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कटिहार में बीएमपी-7 फायरिंग से महिपाल नगर में सनसनी, लोग डरे

Katihar, Bihar:कटिहार में गोलियों की छर्रों की बौछार से थर्राए लोग, मची सनसनी सहायक थाना क्षेत्र के महिपाल नगर में अचानक बुलेट गोली की तरह छर्रों की बौछार से लोग डरे बीएमपी-7 के फायरिंग रेंज से महिपाल नगर का यह मोहल्ला काफी नजदीक पुलिस के फायरिंग प्रैक्टिस के दौरान गोली क्षेत्र छर् छिटक कर मोहल्ले तक पहुंच की आशंका कटिहार एसपी शिखर चौधरी स्वयं घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की छानबीन की टीम का गठन किया, जिसमें बीएमपी 7 के डीएसपी और सदर डीएसपी के नेतृत्व में जांच करने की कही कटिहार जिला मुख्यालय के सहायक थाना क्षेत्र के महिपाल नगर में अचानक बुलेट गोली की बौछार से लोग डरे हुए है । एक नहीं लगभग दर्जनों गोली से अधिक चलने से लोग अब तक सहमे हुए हैं । कई घरों की खिड़की के शीशा और कार के शीशा के साथ-साथ दीवारों पर भी दरार आ गया है । बताया जा रहा है बीएमपी-7 के फायरिंग रेंज से महिपाल नगर का यह मोहल्ला काफी नजदीक है और पुलिस के फायरिंग प्रैक्टिस के दौरान गोली छिटक कर मोहल्ले तक पहुंच की आशंका है, जिस कारण यह अफरा-तफरी मची हुई है । स्थानीय लोग इस बारे में थाना और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को सूचना देने की बात कह रहे हैं । हालांकि बीएमपी 7 फायरिंग रेंज की गोली इस मोहल्ले तक पहुंचाने के बाद कटिहार एसपी शिखर चौधरी स्वयं घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की छानबीन करते हुए एक टीम का गठन किया है जिसमें बीएमपी 7 के डीएसपी और सदर डीएसपी के नेतृत्व में जांच करने की कही है ।
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लोयाबाद में आजसू और राम रहीम सेना समर्थकों बीच हिंसक भिड़ंत, गोलीबारी की बात

Dhanbad, Jharkhand:धनबाद जिले के लोयाबाद थाना क्षेत्र बासजोड़ा में आजसू और राम रहीम सेना के समर्थकों के बीच जमकर मारपीट हिंसक झड़प हुआ।दोनों ओर से लाठी डंडे चला। हिंसक झड़प के दौरान फायरिंग करने की भी बात कही जा रही है। वही घटना में दर्जनों लोग घायल हुए। कई बड़े छोटे वाहन भी क्षतिग्रस्त हुआ। नमामला लोयाबाद थाना क्षेत्र के बांसजोड़ा का है। धमकी मामले में आजसू नेत्री रजनी देवी ने पुलिस को लिखित शिकायत दी थी। आरोप है कि इससे नाराज राम रहीम के समर्थकों पर हमला कर दिया। वही हमलावरों ने लाठी-डंडों से जमकर मारपीट की और 6 से ज्यादा कारों को क्षतिग्रस्त कर दिया। बीच-बचाव करने आए लोगों पर कई राउंड फायरिंग भी की गई। गोलीबारी में 60 वर्षीय किसन रवानी के पैर में गोली लग गई। वही घटना में घायल आजसू नेता हीरालाल महतो सहित अन्य को SNMMCH अस्पताल लाया गया था। जहां सभी का इलाज किया गया। घटना की जानकारी पाकर आजसू समर्थक भी अस्पताल पहुँच गये। अस्पताल से घायल आजसू नेता बाइक में बैठ मौके से फरार हो गया। इस दौरान सरायढेला थान के एसआई बाइक को पकड़ने का प्रयास किया। जिसमें वह घायल हो गया। आजसू घायल नेता के भागने के बाद अन्य आजसू समर्थक भी मौके से रफूचक्कर हो गया। पुलिस अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज से अब सभी की पहचान में जुट गई है। वही मामले में पुलिस मीडिया से कुछ भी बताने से इनकार कर दी
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बिहार में बदलाव की कसक: प्रशांत किशोर ने बिहटा आश्रम से सरकार निशाने पर ली

Darbhanga, Bihar:चेहरे बदले, हालात नहीं: बिहार में बदलाव तक बिहटा आश्रम से ही लड़ाई—प्रशांत किशोर,सीएम आवास पर सवाल, बोले—25 एकड़ बंगला भी कम, युवा रोजगार को पलायन को मजबूर, दरभंगा। जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने दरभंगा दौरे के दौरान बिहार सरकार पर तीखा हमला बोला। लहेरियासराय स्थित पोलो ग्राउंड नेहरू स्टेडियम में आयोजित बैठक में उन्होंने जिले की सभी सांगठनिक इकाइयों के साथ समीक्षा की और राज्य की वर्तमान स्थिति पर सवाल उठाए। सरकार के छह महीने पूरे होने पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार में केवल नेताओं के चेहरे बदले हैं, लेकिन समस्याएं जस की तस बनी ہوئی हैं। उन्होंने कहा कि वे पटना के बिहटा स्थित जन सुराज के नव निर्माण आश्रम में शिफ्ट हो गए हैं और जब तक बिहार में वास्तविक बदलाव नहीं होगा, वहीं से आंदोलन और कार्यक्रमों का संचालन करेंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री आवास को लेकर भी निशाना साधते हुए कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री का आवास देश में सबसे बड़ा है, जो पहले से ही विशाल था और अब उसमें एक और हिस्सा जोड़ दिया गया है। किशोर ने तंज कसते हुए कहा कि जहां एक ओर राज्य के करोड़ों युवा रोजगार की तलाश में दिल्ली और मुंबई जैसे शहरों में छोटे-छोटे कमरों में रहने को मजबूर हैं, वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री के लिए 25 एकड़ का बंगला भी कम पड़ रहा है। इसके साथ ही उन्होंने पलायन के मुद्दे को उठाते हुए कहा कि चुनाव के दौरान जो चेहरे सामने थे, वे खुद ही गायब हो गए, लेकिन पलायन की समस्या में कोई सुधार नहीं हुआ है।
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मांझी बोले- राहुल गांधी की मानसिक स्थिति बिगड़ी, कांग्रेस देश से विलुप्त होगी

Patna, Bihar:प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी पर राहुल गांधी की टिप्पणी पर केंद्रीय मंत्री श्री जीतन राम मांझी की प्रतिक्रिया राहुल गांधी की मानसिक स्थिति बिगड़ चुकी है। ‎राहुल गांधी की मानसिक स्थिति बिगड़ चुकी है — मांझी राजनीतिक_FAIL-य पर राहुल गांधी की मानसिक संतुलन बिगड़ा — मांझी देश की जनता राहुल गांधी की स्तरहीन राजनीति को देख रही — मांझी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 'खुद्दार' हैं — मांझी अपनी बचकानी हरकतों से कांग्रेस को विलुप्त करते जा रहे राहुल गांधी — मांझी ‎ कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर आपत्तिजनक व्यक्तिगत टिप्पणी किए जाने पर केंद्रीय मंत्री श्री जीतन राम मांझी ने कड़ी निंदा की है। श्री मांझी ने कहा है कि राहुल गांधी की इन्हीं बचकानी हरकतों की वजह से कांग्रेस देश में विलुप्त होती जा रही है। ‎ ‎केंद्रीय मंत्री श्री जीतन राम मांझी ने कहा है कि लगातार राजनीतिक सफलता की वजह से राहुल गांधी हताशा में हैं। चुनाव दर चुनाव और कांग्रेस की जिस तरह से देशभर हार हो रही है, उसने राहुल गांधी की मानसिक स्थिति और संतुलन को बिगाड़ दिया है। राहुल गांधी ने देश के यशस्वी प्रधानमंत्री को लेकर जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया है, उसे देश की जनता देख रही है। श्री मांझी ने कहा है कि देश की जनता राहुल गांधी के राजनीतिक स्तरहीनता को देखकर यह मन बना रही है कि अब देश पूरी तरह कांग्रेस मुक्त हो जाए। केंद्रीय मंत्री श्री जीतन राम मांझी ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 'खुद्दार' हैं और यह बात देश की जनता अच्छी तरीके से जानती है। राहुल गांधी जिस तरह प्रधानमंत्री के लिए सड़क छाप भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं उसका लोकतंत्र में कोई स्थान नहीं है। जो व्यक्ति खुद ना घर का हो ना घाट का उसे ऐसे ही अमर्यादित भाषा की उम्मीद भी की जा सकती है।
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61 वर्षीय दशरथ बेहरा के दुष्कर्म केस को झूठा करार, पत्नी कहती हैं पति निर्दोष

Sambalpur, Odisha:ନାବାଳିକା ଅସଦାଚରଣ କେସ ମିଥ୍ୟା ତାହା ଖାରଜ କରାଯାଉ ବୋଲି କହିଲେ ସ୍ତ୍ରୀ |ଗତ ୧୫ ତାରିଖରେ ସମ୍ବଲପୁର ଜିଲ୍ଲା କିସିଣ୍ଡା ଅନ୍ତର୍ଗତ ବିଜାଗଡ଼ ରେ ଜଣେ ନାବାଳିକା ଙ୍କୁ ଜଣେ ୬୧ ବର୍ଷ ବୟସ୍କ ବ୍ୟକ୍ତି ଦଶରଥ ବେହେରା ଅସଦାଚରଣ କରିଥିବା ଅଭିଯୋଗ ନେଇ ନାବାଳିକା ଙ୍କ ଭଉଣୀ ରଶ୍ମିତା ବେହେରା ଥାନା ରେ ମାମଲା ରୁଜୁ କରିଥିଲେ |ଅଭିଯୋଗ ଆଧାର ପୋଲିସ ଦଶରଥ ଙ୍କୁ ଅଟକ ରଖିଥିବା ବେଳେ ତାଙ୍କ ସ୍ୱାମୀ ନିର୍ଦୋଷ ଓ ତାଂକୁ ମିଛ କେସ ରେ ଫସାଇ ଦେଇଥିବା କହିଛନ୍ତି ସ୍ତ୍ରୀ ସୁଶୀଳା ବେହେରା | ଅସଦାଚରଣ ଅଭିଯୋଗ ହୋଇଥିବା ସ୍ଥାନ ର ପ୍ରତ୍ୟକ୍ଷଦର୍ଶୀ ଏ ବାବଦରେ କହିଛନ୍ତି ଯେ ଦଶରଥ ସମ୍ପୂର୍ଣ ନିର୍ଦୋଷ |ରଶ୍ମିତା ସମ୍ପର୍କୀୟ ପୋଲିସ ବିଭାଗ ରେ ଚାକିରୀ କରିଥିବା କାରଣ _ru__ ଏଭଳି ))) କରିଛି | ଏ ନେଇ ଆଜି ବିଜାଗଡ଼ ରୁ ଅନେକ ଗ୍ରାମବାସୀ ଆସି ଦଶରଥ ନିର୍ଦୋଷ ତାଙ୍କୁ ଖଲାସ କରାଯାଉ ବୋଲି କହିବା ସହ ଏସ ପି ଙ୍କ ଦ୍ୱାରସ୍ଥ ହୋଇଥିଲେ
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पेंशन अटकी तो 52 साल बाद विधायक खगेश्वर राय की कानूनन फिर से शादी

Jalpaiguri, West Bengal:আটকে গিয়েছে পেনশন। আর সেই পেনশন পেতেই ৫২ বছর পর ফের বিয়ের পিঁড়িতে বসলেন রাজগঞ্জের চারবারের বিধায়ক খগেশ্বর রায়। ১৯৭৬ কার্ড ছাপিয়ে ঘটা করে বিয়ে হয়। ফের ২০২৪ সালে বিয়ের ৫০ বছর পূর্তি অনুষ্ঠান। ফের ২০২৬-এর ২০মে বুধবার আজ রেজিস্ট্রি ম্যারেজ। ফের বিয়ে করলেন রাজগঞ্জের প্রাক্তন বিধায়ক খগেশ্বর রায়। আটকে গিয়েছিল বিধায়ক পেনশন। আর সেই পেনশন পেতেই বিয়ের ৫২ বছর পর ফের আইনি বিয়ে সারলেন রাজগঞ্জের চারবারের প্রাক্তন বিধায়ক খগেশ্বর রায়। বুধবার স্ত্রীকে সঙ্গে নিয়ে জলপাইগুড়িতে এসে আইন মেনে পুনরায় বিবাহ সম্পন্ন করেন তিনি। এই ঘটনাকে ঘিরে রাজনৈতিক মহল থেকে সাধারণ মানুষের মধ্যে শুরু হয়েছে ব্যাপক চর্চা। জানা গিয়েছে, সম্প্রতি কলকাতায় গিয়ে বিধায়ক কোটার পেনশনের জন্য আবেদন করেছিলেন বর্ষীয়ান এই প্রাক্তন বিধায়ক। কিন্তু আবেদন প্রক্রিয়ার সময় ম্যারেজ সার্টিফিকেট জমা দিতে বলা হয়। দীর্ঘ দাম্পত্য জীবন কাটালেও তাদের আইনি রেজিস্ট্রেশন করা হয়নি। এরপরই সিদ্ধান্ত নেন আইনিভাবে বিয়ে সারার। বুধবার স্ত্রীকে নিয়ে জলপাইগুড়িতে এসে সমস্ত আইনি প্রক্রিয়া মেনে পুনরায় বিবাহ সম্পন্ন করেন খগেশ্বর রায়। জানা যায়, প্রায় ৫২ বছর আগে সামাজিক রীতিনীতি মেনে তাদের বিয়ে হয়েছিল। তবে সেইসময় আইনি রেজিস্ট্রেশন করা হয়নি।
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साय ने राहुल गांधी की टिप्पणी पर मोदी-शाह के खिलाफ अभद्र भाषा की कड़ी निंदा की

राहुल गांधी की टिप्पणी पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जताई कड़ी आपत्ति प्रधानमंत्री एवं गृहमंत्री के लिए ‘गद्दार’ जैसे शब्द का प्रयोग दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय : मुख्यमंत्री कांग्रेस लोकतांत्रिक मर्यादाएं भूल चुकी है, देश की जनता सब देख रही है : मुख्यमंत्री श्री साय रायपुर 20 मई 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के लिए ‘गद्दार’ जैसे अशोभनीय शब्द के प्रयोग की कड़ी निंदा की है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह बयान कांग्रेस की हताशा, राजनीतिक दिवालियापन और संकुचित मानसिकता को उजागर करता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि लंबे समय से सत्ता से दूर रहने की निराशा में कांग्रेस अब लोकतांत्रिक मर्यादाओं की सीमाएं लांघ चुकी है। उन्होंने कहा कि जिस नेतृत्व ने आतंकवाद और नक्सलवाद जैसी गंभीर चुनौतियों का दृढ़ता से सामना करते हुए देश की सुरक्षा को नई मजबूती दी, भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा को बढ़ाया और देश को विश्व मंच पर एक निर्णायक शक्ति के रूप में स्थापित किया, उसी नेतृत्व के खिलाफ इस प्रकार की अभद्र भाषा का प्रयोग बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री जैसे संवैधानिक पद केवल व्यक्ति विशेष नहीं, बल्कि राष्ट्र की गरिमा और लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रतीक होते हैं। राजनीतिक विरोध लोकतंत्र का हिस्सा हो सकता है, लेकिन उसकी आड़ में अपमानजनक और अतिवादी भाषा का प्रयोग स्वस्थ लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की बयानबाजी कांग्रेस नेतृत्व की राजनीतिक परिपक्वता पर गंभीर प्रश्न खड़े करती है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि देश की 140 करोड़ जनता प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में राष्ट्र की सुरक्षा, विकास और आत्मविश्वास को नई ऊंचाइयों पर पहुंचते हुए देख रही है। ऐसे में कांग्रेस का यह गैर-जिम्मेदाराना और लोकतंत्र-विरोधी आचरण देश की जागरूक जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी।
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योगी के नमाज बयान पर अखिलेश का तीखा हमला, हिंदू इशारे पर सपा रणनीति

Noida, Uttar Pradesh:सीएम योगी के नमाज वाले बयान से बौखलाए अखिलेश मंगलवार को भंडारे में पूरी बांटने की रणनीति पर उतरे अखिलेश 1995 में सपा ने हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज और इफ्तार का किया था प्रयास क्या बंगाल की हार ने अखिलेश की दी नई सीख ? योगी मॉडल से घबराकर हनुमानजी की शरण मे अखिलेश ? बीजेपी का समाजवादी पार्टी पर हमला बीजेपी प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी का सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर बयान मजहबी तुष्टिकरण समाजवादी पार्टी का आजमाया नुस्खा जनता को परेशानी हो,इससे सपा अध्यक्ष अखिलेश को कोई परेशानी नही सड़क पर नमाज़ पढ़ना अखिलेश जरूरी समझते हैं बंगाल चुनाव में हुई करारी हार के बाद अखिलेश को हिंदू याद आये पीडीए राजनीति के करारी हार से अखिलेश परेशान हैं
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रतलाम टोल पर भाजपा नेता शुभम गुर्जर के दबाव-धमकी वाला ऑडियो वायरल

Ratlam, Madhya Pradesh:रतलाम रतलाम में एक बार फिर भाजपा नेता शुभम गुर्जर का रतलाम बिलपांक टोल पर दबाव और धमकी का मामला सामने आया है। भाजपा नेता शुभम गुर्जर का एक ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह रतलाम के टोल मैनेजर अरजीत दास गुप्ता को फोन पर धमकाते सुनाई दे रहे हैं। आरोप है कि शुभम गुर्जर अपने समर्थकों के वाहनों को बिना टोल शुल्क दिए निकलवाने का दबाव बना रहे थे। ऑडियो में भाजपा नेता द्वारा टोल मैनेजर को कई बार अपशब्द कहे गए और लॉ एंड ऑर्डर बिगाड़ने की धमकी भी दी गई। बातचीत के दौरान यह भी कहा गया कि अगर उनकी बात नहीं मानी गई तो काम नहीं कर पाओगे और एसपी ऑफिस के चक्कर लगाते नजर आओगे। बताया जा रहा है कि शुभम गुर्जर का नाम पहले भी टोल पर विवाद और गुंडागर्दी जैसे मामलों में सामने आ चुका है। पूर्व में पिस्तौल दिखाकर धमकाने के आरोपों को लेकर भी उनका वीडियो चर्चा में रहा था। फिलहाल टोल मैनेजर अरजीत दास गुप्ता ने पूरे मामले की शिकायत पुलिस को दे दी है। वही शुभम गुर्जर ने भी टोल कम्पनी के खिलाफ पूलिस को आवेदन दिया है अब देखना होगा कि पुलिस इस वायरल ऑडियो और शिकायत के आधार पर क्या कार्रवाई करती है।
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परिवहन विभाग में 13 महीनों में 27 निलंबन, केवल 13 बहाली

Jaipur, Rajasthan:जयपुर। परिवहन विभाग में निलंबित और एपीओ निरीक्षकों-डीटीओ को बगैर काम वेतन दिया जा रहा है। कार्मिक विभाग की गाइडलाइन के विपरीत निलंबन मामलों की 6 माह बाद भी समीक्षा नहीं की जा रही है। आपको बता दें कि बीते अप्रैल माह के दौरान ही 4 परिवहन निरीक्षकों को निलंबित कर दिया गया है। विभाग से जुड़ी विभिन्न अनियमितताओं, चैकिंग प्रक्रिया में ढिलाई या लापरवाही, दुर्घटना रोकने में कमियां बताकर स्टाफ को निलंबित किया जा रहा है। बड़ी संख्या में 7 डिजिट घोटाले में लिप्तता मानकर ही कर्मचारी निलंबित कर दिए गए हैं। हालांकि रोचक बात यह है कि 7 डिजिट घोटाले की जांच ही सही तरीके से नहीं की गई है। परिवहन मुख्यालय के जिन अधिकारियों ने जांच की है, उन्हें खुद ही एमवी एक्ट के नियमों की जानकारी नहीं थी। इस वजह से गलतियां नहीं होते हुए भी कुछ कार्मिकों को दोषी मानते हुए कार्रवाई की जा रही है। रोचक बात यह है कि कर्मचारियों का निलंबन तो किया जा रहा है, लेकिन बहाली समय पर नहीं की जा रही है। कार्मिक विभाग की गाइडलाइन है कि निलंबन के 6 माह में निलंबित कार्मिकों की बहाली को लेकर रिव्यू किया जाना चाहिए। लेकिन परिवहन विभाग में समयबद्ध तरीके से निलंबन मामलों को रिव्यू नहीं किया जा रहा है। 13 माह में कितने कर्मचारी निलंबित, कितने बहाल? - अप्रैल 2025 से अप्रैल 2026 के बीच 27 कार्मिक हुए निलंबित - 16 परिवहन निरीक्षक और उप निरीक्षक निलंबित किए गए - 4 जिला परिवहन अधिकारी, 6 मंत्रालयिक कर्मचारी निलंबित - एक आरटीओ-एआरटीओ स्तर के अधिकारी निलंबित हुए -- 13 माह में 13 कर्मचारियों-अधिकारियों को ही बहाल किया गया - 6 परिवहन निरीक्षक-उप निरीक्षक बहाल किए गए - सभी 4 जिला परिवहन अधिकारी बहाल किए गए - इस अवधि में मात्र 2 मंत्रालयिक कर्मचारी बहाल हुए - एक आरटीओ-एआरटीओ स्तर के अधिकारी भी बहाल हुए क्या प्रशासनिक और राजनीतिक रस्साकशी है कारण ? आंकड़ों से साफ है कि 27 कार्मिकों के निलंबन के विपरीत बहाल मात्र 13 कार्मिकों को किया गया है। अभी भी 14 कार्मिकों की बहाली पर निर्णय होना बाकी है। रोचक बात यह है कि कई मामलों में 8 से 10 महीने और एक साल तक का समय हो चुका है। लेकिन इन्हें बहाल नहीं किया जा रहा है। जबकि 6 माह बीतने के बाद कर्मचारियों को 75 फीसदी वेतन दिया जाता है। प्रशासनिक शाखा द्वारा निलंबन मामलों का रिव्यू नहीं किए जाने से निलंबित कर्मचारियों को बिना किसी काम के ही तीन चौथाई तक वेतन दिया जा रहा है। बहाली मामलों में देरी के पीछे प्रशासनिक और राजनीतिक रस्साकशी को भी कारण माना जा रहा है। हालांकि पिछले 3 सप्ताह से परिवहन आयुक्त पुरुषोत्तम शर्मा के बतौर आयुक्त कार्य करने पर रोक के चलते भी ये निर्णय प्रभावित हुए हैं। इस कारण बड़ी संख्या में प्रशासनिक मामलों में देरी हुई है। आबकारी विभाग में एक माह में बहाली खनन, परिवहन और आबकारी जैसे विभाग राज्य सरकार के लिए राजस्व लाने वाले विभाग हैं। ऐसे में कार्मिकों को राजस्व अर्जन से जुड़े कार्यों में लगाया जाना जरूरी है। आबकारी विभाग में आमतौर पर एक से डेढ़ माह की अवधि में ही निलंबित कार्मिकों को बहाल कर दिया जाता है। लेकिन परिवहन विभाग में एक-एक साल तक भी कार्मिकों को बहाल नहीं करने से प्रशासनिक प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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