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यमुनानगर में जेसीबी चालक आकिल की हत्या, पुरानी रंजिश के चलते

Yamuna Nagar, Haryana:यमुनानगर के छछरौली थाना इलाके के नत्थनपुर गाँव में एक 31 वर्षीय जेसीबी चालक आकिल की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई है. आकिल का शव एक कंस्ट्रक्शन कंपनी के परिसर में खून से लथपथ हालत में मिला है. मृतक के शरीर पर चेहरे, गर्दन और पीठ पर गंभीर चोटों के निशान मिले हैं. इस खौफनाक वारदात के पीछे पुरानी रंजिश बताई जा रही है. पुलिस ने इस मामले में तीन नामजद आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है. यमुनानगर का नत्थनपुर गाँव उस वक्त दहल उठा जब कृष्णा कंस्ट्रक्शन कंपनी के परिसर में काम करने वाले जेसीबी ड्राइवर आकिल का शव संदिग्ध और लहूलुहान हालत में पाया गया. आकिल के नाक से खून बह रहा था और उसके शरीर पर बेरहमी से मारपीट किए जाने के साफ निशान थे. मृतक मूल रूप से उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले का रहने वाला था. वारदात की सूचना मिलते ही मृतक का भाई आदिल और पिता घटनास्थल पर पहुंचे, जहां आकिल मृत अवस्था में पड़ा था. चश्मदीदों और स्थानीय लोगों के मुताबिक, पुरानी रंजिश के चलते अनिल, रामदास और पुजारी नाम के तीन युवकों ने आकिल को बेरहमी से पीटा जिससे उसकी मौत हो गई. पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए स्पेशल रिपोर्ट इलाका मजिस्ट्रेट और उच्च अधिकारियों को भेज दी है. लेकिन इस वारदात ने एक बार फिर कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं कि कैसे रंजिश के चलते एक बेकसूर मजदूर की जान ले ली गई. अब देखना यह होगा कि यमुनानगर पुलिस इन फरार आरोपियों को कब तक सलाखों के पीछे पहुंचा पाती है।
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गिरिडीह में नक्सली अजय महतो उर्फ टाइगर गिरफ्तार, माओवादियों को बड़ा झटका

Giridih, Jharkhand:गिरिडीह. गिरिडीह पुलिस को नक्सल विरोधी अभियान में दशकों की सबसे बड़ी सफलता हाथ लगी है. लाल आतंक का चेहरा माने जाने वाले कुख्यात नक्सली अजय महतो उर्फ टाइगर उर्फ बासुदेव को बीती रात हरलाडीह से गिरफ्तार कर लिया गया. अजय महतो गिरिडीह जिले के पीरटांड़ थाना क्षेत्र के नावाडीह गांव का रहने वाला है. झारखंड सरकार ने उस पर 25 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था. एसपी डॉ. बिमल कुमार के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर हरलाडीह में करमू मांझी के घर पर छापेमारी की. इसी दौरान पुलिस ने घर में छिपे बैठे टाइगर को दबोच लिया. छापेमारी के दौरान इसके साथ मौजूद 2 अन्य नक्सलियों को भी गिरफ्तार किया गया है. तीनों से पुलिस की विशेष टीम पूछताछ कर रही है. पारसनाथ का जोनल कमांडर, 100 से अधिक मामले दर्ज अजय महतो उर्फ टाइगर भाकपा माओवादी का स्पेशल एरिया कमेटी सदस्य और पारसनाथ इलाके का जोनल कमांडर रहा है. पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार इसके ऊपर हत्या, लूट, लेवी वसूली, पुलिस पार्टी पर हमला, IED ब्लास्ट और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के 100 से अधिक संगीन मामले दर्ज हैं. टाइगर ने गिरिडीह, बोकारो, धनबाद और हजारीबाग के सीमावर्ती इलाकों में कई बड़ी घटनाओं को अंजाम दिया है. पुलिस पर घात लगाकर हमला, रोड निर्माण में लगे वाहनों को फूंकना और ठेकेदारों से रंगदारी मांगना उसकी पहचान बन गई थी. झारखंड के अलावा बिहार, बंगाल और ओडिशा की पुलिस भी लंबे समय से इसकी तलाश कर रही थी. देशद्रोह का मुकदमा चलाने की तैयारी गिरिडीह उपायुक्त पहले ही अजय महतो समेत 12 नक्सलियों के खिलाफ देशद्रोह और UAPA एक्ट के तहत मुकदमा चलाने की अनुशंसा राज्य सरकार से कर चुके हैं. गृह विभाग से स्वीकृति भी मिल चुकी है. गिरफ्तारी के बाद जिले में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. एसपी डॉ. बिमल कुमार ने कहा कि टाइगर की गिरफ्तारी से नक्सल संगठन को बड़ा झटका लगा है. पुलिस आने वाले दिनों में सघन अभियान चलाकर बचे हुए नक्सलियों को भी गिरफ्तार करेगी.
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SC में सुनवाई: मालवीय नगर BJP विधायक के चुनाव पर विपक्षी याचिका

Noida, Uttar Pradesh:2025 विधानसभा चुनाव में मालवीय नगर से BJP विधायक सतीश उपाध्याय के निर्वाचन को चुनौती देने वाली याचिक पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई के लिए तैयार। आप नेता सोमनाथ भारती ने SC में याचिका दायर की है। सोमनाथ भारती ने दिल्ली हाईकोर्ट के 17 जनवरी के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। हाईकोर्ट ने पहले उनकी चुनाव याचिका खारिज कर दी थी। सतीश उपाध्याय ने 2025 के विधानसभा चुनाव में तीन बार के विधायक रहे सोमनाथ भारती को करीब 2,100 वोटों से हाराया था। सोमनाथ भारती का आरोप हैं कि सतीश उपाध्याय ने अपने खिलाफ लंबित आपराधिक शिकायत/FIR की जानकारी नामांकन में नहीं दी। उन्होंने मतदाताओं को मतदान केंद्र तक ले जाने के लिए गाड़ियों का इस्तेमाल किया।
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कश्मीर में खाद्य वस्तुओं के दाम आसमान छू रहे; मटन 750–800 प्रति किग्रा

Srinagar, Uttarakhand:Rising prices of essential food items continue to strain household budgets across Kashmir, with consumers expressing concern over the increasing cost of meat, poultry, vegetables, and fruits. Residents have appealed to the authorities to intensify market inspections and take strict action against overpricing by wholesalers and retailers. Live chicken is currently being sold for over Rs 200 per kilogram in many markets, while mutton prices range between Rs 750 and Rs 800 per kilogram in several areas of the Valley. Consumers say the persistent rise in food prices has made it increasingly difficult for ordinary families to manage their daily expenses. Wholesale dealers supply live chicken to us at around Rs 180 or even more per kilogram. We sell it at approximately Rs 200 to Rs 220 per kilogram after adding only a small margin. Many times we also incur losses because some live chickens die before being sold, while others lose weight, which directly affects our earnings He maintained that retailers usually add only Rs 20 to Rs 30 per kilogram to cover transportation, handling, and other operational costs.We are often accused of overcharging customers, but the reality is that high wholesale rates leave us with very little profit. The authorities should also monitor wholesale dealers instead of targeting only small retailers, concern over the continuous rise in food prices and urged both traders and the administration to intervene.We request shopkeepers as well as wholesale dealers to keep prices reasonable so that the public does not suffer. The government should conduct regular market inspections and ensure that essential commodities are sold at fair prices,mutton is being sold between Rs 750 and Rs 800 per kilogram in several localities, making it unaffordable for many middle-class and low-income families. Apart from meat and poultry, residents said prices of vegetables have also witnessed a sharp increase. Common kitchen essentials such as potatoes, tomatoes, onions, brinjal, peas, and several other vegetables are being sold at significantly higher rates than usual. Consumers further complained that fruits used in daily households, including apples, grapes, mangoes, pineapples, and other seasonal varieties, have also become expensive, adding to the financial burden on families. Residents have appealed to the concerned departments to strengthen market surveillance, verify wholesale and retail pricing, and take strict action against profiteering. They said regular inspections and transparent pricing mechanisms are essential to protect consumers from unjustified price hikes and ensure that essential food items remain affordable.
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अमेठी में जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने दादा तेजभान सिंह की तेरहवीं पर श्रद्धांजलि दी

Amethi, Uttar Pradesh:अमेठी अमेठी पहुंचे उत्तर प्रदेश सरकार में जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, स्वर्गीय दादा तेज भान सिंह के तेरहवीं संस्कार के कार्यक्रम में पहुंचे मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, स्वर्गीय पूर्व विधायक के पैतृक आवास पर पहुंच कर उनको श्रद्धांजलि की अर्पित, dादा तेजभान सिंह के नाम से जिले में भारतीय जनता पार्टी जानी जाती है बोले मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, कांग्रेस के ताकतवर शासनकाल में भी नहीं झुके दादा तेजभान सिंह, समाज के हर वर्ग का करते थे सम्मान दादा तेजभान सिंह, उनके देहांत दुखी है पूरे क्षेत्र की जनता,
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राजगीर स्टेडियम में पहली बार रणजी फर्स्ट क्लास मैच से बिहार क्रिकेट इतिहास बनेगा

Patna, Bihar:बिहार के क्रिकेट इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। पहली बार राजगीर इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में घरेलू प्रथम श्रेणी (फर्स्ट क्लास) क्रिकेट मुकाबले खेले जाएंगे। हालांकि स्टेडियम का निर्माण कार्य अभी जारी है, लेकिन बिहार क्रिकेट एसोसिएशन (BCA) के अनुरोध पर बिहार政府 ने इसे घरेलू मैचों के आयोजन के लिए छह महीने के लिए उपलब्ध कराया है। राजगीर में रणजी ट्रॉफी एलीट ग्रुप के तीन मुकाबले आयोजित होंगे, जहां बिहार की टीम दूसरे राज्यों की टीमों से भिड़ेगी। इसके अलावा अंडर-19 और अंडर-23 वर्ग के भी तीन-तीन मुकाबले इसी स्टेडियम में खेले जाएंगे। ऐसे में राजगीर ही नहीं, पूरे बिहार के लिए यह एक ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण अवसर होगा। बिहार क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव ज़ियाउल अरफीन ने ज़ी मीडिया से विशेष बातचीत में बताया कि पिछले सीजन में पटना के मोइन-उल-हक स्टेडियम में रणजी ट्रॉफी के मुकाबले आयोजित किए गए थे। उस दौरान बिहार ने प्लेट ग्रुप का खिताब जीतकर इस बार एलीट ग्रुप में जगह बनाई है। उन्होंने कहा कि यदि बीसीसीआई अंतरराष्ट्रीय व्यस्तताओं से वैभव सूर्यवंशी को उपलब्ध कराता है, तो वह भी बिहार की ओर से इस मुकाबले में खेलते नजर आ सकते हैं। इसके अलावा साकिब समेत आईपीएल में अच्छा प्रदर्शन कर रहे बिहार के अन्य खिलाड़ी भी टीम का हिस्सा बन सकते हैं। फिलहाल बीसीसीआई और बिहार क्रिकेट एसोसिएशन की संयुक्त टीम राजगीर स्टेडियम में पिच और अन्य तकनीकी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटी हुई है। उम्मीद है कि जल्द ही यह स्टेडियम बिहार के क्रिकेट प्रेमियों के लिए बड़े मुकाबलों का नया केंद्र बनेगा。
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भाजपा UP के छह क्षेत्रों में क्षेत्रीय प्रभारी नियुक्ति से जातीय समीकरण मजबूत करेगी

Noida, Uttar Pradesh:चुनावी तैयारियों में जुटी भाजपा संगठन को संवारने में जुटी है। प्रदेश के सभी छह क्षेत्रों में अध्यक्ष बनाए गए हैं जहां अब सबकी नजर क्षेत्रीय प्रभारियों पर टिकी है।यह पद चुनावी दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण होता है। पीडीए की काट के लिए यहां भी जातीय समीकरणों की गणित सजाने की तैयारी है। भाजपा उत्तर प्रदेश में चुनावी तैयारियों के बीच संगठन को मजबूत कर रही है, जिसमें क्षेत्रीय प्रभारियों की नियुक्ति में जातीय समीकरणों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।भाजपा ने उत्तर प्रदेश को छह क्षेत्रों काशी, गोरखपुर, अवध, कानपुर, ब्रज एवं पश्चिम क्षेत्र में बांटा हैं जिसमें संगठनात्मक दृष्टि से 98 जिले हैं। 2023 के बाद भाजपा ने सभी छह क्षेत्रों में नए चेहरों को अध्यक्ष बनाया है। भाजपा ज्यादातर महामंत्रियों को क्षेत्रीय प्रभारी बनाती है。 पिछली बार इसका अपवाद तब सामने आया जब प्रदेश उपाध्यक्ष संतोष सिंह को ब्रज का प्रभारी बनाया गया। 71 विधानसभा सीटों वाले पश्चिम क्षेत्र में पिछली बार सतेंद्र सिसौदिया क्षेत्रीय अध्यक्ष एवं संत कबीरनगर निवासी सुभाष यदुवंश क्षेत्रीय प्रभारी बनाए गए: उनसे पहले जेपीएस राठौर और विजय बहादुर पाठक क्षेत्रीय प्रभारी रहे। तीनों ही चेहरे पूर्वांचल या मध्य क्षेत्र से आते हैं। लेकिन इस बार चर्चा है कि गुर्जर क्षेत्रीय अध्यक्ष के सामने जाट समीकरण ठीक करने के लिए प्रदेश महामंत्री ब्रज क्षेत्र के राजेश चौधरी को प्रभारी बनाया जा सकता है。 हालांकि पश्चिम के लिए आगरा के राम प्रताप सिंह एवं लखनऊ के अभिजात मिश्रा का भी नाम चर्चा में है। 65 विधान सभा सीटों वाले ब्रज क्षेत्र में संतोष सिंह, गोविंद नारायण शुक्ल, अशोक कटारिया, अश्विनी त्यागी प्रभारी रह चुके हैं, जहां इस बार वाराणसी के दिलीप पटेल, एवं गीता शाक्य का नाम चर्चा में है। 71 विधानसभा सीटों वाले काशी क्षेत्र में अमरपाल मौर्य, गोविंद नारायण शुक्ला प्रभारी रहे हैं, जहां इस बार ओबीसी क्षेत्रीय अध्यक्ष देखते हुए सवर्ण कार्ड खेला जा सकता है। 82 विधान सभा सीटों वाले अवध क्षेत्र में संजय राय एवं अमरपाल मौर्य क्षेत्रीय प्रभारी रहे हैं, जहां इस बार गीता शाक्य और राम प्रताप सिंह का नाम भी चर्चा में है। 52 विधानसभा सीटों वाले कानपुर क्षेत्र में अनूप गुप्ता, प्रियंका रावत एवं विजय बहादुर पाठक क्षेत्रीय प्रभारी रहे हैं, जहां ब्राह्मण फैक्टर साधने के लिए अभिजात मिश्रा के नाम पर भी विचार हो रहा है। 62 विधान सभा सीटों वाले गोरखपुर क्षेत्र में अनुसूचित जातियों की बड़ी आबादी है, जहां पूर्व सांसद एवं प्रदेश महामंत्री उपेंद्र रावत और शंकर लाल लोधी का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है। इस क्षेत्र में पहले गोविंद नारायण शुक्ला, अनूप गुप्ता एवं पंकज सिंह क्षेत्रीय प्रभारी रहे हैं。 प्रदेश के सभी छह क्षेत्रों में अध्यक्ष बनाए गए हैं जहां अब सबकी नजर क्षेत्रीय प्रभारियों पर टिकी है।यह पद चुनावी दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में इन पदों पर किसकी ताजपोशी होती है यह देखना होगा वाक थ्रू
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बिहार ने 100 दिन में भूमिहीनों को जमीन, अतिक्रमण मुक्ति और पारदर्शिता पर जोर

Noida, Uttar Pradesh:बिहार सरकार के 100 दिन पूरे होने से पहले राजस्व विभाग का बड़ा विजन: भूमिहीनों को जमीन से लेकर भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था तक, मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने गिनाईं 5 प्रमुख प्राथमिकताएं पटना: बिहार सरकार के 100 दिन पूरे होने के अवसर पर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने आने वाले समय के लिए अपनी पांच सबसे बड़ी प्राथमिकताओं का खाका तैयार किया है। विभागीय मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि जमीन पर उनका प्रभाव सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि विभाग का लक्ष्य भूमिहीनों को जमीन उपलब्ध कराने, सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने, विकास परियोजनाओं के लिए भूमि उपलब्ध कराने, विभाग में पारदर्शिता लाने और जमीन से जुड़े विवादों का स्थायी समाधान करने पर केंद्रित है। मंत्री ने कहा कि यदि इन पांच प्राथमिकताओं पर प्रभावी ढंग से काम पूरा हो जाता है तो बिहार में भूमि व्यवस्था पहले की तुलना में कहीं अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी हो जाएगी। 1. भूमिहीनों को जमीन और बेघरों को आवास दिलाना सबसे बड़ी प्राथमिकता डॉ. जायसवाल ने कहा कि विभाग की पहली और सबसे महत्वपूर्ण प्राथमिकता बिहार के भूमिहीन परिवारों को बासगीत पर्चा उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति का अधिकार केवल रोटी, कपड़ा और शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि सम्मानजनक जीवन के लिए जमीन और मकान भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने कहा कि जब तक भूमिहीन परिवारों के नाम जमीन नहीं होगी, तब तक उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी योजनाओं का लाभ भी नहीं मिल पाएगा। इसी उद्देश्य से विभाग ने राज्य के सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि 15 अगस्त तक 30 हजार भूमिहीन परिवारों को एक साथ बासगीत पर्चा उपलब्ध कराया जाए, ताकि उन्हें आगे आवास योजना का लाभ भी मिल सके। 2. विकास परियोजनाओं के लिए समय पर जमीन उपलब्ध कराना मंत्री ने कहा कि राज्य और केंद्र सरकार की कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं केवल जमीन उपलब्ध नहीं होने के कारण वर्षों तक अटकी रहती हैं। ऐसे में विभाग की दूसरी प्राथमिकता सभी जरूरी सरकारी परियोजनाओं के लिए समय पर भूमि उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि सड़क, एयरपोर्ट, बिजली परियोजनाएं, उद्योग, परिक्रमण पथ, नए डिग्री कॉलेज और केंद्रीय विद्यालय जैसी परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर जमीन उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने विशेष रूप से बताया कि बिहार में 19 केंद्रीय विद्यालय केवल भूमि उपलब्ध नहीं होने के कारण पिछले सात वर्षों से शुरू नहीं हो पा रहे थे। विभाग ने एक महीने के भीतर सभी विद्यालयों के लिए पांच-पांच एकड़ जमीन उपलब्ध करा दी है। मन्त्री ने इसके लिए उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की इच्छाशक्ति की सराहना करते हुए कहा कि अब एक-दो महीने के भीतर ये विद्यालय वैकल्पिक भवनों में शुरू हो जाएंगे। 3. सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कर Land Bank तैयार करना डॉ. जायसवाल ने कहा कि विभाग की तीसरी बड़ी प्राथमिकता राज्य की सरकारी जमीन को वापस सरकारी कब्जे में लाना है। उन्होंने दावा किया कि बिहार में लाखों एकड़ सरकारी जमीन ऐसी है, जिस पर सरकार का वास्तविक कब्जा नहीं है और उसका गलत तरीके से उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि गोपालगंज जिले के सिधवलिया और बैकुंठपुर क्षेत्र में ही करीब 14 हजार एकड़ सरकारी जमीन ऐसी मिली है, जो सरकारी रिकॉर्ड में तो है लेकिन सरकार के कब्जे में नहीं है। उन्होंने कहा कि अगले एक वर्ष के भीतर बड़े स्तर पर अभियान चलाकर ऐसी जमीनों को अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा और उन्हें सरकार के Land Bank में शामिल किया जाएगा, ताकि भविष्य में स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, सड़क और अन्य सार्वजनिक परियोजनाओं के लिए जमीन की कमी न हो। 4. भ्रष्टाचार मुक्त और पारदर्शी राजस्व विभाग बनाना मंत्री ने कहा कि विभाग की चौथी प्राथमिकता राजस्व विभाग को पूरी तरह पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाना है। उन्होंने बताया कि इस दिशा में कई बड़े प्रशासनिक फैसले लिए जा चुके हैं। विभाग ने 360 अंचल अधिकारियों (CO) का तबादला किया है, वहीं बड़ी संख्या में राजस्व कर्मचारियों का भी स्थानांतरण किया गया है ताकि लंबे समय से एक ही जगह जमे कर्मचारियों की व्यवस्था समाप्त हो सके। हालांकि उन्होंने माना कि पूरे सिस्टम में बदलाव एक दिन में संभव नहीं है। इसके लिए चरणबद्ध तरीके से सुधार किए जा रहे हैं। पहले मंत्रालय स्तर पर सुधार शुरू किया गया और अब पूरे विभाग में पारदर्शिता बढ़ाने तथा भ्रष्टाचार कम करने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। 5. जमीन के विवाद खत्म कर हर जमीन का स्पष्ट रिकॉर्ड तैयार करना डॉ. जायसवाल ने कहा कि विभाग की पांचवीं और सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में से एक राज्यभर में जमीन से जुड़े विवादों का स्थायी समाधान करना है। उन्होंने कहा कि बिहार में अधिकांश भूमि अभिलेख पुराने सर्वे पर आधारित हैं। कैडस्ट्रल सर्वे लगभग सौ वर्ष पहले हुआ था, जबकि रिवीजनल सर्वे वर्ष 1973 में हुआ। इसके बावजूद आज भी बड़ी संख्या में लोगों के जमीन संबंधी विवाद समाप्त नहीं हो पाए हैं। उन्होंने कहा कि विभाग का लक्ष्य सर्वे कार्य को पूरा कर प्रत्येक जमीन का स्पष्ट रिकॉर्ड तैयार करना है। भविष्य में ऐसी व्यवस्था विकसित की जाएगी कि जमीन का पासबुक जैसी प्रणाली बने, जिसमें एक धूर या एक बिस्वा जमीन की खरीद-बिक्री भी तुरंत दर्ज दिखाई दे। मंत्री ने कहा कि राज्य में सिविल कोर्ट में लंबित मामलों का बड़ा हिस्सा जमीन विवाद से जुड़ा है। वहीं थानों में दर्ज मारपीट, हत्या और अन्य आपराधिक मामलों में भी बड़ी संख्या भूमि विवाद से संबंधित होती है। यदि जमीन विवाद कम हो जाएं तो सामाजिक तनाव भी काफी हद तक समाप्त हो सकता है और प्रशासनिक व्यवस्था अधिक प्रभावी बनेगी। अपने संबोधन के अंत में डॉ. दिलीप जायसवाल ने कहा कि वे ईश्वर से यही प्रार्थना करते हैं कि उन्हें इतनी शक्ति मिले कि वे अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन कर सकें और राजस्व विभाग को एक पारदर्शी, जवाबदेह और जनहितैषी विभाग के रूप में स्थापित कर सकें।
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