500004
కోఠిలోని ఉస్మానియా మెడికల్ కాలేజీ వద్ద ఉస్మానియా అలైడ్ సైన్స్ విద్యార్థులు నిరసన తెలిపారు
Hyderabad, Telangana:కోఠి ఉస్మానియా మెడికల్ కాలేజీలో ఉస్మానియా అలైడ్ సైన్స్ విద్యార్థుల ప్రదర్శన BSC అలైడ్ సైన్స్ స్టూడెంట్స్ కాలేజ్ యూనివర్శిటీలో సరైన టీచింగ్ స్టాఫ్ లేకపోవడం మరియు విద్యార్థులను లోనికి అనుమతించకపోవడం వల్ల 860 మంది విద్యార్థులలో 16 మంది విద్యార్థులు మాత్రమే ఉత్తీర్ణులయ్యారు. మైదానంలో చాలా అన్యాయం జరుగుతోందని, ఫెయిల్ అయిన 844 మంది విద్యార్థులకు న్యాయం చేయాలని, బీఎస్సీలో సౌకర్యాలు కల్పించాలన్నారు.
0
0
Report
हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|
वेदांता हादसे में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव एवं डीजीपी को दिया नोटिस,,
Binouri, Chhattisgarh:राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने मीडिया रिपोर्टों का स्वतः संज्ञान लिया है, जिनमें कहा गया है कि छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में स्थित एक थर्मल पावर प्लांट में 14 अप्रैल 2026 को बॉयलर ट्यूब विस्फोट के कारण कम से कम 25 श्रमिकों की मृत्यु हो गई और अन्य घायल हो गए। खबरों के अनुसार, विस्फोट से निकली अत्यधिक गर्म भाप ने श्रमिकों को अपनी चपेट में ले लिया। आयोग ने पाया है कि यदि समाचार रिपोर्ट में दी गई जानकारी सही है तो इससे पीड़ितों के मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन के मामले सामने आते हैं। इसलिए, आयोग ने मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर इस मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट में प्रभावित श्रमिकों को मुआवजे के संवितरण की स्थिति और घायलों के स्वास्थ्य की जानकारी शामिल होनी चाहिए। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बॉयलर को बंद करके ठंडा करने के बाद पुलिस ने बचाव अभियान आरंभ किया। घायल श्रमिकों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया।0
0
Report
फतेहपुर के गांव में मामूली विवाद के बाद खूनी संघर्ष, 12 घायल
Fatehpur, Uttar Pradesh:मामूली विवाद बना खूनी संघर्ष, दो पक्षों में जमकर चले लाठी-डंडे। महिलाओं समेत एक दर्जन लोग घायल, घटना के बाद गांव में मचा हड़कंप। एक हफ्ते पहले की मारपीट से भड़का था पूरा विवाद। दोनों पक्षों में खूनी झड़प का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल। पुलिस ने दोनों पक्षों की तहरीर लेकर शुरू की जांच। सुल्तानपुर घोष थाना क्षेत्र का मामला0
0
Report
एनसीआर में वायु प्रदूषण घटाने के लिए 23 CAQUMS और एग्रीगेटर नीति घोषित
Chandigarh, Chandigarh: चंडीगढ़, 24 अप्रैल- हरियाणा सरकार द्वारा एनसीआर में वायु गुणवत्ता की सटीक निगरानी के लिए 23 नए सीएएक्यूएमएस स्थापित किए जाएंगे। साथ ही, राज्य में संचालित कैब एवं राइड-शेयरिंग सेवाओं को विनियमित करने के लिए शीघ्र ही एग्रीगेटर पाॅलिसी लाई जाएगी。 मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने और वायु गुणवत्ता प्रबंधन से जुड़ी विभिन्न पहलों की व्यापक समीक्षा की। इस उच्च स्तरीय बैठक में प्रदूषण में 30-35 प्रतिशत तक कमी लाने के लक्ष्य के साथ बहु-क्षेत्रीय कार्ययोजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया गया। मुख्य सचिव ने एनसीआर के नगर निगम आयुक्तों तथा गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत महानगर विकास प्राधिकरणों को निर्देश दिए कि वे कम से कम पांच प्रमुख सड़कों की पहचान कर उन्हें मॉडल “डस्ट-फ्री” सड़कों के रूप में विकसित करें। इस सम्बन्ध में वर्ष 2026 के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने से लेकर कार्य पूर्ण होने तक की एक समग्र और समयबद्ध कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि परिवहन, निर्माण एवं विध्वंस गतिविधियों तथा औद्योगिक उत्सर्जन से होने वाले प्रदूषण को सटीक योजना और समयबद्ध कार्यान्वयन के माध्यम से प्रभावी ढंग से नियंत्रित करना होगा。 पर्यावरण, वन एवं वन्यजीव विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री सुधीर राजपाल ने क्षेत्र में वाहनों से होने वाले प्रदूषण की सघन जांच की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि वाहन प्रदूषण मानकों के अनुपालन को जमीनी स्तर पर सख्ती से लागू किया जाए और एनसीआर के व्यस्त मार्गों पर विशेष जांच अभियान चलाकर अत्यधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। उन्होंने चलती गाड़ियों के उत्सर्जन की निगरानी के लिए अत्याधुनिक तकनीक के उपयोग और उसके आधार पर चालान करने पर बल दिया。 मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने परिवहन विभाग को निर्देश दिए कि प्रदूषण जांच केंद्रों से डेटा एकत्रित किया जाए कि कितने मामलों में प्रमाणपत्र जारी करने से इंकार किया गया अथवा कितने मामलों में उत्सर्जन मानक निर्धारित सीमा से अधिक पाया गया。 परिवहन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री राजा शेखर वुंडरू ने बताया कि राज्य में संचालित कैब एवं राइड-शेयरिंग सेवाओं को विनियमित करने के लिए शीघ्र ही एग्रीगेटर नीति लाई जाएगी। इससे निजी वाहनों का बड़ा बेड़ा नियामक ढांचे के तहत आएगा और यह सुनिश्चित होगा कि एग्रीगेटर से जुड़े वाहन निर्धारित उत्सर्जन मानकों का पालन करें और क्षेत्र में परिवहन से होने वाले प्रदूषण को कम करने के समग्र प्रयासों में योगदान दें। उन्होंने यह भी बताया कि वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के निर्देशों के अनुरूप एनसीआर के प्रमुख जिलों में डीजल ऑटो लगभग पूरी तरह बंद कर दिए गए हैं तथा शेष क्षेत्रों में 31 दिसंबर, 2026 तक इन्हें चरणबद्ध तरीके से बंद कर दिया जाएगा। उन्होंने “नया सफर योजना” के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इसके तहत लगभग 1.9 लाख पुराने ट्रकों और 16,000 बसों को हटाकर बीएस-6, सीएनजी एवं इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाया जाएगा। योजना के तहत वित्तीय प्रोत्साहन तथा टैक्स में छूट जैसी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी。 हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष श्री जे. गणेशन ने बताया कि एनसीआर में वायु गुणवत्ता की सटीक निगरानी के लिए सीएएक्यूएमएस की संख्या जुलाई 2026 तक 29 से बढ़ाकर 52 की जाएगी। इसके लिए मई माह के पहले सप्ताह में टेंडर जारी किए जाएंगे。 बोर्ड के सदस्य सचिव श्री योगेश कुमार ने बताया कि 889 औद्योगिक इकाइयों को निरंतर उत्सर्जन निगरानी प्रणाली (सीईएमएस) स्थापित करने के निर्देश दिए गए थे, जिनमें से 871 इकाइयों मे यह प्रणाली स्थापित की जा चुकी है और 735 इकाइयां सक्रिय रूप से डेटा साझा कर रही हैं। सभी बड़े और मध्यम उद्योगों को जुलाई तक तथा लघु उद्योगों को सितंबर 2026 तक प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों को अपग्रेड करने के निर्देश दिए गए हैं। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के महानिदेशक श्री राज नारायण ने बताया कि वर्ष 2016 की तुलना में धान की पराली जलाने की घटनाओं में 90 प्रतिशत से अधिक कमी आई है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि लगभग 13,000 सीआरएम मशीनों की कमी की पहचान की गई है, जिसे धान कटाई सीजन से पहले पूरा कर लिया जाएगा। मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने एनसीआर के सात नगर निगमों की वर्ष 2026 की सिटी एक्शन प्लान की भी समीक्षा की। नगर निगम आयुक्तों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में भाग लिया। इन कार्य-योजनाओं में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए 360 डिग्री दृष्टिकोण अपनाया गया है, जिसमें परिवहन, पुलिस, जीएमडीए, एफएमडीए, एसएमडीए, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, वन, लोक निर्माण, एनएचएआई, ऊर्जा और उद्योग विभागों की समन्वित भूमिका सुनिश्चित की गई है। कार्य-योजना में सड़क धूल नियंत्रण, निर्माण एवं विध्वंस उत्सर्जन में कमी, यातायात जाम के बिंदुओं का समाधान, वायु निगरानी नेटवर्क का विस्तार, अंतिम मील कनेक्टिविटी, सड़कों की शुरू से अन्त तक पेवमेंट, हरित क्षेत्र का विस्तार, इलेक्ट्रिक बसों और ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास तथा पार्किंग सुविधाओं का विस्तार शामिल है। साथ ही, पुराने ठोस अपशिष्ट को 31 मार्च, 2027 तक पूरी तरह समाप्त करने का लक्ष्य रखा गया है。 नगर निगमों द्वारा निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए प्रोसेसिंग प्लांट और प्रत्येक 25 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में एक सेकेंडरी कलेक्शन प्वाइंट स्थापित करने की भी योजना है。 बैठक में मैकेनाइज्ड रोड स्वीपिंग मशीनों, जल छिड़काव (वॉटर स्प्रिंकलर) तथा एंटी-स्मॉग गन के माध्यम से धूल नियंत्रण उपायों की प्रगति की भी समीक्षा की गई।0
0
Report
Advertisement
पखांजूर के अंदरूनी गांवों में लकवा से मरीज खटिया पर 19 किमी अस्पताल पहुंचे
Pakhanjur, Chhattisgarh:पखांजूर के अंदरूनी गांवों से बेंगाडा/बीनाگुंडा क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी स्पष्ट हो रही है। एक लकवाग्रस्त युवक को अस्पताल पहुंचाने के लिए 108 एंबुलेंस उपलब्ध नहीं मिल सकी और मजबूरन 20 ग्रामीणों ने उसे खटिया में लादकर 19 किलोमीटर पैदल सफर तय किया। यह घटना नारायणपुर और कांकेर जिलों की सीमा से लगे बीनाگुंडा गांव की है, जहां तीन दिन तक एंबुलेंस नहीं मिली और सड़क भी नदारद रही। करीब चार घंटे के संघर्ष के बाद छोटेबेठिया BSF कैंप से मदद मिल पाई और फिर मरीज को अस्पताल पहुंचाया गया। यह मामला बताता है कि पिछले दिनों भी इस इलाके में एंबुलेंस सेवा अक्सर ठप रहती है, और गांव तक पहुंचना मुश्किल है। सवाल उठते हैं—क्या अंदरूनी गांवों में जिंदगी की कीमत सरकार के दावों के बराबर है, और कब तक मरीज खटिया पर स्थिर रहते रहेंगे?0
0
Report
भिंड में फर्जी लाइसेंस सिंडिकेट का भंडाफोड़: मौत के परमिट 3 लाख में
Bhind, Madhya Pradesh:2504ZMP_BHIND_FARJI_R हेडर-भिंड में ‘फर्जी लाइसेंस सिंडिकेट’ का भंडाफोड़, 3 लाख में बिक रहा था मौत का परमिट! ये सिर्फ फर्जी कागजों का खेल नहीं था… ये था एक संगठित सिंडिकेट… जो पहचान पत्रों में छेड़छाड़ कर… सिस्टम को हैक कर… अवैध हथियारों को वैध बनाने का खेल खेला जा रहा था। सूत्रों की मानें तो, -एक फर्जी लाइसेंस की कीमत थी करीब 3 लाख रुपये -पेन कार्ड, आधार कार्ड और फोटो से छेड़छाड़ कर तैयार किए जाते थे दस्तावेज -ऑनलाइन पोर्टल तक को गुमराह किया गया जैसे ही पुलिस की साइबर टीम ने रिकॉर्ड खंगाले… पूरा खेल खुलकर सामने आ गया। -सबसे बड़ा खुलासा- इस रैकेट में आर्म्स शाखा के कर्मचारी भी शामिल पाए गए… यानी, जिनके कंधों पर सुरक्षा की जिम्मेदारी थी… वही सिस्टम को अंदर से खोखला कर रहे थे। -बरामदगी, पुलिस ने कार्रवाई करते हुए -10 पिस्टल (32 बोर) -1 राइफल (315 बोर) बरामद की है… और 13 आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। -अब सवाल ये है, आखिर इस सिंडिकेट की जड़ें कितनी गहरी हैं? क्या ये नेटवर्क सिर्फ भिंड तक सीमित है… या पूरे प्रदेश में फैला हुआ है? पुलिस का कहना है — जांच अभी जारी है… और इस फर्जीवाड़े से जुड़े हर चेहरे को बेनकाब किया जाएगा…0
0
Report
पालीगंज में तेज रफ्तार के कहर: बुलेट सवार पेड़ से टकराकर मौत, 2 घायल
Danapur, Bihar:Headling पालीगंज में तेज रफ्तार का कहर, बुलेट सवार ने सड़क किनारे पेड़ में मारी,एक की मौत दो घायल,परिवार में छाया मातम। पटना जिले के पालीगंज अनुमंडल क्षेत्र में एक बार फिर तेजरफ्तार का कहर देखने को मिला। जहां एक बुलेट सवार ने सड़क किनारे पेड़ में जबरदस्त टक्कर मार दी। बुलेट पर सवार तीन लोगों में से एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि इस घटना में एक महिला और एक पुरुष घायल बताया जा रहा हैं। मृतक व्यक्ति की पहचान अरवल जिला के किंजर गांव निवासी शाहनवाज आलम के रूप में हुई है जबकि घायल की पहचान गुड्डी कुमारी और अरविंद कुमार के रूप में हुई है। घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। जहां घायलों को इलाज के लिए पालीगंज अनुमंडल अस्पताल में भर्ती किया गया। जहां से बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया गया है जबकि मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया है। घटना के संबंध में बताया जा रहा है कि सुबह बुलेट सवार तीनों लोग अरवल जिला के किंजर से पालीगंज की ओर आ रहे थे तबही चंदौस गांव के पास बुलेट सवार का संतुलन बिगड़ा और सड़क किनारे पेड़ से भीषण टक्कर हो गई। जिसके बाद तीनों सड़क के गिर गए। जहां स्थानीय लोगों ने सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। जहां डॉक्टर एक को मृत घोषित कर दिया। जबकि दो लोगों को इलाज के लिए पटना रेफर किया गया पुलिस घटनास्थल पर पहुंचकर घायल और मृतक के परिजनों को सूचना दे दिया है।इधर मौत के बाद मौके पर पहुंचे मृतक के परिजनों में कोहराम मच गया।0
0
Report
Advertisement
सोनभद्र में लेनदेन विवाद में युवक पर हमला, वीडियो वायरल की धमकी आरोपित
Obra, Uttar Pradesh:सोनभद्र में एक युवक ने अपने साथ हुई हैवानियत को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित का कहना है कि लेनदेन के विवाद में उसे बंधक बनाकर घंटों तक पीटा गया, निर्वस्त्र कर जख्मों पर नमक रगड़ा गया, जबरन शराब पिलाई गई और उसका वीडियो बनाकर वायरल करने की धमकी दी गई। पीड़ित का यह भी आरोप है कि उससे जबरन कागजातों पर हस्ताक्षर करवाए गए और उसके परिवार से तीन लाख रुपये की मांग की गई। हैरानी की बात ये है कि घटना के बाद पीड़ित कई दिनों तक कोतवाली का चक्कर लगाता रहा, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हुई। मीडिया में मामला सामने आने के बाद अब पुलिस हरकत में आई है और मुकदमा दर्ज करने की बात कही जा रही है। आखिर इतनी गंभीर आरोपों के बावजूद कार्रवाई में देरी क्यों हुई, ये बड़ा सवाल है। राबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के ऐलाही गांव निवासी अमित पटेल ने मीडिया को दी जानकारी में अपने साथ हुई घटना को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित के अनुसार, लेनदेन के विवाद में उसे अगवा कर एक कमरे में ले जایا गया, जहां करीब 8 घंटे तक रस्सी से बांधकर उसके साथ मारपीट की गई। पीड़ित का आरोप है कि इस दौरान उसे निर्वस्त्र कर पीटा गया और उसके जख्मों पर नमक रगड़ा गया। उसने यह भी बताया कि मारपीट के दौरान उसे जबरन शराब पिलाई गई, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई और उसने उल्टी कर दी, इसके बावजूद आरोपियों द्वारा कथित तौर पर उसे प्रताड़ित किया जाता रहा। अमित पटेल के मुताबिक, आरोपियों ने उसका वीडियो भी बनाया और धमकी दी कि पैसे नहीं देने पर वीडियो वायरल कर दिया जाएगा। पीड़ित का कहना है कि यदि आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच की जाए तो वीडियो मिलने की संभावना है, और वह घटना स्थल की पहचान भी कर सकता है जहां उसके साथ कथित तौर पर यह सब हुआ। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया है कि उससे जबरन कुछ कागजातों पर हस्ताक्षर करवाए गए और उसके माता-पिता को फोन कर तीन लाख रुपये लेकर आने के लिए कहा गया। पीड़ित के अनुसार, घटना के बाद वह लगातार तीन दिनों तक कोतवाली का चक्कर लगाता रहा, लेकिन उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई। उसने मीडिया को बताया कि उसे थाने और अस्पताल के बीच दौड़ाया जाता रहा, पर उसकी तहरीर पर मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। मामला जब मीडिया में सामने आया, तब पुलिस हरकत में आई और अब पीड़ित की तहरीर के आधार पर दो नामजद समेत पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की बात कही जा रही है। हालांकि, इन सभी आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी, लेकिन बड़ा सवाल यही है कि इतने गंभीर आरोपों के बावजूद कार्रवाई में देरी क्यों हुई और क्या बिना मीडिया के हस्तक्षेप के यह मामला दर्ज हो पाता।0
0
Report
अंबेडकरनगर: आज से होमगार्ड भर्ती परीक्षा, 9 केंद्रों में कड़ी सुरक्षा
Ambad, Maharashtra:अम्बेडकरनगर- होमगार्ड भर्ती परीक्षा 2025 आज से,, जिले के 9 परीक्षा केंद्रों ओर आयोजित होगी होमगार्ड एनरोलमेंट 2025 की परीक्षा,, , 25 से 27 अप्रैल तीन दिन में 6 पालियों में आयोजित होगी परीक्षा,, , कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सीसीटीवी की निगरानी में होगी परीक्षा,, , हर परीक्षा केंद्र पर स्टेटिक और सेक्टर मजिस्ट्रेट की है तैनाती,, , पहली पाली 10 बजे से 12 बजे तक और द्वितीय पाली 3 बजे से 5 बजे तक होगी परीक्षा, , जनपद में 30 हजार से अधिक परीक्षार्थी देंगे परीक्षा,, परीक्षा को लेकर पुलिस ने यातायात डायवर्जन किया है,,भारी वाहनों को प्रवेश नगर में नही होगा,,0
0
Report
संभल में हीट वेब से अस्पतालों में डिहाइड्रेशन मरीज बढ़े, ठंडी वॉर्ड तैयार
Sambhal, Uttar Pradesh:संभल । हीट वेब का टॉर्चर बड़ा 45 डिग्री पहुंचा पारा . हीट वेव से अस्पतालों में डिहाइड्रेशन , उल्टी ,बुखार के मरीजों की संख्या बड़ी .. स्वास्थ्य विभाग हीट वेब को लेकर अलर्ट ... डिस्ट्रिक्ट हीट वेब प्लान तैयार किया गया जिला अस्पताल सहित जनपद की सभी CHC में 5 बेड का कोल्ड वार्ड तैयार किए गए । कोल्ड वार्ड में AC , कूलर ,पंखे लगाये गए .. हीट स्ट्रोक ट्रीटमेंट कॉर्नर बनाए गए .. कॉर्नर में ORS , IV फ्लूड,आइस पैक, ऑक्सीजन मीटर की चाक चौबंद व्यवस्था की गई .. हीट वेब पीड़ित मरीजों को हॉस्पिटल तक लाने के लिए 102/108 एम्बुलेंस को अलर्ट मोड पर रखा गया है । चंदोसी CHC में जनपद के पहले हीट वेब / कोल्ड वार्ड से ग्राउंड रिपोर्ट।0
0
Report
Advertisement
यूपी ATS ने पाकिस्तान-आधारित व्हाट्सएप से आईएसआई एजेंटों का बड़ा खुलासा किया
Noida, Uttar Pradesh:आतंकी घटनाओं को अंजाम देने और बाकी देश विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए भारत के नंबर पर व्हाट्सएप एक्टिव कर इन्हें पाकिस्तान में आईएसआई के जासूस और हैंडलर चला रहे हैं यूपी एटीएस ने जिस समीर खान को गिरफ्तार किया है, उसने फर्जी आईडी पर कुछ सिम कार्ड एक्टिव किए और इनका कोड पाकिस्तान में शहजाद भट्टी को दिया था इसके बाद से इन नंबरों का इस्तेमाल पाकिस्तान में किया जा रहा है पूर्व में गाजियाबाद में पकड़े गए मॉड्यूल ने भी इरम ने इसी तरह से कुछ नंबर को व्हाट्सएप पर एक्टिव कराकर पाकिस्तान में शहजाद भट्टी और सरदार को कोड दिए थे आईएसआई और गैंगस्टर शहजाद भट्टी के लिए काम करने वाले आरोपी समीर खान और तुषार उर्फ हिजबुल्लाह अली से पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआ है समीर ने शहजाद भट्टी और आईएसआई के मेजर के कहने पर दो मोबाइल सिम लिए थे इनहें एक्टिव कराया था। इन मोबाइल नंबर से पाकिस्तान में बैठे आईएसआई एजेंट ने अपने यहां व्हाट्सएप शुरू किया व्हाट्सएप एक्टिव करने के लिए कोड समीर के पास मौजूद मोबाइल नंबर पर आये, जो पाकिस्तान में बैठे साथियों को दे दिए थे इसके बाद से इन मोबाइल नंबर पर व्हाट्सएप का इस्तेमाल पाकिस्तान में ही किया जा रहा है पाकिस्तान के मोबाइल नंबरों को कंट्री कोड +92 है ऐसे में पाकिस्तान के नंबर से आने वाली कॉल का पता चल जाता है भारत में एक्टिव नंबर पर पाकिस्तान में व्हाट्सएप चलाकर वहां से कॉल की जाती है तो पता नहीं चलता कि नंबर पाकिस्तान में चलाया जा रहा है इन नंबरों का इस्तेमाल खुफिया एजेंसी से बचने के लिए भी किया जाता है0
0
Report
हरियाणा: 18 नए डायलिसिस केंद्र स्थापित होंगे; ग्रामीण इलाकों में सुविधाओं का विस्तार
Chandigarh, Chandigarh:चंडीगढ़, 24 अप्रैल- हरियाणा सरकार ने महर्षि च्यवन सरकारी मेडिकल कॉलेज कोरियावास, नारनौल और श्री अटल बिहारी वाजपेयी सरकारी मेडिकल कॉलेज छायंसा, फरीदराबाद में निःशुल्क डायलिसिस सेवाओं के विस्तार को मंजूरी प्रदान की है। यह निर्णय बजट घोषणाओं को समयबद्ध तरीके से जमीनी स्तर पर लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हरियाणा के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने छायंसा और कोरियावास के सरकारी मेडिकल कॉलेजों को निर्देश दिए हैं कि वे पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के तहत आगामी दो सप्ताह के भीतर डायलिसिस सेवाएं प्रारंभ करें। इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किडनी रोगियों को आवश्यक उपचार समय पर और सुगमता से उपलब्ध हो सके。 उन्होंने बताया कि 18 अक्टूबर, 2024 से सरकारी अस्पतालों में निःशुल्क डायलिसिस सेवा शुरू होने के बाद से अब तक राज्य के 22 संस्थानों में 2.60 लाख से अधिक डायलिसिस सत्र संचालित किए जा चुके हैं, जिन पर 57 करोड़ रुपये से अधिक खर्च हुए है। इस पहल से नियमित डायलिसिस पर निर्भर मरीजों को आर्थिक रूप से बड़ी राहत मिली है, क्योंकि यह उपचार अत्यंत महंगा और दीर्घकालिक होता है。 डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि यह विस्तार मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी द्वारा 2 मार्च, 2026 को प्रस्तुत बजट में की गई घोषणा के अनुरूप किया जा रहा है, जिसमें सरकारी मेडिकल कॉलेजों एवं उपमंडलीय अस्पतालों में 18 नए डायलिसिस केंद्र स्थापित करने का प्रावधान किया गया था。 उन्होंने बताया कि वर्तमान में पीपीपी मॉडल के तहत पीजीआईएमएस रोहतक, एसएचकेएम सरकारी मेडिकल कॉलेज नल्हर, बीपीएस सरकारी मेडिकल कॉलेज खानपुर कलां, सोनीपत तथा कल्पना चавला सरकारी मेडिकल कॉलेज, करनाल सहित कई प्रमुख संस्थानों में डायलिसिस सेवाएं सफलतापूर्वक संचालित की जा रही हैं। ये केंद्र मरीजों को गुणवत्तापूर्ण और विश्वसनीय उपचार प्रदान कर रहे हैं। इस विस्तार से विशेष रूप से ग्रामीण और छोटे शहरों के मरीजों को लाभ मिलेगा, क्योंकि उनकी यात्रा दूरी और प्रतीक्षा समय में कमी आएगी। सेवाओं को स्थानीय स्तर तक पहुंचाकर राज्य सरकार का उद्देश्य डायलिसिस पर निर्भर परिवारों के शारीरिक और आर्थिक बोझ को कम करना है।0
0
Report
हरियाणा के मुख्यमंत्री ने ठोस अपशिष्ट पोर्टल की लाइव ट्रैकिंग से जवाबदेही मजबूत की
Chandigarh, Chandigarh:मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश, स्थानीय म्युनिसिपल स्तर पर जवाबदेही हो निर्धारित, लापरवाही या कमी पाए जाने पर होगी कार्रवाई चंडीगढ़, 24 अप्रैल- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से संबंधित पोर्टल की प्रभावी मॉनिटरिंग और क्रियान्वयन को लेकर एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पोर्टल पर रियल-टाइम डेटा अपडेट लगातार सुनिश्चित किया जाए ताकि हर स्तर पर निगरानी सुदृढ़ हो सके। उन्होंने कहा कि पोर्टल के माध्यम से नगर निकायों के प्रदर्शन का नियमित मूल्यांकन किया जाए और जहां कहीं भी कमियां पाई जाएं, वहां तुरंत सुधारात्मक कदम उठाए जाएं। बैठक के दौरान अधिकारियों ने अवगत कराया कि इस प्रकार की मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित करने वाला हरियाणा पहला राज्य है जहां ऑनलाइन माध्यम से पूरे प्रदेश में वेस्ट मैनेजमेंट की निगरानी की जा रही है। इस सिस्टम के तहत सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पोर्टल पर कचरा उठाने वाली गाड़ियों की लाइव ट्रैकिंग की जा रही है, जिसके कारण कार्यों की निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित हो रही है। मुख्यमंत्री ने स्वयं पोर्टल पर लाइव ट्रैकिंग सिस्टम का अवलोकन किया। इस पोर्टल पर नागरिक अपने क्षेत्र में कचरा उठाने वाले वाहनों की लाइव लोकेशन देख सकते हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि शहरी निकायों में शत-प्रतिशत घरों के बाहर आरएफआईडी टैग लगाए जाएं, ताकि कचरा संग्रहण की प्रक्रिया को डिजिटली ट्रैक किया जा सके। इससे न केवल कार्य में पारदर्शिता आएगी, बल्कि सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार होगा। इसके साथ ही, उन्होंने जीपीएस आधारित व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम को और अधिक मजबूत बनाने के निर्देश दिए, ताकि कचरा उठाने वाली गाड़ियों की गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी रखी जा सके। आरएफआईडी और जीपीएस टेक्नोलॉजी से होगी मॉनिटरिंग श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि स्वच्छता केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि जनभागीदारी से ही स्थायी रूप से सुनिश्चित की जा सकती है। इसके लिए नागरिकों को व्यापक स्तर पर जागरूक करना बेहद आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्थानीय स्तर पर निरंतर जन-जागरूकता अभियान चलाए जाएं, जिसमें स्वच्छता के महत्व, कचरा प्रबंधन की सही प्रक्रियाओं और नागरिकों की भूमिका को स्पष्ट रूप से समझाया जाए। उन्होंने कहा कि नागरिकों से सक्रिय सहयोग की अपील की जाए कि वे अपने घरों के बाहर लगाए गए आरएफआईडी टैग की देखभाल करें। यदि किसी क्षेत्र में घरों से कचरा नियमित रूप से नहीं उठाया जा रहा है, तो नागरिक तुरंत इसकी शिकायत ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज करें, जिससे समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जा सके। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट निर्देश दिए कि आरएफआईडी के माध्यम से बिल कैलकुलेशन होगी और कचरा प्रबंधन से जुड़े वेंडर्स द्वारा बिल प्रस्तुत करते ही इसी पोर्टल के माध्यम से भुगतान होगा, जिससे वендर्स को बड़ी राहत मिलेगी। स्थानीय म्युनिसिपल स्तर पर जवाबदेही हो निर्धारित, लापरवाही या कमी पाए जाने पर होगी कार्रवाई मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि स्थानीय म्युनिसिपल कमेटी स्तर पर जवाबदेही स्पष्ट रूप से निर्धारित की जाए, ताकि प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से निभाए। उन्होंने कहा कि कचरा उठान में किसी भी प्रकार की लापरवाही या कमी पाए जाने पर संबंधित अधिकारी या कर्मचारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी और उसके विरुद्ध कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि तकनीकी संसाधनों का अधिकतम उपयोग करते हुए कचरा प्रबंधन की प्रक्रिया को आधुनिक और प्रभावी बनाया जाए। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के क्षेत्र में नवाचार और बेहतर प्रथाओं को अपनाकर हरियाणा को स्वच्छता के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाया जाए。0
0
Report
Advertisement
हरियाणा दिव्यांगों के लिए 40–99% disability पर रोडवेज में मुफ्त यात्रा लागू
Chandigarh, Chandigarh:चंडीगढ़, 24 अप्रैल– हरियाणा सरकार ने दिव्यांगजनों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए 40 प्रतिशत से 99 प्रतिशत तक दिव्यांगता वाले व्यक्तियों को हरियाणा रोडवेज की साधारण बसों में मुफ्त यात्रा सुविधा प्रदान करने का निर्णय लिया है। इस फैसले से प्रदेश के लगभग 1.22 लाख दिव्यांगजन लाभान्वित होंगे। इस संबंध में वित्त विभाग से परामर्श के उपरांत राज्य परिवहन विभाग द्वारा आजअधिसूचना जारी कर दी गई है। राज्य परिवहन विभाग के प्रवक्ता ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि हरियाणा राज्य परिवहन प्रदेश में लगभग 40 श्रेणियों के यात्रियों को मुफ्त एवं रियायती यात्रा सुविधाएं प्रदान कर रहा है। वर्ष 2007 में 100 प्रतिशत दिव्यांगजनों को एक सहायक सहित मुफ्त यात्रा सुविधा प्रदान की गई थी, जिसे वर्ष 2010 में चंडीगढ़ और दिल्ली तक विस्तारित किया गया। उन्होंने बताया कि प्रदेश के दिव्यांगजनों द्वारा लंबे समय से यह मांग की जा रही थी कि 100 प्रतिशत से कम दिव्यांगता वाले व्यक्तियों को भी यह सुविधा दी जाए। इस मांग को ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह निर्णय लिया है। प्रवक्ता ने बताया कि हरियाणा राज्य परिवहन प्रदेश के यात्रियों को सुरक्षित, सुलभ एवं समयबद्ध परिवहन सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। राज्य परिवहन अपने 24 डिपो और 13 उप-डिपो के माध्यम से लगभग 4108 बसों का संचालन करता है, जो प्रतिदिन करीब 11.38 लाख किलोमीटर की दूरी तय करते हुए लगभग 6.03 लाख यात्रियों को यात्रा सुविधा प्रदान करती हैं। उन्होंने बताया कि हरियाणा राज्य परिवहन न केवल यात्रियों को सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध करवा रहा है, बल्कि सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू करने की दिशा में भी कार्य कर रहा है。0
0
Report
IDFC AU Bank धोखाधड़ी मामले में نरेش भुवानी बर्खास्त, CBI के हवाले जांच
Chandigarh, Chandigarh:आपराधिक साजिश और ठोस साक्ष्यों के आधार पर लिया गया फैसला चंडीगढ़, 24 अप्रैल- हरियाणा सरकार ने एक बड़े वित्तीय मामले पर सख्त कार्रवाई करते हुए विकास एवं पंचायत विभाग के अधीक्षक नरेश भुवानी को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। यह कार्रवाई आपराधिक साजिश की विस्तृत जांच और ठोस साक्ष्यों के सामने आने के बाद संविधान के अनुच्छेद 311(2)(b) के प्रावधानों के तहत की गई है। यह निर्णय सरकार की भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टोलरेंस की नीति के तहत लिया गया है। इस मामले पर मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने सख्त निर्देश दिए थे कि किसी भी स्तर पर किसी भी प्रकार से भ्रष्टाचार सहन नहीं किया जाएगा और दोषी किसी भी स्तर का हो, उस पर सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। सरकारी प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि निदेशक, विकास एवं पंचायत विभाग द्वारा फरवरी 2026 में गठित एक जांच समिति ने IDFC First Bank (IDFC First Bank) और AU Small Finance Bank (AU Small Finance Bank) में संचालित खातों में गड़बड़ियों और अनियमितताओं का खुलासा किया था। समिति की रिपोर्ट और सहायक दस्तावेजों के आधार पर यह मामला आपराधिक जांच के लिए राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (SV&ACB) को सौंपा गया। इसके बाद 23 फरवरी 2026 को पंचकूला स्थित राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो थाने में एफआईआर दर्ज की गई, जिसमें भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान सामने आया कि यह मामला एक संगठित, बहु-स्तरीय वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़ा है, जिसमें सरकारी धन को फर्जी बैंकिंग लेनदेन के जरिए ‘शेल कंपनियों’ में ट्रांसफर किया गया। जांच में यह भी उजागर हुआ कि नरेश भुवानी ने निजी व्यक्तियों और अन्य आरोपियों के साथ मिलकर एक फर्जी फर्म बनाई, जिसका उपयोग सरकारी धन की हेराफेरी के लिए किया गया। इस फर्म के खातों से करोड़ों रुपये की राशि उनके निजी खातों में ट्रांसफर की गई, जिन्हेंका उपयोग निजी संपत्तियां खरीदने में किया गया। राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की रिपोर्ट के अनुसार, नरेश भुवानी को अलग-अलग तिथियों में कुल लगभग 6.45 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त हुई। इसके अलावा, उसने कई मौकों पर नकद राशि भी स्वीकार की। 6 अप्रैल 2026 को गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में नरेश भुवानी ने बैंक खातों के संचालन और लेन-देन में अपनी भूमिका स्वीकार की। जांच से यह स्पष्ट हुआ कि वह इस संगठित साजिश का एक अहम हिस्सा था और सह-आरोपियों, बैंक अधिकारियों तथा निजी व्यक्तियों के बीच कड़ी के रूप में काम कर रहा था। प्रवक्ता ने बताया कि सरकार ने यह पाया कि इस मामले में गवाहों को प्रभावित करने, साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ करने और जांच को प्रभावित करने की आशंका प्रबल है। हाल ही में, राज्य सरकार ने विस्तृत जांच के लिए यह मामला सीबीआई को सौंप दिया है। इन सभी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए और संविधान के अनुच्छेद 311(2)(b) के प्रावधानों के तहत, नरेश भुवानी को सेवा से बर्खास्त करने का निर्णय लिया गया है।0
0
Report
सीएम ने मुआवजे के त्वरित भुगतान और योजना सरलीकरण की घोषणा की
Chandigarh, Chandigarh: *ई क्षतिपूर्ति से मिलने वाले मुआवजे को लेकर अर्यानाती नें दे मूपातॎ करन्य प्रतान धाना रापस्टागाउ सपानात है *किसानों के लिए जो भी योजना बनाई जाएं, उनके सरलीकरण होना चाहिए: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी* *मुरब्बा लेवल तक हुई जियो-रेफरेंसिंग प्रक्रिया, फसल निगरानी, नुकसान के आकलन तथा सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में होगा फायदा* चंडीगढ़, 24 अप्रैल - हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि किसानों के लिए जो भी योजना बनाई जाएं, उनका सरलीकरण होना चाहिए। किसानों को किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं होनी चाहिए। डिजिटलाइजेशन प्रक्रिया में जो भी दिक्कत आई है, उन समस्याओं का निदान होना चाहिए। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी शुक्रवार को सचिवालय में ई क्षतिपूर्ति के संबंध में समीक्षा बैठक कर रहे थे। बैठक में हरियाणा के मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी, अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं राजस्व एवं आपदा प्रबंधन वित्त आयुक्त डॉ सुमिता मिश्रा, मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव डॉ यशपाल सिंह, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग आयुक्त एवं सचिव श्री जे गणेशन, कृषि विभाग के महानिदेशक श्री राज नारायण कौशिक भी मौजूद थे。 बैठक के दौरान प्रदेश सरकार ने खरीफ 2025 फसल मुआवजा योजना के तहत 370.52 करोड़ रुपए जारी करने की मंजूरी भी दी है। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी द्वारा स्वीकृत इस निर्णय से राज्यभर के 1.5 लाख से अधिक किसानों के खातों में सीधे राशि स्थानांतरित की जाएगी। यह स्वीकृत राशि उन दावों से संबंधित है, जो तकनीकी जांच के कारण पहले लंबित रखे गए थे, जिनमें डुप्लीकेट या समान फोटोग्राफिक साक्ष्य वाले मामले भी शामिल थे। मुआवजा ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल के माध्यम से जारी किया जा रहा है, जो ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ प्रणालि से एकीकृत एक पारदर्शी और किसान-अनुकूल डिजिटल प्लेटफॉर्म है। यह प्लेटफॉर्म पंजीकरण, सत्यापन से लेकर डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) तक पूरी प्रक्रिया का डिजिटलीकरण सुनिश्चित करता है, जिससे सटीकता, जवाबदेही और गति बनी रहती है। बैठक के दौरान अधिकारियों ने बताया कि पहले चरण में सरकार ने 10 दिसंबर 2025 को 53,821 किसानों को 116.15 करोड़ रुपए जारी किए थे। अब 370.52 करोड़ रुपए की नई मंजूरी के साथ शेष 1.5 लाख से अधिक किसानों को यह राशि मिलेगी। अधिकारियों ने बताया कि पोर्टल पर आवेदन करने के बाद इस प्रणाली ने 5,500 से अधिक संदिग्ध प्रविष्टियों सहित अपात्र और फर्जी दावों को सफलतापूर्वक छांट दिया है, जिससे सार्वजनिक धन की सुरक्षा के साथ वास्तविक लाभार्थियों को उनका हक मिल सके। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने विभागों को निर्देश दिए हैं कि मुआवजा राशि का भुगतान जल्द से जल्द किसानों के बैंक खातों में सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने प्राकृतिक आपदाओं के समय किसानों के साथ मजबूती से खड़े रहने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। *मुरब्बा लेवल तक हुई जियो-रेफरेंसिंग प्रक्रिया* बैठक के दौरान अधिकारियों ने कहा कि एग्रीस्टैक और जियो-रेफरेंस्ड वैरिफिकेशन जैसी उन्नत डिजिटल तकनीकों के उपयोग से हरियाणा कृषि क्षेत्र में आपदा राहत प्रबंधन के क्षेत्र में नए मानक स्थापित कर रहा है। उन्होंने बताया कि हरियाणा में जियो-रेफरेंसिंग प्रक्रिया को मुरब्बा स्तर तक लागू किया जा चुका है। इसके अंतर्गत प्रत्येक खेत/मुरब्बे की सटीक लोकेशन दर्ज की गई है, जिसे भूमि का स्पष्ट और प्रमाणिक रिकॉर्ड तैयार हुआ है। इस प्रणाली के माध्यम से फसल का प्रकार, क्षेत्रफल और वास्तविक स्थिति का डेटा पारदर्शी तरीके से उपलब्ध हो रहा है। इस पहल से फसल निगरानी, नुकसान के आकलन तथा सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में लाभ होगा। अधिकारियों ने बताया कि जियो-रेफरेंसिंग के कारण सही लाभार्थियों की पहचान आसान होगी, साथ ही गलत दावों में कमी आएगी और प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी।0
0
Report
Advertisement
