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कुलगाम में महिलाओं के लिए मुफ्त स्वास्थ्य कैंप और स्वच्छता जागरुकता रैली
KAKHURSHEED AALAM
Mar 12, 2026 09:55:35
Kulgam,
Free Medical Camp and Awareness Rally Organized for Women under Safai Mitra Suraksha Shivirs On the eve of the centrally sponsored campaign being observed from 8th March to 14th March, the Municipal Council Kulgam in collaboration with the AYUSH Department organized a Free Medical Camp for women under the theme “Safai Mitra Suraksha Shivirs and Nari Leads Swachhata Excellence Programme The medical camp witnessed an encouraging response from the local community. Around 200 women availed the free health check-up facilities provided by the doctors and medical staff during the camp. The initiative aimed to promote health awareness, preventive care, and well-being among women, particularly sanitation workers and members of the local community. During the camp, doctors conducted general health examinations and provided medical advice, consultations, and necessary guidance regarding women’s health and hygiene. In addition to the medical camp, an awareness rally was also organized in the main market area to spread awareness about sanitation, hygiene, and the importance of women’s health and safety. Participants actively took part in the rally, carrying messages promoting cleanliness, health awareness, and women’s empowerment. The initiative highlighted the commitment of the Municipal Council and the AYUSH Department towards improving community health and supporting women through accessible healthcare services and awareness activities. The program concluded with appreciation for the medical team, organizers, and participants who contributed to the successful conduct of the event.
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Mar 12, 2026 12:24:42
Unnao, Uttar Pradesh:उन्नाव। थाना बेहटामुजावर क्षेत्र में प्राथमिक विद्यालय से चोरी करने के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे एक वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया है।पुलिस के अनुसार दिनांक 11 अप्रैल 2025 को वादी प्रवीण मिश्रा पुत्र जय नारायण निवासी गांधी नगर, थाना गंगाघाट (वर्तमान में प्रधानाध्यापक प्राथमिक विद्यालय रानीपुर ग्रांट, गंजमुरादाबाद) ने थाना बेहटामुजावर में तहरीर दी थी। उन्होंने बताया कि महावीर जयंती के अवकाश के कारण विद्यालय बंद था, लेकिन एक छात्र को अवकाश की जानकारी न होने पर वह स्कूल पहुंचा। छात्र ने देखा कि विद्यालय के कमरों के ताले टूटे हुए हैं। इसकी सूचना छात्र के परिजनों द्वारा प्रधानाध्यापक को दी गई।सूचना मिलने पर जब प्रधानाध्यापक विद्यालय पहुंचे तो पता चला कि अज्ञात चोरों द्वारा स्कूल से सामान चोरी कर लिया गया है। इस मामले में थाना बेहटामुजावर में मुकदमा दर्ज कर पुलिस जांच शुरू की गई।जांच के दौरान 19 मई 2025 को मामले में शामिल तीन अभियुक्त रफीक, रामप्रकाश और निसार निवासी मधोखी थाना कल्याणपुर जनपद फतेहपुर को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। वहीं गुरुवार 12 मार्च 2026 को थाना सोहरामऊ पुलिस ने मुकदमे से संबंधित एक अन्य वांछित अभियुक्त शाहरुख पुत्र रफीक निवासी बकोठी थाना अरौल जनपद कानपुर नगर को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया है।
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PKPankaj Kumar
Mar 12, 2026 12:23:29
Motihari, Bihar:मोतिहारी के बापू प्रेक्षा गृह सभागार में आज स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और जीविका के संयुक्त तत्वाधान में जीविका समूह मेगा ऋण वितरण समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जिले के सभी प्रखंडों से करीब दो हजार जीविका दीदियों ने भाग लिया। समारोह में जिले के जीविका समूहों को 350 करोड़ रुपये का ऋण वितरित बिहार में किया गया। वही कार्यक्रम का शुभारंभ पूर्वी चंपारण के जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के मुख्य महाप्रबंधक अनुराग जोशी, महाप्रबंधक आर नटराजन, जीविका के राज्य परियोजना प्रबंधक पुष्पेंद्र सिंह तिवारी और जीविका दीदियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि जीविका समूहों के माध्यम से महिलाएं आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त हो रही हैं। स्वयं सहायता समूहों की दीदियां नियमित बैठक, बचत और ऋण वापसी के जरिए अपने रोजगार और आजीविका को मजबूत बना रही हैं।स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के अधिकारियों ने जीविका समूहों को हर स्तर पर बैंकिंग सहयोग देने का भरोसा दिया। साथ ही जिले की सभी बैंक शाखाओं में अधिक से अधिक जीविका समूहों के बचत और ऋण खाते खोलने पर जोर दिया गया।कार्यक्रम के दौरान जिले में वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे कार्यों की भी जानकारी दी गई। मेगा ऋण वितरण समारोह में जिले के जीविका समूहों के बीच कुल 51 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया गया।इस अवसर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले जीविका के प्रखंड परियोजना प्रबंधकों और बैंक शाखा प्रबंधकों को सम्मानित भी किया गया।कार्यक्रम में जीविका और बैंक के कई अधिकारी तथा बड़ी संख्या में जीविका दीदियां मौजूद रही।
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KCKumar Chandan
Mar 12, 2026 12:23:02
Ranchi, Jharkhand:मुख्यमंत्री सचिवालय प्रेस विज्ञप्ति -- 122/2026 12 मार्च 2026 मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय, रांची ★ मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन से असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष-सह-लोकसभा सांसद श्री गौरव गोगोई ने की मुलाकात。 मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन से आज कांके रोड रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष-सह-लोकसभा सांसद श्री गौरव गोगोई ने शिष्टाचार मुलाकात की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री एवं उनके बीच आगामी असम चुनाव सहित झारखंड में चल रहे विविध विकासात्मक योजनाओं के क्रियान्वयन एवं वर्तमान राजनीतिक मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। मौके पर पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव श्री भंवर जितेंद्र सिंह एवं झारखंड प्रदेश कांग्रेस प्रभारी श्री के० राजू उपस्थित रहे。
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ASASHISH SRIVASTAVA SUL
Mar 12, 2026 12:22:38
Sultanpur, Uttar Pradesh:अयोध्या रेंज के डीआईजी सोमेन वर्मा ने सुल्तानपुर जिले की मोतिगरपुर थाना क्षेत्र के खेमपुर निवासी अर्जुन पटेल व उनके भाई प्रदीप पटेल को फरार घोषित करते हुए उनके ऊपर 50 हजार रुपए का इनाम घोषित कर दिया है। जानकारी के मुताबिक लगभग डेढ़ साल पहले दोस्तपुर थाना अंतर्गत गौसेसिंहपुर बाजार में व्यवसायी संतराम अग्रहरि की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी जिसमें मुख्य साजिशकर्ता के रूप में अर्जुन पटेल व सह आरोपी के रूप में उनके भाई प्रदीप पटेल को आरोपित किया गया था। पुलिस काफी समय से उनकी तलाश कर रही थी लेकिन दोनों भाइयों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी। पहले सुल्तानपुर की पुलिस अधीक्षक ने इनके ऊपर 25 हजार का इनाम घोषित किया था जिसे अब रेंज के डीआईजी में बढ़ाकर 50 हजार रुपए कर दिया है, जबकि कोर्ट ने उनके खिलाफ कुर्की-ज़मानत जैसे कार्यवाही करने का आदेश भी दिया था। डीआईजी के इस आदेश के बाद पुलिस की सक्रियता भी बढ़ गई है。
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KJKamran Jalili
Mar 12, 2026 12:22:15
Ranchi, Jharkhand:तमाड़ थाना क्षेत्र के कोकाडीह मारधान गांव निवासी 25 वर्षीय युवक कमलेश महतो की अज्ञात अपराधियों ने तेज धार हथियार से काटकर हत्या कर दी. घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है. मिली जानकारी के अनुसार मृतक कमलेश महतो अपने दोस्त गौर सिंह महतो उर्फ कुटु के साथ मोटरसाइकिल से खरसावां में अपनी बहन के यहां आयोजित शादी भोज में शामिल होने गया था. देर रात दोनों युवक घर लौट रहे थे. इसी दौरान रड़गांव–आराहागा सड़क पर बेलबेडा घाटी के पास चार युवक सड़क किनारे खड़े मिले. बताया जाता है कि चारों युवकों ने जबरन मोटरसाइकिल रुकवायी और खुद को घर पहुंचाने की बात कही. इसके बाद कमलेश महतो को मोटरसाइकिल चलाने के लिए कहा गया. दो आरोपी मोटरसाइकिल के पीछे बैठ गए. जबकि दो अन्य ने गौर सिंह महतो को वहीं रोक कर बंधक बना लिया. सूत्रों के अनुसार मोटरसाइकिल से आगे ले जाकर अपराधियों ने आराहागा–चोकोबेडा बाहा झरना पुल के पास कमलेश महतो पर धारदार हथियार से काटकर बेरहमी से उसकी हत्या कर दी. घटना की सूचना मिलने पर तमाड़ पुलिस दल-बल के साथ मौके पर पहुंची और चोकोबेडा बाहा झरना पुल के पास से युवक का शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए रिम्स भेजा गया है पुलिस इस मामले के हर पहलू की गहराई से जांच कर रही है. इस संबंध में तमाड़ थाना में मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस आरोपियों की पहचान व गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है. घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है.
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DKDeepesh Kumar
Mar 12, 2026 12:21:46
Noida, Uttar Pradesh:
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SDSurendra Dasila
Mar 12, 2026 12:20:26
Dehradun, Uttarakhand:एंकर विधानसभा के बजट सत्र के दौरान खाद्य पदार्थों में मिलावट के मामले में चर्चा हुई। भाजपा के विधायक बृजभूषण गैरोला ने सदन में मिलावटी खाद्य पदार्थों के मामले में उचित कार्रवाई करने और केवल त्योहारों में सैंपलिंग करने के बजाय साल भर जांच करने का मामला उठाया। खाद्य पदार्थों में मिलावट के मामले में उत्तराखंड के चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर धन सिंह रावत ने ज़ी मीडिया से खास बातचीत की , स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इस मामले में लैब भी बढ़ाई जा रही हैं। चेकिंग स्टाफ को भी बढ़ाया जा रहा है। इसके साथ ही और शक्ति बरती जा रही है। वही देहरादून के हर्रवाला कैंसर हॉस्पिटल के मुद्दे पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा है कि जल्द ही अस्पताल टाटा अस्पताल के साथ पीपीपी मोड में चलाया जाएगा इसके लिए एमओयू किया जाएगा। टिक टेक डाक्टर धन सिंह रावत स्वास्थ्य मंत्री उत्तराखंड
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SKSANTOSH KUMAR
Mar 12, 2026 12:20:16
Shravasti, Uttar Pradesh:यूपी के श्रावस्ती जिले में कोर्ट के आदेश पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बंजर भूमि से अवैध कब्जा हटवाया है। तहसील प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में जेसीबी मशीन से कब्जा हटाया गया। इस दौरान मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा।\n\nमामला श्रावस्ती जिले के गिलौला थाना क्षेत्र के तिलकपुर मोड़ के पास का है, जहां एक व्यक्ति ने बंजर भूमि पर मकान बनाकर व अन्य जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया था। मामले की शिकायत और कोर्ट के आदेश के बाद तहसीलदार की अगुवाई में राजस्व टीम और पुलिस मौके पर पहुंची।\n\nप्रशासन ने जेसीबी मशीन की मदद से अवैध निर्माण को गिराकर जमीन को कब्जामुक्त कराया। कार्रवाई के दौरान मौके पर लोगों की भीड़ लग गई और कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। हालांकि भारी पुलिस बल की मौजूदगी में प्रशासन ने पूरी कार्रवाई शांतिपूर्वक संपन्न करा ली।\n\nफिलहाल प्रशासन का कहना है कि सरकारी और बंजर भूमि पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आगे भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।
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GPGovind Prasad Pandey
Mar 12, 2026 12:17:59
Noida, Uttar Pradesh:ईस्ट गोदावरी ज़िले से पकड़े जाने के बाद, पापिकोंडा नेशनल पार्क के लैंडस्केप में, रामपचोदवरम डिवीज़न में इस नर बाघ “एक्सप्लोरर” नाम के हिसाब से, वह बड़े पैमाने पर लैंडस्केप घूम रहा है, ऐसी जगहें और पैटर्न दिखा रहा है जिनके बारे में हमने कभी सोचा भी नहीं था। उसके गले में लगे रेडियो कॉलर और VHF टेलीमेट्री का इस्तेमाल करके लगातार मॉनिटरिंग के ज़रिए, हर मूवमेंट जंगल की छिपी हुई ज़िंदगी की एक झलक देता है। यह पहल एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है, क्योंकि जंगल में रेडियो-कॉलर वाले बाघ को छोड़ना और सिस्टमैटिक तरीके से मॉनिटर करना आंध्र प्रदेश और तेलंगाना दोनों के कंज़र्वेशन इतिहास में पहली बार हुआ है। जैसे-जैसे बाघ इलाके में घूम रहा था, उसने न सिर्फ़ इस लैंडस्केप की शान को दिखाया, बल्कि कंज़र्वेशन के गहरे सोशियोलॉजिकल पहलुओं को भी दिखाया। सिर्फ़ इकोलॉजिकल तैयारी काफ़ी नहीं है; सोशल तैयारी और लोगों की बड़े मांसाहारी जानवरों के साथ रहने की इच्छा भी उतनी ही ज़रूरी है। हर मूवमेंट हमें याद दिलाता है कि कंज़र्वेशन के लिए जंगलों और समाज दोनों को बाघों की वापसी का स्वागत करने के लिए तैयार करना ज़रूरी है, जिसे उन्होंने ऐतिहासिक रूप से सजाया है और हमारे साथ सही मायने में शेयर किया है।
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DRDivya Rani
Mar 12, 2026 12:17:16
Panchkula, Haryana:आईडीएफसी फर्स्ट बैंक घोटाले के संबंध में गुरुवार को राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के मुख्यालय में एडीजीपी (एसीबी) चारू बाली तथा एसपी (एसीबी) गंगaarाम पूनिया की संयुक्त पत्रकारवार्ता। ADGP ने कहा कि IDFC फस्ट बैंक मामले में अभी तक 11 लोगों की गिरफ्तारियां हो चुकी है। जिनमें 10 लोग न्यायिक हिरासत में हैं। जिन 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है उनमें छह बैंक के कर्मचारी हैं चार प्राइवेट लोग हैं और एक सरकारी कर्मचारी है। ADGP ने कहा कि बैंक के पैसा का अवैध रुप से 4 से 5 फर्जी कंपनियों में निवेश किया गया है। इन फर्जी कंपनियों की जांच चल रही है। SP गंगाराम पूनिया ने कहा कि जाँच जारी है। बैंक के एक्सपर्ट जाँच में सहयोग कर रहे हैं। ACB मुख्यालय में बैंक के एक्सपर्ट और जांच एजेंसी के अधिकारी कैंप किए हुए हैं जाँच तेजी से चल रही है। एक आरोपी विक्रम वाधवा से जुड़े सवाल पर एसपी गंगाराम पूनिया ने कहा कि जल्द ही विक्रम बाजवा को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस पूरे प्रकरण में किसी बड़े नौकरशाह या आईएएस की भूमिका से जुड़े सवाल पर दोनों ही अधिकारी बचते नजर आए ADGP ने कहा कि किसी भी आईएएस का रोल सामने नहीं आया है। एसीबी ने किसी के खिलाफ जाँच की अनुमति नहीं मांगी है। अभी पूरे मामले की जांच चल रही है।
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DKDARSHAN KAIT
Mar 12, 2026 12:16:59
Kurukshetra, Haryana:कुरुक्षेत्र के किसान ने आज से करीब 23 साल पहले 18 लाख सालाना पैकेज वाले नौकरी छोड़कर शुरू की आइसबर्ग लेट्यूस की खेती, परिवार ने मना किया लेकिन नहीं मानी बात अब 80 एकड़ में कर रहे खेती, बड़े होटल और कई राज्यों में होती है सप्लाई। खेती में अब नए-नए प्रयोग करके खेती को मुनाफे का सौदा बनाया जा रहा है लेकिन क्या आप सोच सकते हैं कि आज से करीब 23 साल पहले खेती में किसानों को कुछ नया मिल सकता था उस समय किसानों को कृषि यंत्रों और नई तकनीक का बहुत अभाव था लेकिन उस समय भी एक किसान ने खेती में कुछ ऐसे करके दिखाया जो सैकड़ो हजारों किसानों के लिए प्रेरणा बना और उनको एक नई खेती की तरफ लेकर गया। कुरुक्षेत्र के गौरीपुर गांव के किसान बिनवंत सिंह की कहानी एक ऐसी ही कहानी है जिसने "आइसबर्ग लेट्यूस" खेती करके भारत के किसानों को एक नई खेती से अवगत कराया। 2003 में 18 लाख सालाना पैकेज की नौकरी छोड़ शुरू की खेती किसान बिनवंत सिंह ने बताया कि उन्होंने अपनी पढ़ाई लिखाई पूरी करने के बाद महाराष्ट में एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी मिल गई थी वहां पर उनको अच्छा पैकेज भी मिला हुआ था । लेकिन गांव में अपनी पुश्तैनी जमीन पर कुछ करने का जुनून उनके अंदर था उन्होंने इस जुनून के चलते एक अच्छी पैकेज की नौकरी जिसमें उन्हें 18 लाख रुपए सालाना पैकेज मिल रहा था। उसको छोड़कर अपने गांव चले आए और यहां पर पुश्तैनी जमीन पर खेती करने शुरू की। नौकरी छोड़ने पर पिता हुए नाराज उन्होंने बताया कि जब वह इतने अच्छे पैकेज वाली नौकरी छोड़कर अपने घर वापस लौट आए तब उनके पिता काफी नाराज हुए क्योंकि उनके पिता ने उनको बड़े अरमानों के साथ पढ़ाया लिखाया और नौकरी करने लायक बनाया लेकिन बेटा इतने अच्छे पैकेज की नौकरी छोड़कर वापस घर चला आया क्योंकि उस समय में 18 लाख रुपए सालाना पैकेज एक बहुत ही अच्छा पैकेज माना जाता था। लेकिन उन्होंने खेती के लिए उसको छोड़ दिया जिसे उनके पिता नाराज हुए उन्होंने कहा कि हम लोग भी अपनी कई पीढ़ियों से खेती करते आ रहे हैं खेती में कुछ नहीं बचता इसलिए तुम नौकरी करो लेकिन उन्होंने अपने पिता की बात नहीं मानी और खेती करने की ठान ली। शुरू की आइसबर्ग लेट्यूस की खेती उन्होंने बताया की शुरुआत में उन्होंने भी परंपरागत खेती को शुरू किया था लेकिन उसमें कुछ बचा नहीं है फिर कुछ अलग करने की सोची। उन दिनों मैकडॉनल्ड' कंपनी भारत में आई थी। उनको अपने फूड प्रॉडक्ट्स के लिए आइसबर्ग लेट्यूस चाहिए थे जिसके चलते उन्होंने उनसे संपर्क किया और उन्होंने कहा कि अगर वह उनके नॉर्म्स के अकॉर्डिंग अच्छी क्वालिटी के आइसबर्ग लेट्यूस उनको तैयार करके दे सकते हैं तो उस पर वह जरूर काम करें। लेकिन दो-तीन साल तक उसका हिसाब नहीं आया क्योंकि उस खेती की जानकारी उनको नहीं थी कि इसकी खेती कैसे करनी है इनको ही नहीं भारत में बहुत की कम लोग उसके बारे में जानते होंगे । जिसके चलते शुरुआत में उनको इस खेती के लिए काफी परेशानी हुई। आइसबर्ग लेट्यूस की खेती के गुर सीखने गए विदेश उन्होंने बताया कि जब वह इस खेती के बारे में भारत में कहीं से भी कुछ जानकारी नहीं प्राप्त कर पाए तब वह इस खेती के बारे में सीखने के लिए चीन में गए थे वहां पर अलग-अलग देश के काफी एक्सपर्ट लोग 11 दिन के एक सेमिनार में आए हुए थे जहां पर इस खेती को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। उसके बाद फिर वह जापान , ऑस्ट्रेलिया, मेक्सिको , थाईलैंड और यूरोप जैसे काफी देश में गए और इस खेती की बारीकी को समझा और फिर उन्होंने इस खेती को करना सिखा। अब 80 एकड़ में कर रहे आइसबर्ग लेट्यूस की खेती उन्होंने बताया कि एक समय वह भी था जब वह इस खेती की एबीसी भी नहीं जानते थे लेकिन आज वही समय है जब वह इस खेती को 80 एकड़ में कर रहे हैं अब उनका विशेष टारगेट यही खेती रहता है और इसके ऊपर ही वह काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके पास काफी किसान आते हैं और उनसे इस खेती के बारे में सीख कर जाते हैं और वह किसान भी इसको अपना रहे है लेकिन जब उन्होंने इस खेती की शुरुआत की थी तो वह उत्तर भारत ही नहीं भारत में भी सबसे पहले किसानों में से एक है जिन्होंने इस खेती की शुरुआत की थी। उनको यह सीखने के लिए बहुत परेशानी उठानी पड़ी। बड़े होटल और दूसरे राज्यों में होता है सप्लाई उन्होंने बताया कि उन्होंने इस खेती की शुरुआत McDonald विदेशी कंपनी के लिए की थी । उनके साथ उनका पिछले काफी सालों से कॉन्ट्रैक्ट है। जो उनके फूड प्रोडक्ट होते हैं उनमें वह आइसबर्ग लेट्यूस डालते हैं । उन्होंने कहा कि उनकी क्वालिटी काफी बेहतर होती है जिसके चलते वह पिछले काफी समय से उनके साथ बने हुए हैं। वह प्रोडक्शन से ज्यादा क्वालिटी पर विश्वास करते हैं क्योंकि क्वालिटी के आधार पर ही उनके प्रोडक्ट की डिमांड है। वह कई होटल और देश के कई राज्यों में इस सब्जी को सप्लाई कर रहे हैं। सर्दियों की होती है यह खेती इसलिए गर्मियों में पहाड़ों में जाते हैं खेती करने उन्होंने बताया कि यह खेती सर्दियों के मौसम की होती है इसके लिए अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस होना चाहिए और न्यूनतम तापमान -5 डिग्री सेल्सियस तक होना चाहिए सर्दियों के समय में वह अपने फार्म पर इसको लगा देते हैं लेकिन उनके कस्टमर 12 के 12 महीने उनसे प्रोडक्ट मांगते हैं जिसके चलते वह सोलन और भी दूसरी जगह हिमाचल में आइसबर्ग लेट्यूस की खेती कर रहे हैं जिसे 12 के 12 महीने उनसे उनके कस्टमर जुड़े रहते हैं और उनका अच्छा काम चलता रहता है। 1 एकड़ से निकलती है करीब 9 टन प्रोडक्शन उन्होंने बताया कि इसकी नर्सरी वह अब खुद तैयार करते हैं और पहाड़ों में भी उसको मौसम के अनुसार तैयार करके यहां पर लाया जाता है। करीब 1 महीने में नर्सरी तैयार हो जाती है और 1 एकड़ में 25 से 26000 पौधे आइसबर्ग लेट्यूस के लगाए जाते है। करीब यह दो महीने की फसल होती है जिसमें एक बार में 9 टन तक उत्पादन मिल जाता है। इसलिए कुछ खेतों में वह इस फसल को रिपीट भी करते हैं जिसे वह अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं। उन्होंने बताया कि एक एकड़ में फसल लगाने से लेकर प्रोडक्शन आने तक एक लाख 20 हजार रुपए खर्च होता है। जबकि एक एकड़ से सवा दो लाख रुपए से लेकर ढाई लाख तक सब्जी निकल जाती है। सब्जी की गुणवत्ता बरकरार रखने के लिए फार्म पर लगाया है वैक्यूम प्रीकुलर सिस्टम उन्होंने बताया कि सब्जी लगाने वाले किसानों के सामने सबसे बड़ी समस्या है कि उनकी सब्जी बहुत ही जल्दी खराब हो जाती है सरकारी रिपोर्ट के आंकड़ों के अनुसार 35% सब्जी भारत में ऐसे ही किसानों के खराब हो जाती है लेकिन उस पर उन्होंने काम किया है और उन्होंने नॉर्थ इंडिया का सबसे पहले वैक्यूमप्री कूलर सिस्टम अपने फार्म पर लगाया हुआ है। जहां पर सब्जियों को खेत से निकलने के बाद उसके अंदर रखा जाता है और 20 मिनट में ही सब्जी का टेंपरेचर चार डिग्री सेल्सियस तक लेकर आया जाता है और उसके बाद उसको कोल्ड स्टोर में लगाया जाता है और फिर फ्रीजर वाले व्हीकल पर उनको ट्रांसपोर्ट के जरिए भेजा जाता जिससे उनके जल्दी खराब होने के आशंका बहुत ही कम होती है और उसकी लाइफ कुछ दिन बढ़ जाती है । अपने फार्म पर 30 से 40 लोगों को दिया रोजगार उन्होंने बताया कि उनके फार्म पर परमानेंट 10 लोगों की टीम काम करती है। वहीं डेली मजदूरी पर करीब 30 से 40 महिलाएं काम करती हैं। उनके फार्म पर काम करने वाली मजदूर महिला सीमा और उर्मिला ने बताया कि वह इसी गांव की रहने वाली है जो उनके खेतों में मजदूरी का काम करती हैं काम भी बिल्कुल आसान होता है जिसमें सब्जियों काट कर पैकिंग करनी होती है। ऐसे ही उनके साथ करीब 30 से 40 महिलाएं काम करती हैं जिनके उनके परिवारों की रोजी-रोटी इनके जरिए चल रही है। महिलाओं को काम करने के लिए कहीं दूर नहीं जाना पड़ता। उन्होंने बताया कि जब सीजन पूरे पिक पर होता है तब 50 से 60 लोगों को बेरोजगार मिल जाता है। यह किसान बिनवंत सिंह की कहानी है जिन्होंने एक अच्छी नौकरी छोड़कर खेती को चुना था और पिता ने उनको बहुत समझाया की खेती में कुछ नहीं है लेकिन उन्होंने एक नई खेती को भारत में शुरू करने का जोखिम उठाया जिसके चलते अब वह करोड़ों रुपए कमा रहे हैं। इस खेती के बारे में दूसरे किसानों को भी जानकारी देकर उनको भी प्रेरित कर रहे हैं। बाइट किसान बिनवंत सिंह बाइट सीमा महिला मजदूर बाइट उर्मिला महिला मजदूर
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