201301
BUDGET2025: No income tax on earnings up to ₹12 Lakh
Noida, Uttar Pradesh:In Budget 2025, Finance Minister Nirmala Sitharaman announced major relief for salaried individuals. Now those earning up to ₹12 lakh per year will not have to pay any income tax. Different tax slabs will apply to those earning above this limit. (Video Credit- Zee Business)
0
0
Report
हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|
मीरजापुर रेलवे ट्रैक के पास अज्ञात किन्नर का शव, हत्या की आशंका
Ukhdand, Uttar Pradesh:राजेश मिश्र मीरजापुर - रेलवे ट्रैक के पास मिला अज्ञात किन्नर का शव。 शरीर पर मिले चोट के निशान । हत्या कर रेलवे ट्रैक किनारे फेंका गया शव。 शव की पहचान करने में जुटी पुलिस。 पड़री थाना क्षेत्र की घटना。0
0
Report
धान की सिंचाई में किसान की मौत; चार बच्चों पर पिता का साया उठा
Amroha, Uttar Pradesh:एंकर धान की सिंचाई के दौरान किसान की करंट लगने से दर्दनाक मौत, चार मासूम बच्चों के सिर से उठा पिता का साया अमरोहा के जनपद के आदमपुर थाना क्षेत्र के गांव दरियापुर तुगन में गुरुवार सुबह दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया। धान की सिंचाई कर रहे 40 वर्षीय किसान सुरेश पुत्र प्रभु की हाईटेंशन करंट की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई। जानकारी के अनुसार गांव का युवक नितेश उन्हें खेत पर रोटी खाने के लिए बुलाने पहुंचा था। इसी दौरान खेत के पास खड़ा यूकेलिप्टस का पेड़ बिजली के खंभे से बंधी स्टे वायर से टकरा गया, जिससे करंट जमीन में फैल गया और सुरेश उसकी चपेट में आ गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही आदमपुर थाना पुलिस पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। किसान की असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मृतक अपने पीछे पत्नी और चार छोटे बच्चों को छोड़ गया है। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।0
0
Report
फर्रुखाबाद में निस्तारण केंद्र के बावजूद सड़क डंपिंग यार्ड, प्रशासन पर सवाल
Naugarh, Uttar Pradesh:करोड़ों की योजनाएं... बड़े-बड़े दावे... लेकिन सड़क पर कूड़े के पहाड़...फर्रुखाबाद में सफाई व्यवस्था की ऐसी तस्वीर सामने आई है, जहां निस्तारण केंद्र होने के बावजूद सड़क ही डंपिंग यार्ड बन गई... कूड़े के ये ढेर सिर्फ गंदगी की तस्वीर नहीं... बल्कि व्यवस्था पर सवालों का ढेर हैं...अब देखना होगा कि प्रशासन कुछ करता है या फिर लोग इसी बदबू और परेशानी के बीच जीने को मजबूर रहेंगे?0
0
Report
Advertisement
जयपुर: ओएमआर फर्जीवाड़े में अभ्यर्थी गिरफ्तार, एजेंसी कर्मी शामिल
Noida, Uttar Pradesh:जयपुर प्रयोगशाला सहायक सीधी भर्ती परीक्षा, 2018 मामले में एसओजी ने की कार्रवाई परिणाम में ओ एम आर शीट में फर्जीवाड़ा से अनंतिम रूप से चयनित होने वाला अभ्यर्थी गिरफ्तार。 आरोपी जयप्रकाश हुआ गिरफ़्तार ओ एम आर शीट स्केनिंग करने वाली एजेन्सी राभव लिमिटेड के कार्मिकों विनोद कुमार गौड और शादान खान ने किया था पूरा खड़ा0
0
Report
अमरौहा: कांवड़ मार्ग के कारण नॉनवेज दुकाने एक माह बंद को लेकर विवाद
Noida, Uttar Pradesh:अमरौहा में कांवड़ यात्रा के दौरान नॉनवेज की दुकानों को खोलने को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। अमरौहा के कुछ मुस्लिम सामाजिक संगठन प्रशासन को चिट्ठी लिखे हैं कि कवर रूट के अलावा शहर के ऐसे इलाकों में जहाँ कर रूट नहीं पढ़ता, वहाँ नॉनवेज की दुकान बंद नहीं होनी चाहिए। यह सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन बताए जाते हैं। उनका कहना है कि किसी धार्मिक अनुष्ठान के दौरान दूसरे समुदाय की दुकान बंद नहीं होनी चाहिए क्योंकि दुकान गरीब लोगों की है और एक महीने दुकान बंद रहने से उनके रोजगार पर असर होगा। मुस्लिम संगठनों का यह भी कहना है कि अगर मांगें पूरी नहीं हुईं तो हाई कोर्ट का रुख किया जाएगा। अमरौहा के डीएम ने स्पष्ट किया है कि कांवड़ यात्रा के दौरान नॉनवेज की दुकान एक ही कर रूट पर बंद होगी क्योंकि यह सरकार का आदेश है, पर कर रूट के बाहर अन्य इलाकों में ऐसा आदेश नहीं है. हमने पीस कमेटी से बात की है और सभी लोग इससे सहमत हैं कि कांवड़ रूट में मीट की दुकान बंद रहेंगी। न्यूज़ टीम ने कवर रूट पर पड़ने वाले नॉनवेज दुकानदारों से बात की, वे पूरी तरह सहमत हैं और सरकार के लिए अन्य विकल्प ढूंढ़े जाने की मांग कर रहे हैं क्योंकि एक महीने दुकान बंद रहने से उन्हें खर्च और किराया कैसे चलेगा। दुकानदारों का कहना है कि कर रूट नहीं पड़ते इलाकों में दुकान खोलने पर क्या आपत्ति है। अमरौहा के हिंदू संगठन बजरंग दल के लोग कहते हैं कि जिस इलाके में कर रूट नहीं पड़ता है वहाँ कई हिंदू परिवार रहते हैं; अगर वे सुबह पूजा करते हैं और किसी पक्षी या मीट के टुकड़े से उनके रास्ते में बाधा हो जाए तो पूजा और आस्था प्रभावित हो सकती है, इसलिए पूरे एक महीने तक कर रूट या पूरे इलाके में नॉनवेज की दुकान बंद होनी चाहिए।0
0
Report
खबर उपलब्ध नहीं
Noida, Uttar Pradesh:0
0
Report
Advertisement
CM विष्णु देव साय और डिप्टी CM अमलीपदर पहुंचे; 9 दिवसीय रथयात्रा महोत्सव शुरू
Majarkata, Chhattisgarh:स्थान...गरियाबंद एंकर...सीएम विष्णु देव साय और डिप्टी सीएम विजय शर्मा अमलीपदर पहुंचे है।सीधे वे अस्थाई गुंडिचा मंदिर पहुंच भगवान जगन्नाथ का दर्शन किया।अमलीपदर में प्रसिद्ध कथावाचक पंडित युवराज पांडेय के सानिध्य में 9 दिवसीय रथ यात्रा महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।गुंडीचा मंदिर पंडाल को इस बार छत्तीसगढ़िया पारंपरिक रंग में ढाला गया है।आयोजन शुरुआत से पहले पंडित युवराज ने आयोजन में शामिल होने सीएम और डिप्टी सीएम को आयजन में आने का न्योता दिया था।0
0
Report
राजस्थान चुनाव से पहले बीजेपी का संत रविदास समरसता संकल्प अभियान शुरू
Jaipur, Rajasthan:राजस्थान में पंचायत और निकाय चुनाव की तैयारियों के बीच बीजेपी संत रविदास की 650वीं जयंती को लेकर मेगा आउटरीच प्रोग्राम शुरू करने जा रही है। प्रदेश में सामाजिक समरसता के संकल्प के साथ शुरू किए जा रहे इस अभियान के जरिए बीजेपी की वंचित वोटों पर निगाह है। 29 जुलाई से शुरू होकर 20 फरवरी 2027 तक चलने वाले इस अभियान में बीजेपी संत सम्मान, संवाद और जनसंपर्क के कार्यक्रमों के जरिए इस वर्ग के बीच अपनी पहुंच मजबूत करने की कोशिश में है। ऐसे मौके पर यह अभियान धार्मिक और सामाजिक संदेश के साथ-साथ राजनीतिक तौर पर भी बेहद अहम माना जा रहा है। अभियान के सफल संचालन के लिए जयपुर में प्रदेश स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। देखिए ये रिपोर्ट... राजस्थान में पंचायत और निकाय चुनाव की रणभेरी बज चुकी है। बीजेपी संगठन चुनावी मोड में है और इसी बीच पार्टी देशभर में श्री गुरु रविदास महाराज समरसता संकल्प अभियान शुरू करने जा रही है। अभियान 29 जुलाई यानी गुरु पूर्णिमा से शुरू होकर अगले साल 20 फरवरी तक चलेगा। संगठन का दावा है कि इसके जरिए संत गुरु रविदास के समता, सेवा और सामाजिक न्याय के संदेश को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। अभियान को लेकर की रणनीति साफ है... अभियान का दायरा केवल बड़े शहरों तक नहीं रहेगा, बल्कि गांव, ढाणी, वार्ड और बूथ स्तर तक पहुंचेगा। प्रदेश, जिला, मंडल और ग्राम स्तर पर कार्यक्रम होंगे। संत समाज, मंदिर समितियां, सामाजिक संगठनों और स्थानीय नेतृत्व को साथ जोड़ने की तैयारी है। इस दौरान प्रदेश में निकाय और पंचायत चुनाव की सुगबुगाहट भी है। ऐसे में इस अभियान को बीजेपी राजनीतिक रूप से संगठित होकर एससी वर्ग तक पहुंच बनाने की कोशिश के तहत देखा जा रहा है। अभियान की क्रियान्विति ठीक ढंग से हो, इसके लिए प्रदेश और जिला स्तर पर समितियों का गठन किया गया है। अभियान शुरू होने से पहले राजस्थान में बीजेपी की ओर से प्रदेश स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में प्रदेश पदाधिकारियों के साथ जिला अध्यक्ष, जिलों में गठित समिति, एससी मोर्चा के पदाधिकारियों को बुलाया गया। इस मौके पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, उप मुख्यमंत्री डॉ प्रेमचंद बैरवा, राष्ट्रीय महामंत्री दुष्यंत गौतम, प्रदेश संगठन महामंत्री अजेय कुमार ने कार्यकर्ताओं से अभियान में सक्रिय रुप से भाग लेते हुए इसे जन जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। अभियान के दौरान सरकार की ओ से चलाई जा रही योजनाओं को भी पहुंचाने के निर्देश दिए गए ताकि एससी समुदाय के लोग ज्यादा से ज्यादा पार्टी से जुड़ सकें। बाइट - अनिता बधेल , विधायक और राज्य स्तरीय कमेटी सदस्य, यह है पूरा अभियान ... अभियान की शुरुआत वाराणसी स्थित श्री गुरु रविदास महाराज की जन्मस्थली सीर गोवर्धनपुर से होगी। यहां से पावन मिट्टी देशभर के राज्यों में पहुंचेगी। इसके बाद प्रदेश, जिला और गांव स्तर पर कलश वंदन, प्रभात फेरी, भजन-कीर्तन, सामूहिक आरती और समरसता संकल्प कार्यक्रम आयोजित होंगे। राजस्थान के हर जिले और गांव तक अभियान पहुंचाने की तैयारी है, जिससे चुनाव से पहले संगठन की जमीनी सक्रियता भी बढ़ेगी। बीजेपी ने अभियान को चार चरणों में बांटा है। पहले चरण में कलश वंदन अभियान, दूसरे में संत संपर्क अभियान, तीसरे में जालंधर से वाराणसी तक समरसता यात्रा, और चौथे चरण में छात्रावास एवं युवा संपर्क अभियान चलाया जाएगा। यानी संत समाज से लेकर युवाओं और विद्यार्थियों तक अलग-अलग वर्गों से संवाद स्थापित करने की रणनीति तैयार की गई है।0
0
Report
पूर्व राजपरिवार के श्री लक्ष्मण राजपूत छात्रावास को अदालत से राहत, अधिकार वैध
Dungarpur, Rajasthan:जिला डूंगरपुर विधानसभा डूंगरपुर अखिलेश शर्मा लोकेशन डूंगरपुर श्रीलक्ष्मण राजपूत छात्रावास विवाद, पूर्व राजपरिवार को मिली कोर्ट से राहत, पूर्व राजपरिवार के महारावल बोले - ये हमेशा समाज की संपत्ति डूंगरपुर शहर के पुराना बस स्टैंड के पीछे स्थित श्री लक्ष्मण राजपूत छात्रावास विवाद पर एडीजे कोर्ट के फैसले पर पूर्व राजपरिवार ओर राजपूत समाज को बड़ी राहत दी है कोर्ट ने अपने आदेश में छात्रावास व उसकी भूमि को श्री लक्ष्मण देवस्थान निधि ट्रस्ट की संपत्ति बताया है इधर कोर्ट का फैसला आने के बाद पूर्व राजपरिवार व राजपूत समाज ने ने खुशी जताई है श्रीलक्ष्मण राजपूत छात्रावास में आयोजित पत्रकार वार्ता में पूर्व राजपरिवार के महारावल ओर पूर्व राज्यसभा सांसद हर्षवर्धन सिंह ने कहा ये छात्रावास हमेशा से समाज का है और रहेगा। लेकिन कुछ लोगों ने समाज को गुमराह कर इसे हथियाने का प्रयास किया। लेकिन कोर्ट में सत्य की जीत हुई। पूर्व राज्यसभा सांसद ओर पूर्व राजपरिवार के महारावल हर्षवर्धन सिंह ने श्रीलक्ष्मण राजपूत छात्रावास से जुड़े कानूनी मामले में न्यायालय के निर्णय को सत्य और न्याय की जीत बताया है उन्होंने कहा कि श्री लक्ष्मण राजपूत छात्रावास हमेशा से क्षत्रिय समाज का रहा है और इस पर अधिकार को लेकर कुछ अराजक या असामाजिक तत्वों द्वारा जबरन कब्जा करने का प्रयास किया गया था उन्होंने कहा, "न्यायालय ने मामले के सभी तथ्यों और दस्तावेजों का बारीकी से परीक्षण करने के बाद निर्णय श्रीलक्ष्मण राजपूत छात्रावास के पक्ष में दिया है इससे यह साफ हो गया है कि छात्रावास पर समाज का अधिकार पूरी तरह वैध है। इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि अदालत के फैसले के बाद अब छात्रावास में सुचारू रूप से व्यवस्थाएं संचालित की जाएंगी और समाज के हित में कार्य आगे बढ़ाए जाएंगे Akhil Bharatiya Kshatriya Mahasabha Dongarour के जिलाध्यक्ष Karaniraj Singh Chauhan bichhivaada ने कहा कि समाज में ही कुछ लोगों ने समाज को गुमराह कर छात्रावास पर कब्जा करने की कोशिश की थी। लेकिन ये सफल नहीं हो सकी। इस छात्रावास का संचालन हमेशा क्षत्रीय समाज के हित में होगा। जहा छात्र रहकर अपनी पढ़ाई पूरी कर सकेंगे।0
0
Report
Advertisement
बिहार के सरकारी स्कूलों में ड्रेस कोड लागू, शिक्षकों के कपड़ों पर कड़ी निगरानी
Jehanabad, Bihar:बिहार के सरकारी स्कूलों की शैक्षणिक व्यवस्था को पटरी पर लाने और अनुशासन की नई पटकथा लिखने के उद्देश्य से शिक्षा विभाग ने एक बड़ा फरमान जारी किया है। राज्य के सभी सरकारी स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों में शिक्षकों तथा कर्मचारियों के लिए गरिमापूर्ण औपचारिक पोशाक यानी ड्रेस कोड पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। विभाग के इस कड़े रुख का धरातल पर क्या असर है, जब इसकी पड़ताल की गई, तो जहानाबाद में प्रशासनिक दावों और जमीनी हकीकत के बीच मिला-जुला असर देखने को मिला। जिले के अधिकांश विद्यालयों में शिक्षक विभाग के इस फैसले के प्रति सजग दिखे और औपचारिक पोशाक में अध्यापन करते नजर आए। लेकिन सदर प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय, सोहे की तस्वीर कुछ अलग ही कहानी बयां कर रही थी। पड़ताल के दौरान विद्यालय में 11 शिक्षक और 50 छात्र-छात्राएं मौजूद थे। 11 में से 2 शिक्षक कैजुअल ड्रेस (जीन्स पहने) में बच्चों को पढ़ाते पकड़े गए। जब उनसे नियमों की अनदेखी पर सवाल किया गया, तो उन्होंने झटपट सफाई दी, उन्होंने बताया कि हम घर से निकल चुके थे, रास्ते में व्हाट्सएप पर सरकार का आदेश मिला। आदेश सिर आंखों पर है, कल से हर हाल में पालन करेंगे। वही विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने बताया कि आदेश आज मिला है कल से अनुपालन कराया जाएगा। इधर विद्यालयों में आदेश के अनुपालन को लेकर जब जिला शिक्षा पदाधिकारी सुरेंद्र कुमार का पक्ष जानने की कोशिश की गई, तो उन्होंने कैमरे के सामने कुछ भी बोलने से साफ इनकार कर दिया। हालांकि़क, ऑफ-कैमरा अपनी जिम्मेदारी स्वीकारते हुए उन्होंने कहा कि सरकार का निर्देश जिले के सभी विद्यालयों को भेजा जा चुका है। सख्त हिदायत दी गई है कि आदेश का शत-प्रतिशत अनुपालन हो। जो भी शिक्षक ड्रेस कोड का उल्लंघन करते पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई तय है। बताते चले कि हाल के दिनों में जहानाबाद के कुछ विद्यालयों से शिक्षकों के बीच आपस में तू-तू-मैं-मैं, मारपीट और अभद्र व्यवहार के शर्मनाक मामले सामने आए थे। इन घटनाओं से गुरु-शिष्य परंपरा और विद्यालयों के शैक्षणिक माहौल पर गहरा दाग लगा था। ऐसे में शिक्षा विभाग का यह नया नियम केवल एक ड्रेस कोड नहीं, बल्कि खोई हुई गरिमा और अनुशासन की बहाली का बड़ा प्रयास माना जा रहा है।0
0
Report
RPSC हिन्दी प्रोफेसर भर्ती घोटाला: SOG ने अशोक विश्नोई और सुशील शर्मा को गिरफ्तार
Noida, Uttar Pradesh:Jaipur RPSC द्वारा प्राध्यापक-हिन्दी (स्कूल शिक्षा) प्रतियोगी परीक्षा, 2022 मामला मामले में एसओजी ने की कार्रवाई फर्जी डिग्री जारी करने में सहयोगी आरोपी अशोक विश्नोई उर्फ अशोक चोटिया और मेवाड यूनिवर्सिटी का पूर्व उप परीक्षा नियंत्रक सुशील शर्मा गिरफ्तार0
0
Report
चंद्रशेखर आज़ाद ने NEET पेपर लीक पर इस्तीफे के बिना वार्ता की मांग कही
Noida, Uttar Pradesh:दिल्ली: आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख और सांसद चंद्रशेखर आज़ाद ने NEET पेपर लीक स्कैम पर स्टूडेंट्स के प्रोटेस्ट पर कहा, "संसद में बात तभी होगी, पहले इस्तीफा फिर वार्ता। बिना इस्तीफे के कोई वार्ता नहीं होगी...आप इतने ही संवाद वाले हैं तो आपने 20 तारीख से पहले क्यों नहीं संवाद किया बच्चों से..."0
0
Report
Advertisement
पेपर लीक के दोषियों को सख्त सजा, पीएम का तेज़ कोर्ट बनाने का दावा
Noida, Uttar Pradesh: देहरादून: पेपर लीक में शामिल लोगों को कड़ी सज़ा दिलाने के लिए फ़ास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने के पीएम मोदी के ट्वीट पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, "यह छात्रों को आगे रखकर राजनीति करने, माहौल खराब करने, कानून-व्यवस्था अपने हाथ में लेने और अराजकता फैलाने की एक सोची-समझी साज़िश है। जबकि पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश भर में 12 लाख से ज़्यादा लोगों को नियुक्ति पत्र बांटे गए हैं, NEET परीक्षा दोबारा और पूरी पारदर्शिता के साथ आयोजित की गई है, CBI जांच हुई है, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है... प्रधानमंत्री ने कहा है कि वह छात्रों के लिए फ़ास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाएंगे और जल्द से जल्द उनके हितों के लिए काम करेंगे... उन्होंने हर क्षेत्र में युवाओं को बढ़ावा दिया है...0
0
Report
पैसेंजर ट्रेन में खूनी खेल: घटना से हड़कंप मच गया
Noida, Uttar Pradesh:पैसेंजर ट्रेन में खूनी खेल!0
0
Report
सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द, कोर्ट ने तीन हफ्ते में सरेंडर का आदेश
Noida, Uttar Pradesh:सोनम रघुवंशी की जमानत क्यों हुई रद्द? जानिए, सुप्रीम कोर्ट ने फैसले में क्या कहा मेघालय में हनीमून के दौरान पति की हत्या की आरोपी सोनम रघुवंशी को वापस जेल जाना होगा। सुप्रीम कोर्ट ने सोनम रघुवंशी की जमानत को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने सोनम को तीन हफ्ते में सरेंडर करने के लिए कहा है। हालांकि कोर्ट ने छूट दी कि अगर इस मामले में 6 महीने तक निचली अदालत में मुकदमा पूरा नहीं होता है तो सोनम नए सिरे से जमानत की अर्जी लगा सकती है। सोनम को क्यों मिली थी ज़मानत सोनम रघुवंशी को इस मामले में जमानत केस की मेरिट के आधार पर नहीं, बल्कि पुलिस की तकनीकी खामी के आधार पर मिली थी। दरअसल पुलिस ने अरेस्ट मेमो में बीएनएस की धारा 103(1) के बजाए 403(1) लिख दी थी। बीएनएस की धारा 103(1) मर्डर के मामलों में लगती है जबकि 403(1) अस्तित्व में ही नहीं है। सोनम ने अपनी ज़मानत अर्जी में इसी खामी को आधार बनाया था। सोनम का कहना था कि चूंकि उन्हें गिरफ्तारी के सही कारण नहीं बताए गए, इसलिए उन्हें जमानत मिलनी चाहिए। निचली अदालत ने उसकी दलीलों को स्वीकार करते हुए जमानत दे दी थी बाद में हाईकोर्ट ने भी इसे बरकरार रखा था। मेघालय सरकार ने हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। मेघालय सरकार की दलील सुप्रीम कोर्ट में राज्य सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता पेश हुए। उन्होंने दलील दी कि यह कहना गलत होगा कि सोनम रघुवंशी को गिरफ्तारी के आधार बताए ही नहीं गए। अरेस्ट मेमो में गिरफ्तारी की एक धारा टाइपिंग की वजह से गलत लिखे जाने के चलते उसे हत्या जैसे संगीन मामले में जमानत नहीं मिलनी चाहिए। तुषार मेहता ने यह भी कहा कि सोनम रघुवंशी ने पहले सोची समझी योजना के तहत पति के मर्डर को अंजाम दिया और बाद में सह आरोपियों के कहने पर सरेंडर कर दिया। तुषार मेहता ने कहा कि सोनम ने सरेंडर किया था। इसका मतलब साफ है कि उसे अच्छी तरह से पता था कि उस पर क्या आरोप है और किस गुनाह में पुलिस उसकी तलाश कर रही है। सोनम को कोर्ट ने दिए थे दो विकल्प पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने सोनम रघुवंशी को दो विकल्प दिए थे। पहला विकल्प यह कि सोनम के वकील कोर्ट में जिरह जारी रखें और कोर्ट केस में उपलब्ध तथ्यों के आधार पर जमानत पर फैसला ले। दूसरा विकल्प कोर्ट ने सोनम रघुवंशी को दिया था कि वो सरेंडर कर दे और गवाहों के परीक्षण पूरे होने के बाद नए सिरे से जमानत की अर्जी लगाए। आज जब इस मामले को लेकर सुनवाई शुरू हुई तो सोनम के वकील ने सरेंडर करने का विकल्प नहीं चुना। सोनम के कहा कि इस मामले में अभी तक सिर्फ चार गवाहों के बयान हुए हैं जबकि कुल 94 गवाहों के बयान होने हैं। सुप्रीम कोर्ट का रुख सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि गिरफ्तारी के कारण बिल्कुल नहीं बताना और उन्हें ठीक से न बताना, दोनों अलग बातें हैं। इस केस में ऐसा नहीं है कि सोनम को गिरफ़्तारी के कारण बताए ही नहीं गए। अगर कारण बिल्कुल नहीं बताए जाएं तो गिरफ्तारी पर सवाल उठ सकता है। लेकिन अगर कारण बताए गए हों और उनमें कुछ कमी हो, तो यह देखना होगा कि उससे आरोपी को वास्तव में कोई नुकसान हुआ या नहीं। सोनम अभी ज़मानत की अधिकारी नहीं, कोर्ट ने कहा कि इस केस में सोनम रघुवंशी ने पहले जो तीन जमानत अर्जी दाखिल की थीं, उसमें कहीं पर भी इस दलील का सहारा नहीं लिया कि उसे गिरफ्तारी के कारण नहीं बताए गए। यही नहीं, सोनम ने मजिस्ट्रेट के सामने गिरफ्तारी के कारण और संबंधित दस्तावेज़ मिलने की बात स्वीकार की थी। मजिस्ट्रेट ने भी रिकॉर्ड में लिखा था कि नियमों का पालन किया गया है। ऐसे ही इस आधार पर ज़मानत देने का निचली अदालत और हाई कोर्ट का फैसला गलत है। इस केस में जो तथ्य है, उसके आधार पर ज़मानत नहीं दी जा सकती। आज की पीढ़ी नहीं झेल पाती तनाव सोनम को लेकर आदेश सुनाने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि समाज बदल रहा है, इसलिए ऐसी बातें होना स्वाभाविक है। आज की पीढ़ी हमसे अधिक जानकारी रखती है, लेकिन मानसिक दबाव झेलने की क्षमता कम हो गई है। वे अधिक संवेदनशील हैं। संयुक्त परिवार में बच्चे चाचा, चाची, दादा-दादी, नाना-नानी जैसे परिवार के अन्य सदस्यों से बहुत कुछ सीखते थे, उनसे भावनात्मक संबल मिलता था पर आज एकल परिवार में लोग छोटी-छोटी बातों पर परेशान हो जाते हैं। वो अधीर होकर हर समस्या का तुंरत समाधान चाहते हैं।0
0
Report
Advertisement
