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Mohmmad SiddiqueMohmmad SiddiqueFollow26 Jan 2025, 04:16 am

Maharajganj - जिलाधिकारी ने मतदाताओं को उनके अधिकार के लिए जागरूक किया

Tola Kishunpur, Uttar Pradesh:

महाराजगंज जिला मुख्यालय पर जिलाधिकारी अनुनय झा ने कार्यक्रम में प्रतिभाग करने वाले मतदाताओं और छात्र–छात्राओं को राष्ट्रीय मतदाता दिवस की बधाई देते हुए भारत के लोकतंत्र को सशक्त बनाने का आह्वान किया,उन्होंने युवा मतदाताओं और छात्र–छात्राओं से संवाद करते हुए कहा कि अपने मत की ताकत को पहचानना जरूरी है, साथ ही यह भी अहम है कि हम अपने मत का बिना पूर्वाग्रह और प्रलोभन के प्रयोग करें, तभी हम भारत को एक सशक्त लोकतंत्र बना सकेंगे,जिलाधिकारी ने कहा कि अपने मत के प्रयोग से आप लोकतांत्रिक सरकार को चुन सकते हैं और आपके द्वारा चुनी गई सरकार देश की दशा व दिशा को तय करती है।

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जोधपुर साइबर पुलिस ने 70 लाख की ठगी का पर्दाफाश, चार गिरफ्तार

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। साइबर थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 70 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले का खुलासा कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस आयुक्त के निर्देश पर विशेष टीम द्वारा की गई, जिसमें सामने आया कि आरोपी लंबे समय से फर्जी बैंक खातों के जरिए देशभर में साइबर ठगी को अंजाम दे रहे थे। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में फर्दीन खान, देव कंडारा, रोहित पंडित और हिमांशु यादव शामिल हैं। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने अपने-अपने बैंक खातों का उपयोग साइबर ठगी के लिए किया। फर्दीन खान के खाते में लगभग 33 लाख रुपये, देव कंडारा के खाते में 14.50 लाख रुपये और हिमांशु यादव के खाते में करीब 19 लाख रुपये की ठगी की राशि जमा हुई थी। जांच में यह भी सामने आया कि देव कंडारा ने अपना बैंक खाता रोहित पंडित को साइबर ठगी के लिए उपलब्ध कराया था। इसके बाद पुलिस ने रोहित पंडित को भी गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के खिलाफ विभिन्न राज्यों में कुल 15 साइबर ठगी के मामले दर्ज हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह गिरोह संगठित तरीके से काम कर रहा था। पुलिस ने बताया कि यह गिरोह मजदूर वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को लालच देकर उनके बैंक खाते किराए पर लेता था। इसके बदले उन्हें 15 से 20 हजार रुपये तक का कमीशन दिया जाता था। इसके बाद आरोपी उन खातों से एटीएम कार्ड, सिम कार्ड और बैंक पासबुक अपने कब्जे में लेकर ठगी की रकम निकाल लेते थे। कई मामलों में खाताधारकों को फर्जी नाम और मोबाइल नंबर देकर भ्रमित किया जाता था। इस मामले में साइबर थाना पुलिस ने विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य सहयोगियों की तलाश में जुटी हुई है और संभावना है कि आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे किसी भी लालच में आकर अपने बैंक खाते, सिम कार्ड या अन्य दस्तावेज किसी अनजान व्यक्ति को उपयोग के लिए न दें। ऐसा करने पर वे स्वयं भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं।
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हाईकोर्ट: अवमानना मामलों में सरकार से 3 सप्ताह में अनुपालना रिपोर्ट, नहीं हुआ पालन तो पेशी

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट में तृतीय श्रेणी अध्यापक लेवल-1 भर्ती 2022 से जुड़ा मामला अब अवमानना की स्थिति में पहुंच गया है। जस्टिस रेखा बोराणा की एकलपीठ ने पूर्व आदेशों की अनुपालना नहीं होने पर राज्य सरकार के प्रति कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित समय में आदेश की पालना नहीं की गई तो संबंधित अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना पड़ेगा। मामले में अभ्यर्थियों की ओर से अधिवक्ता वी.एल.एस. राजपुरोहित ने पक्ष रखते हुए बताया कि याचिकाकर्ताओं ने तलाकशुदा श्रेणी में आवेदन किया था। नियमों के अनुसार यदि विधवा श्रेणी में पात्र अभ्यर्थी उपलब्ध नहीं होते हैं, तो रिक्त पदों को तलाकशुदा श्रेणीय के अभ्यर्थियों से भरा जाना आवश्यक है। इसके बावजूद भर्ती एजेंसी ने इस प्रावधान का पालन नहीं किया और विधवा श्रेणी की खाली सीटों को नहीं भरा। इस पर हाईकोर्ट ने 8 फरवरी 2024 को आदेश जारी करते हुए राज्य सरकार और संबंधित विभागों को निर्देश दिए थे कि विधवा श्रेणी की रिक्तियों पर तलाकशुदा श्रेणी के पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी जाए। हालांकि, आदेश पारित होने के दो वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। अवमानना याचिका की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने राज्य सरकार को 3 सप्ताह के भीतर अनुपालन रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि आदेश की पालना नहीं हुई, तो प्रारंभिक शिक्षा निदेशक, बीकानेर और कर्मचारी चयन बोर्ड, जयपुर के सचिव को न्यायालय में व्यक्तिगत रूप से पेश होना होगा।
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राजस्थान हाईकोर्ट ने गर्भवती के साथ कथित मारपीट मामले में सख्त रुख दिखाया

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने सात माह की गर्भवती महिला के साथ कथित मारपीट और जबरन उठाकर ले जाने के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए सख्त रुख अपनाया है। याचिकाकर्ता महिला ने अपनी याचिका में आरोप लगाया कि गर्भवती होने के बावजूद पुलिस ने उसके साथ दुर्व्यवहार किया और मारपीट की। महिला का यह भी कहना है कि उसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है, फिर भी उसे बिना उचित कारण के हिरासत में लिया गया। याचिका के साथ महिला की ओर से संबंधित दस्तावेज भी कोर्ट में पेश किए गए हैं, जिनके आधार पर अदालत ने मामले को गंभीर मानते हुए सुनवाई की। जस्टिस फरजंद अली की एकल पीठ ने लोक अभियोजक को निर्देश दिया है कि संबंधित थाना प्रभारी से शपथपत्र प्रस्तुत कराया जाए। इसमें स्पष्ट किया जाए कि उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई एक सप्ताह बाद निर्धारित की है। साथ ही स्थगन याचिका का निस्तारण करते हुए कहा है कि आवश्यकता पड़ने पर अंतरिम आदेश मुख्य याचिका में ही पारित किया जाएगा。
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आसाराम की नाबालिग से दुष्कर्म मामले में अपील पर बहस पूरी, अगली सुनवाई जारी

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट में नाबालिग से यौन उत्पीड़न मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम की ओर से दायर अपील पर बचाव पक्ष की बहस पूरी हो गई है। जस्टिस अरूण मोंगा और जस्टिस योगेन्द्र कुमार पुरोहित की खंडपीठ में यह सुनवाई चल रही है। आसाराम सहित अन्य आरोपियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता देवदत्त कामत, अधिवक्ता दीपक मेनारिया और अधिवक्ता यशपाल सिंह राजपुरोहित ने सजा के खिलाफ अपने तर्क प्रस्तुत कर दिए हैं। इसके साथ ही अभियोजन पक्ष और पीड़िता की ओर से बहस शुरू हो चुकी है, हालांकि समयाभाव के चलते यह अधूरी रह गई। राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता दीपक चौधरी और पीड़िता की ओर से अधिवक्ता पी.सी. सोलंकी ने अपनी दलीलें रखनी शुरू कर दी हैं, जो अब अगली सुनवाई में जारी रहेंगी। अदालत ने इस दौरान यह भी निर्देश दिया कि मामले से जुड़े सीलबंद अभिलेख को खोला जाए, डिजिटल रूप में परिवर्तित कर पेन ड्राइव में कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया जाए। गौरतलब है कि 25 अप्रैल 2018 को नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में आसाराम को शेष जीवन तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी, जबकि सह-आरोपियों शिल्पी और शरत चंद को 20-20 वर्ष की सजा दी गई थी।
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कानपुर: डिप्टी CM ब्रजेश पाठक ने महिलाओं के आरक्षण पर मोदी सरकार पहल की सराहना

Noida, Uttar Pradesh:कानपुर: UP के डिप्टी CM ब्रजेश पाठक कहते हैं, "...आज़ादी के बाद, दशकों तक कई सरकारें आईं और गईं, लेकिन आधी आबादी—यानी महिलाओं—को उनका हक नहीं मिला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद का एक विशेष सत्र बुलाया और महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करने की दिशा में तेज़ी से कदम उठाए, जिसकी पूरे देश में सराहना हो रही है। उत्तर प्रदेश की ओर से, हम प्रधानमंत्री को हार्दिक बधाई देते हैं... जहाँ तक समाजवादी पार्टी के प्रमुख की इस माँग का सवाल है? कि मुस्लिम महिलाओं को आरक्षण दिया जाए, तो यह सवाल पूछा जाना चाहिए: क्या बाबासाहेब अंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान में धर्म के आधार पर आरक्षण का कोई प्रावधान है? साफ़ तौर पर नहीं। यह समाजवादी पार्टी की तुष्टीकरण की राजनीति के अलावा और कुछ नहीं है, जिसका मकसद लोगों को गुमराह करना है...
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IT अधिकारी 17.5 घंटे बाद मिराज साह के घर से निकले; डिजिटल दस्तावेज़ मिलीं

Kolkata, West Bengal:সাড়ে ১৭ ঘণ্টা অভিযানের পর মিরাজ সাহ এর বাড়ির থেকে বেরিয়ে গেলেন আইটি আধিকারিকরা। এই মিরাজ শাহ মমতা বন্দ্যোপাধ্যায় এর নমিনেশনের অন্যতম প্রস্তাবক ছিলেন। শুক্রবার সকাল পাঁচটা নাগাদ তার বাড়িতে আসেন আইটি আধিকারিকরা। দীর্ঘ সাড়ে ১৭ ঘণ্টা অভিযানের পর এদিন রাত ১০ টা ২০ তে বেরিয়ে গেলেন তারা। সাথে ছিল একটি ছোট কালো সুটকেস। সূত্রের খবর, তাতে বেশ কিছু ডকুমেন্টস তারা সঙ্গে নিয়ে গিয়েছে। ডিজিটাল ডকুমেন্টস সংগ্রহ করার জন্য ডিভাইস নিয়ে আসা হয়েছিল। মোট ছটা পেনড্রাইভে বেশকিছু ডিজিটাল ডকুমেন্টস সংগ্রহ করা হয়েছে বলে সূত্রের খবর।
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बीरभूम दुबराजपुर में बूथ अधिकारी के विरुद्ध गंभीर आरोप, VIS वितरण का मामला

Kolkata, West Bengal:بীরভূمের দুबरাজপুর বিধানসভা কেন্দ্রে এক বুথ লেভেল অফিসারের বিরুদ্ধে গুরুতর অভিযোগে সাসপেন্ডের সুপারিশ করা হয়েছে। রিটার্নিং অফিসারের দফতর সূত্রে জানা গিয়েছে, সংশ্লিষ্ট বিএলও মঞ্জুরি চট্টোপাধ্যায় ভোটার ইনফরমেশন স্লিপ (VIS) একটি রাজনৈতিক দলের কার্যালয় থেকে বিতরণ করেছেন বলে অভিযোগ উঠেছে। প্রাথমিক তদন্তে এই অভিযোগের সত্যতা পাওয়া গিয়েছে বলে প্রশাসনিক সূত্রে দাবি। বিষয়টি নিয়ে এআরও এবং খয়রাশোল ব্লকের বিডিও রিপোর্ট জমা দিয়েছেন। নির্বাচন প্রক্রিয়ায় নিরপেক্ষতা ও স্বচ্ছতা বজায় রাখার ক্ষেত্রে এই ধরনের কাজ গুরুতর বিধিভঙ্গ বলে উল্লেখ করা হয়েছে।
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बहराइच में अज्ञात वाहन ने मासूम की मौत

Bahraich, Uttar Pradesh:बहराइच. जिले में एक दर्दनाक हादसे ने सबको झकझोर कर रख दिया। थाना पयागपुर क्षेत्र के बनकटा के पास तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने तीन साल के मासूम को कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान विशाल पुत्र दुजई, उम्र 3 वर्ष के रूप में हुई है। घटना के बाद पूरे इलाके में मातम पसर गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों ने बताया कि हादसे के तुरंत बाद पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पयागपुर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने अज्ञात वाहन के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और वाहन की तलाश जारी है।
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नीट हत्याकांड में सरकार के सफेदपोश किरदारों पर बड़ा आरोप

Katihar, Bihar:नीट हत्याकांड में सरकार में बैठे हुए लोग इस हत्याकांड से जुड़े हुए हैं कहीं ना कहीं इस हत्याकांड में सफेदपोश और ताकतवर लोग शामिल हैं अगर सीबीआई ने इसमें किसी को भी बिना आधार का क्लीन चिट दिया तो जन सुराज चुप नहीं बैठेगी और उग्र आंदोलन की ओर बढ़ेगी बेल मिलना गलत दिशा में जा रहा है, इसका हम लोग विरोध करेंगे और इस पर आगे की रणनीति बना रहे हैं कटिहार दौरे के कम में प्रशांत किशोर ने प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि नीट हत्याकांड मामले में पटना पुलिस ने पहले कहा था कि छात्रा ने आत्महत्या की है । पर जब जनसुराज के लोगों ने इस घटना को उछाला तो कहा गया कि एसआईटी, सीबीआई सहित कई एजेंसी दर परत दर को जांच की जिम्मा मिला, फिर भी मनीष रंजन को न्यायालय ने जमानत दे दिया। उन्होंने कहा कि नीट हत्याकांड में सरकार में बैठे हुए लोग इस हत्याकांड से जुड़े हुए हैं । यह अलग-अलग कमियां बनाकर सरकार ने समय को बर्बाद किया है और अब इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया है । कहीं ना कहीं इस हत्याकांड में सफेदपोश और ताकतवर लोग शामिल हैं । उन्होंने आगे कहा कि अगर सीबीआई ने इसमें किसी को भी बिना आधार का क्लीन चिट दिया तो जन सुराज चुप नहीं बैठेगी और उग्र आंदोलन की ओर बढ़ेगी । बेल मिलना गलत दिशा में जा रहा है , इसका हम लोग विरोध करेंगे और इस पर आगे की रणनीति बना रहे हैं।
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12 साल बाद पानी के बंटवारे का विवाद खत्म, लाहबेड़ा में फिर भाईचारा

Dhanbad, Jharkhand:धनबाद जिले के पूर्वी टुंडी से एक ऐसी खबर, जो समाज के लिए सबक भी है और प्रशासन की कार्यशैली की मिसाल भी। कल्पना कीजिए, क्या महज 'मांस के बंटवारे' पर कोई विवाद 12 साल तक खिंच सकता है? क्या एक ही गांव के दो हिस्से एक-दूसरे के लिए पानी की बूंद-बूंद को तरसा सकते हैं? जी हां, रूपन पंचायत के लाहबेड़ा गांव में यही हो रहा था। लेकिन आज वहां की तस्वीर बदल गई है। जहां कल तक नफरत की दीवार थी, वहां आज 'जोहार' और गले मिलने की तस्वीरें हैं। यह कहानी शुरू हुई थी 12 साल पहले। एक चुनावी गहमागहमी के बीच खरीदे गए एक 'खस्सी' के मांस के बंटवारे ने भाइयों के बीच ऐसी दरार पैदा की कि गांव 'ऊपर टोला' और 'नीचे टोला' में बंट गया। मामला सिर्फ बोलचाल बंद होने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि दोनों टोला ने एक दूसरे का सामाजिक बहिष्कार तक कर दिया था। नेताओं की दखलंदाजी ने आग में घी डालने का काम किया। नौबत यहां तक आ गई कि ऊपर टोला के लोगों ने नीचे टोला के लिए सरकारी कुएं, तालाब और चापाकल पर पहरा लगा दिया। पानी जैसी बुनियादी जरूरत को दुश्मनी का हथियार बना लिया गया। लेकिन, अंधेरा कितना भी गहर हो, उजाला होकर रहता है। सर्किल इंस्पेक्टर शाजिद हुसैन और थाना प्रभारी नीतीश कुमार की सूझबूझ और रूपन पंचायत के मुखिया सतीश मुर्मू की मेहनत ने वो कर दिखाया जो 12 साल में नहीं हुआ। प्रशासन ने गांव में चौपाल लगाई। कड़े शब्दों में कानून का पाठ भी पढ़ाया और प्यार से भाईचारे की अहमियत भी समझाई। चंद घंटों की मैराथन बातचीत के बाद नफरत खत्म हो गया। 12 साल का विवाद खत्म हुआ। दोनों टोलों के बीच हुक्का-पानी फिर से शुरू हुआ। गांव के बुज़ुर्गों ने प्रशासन की इस पहल को ऐतिहासिक बताया। प्रशासन के इस 'इलाज' ने उस घाव को भर दिया जिसे राजनीति ने 12 साल तक हरा रखा था। आज लाहबेड़ा के ग्रामीण एक सुर में पुलिस और मुखिया का आभार जता रहे हैं।
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सक्ती जिले के डभरा में वेदांता पावर प्लांट हादसे की जांच के आदेश जारी

Sakti, छत्तीसगढ़ शासन, सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा सक्ती जिले के डभरा तहसील अंतर्गत सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर लिमिटेड में हुए हादसे की जांच के आदेश जारी किए गए हैं। उल्लेखनीय है कि 14 अप्रैल 2026 को प्लांट की बॉयलर यूनिट-1 में स्टीम पाइप से जुड़े वाटर सप्लाई पाइप के ज्वाइंट में तकनीकी खराबी के कारण दुर्घटना घटित हुई। इस दुर्घटना में कई श्रमिकों की मृत्यु एवं बहुत से श्रमिक गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए राज्य शासन द्वारा आयुक्त, बिलासपुर संभाग को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। जांच के लिए निर्धारित बिंदुओं में घटना कब और कैसे घटित हुई, घटना के कारण एवं परिस्थितियां तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के उपाय शामिल हैं। जारी आदेश के अनुसार जांच अधिकारी को निर्देशित किया गया है कि वे 30 दिवस के भीतर जांच पूर्ण कर अपना प्रतिवेदन राज्य शासन को प्रस्तुत करें। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दुर्घटना की निष्पक्ष एवं त्वरित जांच सुनिश्चित करने तथा दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
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भागवत कथा में संत के विवादित व्यवहार से विधायक का वायरल वीडियो

Datia, Madhya Pradesh:विधायक प्रदीप अग्रवाल ने वीडियो जारी करते हुए कहा संत का स्वभाव इसी तरह आशीर्वाद देने का है मैंने कई बार आशीर्वाद लिया है। भागवत कथा में विधायक के साथ संत का विवादित व्यवहार, वीडियो वायरल datidya जिले के सेवढ़ा क्षेत्र के ग्राम बेरछा में आयोजित भागवत कथा के दौरान एक वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें सेवढ़ा के भाजपा विधायक प्रदीप अग्रवाल के साथ एक संत द्वारा कथित रूप से अभद्र व्यवहार किए जाने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो ग्राम बेरछा में आयोजित भागवत कथा कार्यक्रम का है, जहां विधायक प्रदीप अग्रवाल कथा में शामिल होने पहुंचे थे। इस दौरान भिंड जिले के नसरोल से आए संत सीताराम बाबा भी कार्यक्रम में मौजूद थे। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि संत सीताराम बाबा, विधायक को आशीर्वाद देने के दौरान अचानक उन पर हाथ उठाते हुए नजर आते हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने विधायक को धक्का भी दिया और उनके गले में डाली गई माला को भी फेंक दिया। हालांकि, इस पूरे मामले पर विधायक प्रदीप अग्रवाल ने स्वयं वीडियो जारी कर स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि संत का स्वभाव इसी प्रकार का है और वे इसी अंदाज में लोगों को आशीर्वाद देते हैं। विधायक ने यह भी बताया कि वे संत से कई बार मिल चुके हैं और हर बार उन्हें इसी तरह आशीर्वाद प्राप्त हुआ है।
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