icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
Become a News Creator

Your local stories, Your voice

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

भैंसदेही के पांच मंदिरों में एक रात चोरी: आक्रोश और प्रदर्शन तेज

Betul, Madhya Pradesh:बैतूल जिले के भैंसदेही में एक ही रात पांच मंदिरों में चोरी की घटनाओं का अब तक खुलासा नहीं हो पाने से लोगों का आक्रोश सड़क पर उतर आया। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में पूरे शहर में बंद और विरोध-प्रदर्शन किया गया। व्यापारियों ने भी बंद का समर्थन करते हुए अपनी दुकानें बंद रखीं और प्रदर्शन में शामिल हुए। कांग्रेस ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए चोरी का जल्द खुलासा और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की。 जानकारी के मुताबिक भैंसदेही क्षेत्र के पांच मंदिरों में एक ही रात चोरों ने दानपेटियों और अन्य सामान पर हाथ साफ कर दिया था। घटना के बाद से पुलिस जांच में जुटी है, लेकिन अब तक मामले का खुलासा नहीं हो सका है। इसी को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ती गई और मंगलवार को इसका विरोध खुलकर सामने आया。 ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के बैनर तले निकाली गई विरोध रैली निकली गई। प्रदर्शनकारियों ने शहर में रैली निकालकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और मंदिर चोरी की घटनाओं का जल्द खुलासा करने की मांग उठाई。 प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने भैंसदेही थाना प्रभारी के कथित व्यवहार पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि थाना प्रभारी आम लोगों से कथित रूप से अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं, जिससे जनता में असंतोष है। कांग्रेस ने अधिकारियों से इस मामले में भी उचित कार्रवाई की मांग की。 प्रदर्शन के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में पांचों मंदिरों में हुई चोरी का शीघ्र खुलासा, आरोपियों की गिरफ्तारी तथा पुलिस की कार्यप्रणाली में सुधार की मांग की गई। फिलहाल मंदिर चोरी की इस घटना को लेकर भैंसदेही में कानून-व्यवस्था और पुलिस कार्रवाई को लेकर बहस तेज हो गई है। अब देखना होगा कि पुलिस इस बहुचर्चित चोरी के मामले का खुलासा कब तक कर पाती है。
0
0
Report

किशनगंज में राजस्व मंत्री ने भूमि सुधार और मेले के विकास पर निर्णय लिए

Kishanganj, Bihar:राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने आज किशनगंज जिले के आलाधिकारियों के साथ स्थानीय सर्किट हाउस में बैठक कर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की विभिन्न गतिविधियों की गहन समीक्षा की। उन्होंने भू-अर्जन, राजस्व संग्रह और भूमि सुधार की प्रगति पर अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा की। किशनगंज जिले में भूमि विवादों के समाधान, भूमिहीन परिवारों को वासगीत पर्चा वितरण तथा बंदोबस्त से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की गई। इस अवसर पर मंत्री ने अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश भी दिए। इसके बाद मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने भूमिहीन आदिवासी समाज के परिवारों के बीच जमीन का वितरण भी किया। इसके उपरांत उन्होंने किशनगंज के ऐतिहासिक खगड़ा मेला ग्राउंड पहुंचे और मेले के जीर्णोद्धार के लिए स्थल का निरीक्षण किया। मंत्री ने पत्रकारों को बताया कि खगड़ा स्थित एयरपोर्ट के लिए रोड चौड़ीकरण और किशनगंज बस स्टैंड परिसर स्थित रेशम ट्रेनिंग सेंटर के भवन को बस स्टैंड को सौंपने के लिए जिला प्रशासन को राजस्व विभाग के पास प्रस्ताव भेजने को कहा गया है, ताकि बस स्टैंड को बड़ा और बेहतर बनाया जा सके। साथ ही मेला ग्राउंड परिसर में बाउंड्री वॉल निर्माण और ऑडिटोरियम बनाने के लिए भी राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है। इस मौके पर कांग्रेस विधायक कमरुल होदा ने कहा कि किशनगंज के लिए ऑडिटोरियम का निर्माण जिलेवासियों के लिए एक बड़ी सौगात साबित होगा।
0
0
Report
Advertisement

रानीपुर में पुष्टाहार वितरण को लेकर 85 समूहों का हंगामा, BDO को सौंपा शिकायत पत्र

Santosh KumarSantosh KumarFollow4m ago
Taiyabpur, Uttar Pradesh:मऊ। विकास खंड रानीपुर में पुष्टाहार एवं ड्राई राशन के उठान और वितरण को लेकर करीब 85 स्वयं सहायता समूहों ने गंभीर आरोप लगाते हुए खंड विकास अधिकारी (BDO) को शिकायत पत्र सौंपा है। समूहों का आरोप है कि उन्हें बिना पूर्व सूचना दिए पुष्टाहार एवं ड्राई राशन के उठान कार्य से हटा दिया गया और उनकी जगह ठेकेदार के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों तक राशन पहुंचाया जा रहा है। शिकायत पत्र के अनुसार, वर्ष 2019 से उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशानुसार राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) से जुड़े करीब 85 समूह बाल विकास परियोजना कार्यालय रानीपुर के माध्यम से पुष्टाहार एवं ड्राई राशन के उठान का कार्य करते आ रहे थे। इस दौरान समय-समय पर कुछ समूहों में बदलाव भी किया जाता रहा। समूहों का आरोप है कि वर्ष 2026 में जिला कार्यक्रम अधिकारी एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी रानीपुर द्वारा बिना पूर्व सूचना और शासनादेश की जानकारी दिए सभी समूहों को उक्त कार्य से हटा दिया गया। आरोप है कि वर्तमान में ठेकेदार के माध्यम से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को पुष्टाहार एवं ड्राई राशन सीधे उपलब्ध कराया जा रहा है। शिकायतकर्ताओं का यह भी आरोप है कि जब कुछ समूहों के प्रतिनिधियों ने मामले को लेकर बाल विकास परियोजना अधिकारी रानीपुर से बातचीत करने का प्रयास किया तो उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। आरोप के मुताबिक, अधिकारी ने कहा कि उच्चाधिकारी जो निर्देश देंगे, उसी के अनुसार कार्य किया जाएगा। वहीं, समूहों ने कई वर्षों से ड्राई राशन के उठान का भाड़ा भुगतान नहीं किए जाने का भी आरोप लगाया है। शिकायत पत्र में कहा गया है कि वर्ष 2019 से अब तक कुछ समूहों को भाड़े की राशि आंशिक रूप से मिली है, जबकि कई समूहों का भुगतान लंबे समय से लंबित है। समूहों ने इसे विभागीय स्तर पर लापरवाही और अनियमितता का मामला बताते हुए जांच की मांग की है। समूहों ने BDO से पूरे मामले की जांच कराकर पुष्टाहार एवं ड्राई राशन के उठान कार्य में पूर्व में लगे समूहों को दोबारा कार्य सौंपने तथा लंबित भाड़े की पूरी राशि का भुगतान कराने की मांग की है। अब देखना यह है कि शिकायत के बाद संबंधित विभाग इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और समूहों द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच किस स्तर पर की जाती है।
0
0
Report

चंद्रपुर के सिंदेवाही में नलेश्वर कालवा टूटने से किसान परेशान

Chandrapur, Maharashtra:टायटल:--- चंद्रपूर जिल्ह्यातील सिंदेवाही तालुक्यात नलेश्वर प्रकल्पाचा मुख्य कालवा फुटल्याने शेतकरी हवालदिल, प्रशासनाच्या कारभारावर प्रश्नचिन्ह अँकर:-- धान पिकाला पाण्याचा मोठा ताण पडला असताना, शेतकऱ्यांच्या मागणीनुसार सोडण्यात आलेला सिंदेवाही व मूल तालुक्यातील २६ गावांच्या सिंचनासाठीचा नलेश्वर मध्यम प्रकल्पाचा मुख्य कालवा अवघ्या २४ तासांत फुटल्याचे समोर आले आहे. १५ ऑगस्ट रोजी दुपारी पाणी सोडल्यानंतर १६ ऑगस्ट रोजी सायंकाळी ४ वाजताच्या सुमारास प्रकल्पापासून ५०० मीटर अंतरावर १५ ते २० फुटांचे मोठे भगदाड पडले. ब्रिटीशकालीन मार्च १९१४ मध्ये निर्माण झालेल्या व ११२ वर्षे पूर्ण झालेल्या या २२ किमी लांबीच्या कालव्याची अवघ्या ४ ते ५ दिवसांपूर्वीच डागडुजी करण्यात आली होती. भेगा पडलेल्या ठिकाणी सिमेंट कॉक्रिट टाकून वरून केवळ प्लास्टिकने झाकण्यात आले होते. प्रशासनाच्या याच निकृष्ट दर्जाच्या आणि थातुरमातुर डागडुजीमुळे पाण्याचा दाब सहन न होऊन कालवा फुटला आणि पाण्याचा प्रचंड विसर्ग झाल्याने लगतच्या शेतीचे व पिकांचे अतोनात नुकसान झाले. व्यवस्थापन समितीने तातडीने पाणीपुरवठा बंद केल्याने मोठा अनर्थ टळला. मात्र, शेतापर्यंत पाणी पोहोचण्याआधीच नहर फुटल्याने ऐन संकटात सापडलेला शेतकरी हवालदिल झाला आहे. प्रशासनाच्या या ढिसाळ कारभारामुळे शेतकऱ्यांमध्ये तीव्र असून, तातडीने नुकसानीची पाहणी करून योग्य भरपाई देण्याची मागणी शेतकरी करीत आहेत. आशीष अम्बाडे झी मीडिया चंद्रपूर
0
0
Report
Advertisement

ईछामती नदी पर जलस्तर बढ़ने से बांस का पुल टूट, हजारों यात्री परेशान

Basirhat, West Bengal:উত্তর ২৪ পরগনার স্বরूपনগর ব্লকের টিপি এলাকার ইছামতি নদীর ওপর জলস্তর বেড়ে যাওয়া ও কচুরি পানার অতিরিক্ত চাপে বিশাল বাঁশের সাঁকো ভেঙে যোগাযোগ বিচ্ছিন্ন হওয়ায় হাজার হাজার নিত্যযাত্রী ও এলাকাবাসী চরম দুর্ভোগে পড়েছেন। বিকল্প রাস্তা না থাকায় দীর্ঘ পথ ঘুরে যাতায়াত করতে হচ্ছে বাসিন্দাদের। প্রশাসন ও স্থানীয় সূত্রে জানাযায় আজ ভোর রাতে নদী জলস্তর বৃদ্ধি ও কচুরিপানার অতিরিক্ত চাপের কারণে দুর্বল বাঁশের সাঁকোটি একাংশ ভেঙে পড়ায় চরম দুর্ভোগের মধ্যে পড়তে হচ্ছে। এলাকার স্কুল-কলেজের ছাত্র-ছাত্রী, অসুস্থ রোগী এবং কৃষকদের যাতায়াত একেবারে থমকে গেছে। ঘুরপথে যাতায়াত করতে হওয়ায় সাধারণ মানুষকে অতিরিক্ত সময় ও অর্থ ব্যয় করতে হচ্ছে। এলাকার মানুষের অভিযোগ তৃণমূল সরকারের আমল থেকে কংক্রিটের সেতুর দাবী করে আসছে এলাকার মানুষের দাবী শুধুই আশ্বাস মিলেছে হয়নি সেতু।
0
0
Report

पश्चिम मेदिनीपुर के खड़गपुर उपमंडल में बाढ़ के बाद राहत कैंप सक्रिय, वृक्षारोपण शुरू

Mollar Chak, West Bengal:গত কয়েকদিনের বৃষ্টিতে বন্যা পরিস্থিতি তৈরি হয়েছিল পশ্চিম মেদিনীপুরের খড়গপুর মহকুমার বেশ কয়েকটি জায়গায়। সবচেয়ে বেশি ক্ষতিগ্রস্ত হয়েছে সবং, নারায়ণগড়, মোহনপুর, দাঁতন এবং কেশিয়াড়ির কিছুটা অংশ। পরিস্থিতি মোকাবিলার জন্য প্রশাসনের তরফ থেকে খোলা হয়েছে ৩০টি ত্রাণ শিবির। বিতরণ করা হয়েছে ত্রাণ সামগ্রী। তবে আজ পশ্চিম মেদিনীপুরের জেলাশাসক বিজিন কৃষ্ণা জানিয়েছেন আবহাওয়া উন্নতি হওয়ার কারণে ওইসব এলাকার বন্যা পরিস্থিতি স্বাভাবিক হতে শুরু করেছে। জল কমছে কেলেঘাই ও রূপনারায়ণ নদীতে। অনেকেই ত্রাণ শিবির থেকে বাড়িতে ফিরে গিয়েছে। তবে সবং ও মোহনপুর এলাকায় এখনও ত্রাণ শিবির খোলা রয়েছে। প্রশাসনের তরফ থেকে বিভিন্ন দল এলাকায় গিয়ে পরিস্থিতি উপর নজর রাখছে। এদিন সবুজ স্বাধীনতা প্রকল্পের অধীনে এদিন পশ্চিম মেদিনীপুরেও শুরু হয়েছে গাছ লাগানো। জেলার প্রত্যেকটি মৌজা এলাকায় ১০০টি করে গাছ লাগানোর লক্ষ্যমাত্রা স্থির করা হয়েছে। গাছগুলি লাগানো এবং আগামী দু বছর রক্ষণাবেক্ষণের জন্য ভিবিজি রামজি প্রকল্পের মাধ্যমে হবে বলে জানান জেলা শাসক ও জেলা প্রধান বনপাল। তবে শহরাঞ্চলে তা পৌরসভা মাধ্যমে করা হবে।
0
0
Report

खेरवाड़ा में सामुदायिक वन अधिकार निरस्त कर व्यक्तिगत पट्टे देने की मांग जोर पकड़ती

Udaipur, Rajasthan:खेरवाड़ा के बावलवाडा अकोट हीका ढीकवास ग्राम पंचायत के निवासियों ने क्षेत्र में सामुदायिक वन अधिकार निरस्त कर व्यक्तिगत पट्टे देने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने खेरवाड़ा उपखंड अधिकारी व विकास अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर मांग की गई ग्रामीणों को सामुदायिक वन अधिकार पट्टे को निरस्त कर व्यक्तिगत वन अधिकार पट्टे जारी करने की मांग ग्रामीणों ka आरोप है कि पूर्व में 2008 व 2010 में इन खसरो पर व्यक्तिगत दावे के तहत पटे दिए जा चुके थे बिना सहमति व फर्जी तरीके से सामुदायिक पटा आवंटित किया गया है।
0
0
Report
Advertisement

गांवों की बिजली गुल, ग्रामीणों ने जेई पर घूसखोरी का लगाया गंभीर आरोप, किया प्रदर्शन

SSSumant SinghFollow7m ago
Bhadaura, Uttar Pradesh:सेवराई। स्थानीय तहसील क्षेत्र के विद्युत उपकेंद्र सेवराई से जुड़े लगभग आधा दर्जन गांवों में रविवार की रात करीब 10 बजे से विद्युत आपूर्ति ठप हो जाने से ग्रामीणों में गुस्सा भड़क गया। पूरी रात और सोमवार को दिनभर बिजली नहीं आने से परेशान ग्रामीण विद्युत उपकेंद्र पर पहुंच गए और विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया । ग्रामीणों के विरोध के बाद विभागीय अधिकारियों में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने बताया कि बीती रात अचानक उपविद्युत केंद्र में लगा पुराना पांच एमवीए का ट्रांसफार्मर जल गया। इसके चलते उपकेंद्र से जुड़े लगभग आधा दर्जन गांवों की बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई। लगातार कई घंटे बिजली नहीं मिलने से लोगों को उमस और गर्मी के बीच काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। पेयजल आपूर्ति, घरेलू कामकाज ,कृषि कार्य और बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हुई। सोमवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण उपविद्युत केंद्र पर पहुंचे और विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों के आक्रोश की जानकारी मिलते ही विभागीय उच्चाधिकारी मौके पर पहुंचे और विद्युत आपूर्ति बहाल कराने के लिए ट्रांसफार्मर की मरम्मत या बदलने की प्रक्रिया शुरू कराई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि करीब दो वर्ष पूर्व तत्कालीन क्षेत्रीय विधायक ओमप्रकाश सिंह के प्रयास से पांच एमवीए का नया ट्रांसफार्मर मंगाया गया था। ग्रामीणों के अनुसार विभागीय स्तर पर समय से उसकी टेस्टिंग नहीं कराई गई, जिसके कारण वह लंबे समय तक उपयोग में नहीं लाया जा सका। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते नए ट्रांसफार्मर की टेस्टिंग कर उसे तैयार रखा गया होता तो पुराने ट्रांसफार्मर के जलने के बाद इतनी लंबी विद्युत कटौती का सामना नहीं करना पड़ता। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग के अधिकारियों से मांग की कि जल्द से जल्द विद्युत आपूर्ति पूरी तरह सामान्य की जाए और भविष्य में ऐसी स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त क्षमता का अतिरिक्त ट्रांसफार्मर तैयार रखा जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने पर वे दोबारा आंदोलन करने को मजबूर होंगे इस संदर्भ में एसडीओ दिलदारनगर आदित्य मार्कण्डेय बताया कि पांच एमबीए के ट्रांसफार्मर में टेक्निकल समस्या आने के वजह से आपूर्ति बाधित रहा । शाम तक विद्युत आपूर्ति बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है।
0
0
Report

चमोली में बारिश के बाद पहाड़ों के दरकने से मार्ग बाधित, लोग जाम में फंसे

Karnaprayag, Uttarakhand:चमोली जिले में हो रही बारिश के बाद पहाड़ियों के दरकने की घटनाएं बढ़ रही हैं। आज नंदनगरी को जिला मुख्यालय से जोड़ने वाली नंदप्रयाग–नंदानगर मार्ग पर चट्टान दरकने से मार्ग बंद हो गया है, जिससे यह मार्ग बाधित हो गया है। सूचना पर लोकनिर्माण विभाग कर्णप्रयाग ने मार्ग खोलने के लिए मशीन भेज दी है। चमोली जिले में इन दिनों मौसम खराब होने से भारी बारिश हो रही है, जिससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। नंदप्रयाग–नंदानगर मोटरमार्ग पर पहाड़ी के दरकने के बाद इस मार्ग पर आवाजाही बंद हो गयी है, जिससे लोग कई घंटे से जाम में फंसे हुए हैं। सूचना पर लोकनिर्माण विभाग कर्णप्रयाग ने मार्ग खोलने के लिए मशीन लगा दी है लेकिन मार्ग खुलने में अभी वक्त लग सकता है।
0
0
Report
Advertisement

हापुड़ में जमीनी रंजिश के चलते युवक पर जानलेवा हमला, युवक की मौत

Hapur, Uttar Pradesh:उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में देहात थाना क्षेत्र के धनौरा मार्ग पर जमीनी रंजिश के चलते एक युवक पर जानलेवा हमला किए जाने की दिलदहला देने वाली वीडियो सामने आई है. बाबूगढ़ थाना क्षेत्र के गांव मोहम्मदपुर आजमपुर निवासी गौरव त्यागी धारा 307 (जानलेवा हमला) के एक पुराने मामले में अदालत में गवाही की पैरवी करने जा रहा था. मृतक के परिजन विजेंद्र के अनुसार, गवाही देने से रोकने के लिए गांव के ही कुलदीप, प्रदीप, अमित और उनके एक बाहरी साथी ने गांव से ही गौरव का पीछा किया और धनौरा रोड पर पहले उसकी बाइक में अपनी कार से टक्कर मारी. इसके बाद हमलावरों ने गौरव को घेरकर लाठी-डंडों, लोहे की रॉड और धारदार हथियारों से बुरी तरह पीटा, जिससे उसके हाथ-पैर टूट गए और वह लहूलुहान होकर तड़पने लगा. हमले का खौफनाक वीडियो भी सामने आया है. राहगीरों के आते ही आरोपी जान से मारने की धमकी देकर कार से फरार हो गए. गंभीर हालत में गौरव को मेरठ के अस्पताल रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया. देहात थाना पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल कर नामजद आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है.
0
0
Report

औरैया डबल मर्डर केस में 19 अगस्त को फैसला; 11 आरोपियों पर निर्णय

Auraiya, Uttar Pradesh:पूर्व सपा विधायक कमलेश पाठक सहित 11 आरोपियों के डबल मर्डर केस में कल दिनांक 19 अगस्त को आयेगा फैसला। विशेष न्यायाधीश एमपी एमएलए कोर्ट में निर्णय सुनाया जाएगा।करीब छह साल पांच माह चली सुनवाई में 900 से अधिक तारीखें पड़ीं और अभियोजन व बचाव पक्ष की ओर से कुल 72 गवाह न्यायालय के सामने पेश हुए। इनमें अभियोजन पक्ष के 33 और बचाव पक्ष के 39 गवाह शामिल हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्देश पर करीब डेढ़ साल से मामले की सुनवाई विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट औरैया में प्रत्येक कार्यदिवस पर चल रही थी। अब फैसले की तारीख पर सभी की निगाहें टिकी हैं। मामला शहर के पंचमुखी हनुमान मंदिर परिसर की जमीन से जुड़ा विवाद का है। जमीन पर कब्जे को लेकर तत्कालीन सपा एमएलसी एवं पूर्व मंत्री कमलेश पाठक और उनके समर्थक मंदिर की जमीन पर कब्जा करना चाहते थे, जबकि अधिवक्ता मंजुल चौबे उनका विरोध करते थे। 15 मार्च 2020 को विवाद बढ़ने के बाद हुई फायरिंग में मंजुल चौबे और सुधा चौबे की गोली लगने से मौत हो गई। घटना के बाद औरैया कोतवाली में पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक, उनके भाई पूर्व ब्लॉक प्रमुख संतोष पाठक, रामू पाठक, चालक, गनर समेत 11 लोगों के खिलाफ हत्या सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने मामले की जांच पूरी कर आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। आरोपियों में कमलेश पाठक, संतोष पाठक, रामू पाठक, कुलदीप अवस्थी, विकल्प अवस्थी, राजेश शुक्ल, शिवम अवस्थी, आशीष दुबे, रविंद्र चौबे उर्फ लल्ला, गनर अवनीश प्रताप सिंह और लवकुश सविता शामिल हैं। एक आरोपी के नाबालिग होने के कारण उसकी सुनवाई किशोर न्यायालय में हुई। कमलेश पाठक और अधिवक्ता मंजुल चौबे के बीच कभी बेहद करीबी संबंध बताए जाते थे। मंजुल चौबे के छात्रसंघ अध्यक्ष चुने जाने के समय कमलेश पाठक उनके प्रमुख सहयोगियों में थे। वर्ष 2006 के नगर पालिका चुनाव के दौरान दोनों के संबंधों में दरार आने की बात सामने आई। इसके बाद राजनीतिक और व्यक्तिगत दूरी बढ़ती चली गई। समय के साथ यह संबंध राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई में बदल गया और दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ता गया। अब करीब 6 साल से ज्यादा सुनवाई के बाद कल यानी 19 अगस्त को फ़ैसला सुनाया जाएगा।
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top