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MANISH KUMARMANISH KUMARFollow25 Aug 2024, 01:27 am
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हनुमानगढ़ के कृषि महाविद्यालय में नए भवन के चुनावी अधिग्रहण पर विद्यार्थी धरना

Hanumangarh, Rajasthan:Location- Hanumangarh (Rajasthan) Chunav ke liye college bhavan adhigrahann par bhadke vidyarthi, get par jada tala, naye bhavan se purane bhavan mein shift karne par dharna-pradarshan, staff ko andar band kar dean ke istifa ki maang —— Aankr visuals —— Hanumgarh mein Rajkiya Krishi Mahavidyalay ke naye bhavan ko chunav ke liye adhigrahit kiye jaane ke baad vidyarthiyon ko taun sthit purane bhavan mein shift kiye jaane se naraz chhatra-chhatraon ne budhwar ko mahavidyalay parisar mein dharna-pradarshan kiya. Zila Congress Committee adhyaksh Manish Godara aur NSUI jilaadhyaksh Rohit Jha va ke netritva mein vidyarthiyon ne naye bhavan ko kisi bhi gair-shaikshanik karya, prashasanik gatividhi ya thaharav ke liye upyog na karne ki maang uthai. Pradarshan ke dauran akroshit vidyarthiyon ne college staff ko andar band kar mahavidyalay ke mukhya gate par tala jod diya. Vidyarthiyon ne prabhari dean ke isteefe ki maang bhi uthai. Pradarshanon ka kehna tha ki lambe sangharsh ke baad kshetr ke vidyarthiyon ko behtar agricultural shiksha uplabdh karane ke uddeshya se naye bhavan ka nirmaan hua hai. Aise mein bhavan ko chunav tatha kisi anya gair-shaikshanik gatividhi ke liye upyog kiye jaane se karyakram, prayogshaalayen aur shikshanik vatavaran prabhavit hoga. Vidyarthiyon ne maang ki ki naye bhavan ko keval padhai, kakshaen, prayogshaalayen aur college se sambandhit shaikshanik gatividhi ke liye surakshit rakha jaye. ——- Vijual Bait :- Manish Godara, jilaadhyaksh Congress
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नए कोर्ट भवन में चैंबर न मिलने पर वकीलों ने किया धरना-प्रदर्शन

Alwar, Rajasthan:चैंबर नहीं तो नए कोर्ट में काम नहीं करेंगे वकील, धरना-प्रदर्शन अलवर बार एसोसिएशन की ओर से बुधवार को न्यायालय परिसर में नए कोर्ट भवन में अधिवक्ताओं के लिए चैंबर और अन्य मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन किया गया। भवानी तोप के पास बनाए गए नए न्यायालय भवन में पर्याप्त सुविधाएं नहीं होने से वकीलों में नाराजगी है। अधिवक्ताओं ने कहा कि लंबे समय से चैंबर की मांग लंबित है, लेकिन अब तक कोई व्यवस्था नहीं की गई। बार एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि जब तक नए कोर्ट परिसर में वकीलों के बैठने के लिए चैंबर उपलब्ध नहीं कराए जाते, तब तक अधिवक्ता नए भवन में जाकर कार्य नहीं करेंगे। साथ ही आमजन और वकीलों के लिए जरूरी अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी मांग की गई।
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पटना में कचरे से बायोगैस ऊर्जा, ITI नामांकन सुधार और बिजली-संरचना मजबूत

Patna, Bihar:पटना मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की कैबिनेट की बैठक हुई समाप्त। 11 एजेंडों पर लगी मोहर। नगर निकायों में कम्प्रेस्ड बायोगैस (CBG) प्लांट लगाया जाएगा। इसमें गीले और जैविक कचरे का वैज्ञानिक तरीके से इस्तेमाल किया जाएगा। कचरे को प्रोसेस कर उससे बायोगैस यानी नवीकरणीय ऊर्जा तैयार की जाएगी। इसके से शहरों में गीले कचरे के प्रबंधन की समस्या कम होगी। कचरे से निकलने वाली हानिकारक मीथेन गैस के उत्सर्जन में कमी आएगी। CBG प्लांट से रोजगार और आर्थिक अवसर भी बढ़ेंगे। इससे पेट्रोल-डीजल जैसे आयातित ईंधन पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी। यह व्यवस्था पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ शहर बनाने में भी मदद करेगी। यानी, शहर के कचरे को ऊर्जा में बदलकर उसका दोहरा फायदा लिया जाएगा। बिहार के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) में नामांकन की प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। अब निजी ITI की 50% सीटों पर नामांकन बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद (BCECEB) के माध्यम से होगा। यानी निजी ITI की आधी सीटों पर दाखिला सरकारी प्रवेश प्रक्रिया के जरिए कराया जाएगा। इस बदलाव से ITI में नामांकन प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने में मदद मिलेगी। IAS अधिकारी संजय कुमार को रिटायरमेंट के बाद एक साल के लिए फिर काम पर रखा गया है। वे सामान्य प्रशासन विभाग में विशेष सचिव के पद पर थे। उनकी सेवानिवृत्ति 31 जुलाई 2026 को हुई। अब उन्हें संविदा (Contract) के आधार पर 1 साल के लिए नियुक्त किया गया है। उनका नया कार्यकाल 1 अगस्त 2026 से 31 जुलाई 2027 तक रहेगा। यानी रिटायरमेंट के बाद भी वे एक साल तक सरकार के साथ काम करते रहेंगे। बिहार में भारतनेट योजना को और बेहतर तरीके से लागू करने के लिए मौजूदा समझौते में बदलाव किया जाएगा। भारतनेट के तहत बिछाए जाने वाले ऑप्टिकल फाइबर के लिए राज्य सरकार राइट ऑफ वे (RoW) उपलब्ध कराएगी। इसके लिए केंद्र सरकार, BBNL और बिहार सरकार के बीच पहले से हुए समझौते में संशोधन कर नया एडेन्डम साइन किया जाएगा। संशोधित भारतनेट में 99% नेटवर्क अपटाइम सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है। यानी नेटवर्क ज्यादातर समय चालू रहेगा। नेटवर्क को बेहतर बनाने के लिए आधुनिक IP-MPLS तकनीक और रिंग टोपोलॉजी का इस्तेमाल किया जाएगा। गांव और पंचायत स्तर पर स्कूल, थाना, आंगनवाड़ी, डाकघर, स्वास्थ्य केंद्र, सहकारी संस्थान और KVK जैसे सरकारी संस्थानों को इंटरनेट से जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही घरों तक FTTH (फाइबर टू द होम) कनेक्शन पहुंचाने का भी लक्ष्य है। यानी गांवों में तेज और ज्यादा भरोसेमंद इंटरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने की दिशा में काम होगा। बिहार में बिजली व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 221 नए पदों के sृजन को मंजूरी दी गई है। ये पद BSPTCL के तहत होंगे। इन पदों पर ग्रिड उपकेंद्रों और कार्यालयों में कर्मचारियों की नियुक्ति की जाएगी। इसमें विद्युत कार्यपालक अभियंता, सहायक कार्यपालक अभियंता और कनीय विद्युत अभियंता के पद शामिल हैं। इसके अलावा प्रधान अग्रजन, अग्रजन और तकनीकी श्रेणी-I, II एवं III के पद भी बनाए जाएंगे। इन 221 पदों के सृजन के प्रस्ताव को मंत्रिपरिषद ने मंजूरी दे दी है। इससे ग्रिड उपकेंद्रों के संचालन और बिजली ट्रांसमिशन व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के तहत बिहार सरकार घरों में सोलर पैनल लगाने पर अतिरिक्त आर्थिक मदद देगी। केंद्र सरकार की सहायता के अलावा बिहार सरकार ₹10,000 प्रति किलोवाट की मदद देगी। एक उपभोक्ता को अधिकतम ₹20,000 तक राज्य सरकार की सहायता मिलेगी। यह राशि DBT के जरिए सीधे उपभोक्ता के बैंक खाते में भेजी जाएगी। यह योजना 1 साल के लिए लागू होगी। इसके लिए बिहार सरकार ने कुल ₹1,000 करोड़ के अनुमानित खर्च को मंजूरी दी है। यानी घर की छत पर सोलर पैनल लगाने वालों को केंद्र के साथ बिहार सरकार से भी अतिरिक्त सब्सिडी मिलेगी। ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप में जमीन की खरीद-बिक्री और हस्तांतरण को लेकर बड़ी राहत दी गई है। विकास योजना के अंतिम प्रकाशन के बाद जमीन की खरीद-बिक्री/हस्तांतरण पर लगी रोक हटा दी गई है। यानी अधिसूचित ग्रीनफील्ड शहरों में अंतिम विकास योजना जारी होने के बाद लोग जमीन खरीद-बेच सकेंगे। बिहार नगर विकास प्राधिकरण को विकास योजना के प्रारूप प्रकाशन के बाद भी जमीन की खरीद-बेच्री पर लगी रोक हटाने का अधिकार होगा। जमीन का विकास और भवन निर्माण तय विकास योजना और नियमों (DCR) के अनुसार ही किया जा सकेगा। यानी अब इन क्षेत्रों में जमीन के लेन-देन की प्रक्रिया आसान होगी, लेकिन निर्माण और विकास पर प्राधिकरण के नियम लागू रहेंगे。 IMP बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को अगले 5 साल के लिए बढ़ा दिया गया है। यह योजना 2026-27 से 2030-31 तक चलेगी। इसके तहत विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार ने योजना को और आसान, व्यापक और बेहतर बनाने का फैसला किया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में ₹950 करोड़ खर्च करने का प्रावधान किया गया है। इससे बिहार के छात्रों को आगे की पढ़ाई के ज्यादा अवसर मिलेंगे। सरकार का लक्ष्य उच्च शिक्षा तक छात्रों की पहुंच बढ़ाना और राज्य के सकल नामांकन अनुपात (GER) में सुधार करना है। बिहार में एकल निजी B.Ed. कॉलेजों को बहुविषयक डिग्री कॉलेज के रूप में विकसित करने की मंजूरी दी गई है। यानी अब इन कॉलेजों में सिर्फ B.Ed. की पढ़ाई नहीं, बल्कि दूसरे विषयों की पढ़ाई भी हो सकेगी। यहां कला, विज्ञान, वाणिज्य समेत अन्य स्नातक पाठ्यक्रम शुरू किए जा सकेंगे। इसके अलावा कौशल आधारित कोर्स भी चलाए जा सकेंगे। नए कोर्स शुरू करने के लिए विश्वविद्यालय, UGC, NCTE और राज्य सरकार के तय नियमों का पालन करना होगा। इससे छात्रों को अपने जिले या आसपास के क्षेत्र में ही उच्च शिक्षा के ज्यादा विकल्प मिलेंगे। सरकार को उम्मीद है कि इससे बिहार में उच्च शिक्षा तक पहुंच और सकल नामांकन अनुपात (GER) बढ़ेगा।
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बारिश के बाद बगरू की सड़क पानी में डूबी, नाली-निर्माण में खामियाँ उजागर

Jaipur, Rajasthan:जिला - जयपुर लोकेशन - बगरू इनफॉर्मर - सुनील जांगिड़ इनफॉर्मर - सुनील जांगिड़ एंकर... राजधानी जयपुर के बगरू में बारिश के बाद सड़क पर जमा पानी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। स्थानीयों लोगों आरोप है कि सार्वजनिक निर्माण विभाग के इंजीनियरों की ओर से यहां सड़क और नाली निर्माण में बरती गई लापरवाही और तकनीकी खामियों के चलते जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं हो पाई। मामला बगरू कस्बे के झाग बस स्टैंड इलाके का है, जहां बारिश के बाद सड़क पानी से लबालब हो गई। हालात ऐसे हैं कि राहगीरों और वाहन चालकों को पानी के बीच से ही जोखिम उठाकर गुजरना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बगरू - मौजमाबाद रोड निर्माण के दौरान बनाई सीसी सड़क और नाली निर्माण में जल निकासी की समस्या को नजरअंदाज किया गया, जिसका खामियाजा अब आमजन को भुगतना पड़ रहा है। पानी भरने से सड़क पर गड्ढे और रास्ते की स्थिति स्पष्ट नजर नहीं आने के कारण कई बार राहगीर हादसों का शिकार होकर चोटिल भी हो चुके हैं।
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जगदलपुर में 8 किलोग्राम गांजे के साथ दो तस्कर गिरफ्तार: बोधघाट पुलिस

Jagdalpur, Chhattisgarh:जगदलपुर में बोधघाट थाने की पुलिस ने दुपहिया वाहन से गांजा तस्करी कर रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार किया, पुलिस को मुखबिर से गांजा तस्करी की सूचना प्राप्त हुई थी, जिसके बाद बोधघाट थाने की पुलिस ने गोरिया बहार नाला के पास रेड कार्रवाई करते हुए बाइक सवार दो गांजा तस्करों को गिरफ्तार किया, आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने 8 किलोग्राम गांजा जब्त किया जिसकी अनुमानित कीमत 4 लाख 50 हजार रुपए आंकी गई है, मामले में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दीपक बघेल निवासी झार उमर गांव और भूपेन्द्र कश्यप निवासी ग्राम बोर पदर के रूप में की गई है, पुलिस के अनुसार आरोपी उड़ीसा से गांजा खरीदकर जगदलपुर ला रहे थे, NDPS एक्ट के तहत दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
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आगरा के निजी अस्पताल: बेसिक रूम रेंट 3-स्टार होटल से महंगा

Agra, Uttar Pradesh:रिपोर्ट :- सैय्यद शकील आगरा अस्पताल में इलाज कराने जाएं तो बीमारी से ज्यादा डर अब बिल का सताने लगा है... कमरे का किराया... डॉक्टर की फीस... जांच... दवाएं... मेडिकल डिवाइस... और हर सेवा के अलग-अलग चार्ज। इसी बढ़ते बोझ के बीच संसदीय समिति ने प्राइवेट अस्पतालों के चार्ज को लेकर कई बड़ी सिफारिशें की हैं। सबसे बड़ा सवाल अस्पतालों के बेसिक रूम रेंट को लेकर है।समिति ने सुझाव दिया है कि बड़े शहरों में प्राइवेट अस्पताल के बेसिक कमरे का किराया आसपास के 3-स्टार होटल के औसत टैरिफ से ज्यादा नहीं होना चाहिए। अब इसी सिफारिश की पड़ताल करने ज़ी न्यूज़ संवाददाता सैय्यद शकील आगरा के अस्पतालों में पहुंचे।जो तस्वीर सामने आई... उसने कई सवाल खड़े कर दिए। संसदीय समिति की रिपोर्ट में प्राइवेट अस्पतालों के इलाज के खर्च को लेकर चिंता जताई गई है।समिति ने सर्जरी और प्रमुख इलाज के लिए पैकेज प्राइस तय करने की सिफारिश की है।साथ ही सुझाव दिया गया है कि इलाज शुरू करने से पहले मरीज और उसके परिवार को अनुमानित कुल खर्च की जानकारी दी जाए।अस्पताल में उपलब्ध सभी सेवाओं और उनके शुल्क की सूची सार्वजनिक करने की भी सिफारिश की गई है। यानी मरीज को इलाज शुरू होने से पहले ही यह पता हो कि उसकी जेब पर कितना बोझ पड़ने वाला है। लेकिन इस पूरी रिपोर्ट में सबसे ज्यादा चर्चा जिस सिफारिश की है... वो है हॉस्पिटल के बेसिक रूम रेंट पर कैप लगाने की। समिति का सुझाव है कि बड़े शहरों में बेसिक हॉस्पिटल रूम का किराया नजदीकी 3-स्टार होटल के औसत टैरिफ से ज्यादा नहीं होना चाहिए।अब इसी सिफारिश को आधार बनाकर आगरा में हमने जमीनी पड़ताल की। पुष्पांजलि हॉस्पिटल संवाददाता सैय्यद शकील पहुंचे आगरा के पुष्पांजलि हॉस्पिटल।रिसेप्शन पर कमरे के किराये को लेकर जानकारी ली गई। बताया गया कि यहां एक कमरे का किराया करीब 6 हजार रुपये से लेकर 9 हजार रुपये प्रतिदिन तक है। यानी मरीज के परिवार को सिर्फ कमरे के लिए ही एक दिन में हजारों रुपये खर्च करने पड़ सकते हैं। लेकिन सवाल ये कि क्या यही कमरा आसपास के होटल से भी महंगा है? इसके बाद हमारी टीम पहुंची विम्स हॉस्पिटल।यहां भी रिसेप्शन पर कमरे के किराये की जानकारी ली गई। बताया गया कि कमरे की कीमत करीब 8 हजार रुपये से लेकर 13 हजार रुपये तक है।अब इन दरों की तुलना अगर आसपास के 3-स्टार होटल के कमरों से करें तो तस्वीर काफी अलग नजर आती है। VO-5 — होटल कंपैरिजन आगरा में हमने 3-स्टार श्रेणी के होटलों में भी कमरों की दरों के बारे में जानकारी ली। होटल जोडा द ग्रेट में उपलब्ध जानकारी के मुताबिक कमरों की दरें अस्पतालों में बताए गए रेट से काफी कम नजर आईं। वहीं क्लार्क्स इन में भी कमरे की श्रेणी और उपलब्धता के हिसाब से होटल के कमरों की दरें अस्पताल के कमरे से कम बताई गईं।हमारी मौके पर की गई पड़ताल में सामने आया कि जिन अस्पतालों में कमरे के लिए 6 से 13 हजार रुपये तक की दर बताई गई... वहीं होटल में इससे कम कीमत में कमरा उपलब्ध होने की जानकारी मिली。 PTC / REPORTER PIECE TO CAMERA आगरा में हमारी इस पड़ताल ने एक बड़ा सवाल खड़ा किया है।एक तरफ 3-स्टार होटल हैं, जहां रहने के लिए हजारों रुपये में कमरा मिल रहा है...और दूसरी तरफ प्राइवेट अस्पताल हैं, जहां मरीज के इलाज के दौरान सिर्फ कमरे के लिए ही कई हजार रुपये प्रतिदिन चुकाने पड़ रहे हैं।हालांकि अस्पताल का कमरा होटल के कमरे के बराबर नहीं होता।अस्पताल में मेडिकल सुविधाएं, नर्सिंग, मॉनिटरिंग और आपात चिकित्सा जैसी सेवाएं जुड़ी होती हैं।लेकिन संसदीय समिति की सिफारिश के बाद सवाल अब यह है कि क्या इन सभी सुविधाओं के नाम पर कमरे के किराये में इतनी बड़ी कीमत का अंतर उचित है?
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झीरम कांड मामले में NIA की विशेष अदालत ने अंतिम दलीलें सुनी; फैसला सुरक्षित

Jagdalpur, Chhattisgarh:झीरम कांड मामले की सुनवाई NIA की विशेष अदालत में बुधवार को आखिरकार पूरी हो गई, अंतिम बहस तीन दिनों तक चली, सोमवार को अभियोजन पक्ष ने कोर्ट के समक्ष अपनी अंतिम दलील रखी जबकि मंगलवार को बचाव पक्ष ने कोर्ट के सामने अंतिम जिरह की, वहीं बुधवार को NIA की विशेष अदालत ने एक बार फिर बचाव पक्ष को सुना जिसके बाद अभियोजन पक्ष के तरफ से रिपीटल दलीलें प्रस्तुत की गई, अंतिम सुनवाई के बाद NIA की विशेष अदालत ने फैसला सुरक्षित रखते हुए 31 अगस्त को फैसला सुनाने की तारीख घोषित की, बता दें कि 25 मई 2013 को माओवादियों द्वारा झीरम घटना को अंजाम दिया गया था इस मामले में NIA ने जांच की, NIA की जांच रिपोर्ट में 27 लोगों की मौत और 35 लोग के घायल होने की बात कही गई जबकि इस मामले में 4 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया था 150 से 200 अन्य माओवादियों को भी आरोपी बनाया गया, NIA ने 11 लोगों को गिरफ्ता किया जिसमें से 1 की मौत हो चुकी है बाकी 10 लोगों के खिलाफ यह ट्राइल जिला एवं सत्र न्यायालय के परिसर में NIA की विशेष अदालत में चल रहा था, अंतिम सुनवाई के बाद दोनों पक्षों ने मीडिया के समक्ष फैसले का इंतजार करने की बात कही।
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उत्तर प्रदेश शिया वक्फ बोर्ड में करोड़ों के घोटाले के आरोप सामने

Noida, Uttar Pradesh:उत्तर प्रदेश शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड में लगभग एक हजार करोड़ का घोटाला। 10 लाख की अवैध रूप से कब्र बेची जा रही है। हिंदुओं की संपत्तियों को वक्फ दर्ज करके फर्जी ढाई हजार वक्फ बढ़ाए गए। लखनऊ मेरठ इलाहाबाद अलीगढ़ झांसी मैं कई 100 करोड़ की बहुमोल संपत्तियां वक्फ बोर्ड ने अपने मुतालियों से बिकवा दी। करोड़ों रुपया लेकर वक्फ संपत्तियों को शिया वक्फ बोर्ड ने डिलीट किया... वक्फ चाहे फर्जी हो या सही दर्ज हो डिलीट करने का अधिकार सिर्फ कोर्ट को है... वक्फ बोर्ड को नहीं। उत्तर प्रदेश में वक्फ अधिनियम के अनुसार 1995 से आज तक बन रहे अलग-अलग शिया और सुन्नी वक्फ बोर्ड नियम विपरीत है.. मुस्लिम वोटो की राजनीति करने वाली सियासी पार्टियों ने दो बोर्ड अलग-अलग बनाए.. सरकारी पैसे का दुरुपयोग हो रहा है। शिया वक्फ की बड़ी बड़ी दरगाह जैसे लखनऊ की हजरत अब्बास, आगरे का मज़ार शहीद ए सालिस.. बिजनौर की जोगीपुरा दरगाह. मे बड़े पैमाने पर चंदा चोरी हो रही है चंदा चोरी की रकम में वक्फ बोर्ड और एक बड़े मौलाना की बंदर बात हो रही है। उपरोक्त गंभीर विषयों में मेरे द्वारा शपथ पत्र पर माननीय मुख्यमंत्री जी से शिकायत की है
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छात्रा के नए बयान से वायरल क्लिप के राज खुले

Dehradun, Uttarakhand:एंकर राजधानी देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के छात्रों से संवाद कार्यक्रम के दौरान सामने आए एक छात्रा के बयान की क्लिप सोशल मीडिया पर सुर्खियों में रही थी। छात्रा ने आरोप लगाया था कि डेढ़ लाख रुपये रिश्वत नहीं देने के कारण उसे खेल प्रतियोगिता में हिस्सा लेने से रोक दिया गया। पुराना वीडियो इस मामले में अब छात्रा खुद सामने आई है और उसने पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट की है। छात्रा के मुताबिक वह एक अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में हिस्सा लेने जा रही थी। प्रतियोगिता में जाने के लिए संबंधित फेडरेशन की ओर से उसे करीब एक लाख 70 हजार रुपये दिए जाने थे, जबकि इसके अलावा होने वाले अन्य खर्च की व्यवस्था उसे खुद करनी थी। छात्रा ने बताया कि इस संबंध में उसने अपने स्कूल और यहां तक कि अपने परिजनों को भी पूरी जानकारी नहीं दी थी। ऐसे में निर्धारित समय पर आवश्यक खर्च की व्यवस्था नहीं हो सकी और वह प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए नहीं जा सकी। छात्रा के इस स्पष्टीकरण के बाद कार्यक्रम के दौरान लगाए गए डेढ़ लाख रुपये रिश्वत मांगने के आरोप को लेकर तस्वीर काफी हद तक साफ होती नजर आ रही है। छात्रा ने खुद सामने आकर बताया कि मामला रिश्वत दिए जाने का नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में जाने के लिए होने वाले खर्च और इसकी जानकारी समय पर परिवार व स्कूल को नहीं दिए जाने से जुड़ा था। इस मामले में छात्रा का नया बयान सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर वायरल हुई शुरुआती क्लिप को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।
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