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जयपुर में महाशिवरात्रि महाकुंभ, दुर्लभ योगों के बीच भोलेनाथ की कृपा
DGDeepak Goyal
Feb 14, 2026 04:32:04
Jaipur, Rajasthan
छोटीकाशी जयपुर में महाशिवरात्रि पर शिवभक्ति का महाकुंभ सजने जा रहा है। जब दुर्लभ चतुर्ग्रही योग में भोलेनाथ स्वयं भक्तों पर कृपा बरसाएंगे। गलता से लेकर ताड़केश्वर तक, झाड़खंड से लेकर जंगलेश्वर तक हर शिवालय में गूंजेगा हर-हर महादेव....बोल बम....इस बार महाशिवरात्रि सिर्फ एक पर्व नहीं, बल्कि दुर्लभ ग्रहयोगों से सजा हुआ एक दैवीय महापर्व बन रही है। जहां चार प्रहर की पूजा, उज्जैन की तर्ज पर भस्म आरती और शिव-पार्वती विवाह जैसे आयोजन जयपुर को साक्षात शिवलोक में बदल देंगे। हरिद्वार से लाया गया गंगाजल जयपुर के शिवलिंगों पर महाभिषेक के लिए तैयार है। जयपुर की हर सांस में शिव है। हर धड़कन में भक्ति और हर दिशा में बस एक ही उद्घोष हर-हर महादेव। आदिदेव महादेव की आराधना का महापर्व महाशिवरात्रि रविवार को दुर्लभ चतुर्ग्रही योग सहित कई शुभ ग्रह संयोगों में मनाया जाएगा। छोटीकाशी” कही जाने वाली शिवनगरी में शिवभक्ति का महासागर छलक उठेगा। ताड़केश्वर महादेव, झाड़खंड महादेव, चमत्कारेश्वर, जंगलेश्वर, रोजगारेश्वर, सदाशिव ज्योतिर्लिंगेश्वर सहित चारदीवारी और बाहरी इलाकों के सैकड़ों शिवालयों में महाशिवरात्रि की अलसुबह से ही “हर-हर महादेव” और “बोल बम” के जयकारों से मंदिर परिसर गुंजायमान हो उठेंगे। इस बार महाशिवरात्रि पर चतुर्ग्रही योग, सर्वार्थसिद्धि, प्रीति, बुधादित्य, शुक्रादित्य और लक्ष्मीनारायण योग जैसे अनेक दुर्लभ संयोग बन रहे हैं। कुंभ राशि में सूर्य, बुध, शुक्र और राहु की युति से बना चतुर्ग्रही योग शिव पूजा और मनोकामना पूर्ति के लिए अत्यंत फलदायी माना गया है। बुध ग्रह की दिशा परिवर्तन और चंद्रमा का मकर राशि में गोचर भी इसे विशेष बना रहा है। यह दिन सात राशियों के लिए विशेष कृपा देने वाला रहेगा। 25 वर्षों में यह केवल तीसरी बार है जब महाशिवरात्रि रविवार को पड़ रही है। इससे पहले 2006 और 2013 में ऐसा संयोग बना था, लेकिन तब इतने दिव्य योग नहीं थे। चारदीवारी के कई प्रमुख मंदिरों में इस बार बाबा बर्फानी और उज्जैन के महाकाल की तर्ज पर भोलेनाथ का विशेष श्रृंगार किया जाएगा। भक्तों की सुविधा के लिए विशेष दर्शन व्यवस्था रहेगी। विदेशों में रहने वाले एनआरआई श्रद्धालुओं ने भी विशेष अभिषेक व श्रृंगार के लिए पहले ही बुकिंग करवा ली है। ताड़केश्वर महादेव मंदिर में हरिद्वार से मंगवाया गया गंगाजल टैंकर शिवलिंगों के महाभिषेक के लिए उपयोग में लाया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं को गंगा-जल से भगवान शिव का जलाभिषेक करने का सौभाग्य मिलेगा। उधर महाशिवरात्रि पर्व पर देवस्थान विभाग ने राज्य के अधीन आने वाले 50 प्रमुख मंदिरों में विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया है। इसके लिए विभाग की ओर से 12 लाख 50 हजार रुपए का बजट स्वीकृत किया गया है। 14:33 Bite- पंडित पुरुषोत्तम गौड़, ज्योतिषाचार्य महाशिवरात्रि की रात्रि में चार प्रहरों में विशेष पूजन होगा। प्रथम प्रहर शाम 6.15 से रात 9.28 बजे तक , द्वितीय प्रहर रात 9.29 से 12.41 तक , तृतीय प्रहर 12.42 से अलसुबह 3.54 तक, चतुर्थ प्रहर 3.55 से सुबह 7.07 तक रहेगा...इन प्रहरों में शिवलिंग का रुद्राभिषेक, मंत्रोच्चार और आरती से वातावरण शिवमय हो जाएगा। इस महाशिवरात्रि पर जयपुर की धरती शिवलोक सी प्रतीत होगी जहां हर श्वास में हर-हर महादेव और हर हृदय में भोलेनाथ की भक्ति होगी। मुरलीपुरा क्षेत्र के रामेश्वरधाम, विजयनगर में आयोजित हिंदू धर्म सम्मेलन में इस बार उज्जैन के महाकाल मंदिर की तर्ज पर भस्म आरती, शिव-पार्वती विवाह और शिव तांडव नृत्य श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहेगा। शिव की भस्म आरती को देखने और उसमें भाग लेने के लिए हजारों श्रद्धालु उमड़ेंगे। वहीं ऋषि गालव की तपोभूमि गलताजी तीर्थ में भोलेनाथ का भव्य दरबार सजाया जाएगा। मनमोहक झांकोंियों, भजनों की रसधारा और शिव आराधना से यहां दिनभर मेले जैसा माहौल रहेगा। कूकस स्थित सदाशिव ज्योतिर्लिंगेश्वर महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं को नि:शुल्क मिश्रित दूध, बिल्व पत्र और पूजन सामग्री वितरित की जाएगी। विदेशी भक्त भी यहां पूजा-अर्चना करेंगे। गलता गेट, खोले के हनुमानजी, गीता-गायत्री मंदिर, डबल Shankar, भूतेश्वर, रामेश्वर, प्रतापेश्वर सहित शहर के तमाम शिवालयों में दिन-रात भक्तों की कतारें लगी रहेंगी। साल में केवल एक बार शिवरात्रि के दिन खुलने वाला मोती डूंगरी स्थित एकलिंगेश्वर महादेव मंदिर लगातार छठे साल भी आमजन के लिए बंद रहा। इसके कारण हजारों शिवभक्तों को भारी निराशा का सामना करना पडेगा। बहरहाल,महाशिवरात्रि के पर्व पर छोटीकाशी जयपुर शिवभक्ति के महासागर में डूबा दिखाई देगा…दुर्लभ चतुर्ग्रही योग में भोलेनाथ अपने भक्तों पर कृपा बरसाएंगे…शहर-शहर, गली-गली गूंजेगा हर हर महादेव...बोल बम...उज्जैन की तर्ज पर भस्म आरती...गलता में शिव दरबार...चार प्रहर की महापूजाऔर हर शिवालय में उमड़ती आस्था की गंगा...शिवरात्रि केवल एक पर्व नहीं,बल्कि भक्ति, शक्ति और श्रद्धा का महासंगम है…दीपक गोयल जी मीडिया जयपुर
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