Become a News Creator

Your local stories, Your voice

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back
Medchal-Malkajgiri500013

గత ప్రభుత్వం నిరుద్యోగులకు అన్యాయం చేసిందని టైప్‌రైటింగ్‌ అండ్‌ కంప్యూటర్‌ అసోసియేషన్‌ ఆరోపించింది

Jun 24, 2024 12:35:27
Hyderabad, Telangana

హైదరాబాద్‌లోని ఎన్‌ఎస్‌ఎస్‌లో ఏర్పాటు చేసిన సమావేశంలో అసోసియేషన్‌ అధ్యక్షుడు సతీష్‌ బలిగ మాట్లాడారు గత ప్రభుత్వం నిరుద్యోగులకు తీరని అన్యాయం చేసిందని తెలంగాణ రికగ్నైజ్డ్ టైప్ రైటింగ్ అండ్ కంప్యూటర్ అసోసియేషన్ ఆరోపించింది. కాంగ్రెస్ హయాంలో గ్రూప్-3, గ్రూప్-4లో టైపిస్ట్, స్టెనోగ్రాఫర్ పోస్టుల భర్తీకి సీఎం రేవంత్ రెడ్డి నోటిఫికేషన్ విడుదల చేశారు. పొరుగు రాష్ట్రమైన తమిళనాడులో ప్రభుత్వం 2000 టైపిస్ట్ మరియు స్టెనోగ్రాఫర్ పోస్టులను ప్రకటించింది.

0
comment0
Report

For breaking news and live news updates, like us on Facebook or follow us on Twitter and YouTube . Read more on Latest News on Pinewz.com

Advertisement
PJPrashant Jha2
Feb 03, 2026 13:18:26
Patna, Bihar:बिहार में अब नीलगाय को घोड़परास का नाम दिया गया है. आज बिहार विधानसभा में डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने ऐलान किया कि नील गाय की जगह घोड़परास या नील बकरी कहा जाना चाहिए . दरअसल , आज विधान सभा में सकरा विधान सभा के विधायक आदित्य कुमार ने सवाल उठाया की नील गाय की वजह से किसानो के फसलों का नुकसान काफी हो रहा है और सरकार इन नील गाय को शूट नहीं कर रही है . इस कारण फसल को रौंदने वाले की संख्या बढ़ रही है और किसान लगातार फसलों की नुकसान से परेशान हो रहे हैं . जबकि सरकार ने इनको शूट करने का प्लान बनाया था जो कारगर नहीं हो रहा है . विधायक आदित्य कुमार के सवाल पर विपक्ष और सत्ता पक्ष के कई विधायक खड़े हो गए और सरकार को घेरने लगे . इस दौरान बिहार के डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने कहा की नीलगाय शब्द का प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए . बल्कि उसकी जगह घोड़परास और नील बकरी जैसे शब्द बोलना चाहिए . उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने स्पीकर प्रेम कुमार से खास अपील की कि इसे ध्यान में रखा जाय . दरअसल, बिहार में किसानों के फसलों को बर्बाद करने वाले नीलगाय, जिसे घोड़परास भी कहा जाता है, के मुद्दे पर प्रश्नकाल में कई सदस्य ने सवाल उठाए. सरकार की ओर से घोड़परास के नियंत्रण को लेकर जवाब दिया गया. उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि वे भी कृषि मंत्री रह चुके हैं और उन्होंने घोड़परास के मुद्दे पर गम्भीरता दिखाई थी. इस बीच उन्होंने सदन के सदस्यों और स्पीकर से खास अपील की कि नीलगाय शब्द का प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए बल्कि उसकी जगह घोड़परास और नील बकरी शब्द का प्रयोग करें. उन्होंने कहा कि नीलगाय बोलने से कई लोगों की भावनाएं इससे जुड़ जाती हैं इसलिए इसकी जगह घोड़परास और नील बकरी शब्द का प्रयोग होना चाहिए. अब आपको बता दें कि आखिर सरकार के नील गाय की जगह घोड़परास और नील बकरी का नाम रखने के पीछे की वजह क्या है . असल में नीलगाय को भारत में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत संरक्षण प्राप्त है, लेकिन फसल को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुँचाने वाली नीलगायों को स्थानीय प्रशासन की अनुमति से 'वर्मीन' (हानिकारक जानवर) घोषित कर विशेष परिस्थितियों में मारा जाता है. नीलगाय के शिकार पर 3 से 7 साल तक की जेल और भारी जुर्माना का प्रावधान है . लिहाजा बिहार सरकार ने नील गाय को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत मारने की जगह उसे घोड़परास और नील बकरी के नाम पर मारने का आदेश दे चुकी है . इसके लिए जिलों के जिलाधिकारी ने स्थानीय मुखिया को अपने स्तर से किसानो के फसल बचने के लिए आदेश जारी किया हुआ है . सरकार के नियम के मुताबिक़ एक घोड़परास और नील बकरी को मारने के लिए 750 रुपया शूटर को देने का प्राधान किया है और शूट के बाद उसे मिटटी में गाड़ने के लिए 1250 रूपये दिए जाते हैं . जबकि जंगली सूवर को भी मारने के लिए 750 रुपया और उसे दफ़नाने के लिए 750 रूपये देने का प्रावधान है . बिहार सरकार भले ही नील गाय नाम का इस्तेमाल नहीं करना चाहती पर विधान सभा के तारांकित प्रशनो की सूची में इसे 'नीलगायों से मुक्ति ही छप चुकी है .
0
comment0
Report
Feb 03, 2026 13:18:09
Hathras, Uttar Pradesh:हाथरस शहर के इगलास रोड स्थित विद्यानगर में जोगिया मार्ग पर उस समय हड़कंप मच गया, जब घर के बाहर टहल रहे एक पालतू कुत्ते पर अचानक तेंदुए ने हमला कर दिया। यह पूरी घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसका वीडियो अब सामने आया है और इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है। सीसीटीवी फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह तेंदुआ दबे पांव आता है और पालतू कुत्ते पर झपट्टा मार देता है। हालांकि गनीमत यह रही कि कुत्ता किसी तरह तेंदुए के चंगुल से बाल-बाल बच निकलने में कामयाब रहा। कुछ ही पलों में तेंदुआ वहां से खेतों की ओर भाग निकला। घटना के बाद आसपास के लोग सहम गए और तुरंत इसकी सूचना ग्रामीणों द्वारा वन विभाग को दी गई। सूचना मिलते ही इलाका पुलिस व वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई और तेंदुए को पकड़ने के लिए सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया गया। कल से ही लगातार वन विभाग की टीम क्षेत्र में कॉम्बिंग कर रही है, आज दूसरे दिन ड्रोन कैमरों की मदद से तेंदुए को खोजा गया है लेकिन खबर लिखे जाने तक तेंदुए को पकड़ा नहीं जा सका है। तेंदुए के खुले में घूमने की आशंका के चलते ग्रामीणों में भारी दहशत का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि वे अपने बच्चों और पालतू पशुओं को घर से बाहर निकालने से डर रहे हैं। वन विभाग द्वारा लोगों को सतर्क रहने, रात के समय घरों से बाहर न निकलने और अकेले आवागमन से बचने की अपील की गई है। वहीं, वन विभाग का दावा है कि जल्द ही तेंदुए को पकड़ लिया जाएगा और इलाके को सुरक्षित किया जाएगा।फिलहाल हाथरस के विद्यानगर क्षेत्र में तेंदुए की मौजूदगी ने लोगों की नींद उड़ा दी है और हर कोई वन विभाग की कार्रवाई पर नजर बनाए हुए है।
0
comment0
Report
PSPramod Sharma
Feb 03, 2026 13:17:38
New Delhi, Delhi:CBI ने इनकम टैक्स विभाग के स्टेनोग्राफर को 1.5 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया CBI ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए इनकम टैक्स विभाग, चेन्नई के एक स्टेनोग्राफर को 1.50 लाख रुपये की रिश्वत मांगने और स्वीकार करने के आरोप में गिरफ्तार किया है。 CBI के अनुसार, इस मामले में 02 फरवरी 2026 को शिकायत के आधार पर केस दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि आरोपी स्टेनोग्राफर ने आकलन वर्ष 2020–21 से संबंधित 19 लाख रुपये के बकाया आयकर को “नलिफाई” (खत्म) कराने के बदले 10 प्रतिशत रिश्वत की मांग की थी。 जाल बिछाकर पकड़ा गया आरोपी CBI ने मामले की गंभीरता को देखते हुए ट्रैप ऑपरेशन की योजना बनाई। तय रणनीति के तहत जैसे ही आरोपी ने शिकायतकर्ता से 1.50 लाख रुपये की अवैध रकम मांगी और स्वीकार की, CBI की टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। मौके से पूरी रिश्वत की रकम बरामद की गई。 घर की तलाशी में मिले अहम दस्तावेज गिरफ्तारी के बाद CBI ने आरोपी के आवासीय परिसर की तलाशी ली, जहां से कई आपत्तिजनक/अपराध से जुड़े दस्तावेज बरामद किए गए हैं। इन दस्तावेजों की जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि आरोपी ने पहले भी इस तरह की गतिविधियों को अंजाम दिया है या नहीं。 कोर्ट में पेशी, न्यायिक हिरासत आरोपी को 03 फरवरी 2026 को चेन्नई की सक्षम अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
0
comment0
Report
RSRAJEEV SHARMA
Feb 03, 2026 13:17:15
0
comment0
Report
Feb 03, 2026 13:14:43
Balrampur, Uttar Pradesh:बलरामपुर। शासन की महत्वाकांक्षी आयुष्मान भारत योजना का लाभ अब पात्र परिवारों को उनके घर के पास ही मिलेगा। जिले में 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा देने वाले आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए अब ग्राम पंचायत स्तर पर ही व्यवस्था कर दी गई है। इसके लिए सभी ग्राम पंचायतों के पंचायत सहायकों को कार्ड बनाने हेतु अधिकृत किया गया है। ​प्रशासन ने प्रत्येक विकास खंड के अनुसार उन ग्राम पंचायतों और अधिकृत व्यक्तियों की सूची जारी कर दी है, जो गांव में रहकर ही पात्र लाभार्थियों का पंजीकरण करेंगे। इस पहल का उद्देश्य लोगों को कार्ड बनवाने के लिए होने वाली भागदौड़ और असुविधा से बचाना है। जारी की गई सूची में अधिकृत कर्मचारियों के नाम और मोबाइल नंबर भी दिए गए हैं ताकि ग्रामीण उनसे आसानी से संपर्क कर सकें।
0
comment0
Report
Feb 03, 2026 13:11:36
Balrampur, Uttar Pradesh:बलरामपुर। उत्तर प्रदेश पुलिस के 'ऑपरेशन कनविक्शन' के तहत प्रभावी पैरवी के चलते जनपद के पचपेड़वा थाना क्षेत्र में हुए एक पुराने हत्याकांड के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। एससी/एसटी एक्ट की विशेष अदालत ने चारों अभियुक्तों पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। ​मामला 26 जून 2003 का है, जब पचपेड़वा के परसौना मधवानगर निवासी तिर्रू कुर्मी, रिक्खीराम, नधई यादव और चिकवा कुर्मी ने गांव के ही एक व्यक्ति को वीडियो दिखाने के बहाने बुलाया था। आरोप के अनुसार, चारों ने एकराय होकर पीड़ित के साथ मारपीट की, उसके दांत तोड़ दिए और आंखें निकालकर उसकी हत्या कर दी। साक्ष्य छुपाने के उद्देश्य से शव को बाघा नाले में फेंक दिया गया था। मृतक की पत्नी उर्मिला देवी की तहरीर पर पुलिस ने हत्या और एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था।
0
comment0
Report
Feb 03, 2026 13:10:19
0
comment0
Report
Feb 03, 2026 13:09:07
Balrampur, Uttar Pradesh:बलरामपुर। जिले में आधार कार्ड बनवाने और उनमें संशोधन कराने के लिए अब लंबी कतारों से राहत मिलेगी। जिला प्रशासन ने आधार सेवाओं को सुलभ बनाने के लिए जनपद में कुल 159 अधिकृत केंद्र संचालित किए हैं। इनमें बैंकों, डाकघरों और जन सेवा केंद्रों के साथ-साथ बेसिक शिक्षा और बाल विकास विभाग के कार्यालयों को भी शामिल किया गया है। ​बच्चों के आधार नामांकन पर विशेष ध्यान देते हुए बाल विकास विभाग (ICDS) के 5 और बेसिक शिक्षा विभाग के 14 केंद्रों (BRC) पर 18 वर्ष तक की आयु के बच्चों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों के लिए इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक की 70 और निजी एजेंसी की 8 चलित (मूवेबल) किट तैनात की गई हैं, जो गांव-गांव जाकर बच्चों का पंजीकरण करेंगी।
0
comment0
Report
NJNaynee Jain
Feb 03, 2026 13:08:58
Noida, Uttar Pradesh:सदानंद मास्टर जी ने कल राज्यसभा में अपने भाषण के दौरान केरल में संघ और भाजपा के कार्यकर्ताओं पर दशकों से हो रही हिंसा का जो दृश्य दिखाया, उसे देख कर हर इंसान का दिल पसीज जाएगा। जिस अमानवीय पीड़ा और अत्याचार को सुनकर ही रोंगटे खड़े हो जाते हैं, उसे भाजपा और संघ के कार्यकर्ता केरल में दशकों से झेल रहे हैं,\n\nविचारधारा अलग होने या विचारों की सहमति न होने पर किसी के पैर काट देना, किसी की जान ले लेना, ऐसी क्रूर विचारधारा के खिलाफ भाजपा और संघ के कार्यकर्ताओं ने जो संघर्ष किया है, उसे शब्दों में वर्णित नहीं किया जा सकता।\n\nलोकतंत्र और लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास रखने वाले हर व्यक्ति को यह संघर्ष और त्याग अवश्य देखना चाहिए।\n\nसाथ ही, Freedom of Speech और असहिष्णुता की झूठी दुहाई देने वालों को भी सदानंद मास्टर जी का यह भाषण सुनना चाहिए। शायद वे सदानंद जी और उनके जैसे असंख्य लोगों के संघर्ष को समझ पाएँ।
0
comment0
Report
Feb 03, 2026 13:08:43
0
comment0
Report
Feb 03, 2026 13:08:25
Tulsipur, Uttar Pradesh:बलरामपुर। जिले को एनीमिया (खून की कमी) से मुक्त करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी ने बताया कि महिलाओं, किशोरियों और बच्चों में इस समस्या को खत्म करने के लिए शासन के निर्देशानुसार व्यापक कार्ययोजना लागू की गई है। ​अभियान के तहत जनपद के सभी प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों, आंगनबाड़ी केंद्रों और विद्यालयों में आयरन-फोलिक एसिड (आईएफए) की गोलियों का वितरण किया जा रहा है। सीएमओ के अनुसार, 5 से 19 वर्ष के बच्चों और गर्भवती व धात्री महिलाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। एनीमिया की जल्द पहचान के लिए नियमित हीमोग्लोबिन जांच को अनिवार्य किया गया है।
0
comment0
Report
Advertisement
Back to top