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महिला आरक्षण बिल पर हंगामा: राहुल गांधी का पुतला दहन, विरोध तेज

Hansi, Haryana:बाइट : बीजेपी नेता नेहा धवन और विधायक विनोद भयाना के पुत्र साहिल भयाना,बीड़ीसी चेयरपर्सन शीला देवी महिला आरक्षण बिल पारित न होने पर महिला मोर्चा ने कांग्रेस के खिलाफ किया प्रदर्शन राहुल गांधी के पुतले को चप्पल जूतों से पीटा पुतले को जलाकर किया रोष प्रदर्शन महिला आरक्षण बिल को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। बीजेपी जहां कांग्रेस पर बिल पास न होने का आरोप लगा रही है, वहीं कांग्रेस का कहना है कि सरकार की नीयत शुरू से ही स्पष्ट नहीं थी। इसी के तहत आज हांसी में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के पारित न होने के विरोध में एसडी कॉलेज के पास सड़क पर जोरदार प्रदर्शन देखने को मिला। बीजेपी युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने विपक्षी नेताओं के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और विरोध स्वरूप राहुल गांधी का पहले जूते चप्पलों से पीटकर पुतला फूंका。 इसके अलावा, आपको बताया गया है कि महिला आरक्षण पर कांग्रेस का आरोप है कि जब वर्ष 2023 में बिल पारित हो चुका है, तो इसके लागू होने में इतनी देरी क्यों हो रही है। बीजेपी को ये बिल पारित ही नहीं करना था। तभी जानबूझकर इस मुद्दे को लंबित रख रही है। अब बीजेपी का कहना है कि कांग्रेस के नेताओं ने इस बिल को पारित न करवाने के लिए बिल के विपरीत वोट डाले। और अब महिलाओं के मुद्दे पर राजनीति कर रही है। बीजेपी नेताओं के अनुसार, बिल महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था। आज प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर विपक्ष को घेरा。 बीजेपी नेता नेहा धवन और विधायक विनोद भयाना के पुत्र साहिल भयाना ने कहा कि यह बिल महिलाओं को राजनीतिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने के लिए बेहद जरूरी है। उनका आरोप है कि विपक्ष, खासकर राहुल गांधी की नीतियों के चलते ये बिल पारित नहीं हो पाया, जो देश की महिला शक्ति के साथ अन्याय हुआ है。 वही बीड़ीसी चेयरपर्सन शीला देवी ने बताया कि महिला सशक्तिकरण के लिए यह बिल बेहद जरूरी है, लेकिन विपक्ष के विरोध के कारण इसे पारित होने में बाधा आई, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को उनका अधिकार दिलाने के लिए संघर्ष जारी रहेगा। जब भी महिलाओं के अधिकारों का हनन हुआ है, वे सड़क पर उतरी हैं। उन्होंने कहा कि 33 प्रतिशत आरक्षण मिलने में जो अड़चनें आई हैं, उसके विरोध में यह प्रदर्शन किया गया और राहुल गांधी का पुतला दहन किया गया।
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महिला आरक्षण बिल गिरने पर भाजपा का आक्रोश संसद से सड़कों तक फैल गया

Ajmer, Rajasthan:पर संसद में महिला आरक्षण बिल गिरने पर भाजपा का आक्रोश सदन के गलियारों से निकलकर सड़कों तक आ गया है.. आज अजमेर में भारतीय जनता महिला मोर्चा की ओर से महिला जन आक्रोश रैली का आयोजन किया गया... भाजपा नेत्री महिलाओं ने कांग्रेस का जोरदार विरोध दर्ज करवाया... एक सभा के रूप में एकत्र हुए भाजपा शहर जिला के पदाधिकारी सहित महिला मोर्चा की अनेक नेत्रियों ने इस मौके पर कांग्रेस के नेताओं को महिला आरक्षण बिल के गिराए जाने पर जोरदार कोसा.. इस जन आक्रोश रैली में अस्पताल में कार्यरत नर्सिंग कर्मी और नर्सिंग स्टूडेंट छात्राओं ने भी अपनी भागीदारी दर्ज करवाई... लगभग 500 मीटर तक पैदल march कर आक्रोशित भाजपा को महिला नेत्रियों ने कांग्रेस के सांसदों का संयुक्त पुतला बनाकर दहन कर .. कांग्रेस के खिलाफ अपने आक्रोश का नारेबाजी कर इजहार किया ..महिलाओं का आरोप रहा कि इस बिल के गिरने से भले ही किसी राजनीतिक पार्टी को हानि या लाभ हुआ हो.. लेकिन महिला वर्ग को इसका बहुत बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है.. इस नुकसान का खामियाजा महिला शक्ति एकत्र होकर कांग्रेस को चुनाव के दौरान दिखाइगी... जहां हर घर चूल्हे तक पहुंच कर कांग्रेस के खिलाफ अभियान को पहुंचाया जाएगा ...
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सरकार का 24 घंटे में यू-टर्न: सरकारी कर्मचारियों की राजनीति पर नया मोड़

Raipur, Chhattisgarh:कर्मचारियों के किसी संगठन से जुड़ने पर रोक लगाने वाले आदेश पर सरकार का 24 घंटे में यू टर्न, रोक लगी पर सियासत गरमा गई रायपुर. छत्तीसगढ़ सरकार ने सरकारी कर्मचारियों को राजनीतिक, सामाजिक और अन्य संगठनों की गतिविधियों में शामिल होने से रोकने वाले आदेश पर 24 घंटे के भीतर यू टर्न ले लिया. सामान्य प्रशासन विभाग ने 21 अप्रैल को आदेश जारी कर कहा था कि कोई भी सरकारी कर्मचारी बिना विभागीय अनुमति किसी संगठन के कार्यक्रम में शामिल नहीं होगा. किसी समिति, संघ या संगठन की सदस्यता लेने के लिए भी पूर्व अनुमति जरूरी होगी. कर्मचारियों के राजनीतिक और अन्य पदों पर नियुक्ति पर भी रोक लगाई गई थी. आदेश सामने आते ही कर्मचारी संगठनों से लेकर राजनीतिक गलियारों तक हलचल बढ़ गई. प्रदेशभर में आदेश के खिलाफ विरोध शुरू हुआ. कर्मचारी संगठनों ने इसे अधिकारों पर अंकुश बताया. छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों के सामने आपत्ति दर्ज कराई. इस आदेश के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई. विरोध बढ़ने के बाद सरकार ने 22 अप्रैल को नया आदेश जारी कर पूर्व आदेश स्थगित कर दिया. इस तरह 24 घंटे के भीतर ही सरकार को फैसला वापस लेना पड़ा. छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा ने कहा कि सरकार ने आचरण नियमों का हवाला देकर आदेश जारी किया था, लेकिन कर्मचारियों को संगठन से जुड़ने से पहले अनुमति लेने की शर्त व्यवहारिक नहीं थी. उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में कर्मचारियों ने आदेश का विरोध किया और शासन को निर्णय वापस लेना पड़ा. वर्मा ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में कर्मचारियों को वैधानिक और सामाजिक मंचों से जुड़ने का अधिकार बना रहना चाहिए. भाजपा विधायक पुरंदर मिश्रा ने सरकार के फैसले का बचाव करते हुए कहा कि सरकार ने जो भी निर्णय लिया होगा, सोच समझकर लिया होगा. उन्होंने कहा कि राजनीति में आने का रास्ता साफ है. यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी सक्रिय राजनीति करना चाहता है तो पहले सेवा छोड़नी होती है. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि ओपी चौधरी और नीलकंठ टेकाम जैसे लोग नौकरी छोड़कर राजनीति में आए और चुनाव लड़े. उन्होंने यह भी संकेत दिया कि सरकारी सेवा में रहते हुए राजनीतिक सक्रियता उचित नहीं मानी जा सकती. इसलिए नियम और व्यवस्था के बीच संतुलन जरूरी है. कांग्रेस ने नए आदेश पर सरकार को घेरा है. कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि सरकार स्पष्ट करे क्या अब सरकारी कर्मचारी राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियों में शामिल हो सकते हैं. क्या वे किसी संगठन के पदाधिकारी बन सकते हैं. क्या सरकार ने सर्विस रूल में कोई नई छूट दे दी है. शुक्ला ने आरोप लगाया कि आदेश और फिर उसकी वापसी से भ्रम की स्थिति बनी है. सरकार के 24 घंटे में फैसले बदलने से प्रशासनिक तैयारी, नीति स्पष्टता और राजनीतिक संदेश तीनों पर सवाल उठे हैं. अब सबकी नजर इस बात पर है कि सरकार भविष्य में सरकारी कर्मचारियों की राजनीतिक, सामाजिक और संगठनात्मक भागीदारी पर स्पष्ट और स्थायी दिशा निर्देश जारी करती है या नहीं.
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नोएडा 39 थाना: राहुल शेरा गिरफ्तार, तीन मोटरसाइकिल और 315 बोर तमंचा बरामद

Noida, Uttar Pradesh:नोएडा थाना 39 पुलिस ने वाहन चोरी के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे व निशानदेही पर चोरी की तीन मोटरसाइकिलें और एक अवैध .315 बोर तमंचा बरामद किया है। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान राहुल शेरा के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे छलेरा सेक्टर-43 की ओर, चौकी क्षेत्र सेक्टर-37 के पास से गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने वाहन चोरी की घटनाओं को कबूल किया, जिसके आधार पर बरामदगी की गई। अभियुक्त मूल रूप से ग्राम महोली, थाना करताई, जिला करौली (राजस्थान) का निवासी है और वर्तमान में बरोला, सेक्टर-49 नोएडा में किराए के मकान में रह रहा था। उसकी उम्र 22 वर्ष बताई गई है。 पुलिस द्वारा आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
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गंगोत्री में आस्था के नाम पर गंगा में कपड़े बहाने से प्रदूषण सवाल उठे

barahat, Uttarkashi, Uttarakhand:उत्तरकाशी: गंगोत्री धाम में आस्था के नाम पर माँ गंगा को मैला किया जा रहा है. श्रद्धालु बड़ी संख्या में गंगा में वस्त्र और श्रृंगार सामग्री प्रवाहित कर रहे हैं, जिससे जल प्रदूषित हो रहा है और पवित्रता पर सवाल उठ रहे हैं. गंगा विचार मंच, नगर पंचायत, वन विभाग और गंगोत्री नेशनल पार्क की टीम ने मिलकर एक बड़ा स्वच्छता अभियान चलाया. अभियान के दौरान गंगा से करीब 100 बोरे कपड़े और कचरा निकाला गया. यात्रियों से अपील की गई: गंगा को प्रदूषित न करें; आस्था अपनी जगह है लेकिन अगर यही आस्था माँ गंगा को नुकसान पहुंचाए तो उसे बदलना जरूरी है. माँ गंगा को साफ रखना ही सच्ची श्रद्धा है.
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महराजगंज में ट्रेलर-बाइक भिड़ंत: एक परिवार समेत चार की मौत

Maharajganj, Uttar Pradesh:एंकर- महाराजगंज जिले में एक भीषण सड़क हादसा हुआ है जिसमें मौके पर ही तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है। जानकारी के अनुसार सिंदुरिया थाना क्षेत्र के बलुही धूस में ट्रक और बाइक सवार की आमने-सामने भीषण टक्कर हो गई, जिससे बाइक सवार एक ही परिवार के तीन लोग मौके पर ही मर गए। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम भेज दिया और ट्रेलर के चालक को हिरासत में लेकर विधिक कार्रवाई में जुटी है। अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ के अनुसार एक ही बाइक पर सवार तीन लोग ईंट भट्ठे से लौट रहे थे, तभी बलुही धूस के पास तेज रफ्तार से आ रहे गिट्टी लदे ट्रेलर से टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि मौके पर एक पुरुष, एक महिला और 5 साल के बच्चे की मौत हो गई है।
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जैसलमेर में पति के वापस लौटते ही महिला की हत्या, लूट के संकेत

Jaisalmer, Rajasthan:जैसलमेर जिले के झिझनियाली थाना क्षेत्र में एक सनसन‍ीखेज वारदात सामने आई है। बदमाशों ने एक किसान की पत्नी की सिर पर वार कर हत्या कर दी। वारदात के समय आरोपी घर के बाहर खड़ा ट्रैक्टर और जीरे की बोरीयां भी ले गए। घटना के समय महिला घर में अकेली थी, जबकि उसका पति शादी समारोह में गया हुआ था। मृतका और उसका पति मूल रूप से बायतु के कानोड़ गांव के रहने वाले हैं और पिछले 13 साल से अपने खेत में बने ट्यूबवेल पर रह रहे थे। ट्रैक्टर और जीरा भी गायब, लूट की आशंका। पति अमराराम ने बताया कि घर के बाहर खड़ा ट्रैक्टर गायब है। साथ ही घर में रखी जीरे की बोरियां भी नहीं मिल रही हैं। हालांकि पुलिस की तलाशी में घर के अंदर से 30 बोरी जीरा सुरक्षित बरामद हुआ है। घटनास्थल के आसपास संदिग्धों के पैरों के निशान भी मिले हैं, जिससे लूट के इरादे से हत्या की आशंका जताई जा रही है। एसपी पहुंचे मौके पर, एफएसएल टीम जांच में जुटी।
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पिपरोली में दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष, महिलाओं समेत 8 घायल

Alwar, Rajasthan:पिपरोली में दो पक्षों में खूनी झड़प: वाहन टक्कर से शुरू हुआ विवाद, महिलाओं समेत 8 घायल रामगढ़ (अलवर)। थाना क्षेत्र के पिपरोली गांव के मोती बास में बुधवार शाम एक मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। दो पक्षों के बीच हुई कहासुनी देखते ही देखते लाठी-डंडों की झड़प में बदल गई, जिसमें महिलाओं सहित कुल 8 लोग घायल हो गए। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जानकारी के अनुसार, शाम करीब 6:30 बजे एक पिकअप और कार की आपस में टक्कर हो गई। टक्कर के बाद दोनों पक्षों में बहस शुरू हुई, जो कुछ ही देर में मारपीट में बदल गई। मौके पर मौजूद लोगों ने हस्तक्षेप कर स्थिति को शांत कराया, लेकिन विवाद पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ। गुरुवार दोपहर एक पक्ष के जैकम पुत्र फजर खान निवासी मोती बास, पिपरोली ने रामगढ़ थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई। उसने आरोप लगाया कि शाम करीब 7:30 बजे नन्ने खान अपने परिजनों के साथ पुरानी रंजिश के चलते लाठी-डंडों के साथ उसके घर पहुंचा और हमला कर दिया, जिसमें उसके परिवार के चार सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए。 वहीं दूसरे पक्ष का कहना है कि जैकम के परिजन शराब के नशे में उनके घर आए और गाली-गलौज करते हुए पहले हमला किया, जिसमें उनकी ओर से भी एक महिला सहित चार लोग घायल हुए हैं। घटना के बाद सभी घायलों को रामगढ़ उप जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर घायलों को अलवर जिला अस्पताल रेफर किया गया। सभी घायलों का उपचार जारी है। रामगढ़ पुलिस ने एक पक्ष की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों के बयान लिए जा रहे हैं और हर पहलू से जांच की जा रही है। गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस निगरानी बढ़ा दी गई है। बाइट: साहुन खान (घायल, एक पक्ष) रहीश खान (घायल, दूसरा पक्ष)
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देवरिया में एक दिन की जिलाधिकारी बनी छात्रा साक्षी दूबे ने प्रशासन समझा

Deoria, Uttar Pradesh:देवरिया जनपद से एक प्रेरणादायक खबर सामने आई है। जहां एक दिन की जिलाधिकारी कार्यक्रम के तहत छात्रा साक्षी दूबे को जो क्लास दसवीं की छात्रा है जिलाधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई। यह पहल मिशन शक्ति के तहत आयोजित की गई, जिसका उद्देश्य बालिकाओं में आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता विकसित करना है। साक्षी दूबे ने कलेक्ट्रेट में बैठकर प्रशासनिक कार्यों को करीब से समझा और विभिन्न अधिकारियों से बातचीत कर उनके कामकाज की जानकारी ली। इस मौके पर जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने बालिकाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि मेहनत और दृढ़ संकल्प से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। कार्यक्रम में छात्राओं का उत्साह देखने लायक था और अधिकारियों ने भी इस पहल की सराहना की। यह प्रयास निश्चित रूप से बालिकाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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अभय चौटाला: गेहूं खरीद में सरकार की नाकामी, किसान परेशान

Chandigarh, Chandigarh:अभय चौटाला ने कहा कि गेहूं खरीद के मुद्दे पर हमने अपने कार्यकर्ताओं की मंडियों ड्यूटी लगाई थी और सहायक केंद्र खोले थे। ताकी किसानों को समस्या न आए। हमने सरकार से कहा था कि सरकार बायोमेट्रिक ना करें। लेकिन सरकार ने बायोमेट्रिक की । इससे किसानों को बहुत परेशानी आई। अब किसानों की गेहूं का उठान नहीं हो रहा है। जिससे किसानों के खाते में पैसे नहीं आ रहे हैं। सरकार की कोशिश तो यही थी कि कि किसानों की गेहूं अंबानी और अडानी के साईलोस में जाए और वह कमियां निकाल कर फसल को कम कीमत पर खरीदें। लेकिन हमने इस लड़ाई को लड़ा जिससे सरकार दबाव में आई और मंडियों गेहूं खरीद की जा रही है। मुख्यमंत्री ने एक विशेष सत्र बुलाया है जिसमें महिला बिल को लेकर निंदा प्रस्ताव लाया जाएगा। मुख्यमंत्री के पास महिला आरक्षण बिल पर निंदा प्रस्ताव लाने का समय है। लेकिन किसानों को लिए नहीं। अगर निंदा प्रस्ताव लाना ही था तो सरकार की कमियां और खामियों के बारे में लाना चाहिए था। किसानों को जो दिक्कतें आई है उसके लिए कहा जाना था कि आगे से इस किसानों को ऐसी समस्याएं नहीं आएगी। जो बिल लोकसभा में गिर गया उसकी चर्चा यहां पर करने का क्या मतलब है। भाजपा सरकार महिला आरक्षण बिल पर राजनीति कर रही थी जिसमें वह सफल नहीं हुए। इसको लेकर मैं विपक्ष के साथियों का धन्यवाद करता हूँ कि उन्होंने भाजपा की मंशा को पूरा नहीं होने दिया। सरकार ने किसानों के लिए एक समस्या और खड़ी कर दी। किसान की जमीन की जो रजिस्ट्री होती है। अब इतनी फीस सिर्फ 3 दिन का समय रखा गया है जिसमें कई अलग-अलग अधिकारियों के पास जाना पड़ता है। पोर्टल पर अपडेट भी करना पड़ता है। पोर्टल का सर्वर कब डाउन हो जाए यह पता नहीं चलता। पोर्टल की वजह से किसानों को मंडियों में भी बहुत परेशानी हो रही है। पहले जमीन पैमाइश का काम आसान था। अब सरकार ने इसके लिए 32 करोड़ रुपए खर्च कर के रोवर मशीने खरीद ली। लेकिन वो तीन साल से खड़ी हैं। इनके पास उन्हें चलाने के लोग ही नहीं है। यह मशीन है सिर्फ कमीशन खाने के लिए खरीदी गई थीं। प्रदेश में पैमाइश के लिए 4000 लोगों ने अप्लाई किया था। जिसमें से सिर्फ 40 लोगों की जमीन की पैमाइश ही हो पाई है। सरकार को किसानों के लिए इन ईनेलो से मेयर उम्मीदवार आनंद खत्री, सोनीपत मनोज अग्रवाल पंचकूला अंबाला से मेयर उम्मीदवार का नाम आज शाम तक घोषित किया जाएगा। बंगाल चुनाव को लेकर कहा कि भाजपा प्रजातंत्र को बल के साथ दबाना चाहती है। लेकिन भाजपा जितना इस तरह के लोगों को दबाने का काम करेगी उतना ही रोष बढ़ेगा। भाजपा ने बंगाल में फोर्सेस को लगाकर डराने की कोशिश की है। मुझे नहीं लगता कि भाजपा वहां पर जीत हासिल कर सकती है वहां पर ममता बनर्जी ही जीत दर्ज करेंगी। बीबीएमबी को लेकर कहा कि जब हमारा अधिकारी वहां नहीं होगा तो हमारी पैरवी कौन करेगा। सरकार को इस बारे में चर्चा करनी चाहिए। पंजाब में भाजपा का कोई वजूद नहीं है। मुख्यमंत्री को हरियाणा में कोई नहीं बुलाता तो वो पंजाब चले जाते हैं।
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