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अयोध्या: महंत के बयान पर बवाल, ओवैसी पर दोहरे कानून का आरोप

Noida, Uttar Pradesh:अयोध्या, उत्तर प्रदेश: हनुमानगढ़ी सिद्ध पीठ के महंत देवेशाचार्य महाराज ने कहा, \"ओवैसी पागल हो गए हैं। उन्हें ज़रूर किसी पागल कुत्ते ने काटा होगा और उन्हें इलाज की ज़रूरत है। एक देश में दो तरह के कानून कैसे हो सकते हैं? हिंदू महिलाएं किसी भी सार्वजनिक या सरकारी कार्यक्रम में घूंघट नहीं कर सकतीं या शॉल से सिर नहीं ढक सकतीं, लेकिन मुस्लिम महिलाएं हिजाब पहनकर जाएंगी? यह दोहरा चरित्र है। ओवैसी को किसी चौराहे पर खड़ा करके जूतों से पीटा जाना चाहिए, क्योंकि वे आए दिन अशांति फैलाने के लिए ऊट-पटांग बाते करते रहते हैं...\"
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बेतवा जलस्तर बढ़ने से बांधों के गेट खुले, ललितपुर में अलर्ट जारी

ASAMIT SONIJust now
Lalitpur, Uttar Pradesh:मध्यप्रदेश के भोपाल और आस पास के इलाकों में हो रही लगातार बारिश के चलते बेतवा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है । जिसकी वजह से उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले में बेतवा नदी पर बने राजघाट बांध और माताटीला बांध का भी जलस्तर बढ़ था है , बांधों पर पानी के बढ़ते हुये दबाव को देखते हुये राजघाट बांध से करीब 48 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है । वहीं राजघाट बांध से नीचे स्थित माताटीला बांध के 15 गेटों को खोलकर बांध से करीब 42 हजार क्यूसेक पानी निकाला जा रहा है । वहीं बांधों से पानी की निकासी को देखते हुये जिला प्रशासन की टीमें अलर्ट पर बनी हुई हैं , बेतवा नदी के किनारे स्थित ग्रामीण क्षेत्रों के ग्रामीणों को नदी से दूर रहने की चेतावनी दी गई है ।
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बदायूं में बाढ़ भारी, गंगा-रामगंगा उफान ने लोगों को नाव के भरोसे छोड़ दिया

Budaun, Uttar Pradesh:बदायूं में बाढ़ का कहर, गंगा-रामगंगा ने बढ़ाई मुश्किलें बदायूं में गंगा और रामगंगा नदी हर साल बारिश के मौसम में अपना रौद्र रूप दिखाती हैं। इस बार भी दोनों नदियों के उफान ने जिले के कई इलाकों में बाढ़ का संकट खड़ा कर दिया है। गंगा के बढ़ते जलस्तर और तेज कटान ने दातागंज तहसील क्षेत्र के कदम नगला गांव में भारी तबाही मचा रखी है। कदम नगला में गंगा का कटान लगातार जारी है। दर्जनों घर गंगा की चपेट में आ चुके हैं,गांव का कुछ हिस्सा ही बचा है बाकी सब कटान के चलते गंगा की लहरों में समा चुका है। जबकि सैकड़ों बीघा कृषि भूमि और फसलें नदी में समा चुकी हैं। गांव का बड़ा हिस्सा बाढ़ और कटान की जद में है। हालात ऐसे हैं कि बड़ी संख्या में ग्रामीण अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने को मजबूर हो गए हैं। कई परिवार अब सड़कों के किनारे तंबू लगाकर रात गुजार रहे हैं। कभी जिन खेतों में फसलें लहलहाती थीं, वहां आज गंगा की धार दिखाई दे रही है। ग्रामीणों के सामने घर बचाने के साथ-साथ रोजी-रोटी और भविष्य की चिंता भी खड़ी हो गई है। न्यूज की टीम ने जब बाढ़ प्रभावित इलाकों का ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर जायजा लिया, तो रामगंगा नदी की तबाही की तस्वीर भी सामने आई。 रामगंगा के उफान से दो दर्जन से अधिक गांवों का तहसील और जिला मुख्यालय से संपर्क प्रभावित हो गया है। कई जगह सड़कें पूरी तरह जलमग्न हैं और जहां कभी वाहनों की आवाजाही होती थी, वहां अब नावें चल रही हैं। ग्रामीणों को मुख्य मार्गों से जोड़ने के लिए प्रशासन ने नावों की व्यवस्था की है। लेकिन बाढ़ के कारण लोगों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। दातागंज क्षेत्र को शाहजहांपुर जनपद से जोड़ने के लिए रामगंगा पर नगरिया खनू, हजरतपुर, बेलाडांडी और मुढ़ा में चार पुल बनाए गए हैं। लेकिन बरसात के मौसम में इन पुलों के आगे का मार्ग बाढ़ की चपेट में आ जाता है और आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाता है। ऐसे में लोगों को फिर नावों का सहारा लेना पड़ता है। सवाल ये है कि अरबों रुपये की लागत से बनाए गए ये पुल आखिर बारिश के मौसम में लोगों के कितने काम आ रहे हैं? पुल मौजूद हैं, लेकिन उनके आगे का रास्ता पानी में डूबते ही ग्रामीणों की जिंदगी नाव के भरोसे हो जाती है。 ग्राउंड रिपोर्ट के दौरान नावों से आवागमन करने वाले लोगों से कथित अवैध वसूली की शिकायतें भी सामने आईं। ग्रामीणों का आरोप है कि मजबूरी का फायदा उठाकर नाव संचालकों द्वारा लोगों से पैसे वसूले जा रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की प्रशासनिक स्तर पर पुष्टि होना बाकी है。 एक तरफ गंगा का कटान गांव और खेत निगल रहा है, तो दूसरी तरफ रामगंगा का उफान दर्जनों गांवों की राह रोक रहा है。 बाढ़ के इस संकट ने ग्रामीणों के सामने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है—आखिर कब तक गांव नदी की मार झेलते रहेंगे और कब तक लोगों की जिंदगी नाव के सहारे चलेगी?
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रांची कोतवाली क्षेत्र में युवक की संदिग्ध मौत, हत्या की आशंका से हड़कंप

Ranchi, Jharkhand:रांची के कोतवाली थाना क्षेत्र में औघड़ बाबा आश्रम के सामने उस वक्त सनसनी फैल गई, जब संदिग्ध परिस्थितियों में एक युवक का शव बरामद हुआ। शव मिलने की सूचना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध नजर आ रहा है और हत्या की आशंका से पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है सूचना मिलते ही कोतवाली थाना की पुलिस के साथ एसीपी कोतवाली भी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया। जिस जमीन से युवक का शव बरामद हुआ है, वहां अक्सर नशेड़ियों का जमावड़ा रहता है। ऐसे में पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ करने के साथ ही हर एंगल से मामले की पड़ताल कर रही है। फिलहाल मृतक की पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए रिम्स भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत की असली वजह सामने आने की उम्मीद है बाइट....कोतवाली एसीपी
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गोंडा में पिता ने बेटे पर चाकू-पत्थर से हमला कर घायल कर दिया

Gonda, Uttar Pradesh:एंकर- खबर गोंडा से है। जहां गोंडा जिले के खोडारे थाना क्षेत्र अंतर्गत बनकटवा ग्राम पंचायत के साबरपुर गांव से एक सनसनीखेज घटना सामने आई है जहां 60 वर्षीय पिता नसरुल्ला ने आज बुधवार तड़के 2:00 बजे सोते समय अपने 22 वर्षीय पुत्र तनवीर पर एक नहीं बल्कि कई बार चाकू और पत्थर से ताबड़तोड़ वार करके उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया है गंभीर हालत में परिवार के लोग तड़के 2:30 बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बभनजोत लेकर पहुंचे। जहां से हालत गंभीर होने पर गोंडा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया परिवार के लोग गोंडा मेडिकल कॉलेज लेकर के पहुंचे यहां पर भी हालत काफी गंभीर होने के चलते लखनऊ रेफर किया गया है। जहां 22 वर्षीय तनवीर का एक निजी अस्पताल में लखनऊ में गंभीर हालत में इलाज चल रहा है घटना को अंजाम देने के बाद 60 वर्षीय पिता नसरुल्ला मौके से फरार हैं। बताया जा रहा है कि पिता नसरुल्ला चाहते हैं कि उनके बच्चे उनके घर पर ना रहे क्योंकि उनका किसी अन्य महिला के साथ प्रेम संबंध है और वह उसे महिला के साथ घर पर रहना चाहते हैं लेकिन बच्चे बार-बार उसे महिला के साथ रहने को लेकर के विरोध कर रहे हैं। इस पूरी घटना के बाद साबरपुर गांव में पूरी तरीके से हड़कंप मचा हुआ है हर कोई इस घटना की जानकारी ले रहा है। पीड़ित बेटे ने बताया कि हमारे पिता दूसरी महिला के साथ प्रेम संबंध में है उसके साथ रहना चाहते हैं इसलिए हमारे छोटे भाई पर उन्होंने चाकू से हमला करके उसे घायल कर दिया है। हम लोग लखनऊ इलाज करवा रहे हैं वह चाहते हैं कि हम लोग घर पर ना रहे इसलिए हम लोगों के साथ आए दिन मारपीट करते हैं।
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हरियाणा रोडवेज के कर्मचारियों का सरकार के खिलाफ उग्र आंदोलन: 5-6 सितम्बर को चक्का जाम की चेतावनी

Sirsa, Haryana:हरियाणा रोडवेज कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ आंदोलन तेज करने का ऐलान कर दिया है। आज सिरसा के बस स्टैंड पर हरियाणा रोडवेज के सभी डिपो में प्रदर्शन किया गया और 5 और 6 सितंबर को चक्का जाम करने की भी घोषणा की गई है। कर्मचारियों ने कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना और रोडवेज बेड़े में नई बसों को शामिल करना समेत 17 सूत्रीय मांगे बताई, जिन पर सरकार और परिवहन मंत्री के समक्ष कई बार बातचीत हुई लेकिन अभी तक पूरी नहीं हुई। सरकार से जल्द से जल्द मांगों के पूरा करने की गुजारिश है। यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो 5 और 6 सितंबर को चक्का जाम होगा और स्थिति आर-पार की लड़ाई तक जा सकती है। कर्मचारी संगठनों के नेताओं चमन स्वामी, रिछपाल सिंह, कृष्ण कड़वासरा ने बताया कि कई बार मांगे रखी जाने के बावजूद सरकार ने गौर नहीं किया, और झूठे आश्वासन दिए गए। आज हरियाणा के सभी डिपो पर 2 घंटे का विरोध प्रदर्शन किया गया। अगर मांगें नहीं मानीं तो आंदोलन और व्यापक होगा और चक्का जाम जारी रहेगा।
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कुरुक्षेत्र में पटवारियों की हड़ताल: राजस्व रिकॉर्ड सुधार पर सरकार-पटवारी वार्ता शुरू

Kurukshetra, Haryana:कुरुक्षेत्र में दी पटवारियों व कानूनी सुझाव के 6 दिनों हड़ताल चली हुई है हरियाणा में राजस्व रिकॉर्ड को दुरुस्त करने और पटवारियों की मांगों को लेकर एक बार फिर सरकार और कर्मचारियों के बीच संवाद का मुद्दा सामने आया है। पटवारी संगठन का कहना है कि उनकी मांगें जायज हैं और प्रशासन भी रिकॉर्ड में सुधार चाहता है, लेकिन जमीनी स्तर पर पॉलिसी के क्रियान्वयन को लेकर कम्युनिकेशन गैप बना हुआ है। पटवारी संगठन का कहना है कि राज्य कार्यकारिणी की ओर से कई बार उच्च स्तर पर बैठकें की जा चुकी हैं और रिकॉर्ड से जुड़ी जायज मांगें प्रशासन के सामने रखी गई हैं। संगठन के मुताबिक प्रशासन और पटवारी दोनों ही राजस्व रिकॉर्ड में सुधार चाहते हैं, लेकिन समस्या पॉलिसी बनाने और उसे जमीनी स्तर पर लागू करने के बीच तालमेल की है। संगठन ने डीसीएस सर्वे को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि मौके पर फोटो, स्केल और सही लोकेशन के साथ सर्वे करने के निर्देश बरसात के मौसम में व्यावहारिक दिक्कतें पैदा कर रहे हैं। कई जगह खेतों में पानी भरा हुआ है और खराब मौसम में मौके तक पहुंचकर इस तरह का सर्वे करना मुश्किल है। पटवारी संगठन की मांग है कि डीसीएस गिरदावरी की कोई व्यावहारिक रेंज तय की जाए या फिर छोटे विकल्प को समाप्त किया जाए, ताकि रिकॉर्ड तैयार करने का काम वास्तविक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर किया जा सके। वहीं संगठन ने सरकार की ओर से मैनपावर उपलब्ध करवाने के फैसले की सराहना भी की है। उनका कहना है कि सरकार ने अतिरिक्त मैनपावर देकर सुविधा बढ़ाने का प्रयास किया है, जिसके लिए सरकार बधाई की पात्र है। लेकिन कुछ ऐसे कार्य भी हैं जिन्हें मौजूदा परिस्थितियों में मौके पर जाकर पूरा करना व्यावहारिक रूप से बेहद मुश्किल है। पटवारियों का कहना है कि इंतकाल और जमाबंदी राजस्व रिकॉर्ड का आधार हैं। यदि किसी जमीन की बिक्री के बाद इंतकाल दर्ज हो जाता है, लेकिन वह रिकॉर्ड में सही तरीके से दिखाई नहीं देता, तो भविष्य में जमीन के दोबारा बेचे जाने जैसी गंभीर समस्या पैदा हो सकती है। ऐसे में रिकॉर्ड की सच्चाई और सॉफ्टवेयर में दर्ज जानकारी के बीच तालमेल बेहद जरूरी है। पटवारी संगठन का दावा है कि वह किसी वेतन या निजी सुविधा के लिए नहीं, बल्कि जनता की सुविधा और राजस्व रिकॉर्ड की दुरुस्ती के लिए आवाज उठा रहा है। संगठन ने साफ किया है कि राज्य कार्यकारिणी के आह्वान पर प्रदेशभर में यह कार्यक्रम किया जा रहा है। फिलहाल यह दो दिन का सांकेतिक आंदोलन बताया जा रहा है। संगठन का कहना है कि आगे सरकार का रवैया देखकर आंदोलन की दिशा तय की जाएगी। वहीं पटवारी और सरकार—दोनों की प्राथमिकता अगर राजस्व रिकॉर्ड को सही करना है, तो अब जरूरत है बेहतर संवाद और ऐसी नीति की, जिसे जमीनी परिस्थितियों में आसानी से लागू किया जा सके। यानी विवाद का मुद्दा सिर्फ मांगों का नहीं, बल्कि पॉलिसी और उसके जमीनी क्रियान्वयन के बीच तालमेल का भी है। अब देखना होगा कि सरकार और पटवारी संगठन के बीच बातचीत से इस समस्या का समाधान निकलता है या आंदोलन आगे बढ़ता है।
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सूरत में मदरसे की छत पर खेलते बच्चे के मुँह में सलाख घुसी

Surat, Gujarat:સુરતના મહેમૂદિયા મદરેસાની બિલ્ડિંગની છત પર રમતા 11 વર્ષનો નવિડ (નાજિશ) વરસાદી પાણીમાં પગ લપસાવી નીચે પડી ગયો. નજીકના બાંધકામ સાઇટ પર પિલરના લોહીમાં ઘૂસેલી સળિયો ગળાના પાછળના ભાગમાંથી પસાર થઈ મૂંઢ અને નાકમાં નોંકો લઈને બહાર નીકળ્યો. સ્થાનિકોએ સળિયો કાપીને બાળકને નવી સિવિલ હોસ્પિટલમાં ગંભીર હાલતમાં દાખલ કર્યું. સિવિલ હોસ્પિટલના સર્જરી વિભાગના ડૉ. નિલેશ કાછડિયા સહિતની ટીમે પ્રથમ સારવાર, સીટી સ્કેન કરી યોગ્ય સમયે ઓપરેશન થિયેટરના મંચ પર લાવ્યો. સળિયાનો ઈજાગ્રસ્ત ભાગ દૂર કરવામાં આ સૅફ્ટી થી મોટી નળીની જોખમી નુકસાની ટળી ગઈ અને બાળકની જાન બચી ગઈ. ઇજા પામેલી લાળ ગ્રંથિ અને નાડીનું રિપેરિંગ ચલાવીને હાલ તેને વેન્ટિલેટર સપોર્ટ પર રાખવામાં આવ્યું છે અને સ્થિતિ સ્થિર હોવાથી જનરલ વોર્ડમાં શિફ્ટ થવાની તૈયારી છે. આ જટિલ સર્જરીમાં ડો. નિલેશ કાછડિયા અને ટીમે કામગીરી સફળતાપૂર્વક પાર પાડી હતી.
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श्रीनगर में ईद-ए-मिलाद-उन-नबी का बड़ा जुलूस, आगा मुज्तबा ने एकता का संदेश दिया

Srinagar, Uttarakhand:श्रीनगर में ईद-ए-मिलाद-उन-नबी का सबसे बड़ा जुलूस ज़ादीबल से निकाला गया, जहाँ सीनियर शिया लीडर आगा मुज्तबा हज़ारों लोगों के साथ शामिल हुए, जिनमें बच्चे, जवान औरतें और स्कूल जाने वाले स्टूडेंट शामिल थे। जुलूस में जोश के साथ लोग शामिल हुए, जिसमें लड़कियाँ अयातुल्ला खामेनेई के फोटो फ्रेम, फूल और किताबें लेकर चल रही थीं। हिस्सा लेने वालों ने धार्मिक नारे लगाए और पैगंबर मुहम्मद (PBUH) के प्रति अपनी श्रद्धा ज़ाहिर की। सलाम टीवी से बात करते हुए, आगा मुज्तबा ने कहा कि यह जुलूस मुस्लिम देशों और समुदायों के बीच एकता का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि ईद-ए-मिलाद-उन-नबी मुसलमानों को एकजुट रहने, एक-दूसरे का सम्मान करने और पैगंबर (PBUH) की शिक्षाओं का पालन करने की याद दिलाता है। जुलूस को शांति से निकालने के लिए ज़ादीबल में सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए थे। सालाना जुलूस को श्रीनगर में एक अनोखा और बड़ा धार्मिक जमावड़ा माना जाता है और यह हर साल ईद-ए-मिलाद-उन-नबी (PBUH) के मौके पर होता है।
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कानपुर के उर्सला अस्पताल में स्वाइन फ्लू अलर्ट: 15 बेड का आइसोलेशन वार्ड तैयार

Kanpur, Uttar Pradesh:कानपुर के उर्सला अस्पताल में स्वाइन फ्लू को लेकर अलर्ट –15 बेड का आइसोलेशन वार्ड आरक्षित, इलाज और जांच के पूरे दावे कानपुर में स्वाइन फ्लू को लेकर जारी हुए अलर्ट के बाद स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है और इसी के तहत शहर के उर्सुला अस्पताल में भी मरीजों के इलाज के लिए पुख्ता तैयारियां कर ली गई हैं। अस्पताल की डायरेक्टर ने जानकारी दी है कि बुखार के साथ अस्पताल पहुंच रहे मरीजों की लगातार जांच और इलाज किया जा रहा है, और संक्रमण के खतरे से निपटने के लिए अस्पताल में 15 बेड का एक विशेष आइसोलेशन वार्ड पूरी तरह आरक्षित कर दिया गया है ताकि लक्षण वाले मरीजों को तुरंत भर्ती किया जा सके, हालांकि गंभीर या स्पेसिफिक मामलों में मरीजों को मेडिकल कॉलेज भी भेजा जा सकता है। इसके अलावा, अस्पताल प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे स्वाइन फ्लू के सामान्य से लेकर फेफड़ों तक गंभीर हो सकने वाले लक्षणों से बचने के लिए भीड़भाड़ वाली जगहों से दूर रहें, बार-बार हाथ धोएं, पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थों का सेवन करें और मास्क का अनिवार्य रूप से उपयोग करें।
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रामदेवरा में भादवा मेले के सफल और सुव्यवस्थित संचालन हेतु व्यापारी बैठक

Jaisalmer, Rajasthan:भादवा मेले को लेकर व्यापारियों और धर्मशाला संचालकों की महत्वपूर्ण बैठक रामदेवरा, जैसलमेर लोक देवता बाबा रामदेवजी के आगामी भादवा मेले के सफल एवं सुव्यवस्थित संचालन को लेकर ग्राम पंचायत रामदेवरा के सभागार में व्यापारियों, होटल, धर्मशाला एवं गेस्ट हाउस संचालकों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता मेला मजिस्ट्रेट एवं मेला अधिकारी हीर सिंह चारण ने की। बैठक में तहसीलदार प्रीतम सिंह, डीवाईएसपी कैलाश कंवर राठौड़, रामदेवरा थानाधिकारी देवकिशन राठौड़, सरपंच प्रशासक समंदर सिंह, व्यापार संघ अध्यक्ष आशु सिंह तंवर सहित बड़ी संख्या में व्यापारी एवं प्रतिष्ठान संचालक मौजूद रहे। बैठक में 29 अगस्त से शुरू होने वाले भादवा मेले के दौरान सफाई, सुरक्षा, यातायात, अतिक्रमण और अग्निशमन व्यवस्था को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने व्यापारियों से सार्वजनिक मार्गों एवं सड़कों पर अतिक्रमण नहीं करने की अपील की। प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक दुकान, होटल, धर्मशाला एवं गेस्ट हाउस में अग्निशमन यंत्र रखना अनिवार्य होगा। वहीं सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रत्येक प्रतिष्ठान के आगे कचरा पात्र रखना भी जरूरी किया गया है। अधिकारियों ने मेले के दौरान प्रशासन को सहयोग करने की अपील की।
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लोहरदगा में ईद मिलादुन्नबी जुलूस सुरक्षा व्यवस्थाओं के साथ निकला

Lohardaga, Jharkhand:लोहरदगा-लोहरदगा में जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी के मुबारक मौके पर बुधवार को जुलूसे मोहम्मदी निकाला गया। अंजुमन इस्लामिया लोहरदगा एवं ओलमा-ए-कराम की संयुक्त रहनुमाई में निकले इस जुलूस में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। जुलूस सुबह करीब 9 बजे जामा मस्जिद से शुरू हुआ। जुलूस में शामिल लोग सरकार की आमद मरहबा और नबी की आमद मरहबा के नारों से शहर को गुंजायमान करते हुए आगे बढ़े।जुलूस जामा मस्जिद से निकलकर बाला तालाब, बगरू मोड़, टीपो सुल्तान चौक, कुरैशी मोहल्ला, इमली चौक होते हुए विभिन्न मार्गों से गुजरा। इसके बाद अमला टोली, समर बाजार, राजेंद्र भवन, पावरगंज, साइडिंग, बाबा मठ, पावरगंज चौक, न्यू रोड, बिलाल मस्जिद, अलका सिनेमा, अंजुमन मोहल्ला और भट्ठी मोड़ होते हुए जुलूस जामा मस्जिद पहुंचा। इसके बाद जुलूस मेन रोड, गुड़री बाजार, हनुमान मंदिर, नौवाटोली, तेतरतर, बालिका स्कूल और थाना रोड होते हुए पुनः जामा मस्जिद पहुंचा। यहाँ दुआ के बाद जुलूस का समापन किया गया। जुलूस की अगुवाई अंजुमन इस्लामिया के सदर रउफ अंसारी, सेक्रेटरी शाहिद अहमद बेलू और शहर की विभिन्न मस्जिदों के इमामों ने की। इस दौरान शहर में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन की ओर से आवश्यक इंतजाम किए गए। जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी के मौके पर पूरे शहर में उत्साह और धार्मिक माहौल देखने को मिला।
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