुझाने के लिए वे फायर ब्रिगेड की टीम के साथ मोर्चे पर डटे हुए थे। आग पर काबू पाने के दौरान केमिकल ड्रम में हुए जोरदार धमाके और हादसे में वे करीब 90 प्रतिशत तक झुलस गए थे। वेंटिलेटर पर इलाज के दौरान उन्होंने जिंदगी की जंग हारते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दे दिया। बिछीवाड़ा में आयोजित कैंडल मार्च के दौरान लोगों ने प्रीतेश परमार की तस्वीर और मोमबत्तियाँ लेकर उनकी शहादत को नमन किया। वही राज्य सरकार और जिला प्रशासन के सामने 3 मुख्य मांगें रखीं: कर्तव्य पालन के दौरान अपने प्राणों की आहुति देने वाले अग्निशामक कर्मी प्रीतेश परमार को आधिकारिक रूप से 'शहीद' का दर्जा प्रदान करने, पीड़ित परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार की ओर से 1 करोड़ रुपये का विशेष आर्थिक मुआवजा स्वीकृत करने और दिवंगत जवान के परिवार के एक सदस्य को योग्यतानुसार त्वरित सरकारी नौकरी का नियुक्ति पत्र देने की मांग शामिल है.
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नवादा में ज्वेलरी कारोबारी से लूट, विरोध पर चली गोली; व्यापारी बाल-बाल बचा

Nawada, Uttar Pradesh:नवादा जिले के हिसुआ थाना क्षेत्र अंतर्गत पांचू कचहरी के अपराधियों ने एक ज्वेलरी कारोबारी से लूटपाट की घटना को अंजाम दिया। विरोध करने पर अपराधियों ने फायरिंग भी की, हालांकि कारोबारी बाल-बाल बच गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित कारोबारी प्रमोद वर्मा हिसुआ बाजार में सोना-चांदी की दुकान चलाते हैं। रोज की तरह दुकान बंद कर घर लौट रहे थे। इसी क्रम में पांचू कचहरी के पास पहले से घात लगाए दो मोटरसाइकिल पर सवार चार अपराधियों ने उन्हें घेर लिया। अपराधियों ने हथियार के बल पर उनका बैग छीन लिया और भागने लगे। बदमाशों ने दहशत फैलाने के लिए एक गोली चला दी, जो प्रमोद वर्मा के कान को छूते हुए निकल गई। गोली की आवाज सुनते ही वे जमीन पर गिर पड़े, जिससे उनकी जान बच गई। पीड़ित के अनुसार बैग में करीब 9 हजार रुपये नकद थे। घटना की सूचना मिलते ही SDPO राहुल सिंह और हिसुआ थानाध्यक्ष मृत्युंजय कुमार दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगालना शुरू कर दिया है।
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शहीद संतोष उरांव की टूटी प्रतिमा पुनः स्थापित, मां ने खर्च कर सम्मान दिलाया

Gumla, Jharkhand:शहीद बेटे की टूटी प्रतिमा देख मां ने उठाया बीड़ा, खुद खर्च किए 3 लाख रुपये एक महीने तक जमीन पर पड़ी रही प्रतिमा, मां ने खुद नई आदमकद प्रतिमा लगवाकर बेटे को दिलाया सम्मान गुमला - देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीद संतोष उरांव की टूटी प्रतिमा को दोबारा स्थापित कराने के लिए आखिरकार उनकी मां ने खुद पहल की। घाघरा के चपका-चैनपुर मार्ग पर स्थित तुरियाडीह निवासी शहीद संतोष उरांव की प्रतिमा टूटकर करीब एक महीने से अधिक समय तक जमीन पर पड़ी रही। कई बार गुहार लगाने के बावजूद जब प्रतिमा को दोबारा स्थापित कराने की ठोस पहल नहीं हुई, तो शहीद की मां गीता देवी ने अपनी निजी राशि से करीब तीन लाख रुपये खर्च कर बेटे की नई आदमकद प्रतिमा स्थापित करा दी। तीन बार मंत्री से मिलीं, अधिकारियों से भी लगाई गुहार शहीद की मां गीता देवी ने बताया कि प्रतिमा दोबारा स्थापित कराने के लिए वह स्थानीय विधायक सह मंत्री चमरा लिंडा से तीन बार मिलीं। इसके अलावा संबंधित अधिकारियों से भी लगातार आग्रह किया, लेकिन उन्हें आश्वासन के अलावा कोई ठोस मदद नहीं मिली। उन्होंने कहा कि करीब एक महीने तक बेटे की प्रतिमा जमीन पर पड़ी रही। आखिरकार उन्होंने स्वयं राशि की व्यवस्था कर नई प्रतिमा स्थापित करा दी। गीता देवी ने कहा कि “शहीद का सम्मान करना सभी की जिम्मेदारी है। जब कोई आगे नहीं आया तो एक मां होने के नाते मैंने अपने बेटे की प्रतिमा दोबारा स्थापित कराने का फैसला लिया।” घटिया निर्माण सामग्री से प्रतिमा टूटने का ग्रामीणों का आरोप स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि सड़क किनारे स्थापित शहीद की प्रतिमा निर्माण में गुणवत्ताहीन सामग्री के इस्तेमाल के कारण टूटकर गिर गई थी। प्रतिमा का मलबा लंबे समय तक वहीं पड़ा रहा। ग्रामीणों ने कहा कि देश के लिए बलिदान देने वाले शहीद की प्रतिमा की ऐसी स्थिति बेहद पीड़ादायक है। प्रतिमा की देखरेख पर उठे सवाल नई प्रतिमा स्थापित होने के बाद ग्रामीणों ने शहीद की मां के प्रति सम्मान जताया, वहीं शहीद स्मारकों और प्रतिमाओं की देखरेख को लेकर सवाल भी उठाए। ग्रामीणों की मांग है कि जिले में स्थापित शहीदों की प्रतिमाओं और स्मारकों के रखरखाव की नियमित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी शहीद की प्रतिमा लंबे समय तक उपेक्षित अवस्था में न पड़ी रहे。 सवाल अब यह है कि शहीदों की प्रतिमाओं की देखरेख की जिम्मेदारी आखिर किसकी है? जिस सम्मान का हक शहीदों को मिलना चाहिए, उसे सुनिश्चित करने के लिए उनकी मां को अपनी निजी राशि खर्च करने की नौबत क्यों आई—यह सवाल स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
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इटावा में युवक का गला काटा: परिजनों ने अज्ञात हमलावर पर आरोप, पुलिस जांच में जुटी

Etawah, Uttar Pradesh:इटावा जिले के इकदिल थाना क्षेत्र के मानिकपुर मोड़ क्षेत्र में देर रात अज्ञात कारणों से युवक अजय कुमार का गला कटा मिला, जिससे क्षेत्र में हड़कम्प मच गया। घायल को इमरजेंसी में जिला अस्पताल लाया गया जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे सैफई पीजीआई रेफर किया गया। परिजनों ने अज्ञात व्यक्ति पर हमला कर गला काटने का आरोप लगाया है और पुलिस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है। परिजनों का कहना है कि गर्दन खुद से नहीं कटी, बल्कि किसी अज्ञात ने काटकर घायल किया है। बाइट: सोमा देवी - घायल की भाभी बाइट: डॉक्टर राहुल बाबू - EMO जिला अस्पताल इटावा
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ग्रेटर नोएडा वेस्ट अजनारा होम्स में लिफ्ट फंसे 13 लोग करीब 20 मिनट

Noida, Uttar Pradesh:20 मिनट तक लिफ्ट में 13 लोग फंसे ग्रेटर नोएडा वेस्ट की अजनारा होम्स सोसायटी में आये दिन लिफ्ट फंसने की घटनाओं के कारण लोगों की परेशानी बढ़ गई है. सोमवार को एक टावर की लिफ्ट में ऊपरी फ्लोर से नीचे आने के दौरान पैसेंजर लिफ्ट में 13 लोग करीब 20 मिनट तक फंसे रहे. आरोप है कि इस दौरान कई बार लिफ्ट में फंसे लोगों ने इंटरकाम, सिक्योरिटी अलार्म बजाया, लेकिन कोई मदद नहीं मिली. लिफ्ट के अंदर बच्चों के रोने की आवाज सुनकर लोगों ने सुरक्षा गार्ड औरमेंटिनेस को सूचना दी. इसके बाद सभी को बाहर निकाला गया. सोसायटी के निवासी दिनकर पांडेय ने बताया कि परिसर के लिफ्ट का रखरखाव न होने के कारण समस्या बढ़ गई है. सोमवार को शाम के समय टावर M की पैसेंजर लिफ्ट के जरिए कुछ बच्चे, सीनियर सिटीजन और अन्य लोग ऊपरी फ्लोर से नीचे आ रहे थे. आरोप है कि इस दौरान अचानक लिफ्ट बीच फ्लोर पर झटके के साथ रुक गई. लिफ्ट में फंसे लोगों ने काफी देर तक इमरजेंसी अलार्म मदद के लिए बजाया, लेकिन कोई मौजूद नहीं पहुंचा. लोगों ने काफी देर तक लिफ्ट के गेट बजाते रहे. ऐसे में लिफ्त में फंसे हुए बच्चों के रोने की आवाज सुनकर बाहर से लोगों ने आनन-फानन में सुरक्षा गार्ड औरमेंटिनेस टीम को सूचना दी है. जिसके बाद सभी को करीब 20 मिनट के बाद फर्स्ट फ्लोर पर लिफ्ट का गेट खोलकर बाहर निकाला गया. सोसाइटी के लोगों का कहना है कि यहां लिफ्ट अटकना आम बात हो गया है और आए दिन लोग लिफ्ट में फंसते रहते हैं, जिससे काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है.
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