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Mohmmad SiddiqueMohmmad SiddiqueFollow26 Jan 2025, 04:16 am

Maharajganj - जिलाधिकारी ने मतदाताओं को उनके अधिकार के लिए जागरूक किया

Tola Kishunpur, Uttar Pradesh:

महाराजगंज जिला मुख्यालय पर जिलाधिकारी अनुनय झा ने कार्यक्रम में प्रतिभाग करने वाले मतदाताओं और छात्र–छात्राओं को राष्ट्रीय मतदाता दिवस की बधाई देते हुए भारत के लोकतंत्र को सशक्त बनाने का आह्वान किया,उन्होंने युवा मतदाताओं और छात्र–छात्राओं से संवाद करते हुए कहा कि अपने मत की ताकत को पहचानना जरूरी है, साथ ही यह भी अहम है कि हम अपने मत का बिना पूर्वाग्रह और प्रलोभन के प्रयोग करें, तभी हम भारत को एक सशक्त लोकतंत्र बना सकेंगे,जिलाधिकारी ने कहा कि अपने मत के प्रयोग से आप लोकतांत्रिक सरकार को चुन सकते हैं और आपके द्वारा चुनी गई सरकार देश की दशा व दिशा को तय करती है।

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अलीगढ़: 193 हिस्ट्रीशीटरों का सत्यापन, 50 का पता चला; फरार बदमाश तलाश

Aligarh, Uttar Pradesh:एंकर....अलीगढ़ में 193 हिस्ट्रीशीटर लापता, SSP का बड़ा अभियान; 50 अपराधियों का पता चला, फरार बदमाशों की तलाश में बीट पुलिस और 700 नए कांस्टेबल मैदान में वीओ....अलीगढ़ में अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पुलिस ने हिस्ट्रीशीशीटरों के सत्यापन का विशेष अभियान तेज कर दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन ने बताया कि जिले में कुल 1976 हिस्ट्रीशीटर सूचीबद्ध हैं। सत्यापन के दौरान कई अपराधी मृत पाए गए, जबकि कई जेल में बंद हैं। वर्तमान में 193 हिस्ट्रीशीटर ऐसे हैं जिन्हें कोई ठोस पता नहीं चल पाया है। करीब 10-12 दिन पहले यह संख्या 250 थी, लेकिन पुलिस ने 50 से अधिक अपराधियों का पता लगाकर सत्यापन पूरा कर लिया है। फरार हिस्ट्रीशीटरों की तलाश के लिए सभी बीट कांस्टेबलों को निर्देश दिए गए हैं। अभियान में बेहतर कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति-पत्र और प्रोत्साहन राशि देकर सम्मानित किया जाएगा। *बाइट :-नीरज कुमार जादौन (एसएसपी अलीगढ़)*
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बाढ़ से फसलों को नुकसान: ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट में मुआवजे की मांग तेज कर दी

Chandauli, Uttar Pradesh:ब्रेकिंग: चंदौली.... - बाढ़ से फसल बर्बाद होने पर ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर उठाई मुआवजे की मांग - डीएम की अनुपस्थिति में अपर जिलाधिकारी राजेश कुमार को सौंपा ज्ञापन - ग्रामीणों का आरोप—बाणसागर और लतीफ शाह बांध का पानी छोड़े जाने से दो साल से फसल हो रही बर्बाद - अभिषेक कुमार सिंह बोले—ज्यादा बारिश होते ही गांव की पूरी फसल पानी में डूब जाती है - किसानों की मांग—नष्ट हुई फसल का मुआवजा और पशुओं के चारे की व्यवस्था कराई जाए - KCC ऋण में कम से कम आंशिक छूट देने की भी प्रशासन से मांग - ग्रामीणों का आरोप—बांध का पानी छोड़ने के लिए क्षेत्र में उचित निकासी व्यवस्था नहीं होने से खेतों में भर रहा पानी - आरोप—हल्का लेखपाल नवनीत मिश्रा पर छोटी-छोटी सरकारी प्रक्रिया के लिए पैसे मांगने और ग्रामीणों से दुर्व्यवहार का आरोप - ग्रामीणों का दावा—पिछली बार भी बिना उचित सर्वे के कुछ लोगों को मुआवजा दिया गया - ग्रामीणों ने लेखपाल के खिलाफ अलग से प्रार्थना पत्र देकर जांच और कार्रवाई की मांग की - एडीएम राजेश कुमार ने दोनों शिकायतों पर जांच टीम गठित कर गांव में जांच कराने का दिया आश्वासन - ग्रामीणों ने कहा—समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ तो लगातार फसल बर्बाद होती रहेगी - सकलडीहा तहसील क्षेत्र के माटीगांव उर्फ परसनमोहनपुर के ग्रामीणों का मामला. बाइट : अभिषेक कुमार सिंह, किसान प्रभावित किसान, माटी गांव. बाइट : जितेंद्र कुमार मौर्य, प्रभावित किसान, माटी गांव.
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खीरी में शारदा-घाघरा-मोहना बाढ़ से पांच तहसीलों के दर्जनों गांव डूबे

Baibahamunnusingh, Uttar Pradesh:लखीमपुर खीरी में शारदा, घाघरा और मोहना के बढ़ते जलस्तर ने जिले की पांच तहसीलों के दर्जनों गावो को जलमग्न कर दिया है। पलिया तहसील में शारदा का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है। प्रशासन लगातार नदियों के जल स्तर पर नजर बनाए हुए हैं। साथ ही प्रभावित गांवों में कोई भूखा ना सोए उसके लिए लंच पैकेटों ,शुद्ध पानी का वितरण किया जा रहा है। कई गांव का मुख्य मार्गो से संपर्क कट गया है जहां आने जाने का एकमात्र सहारा नाव बन है। जिससे लोग अपने गांव से निकल कर रोजमर्रा की जरूरत की चीजें खरीद कर आ जा रहे है। प्रभावित लोगों की माने तो उनकी फसलें जलभराव के चलते नष्ट हो गई हैं । गांव में कई फिट पानी होने के चलते ग्रामीण के साथ पशुओं का हाल भी बेहाल है। आमजन को भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। जिले के कई इलाकों में नदी की तेज धार ने काटन शुरू दिया है। वही प्रशाशन ने बाद पीड़ितों को मदद पहुंचाने के लिए बाढ़ चौकियां स्थापित की है जहां स्वास्थ्य सेवाओं से लेकर अन्य सुविधाएं दी जा रही है। सदर तहसील में बाढ़ प्रभावित रेहरिया, नौवापुर ,खानीपुर,नकहा सहित दर्जनों गावो में बाढ़ का पानी भर चुका है।
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खगड़िया में गंगा-गंडक बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत अभियान तेज

Khagaria, Bihar:खगड़िया में गंगा और गंडक नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। हालांकि नदी के जलस्तर में थोड़ी कमी जरूर दर्ज की गई है लेकिन बाढ़ पीड़ित का दर्द कम होता नहीं दिख रहा है ऐसे में परबता,खगङिया, मानसी और गोगरी प्रखंड में बाढ पीडितों का आंकङा धीरे धीरे बढते ही जा रहा है। यह आांकड़ा अब पहूंच कर एक लाख सत्तर हजार हो गया है बाढ के पानी के कारण घर पूरी तरह से पानी में डूब चुका है। रहने और खाने के ठीकाने सब पानी में डूब गया है।ऐसे में समझा जा सकता है की बाढ पीडितों की मुश्किलें किस तरह से बढ़ी हुई नजर आ रही है। हालाकी बाढ पीडितों की परेशानी को थोडा कम करने के लिए खगङिया जिला प्रशासन और सदर विधायक बबलू मंडल हर संभव मदद में जुटे हुए हैं। जिले में चालीस कम्युनिटि किचेन चलाए जा रहे हैं जहां बाढ पीडित को खाना खिलाया जा रहा है। खगड़िया DM जहां खुद बाढ़ पीडित के बीच बैठकर खाना खा रहे हैं साथ ही उनके दर्द को बांटने की कोशिश कर रहे है वही सदर विधायक बबलू मंडल भी बाढ पीडित को खुद से खाना परोसते हुए नजर आए। एक तरह से कह सकते हैं कि आपदा के इस घङी में सभी लोग मिलकर बाढ पीडित के दर्द को कम करने के प्रयास में जुटे हैं। विधायक ने कहा कि सभी लोगो तक राहत सामग्री पहुँचाई जा रही है और जहाँ कम्युनिटी किचेन की जरुरत है वहां कम्युनिटी किचेन चलाया जा रहा है और जो लोग अब भी अपने घर में हैं उसे सूखा राहत दिया जा रहा है। वही DM ने कहा की बाढ पीडित के मदद के लिए खगड़िया जिला प्रशासन हर संभव प्रयास कर रहा है।
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35 दिन से हड़ताल: सफाई कर्मचारी पक्का मोर्चा शुरू कर दिया; किसान यूनियन का समर्थन

Bhiwani, Haryana:हांसी 35 दिनों से हड़ताल जारी कल 11 बजे होगी महापंचायत, 18 कर्मचारियों की गिरफ्तारी के बाद जमानत न मिलने पर बढ़ा रोष, बोले हम अब तो पक्की नौकरी ही लेंगे आज से पक्का मोर्चा शुरू कर्मचारी बोले- सरकार आंदोलन तोड़ने के लिए फैला रही झूठ, 11 कर्मचारियों के ड्यूटी जॉइन करने के दावे को भी नकारा,लंगर शुरू कर्मचारी बोले- अब दिन-रात धरने पर रहेंगे किसान यूनियन ने भी दिया आंदोलन को समर्थन हांसी में नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों की मांगों को लेकर चल रही अनिश्चितकालीन हड़ताल 35वें दिन भी जारी है। पुलिस द्वारा 18 सफाई कर्मचारियों को गिरफ्तार करने से कर्मचारियों में काफी रोष है। इसलिए आज से पक्का मोर्चा शुरू कर कर दिया। कल कर्मचारियों को कोर्ट से जमानत नहीं मिल सकी। अब वीरवार को एक बार फिर कर्मचारियों को कोर्ट में पेश किया जाएगा। वहीं 11 सफाई कर्मचारियों द्वारा ड्यूटी ज्वाइन करने की बात को कर्मचारी नेताओं ने सिरे से खारिज कर दिया है。 कर्मचारी नेताओं کا आरोप है कि सरकार उनके आंदोलन को कमजोर करने के लिए झूठी खबरें फैला रही है। उनका कहना है कि अभी तक किसी भी कर्मचारी ने ड्यूटी ज्वाइन नहीं की है। कर्मचारियों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांगों को लेकर सरकार की ओर से लिखित आदेश जारी नहीं होता, तब तक हड़ताल खत्म नहीं होगी。 नीलम सफाई कर्मचारी ने कहा कि आंदोलन को और मजबूत करते हुए कर्मचारियों ने आज से पक्का मोर्चा लगा दिया है। धरना स्थल पर कर्मचारियों के लिए लंगर की भी व्यवस्था की गई है। कर्मचारियों का कहना है कि अब वे दिन-रात धरने पर ही रहेंगे और कोई भी कर्मचारी घर नहीं जाएगा। वहीं आंदोलन को किसानों का भी समर्थन मिला है। किसान नेता धर्मपाल बड़ाला ने सरकार पर कर्मचारियों के साथ ज्यादती करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों की मांगें जायज हैं और किसान यूनियन पूरी तरह उनके साथ खड़ी है। धर्मपाल बड़ाला ने कहा कि गिरफ्तारियों से कर्मचारी पीछे हटने वाले नहीं हैं। जहां भी किसान यूनियन के साथ की जरूरत होगी, वहां संगठन कर्मचारियों के समर्थन में खड़ा रहेगा。 अब देखना होगा कि 35 दिन से जारी सफाई कर्मचारियों की हड़ताल और पक्के मोर्चे के बाद सरकार और कर्मचारियों के बीच गतिरोध कब खत्म होता है।
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7 महीने बाद पानी नहीं, किसान आक्रोशित; 11 सितम्बर तक नहर में पानी मिल सकेगा

Charkhi Dadri, Haryana:चरखी दादरी। जिले के गांव घसोला और समसपुर के किसानों का सिंचाई विभाग के खिलाफ गुस्सा अब खुलकर सामने आ गया है। किसानों का आरोप है कि पिछले करीब 7 माह से उनकी नहर में सिंचाई का पानी नहीं छोड़ा गया, जिसके चलते खेतों में खड़ी फसलें सूखने की कगार पर पहुंच गई हैं और किसानों को लाखों रुपये के नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। पानी के संकट से परेशान किसान बुधवार को जिला प्रशासन के दरवाजे पहुंचे और उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर जल्द नहरी पानी छोड़ने की मांग की। इस दौरान किसानों ने प्रशासन और सिंचाई विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए अपना रोष जताया। किसानों ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वे कई बार अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर काट चुके हैं और पानी छोड़ने की मांग कर चुके हैं, लेकिन उनकी समस्या पर कोई गंभीर कार्रवाई नहीं हुई। किसानों का कहना है कि क्षेत्र की अन्य नहरों में पानी पहुंच रहा है, लेकिन उनकी नहर को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है。 किसानों ने सवाल उठाया कि आखिर सात महीने से नहर में पानी क्यों नहीं छोड़ा गया? अगर समय पर सिंचाई का पानी नहीं मिलेगा तो किसान अपनी फसल कैसे बचाएंगे。 किसानों ने भावुक होते हुए कहा कि खेती ही उनके परिवार की रोजी-रोटी का मुख्य साधन है। अगर पानी के अभाव में फसल पूरी तरह खराब हो गई तो उनके सामने घर का खर्च चलाने और बच्चों के पालन-पोषण का संकट खड़ा हो जाएगा。 किसानों का कहना है कि उन्होंने प्रशासन से लेकर सिंचाई विभाग तक अपनी समस्या पहुंचाई, लेकिन बार-बार शिकायतों के बावजूद उन्हें राहत नहीं मिली। किसानों ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी कि अगर जल्द नहर में पानी नहीं छोड़ा गया तो किसान आंदोलन को और तेज करने के लिए मजबूर होंगे। जरूरत पड़ी तो किसान रोड जाम कर सड़क पर उतरेंगे, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी。 ज्ञापन सौंपने पहुंचे किसानों के आक्रोश को देखते हुए प्रशासन की ओर से उन्हें आश्वासन दिया गया कि 11 सितम्बर तक नहरी पानी पहुंचने की उम्मीद है। अब किसानों की नजर प्रशासन के इस आश्वासन पर टिकी है। सात महीने से पानी का इंतजार कर रहे किसानों के लिए अब 11 सितम्बर की तारीख निर्णायक बन गई है। किसानों का कहना है कि उन्हें आश्वासन नहीं, खेतों तक पानी चाहिए। यदि तय समय तक नहर में पानी नहीं पहुंचा तो किसान अपने आंदोलन को उग्र रूप देने और सड़क जाम करने से पीछे नहीं हटेंगे।
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जालोर वार्ड 33 चुनाव: फर्जी मतदान के आरोप पर BJP-C Congress में बवाल

Jaipur, Rajasthan:जालोर-नगर निकाय चुनाव के दौरान वार्ड नंबर 33 में मतदान को लेकर विवाद सामने आया। कांग्रेस प्रत्याशी ने फर्जी मतदान और पुलिस की कथित मिलीभगत के गंभीर आरोप लगाते हुए मामले में आपत्ति दर्ज कराई। कांग्रेस प्रत्याशी का आरोप है कि भाजपा प्रत्याशी जय सिंह एक बुजुर्ग महिला के साथ मतदान केंद्र पहुंचे और कथित तौर पर ईवीएम का बटन दबाया। इस पर कांग्रेस प्रत्याशी ने आपत्ति जताते हुए विरोध किया, जिसके बाद मतदान केंद्र पर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी की स्थिति बन गई। विवाद बढ़ने पर पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभालने का प्रयास किया। कांग्रेस प्रत्याशी ने पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं, पूरे मामले को लेकर मतदान प्रक्रिया की पारदर्शिता पर चर्चा शुरू हो गई है। मामले में संबंधित अधिकारियों से शिकायत कर जांच की मांग की गई है。
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राजस्थान में लम्पी डिज़ीज़: 10 जिलों में मरीज, टीकाकरण से रोके जाने का दावा

Jaipur, Rajasthan:लोकेशन- जयपुर फीड- ओएफसी हैडर- - 10 जिलों में फैली लम्पी स्किन डिजीज - प्रमुख सचिव विकास एस भाले ने ली बैठक - जी मीडिया से की खास बातचीत - कहा, स्प्रैड रोकने के लिए प्रयास जारी - वैक्सीनेशन से रोग का फैलाव रोकने में मदद - किसी भी जिले में दवाईयों की कमी नहीं होने देंगे राज्य में एक बार फिर लम्पी स्किन डिजीज का प्रकोप बढ़ रहा है। राजस्थान में अब तक 10 जिलों में लम्पी स्किन डिजीज के मामले सामने आ चुके हैं। गौवंश में इस बीमारी के मामले सबसे पहले डीग जिले में सामने आए थे। इसके बाद पूर्वी राजस्थान के अन्य जिलों में भी गौवंश में बीमारी का प्रकोप बढ़ा है। लम्पी स्किन डिजीज की रोकथाम और बेहतर उपचार को लेकर पशुपालन विभाग के प्रमुख सचिव विकास एस भाले ने बैठक ली। बैठक में बीमारी से प्रभावित जिलों के संयुक्त निदेशकों को बीमारी से बचाव के लिए गौवंश का एक से दूसरे स्थान पर मूवमेंट रोकने के निर्देश दिए गए। पशु मेलों के आयोजन पर रोक लगाने और पशुपालकों को जागरूक करने के लिए कहा गया। आपको बता दें कि राज्य में अब तक 10 जिलों में 10 हजार से अधिक पशुओं में यह बीमारी फैल चुकी है। अब तक कुल 15 गौवंश की मौत हुई है। बीमारी को लेकर प्रमुख सचिव विकास एस भाले से खास बातचीत की हमारे संवाददाता काशीराम चौधरी ने- वन टू वन - विकास एस भाले, प्रमुख शासन सचिव, पशुपालन विभाग किस जिले में कितने बीमार पशु - भरतपुर में 3936 बीमार पशु, 6 की हुई मौत - डीग में 5237 बीमार पशु, 9 की हुई मौत - धौलपुर में 355 बीमार पशु, दौसा में 230 बीमार पशु - अलवर में 221, करौली में 76 बीमार पशु आए सामने - झुंझुनूं में 36, कोटपूतली-बहरोड में 185 मामले आए - सवाईमाधोपुर में 1 और खैरथल-तिजारा में 126 मामले - राज्य में 87.25 प्रतिशत गौवंश में हुआ टीकाकरण
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वैशाली के पातेपुर में बदमाशों की पांच राउंड गोलीबारी, क्षेत्र में तनाव

Hajipur, Bihar:गोली की गूंज से दहल उठा वैशाली। बाइक सवार अपराधियों ने अंधाधुंध गोलीबारी की। घटना सीसीटीवी में कैद है। एक बाइक पर सवार दो अपराधियों ने फायरिंग की, इलाके में तनाव बना रहा। करताहा थाना क्षेत्र के पातेपुर गांव में ताबड़तोड़ फायरिंग हुई, बदमाशों ने करीब पांच राउंड गोली चलाईं। फायरिंग के बाद गांव में तनाव और बवाल की स्थिति है। मौके पर एसडीपीओ समेत भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस मौके पर पहुंचकर जांच कर रही है। लड़के-लड़की को लेकर पहले से विवाद बताया गया, इसी विवाद के बीच फायरिंग शुरू हो गई। लोगों ने घरों से बाहर निकलना शुरू कर दिया। पुलिस ने घटनास्थल से दोनों खोखे बरामद किए। अभी किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। दोनों पक्षों में तनाव बढ़ गया है। बड़े हादसे की आशंका के मद्देनजर पुलिस दबिश जारी है।
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पानीपत नगर निगम के कर्मचारियों की कार्रवाई के बाद 40 ड्यूटी पर लौटे

Panipat, Haryana:हड़ताल पर निगम का बड़ा एक्शन नगर निगम की सख्ती के बाद 40 कर्मचारी ड्यूटी पर लौटे 11 पालिका रोल कर्मियों की सेवाएं समाप्त 5 पक्के कर्मचारी निलंबित 34वें दिन भी सफाई कर्मचारियों की हड़ताल जारी पानीपत। शहर में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल 34वें दिन भी जारी रही। सरकार और प्रशासन की ओर से बार-बार कर्मचारियों से हड़ताल समाप्त कर ड्यूटी पर लौटने की अपील के बावजूद आंदोलन जारी रहा। इस बीच कुछ कर्मचारियों द्वारा शहर के विभिन्न स्थानों और हाईवे पर कूड़े से भरी ट्रालियां गिराए जाने से हालात और बिगड़ गए। सड़कों पर जगह-जगह कूड़ा फैलने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा और शहर में गंदगी का आलम नजर आया। लगातार चेतावनी और नोटिस के बावजूद ड्यूटी पर नहीं लौटने तथा कथित तौर पर कार्यालयों में हंगामा करने, कूड़ा फैलाने और अन्य कर्मचारियों को काम नहीं करने देने वालों के खिलाफ नगर निगम प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। नगर निगम कमिश्नर डॉ. पंकज यादव ने बताया कि कर्मचारियों को काफी समय से नोटिस दिए जा रहे थे। 3 सितंबर को अंतिम नोटिस भी सर्व किया गया था। नोटिस की अवधि पूरी होने के बाद कर्मचारियों को फोन और टेलीफोन के माध्यम से भी ड्यूटी पर लौटने के लिए सूचित किया गया। कमिश्नर के अनुसार, कार्रवाई के तहत पालिका रोल के 11 कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं, जबकि 5 नियमित कर्मचारियों को निलंबित किया गया है। उन्होंने कहा कि ऐसे अन्य कर्मचारियों की भी पहचान की गई है, जो कार्यालयों में कूड़ा फेंकने या अन्य प्रकार की अव्यवस्था पैदा करने में शामिल हैं। उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सख्ती के बाद 40 कर्मचारी लौटे ड्यूटी पर नगर निगम कमिश्नर ने बताया कि प्रशासन की कार्रवाई के बाद बुधवार दोपहर 11 बजे तक 40 सफाई कर्मचारी अपनी ड्यूटी ज्वाइन कर चुके हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि अन्य कर्मचारी भी जल्द काम पर लौटेंगे। डॉ. पंकज यादव ने कहा कि सरकार की मंशा कर्मचारियों के हितों का ध्यान रखते हुए समस्या का समाधान करने की है। मुख्यमंत्री की ओर से भी कर्मचारियों से संबंधित मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाया गया है। नगर निगम प्रशासन ने भी सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को कर्मचारियों तक पहुंचाने کا प्रयास किया है। उन्होंने कर्मचारियों से अपील की कि वे विरोध का रास्ता छोड़कर सकारात्मक रुख अपनाएं और जनसेवा के अपने दायित्व को निभाते हुए जल्द से जल्द ड्यूटी पर लौटें() कमिश्नर की कर्मचारियों से अपील कमिश्नर ने कहा कि सफाई व्यवस्था सीधे तौर पर शहर के लोगों के स्वास्थ्य और सुविधा से जुड़ी है। इसलिए सभी कर्मचारी जल्द अपनी ड्यूटी संभालें और शहर को स्वच्छ रखने में अपना योगदान दें। उन्होंने कर्मचारियों से आंदोलन समाप्त कर प्रशासन के साथ बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने की अपील की।
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