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देवरड़ गांव में 11 वर्षीय सागर की जहरीले कीट काटने से मौत, परिवार में मातम

G1GULSHAN 1Just now
Jhanj Kalan, Haryana:जुलाना क्षेत्र के देवरड़ गांव में शनिवार को मां के साथ खेत में पशुओं के लिए चारा लेने गए 11 वर्षीय किशोर सागर की जहरीले कीट के काटने से मौत हो गई। हादसे के बाद गांव व परिवार में मातम छा गया। सागर गांव के ही सरकारी स्कूल पांचवी कक्षा में पढ़ता था। सागर परिवार का इकलौता बेटा था। करीब दो वर्ष पहले उसके पिता की भी मौत हो चुकी थी। पिता की मौत के बाद सागर ही परिवार का सहारा और घर का इकलौता चिराग था। जानकारी के अनुसार देवरड़ गांव निवासी सागर शनिवार सुबह अपनी मां के साथ खेत में पशुओं के लिए चारा लेने गया था। इसी दौरान खेत में किसी जहरीले कीट ने उसे काट लिया। उस समय सागर ने ज्यादा परेशानी नहीं बताई और परिवार के लोग उसे घर ले आए। रात के समय अचानक उसके शरीर में तेज दर्द होने लगा और तबीयत बिगड़ने लगी। परिजन उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे उपचार के लिए रोहतक पीजीआई लेकर पहुंचे। पीजीआई में चिकित्सकों ने सागर को जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजन शव को गांव लेकर पहुंचे। सागर की मौत की खबर मिलते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों ने बताया कि करीब दो साल पहले सागर के पिता की मौत हो गई थी। इसके बाद मां अपने बेटे का पालन-पोषण कर रही थी। अब परिवार में एक बेटी और मां ही बची हैं। गांव के लोगों ने आर्थिक सहायता के लिए सरकार और लोगों से गुहार लगाई है।
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ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर सफारी-टेंपो भिड़ंत, हादसा टला

Greater Noida, Uttar Pradesh:ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर सफारी और पिकअप टेंपो की जोरदार टक्कर, बड़ा हादसा टला ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर आज दोपहर करीब 2 बजे सफारी गाड़ी और पिकअप टेंपो के बीच जोरदार टक्कर हो गई। हादसा थाना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में हुआ। बताया जा रहा है कि टेंपो चालक ने हाईवे के बीच अचानक दाईं ओर मोड़ लिया। इसी दौरान पीछे से आ रहीं सफारी गाड़ी टेंपो से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि पिकअप टेंपो सड़क पर ही पलट गया। गनीमत रही कि हादसे में टेंपो चालक समय रहते वाहन से बाहर निकल गया। हादसे में किसी को चोट नहीं आई और कोई जनहानि भी नहीं हुई है। पूरी घटना सफारी गाड़ी में लगे डैशकैम में रिकॉर्ड हो गई। वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि टेंपो अचानक दाईं ओर मुड़ता लिया और सफारी से टकराने के बाद पलट गया।
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गोरखपुर NH-28 फोरलेन पर भीषण सड़क हादसा: महिला की मौत, पति-बच्चे घायल

Gorakhpur, Uttar Pradesh:गोरखपुर में एनएच-28 फोरलेन पर एक परिवार बाइक से कुशीनगर जिले के बरसैना गांव स्थित ससुराल जा रहा था। पीछे से आए तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि बाइक पर बैठी महिला साधना देवी उछलकर डिवाइडर के पार दूसरी लेन में गिर गईं और सिर में गंभीर चोट लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में पति प्रदीप यादव भी गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि तीन बच्चों—प्रियांशु, प्रिंस और आर्यन—को भी चोटें आई हैं। एक बच्चे के हाथ और दूसरे के पैर में फ्रैक्चर बताया गया है। घायलों को एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है; शव का पोस्टमार्टम किया जाएगा और अज्ञात वाहन की तलाश जारी है। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटवी फुटेज के आधार पर वाहन की पहचान की कोशिश तेज कर दी है।
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देवास पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट से साइबर ठगी गैंग का पर्दाफाश, 12 गिरफ्तार

Dewas, Madhya Pradesh:देवास पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर देशभर में साइबर ठगी करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है。 पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 12 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है और उनके कब्जे से 54 लाख 84 हजार 725 रुपए बरामद किए हैं गिरोह के सदस्य खुद को कभी पुलिस अधिकारी, कभी क्राइम ब्रांच, सीबीआई या दूरसंचार विभाग का अधिकारी बताते थे।इसके बाद लोगों को मनी लॉन्ड्रिंग के फर्जी केस में फंसाने और गिरफ्तारी का डर दिखाया जाता था वीडियो कॉल पर फर्जी कोर्ट की कार्रवाई दिखाई जाती और पीड़ितों पर मानसिक दबाव बनाकर उनके बैंक खातों से लाखों रुपए ट्रांसफर करा लिए जाते थे यह पूरा नेटवर्क का खुलासा तब हुआ, जब देवास के कोतवाली थाना क्षेत्र में एक निजी कंपनी के रिटायर्ड कर्मचारी से 63 लाख 52 हजार रुपए की ठगी का मामला सामने आया。 आरोपियों ने खुद को क्राइम ब्रांच का आईपीएस अधिकारी बताया और पीड़ित को करीब आठ दिनों तक डिजिटल अरेस्ट में रखने का दावा किया।मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने की धमकी देकर अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर कराई गई。 शिकायत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर पहुंची। इसके बाद देवास पुलिस ने बैंक ट्रांजेक्शन, बैंक स्टेटमेंट, खाताधारकों, मोबाइल नंबरों, बैंक शाखाओं के सीसीटीवी और तकनीकी साक्ष्यों की बारीकी से जांच शुरू की。 एक-एक सुराग को जोड़ते हुए पुलिस आखिरकार ठगी के पूरे नेटवर्क तक पहुंच गई। यह नेटवर्क सिर्फ मध्यप्रदेश तक सीमित नहीं था। जांच का दायरा बढ़ता गया और पुलिस की 19 टीमें देश के 17 राज्यों के 33 जिलों तक पहुंचीं。 राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, उत्तरप्रदेश और दिल्ली सहित कई राज्यों में स्थानीय पुलिस के सहयोग से दबिश दी गई। इस पूरी कार्रवाई में पुलिस को 127 दिनों तक लगातार काम करना पड़ा। इस दौरान पुलिस टीमों ने करीब 58 हजार 315 किलोमीटर की दूरी तय की और आरोपियों से जुड़े बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और ठिकानों की गहन जांच की। देवास पुलिस की इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि डिजिटल अरेस्ट के नाम पर डर पैदा कर साइबर ठगी करने वाले अपराधियों के खिलाफ पुलिस लगातार शिकंजा कस रही है。
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रायबरेली में झाड़-फूंक कराने वाले बुजुर्ग की हत्या, 22 वर्षीय युवक गिरफ्तार

Raebareli, Uttar Pradesh:रायबरेली पुलिस ने झाड़ फूक करने वाले बुज़ुर्ग की ह्त्या का खुलासा कर दिया है। पुलिस ने लगभग बाइस साल के युवक को हत्यारोपी के तौर पर गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ मे शिवम् ने बताया कि उसके पिता के लिए मृतक ने झाड़ फूक किया था जिसके चलते उनकी मौत हो गयी थी। उसने बताया कि इसी के चलते मैंने कुल्हाडी मारकर ह्त्या कर दी। मामला जगतपुर थाना क्षेत्र का है। यहां झोपड़ी में रह रहे बुजुर्ग की आज ही ह्त्या हुई थी। हत्या से सनसनी फैल गई थी। बुज़ुर्ग पालकीहार मजरे चितौली गांव में नहर किनारे झोपड़ी में रह रहे थे। बुजुर्ग राम लखन पासी का शव आज ही बरामद हुआ था। बुजुर्ग के सिर पर गंभीर चोट के निशान मिले थे। बुजुर्ग अपनी झोपड़ी के पास ही बने मंदिर में सेवादारी और साथ ही झाड़फूक भी करते थे।
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फर्रुखाबाद में पत्नी लापता, युवक ने संदिग्ध स्थिति में फांसी लगाकर दी जान

Noida, Uttar Pradesh:फर्रुखाबाद में संदिग्ध परिस्थितियों में युवक ने लगाई फांसी Location - Farrukhabad Date - 23-08-2026 पत्नी के लापता होने से परेशान युवक ने फांसी लगाकर दी जान करीब 5 दिन पहले घर से चली गई थी युवक की पत्नी पत्नी की तलाश में ननिहाल समेत रिश्तेदारियों में की थी तलाश काफी तलाश के बाद भी पत्नी का नहीं लगा कोई सुराग घर पहुंचकर युवक ने कमरे में फांसी लगाकर की आत्महत्या घटना की सूचना पर परिजनों में मचा कोहराम कोतवाली प्रभारी धर्मेंद्र सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से जुटाए साक्ष्य पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा सदर कोतवाली फर्रुखाबाद क्षेत्र के पलरिया मोहल्ले का मामला
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फर्रुखाबाद में गंगा का जलस्तर खतरे के पास; स्टेट हाईवे पर बैरिकेडिंग, आवागमन बंद

Noida, Uttar Pradesh:फर्रुखाबाद में रविवार को भी गंगा का रौद्र रूप जारी है। पांचाल घाट स्थित गंगा नदी का जलस्तर 137.5 गेज मीटर दर्ज किया गया है। खतरे का निशान 137.10 है। गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से मात्र 5 सेंटीमीटर नीचे है। गंगा जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंचने के बाद बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है। शुक्रवार को नरौरा बांध से गंगा नदी में 1,28,716 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। लगातार बढ़ते जलस्तर का असर अमृतपुर तहसील क्षेत्र में सबसे ज्यादा दिखाई दे रहा है। स्टेट हाईवे पर चित्रकूट डीप में दो फीट से अधिक पानी बह रहा है। पानी बढ़ने के चलते प्रशासन ने मार्ग पर बैरिकेडिंग कर आवागमन पूरी तरह बंद कर दिया है। प्रशासन की ओर से लोगों से बाढ़ प्रभावित मार्ग पर आवागमन न करने की अपील की गई है। गंगा की बाढ़ से जिले में 60 से अधिक गांव प्रभावित हैं। बदायूं जाने वाले स्टेट हाईवे पर 2 फिट से अधिक बाढ़ का पानी बह रहा है, जिससे אנשים की आवाजाही प्रभावित हुई है। प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों पर लगातार नजर रखी जा रही है। राहत और बचाव कार्य जारी हैं। जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है.
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बीनागंज में पलटे टैंकर से रिफाइंड तेल लूट, भीड़ ने बर्तनों में तेल भरा

Morena, Madhya Pradesh:बीनागंज में पलटा रिफाइंड ऑयल से भरा टैंकर, बर्तन और केन लेकर तेल लूटने उमड़ी ग्रामीणों की भीड़ गुना। जिले के चांचौड़ा-बीनागंज क्षेत्र में वेयरहाउस के पास रिफाइंड ऑयल से भरा एक अनियंत्रित टैंकर पलट गया। हादसा होते ही टैंकर से भारी मात्रा में रिफाइंड तेल सडक़ और आसपास की नालियों में बहने लगा। इसके बाद मौके पर पहुंचे स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों में बहता हुआ तेल लूटने की होड़ मच गई। टैंकर पलटने की सूचना फैलते ही बड़ी संख्या में आसपास के ग्रामीण हाथों में बाल्टी, डिब्बे, केन और जो बर्तन मिला वही लेकर मौके पर पहुंच गए। लोग टैंकर से बह रहे रिफाइंड ऑयल को बर्तनों में भरने लगे। इस दौरान कई लोग तो चुटकी लेते हुए यह भी कहते सुने गए कि इस बार सावन अच्छे से मन जाएगा। घटना की जानकारी मिलते ही बीनागंज पुलिस और डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस जवानों ने भीड़ को हटाने और तेल लूट रहे लोगों को रोकने का काफी प्रयास किया, लेकिन लोगों की बेकाबू भीड़ के आगे पुलिस की मशक्कत नाकाफी साबित हुई। पुलिस की मौजूदगी के बावजूद लोग अपनी जान जोखिम में डालकर बहते तेल को समेटने में जुटे रहे। पुलिस ने क्रेन की मदद से टैंकर को सीधा कराया और यातायात बहाल किया。
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जलगांव में कानबाई माता उत्सव धूमधाम से सम्पन्न

Jalgaon, Maharashtra:Jalgaon, Reporter-Walmik Joshi AVB, wkt FEED ON 2C SLUG- 2308ZTJALG_KANBAI_UTSAV Assigned by - Date- 23-08-26 File _VDO4 Photo Byte -1 For WEB... Anch - सणांचा महिना श्रावण सुरु होताच खान्देशातील ग्रामदैवत कानबाई मातेचा उत्सव मोठ्या हर्षोलासात जळगाव जिल्ह्यात संपन्न झाला. कोकणात सर्व चाकरमाने गणपती उत्सवाला आपल्या गावाकडे परततात त्याच प्रमाणे खान्देशात कानबाई उत्सव साजरा करण्यासाठी देश विदेशातील कुटुंबातील सदस्य आपल्या घराकडे न चुकता येतात. हा उत्सव मोठ्या पध्दतीने साजरा करण्यात आला. खान्देशातलं सर्वात प्रसिद्ध ग्रामदैवत असा कानबाई मातेचा लौकिक. निसर्गपूरक असा हा कानबाईचा सण खान्देशात श्रावण महिन्यात नागपंचमीनंतर येणाऱ्या पहिल्या रविवारी साजरा केला जातो. पंधरा दिवस आधीपासूनच उत्सवाच्या तयारीची सुरुवात होते. अत्यंत पवित्र वातावरणात सुहासिनी कानबाई मातेची स्थापना करतात. फुलामाळांनी सजवून देवीचा गाभारा आणि मंडप तयार केला जातो. कलशावर नारळ ठेवून त्यावर नथ, डोळे लावून त्याला कानबाई मातेचं रुप दिलं जातं...त्याला अलंकारानं मढवलं जातं... 107 प्रकारच्या वनस्पती आणि 7 नद्यांचं पाणी आणून कानबाईची पूजा केली जाते. रात्री कानबाई मातेची स्थापना करून रात्रभर कुटुंबातील सदस्य अहिराणी भाषेतील लोकगीतांवर नृत्य करतात. 'रोट'चा प्रसाद या उत्सवासाठी खास तयार केला जातो. हा प्रसाद कुटुंबातील सदस्य एकत्र येऊन ग्रहण करतात. दुसऱ्या दिवशी सकाळी वाद्यांच्या नदी, तालावर कानबाईची विसर्जन मिरवणूक काढतात. या मिरवणुकीत आबालवृद्ध वाद्याच्या तालावर ठेका धरत सारी दुःख विसरून जातात. जात, पात, धर्म बाजूला ठेवून अत्यंत पवित्र असा हा कानबाई उत्सव खान्देशात मोठ्या धुमधडाक्यात साजरा करतात. या संपूर्ण परिस्थितीचा आढावा घेतलाय आमचे प्रतिनिधी वाल्मीक जोशी यांनी..
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जबलपुर में 504 लीटर अवैध शराब जप्त, कीमत दो लाख 77 हजार

Jabalpur, Madhya Pradesh:जबलपुर मध्य प्रदेश आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई: 277000 की शराब जप्त. जबलपुर आबकारी विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए 2 लाख 77 हजार कीमत की अवैध शराब जप्त की है. आबकारी विभाग की टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि बेलखेड़ा के समदपूरा में भारी मात्रा में शराब का स्टॉक करके रखा है. नेक सोह नाम का व्यक्ति अपने घर में शराब का स्टॉक करके रखे हुए हैं. जिसके बाद आबकारी विभाग की टीम ने मौके पर जाकर दबिश दी तो भारी मात्रा में अवैध शराब मिली. लगभग 504 लीटर अवैध देसी शराब जप्त की गई है जिसकी कीमत 277000 बताई जा रही है. आबकारी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया है. आबकारी की टीम का कहना है कि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश में कार्रवाई लगातार जारी है आगे भी इस तरह का अभियान जारी रहेगा.
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नालंदा जेल में कैदी हथकड़ी छोड़कर भागा, मोहल्लेवासियों ने जवानों के साथ पकड़ लिया

Pariaunna, Bihar:रविवार को पुलिस अभिरक्षा में जेल ले जाया जा रहा एक कैदी हथकड़ी सरकाकर टोटो से कूदकर फरार हो गया। इसके बाद करीब 10 मिनट तक गलियों में police और आरोपी के बीच भाग-दौड़ होती रही। आखिरकार पुलिस जवानों और मोहल्लेवासियों की मदद से आरोपी को पकड़ लिया गया। पुलिस के अनुसार, इस्लामपुर थाना क्षेत्र के मोनमा गांव निवासी अखिलेश कुमार को नालंदा मोड़ से शराब मामले में अंग्रेजी शराब के साथ गिरफ्तार किया गया था। सदर अस्पताल में मेडिकल जांच के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया। वहां से उसे न्यायिक हिरासत में दीपनगर जेल भेजा जा रहा था। पुलिसकर्मी उसे टोटो से लेकर जा रहे थे। रांची रोड के पास मौका पाकर आरोपी ने हथकड़ी सरका ली और अचानक टोटो से कूदकर पास की गली में भाग गया। आरोपी को भागते देख साथ चल रहे पुलिस जवानों ने उसका पीछा शुरू कर दिया। करीब 10 मिनट तक पीछे-पीछे पुलिस और आगे-आगे आरोपी गलियों में दौड़ते रहे। पुलिस जवान लगातार शोर मचाते हुए उसे पकड़ने का प्रयास करते रहे। पुलिस के शोर की आवाज सुनकर आसपास के मोहल्लेवासियों भी घरों से निकल आए और जवानों की मदद में जुट गए। भागते हुए आरोपी को गली के पास स्थानीय लोगों ने घेर लिया और पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। इसके बाद पुलिस जवान उसे दोबारा अभिरक्षा में लेकर जेल ले गई। नालंदा थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार ने बताया कि आरोपी के फरार होने के तुरंत बाद पुलिस टीम ने उसका पीछा कर पकड़ लिया। आवश्यक कार्रवाई के बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जा रहा है।
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श्रावणी मेला 2026 में ड्रोन शो ने आस्था और आधुनिकता का अद्भुत संगम दिखाया

Naya Chak, Bihar:सुल्तानगंज के धांधी बेलारी में श्रावणी मेला 2026 के मौके पर भव्य ड्रोन शो का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वर्चुअल माध्यम से ड्रोन शो का उद्घाटन किया। आसमान में भगवान शिव, बाबा अजगैबीनाथ समेत कई धार्मिक और सांस्कृतिक आकृतियों ने श्रद्धालुओं और दर्शकों का मन मोह लिया। खास बात ये रही कि ड्रोन शो में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की तस्वीर भी आसमान में दिखाई दी, जिसे देखकर मुख्यमंत्री मुस्कुराते नजर आए। उन्होंने काफी देर तक वर्चुअल माध्यम से ड्रोन शो का लुत्फ उठाया और आम जनमानस को भी संबोधित किया। सुल्तानगंज के धांधी बेलारी में श्रावणी मेला के मौके पर आयोजित इस ड्रोन शो में आस्था और आधुनिक तकनीक का अद्भुत संगम देखने को मिला। शाम होते ही आसमान में ड्रोन की रोशनियों से अलग-अलग आकृतियां बनने लगीं। भगवान शिव, बाबा अजगैबीनाथ और धार्मिक-सांस्कृतिक प्रतीकों को ड्रोन के जरिए आसमान में उकेरा गया। रंग-बिरंगी रोशनी से सजा आसमान श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वर्चुअल माध्यम से इस भव्य ड्रोन शो का उद्घाटन किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री काफी देर तक वर्चुअल माध्यम से जुड़े रहे और ड्रोन शो का आनंद लेते नजर आए। ड्रोन के जरिए जब आसमान में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की तस्वीर दिखाई गई तो अपनी तस्वीर देखकर मुख्यमंत्री मुस्कुराए। इस दौरान उन्होंने आम जनमानस को संबोधित भी किया। ड्रोन् शो को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु और आम लोग धांधी बेलारी पहुंचे थे। आसमान में एक के बाद एक बनती धार्मिक और सांस्कृतिक आकृतियों को देखकर लोग उत्साहित नजर आए। पूरे परिसर में उत्साह और उल्लास का माहौल बना रहा। कार्यक्रम में बिहार सरकार के पथ निर्माण विभाग के मंत्री कुमार शैलेन्द्र, सुल्तानगंज विधायक ललित नारायण मंडल और भागलपुर विधायक रोहित पांडेय की गरिमामयी मौजूदगी रही। जनप्रतिनिधियों और श्रद्धालुओं ने भी इस अनूठे आयोजन का आनंद लिया। बाबा अजगैबीनाथ की पावन नगरी सुल्तानगंज में आयोजित इस ड्रोन शो ने श्रावणी मेला की भव्यता में एक नया रंग जोड़ दिया। धार्मिक आस्था, आध्यात्मिकता और बिहार की सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़कर पेश किया गया यह आयोजन श्रद्धालुओं के लिए खास आकर्षण रहा। श्रावणी मेला के दौरान सुल्तानगंज आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह ड्रोन शो एक यादगार अनुभव बन गया। आसमान में जगमगाती आकृतियों और रोशनी ने न सिर्फ लोगों का मनोरंजन किया, बल्कि बाबा अजगैबीनाथ की नगरी में आस्था और आधुनिकता के अनूठे संगम की तस्वीर भी पेश की。
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बिहार में परीक्षा सुधार समिति गठन: तकनीक से सुरक्षित, पारदर्शी परीक्षा

Noida, Uttar Pradesh:बिहार में परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की तैयारी परीक्षा में सुधार के लिए 5 सदस्यीय विशेष समिति का होगा गठन सामान्य प्रशासन विभाग ने जारी की अधिसूचना 3 महीने के भीतर सरकार को अनुशंसा सौंपेगी समिति समीक्षा के दायरे में होंगी माध्यमिक-उच्च माध्यमिक से लेकर भर्ती एवं प्रतियोगिता परीक्षाएं प्रश्न-पत्र लीक, नकल और परीक्षा में हेराफेरी रोकने के उपायों की होगी समीक्षा परीक्षा व्यवस्था में AI, डिजिटल तकनीक और साइबर सुरक्षा के इस्तेमाल पर जोर प्रश्न-पत्र और उत्तर पुस्तिकाओं की सुरक्षित ट्रैकिंग की होगी समीक्षा बायोमेट्रिक सत्यापन और CCTV निगरानी को और प्रभावी बनाने पर जोर परीक्षा संचालन से मूल्यांकन और परिणाम तक की प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने की कवायद ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के हितों का भी रखा जाएगा विशेष ध्यान प्रेस विज्ञप्ति बिहार में परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार के लिए 5 सदस्यीय विशेष समिति का होगा गठन निष्पक्ष, पारदर्शी, सुरक्षित एवं तकनीक आधारित परीक्षा प्रणाली विकसित करने पर रहेगा जोर समिति के गठन को लेकर सामान्य प्रशासन विभाग ने जारी की अधिसूचना मुख्य बिंदु • समिति की अध्यक्षता के लिए माननीय उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश/माननीय उच्च न्यायालय के सेवारत या सेवानिवृत्त न्यायाधीश से आवश्यक अनुरोध किया जाएगा। • समिति को अपनी गठन तिथि से तीन महीने के भीतर सरकार को अपनी अनुशंसाएं सौंपनी होंगी। • माध्यामिक/उच्च माध्यमिक, विश्वविद्यालय, व्यावसायिक एवं तकनीकी, प्रवेश/पात्रता तथा भर्ती एवं प्रतियोगिता परीक्षाएं समिति के कार्यक्षेत्र में होंगी। • प्रश्न-पत्र लीक, नकल, परीक्षा केंद्रों में हेराफेरी, उत्तर पुस्तिकाओं से छेड़छाड़ तथा परिणाम में अनाधिकृत हस्तक्षेप जैसी गड़बड़ियों पर प्रभावी रोक की व्यवस्था की समीक्षा। • परीक्षा प्रक्रिया में डिजिटल तकनीक, डेटा एनालिटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और साइबर सुरक्षा उपकरणों के उचित उपयोग पर जोर। • परीक्षा संचालन, प्रश्न-पत्र निर्माण, मूल्यांकन, परिणाम एवं शिकायत निवारण सहित पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता एवं जवाबदेही बढ़ाने की अनुशंसा। • प्रश्न-पत्र एवं उत्तर पुस्तिकाओं की सुरक्षित ट्रैकिंग के लिए चेन ऑफ कस्टडी प्रोटोकॉल विकसित करने पर विचार। • परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा, बायोमेट्रिक सत्यापन, सीसीटीवी निगरानी, सुरक्षित परिवहन एवं डिजिटल ट्रांसमिशन की समीक्षा। • ग्रामीण, आर्थिक रूप से कमजोर, सामाजिक रूप से वंचित एवं डिजिटल रूप से कम जुड़े विद्यार्थियों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान। पटना, 23 अगस्त 2026। राज्य सरकार के अधीन विभिन्न परीक्षा बोर्ड, आयोगों, विश्वविद्यालयों एवं अन्य भर्ती एजेंसियों द्वारा आयोजित की जाने वाली परीक्षाओं में व्यापक परीक्षा सुधार की अनुशंसा के लिए ‘परीक्षा सुधार पर एक विशेषज्ञ समिति’ के गठन को लेकर सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से अधिसूचना जारी कर दी गई है। परीक्षा प्रणाली को अधिक विश्वसनीय बनाने की पहल राज्य सरकार ने कहा है कि परीक्षाएं अभ्यर्थियों की क्षमता का आकलन करने, पात्रता निर्धारित करने तथा उच्च शिक्षा एवं सार्वजनिक रोजगार के लिए योग्य उम्मीदवारों के चयन का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। वर्तमान समय में अभ्यर्थियों की बढ़ती संख्या, माध्यमिक एवं उच्च शिक्षा के विस्तार, प्रतियोगी परीक्षाओं में बढ़ती प्रतिस्पर्धा, डिजिटल तकनीक के उपयोग तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के आगमन के कारण परीक्षा प्रक्रिया का स्वरूप अधिक जटिल हुआ है। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य में वर्तमान परीक्षा प्रणाली की व्यापक समीक्षा कर ऐसी व्यवस्था विकसित करने का प्रयास किया जाएगा, जो निष्पक्ष, सुरक्षित, पारदर्शी, तकनीकी रूप से सक्षम, समयबद्ध, योग्यता-उन्मुख, सुलभ और विश्वसनीय हो। इन परीक्षाओं की होगी समीक्षा समिति आवश्यकता के अनुसार बिहार में आयोजित होने वाली निम्न श्रेणी की परीक्षाओं की जांच कर अनुशंसाएं कर सकती है— 1. माध्यामिक एवं उच्च माध्यमिक परीक्षाएं। 2. विश्वविद्यालयों की परीक्षाएं। 3. व्यावसायिक एवं तकनीकी परीक्षाएं। 4. प्रवेश एवं पात्रता परीक्षाएं। 5. भर्ती एवं प्रतियोगिता परीक्षाएं। साथ ही, संवैधानिक एवं वैधानिक परीक्षा और भर्ती निकायों की वैधानिक स्वायत्तता का सम्मान करते हुए समन्वय एवं साझा सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाने के लिए संस्थागत तंत्र की अनुशंसा भी समिति करेगी। परीक्षा प्रशासन और जवाबदेही पर विशेष जोर समिति बिहार में परीक्षाओं के संचालन से जुड़े मौजूदा संस्थागत ढांचे और आधारभूत संरचनाओं की समीक्षा करेगी। परीक्षा बोर्डों, आयोगों, विश्वविद्यालयों, विभागों, जिला प्रशासन तथा परीक्षा केंद्रों की भूमिकाओं एवं जिम्मेदारियों की भी समीक्षा की जाएगी। परीक्षा प्रक्रिया के विभिन्न चरणों में विफलता के लिए जवाबदेही तय करने तथा व्यवस्था में आवश्यक सुधार के लिए भी समिति अनुशंसा करेगी। समयबद्ध परीक्षा कैलेंडर तैयार करने की अनुशंसा समिति परीक्षाओं, मूल्यांकन और परिणामों की घोषणा में होने वाली देरी के कारणों की समीक्षा करेगी तथा एक राज्य परीक्षा कैलेंडर की अनुशंसा करेगी। इसमें विज्ञापन, आवेदन, प्रवेश-पत्र निर्गमन, परीक्षा आयोजन, प्रोविजनल उत्तर कुंजी का प्रकाशन, आपत्तियों का निपटारा, अंतिम उत्तर कुंजी का प्रकाशन, मूल्यांकन, परिणाम की घोषणा तथा जांच/पैनल मूल्यांकन और अनुशंसा भेजने के लिए अधिकतम समय-सीमा निर्धारित करने का प्रावधान किया जा सकता है। प्रश्न-पत्र निर्माण एवं परीक्षा सुरक्षा व्यवस्था में सुधार प्रश्न-पत्रों की तैयारी की पूरी प्रक्रिया की व्यापक समीक्षा की जाएगी। इसके तहत बहु-स्तरीय प्रश्न-पत्र सेटिंग, मॉडरेशन, प्रशिक्षित एवं सूचीबद्ध पेपर सेटर तथा प्रश्न-पत्रों के कठिनाई स्तर के मानकीकरण जैसी व्यवस्थाओं पर अनुशंसा की जाएगी। परीक्षा सुरक्षा के तहत प्रश्न-पत्र सेटिंग, सुरक्षित भंडारण, परिवहन, वितरण, डिजिटल ट्रांसमिशन और अभिगम नियंत्रण की समीक्षा की जाएगी। परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा, अभ्यर्थियों की पहचान, बायोमेट्रिक सत्यापन, सीसीटीवी निगरानी, परीक्षकों, उत्तर पुस्तिकाओं के संग्रहण, परिवहन, सुरक्षित भंडारण, स्कैनिंग/डिजिटाइजेशन, मूल्यांकन एवं परिणाम प्रसंस्करण आदि का भी ऑडिट किया जाएगा। समिति परीक्षा सामग्री की एंड-टू-एंड डिजिटल ट्रैकिंग, छेड़छाड़-रोधी पैकेजिंग, एन्क्रिप्टेड ट्रांसमिशन, मल्टी-फैक्टर प्रमाणीकरण, बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण, जियो-टैगिंग एवं जियो-फेंसिंग तथा साइबर सुरक्षा ऑडिट जैसे उपायों की व्यवहार्यता की भी जांच करेगी। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल तकनीक का उपयोग परीक्षा प्रणाली को आधुनिक और तकनीक-सक्षम बनाने के लिए डिजिटल तकनीक, डेटा एनालिटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तथा साइबर सुरक्षा उपकरणों के उचित उपयोग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसका उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी एवं प्रभावी बनाना है। साथ ही, परीक्षा सुधारों से ग्रामीण क्षेत्रों, आर्थिक रूप से कमजोर एवं डिजिटल रूप से कम जुड़े विद्यार्थियों को किसी प्रकार का नुकसान न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए भी समिति आवश्यक सुझाव देगी। स्वतंत्र गुणवत्ता आश्वासन और ऑडिट व्यवस्था समिति स्वतंत्र गुणवत्ता आश्वासन तथा परीक्षाओं के ऑडिट की प्रणाली विकसित करने की अनुशंसा करेगी, ताकि परीक्षा प्रक्रिया की नियमित समीक्षा हो सके और कमियों की पहचान कर समय रहते सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें। कानून एवं नियमों में आवश्यक संशोधन की भी होगी समीक्षा समिति परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए वर्तमान कानूनों, नियमों, परीक्षा उप-नियमों, संस्थागत नियमों, गोपनीय प्रावधानों, कदाचार से संबंधित प्रावधानों, डेटा सुरक्षा एवं साइबर सुरक्षा आवश्यकताओं का अध्ययन करेगी तथा जहां आवश्यक होगा, वहां संशोधन की अनुशंसा करेगी। विशेषज्ञों और संस्थाओं से लिया जा सकेगा परामर्श समिति अपने कार्यों के निष्पादन के लिए आवश्यकता के अनुसार आयोगों, विश्वविद्यालयों, संस्थानों, जिला प्रशासन, राज्य भर्ती एजेंसियों, विषय विशेषज्ञों, तकनीकी संस्थानों, प्रौद्योगिकीविदों एवं अन्य संबंधित लोगों से परामर्श कर सकेगी। समिति द्वारा किए गए सभी परामर्श एवं पत्राचार को गोपनीय रखा जाएगा। सरकार का उद्देश्य ऐसी परीक्षा व्यवस्था विकसित کرنا है, जिसमें योग्य अभ्यर्थियों को निष्पक्ष अवसर मिले, परीक्षा प्रक्रिया में विश्वास और पारदर्शिता मजबूत हो तथा तकनीक एवं आधुनिक सुरक्षा उपायों के माध्यम से परीक्षा संबंधी अनियमितताओं पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके。
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