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Abhishek Kumar PandeyAbhishek Kumar PandeyFollow26 Nov 2024, 11:03 am

हरे राम, हरे राम संकीर्तन में दिखी सत्संगियों की पीड़ा, मनगढ़ धाम संग रो रहा पूरा देश,रो रहे अनुयाई

Kunda, Uttar Pradesh:

जगद्गुरु कृपालु महाराज की बड़ी सुपुत्री व भक्ती धाम मनगढ़ और प्रेम मंदिर वृंदावन की अध्यक्षा डॉक्टर विशाखा त्रिपाठी के निधन पर पूरा देश शोक में डूब गया है। उनके अंतिम दर्शन को उमड़ा जनसैलाब ने उनकी लोकप्रियता और भक्तों के दिलों में बसी उनकी छवि को दर्शाया।मनगढ़ धाम पर डॉक्टर विशाखा त्रिपाठी को याद कर रो रहे है सत्संगी, जहां लाखों की संख्या में भक्तों ने उनके अंतिम दर्शन किए। उनके चेहरे पर शांति और संतुष्टि का भाव था, जो उनके जीवन के मूल्यों और आदर्शों को दर्शाता है।डॉ

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बरेली में फायर सेफ्टी की सघन जांच,वीसी सौम्या पांडे ने किया निरीक्षण,दो होटल सील

Bareilly, Uttar Pradesh:बरेली: लखनऊ के अलीगंज स्थित कोचिंग सेंटर में हुए अग्निकांड के बाद पूरे उत्तर प्रदेश में फायर सेफ्टी एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच के लिए सघन अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में आज बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) की उपाध्यक्ष सौम्या पांडे ने अपनी टीम के साथ शहर के विभिन्न कोचिंग सेंटरों और सिटी मॉल का निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान फायर सेफ्टी उपकरणों, आपातकालीन निकास मार्गों, अग्निशमन व्यवस्था तथा अन्य सुरक्षा मानकों की गहन जांच की गई जिसके बाद सैटलाइट बस अड्डे के पास स्थित दो होटल सील कर दिए गए। वीसी ने संबंधित संस्थानों के संचालकों को निर्देश दिए कि सभी सुरक्षा व्यवस्थाएं हर समय दुरुस्त रखी जाएं और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक इंतजाम पहले से सुनिश्चित किए जाएं।उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही कहा कि लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी संस्थानों को निर्धारित नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा।
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जम्मू में सिख समाज ने माइनॉरिटी कमीशन लागू करने की मांग की

Noida, Uttar Pradesh:जम्मू में सिख समाज ने माइनॉरिटी कमीशन लागू करने की मांग की, कहा 370 को हटे कई साल हो गए केंद्र ने अभी तक माइनॉरिटी कमिशन लागू नहीं किया जम्मू कश्मीर के सिख समाज ने केंद्र से अपील करते हुए कहा कि जहाँ देश भर में माइनॉरिटी कमीशन लागू है वही 370 के चलते जम्मू कश्मीर में माइनॉरिटी कमिशन लागू नहीं हो पाया। उन्होंने कहा लेकिन अब 370 को हटे कई साल हो गए उसके बाद अभी तक माइनॉरिटी कमीशन लागू नहीं किया गया जो कि बोहत दुर्भाग्यपूर्ण है, सिख समाज ने कहा कि यह कमीशन सिर्फ सीखो के लेकर नहीं है कमीशन में जैन, बौद्ध, ईसाई सब आते हैं।
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बालाघाट चावल हेराफेरी केस: 10 ट्रक जप्त, SIT जांच शुरू

Raebareli, Uttar Pradesh:बालाघाट चावल हेराफेरी कांड में बड़ा खुलासा... शासकीय चावल की अफरातफरी मामले में अब तक कुल 10 ट्रक जप्त... नवेगांव एफसीआई से छिंदवाड़ा इथेनॉल प्लांट जाने निकले थे ये ट्रक मगर पहुंचे ही नहीं.... ट्रको में भरा कष्टम मिल्ड चावल रास्ते में ही खपा दिया गया.... इस पूरे मामले में जिम्मेदारों की संलिप्तता भी आ रही है सामने... पुलिस इस पूरे मामले में संलिप्त राइस मिलर्स से भी पुलिस कर रही पूछताछ... एसपी आदित्य मिश्रा के नेतृत्व में गठित की गई एसआईटी कर रही है इस पूरे मामले की जांच.... कुछ दिनों पहले शासकीय चावल की हेराफेरी का मामला आया था सामने... उसी की जांच का दायरा बढ़ता जा रहा है और खुलासे होते जा रहे है...
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चोपन के डाला चौकी के पीछे नाले में नर कंकाल मिलने से गर्म हुआ इलाका

Obra, Uttar Pradesh:सोनभद्र के चोपन थाना क्षेत्र अंतर्गत डाला चौकी इलाके में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब एक स्टोन क्रशर प्लांट के पीछे नाले की झाड़ियों में क्षत-विक्षत अवस्था में नर कंकाल के अवशेष बरामद हुए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और अवशेषों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। फिलहाल पुलिस कंकाल की शिनाख्त और मौत के कारणों का पता लगाने में जुटी है। चोपन थाना क्षेत्र की डाला चौकी अंतर्गत बाड़ी स्थित हरियाणा स्टोन क्रशर प्लांट के पीछे कौवा नाला की झाड़ियों में नर कंकाल के अवशेष मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि क्षेत्र में पशु चरा रहे एक चरवाहे की नजर झाड़ियों के बीच पड़े क्षत-विक्षत अवशेषों पर पड़ी, जिसके बाद उसने इसकी जानकारी स्थानीय लोगों को दी। देखते ही देखते यह खबर पूरे क्षेत्र में फैल गई और मौके पर लोगों की भीड़ जुटने लगी। सूचना मिलने पर डाला चौकी प्रभारी घनश्याम तिवारी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने बरामद अवशेषों को कब्जे में लेकर अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रथम दृष्टया मामला काफी रहस्यमय माना जा रहा है। पुलिस आसपास के क्षेत्रों में गुमशुदगी के मामलों का भी मिलान कर रही है, ताकि कंकाल की पहचान सुनिश्चित की जा सके। फिलहाल पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखते हुए जांच पड़ताल में जुटी हुई है और अवशेषों की शिनाख्त के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
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लखनऊ अग्निकांड: नीलेश गौतम के परिवार के दर्द के पीछे भ्रष्टाचार और अवैध बिल्डिंग

Lucknow, Uttar Pradesh:लखनऊ अग्निकांड में जान गवाने वाले नीलेश गौतम के परिवार से केस स्टडी। लखनऊ में हुए अग्निकांड में अपनी जान गंवाने वाले मार्टिन पूर्वा के निवासी 28 वर्षीय निलेश गौतम के घर पर मातम परसा है निलेश के घर में मां बाप के अलावा एक बड़ा भाई और छोटी बहन है दोनों की शादी हो चुकी है निलेश की शादी इसी साल दिसंबर में होनी थी। पश्चिम बंगाल की रहने वाली अनामिका सावंत निलेश के साथ गेमिंग जोन में काम करती थी उन्हीं के साथ निलेश की शादी होनी थी उनकी भी इस घटना में मौत हो गई। निलेश के मौसा समरेंद्र कुमार ने बताया कि निलेश पिछले 3 साल से इस कंपनी में काम करता था सीढ़ियां सिर्फ पहले फ्लोर तक ही थी सेकंड और थर्ड फ्लोर पर जाने के लिए लिफ्ट का ही सहारा लेना पड़ता था आग लगने के बाद लाइट चली गई जिससे लिफ्ट बंद हो गई वहां फंसे लोगों ने छत पर जाकर जान बचाने की कोशिश की लेकिन दरवाजा पहले से लॉक था। जिस बिल्डिंग में आग लगी उसे साल 2016 में ही ध्वस्त करने के निर्देश दिए गए थे लेकिन भ्रष्ट अधिकारियों ने ऐसा नहीं किया मेरी सरकार से मांग है कि सभी जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए ताकि आगे किसी और के घर का चिराग ना बुझे। शहर भर में इसी तरह से अवैध निर्माण बने हुए हैं जिन पर बुलडोजर लगाकर ध्वस्तिकारण करना चाहिए। इस बिल्डिंग में कोई भी कोचिंग या लाइब्रेरी नहीं चल रही थी वहां पर जिन लोगों ने जान गंवाई है वह सिर्फ वहां नौकरी करते थे कोई भी स्टूडेंट नहीं था। निलेश के मौसा ने पूरी जानकारी दी लेकिन उनके परिवार में मां बाप भाई बहन फिलहाल कुछ भी नहीं बोल रहे हैं。
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प्रयागराज के कोचिंग संस्थानों में अनियमितता उजागर, प्रशासन ने चेकिंग अभियान तेज किया

Prayagraj, Uttar Pradesh:प्रयागराज में कोचिंग संस्थानों में अनियमितताओं का अंबार, कोचिंग के अंदर जर्जर और खुले बिजली के तार हादसे को दे रहे दावत, फायर उपकरण कूड़े के ढ़ेर में पड़े हैं, कोचिंग संस्थानों के अंदर अनियमितता पर छात्र भी चिंतित। एंकर -- लखनऊ कोचिंग अग्निकांड के बाद संगम नगरी प्रयागराज में प्रशासन सक्रिय हुआ है। शहर में चल रहे कोचिंग संस्थानों में चेकिंग के जरिए सुरक्षा उपकरणों की निगरानी की जा रही है। शहर के कर्नलगंज इलाके में संचालित संदेश एकेडमी में नियमों को ताक पर रख दिया गया है। यहां पर कोचिंग के अंदर खुले बिजली के तार इधर उधर फैले हुए हैं, जो कि दुर्घटनाओं को आमंत्रित कर रहें हैं। संदेश एकेडमी में फायर उपकरण भी कूड़े के ढ़ेर में पड़े हुए हैं। यानी की नियमों का पूरी तरह से उल्लंघन किया जा रहा है। कोचिंग के अंदर अनियमितताओं पर यहां पढ़ने वाले छात्र भी चिंतित हैं। छात्रों का कहना है कि फीस अगर ली जाती है तो व्यवस्थाएं भी उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी कोचिंग संस्थान की है। छात्रों का कहना है कि कोचिंग संस्थानों के साथ संबंधित विभाग भी लापरवाही का जिम्मेदार है। कोचिंग संस्थान में जांच के लिए पहुंचे प्रयागराज के सीएफओ चंद्र मोहन शर्मा ने कहा कि यहां पर अनियमिताएं पाई गई हैं। संस्थान को नोटिस दी जा रही है, सात दिनों के अंदर अगर अनियमितताओं को दुरुस्त नहीं किया गया तो फिर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। वहीं सीएफओ चंद्र मोहन शर्मा से जब यह पूछा गया कि कितने कोचिंग संस्थानों को चिन्हित किया गया है, जहां पर नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है तो उनके पास कोई जवाब नहीं था। उनका सिर्फ यह कहना है कि अभी जांच की जा रही है। सवाल ये है कि कोचिंग संस्थान खुलने से पहले मानकों का पालन किए बगैर क्यों उन्हें खुलने दिया गया। हालांकि उन्होंने यह माना कि ये कार्रवाई पहले हो जानी थीं, लेकिन होटल्स और अन्य संस्थानों की चेकिंग अभी तक की जा रही थी, इस लिए कोचिंग संस्थानों की जांच होने में देरी हुई। हालांकि सीएफओ चंद्र मोहन शर्मा ने कहा कि अब चूंकि लखनऊ में घटना हुई है तो इसके देखते हुए प्राथमिकता के आधार पर कोचिंग संस्थानों में संघन चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। शहर और ग्रामीण इलाकों में कुल 12 टीमें गठित की गईं हैं जोकि एक सप्ताह के अंदर नियमों और मानकों के विपरीत चल रहे संस्थानों की जांच कर रिपोर्ट देंगे, जिसके बाद नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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सपोटरा में शिव परिवार प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव कलश यात्रा से शुरू

Karauli, Rajasthan:सपोटरा स्थित सीताराम बाबा की बगीची में आयोजित शिव परिवार प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के शुभ अवसर पर भव्य कलश यात्रा का आयोजन किया गया। कलश यात्रा को सपोटरा विधायक हंसराज मीणा ने भगवा ध्वज दिखाकर विधिवत रवाना किया। कलश यात्रा में बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालु शामिल हुए। डीजे पर बज रहे भक्तिमय भजनों, हर-हर महादेव के जयघोष और श्रद्धालुओं के उत्साह से पूरा वातावरण शिवमय हो उठा। महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर यात्रा में भाग लिया, जबकि श्रद्धालु पूरे मार्ग में भगवान भोलेनाथ के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़े। कलश यात्रा के पश्चात विधायक हंसराज मीणा ने सपत्नीक वैदिक मंत्रोच्चार के मध्य आयोजित यज्ञ में आहुति अर्पित की। इस दौरान उन्होंने भगवान भोलेनाथ एवं शिव परिवार से क्षेत्र की सुख-समृद्धि, खुशहाली और जनकल्याण की कामना की। प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का आयोजन 23 से 28 जून तक होगा। 28 जून को विशाल भंडारे के साथ महोत्सव का समापन होगा। आयोजकों के अनुसार करीब तीन-चार माह पूर्व कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा शिव परिवार की प्रतिमाओं को खंडित कर दिया गया था। इसके बाद श्रद्धालुओं और ग्रामीणों के सहयोग से पुनः शिव परिवार की प्राण प्रतिष्ठा का निर्णय लिया गया। इसी के तहत आयोजित महोत्सव में क्षेत्रभर से श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में ग्रामीण, श्रद्धालु एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
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बालाघाट में 35 करोड़ के STP के लिए जमीन आवंटन समस्या दूर, 18 महीनों में शुरू होगा प्लांट

Raebareli, Uttar Pradesh:एंकर– बालाघाट में 35 करोड़ की लागत से सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) योजना को मंजूरी मिल गई है, लेकिन जमीन आवंटन में हो रही देरी के कारण इस महत्वपूर्ण परियोजना का काम गति नहीं पकड़ पा रहा है.. एनजीटी के नियमों के तहत, घरों और दुकानों से निकलने वाले दूषित पानी को सीधे जलस्रोतों में मिलने से रोकने के लिए यह योजना लाई गई है... वाइस ओवर 01– इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत नगर के चार प्रमुख स्थलों पर ट्रीटमेंट प्लांट बनाए जाने हैं जिसमें एएचपी क्वार्टर,समता तालाब,कोसमी और मोती नगर को चिन्हित किया गया है...वर्तमान में दो स्थानों पर जमीन आवंटन की प्रक्रिया अटकी हुई है, जिससे काम शुरू होने में बाधा आ रही है... इस योजना का मुख्य उद्देश्य दूषित पानी को फिल्टर कर तालाबों और अन्य जलस्रोतों तक पहुंचाना है, जिससे पर्यावरण और जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा... बालाघाट नगर पालिका के सीएमओ ने बताया कि जमीन आवंटन की समस्या को दूर करने के लिए आपसी सामंजस्य से प्रयास किए जा रहे हैं.. नपा का लक्ष्य है कि बाधाएं दूर होते ही काम शुरू कर इसे 18 महीनों के भीतर पूरा कर लिया जाए...जल प्रदूषण को रोकने और शहर की स्वच्छता को सुधारने वाली इस योजना की स्थानीय नागरिकों ने भी सराहना की है... लोगों का मानना है कि इस प्लांट के चालू होने से शहर के तालाबों का अस्तित्व बचेगा और भूमिगत जल स्तर में भी सुधार होगा... नगर पालिका प्रशासन अब कागजी कार्रवाई को जल्द से जल्द पूरा कर धरातल पर काम शुरू करने की तैयारी में है.... बाइट 01– सुधीर माहुले (स्थानीय निवासी)(1.15 मिनट) बाइट 03– सूर्य प्रकाश उके (नपा सीएमओ)(49 सेकंड) आशीष श्रीवास बालाघाट
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प्रतापगढ़ के कोचिंग सेंटरों में औचक फायर चेक, एक्सटिंग्विशर और अलार्म नहीं मिले

Bela Pratapgarh, Uttar Pradesh:प्रतापगढ़ में लखनऊ कोचिंग हादसे के बाद अलर्ट हुआ प्रशासन कोचिंग सेंटर पर की छापेमारी, प्रतापगढ़ स्कॉलर कोचिंग में फायर विभाग ने की औचक जांच, उपकरण खराब मिले। जाँच में फायर एक्सटिंग्विशर और अलार्म सिस्टम काम न करने की पुष्टि हुई। फायर टीम ने सभी यंत्र मरम्मत के लिए कल सही कराने को भेज दिए। जनपद में सुबह से तीन कोचिंग सेंटरों में ताबकटोड़ छापेमारी। स्थानीय लोगों का सवाल, समय-समय पर जांच होती तो बड़ा हादसा टल सकता था। मामला लखनऊ कोचिंग अग्निकांड के बाद प्रतापगढ़ स्कॉलर कोचिंग में फायर जांच का।
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फर्रुखाबाद में कोचिंग सेंटर-मार्ट कारोबार पर प्रशासन की कड़ी जांच, बिना कागज़ के कार्रवाई तय

Farrukhabad, Uttar Pradesh:फर्रुखाबाद अरुण सिंह घटना के बाद जिला प्रशासन की आंखें खुली और जांच शुरू हुई जांच में बिना कागजों के बिना मानकों के हो रहा कारोबार करोड़ों का खेल करने वाले मार्ट और लाखों की कोचिंग चलने वाले बड़े सफेद पोस भी शामिल फर्रुखाबाद के लगभग एक दर्जन से ज्यादा जगह पर छापेमारी कागज किसी के पास नहीं जांच के लिए 2 दिन 48 घंटे का समय लखनऊ की घटना के बाद कोचिंग सेंटर की हकीकत फर्रुखाबाद में फेल सरकारी राजस्व को चुना तो लगाया ही साथ ही गुमराह करने का भी काम लाखो रुपए की सरकारी राजस्व को चूना लगा चुके हैं यह कोचिंग सेंटर और मार्ट के मालिक कहीं कब्रिस्तान की भूमि में बना मार्ट तो कहीं भू उपयोग कृषि तो कहीं भी उपयोग पार्क लेकिन बनी है बिल्डिंग कमा रहे करोड़ों और सरकारी राजस्व और सरकार को लग रहे चुनाव फर्रुखाबाद में खुली पोल — कोचिंग सेंटर या मौत का कारोबार? तीन‑तीन फीट की गलियाँ, बेसमेंट क्लासरूम, और सुरक्षा के नाम पर सिर्फ कागज़ का खेल। क्या बच्चों की जान को हल्के में लिया जा रहा है?" आचार्य, आकाश, और वी मार्ट जैसे संस्थान भी शामिल "जांच शुरू होते ही सच्चाई सामने आई। अधिकांश संस्थानों के पास फायर‑एनओसी नहीं, कई जगह निकास मार्ग नहीं और बिल्डिंग नक्शे गायब। कुछ कोचिंग में एक‑वक्त में सौ से अधिक छात्र पढ़ते पाए गए — ऐसे हालात में कोई भी छोटी सी दुर्घटना बड़े हादसे में बदल सकती है।" फायर एनओसी अनुपस्थित; इमरजेंसी निकास नहीं; बिल्डिंग नक्शे और लाइसेंस मौजूद नहीं; क्षमता से कई गुना अधिक नामांकित छात्र।" "48 घंटे के भीतर सभी संस्थानों को कागज़-पत्र और सुरक्षा मानक पेश करने होंगे। नियम उल्लंघन पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।" "हालाँकि आदेश जारी हुए हैं,लेकिन कई संस्थान वर्षों से बिना अनुमति के करोड़ों का व्यापार कर रहे हैं। सवाल उठता है—पिछले वर्षों में प्रशासन ने ऐसी संस्थाओं पर नजर क्यों नहीं रखी?" नगर मजिस्ट्रेट ने जैसे ही जहां शुरू की नगर मजिस्ट्रेट पारुल तरार का पारा चढ़ा बिना कागज के ही लाखों रुपए का चूना लगा चुके सरकार को नगर मजिस्ट्रेट ने कहा जब तक कागज पूरे ना हो खोलना मत नहीं तो कार्रवाई की जाएगी "हम ठोस जांच कराएंगे — सिर्फ कागज़ नहीं, फील्ड पर निरीक्षण भी होगा। नियम उल्लंघन पर तत्काल कार्रवाई के दिशा‑निर्देश जारी हैं।" "सरकार ने निर्देश दिए हैं कि राजस्व‑रिलेटेड छूट और गड़बड़ियों की भी जांच होगी। किसी भी तरह की अनियमितता पाई गई तो कानूनी कार्रवाई होग "अभिभावकों से अनुरोध है कि वे संस्थान के लाइसेंस, फायर एनओसी और निकास मार्ग की वैधता स्वयं जाँचें। किसी भी संदेह पर बच्चों को तुरंत डाक्यूमेंटेड संस्थानों में भेजें।" "यह केवल अदालती मामला नहीं—यह जीवन का मामला है। जो लोग सुरक्षा नियमों को तवज्जो नहीं दे रहे, उनके खिलाफ पेनल्टी, अनुदान रद्द और आपराधिक मुक़दमों तक की राह खुलनी चाहिए।" "48 घंटे बाद हमारी टीम फिर से खुलेगी और रिपोर्ट देगी—क्या प्रशासन सिर्फ दृश्य दिखावे तक सीमित रहेगा, या असल में इन संस्थानों को बंद कर सुरक्षा मानकों को लागू करेगा?" बाइट-- पारुल तरार नगर मजिस्ट्रेट
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गहलोत का जोधपुर दौरा: स्वास्थ्य, पानी और भ्रष्टाचार पर सरकार पर कड़ा हमला

Jodhpur, Rajasthan:राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत मंगलवार को जोधपुर दौरे पर रहे। सर्किट हाउस में जनसुनवाई से पहले मीडिया से बातचीत करते हुए गहलोत ने पावटा अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद महिलाओं की बिगड़ी तबीयत के मामले को गंभीर बताया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं, कानून व्यवस्था, पानी संकट, भ्रष्टाचार, कोचिंग हब और प्रदेश की वित्तीय स्थिति को लेकर राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा। जोधपुर पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सबसे पहले पावटा अस्पताल में भर्ती प्रसूता महिलाओं के मामले पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि हाल ही में कोटा में भी ऐसी घटनाएं सामने आई थीं और यदि किसी प्रसूता की किडनी खराब हो जाए तो उसका असर पूरी जिंदगी पर पड़ता है। गहलोत ने कहा कि सरकार को कोटा मामले की वास्तविक वजह जनता को बतानी चाहिए और बिना जांच पूरी हुए किसी भी घटना को अलग बताना उचित नहीं है। गहलोत ने कहा कि प्रसूताओं के मन में यदि अस्पतालों को लेकर डर बैठ गया तो यह पूरे स्वास्थ्य तंत्र के लिए चिंता का विषय होगा। उन्होंने एम्स की विशेषज्ञ टीम बुलाने के फैसले का स्वागत किया, लेकिन कहा कि कोटा की घटना को डेढ़ महीने से अधिक समय बीतने के बाद भी सरकार कारण स्पष्ट नहीं कर पाई है। उन्होंने चेतावनी दी कि स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही को न जनता बर्दाश्त करेगी और न ही कांग्रेस। स्वास्थ्य मंत्री के बयानों पर भी गहलोत ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पहले स्वास्थ्य मंत्री की एक अच्छी छवि थी, लेकिन अब उनके कई बयान विवादों का कारण बन रहे हैं। गहलोत ने अपनी सरकार की चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना का बचाव करते हुए कहा कि यह सभी वर्गों के लिए थी, जबकि आयुष्मान भारत योजना सीमित दायरे में काम करती है। पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रदेश की वित्तीय स्थिति और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश के कई हिस्सों में बुजुर्गों को महीनों से पेंशन नहीं मिल रही है और सरकार भुगतान करने में भी परेशानी का सामना कर रही है। उन्होंने कहा कि जनता के बीच नाराजगी लगातार बढ़ रही है। गहलोत ने सीमावर्ती क्षेत्रों में धार्मिक स्थलों पर हो रही कार्रवाई को लेकर भी गहलोत ने आपत्ति जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनिंदा धार्मिक स्थलों को निशाना बनाया जा रहा है और इस मामले में केंद्र सरकार को जवाब देना चाहिए। साथ ही उन्होंने जयपुर के कोचिंग हब और लखनऊ की आगजनी की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार को शिक्षा संस्थानों और सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर गंभीरता दिखानी चाहिए. जोधपुर के पानी संकट और एलिवेटेड रोड परियोजना को लेकर भी गहलोत ने सरकार और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत पर निशाना साधा। गहलोत ने कहा कि पानी का संकट का मंत्री ने मजाक उड़ा दिया। स्टेडियम में हमने अनाउसमेंट करवाया था। मैंने 1400 करोड़ भी मंजूर किए थे। देरी हो रही थी तो मैंने स्टेट से करवा दिया। घर-घर में तकलीफ हो रही है ये मजाक उड़ा रहे है। हमने ट्रेन से पानी मंगवाया है। मंत्री को खुद को नहीं पता। शेखावत के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि मैंने बाधाएं पैदा नहीं की मेरी रिक्वेस्ट पर ही बन रही है। गड़करी से मैंने रिक्वेस्ट की थी। केंद्रीय मंत्री मुझे एतराज नहीं है कि वे श्रेय लेवें। यह अधिकार बनता है। निर्णय मैंने करवाया था, आप खुद उन्हें पूछ लो। स्टेट सरकार तो खुद बना रही है। मंत्री ने लीक से हटकर हल्के स्तर के आरोप लगाए है, लगता है वे घबरा गए है। जोधपुर जिले में उनकी स्थिति जो बनी है, उनकी पोल खुल गए है पश्चिम बंगाल के बाद अब महाराष्ट्र में सांसदों के पार्टी बदलने पर अशोक गहलोत ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि गधे-घोड़े, भैंस और बकरी जैसे बिकते है, वैसे एमएलए एमपी बिक रहे, गहलोत ने कहा मेरे मुंह से मत कहलवाओ ये सरकार डेमोक्रेसी को खत्म कर रही है। बंगाल में 80 में 60 एमएलए 28 में से 20 एमपी गायब हो रहे है। इस कारण से नौबत आ रही है, पब्लिक नहीं चेती तो देश का भविष्य न जाने क्या होगा। जोधपुर दौरे के दौरान अशोक गहलोत ने स्वास्थ्य व्यवस्था से लेकर कानून व्यवस्था, पानी संकट, भ्रष्टाचार और प्रदेश की वित्तीय स्थिति तक कई मुद्दों पर सरकार को कठघरे में खड़ा किया। ऐसे में अब राजनीतिक गलियारों में इन बयानों को लेकर चर्चा तेज हो गई है.
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