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फिरोजाबाद में मेयर का वीडियो वायरल: सफाई व्यवस्था पर भड़कीं

Firozabad, Uttar Pradesh:मेयर साहिबा का वीडियो वायरल यूपी के फिरोजाबाद में BJP की मेयर कामिनी राठौर ने निगम कार्यालय में सफाई व्यवस्था को लेकर निरीक्षण किया तो जगह-जगह पर बेहद गंदगी दिखाई दी कहीं पर पान की पीक के निशान थे तो कहीं पर गंदगी का अंबार था कार्यालय के अंदर या बाहर सब जगह गंदगी ही गंदगी दिखाई दे रही थी जिसे लेकर मेयर साहिबा सफाई कर्मियों के यूनियन लीडर पर बरस पड़ी. मेयर ताव में बोली- "किस बात की तनख्वाह लेते हो?" यूनियन लीडर ने अदब से जवाब दिया तो मेयर साहिबा बोलती बंद हो गई कि- "दीदी! अपने अफसरों से पूछ लो डेढ़ साल से सफाई करने के लिए कोई सामान, झाड़ू, पौंछा तक नहीं मिला है, अपनी जेब से खरीदकर सफाई करते हैं." फिर क्या था मेयर साहिबा ग़ुस्से में तन तनाती हुई सीढ़ियों पर चढ़ती चली गई बहाल भाजपा की मेयर कामिनी राठौर का यह वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है
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SMS अस्पताल ने 2000+ मिनिमल इनवेसिव कार्डियक सर्जरी से इतिहास रचा

Jaipur, Rajasthan:राजस्थान के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल, सवाई मानसिंह अस्पताल SMS ने हृदय रोग उपचार के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। अस्पताल का कार्डियो-थोरेसिक एंड वास्कुलर सर्जरी (CTVS) विभाग 2000 से अधिक मिनिमल इनवेसिव कार्डियक सर्जरी (MICS) सफलतापूर्वक पूरी करने वाला देश का पहला सरकारी अस्पताल बन गया है। इस उपलब्धि के साथ SMS अस्पताल ने सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में आधुनिक कार्डियक सर्जरी की नई मिसाल पेश की है। मिनिमल इनवेसिव कार्डियक सर्जरी में हृदय का ऑपरेशन केवल 2 से 3 इंच के छोटे चीरे से किया जाता है। इस तकनीक में छाती की हड्डी नहीं काटनी पड़ती, जबकि पारंपरिक ओपन हार्ट सर्जरी में 7 से 8 इंच का चीरा लगाकर हड्डी काटी जाती है। इससे मरीज को कम दर्द होता है, रक्तस्राव और संक्रमण का खतरा घटता है तथा रिकवरी भी काफी तेज होती है। अधिकांश मरीज 2-3 दिन में चलने-फिरने लगते हैं और 4-5 दिन में अस्पताल से छुट्टी मिल जाती है। CTVS विभागाध्यक्ष डॉ. अनिल शर्मा ने बताया कि पिछले 15 वर्षों में विभाग ने इस तकनीक से हार्ट वाल्व रिप्लेसमेंट, बाईपास सर्जरी और जन्मजात हृदय रोगों सहित 2000 से अधिक जटिल ऑपरेशन सफलतापूर्वक किए हैं। SMS अस्पताल में अपनाई गई सेंट्रल कैन्युलेशन आधारित विशेष तकनीक अन्य केंद्रों से अलग है, जिससे अतिरिक्त चीरे की आवश्यकता नहीं पड़ती और मरीज तेजी से स्वस्थ होता है। 38 वर्षीय मरीज रामकुमार के दो हार्ट वाल्व बदलने थे, जिसके लिए निजी अस्पताल में करीब 8 लाख रुपये का खर्च बताया गया था। लेकिन SMS अस्पताल में उनका ऑपरेशन राज्य सरकार की कैशलेस योजना के तहत निशुल्क हुआ और वे छह दिन में स्वस्थ होकर घर लौट गए...
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सूरतगढ़ में लाइब्रेरियों के निरीक्षण से सुरक्षा चूक सामने, कई लाइब्रेरियाँ सीज़

Sri Ganganagar, Rajasthan:सूरतगढ़ में शुक्रवार सायं को पुलिस और प्रशासन ने शहर की लाइब्रेरियों का आकस्मिक निरीक्षण किया। जांच में नियमों के विपरीत संचालित करीब आधा दर्जन लाइब्रेरियाँ मिलने पर उन्हें तत्काल सीज कर ताले व नोटिस लगा दिए गए। कार्रवाई से विद्यार्थियों और संचालकों में हड़कंप मच गया। जिला प्रशासन के निर्देश पर एसडीएम भरत जयप्रकाश मीणा के निर्देशन में तहसीलदार विनोद कड़वासरा, नगर पालिका ईओ पूजा शर्मा और सिटी थाना पुलिस ने त्रिमूर्ति मंदिर क्षेत्र में जांच की। कई लाइब्रेरियों में फायर सेफ्टी व्यवस्था और आपातकालीन निकास नहीं मिला, जबकि एक लाइब्रेरी का संकरा प्रवेश निकास मार्ग देखकर ईओ ने संचालक को फटकार लगाई। विद्यार्थियों को पहले सुरक्षित बाहर निकालकर सामान ले जाने दिया गया, इसके बाद लाइब्रेरियों को सीज कर दिया गया।
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दौसा: लग्जरी बसों में अग्निशमन यंत्र व गेट न मिलने पर कार्रवाई

Dausa, Rajasthan:जिला दौसा\nजिला विधिक सेवा प्राधिकरण का अभियान\nलग्जरी स्लीपर बसों की जांच को लेकर अभियान\nअब तक एक दर्जन से अधिक बसों के खिलाफ की गई कार्रवाई\nनिरीक्षण के बसों का आकार नहीं मिला तय मानकों के अनुरूप\nवही बसों में नहीं मिल रहे अग्निशमन यंत्र\nसाथ पर्याप्त आपातकालीन गेट भी नहीं बसों में\nजिसके चलते एआईएस-119,मोटर वाहन अधिनियय 1988 ओर राज्य सरकार द्वारा जारी एसओपी-2024 के तहत कार्रवाई\nएडीजे संतोष अग्रवाल के नेतृत्व में की रही कार्रवाई\nराज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर दौसा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा लग्जरी और स्लीपर बसों को लेकर जांच अभियान लगातार जारी है एडीजे संतोष अग्रवाल के नेतृत्व में जिले में अभियान चलाया जा रहा है जिसके चलते अब तक एक दर्जन से अधिक बसों के खिलाफ कार्रवाई की गई कार्रवाई के दौरान आरटीओ जगदीश अमरावत , यातायात प्रभारी गोपाल शर्मा सहित टीम में शामिल अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे जांच के दौरान बसों का आकार तय मानकों के अनुरूप नहीं मिला , साथ ही बसों में अग्निशमन यंत्र भी नहीं मिले तो वही आपातकाल स्थिति में पर्याप्त गेट भी बसों में नहीं मिले जिसके चलते एआईएस-119, मोटर वाहन अधिनियम 1988 और राज्य सरकार द्वारा जारी एसओपी 2024 के तहत बसों को सीज किया गया कुछ दिन पूर्व दौसा जिले में स्लीपर बस और ट्रेलर की भिड़ंत में आग लगने से आठ लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी जिसके बाद में राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा स्वतः प्रसंज्ञान लेते हुए प्रदेश भर में स्लीपर बसों को लेकर जांच अभियान चलाया जा रहा है
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डिंडोरी में नर्मदा बचाव के लिए सीवर प्लांट के कुशल संचालन पर जोर

Dindori, Madhya Pradesh:डिंडोरी में नर्मदा नदी को प्रदूषण से बचाने की दिशा में जिला प्रशासन लगातार सक्रिय है। इसी कड़ी में कलेक्टर अंजु पवन भदौरिया ने शहर के सीवर ट्रिटमेंट प्लांट का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बिना उपचारित गंदा पानी किसी भी स्थिति में नर्मदा नदी में न जाए और सीवर प्लांट का संचालन पूरी क्षमता एवं निर्धारित मानकों के अनुसार किया जाए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने सीवेज के उपचार की पूरी प्रक्रिया, मशीनों की कार्यप्रणाली और प्लांट की क्षमता का जायजा लिया। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्लांट का नियमित संचालन, समय-समय पर रखरखाव और पानी की गुणवत्ता की सतत निगरानी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि नर्मदा नदी डिंडोरी की जीवनरेखा और आस्था का केंद्र है, इसलिए इसे प्रदूषण से बचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। यदि सीवर प्लांट प्रभावी ढंग से संचालित होता है तो शहर का गंदा पानी उपचारित होकर ही निकलेगा, जिससे नर्मदा नदी को प्रदूषण से बचाने की मुहिम को और मजबूती मिलेगी。
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दिल्ली: मौलाना राशीद के बाल विवाह पर बयान से राजनीतिक घमासान

Noida, Uttar Pradesh:दिल्ली: लड़कियों की शादी के बारे में अपने बयान पर ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी कहते हैं, "...मैंने ऐसा इसलिए कहा क्योंकि मौजूदा हालात ऐसे हैं—जहाँ ऐसे कानून लाए जा सकते हैं जिनसे एक महिला दूसरी महिला से या एक पुरुष दूसरे पुरुष से शादी कर सके, और जहाँ एक शादीशुदा महिला बिना किसी कानूनी कार्रवाई के किसी दूसरे पुरुष के साथ रह सके। ऐसे कानूनों वाले देश में, अगर कोई रेप या किसी बुरी घटना के जोखिम से बचने के लिए लड़की की जल्दी शादी करने का सुझाव देता है, तो यह निश्चित रूप से एक राजनीतिक मुद्दा बन जाएगा। लोग इसका गलत मतलब निकालेंगे और ये लोग कौन हैं? मेरा बस यही कहना है: शरीयत या किसी अन्य धर्म में बताई गई अच्छी बात को अपनाने में क्या बुराई है?...मेरे बयान को राजनीतिक रंग दिया जा रहा है—और किसके द्वारा? उन्हीं लोगों के द्वारा जो कानून बनाते हैं लेकिन उन्हें तोड़ने की क्षमता भी रखते हैं और तोड़ते भी हैं। ये लोग सामाजिक सुधार नहीं देखना चाहते। मैंने सामाजिक सुधार के हित में बात की इस्लाम खुद कहता है कि लड़की के बालिग होने पर उसकी शादी कर देनी चाहिए। मैं छह या सात राज्यों के नाम ले सकता हूँ—जैसे झारखंड, असम, बिहार, त्रिपुरा, मध्य प्रदेश और राजस्थान—जहाँ अभी भी बाल विवाह होता है। माता-पिता अक्सर कम उम्र में ही बिना पढ़ी-लिखी बेटियों की शादी कर देते हैं। समाज में यह सब हो रहा है...इस्लाम भी यही सलाह देता है कि लड़की के बालिग होने पर उसकी शादी कर देनी चाहिए...मैंने ऐसा क्या गलत कहा जिससे इतना राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया—यह दावा किया जा रहा है कि रशीदी साहब ने अठारह साल से कम उम्र की लड़कियों की शादी की वकालत की? मैंने ऐसा कभी नहीं कहा...
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अखाड़ा परिषद ने पुजारियों के लिए जेब-हीन यूनिफॉर्म की मांग पर हंगामा

Ujjain, Madhya Pradesh:जेब विहीन कुर्ते का फरमान: अखाड़ा परिषद और पुजारियों के बीच छिड़ा 'दान का दंगल' मंदिरों में दान की सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर धर्मनगरी उज्जैन में एक नया विवाद गहरा गया है। हाल ही में अयोध्या और आगर-मालवा के बगलामुखी मंदिर में दान राशि में हेरफेर के प्रकरण सामने आने के बाद अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रविंद्र पुरी ने एक ऐसा सुझाव दे दिया है, जिससे देशभर का पुजारी समाज आगबबूला हो गया है। महंत ने बड़े मंदिरों में पुजारियों के लिए जेब-हीन यूनिफॉर्म अनिवार्य करने की वकालत की है ताकि दान की राशि सीधे दानपेटी में जाए। इस अजीबोगरीब नसीहत के सामने आते ही अखिल भारतीय पुजारी महासंघ के अध्यक्ष महेश पुजारी ने कड़ा पलटवार किया है। महेश पुजारी ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि पुजारियों का अपमान करना बंद किया जाए, वरना देशभर का ब्राह्मण समाज विरोध के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा में पुजारी पहले से ही धोती और बनियान पहनते हैं, जिनमें जेब नहीं होती, लेकिन अगर परिषद को इससे भी समस्या है, तो वे और भी सादे वस्त्र धारण करने को तैयार हैं। विवाद को तूल देते हुए महेश पुजारी ने कहा कि अयोध्या और आगर-मालवा के मंदिरों में दान की राशि में जो गड़बड़ियां सामने आई हैं, उनमें किसी पुजारी का हाथ नहीं है। यह अमानत में खयानत का काम पूरी तरह से ट्रस्टी और समिति के लोगों द्वारा किया गया है। पुजारियों की भक्ति और परिश्रम की बदौलत ही देश के मंदिरों का खजाना भरा है, जो आज बड़े-बड़े लॉकरों में सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि ऐसे बेबुनियाद बयान देने वाले सतर्क हो जाएं, क्योंकि पुजारी समाज अब अपनी प्रतिष्ठा पर आंच बर्दाश्त नहीं करेगा।
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23 मुकदमे वाले शातिर वन अपराधी लखविंदर गिरफ्तार, वन विभाग ने जाल बिछाकर दबोचा

Noida, Uttar Pradesh:रामनगर तराई पश्चिमी वन प्रभागRamनगर रेंज ने वर्षों से वन अपराधों में वांछित चल रहे शातिर वन अपराधी लखविंदर पुत्र खेम सिंह निवासी ग्राम गोबरा, तहसील बाजपुर, जनपद ऊधमसिंहनगर को गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई तराई पश्चिमी वन प्रभाग के प्रभारी अधिकारी प्रकाश चंद्र आर्य और उप प्रभागीय वन अधिकारी किरण साह के निर्देशन में गठित संयुक्त टीम ने की। लखविंदर अपने दो अन्य साथियों के साथ दो आरे लेकर आरक्षित वन क्षेत्र में अवैध पातन की नीयत से प्रवेश कर रहा था, तभी वन विभाग को उसकी गतिविधियों की गोपनीय सूचना मिली। टीम ने मौके पर जाल बिछाया और उसे दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ भारतीय वन अधिनियम की धाराओं के तहत न्यायालय में पेश कर जेल भेजने की तैयारी है। वन विभाग का दावा है कि यह कार्रवाई क्षेत्र के लकड़ी तस्करों पर बड़ा संदेश है और भविष्य में भी वन संपदा को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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बगहा के अनुमंडल अस्पताल में प्रसव के दौरान नवजात की मौत के बाद परिजनों ने किया हंगामा

Bagaha, Bihar:बगहा से बड़ी खबर है जहाँ अनुमंडलीय अस्पताल में शुक्रवार को प्रसव के दौरान मृत शिशु के जन्म के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित लोगों ने लेबर रूम में घुसकर हंगामा किया और अस्पताल की लैपटॉप, टेबल समेत अन्य सरकारी सामानों को क्षतिग्रस्त कर दिया। हंगामे के दौरान अस्पताल के कुछ अभिलेख भी अस्त-व्यस्त हो गए हैं, जिससे अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मिली जानकारी के अनुसार प्रसूता की पहचान बगहा टाउन थाना क्षेत्र के चखनी गांव निवासी रितेश कुमार की 25 वर्षीय पत्नी ज्योति कुमारी के रूप में हुई है, जबकि उसका ससुराल चौतरवा बताया गया है। दरअसल मृत नवजात के जन्म की सूचना मिलते ही परिजनों ने डॉ. शिवांगी और जीएनएम पर प्रसव में लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध शुरू कर दिया। आरोप है कि समय पर उचित इलाज और आवश्यक चिकित्सकीय देखभाल नहीं करने के कारण नवजात की मौत हुई है, जबकि चिकित्सक और कर्मी मरा हुआ बच्चा जन्मे होने की पुष्टि करते हुए सभी आरोप निराधार बताकर प्रसूता के परिजनों द्वारा दुर्व्यवहार समेत तोड़फोड़ करने की बात कह रहे हैं। वहीं एक वायरल वीडियो में प्रसूता के परिजनों की अस्पताल में गुंडागर्दी सा स्पष्ट उजागर हो रही है। बताया जा रहा है कि सदर अस्पताल की SDM बगहा में बवाल और हंगामा की सूचना पर Town थानाध्यक्ष शैलेश कुमार पुलिस बल के साथ अस्पताल में पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया गया। पुलिस की मौजूदगी में अस्पताल प्रबंधन और परिजनों के बीच वार्ता कर मामले को शांत कराने की कोशिश की गई, लेकिन दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन सकी है। इधर अनुमंडल अस्पताल प्रबंधन ने आरोप लगाया है कि आक्रोशित परिजनों ने चिकित्सा कर्मियों के साथ दुर्व्यवहार किया है और सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचाया गया है। SDH अस्पताल के प्रभारी उपाधीक्षक ने बताया है कि मामले में अस्पताल प्रशासन नगर थाना को लिखित आवेदन देकर घटना की जांच कराने और कार्रवाई की मांग कर रहा है, वहीं प्रसूता के परिजनों ने चिकित्सा कर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग किया है।नगर थाना में दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग लिखित आवेदन दिये गए हैं। बगहा नगर थानाध्यक्ष ने बताया है कि मामले की जांच जारी है और जांच रिपोर्ट सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बताया गया है कि अनुमंडल अस्पताल प्रबंधन ने पूरे घटनाक्रम की सूचना स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को भेजते हुए आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।
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