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जयपुर जंगल सफारी का काला सच: स्टिंग से खुल गए गुप्त दस्तावेज
ACAshish Chauhan
Feb 08, 2026 11:52:55
Jaipur, Rajasthan
ऑपरेशन जंगल
जंगल का काला सच
उड जाएंगे आपके होश, जी मीडिया की 3 महीने की पड़ताल, और खुल गई जंगल सफारी की पोल, जी मीडिया का स्टिंग ऑपरेशन जंगल, जी मीडिया रिपोर्टर सैलानी बनकर घूमे, सीटे फुल, फिर भी अवैध रूप से जंगल सफारी कहाँ से खाली हो गई जंगल सफारी की सीटे, घूस देकर बिना टिकट जंगल में सफारी, ना आईडी, ना टिकट, कर ली पूरी सफारी, सफारी का टिकट 5000, डिमांड 7 हजार, फिर भी रिपोर्टर को नहीं दिया कोई टिकट, क्या सरकारी गाड़ी से हो रही है काली कमाई? घूस दो और झालाना-आमागढ़ सफारी करो! जयपुर के जंगल में काली कमाई का डंगल,
प्रोमो-
जंगल का काला सच 3 महीने की हड़ताल, खुल गई सिस्टम की पोल, उड जाएंगे आपके होश, देखिए..ऑपरेशन जंगल SUPER EXCLUSIVE
आशीष चौहान, EXCLUSIVE
जयपुर- राजस्थान में मेहमानों के स्वागत सत्कार के लिए कहा जाता है पधारों म्हारे देस...नवंबर से फरवरी तक मरुधरा में सैलानियों की भीड़ उमड़ती है..इसी बीच सैलानी पर्यटन स्थलों के साथ जंगल के एडवेंचर का लुत्फ उठाने भी में पीछे नहीं रहते. बल्कि अब तो सैलानी की पहली पसंद जंगल सफारी बन चुकी. क्रमशः जी मीडिया वो काला सच दिखाएगा जो जंगल के पीछे छुपा है. देखें जी मीडिया संवाददाता आशीष चौहान की 3 महीने की पड़ताल...ऑपरेशन जंगल..!
ओपनिंग पीटीसी-
जंगल का वो काला सच, जी मीडिया की 3 महीने की पड़ताल और खुल गई सिस्टम की पोल. ये खबर देखकर उड जाएंगे आपके होश. देखें..ऑपरेशन जंगल
वाइल्ड लाइफ सिटी-
देशभर के सैलानियों के लिए राजस्थान जंगल के एडवेंचर के लिए पहली पसंद बन चुका है. नवंबर से फरवरी तक देशी विदेशी सैलानी शायद इसी उम्मीद के साथ पहुंचते है कि जंगल में जाने क्या दिख जाए? बात जयपुर की करे तो यह देश का पहला ऐसा शहर है जहां तीन लैपर्ड सफारी एक साथ करवाएगी जाए. जयपुर के अलावा ऐसा कोई शहर नहीं है जहां तीन सफारी एक ही शहर में करवाई जाए? रही है. इसलिए अब पिंकसिटी को वाइल्ड लाइफ सिटी के नाम से जानने लगे हैं. लेकिन आपको पता क्या कि जयपुर के जंगलों के पीछे काला सच छुपा है. चलिए जयपुर के जंगलों की परतें खोलने से पहले शहर की सफारी के बारे में जानते है.
झालाना लेपर्ड सफारी-
झालाना देश की सबसे पुरानी पर्वत श्रृंखला अरावली पहाड़ियों से घिरा हुआ है. झालाना 2017 में एक तेंदुआ अभयारण्य बना. यह सफारी 20 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है, जिसमें से करीब 28 लैपर्ड के साथ साथ कई और जंगली जानवरों को देखने के लिए सैलानी देश विदेश आते हैं. 2016 में पर्यटकों के लिए झालाना लैपर्ड सफारी को खोला गया.
आमागढ़ लेपर्ड सफारी-
जयपुर में आमागढ़ लेपर्ड सफारी नया वन्यजीव आकर्षण है. जिसे मई 2022 में आम जनता के लिए खोला गया. गलता जी की पहाड़ियों के पास 1,524 हेक्टेयर (16.36 वर्ग किमी) में फैला यह रिजर्व 15-20 से अधिक तेंदुओं का घर है. जहाँ सैलानी जिप्सी में बैठकर जंगली बिल्लियों, लकड़बग्घों, सियार और कई पक्षियों को देखने जाते है.
बीड़ पापड़ लेपर्ड सफारी-
जयपुर की तीसरी और नई लेपर्ड सफारी है. जिसका उद्घाटन 5 जून 2025 को विश्व पर्यावरण दिवस को किया गया था. यह नाहरगढ़ अभ्यारण्य के पास विद्याधर नगर में है. लगभग 1200 से 5,240 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली यह सफारी 19 किमी के ट्रैक पर तेंदुए, लकड़बग्घा और अन्य वन्यजीवों को सैलानी निहारते है.
क्यों पिंकसिटी, कहाँ कितने लैपर्ड-
झालाना सफारी 28 लैपर्ड, आमागढ़ सफारी 15 लैपर्ड, पापड़ सफारी 17 लैपर्ड, नाहरगढ़ जंगलों में 20 से अधिक, आस-पास के जंगलों में कुल 100 से अधिक लैपर्ड. इसलिए पिंकसिटी अब सैलानियों की पहली पसंद बन चुका है.
जिप्सी की सरकारी रेट 5 हजार, मगर-
पिंकसिटी में लैपर्ड सफारी के लिए टिकट का शुल्क तय है. वन विभाग वेबसाइट के मुताबिक सफारी के लिए प्रति व्यक्ति 834 रूपए और पूरी जिप्सी के लिए 5004 रूपए सफारी का चार्ज देना होता है. टिकट ऑनलाइन या विंडो से बुक किया जाता है. पर्यटकों को I CARD देना होता है. जी मीडिया स्टिंग ऑपरेशन में जंगल का खुलासा कर रहा है कि जयपुर में घूमने आने वाले पर्यटक अपने आप को ठगा महसूस करेंगे. पत्रकार आशीष चौहान की पड़ताल 3 महीने की थी.
(स्टिंग वीडियो क्लिप 1) TIME- 3:38 से स्टार्ट
परमेश मीणा से शाम को आमागढ़ की सफारी के लिए टिकट के बारे में बात चली. दलाल परमेश ने कहा कि शाम को वीआईपी मूवमेंट है, इसलिए टिकट नहीं मिलेंगे. सुबह 7 से 9 झालाना सफारी में उपलब्धता बताई. 7 हजार रूपए की मांग बताई, ऑनलाइन कम, ऑफलाइन अधिक. टिकट के लिए ID चाहिए या नहीं, इस पर स्पष्ट सलाह नहीं मिली.
(15 DEC VOICE RECORD 1)
रिपोर्टर-सफारी से बोल रहे हो सर, आपको शाम को आमागढ़ की सफारी चाहिए?
दलाल-शाम को पॉसिबल नहीं है. सुबह 7 से 9 झालाना सफारी में.
(15 DEC VOICE RECORD 2)
रिपोर्टर-आईडी जरूरी है क्या?
दलाल-आईडी सबकी लगेगी. आईडी भेज दूंगा.
अवैध जंगल सफारी का सफर अभी बाकी है-
अवधि के बाद जनवरी में भी संपर्क किया गया, पर वीआईपी मूवमेंट के कारण सफारी उपलब्ध नहीं मिली. फरवरी में भी प्रयास जारी रहा.
झालाना-आमागढ़ जंगल सफारी के जिम्मेदार अफसर-
रेंजर: जितेंद्र सिंह शेखावत, CF- देवेंद्र सिंह राठौड़, DCF- विजय पाल सिंह. इन अफसरों की तस्वीरों के साथ इनके नाम दिए गए.
ये सेलिब्रिटी कर चुके विजिट-
झालाना लेपर्ड सफारी का देशभर में नाम, सूर्यकुमार यादव, अक्षय कुमार, फराह खान, रणवीर हुड्डा, संजय दत्त, अक्षय कुमार, रवीन टंडन, रितेश देशमुख, जेनेलिया आदि ने भी सफारी दीखावी.
जिप्सी पर किसका कंट्रोल?-
ऑपरेशन जंगल के बाद सवाल, बिना आई कार्ड प्रवेश कैसे हो रहा है. सरकार के राजस्व पर सवाल, वन मंत्री संजय शर्मा व अन्य अधिकारी एक्शन लेंगे?
नोट- इस खबर की फीड ऑफ़िस से भेजी गई है, क्लिपिंग व ऑडियो फाइल आदि लिंक 2 सी में अटैच हैं.
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