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कासगंज में चार साल की बच्ची का शव मक्का के खेत में मिला: पुलिस जांच शुरू

GZGAURAV ZEEJust now
Kasganj, Uttar Pradesh:कासगंज में लापता मासूम बच्ची का शव 4 दिन बाद मक्का के खेत में पड़ा मिला. बहारपुर निवासी राहुल अपने बच्चों के साथ फरीदाबाद में रहते थे; पिताजी देखने के लिए गांव बाहरपुर आए थे. परिवार के अनुसार शनिवार की शाम चार वर्षीय आरोही खेलते-खेलते घर से दूर निकल गई. गांव के कुछ लोगों ने बच्ची मंदिर की तरफ जाते देखा, परन्तु उसके बाद बच्ची घर नहीं आई. परिवार व गांव के लोगों ने बच्ची की तलाश की पर कहीं नहीं मिली. चार दिन बाद मासूम बच्ची का शव मक्का के खेत में मिला. परिजनों में कोहराम मचा. पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा. मासूम बच्ची के हत्यारों की तलाश पुलिस कर रही है.
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12 साल बाद मां का मिलन: बिजनौर के परिवार के लिए उम्मीद की कहानी

Moradabad, Uttar Pradesh:12 साल बाद मिली मां कभी-कभी जिंदगी मे ऐसी घटनाएं सामने आती हैं जो किसी फिल्म की कहानी जैसी लगती हैं। बिजनौर के एक परिवार के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। जिस मां को परिवार ने 12 साल पहले खो दिया था, जिसकी तलाश में गांव-गांव और शहर-शहर भटका था, और जिसे आखिरकार मृत मानकर उसका अंतिम संस्कार कर जीवन आगे बढ़ा दिया था, वह अचानक जिंदा मिल गई। इस खबर ने न सिर्फ परिवार को भावुक कर दिया, बल्कि पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गई। शहर के रहने वाले राजो देवी 2014 में अचानक घर से लापता हो गई थीं। परिजनों के अनुसार उनकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं रहती थी। घर से निकलने के बाद वह कहां गईं, इसका कोई पता नहीं चल पाया। परिवार ने हर संभव प्रयास किया। पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई, रिश्तेदारों से संपर्क किया गया और आसपास के कई जिलों में तलाश की गई, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला。 वक्त के साथ खत्म होती गई उम्मीद शुरुआती दिनों में परिवार को उम्मीद थी कि राजो देवी किसी दिन वापस लौट आएंगी, लेकिन महीने वर्षों में बदलते गए। हर त्योहार, हर पारिवारिक कार्यक्रम और हर खुश मौके पर मां की कमी महसूस होती रही। धीरे-धीरे परिवार ने यह मान लिया कि अब वह इस दुनिया में नहीं हैं। परिजनों ने सामाजिक और धार्मिक परंपराओं के अनुसार उन्हें मृत मानते हुए सभी आवश्यक रस्में भी पूरी कर दीं। घर में उनकी तस्वीर ही उनकी मौजूदगी का प्रतीक बनकर रह गई। हरियाणा के आश्रम से खुला 12 साल पुराना राज 4 मई 2026 को हरियाणा के अंबाला में पुलिस को एक महिला लावारिस हालत में मिली। महिला अपनी पहचान बताने की स्थिति में नहीं थी। पुलिस ने उसे यमुनानगर के सरस्वती नगर स्थित "नी आसरे दा आसरा" आश्रम में पहुंचा दिया。 आश्रम में इलाज और काउंसलिंग के दौरान महिला की हालत में सुधार हुआ। धीरे-धीरे उसकी याददाश्त लौटने लगी। उसने अपने गांव और परिवार के बारे में कुछ जानकारियां दीं। आश्रम की टीम ने इन जानकारियों के आधार पर उसकी पहचान खोजने का प्रयास शुरू किया। वीडियो कॉल ने बदल दी परिवार की दुनिया काफी प्रयासों के बाद आश्रम प्रबंधन गांव के प्रधान के माध्यम से राजो देवी के परिवार तक पहुंचा। जब वीडियो कॉल पर बेटों को उनकी मां दिखाई गई, तो वे कुछ पल के लिए स्तब्ध रह गए। उन्हें विश्वास ही नहीं हुआ कि 12 साल पहले खो चुकी मां वास्तव में जिंदा हैं。 भावनाओं का बांध टूट गया। बेटे कपिल, सोनू और रोहित वीडियो कॉल के दौरान ही रो पड़े। इसके बाद वे तुरंत हरियाणा पहुंचे और मां से मिले। मिलन का दृश्य देखकर नम हो गईं सभी की आंखें आश्रम में मां और बेटों का मिलन बेहद भावुक रहा। वर्षों बाद अपने बच्चों को सामने देखकर राजो देवी भी खुद को संभाल नहीं सकीं। बेटे मां को गले लगाकर फूट-फूटकर रोने लगे। वहां मौजूद आश्रम कर्मचारी और अन्य लोग भी इस दृश्य को देखकर भावुक हो गए। सत्यापन के बाद परिवार को सौंपी गईं राजो देवी आश्रम के संचालक जसकीरत सिंह ने बताया कि महिला की पहचान सुनिश्चित करने के लिए पूरी जांच और सत्यापन प्रक्रिया अपनाई गई। सभी तथ्यों के मिलान के बाद ही राजो देवी को उनके परिवार के सुपुर्द किया गया। यह सिर्फ पुनर्मिलन नहीं, उम्मीद की जीत की कहानी है राजो देवी की वापसी सिर्फ एक परिवार की खुशी नहीं है, बल्कि यह उन तमाम परिवारों के लिए उम्मीद का संदेश भी है जो वर्षों से अपने लापता परिजनों का इंतजार कर रहे हैं। 12 साल बाद हुआ यह पुनर्मिलन बताता है कि कभी-कभी उम्मीदें भले ही धुंधली पड़ जाएं, लेकिन किस्मत के पास अपने अलग ही फैसले होते हैं। बिजनौर के इस परिवार के लिए 12 साल बाद लौटी मां किसी चमत्कार से कम नहीं है। यह कहानी रिश्तों की मजबूती, धैर्य और उम्मीद की ऐसी मिसाल बन गई है, जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा
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हरदोई में नकलचालक गिरफ्तार: पेपर बाथरूम में छिपाकर लाने की कोशिश

Hardoi, Uttar Pradesh:हरदोई में पुलिस भर्ती परीक्षा में नकलची गिरफ्तार, एक दिन पहले मोबाईल और होमगार्ड परीक्षा का पेपर सेंटर में छिपा आया था उत्तर प्रदेश सरकार पुलिस भर्ती परीक्षा को पूरी तरह नकलविहीन और पारदर्शी बनाने का दावा कर रही है। परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा, सीसीटीवी निगरानी और सघन तलाशी की व्यवस्था की गई है। लेकिन इन तमाम इंतजामों के बावजूद हरदोई में एक अभ्यर्थी नकल की कोशिश करते हुए पकड़ा गया है। आरोपी ने हैरान करने वाले तरीके से परीक्षा केंद्र परिसर में एक दिन पहले से मोबाइल और होमगार्ड का पेपर छिपाकर रखा था। जिसे परीक्षा के दौरान इस्तेमाल करने की योजना थी लेकिन बाथरूम जाते समय तलाशी में उसके पास से पुलिस भर्ती का पेपर बरामद हुआ जबकि होमगार्ड का पेपर उसकी मेज पर रखा था। जिसके बाद जब उससे कड़ाई से पूंछताछ हुई तो उसने बाथरूम में रखा मोबाईल बरामद करा दिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। मामला हरदोई के बेनी माधव इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र का है। पुलिस भर्ती परीक्षा के दूसरे दिन प्रथम पाली की पुलिस भर्ती परीक्षा के दौरान आगरा के कुंडऔर थाना डौकी निवासी अभ्यर्थी रोहित पथौरी परीक्षा दे रहा था। परीक्षा के बीच वह बाथरूम जाने के लिए उठा। इसी दौरान ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को उस पर शक हुआ और उसकी तलाशी ली गई। तलाशी में उसके पास से परीक्षा की बुकलेट बरामद हुई। पुलिस ने जब सख्ती से पूछताछ की तो उसने बाथरूम में छिपाकर रखे गए मोबाइल फोन की जानकारी दी। उसकी निशानदेही पर मोबाइल भी बरामद कर लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि वह एक दिन पहले द्वितीय पाली की परीक्षा समाप्त होने के बाद केंद्र परिसर में यह कहकर घुस गया की उसका प्रवेश पत्र अंदर रह गया है। अंदर घुसते ही उसने परिसर में मौजूद पानी की टंकी के नीचे मोबाइल फोन और पूर्व में हुई होमगार्ड भर्ती परीक्षा का प्र्शन पत्र छिपादिया। अगले दिन सुबह तलाशी प्रक्रिया पूरी करने के बाद वो सेंटर में दाखिल हुआ और उसने वहां से मोबाइल उठाया और बाथरूम में छिपा दिया। वहीं बुकलेट अपने पास रख ली। बताया जा रहा है कि करीब सवा ग्यारह बजे वह पुलिस भर्ती के प्र्शन पत्र को कपड़ों में छिपा लिया जबकि होमगार्ड परीक्षा का प्रश्न पत्र उसने मेज पर रख दिया और बाथरूम चला गया। बाथरूम के गेट पर भी पुलिस तैनात थी जब उसकी तलाशी हुई तो उसके पास से पुलिस भर्ती का प्रश्न पत्र मिला। जिसके बाद हड़कंप मच गया ,आनन् फानन में पुलिस भर्ती परीक्षा में लगे अधिकारी मौके पर पहुंचे और उससे पूंछताछ की गयी तो उसने मोबाईल बरामद करा दिया। इस घटना ने एक बार फिर पुलिस भर्ती परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सरकार भले ही परीक्षा को नकलमुक्त कराने के दावे कर रही हो, लेकिन हरदोई में सामने आया यह मामला दिखाता है कि नकल माफिया और अभ्यर्थी नए-नए तरीके अपनाने से बाज नहीं आ रहे हैं। फिलहाल पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस पूरे मामले में कोई और व्यक्ति शामिल था या नहीं।
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राजस्थान में फर्जी डॉक्टर फैक्ट्री: 24-30 लाख में मिली डिग्री, कई गिरफ्तार

Jaipur, Rajasthan:राजस्थान में चल रही थी ‘फर्जी डॉक्टरों की फैक्ट्री’! 20 से 30 लाख में बन रहे थे डॉक्टर, बिना परीक्षा पास किए मिल रहा था मेडिकल लाइसेंस राजस्थान में फर्जी डॉक्टरों का ऐसा नेटवर्क सामने आया है जिसने स्वास्थ्य व्यवस्था की नींव तक हिला दी है। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) की जांच में खुलासा हुआ है कि विदेश से एमबीबीएस कर लौटे कई अभ्यर्थी बिना अनिवार्य परीक्षा पास किए ही डॉक्टर बन रहे थे। बस कीमत चुकानी पड़ती थी 20 से 30 लाख रुपये。 एसओजी की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे इस "फर्जी डॉक्टर फैक्ट्री" की परतें खुलती जा रही हैं। ताजा कार्रवाई में एसओजी ने तीन और डॉक्टरों को गिरफ्तार किया है। इन लोगों ने फर्जी एफएमजीई (Foreign Medical Graduate Examination) सर्टिफिकेट बनवाकर राजस्थान मेडिकल काउंसिल (RMC) में पंजीयन कराया और डॉक्टर बनने का रास्ता साफ कर लिया। 24 लाख, 27 लाख और 23 लाख में खरीदी गई डॉक्टर की डिग्री! गिरफ्तार आरोपियों में जयपुर निवासी दीपक यादव, डीग निवासी राजू गुर्जर और अलवर निवासी नरेश गुर्जर शामिल हैं। तीनों ने कजाकिस्तान से एमबीबीएस किया था, लेकिन भारत में डॉक्टर के रूप में प्रैक्टिस करने के लिए जरूरी एफएमजीई परीक्षा पास नहीं कर सके。 जांच में सामने आया कि इसके बाद उन्होंने दलालों के जरिए फर्जी प्रमाणपत्र बनवाए। दीपक ने करीब 24 लाख रुपये, राजू ने 27 लाख रुपये और नरेश ने 23 लाख रुपये खर्च कर नकली एफएमजीई सर्टिफिकेट हासिल किया। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर सरकारी मेडिकल कॉलेजों में इंटर्नशिप तक कर ली गई。 जांच एजेंसी के मुताबिक भानाराम माली पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड है। जो प्रत्येक अभ्यर्थी से 20 से 30 लाख रुपये लेकर फर्जी एफएमजीई प्रमाणपत्र तैयार करवाता था और मेडिकल काउंसिल में पंजीयन तक की व्यवस्था कराता था。 आखिर क्या है एफएमजीई? विदेश से एमबीबीएस करने वाले छात्रों को भारत में मेडिकल प्रैक्टिस शुरू करने से पहले नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन की एफएमजीई परीक्षा पास करनी होती है... यह परीक्षा यह सुनिश्चित करती है कि डॉक्टर मरीजों का इलाज करने के लिए आवश्यक योग्यता रखते हैं। लेकिन एसओजी की जांच में सामने आया कि कई अभ्यर्थियों ने यह परीक्षा पास ही नहीं की और सीधे फर्जी सर्टिफिकेट के जरिए मेडिकल सिस्टम में प्रवेश कर गए। सबसे बड़ा सवाल: मरीजों की जिंदगी किसके भरोसे? इस खुलासे ने राजस्थान की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जो लोग अनिवार्य योग्यता परीक्षा तक पास नहीं कर सके, वे फर्जी दस्तावेजों के सहारे डॉक्टर बनकर मरीजों का इलाज करने की स्थिति में पहुंच गए।यह सिर्फ प्रमाणपत्रों की जालसाजी का मामला नहीं, बल्कि हजारों मरीजों की जान से जुड़ा बेहद गंभीर अपराध है। सवाल यह भी है कि अगर एसओजी जांच नहीं करती तो ऐसे कितने फर्जी डॉक्टर सिस्टम में सक्रिय रहते और कितने मरीज उनकी कथित चिकित्सा का शिकार बनते。 एसओजी अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर नेटवर्क की बाकी कड़ियों को जोड़ रही है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस "फर्जी डॉक्टर फैक्ट्री" से जुड़े कई और बड़े नाम सामने आ सकते हैं।
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जिंदा बुजुर्ग को मृत दिखाकर जमीन हथियाने की साजिश उजागर, पटवारी निलंबित

Satna, Madhya Pradesh:सतना जिले के कोठी कस्बे में बड़ा मामला सामने आया जहां पर एक जिंदा बुजुर्ग व्यक्ति को मृत घोषित कर जमीन हड़पी गई। यह साजिश बुजुर्ग के भतीजे ने पटवारी के साथ मिलकर रची जिसके बाद बुजुर्ग के नाम जमीन का बरसाना और नामांतरण अपने नाम कर कर जमीन बेच दी गई। खरीदार पटवारी की पत्नी निकली। मामले की जानकारी मिलते ही जिला कलेक्टर ने पटवारी को निलंबित कर दिया और जांच प्रतिवेदन के बाद FIR के आदेश दिए गए। मध्य प्रदेश के सतना जिले के कोठी उपतहसील के अंतर्गत बरहना ग्राम का सनसनीखेज मामला है। पुश्तैनी जमीन के बारे में जिंदा व्यक्ति के भतीजे ने बड़ी साजिश रची। जिंदा व्यक्ति को मृत घोषित कर उसकी मृत्यु प्रमाण पत्र भतीजे ने जमीन का बरसना और नामांतरण अपने नाम करवा कर बेच दी। यह मामला सतना शहर के कामता टोला निवासी ईश्वर प्रसाद उर्फ ईश्वर दिन सोनी का है, जो 85 वर्ष के बुज़ुर्ग हैं उनके नाम 33 डिसमिल जमीन बरहना ग्राम में बागीचे के रूप में है। जिसने जमीन हथियाने के लिए बड़े भाई के बेटे रामकरण सोनी ने चाचा को जिंदा में ही मरा घोषित कर दिया। भतीजे ने कोठी नगर परिषद और पटवारी के साथ मिलकर चाचा के नाम का मृत्यु प्रमाण पत्र बनवा डाला, जिसके आधार पर बरसाना एवं नामांतरण किया गया। फिर 9 लाख रुपये में जमीन बेची गई। सच तब सामने आया जब ईश्वर दिन के बेटे राजेश कुमार ग्राम गए और अपने बगीचे को देखने पहुंचे तो पता चला कि उनका 33 डिसमिल बगीचा किसी और ने खरीद लिया है। राजेश कुमार ने तहसील कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई। जांच के बाद स्पष्ट हुआ कि मृत्यु प्रमाण पत्र फर्जी था और बरसाना व नामांतरण फर्जी तरीके से किया गया। मामला जिला कलेक्टर तक गया; निलंबन के साथ कोठी के नायब तहसीलदार सौरभ द्विवेदी को जांच के आदेश दिए गए और दोषियों के खिलाफ FIR दर्ज करने के निर्देश हुए।
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ग्वालियर कैंपस में नर्सिंग छात्रा की संदिग्ध मौत, परिजनों ने लापरवाही का आरोप

Morena, Madhya Pradesh:ग्वालियर में संदिग्ध परिस्थितियों में एक नर्सिंग छात्रा की मौत का मामला सामने आया हैं। छात्रा IPS कॉलेज में 45 दिन के लिए कैंप में आई थी। देर रात उसकी तबीयत बिगड़ गई। परिजनों का आरोप है कि एंबुलेंस टाइम पर नहीं पहुंचने के कारण छात्रा की मौत हुई है। छात्रा को कॉलेज के कुछ स्टूडेंट एक्टिवा पर अस्पताल लेकर पहुंचे जहां डॉक्टर ने उसे मृत्यु घोषित कर दिया पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज कर मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी है। वीओ- दरअसल मामला ग्वालियर के गिरवाई थाना क्षेत्र IPS कॉलेज कैंपस का हैं। जहां बिलौआ निवासी 21 वर्षीय छात्रा नीलू प्रजापति की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। नीलू केआरजी कॉलेज से नर्सिंग की पढ़ाई कर रही थी और 45 दिन के लिए IPS कॉलेज में कैंपस में आई हुई थी लेकिन कल रात नीलू को उल्टी होने लगी जब उसकी तबीयत बिगड़ गई। तो कॉलेज स्टाफ उसको एक्टिवा पर लेकर अस्पताल पहुंचे जहां उसे डॉक्टरों ने मृतक घोषित कर दिया छात्रा नीलू प्रजापति के पिता का आरोप है कि उसकी तबीयत खराब होने की सूचना उन्हें नहीं दी गई। कॉलेज प्रबंधन की पूरी लापरवाही है उनके आरोप है कि एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंचने के कारण उनकी बेटी की मौत हुई है। उन्होंने बताया कि नीलू CM कैंपस में आई हुई थी CM इस लापरवाही पर संज्ञान लेना चाहिए। फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की सही वजह सामने आ पाएगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी बाइट- लक्ष्मण प्रजापति- मृतक छात्रा के पिता बाइट- सुमन गुर्जर- ASP ग्वालियर
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नवादा में शराब माफिया की गाड़ी गोदाम बना, 57 लीटर विदेशी शराब बरामद

Nawada, Bihar:शराब माफिया ने गाड़ी को बना दिया गोदाम तहखाना ही तहखाना, हर जगह छुपाई शराब नवादा चेकपोस्ट पर 57 लीटर विदेशी शराब बरामद, माफिया गिरफ्तार बिहार में शराबबंदी का उल्लंघन करने वाले शराब माफिया ने एक नई चाल चली। नवादा जिले के रजौली थाना क्षेत्र अंतर्गत गोविंदपुर चेकपोस्ट पर उत्पाद विभाग पुलिस को मिली सूचना के आधार पर पटना के सोनू कुमार की बोलेरो गाड़ी को रोका गया। चेकिंग के दौरान हैरान करने वाली बात सामने आई। पूरी गाड़ी को ही शराब का गोदाम बना दिया गया था。 दरवाजों के अंदर, सीटों के नीचे, फ्लोर में तहखाना बनाकर और अन्य जगहों पर भारी मात्रा में शराब छुपाई गई थी। पुलिस ने गाड़ी की तलाशी ली तो अलग-अलग ब्रांड की 57 लीटर विदेशी शराब बरामद हुई। बिहार में इसकी अनुमानित कीमत 40 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है। युवक सोनू कुमार काफी घबराया हुआ था। उत्पाद विभाग के अधीक्षक की देखरेख में की गई इस कार्रवाई में गाड़ी और शराब दोनों जब्त कर ली गई। सोनू कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है। और गाड़ी को जब्त कर लिया गया है. शराबबंदी को प्रभावी बनाने के लिए रजौली-गोविंदपुर चेकपोस्ट पर उत्पाद विभाग और पुलिस की सतर्कता से यह बड़ी सफलता हासिल हुई है। अधिकारी लगातार ऐसे माफियाओं पर नजर रखे हुए हैं।
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बाबा साहब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय में धर्मेंद्र कुमार को किया गया सम्मानित

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Puranpur, Uttar Pradesh:पूरनपुर। तहसील क्षेत्र के गांव गोपालपुर निवासी धर्मेंद्र कुमार ने मंगलवार दोपहर दो बजे बताया कि लखनऊ स्थित बाबा साहब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित चार दिवसीय जयंती समारोह में सम्मानित किया गया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने उन्हें समाज, शिक्षा और जनजागरूकता के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया। चार दिवसीय समारोह में विभिन्न राज्यों से आए शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों, सामाजिक समरसता, शिक्षा और संवैधानिक मूल्यों पर चर्चा की गई। धर्मेंद्र कुमार को मिले इस सम्मान से गोपालपुर और पूरनपुर क्षेत्र में खुशी का माहौल है। उनके सम्मानित होने पर क्षेत्र के लोगों, सामाजिक संगठनों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई दी तथा इसे क्षेत्र के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया। धर्मेंद्र कुमार ने सम्मान के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए समाज हित में आगे भी कार्य करते रहने की बात कही।
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राजद का असरगंज प्रखंड कार्यालय पर धरना: भ्रष्टाचार, महंगाई और बेरोजगारी पर मांग

Munger, Bihar:विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर राजद का प्रखंड कार्यालय पर धरना। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) द्वारा मंगलवार को असरगंज प्रखंड कार्यालय परिसर में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता राजद के प्रखंड प्रधान महासचिव ने की। धरना में तारापुर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व प्रत्याशी एवं प्रखंड प्रभारी संजय यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। धरना-प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने राज्य में बढ़ते भ्रष्टाचार, ध्वस्त कानून-व्यवस्था, बदहाल शिक्षा व्यवस्था, बेरोजगारी और महंगाई जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। नेताओं ने कहा कि आम जनता इन समस्याओं से जूझ रही है, लेकिन सरकार समाधान के प्रति गंभीर नहीं है। उन्होंने जनहित के मुद्दों पर प्रभावी कार्रवाई की मांग की। कार्यक्रम में राजद किसान प्रकोष्ठ, मुंगेर के जिला उपाध्यक्ष नीरज कुमार सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। धरना के माध्यम से सरकार का ध्यान जनसमस्याओं की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया गया। वक्ताओं ने कहा कि जनता की आवाज को दबाया नहीं जा सकता और समस्याओं के समाधान तक संघर्ष जारी रहेगा।
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मधुबनी में पारिवारिक विवाद में पत्नी की हत्या, आरोपी पति फरार

Madhubani, Bihar:मधुबनी में पारिवारिक विवाद में पति ने की पत्नी की हत्या, महिला की मौत से इलाके में सनसनी. घटना झंझारपुर थाना के सिमरा गांव की है. आरोपी पति नीरज सदाय और ससुराल वाले फरार हैं. सिमरा पंचायत वार्ड 11 मुशहरी टोला में पति द्वारा पत्नी की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है. आरोप है पति नीरज सदाय सहित अन्य ने अपनी 22 वर्षीय पत्नी रिंकी देवी की गला दबाकर हत्या कर दी है. मृतिका की एक लड़का भी है. घटना की सूचना मिलते ही झंझारपुर थाना पुलिस और एसडीपीओ सुबोध कुमार सिन्हा मौके पर पहुंचे. पुलिस के पहुंचने से पहले आरोपी पति नीरज सदाय और परिवार के अन्य सदस्य घर से फरार हो गए. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मधुबनी सदर अस्पताल भेज दिया. प्रारंभिक जांच में गला दबाकर हत्या की आशंका जताई जा रही है. थानाध्यक्ष सुनील कुमार सिंह ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक साइंस लैब एफएसएल की टीम को सूचना दे दी गई है. टीम घटनास्थल से साक्ष्य जुटाएगी. पोस्टमार्टम रिपोर्ट और FSL जांच के बाद ही मौत के सही कारण स्पष्ट हो पायेगा. पुलिस घरेलू विवाद और अन्य संभावित कारणों की जांच कर रही है. आरोपी पति नीरज सदाय की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है. घटना के बाद मुशहरी टोला में तनाव का माहौल है. बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जुट गए थे. पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में ले लिया है. एसडीपीओ सुबोध कुमार सिन्हा ने कहा कि मामले की हर बिंदु पर बारीकी से जांच की जा रही है. दोषी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी. पुलिस ने ग्रामीणों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और जांच में सहयोग करें.
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