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टांगरी नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब, अंबाला कैंट में जलभराव बढ़ने लगा

Ambala, Haryana:पहाड़ों पर हो रही लगातार भारी बारिश का असर अब मैदानी इलाकों में भी दिखने लगा है। अंबाला कैंट से गुजरने वाली टांगरी नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुँच गया है, जिसके चलते नदी के किनारे बसे निचले इलाकों में अब जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है। ये तस्वीरें अंबाला कैंट के उन इलाकों की हैं जहाँ टांगरी नदी का पानी अब घरों के दरवाजों तक पहुँच गया है। यहाँ की स्थिति चिंताजनक है। जलस्तर बढ़ने के कारण स्थानीय लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोग मजबूरी में अपने घरों को छोड़कर अपने सामान को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने को मजबूर हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह उनकी सालाना समस्या है। हर साल मानसून में उन्हें इसी तरह के हालात का सामना करना पड़ता है। प्रशासन के दावों पर सवाल उठाते हुए लोगों का कहना है कि इस बार भी प्रशासन ने नदी की खुदाई कर पानी की निकासी की बात कही थी, लेकिन धरातल पर काम न के बराबर हुआ है। अब आलम यह है कि प्रशासन के दावों की पोल खुल चुकी है और लोग खुद अपनी सुरक्षा के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं。
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मानसून के दस्तक से विकासनगर समेत पहाड़ी इलाकों में चेतावनी, बाढ़ चौकियों के साथ अलर्ट जारी

Noida, Uttar Pradesh:प्रदेश में मानसून की दस्तक के साथ ही बेहद डरावनी तस्वीरें सामने आने लगी हैं। कहीं लैंडस्लाइड तो कहीं जलभराव ने लोगों को मुश्किल में डाल दिया है। जिसको देखते हुए तमाम विभाग अब अलर्ट मोड पर आ गए हैं। विकासनगर तहसील क्षेत्र और उससे लगते जौनसार बावर क्षेत्र में भी तहसील प्रशासन के साथ ही संबंधित विभाग पूरी तरह सतर्कता बरत रहे हैं। बता दें कि जौनसार बावर जैसे पहाड़ी क्षेत्र में जगह जगह भारी लैंडस्लाइड देखने को मिलता है, जिससे निपटने के लिए जहां एक ओर तहसील प्रशासन नजर बनाए हुए हैं वहीं पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा संभावित स्थानों पर जेसीबी मशीनों के साथ ही विभागीय कर्मचारियों की तैनाती की गई है, जो बरसात के चलते सड़क पर मलवा आने कीस्थिति में मलवा हटाकर यातायात सुचारू करने में जुटे हुए हैं। वहीं दूसरी ओर विकासनगर तहसील क्षेत्र अंतर्गत मैदानी इलाकों में यमुना, शीतला और आसन जैसी नदियों के किनारे मौजूद बस्तियों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही, साथ ही नदी किनारे झुग्गियों में रहने वाले मजदूर तबके के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाकर उन्हें भी नदीयों से दूर रहने की सलाह दी जा रही है। जिसको लेकर स्थानीय पुलिस प्रशासन एलाउंसमेंट कर लोगों को सतर्क कर रहा है। साथ ही तहसील प्रशासन की ओर से भी नौ बाढ़ चौकियों बनाकर उनमें तैनात कर्मियो को चौबीस घंटे अलर्ट मोड पर रखा गया है।
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राहुल गांधी देहरादून में छात्रों से NEET-CBSE मुद्दे पर संवाद

Dehradun, Uttarakhand:एंकर 17 जुलाई को राहुल गांधी देहरादून आ रहे हैं। देहरादून में राहुल गांधी छात्रों के साथ संवाद कार्यक्रम में भाग लेंगे। राहुल गांधी के दौरे को लेकर उत्तराखंड सरकार ने बड़ा हमला बोला है। देखिए ये रिपोर्ट कांग्रेस नेता राहुल गांधी 17 जुलाई को देहरादून में छात्रों के साथ संवाद करने जा रहे हैं। राहुल गांधी ने जिस तरह राजस्थान के कोटा में छात्रों के साथ संवाद किया था बताया जा रहा है कि देहरादून में भी NEET और CBSE मुद्दे को लेकर छात्रों से संवाद करेंगे। इस मामले पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि यूपीए की सरकार के जमाने में पर्चे लीग भी होते थे और नकल माफिया पूरे देश में हावी रहते थे। भाजपा सरकार ने देश में हो या उत्तराखंड में हो नकल माफियाओं पर सख्त कार्रवाई करने का काम किया है। कांग्रेस सिर्फ राजनीति के मकसद से जगह-जगह छात्रों को बरगलाने का काम कर रही है। राहुल गांधी हो या कांग्रेस के और नेता उत्तराखंड के छात्र समझदार हैं वह जानते हैं कि छात्रों की आड़ में इस मुद्दे पर राजनीति कौन कर रहा है बाइट पुष्कर धामी मुख्यमंत्री उत्तराखंड उत्तराखंड के उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने कहा है की 4:30 साल कांग्रेस गायब रहती है चुनाव के साल में कांग्रेस जनता के मुद्दों को उठाने का दावा करती है। राहुल गांधी पहले भी उत्तराखंड आना चाह रहे थे लेकिन नहीं आ पाए और आप जब उत्तराखंड आ रहे हैं तो छात्रों को राजनीतिक ढाल बनाने के लिए ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन कर रहे हैं। उच्च शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने कहा कि इस मुद्दे पर कांग्रेस सिर्फ राजनीति कर रही है जबकि हकीकत यह है कि उत्तराखंड में 34000 से ज्यादा युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है। उत्तराखंड में सख्त नकल कानून बनाने का काम किया है। आज मेहनती युवा सरकारी नौकरी प्राप्त कर रहा है और नकल माफिया जेल में है
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उत्तराखंड में 57 वन आरक्षी दीक्षांत, गौरव कुमार ने प्रथम स्थान पाया

Haldwani, Uttarakhand:उत्तराखंड वानिकी प्रशिक्षण अकादमी हल्द्वानी में आज वन आरक्षी वर्ष 2026 प्रशिक्षण सत्र प्रथम का दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया। समारोह में केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति के सदस्य एवं पूर्व प्रमुख वन संरक्षक प्रकाश गोयल मुख्य अतिथि रहे। इस अवसर पर कुमाऊँ के मुख्य वन संरक्षक संजीव चतुर्वेदी सहित वन विभाग के कई senior अधिकारी मौजूद रहे। दीक्षांत समारोह में कुल 57 वन आरक्षी प्रशिक्षुओं ने सफलतापूर्वक छह माह का प्रशिक्षण पूरा किया। इनमें 33 प्रशिक्षु राजस्थान और 24 प्रशिक्षु उत्तराखंड से थे। वार्षिक परीक्षा के आधार पर देहरादून वन प्रभाग के प्रशिक्षु गौरव कुमार ने 89.86 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान और स्वर्ण पदक हासिल किया, समारोह में विभिन्न विषयों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं को विशेष ट्रॉफियां भी प्रदान की गईं। वन वर्धन और वन उपभोग श्रेणी में गौरव कुमार, वन अभियांत्रिकी में राहुल लाल, सामुदायिक वानिकी में गणेश चौहान, सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षार्थी का सम्मान गौरव कुमार तथा परेड कमांडर ट्रॉफी सोहन सिंह डोना को प्रदान की गई। कार्यक्रम के दौरान CEC के चेयरमैन ने प्रशिक्षुओं को ईमानदारी, अनुशासन और पर्यावरण संरक्षण के प्रति समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने का संदेश दिया।
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फर्रुखाबाद के वृद्ध की सोता नाले में डूबने से मौत, परिवार में कोहराम

Farrukhabad, Uttar Pradesh:फर्रुखाबाद अरुण सिंह खेतों में जानवर चराने गए वृद्ध की सोता नाले में डूबने से मौत, परिवार में मचा कोहराम फर्रुखाबाद : अमृतपुर थाना क्षेत्र के ग्राम नगला खुशाली में शुक्रवार को खेतों में जानवर चराने गए एक वृद्ध की सोता नाले में डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। जानकारी के अनुसार, गांव निवासी बेचेलाल 60 वर्ष पुत्र मूंगालाल सुबह करीब 11 बजे अपने जानवरों को लेकर खेतों की ओर चराने गए थे। इसी दौरान सोता नाले के पास उनका पैर फिसल गया और वह नाले में गिर गए। काफी देर तक घर न लौटने पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। मृतक के पुत्र मनोज ने बताया कि सूचना मिली थी कि जानवर खेत में खड़े हैं, लेकिन पिता दिखाई नहीं दे रहे हैं। इसके बाद परिवार और ग्रामीणों ने करीब दो घंटे तक उनकी तलाश की। खोजबीन के दौरान सोता नाले में उनका शव दिखाई दिया। ग्रामीणों की मदद से उन्हें बाहर निकालकर 108 एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजेपुर ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक की पत्नी रजनी ने बताया कि परिवार में नौ बच्चे हैं। पति की अचानक मौत से पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी दर्शन सिंह सोलंकी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जांच-पड़ताल की। थाना प्रभारी ने बताया कि पानी मे डूबने से मौत की सूचना पर पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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जालौन में यमुना नदी में धड़ल्ले से किया जा रहा मछलियों का अवैध शिकार,

AdityaAdityaFollow4m ago
Orai, Uttar Pradesh:ब्रेकिंग जालौन जालौन में यमुना नदी में धड़ल्ले से किया जा रहा मछलियों का अवैध शिकार, कालपी तहसील के जीतामऊ गांव में शिकारी प्रजनन काल के दौरान अवैध रूप से मछलियों का कर रहे शिकार, प्रजनन काल के दौरान प्रतिबंधित होने के बावजूद शिकारी कर रहे मछलियों का शिकार, पुलिस और मत्स्य विभाग की मिलीभगत से मछलियों के अवैध शिकार का आरोप, मछलियों की अवैध शिकार का वीडियो सोशल मीडिया पर हुआ वायरल, स्थानीय ग्रामीणों ने मत्स्य विभाग और स्थानीय पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप, जिलाधिकारी के रोक के आदेश बावजूद भी मछलियों का शिकार करने से बाज नहीं आ रहे शिकारी, ग्रामीणों ने प्रशासन से शिकारी के खिलाफ की कड़ी कार्रवाई की मांग, जालौन के कालपी तहसील क्षेत्र के ग्राम जीतामऊ घाट का मामला। बाइट:- अरुण कुमार--ग्रामीण
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एक पेड़ माता के नाम: जालौन में जनआंदोलन बन रहा पौधरोपण अभियान

Jalaun, Uttar Pradesh:उत्तर प्रदेश सरकार के गन्ना विकास मंत्री संजय गंगवार ने कार्यक्रम में शिरकत की। इस दौरान वे जालौन पहुंचे और उन्होंने 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान को व्यापक जनभागीदारी के साथ जनआंदोलन का रूप देने के लिए जिले से छह प्रचार-प्रसार वाहन रवाना किए गए हैं, जो गांव-गांव और शहरों में लोगों को पौधरोपण के लिए प्रेरित करेंगे। मंत्री ने कहा कि इस अभियान में आम नागरिकों से लेकर व्यापारी, छात्र, अभिभावक, जनप्रतिनिधि और विभिन्न विभागों के कर्मचारी सक्रिय भाग लेंगे। प्रभारी मंत्री ने बताया कि यह अभियान देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा से संचालित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक पौधे लगाकर जनपद और प्रदेश को हराभरा बनाना है। प्रशासन का प्रयास है कि हर परिवार अपनी मां के सम्मान में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए और उसकी देखभाल करे। जिला प्रशासन के अनुसार जनपद जालौन को 98 लाख 12 हजार 400 पौधे लगाने का लक्ष्य मिला है। लगभग तैयारियों की समीक्षा के बाद अधिकारियों ने विश्वास जताया कि यह लक्ष्य आसानी से पार कर लिया जाएगा और जिले में एक करोड़ से अधिक पौधों का रोपण किया जाएगा। अभियान को सफल बनाने के लिए व्यापारी संगठनों, सभी 27 विभागों, स्कूलों के विद्यार्थियों, उनके अभिभावकों तथा NDA परिवार के कार्यकर्ताओं को भी जोड़ा गया है। बूथ स्तर से लेकर जिला स्तर तक जनप्रतिनिधि और विभिन्न सामाजिक संगठन लोगों को पौधरोपण के लिए प्रेरित करेंगे। प्रशासन ने परिवहन विभाग के माध्यम से ट्रक चालकों से भी भागीदारी की अपील की है। वहीं बेसिक शिक्षा विभाग के विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों से अपने-अपने घरों और आसपास पौधे लगाने का आग्रह किया गया है। स्वास्थ्य विभाग और मेडिकल कॉलेज को भी इस अभियान से जोड़ा गया है। योजना के तहत अस्पताल में उपचार के लिए आने वाले मरीजों को दवा के साथ-साथ "एक पेड़ मां के नाम" लगाने का संदेश दिया जाएगा, ताकि पौधरोपण का दायरा समाज के हर वर्ग तक पहुंचे। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि अभियान का उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि उनकी नियमित देखभाल और संरक्षण सुनिश्चित करना भी है। इसके लिए लोगों को पौधों की जिम्मेदारी लेने और उन्हें जीवित रखने के लिए लगातार जागरूक किया जाएगा, जिससे पर्यावरण संरक्षण का यह अभियान स्थायी और सफल बन सके। बाइट— संजय गंगवार—गन्ना विकास मंत्री
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मानसून की पहली बारिश ने चकराता के चैंमा छानी में विकास कार्यों की पोल खोल दी

Noida, Uttar Pradesh:उत्तराखंड में मानसून सत्र शुरू होते ही जहां एक तरफ लोगों को गर्मी से राहत मिली है, वहीं दूसरी तरफ पहाड़ों में विकास कार्यों की पोल भी खुलने लगी है। ताजा मामला चकराता के खारसी गांव के चैमा बैरावा मोटर मार्ग से है, जहां लोक निर्माण विभाग और ठेकेदार की लापरवाही ग्रामीणों के आशियानों पर भारी पड़ती दिख रही है। महज दो दिनों की बरसात ने करोड़ो की लागत से बन रहे मोटर मार्ग के दावों को बहा दिया है, और अब ग्रामीणों के पुश्तैनी मकानों पर जमींदोज होने का खतरा मंडरा रहा है। ये तस्वीरें चकराता के खारसी गांव के चैंमा छानी की हैं। पहाड़ों का सीना चीरकर विकास की राह तो तैयार की जा रही थी, लेकिन इस विकास के पीछे छिपी लापरवाही ने ग्रामीणों की रातों की नींद उड़ा दी है। चैंमा छानी में इस मोटर मार्ग का निर्माण कार्य अभी पूरा भी नहीं हुआ है, कि दो दिनों की मूसलाधार बारिश ने ठेकेदार के काम की गुणवत्ता को उजागर कर दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि जब ठेकेदार द्वारा रोड की कटिंग की जा रही थी, तब उन्होंने विभागीय अधिकारियों और ठेकेदार को चेताया था। ग्रामीणों ने साफ कहा था कि इस कटिंग से उनके पुश्तैनी मकानों की नींव कमजोर हो रही है, जो बरसात में कभी भी ढह सकते हैं। उस वक्त तो अधिकारियों और ठेकेदार ने ग्रामीणों को शांत करने के लिए पक्की सुरक्षा दीवार लगाने का बड़ा आश्वासन दे दिया,लेकिन धरातल पर जो हुआ, वो आपके सामने है। पक्के कंक्रीट की दीवार की जगह ठेकेदार ने औपचारिकता निभाते हुए महज कुछ कमजोर तार-जाल भरवा दिए। नतीजा यह हुआ कि पहली ही बारिश में पहाड़ी दरकने लगी है और अब ये पुश्तैनी मकान हवा में लटके नजर आ रहे हैं। फिलहाल स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है। आलम यह है कि यदि शासन-प्रशासन और संबंधित विभाग ने जल्द ही यहां किसी स्थाई सुरक्षा दीवार का निर्माण नहीं कराया, तो ये पुश्तैनी मकान ताश के पत्तों की तरह ढह सकते हैं। अब देखना यह होगा कि कुंभकर्णी नींद में सोया विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार करता है या समय रहते जागता है।
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सलूम्बर में अवैध अतिक्रमण हटाने का अभियान जारी, सड़कें-नालियाँ साफ

Udaipur, Rajasthan:सलूम्बर में हाईवे और सार्वजनिक मार्गों से अवैध अतिक्रमण हटाने का अभियान लगातार जारी है। जिला कलेक्टर मुहम्मद जुनैद के निर्देश पर प्रशासन ने कई स्थानों पर कार्रवाई करते हुए सड़क, नालियों और हाईवे किनारे किए गए अतिक्रमण हटाए हैं। प्रशासन का कहना है कि अभियान आगे भी जारी रहेगा। सलूम्बर जिला प्रशासन ने सार्वजनिक निर्माण विभाग की शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए हाईवे और प्रमुख मार्गों से अवैध अतिक्रमण हटाने का अभियान तेज कर दिया है। तहसीलदार डॉ. मयूर शर्मा के नेतृत्व में गठित राजस्व टीम ने कई स्थानों पर मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। सबसे पहले नवनिर्मित जिला अस्पताल के पास किए गए अतिक्रमण हटाए गए। यहां अवैध केबिन और बाउंड्रीवाल को हटाकर क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। सलूम्बर-ईटाली खेड़ा रोड यानी एसएच-53 पर किलोमीटर 6.700 पर करीब 30 वर्ष पुरानी अवैध बाउंड्रीवाल को भी हटाया गया। प्रशासन के अनुसार इस अतिक्रमण के कारण सड़क पर दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता था। वहीं पुलिया के पास संचालित एक केबिन चालक को भी हटने के निर्देश दिए गए। दूदर से बाईपास मार्ग पर एसएच-53 के किलोमीटर 85.500 से 86.500 के बीच नाली में मिट्टी भरकर किए गए अतिक्रमण को हटाकर नाली और सड़क को मूल स्थिति में बहाल किया गया, ताकि बारिश के दौरान जलभराव की समस्या न हो। इसके अलावा हाड़ीरानी कॉलेज संपर्क मार्ग से पंचायत समिति तक की सड़क पर हुए अतिक्रमण हटाकर सड़क की मूल चौड़ाई बहाल की गई। वहीं लवकुश स्कूल से गणेशघाटी मार्ग पर सड़क किनारे लगे अवरोध और बाधक पेड़ों को हटाकर रास्ता सुगम बनाया गया। हाईवे किनारे केबिन संचालकों को भी नोटिस जारी कर भविष्य में अतिक्रमण नहीं करने की चेतावनी दी गई है। : प्रशासन का कहना है कि आमजन की सुविधा, सुरक्षित यातायात और सार्वजनिक मार्गों को बाधा मुक्त रखने के लिए अतिक्रमण हटाने का अभियान लगातार जारी रहेगा।
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