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Tirupati RaoTirupati RaoFollow19 Jun 2024, 10:29 am
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खूँटी में बालू टेंडर बहस: नदी बचाव बनाम राजस्व संग्रहण का संघर्ष

Khunti, Jharkhand:क्षेत्र खूँटी। स्लग एक तरफ नदी का अस्तित्व बचाने की गुहार तो प्रशासन को राजस्व की चिंता। खूँटी में बालू की तस्करी का मामला प्रचलित रहा है। जहां खूंटी जिले के तोरपा, रनिया, जरिया गढ़ और कर्रा थाना क्षेत्र बालू की अवैध तस्करी का हब के रुप में जाना जाता रहा है। वहीं अब बालू कई नदियों से लगभग समाप्त होने के कगार पर आ गया है। बनई नदी हो या फुलकू नदी। गर्मी में सपाट सूखा गड्ढानुमा दिखाई देता है। जहां कहीं जमा हुआ पानी मिल जाता है लेकिन बहता पानी अब दिखाई तक नहीं देता है। इस अस्तित्व को बचाने, पटवन की सुविधा व खेती के लिए पानी की व्यवस्था के लिए ग्रामीण मुख्य और सजग होने लगे हैं। ग्रामसभा और ग्रामीणों में चेतना जगी कि पानी के बिना जीवन नहीं है। खेती के लिए पानी की व्यवस्था होना आवश्यक है। साथ ही नदी में बालू नहीं होने से कल का दिन ग्रामीणों के लिए भी बालू मिलना मुश्किल हो जाएगा। इस लिए कई गाँव के ग्रामीणों ने बालू टेंडर को रद्द करने के लिए प्रशासन से गुहार लगाई है। दूसरी ओर प्रशासन राजस्व संग्रहण की चिंता है। खूँटी के बालू घाटों का टेंडर कर राजस्व संग्रहण करने का योजना है। इस प्रकार ग्रामीण जीवन के लिए चिंतित हैं तो सरकार राजस्व संग्रहण चाहती है। खूँटी distrik में नदियों का अस्तित्व के साथ सड़कों का बुरा हाल भी रहता है। ग्रामीणों के लिए बालू पानी और सड़क सुविधा चाहिए, सरकार पैसा और बालू भी चाहिए। बिरेंद्र मुण्डा ने बताया कि बालू उठाने से पानी नहीं मिल पाएगा, बालू समाप्त होगा, टेंडर रद्द होना चाहिए। ग्राम सभा की अनुमति के बिना टेंडर कर लिया गया, जबकि ग्राम सभा की अनुमति आवश्यक थी। नदी और बालू की स्थिति की जानकारी लिए बिना टेंडर हो गया। अगर टेंडर रद्द नहीं होता है तो नदी सूख जाएगा और पानी भी नहीं मिलेगा जिससे पठान की सुविधा से लोग वंचित हो जाएंगे। अगाथा भेंगरा ने कहा डोडमा क्षेत्र के नदी से बालू समाप्त होने लगा है; सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल पाएगा नदी सूख रहा है। टेंडर होने से कोई लाभ नहीं मिल पाया है। लेकिन नदी बचाना आवश्यक है। कालिया मुंडा ने कहा पूरे गांव और मौजा का मांग है कि बालू घाट का टेंडर रद्द होना चाहिए। संतोष कर ने बताया बालू का टेंडर और उठाव नदी से रुकेगा तभी नदी का अस्तित्व बचेगा। नदी से बालू समाप्त होने पर जमीन बंजर हो जाएगी और पटवन की सुविधा नहीं मिल पाएगी। रामनरेश सिंह ने बताया कि बालू का टेंडर होने पर ग्रामसभा की मंजूरी मिलने पर आवास बन पाएगा, कालाबाजारी रुकेगी, सरकार को राजस्व के साथ गांव को आर्थिक लाभ मिलेगा। ग्रामसभा चालान काटेगी।
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पश्चिमी सीमा पर सुरक्षा कड़े कदम: ड्रग्स-हथियार तस्करी रोकथाम के लिए कार्रवाई

Barmer, Rajasthan:पश्चिमी सरहद पर गृह मंत्री के बयान से जुड़ी यह खबर सीमावर्ती सुरक्षा और अवैध गतिविधियों पर केंद्र सरकार के बढ़ते फोकस को दर्शाती है। भारत–पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा से 15 किलोमीटर के दायरे में अवैध निर्माणों पर कार्रवाई के निर्देशों को घुसपैठ, ड्रग्स और हथियार तस्करी के खिलाफ बड़े अभियान के रूप में देखा जा रहा है। द्वारा सुरक्षा एजेंसियों और प्रशासन को सख्त कार्रवाई के संकेत दिए जाने के बाद सीमावर्ती जिलों में हलचल बढ़ गई है। अधिकारियों के अनुसार, इस तरह के अवैध निर्माण कई बार तस्करी नेटवर्क, संदिग्ध गतिविधियों और सीमा पार अपराधों के लिए इस्तेमाल होने की आशंका में जांच के दायरे में आते रहे हैं। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य बताया जा रहा है: • सीमा पार घुसपैठ रोकना • ड्रग्स और हथियार तस्करी पर शिकंजा कसना • अवैध अतिक्रमण हटाना • टेरर फंडिंग नेटवर्क तोड़ना • सीमावर्ती सुरक्षा को मजबूत करना विशेषज्ञ मानते हैं कि पश्चिमी राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में हाल के वर्षों में ड्रोन मूवमेंट, नशे की खेप और संदिग्ध नेटवर्क की घटनाओं ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ाई है। ऐसे में प्रशासनिक सख्ती को राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़कर देखा जा रहा है。 हालांकि किसी भी कार्रवाई के दौरान वैध निवासियों और स्थानीय ग्रामीणों के अधिकारों की सुरक्षा भी महत्वपूर्ण होगी। प्रशासनिक स्तर पर सर्वे, दस्तावेज़ जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही अंतिम कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है。
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बोकारो में 134 करोड़ लागत का विवेकानंद सेतु खुला, जाम खत्म

Bokaro Steel City, Jharkhand:बोकारो में 12 साल बाद बनकर तैयार हुआ 134 करोड़ का विवेकानंद सेतु, DVC के प्रोजेक्ट हेड ने किया उद्घाटन; रेलवे फाटक के जाम से लोगो को मिली मुक्ति।\n\n2 KM लंबा झारखंड के बड़े ओवर ब्रिजों में शुमार, 2014 में हुआ था भूमि पूजन; NOC और राजनीति के पेंच में 3 साल का काम 12 साल में पूरा।\n\nबताते चले कि बोकारो के बेरमो के लोगों को गुरुवार को बड़ी सौगात मिली। 134 करोड़ की लागत से बने 02 किलोमीटर लंबे विवेकानंद सेतु ओवर ब्रिज को आम लोगों के लिए खोल दिया गया। दामोदर घाटी निगम (DVC) बोकारो थर्मल द्वारा बनाए गए इस सेतु का विधिवत उद्घाटन निगम के परियोजना प्रधान सुशील कुमार अरजरिया ने फीता काटकर किया। उद्घाटन से पहले उन्होंने सेतु पट का अवलोकन भी किया।\n\nरेलवे फाटक पर घंटों जाम से मिली राहत\n\nओवरब्रिज नहीं रहने से बोकारो थर्मल रेलवे फाटक पर लोग घंटों जाम में फंसे रहते थे। DVC के कामगारों, मरीजों और स्कूली बच्चों को प्लांट के अंदर जाने में भारी परेशानी होती थी। अब इस सेतु के शुरू होने से हजारों लोगों को रोजाना के जाम से मुक्ति मिलेगी।\n\n3 साल में बनना था, लग गए 12 साल: NOC बनी बड़ी वजह\n\nइस ओवर ब्रिज का भूमि पूजन 25 फरवरी 2014 को किया गया था। इसे तीन वर्षों में पूरा करना था, लेकिन रेलवे द्वारा एनओसी नहीं मिलने के कारण निर्माण कार्य में लगभग 12 साल लग गए। इस ओवर ब्रिज को बनाने का कार्य बीकेबी व डेको कंपनी को निविदा पर दिया गया था।\n\nगुणवत्ता जांच और सियासत में फंसा उद्घाटन\n\nओवरब्रिज का उद्घाटन पहले 28 फरवरी 2026 को होना था। लेकिन गिरिडीह सांसद सीपी चौधरी के द्वारा रेलवे को पत्र लिखकर ओवरब्रिज की गुणवत्ता की जांच की मांग किए जाने के कारण उद्घाटन टल गया था।\n\nस्थानीय लोगों ने मंगलवार को खुद खोल दिया था ब्रिज\n\nउद्घाटन में हो रही अड़चन के कारण मंगलवार को स्थानीय क लोगों ने ओवर ब्रिज पर रखे गार्डवाल को हटाकर इसे आम लोगों के लिए खोल दिया था। बाद में स्थानीय प्रबंधन ने इसे पुनः बंद करते हुए गुरुवार को शुभ उद्घाटन करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद लोग माने। अंततः उद्घाटन की वाट जोह रहा ये पुल का उदघाटन हो गया और आवागमन शुरू हो गया।
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नीतीश कुमार से छात्रों की मुलाकात: महिला आरक्षण और योजनाओं की मांग तेज

Patna, Bihar:आज बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी से छात्र-छात्राओं के साथ छात्र नेता दिलीप कुमार ने मुलाकात कर बिहार के छात्र-छात्राओं के लिए किए गए उनके कार्यों खासकर महिला आरक्षण, पोशाक योजना , साइकिल योजना, सात निश्चय योजना एवं जनहित में किए गए अन्य कार्यों के लिए उन्हें धन्यवाद दिया। साथ ही TRE 4 का विज्ञापन 46 हजार से अधिक पदों पर जारी करवाने की मांग भी किया। बिहार के युवाओं की समस्याओं एवं चिंताओं से उन्हें अवगत कराया। इस सकारात्मक मुलाकात के लिए नीतीश कुमार जी को बहुत-बहुत धन्यवाद दिया एवं आभार प्रकट किया।
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गांधी नगर में पाइपलाइन लीकेज से रोज लाखों लीटर पानी बहना जारी

New Delhi, Delhi:कहीं बूंद-बूंद को तरस रहे लोग, कहीं बह रहा पीने का पानी。 गांधी नगर विधानसभा में पाइपलाइन लीकेज से रोज बर्बाद हो रहा हजारों लीटर साफ पानी, मजबूरी में रिसाव से पानी भर रहे लोग पूर्वी दिल्ली के शास्त्री पार्क इलाके में जल संकट और विभागीय लापरवाही की तस्वीर एक साथ देखने को मिल रही है। इलाके में बुलंद मस्जिद के पास से गुजर रही बड़ी पानी की पाइपलाइन में लंबे समय से रिसाव हो रहा है, जिसके चलते रोजाना हजारों लीटर पीने योग्य पानी सड़कों पर बहकर बर्बाद हो रहा है। हालात इतने खराब हैं कि आसपास के स्थानीय निवासी इसी रिसाव वाली पाइपलाइन से अपने घरों के लिए पानी भरने को मजबूर हैं। इलाके में कई घरों में नियमित पानी की सप्लाई नहीं पहुंच रही, जिसके कारण महिलाएं, बुजुर्ग और छोटे-छोटे बच्चे बाल्टी, कैन और ड्रम लेकर मौके पर पहुंचते हैं और पानी भरकर घर ले जाते हैं। यही पानी लोग रोजमर्रा के कामों और प्यास बुझाने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि एक तरफ यमुनापार के कई इलाके बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान हैं, वहीं दूसरी तरफ हजारों लीटर साफ पानी लगातार जमीन पर बह रहा है। लोगों ने आरोप लगाया कि पाइपलाइन लीकेज की शिकायत कई बार संबंधित विभाग को दी गई, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया। इलाके के निवासी ने बताया कि कई जगहों पर पानी की सप्लाई बेहद कम हो गई है, जबकि कुछ इलाकों में गंदा और बदबूदार पानी घरों तक पहुंच रहा है। लोगों का कहना है कि कई बार पानी का रंग काला आने की शिकायत भी सामने आई है, जिससे मजबूर होकर लोगों को बाजार से पानी खरीदना पड़ रहा है। इससे आम परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है। गर्मी बढ़ने के साथ यमुनापार में जल संकट और गहराता जा रहा है, लेकिन जिम्मेदार एजेंसियां इस समस्या को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहीं। स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया कि जब राजधानी के कई इलाके पानी की भारी किल्लत से जूझ रहे हैं, तब खुलेआम साफ पानी का बहना विभागीय लापरवाही को उजागर करता है। लोगों ने मांग की है की इलाके में घरों में नियमित रूप से साफ एवं पीने योग्य पानी की सप्लाई सुनिश्चित की जाए, ताकि लोगों को इस तरह सड़कों पर बहते पानी पर निर्भर न रहना पड़े। बता दें कि गांधी नगर विधानसभा क्षेत्र से अरविंदर सिंह लवली विधायक हैं और वह यमुनापार बोर्ड के चेयरमैन भी हैं। ऐसे में अब स्थानीय लोगों की निगाहें प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं。
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हरियाणा सुपर-100 बारना में विद्यार्थियों के लिए डीईओ से सीधे संपर्क की सुविधा

Kurukshetra, Haryana:कुरुक्षेत्र में सुपर-100 संस्थान के विद्यार्थी अपनी दिक्कत या परेशानी को सीधे जिला शिक्षा अधिकारी को बताएं विनोद कौशिक -परिसर में डीईओ, एसपी, एसएचओ, टोल फ्री नंबर 112, चाइल्ड हेल्प लाइन नंबर किए जाएंगे अंकित -प्रदेश सरकार ने विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य के लिए शुरू की हुई है सुपर 100 योजना कुरुक्षेत्र जिला शिक्षा अधिकारी विनोद कौशिक ने कहा कि हरियाणा सुपर-100 संस्थान बारना में पढऩे वाले विद्यार्थी को किसी भी प्रकार की दिक्कत या परेशानी होने पर वो सीधे जिला शिक्षा विभाग को सूचित कर सकते हैं। परिसर में जिला शिक्षा अधिकारी, पुलिस अधीक्षक, एसएचओ, टोल फ्री नंबर 112, चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर भी अंकित किए जाएंगे। शिक्षा विभाग की टीम समय समय पर संस्थान का दौरा करके बच्चों से समस्याओं को जाना करेगी। डीईओ ने अभिभावकों से अपील की है कि वो बच्चों के साथ बातचीत करने के लिए संस्थान के दिए समय के अनुसार मिलें। जिला शिक्षा अधिकारी विनोद कौशिक वीरवार को हरियाणा सुपर 100 संस्थान बारना में निरीक्षण करने के लिए पहुंचे। इस दौरान उनके साथ इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिद्धू भी टीम के साथ मौजूद रहे। उन्होंने संस्थान में विद्यार्थियों को दी जाने वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। इसके साथ ही बच्चों से दिक्कत व परेशानियों को भी जाना। मौके पर ही विद्यार्थियों को जिला शिक्षा अधिकारी व एसएचओ ने अपने-अपने फोन नंबर भी साझा किए। जिला शिक्षा अधिकारी विनोद कौशिक ने कहा कि संस्थान में विद्यार्थियों को सभी सुविधाएं बेहतर ढंग से मुहैया करवाई जा रही है। संस्थान में 13 मई से नया बैच शुरू हुआ है, जो बच्चे इस बैच में आए है, उनमें से 4-5 बच्चों को परिवार के बीच से संस्थान में रहने में परिवारजनों की याद आना ही एकमात्र कारण सामने आया है।इसके अलावा संस्थान में शुद्ध व पोषक खाना दिया जा रहा है। गर्मी को देखते हुए बच्चों के लिए कूलर लगाए गए हैं। रहने के लिए लड़कों और लड़कियों की अलग-अलग व्यवस्था की हुई है। बेहतर स्टाफ द्वारा बच्चों को तैयारी करवाई जा रही है. उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य के लिए सरकार ने सुपर 100 योजना चलाई हुई है। इस संस्थान में सरकारी स्कूलों के 10वीं पास मेधावी छात्रों को जेईई और एनईईटी की मुफ्त कोचिंग प्रदान की जा रही है। इसमें 10वीं कक्षा में 80 प्रतिशत से अधिक अंक और प्रवेश परीक्षा लेवल-1 और लेवल-2 उत्तीर्ण करने के बाद ही सुपर-100 के लिए बच्चों का चयन होता है। चयनित विद्यार्थियों को हरियाणा सुपर 100 संस्थान बारना में मुफ्त कोचिंग, आवास और भोजन की सुविधा दी जाती है। इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिद्धू ने कहा कि संस्थान में कोचिंग लेने वाले विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत या परेशानी हो तो वो जिला शिक्षा अधिकारी या पुलिस को मिलकर अपनी समस्या बता सकते हैं। उनकी पुलिस प्रशासन की तरफ से पूरी मदद की जाएगी। उन्होंने कहा कि अभिभावक अपने बच्चों से मिलने के लिए संस्थान में आएं और अपने बच्चों से मिलें, उनकी समस्याएं जानें। अभिभावक अपने-अपने बच्चों से बातचीत करके उनसे समस्याओं को जानें और किसी भी प्रकार की दिक्कत, परेशानी को उसके स्तर के अनुसार समाधान करवाएं। हर समस्या का समाधान संभव है। कोई भी अभिभावक कानून को अपने हाथों में ना लें।नगणना अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है। जनगणना 2027 से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए आमजन राष्ट्रीय टोल-फ्री हेल्पलाइन 1855 पर सम्पर्क कर सकते हैं। इस टोल फ्री हेल्पलाईन के माध्यम से अपने गृह पंजीकरण और आवास जनगणना कार्यों से संबंधित किसी भी प्रश्न का उत्तर अपनी भाषा में प्राप्त कर सकते हैं।
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पुष्कर डेजर्ट सफारी हादसे में कैंपर पलटा, 18 यात्री घायल

Ajmer, Rajasthan:सेर सपाटे के लिए पुष्कर में आने वाले पर्यटकों के खाए आकर्षण का केंद्र बन रहा डेजर्ट सफारी अब हादसों की वजह बन रहा है। ऐसा ही मामला आज पुष्कर में डेजर्ट सफारी के दौरान देखने को मिला जब नियम कायदे कानून को ठेंगा दिखाते सफारी राइडर की लापरवाही और तेज रफ्तार बढ़े हादसे का बन गया। थार कैंपर पलटने से मची अफरा-तफरी मच गई। उदयपुर से पुष्कर घूमने आए 18 पर्यटक इस हादसे में घायल हो गए; गनीमत रही कि कोई जन हानि नहीं हुई। सभी घायलों को अजमेर JLN अस्पताल में रेफर कर उपचार दिया गया। आरोप है कि चालक तेज रफ्तार में कैंपर चला रहा था, इसी दौरान वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया। बताया जा रहा है कि कैंपर की क्षमता सिर्फ 6 लोगों की थी, लेकिन उसमें 18 लोगों को बैठाया गया था। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया। सूचना पर जेएलएन पहुंची पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
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कैथल पुलिस ने 1 किलो 85 ग्राम चरस समेत तस्कर को किया गिरफ्तार

Kaithal, Haryana:नशा तस्करों पर कैथल पुलिस की लगातार कार्रवाई। स्पेशल डिटेक्टिव यूनिट द्वारा 1 किलो 85 ग्राम चरस सहित एक विदेशी नशा तस्कर को काबू किया गया। एंकर: नशा मुक्त हो जिला मुहिम के तहत कैथल पुलिस द्वारा SP मनप्रीत सिंह सूदन के निर्देशानुसार कड़ी कार्रवाई की जा रही है। स्पेशल डिटेक्टिव यूनिट प्रभारी इंस्पेक्टर सुनील कुमार की अगुवाई में ASI संदीप कुमार की टीम बस अड्डा पूंडरी क्षेत्र में मौजूद थी। सहयोगी सूत्रों से पुलिस टीम को सूचना मिली कि NH 152D मोहना पुल करनाल से कैथल के नीचे एक व्यक्ति बैग में नशीला पदार्थ लेकर खड़ा है, जो किसी ग्राहक के इंतजार में है। पुलिस टीम ने रेडिंग पार्टी बनाकर उक्त स्थान पर दबिश दी, जहां एक व्यक्ति हुलिए से मिला जिसका नाम मनुचेर रशीदी बताया गया (वियना, ऑस्ट्रिया). तलाशी के दौरान बैग में 1 किलो 85 ग्राम चरस बरामद हुई। आरोपी के खिलाफ थाना पूंडरी में मामला दर्ज किया गया और ASI तरसेम ने गिरफ्तार किया। पूछताछ के लिए 3 दिन का पुलिस रिमांड किया गया है।
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CBSE ठेके में बड़ा घोटाला? COEMPT पर बैकग्राउंड चेक और पूर्व नाम विवाद

Noida, Uttar Pradesh:CBSE परीक्षा परिणाम में भयंकर हेर-फेर हो गई जिससे देश के लाखों बच्चे और उनके माता-पिता सदमे में हैं。 और मोदी जी? हमेशा की तरह - न जवाब, न ज़िम्मेदारी, न शर्म。 जिस कंपनी COEMPT को यह ज़िम्मेदारी मिली, वह पहले Globarena के नाम से तेलंगाना में 2019 में यही कारनामे कर चुकी है。 नाम बदला - पर नीयत वही, फितरत वही。 इतिहास सबको पता था, फिर भी ठेका दिया गया। ऐसी कंपनी के हाथ में 18.5 लाख बच्चों का भविष्य सौंप दिया गया और किसी को फ़र्क़ नहीं पड़ा。 यह गलती नहीं - यह सोचा-समझा षड़यंत्र है。 कुछ ज़रूरी सवाल हैं: - COEMPT को CBSE का ठेका क्यों और किसके कहने पर दिया गया? - कौन-कौन से नियम और प्रक्रिया दरकिनार करके इस कंपनी को ये ठेका दिया गया? - COEMPT पहले Globarena के नाम से विवादों में घिर चुकी है, ये CBSE को क्यों नहीं पता चला? Background checks क्यों नहीं किए गए? - COEMPT प्रबंधन और मोदी सरकार के बीच आखिर क्या संबंध हैं? हम मांग करते हैं कि इस पूरे घोटाले के असली दोषियों को सामने लाने के लिए स्वतंत्र न्यायिक जांच और SIT का गठन तत्काल किया जाए। CBSE के Gen Z साथियों - आपकी मेहनत, आपका भविष्य, कोई चुरा नहीं पाएगा। हम इस साजिश की तह तक जाएंगे, और इस भ्रष्टाचार को जड़ से उखाड़ फेंकेंगे। धर्मेंद्र प्रधान जी, आप मुझ पर जितना चाहें हमला कर लें, लेकिन इससे आप अपने गुनाहों से बरी नहीं हो जाएंगे। न ही इससे मैं 18.5 लाख बच्चों के लिए जवाब मांगने से रुकूंगा। CBSE OSM का कॉन्ट्रैक्ट COEMPT को क्यों दिया गया - एक कंपनी जो पहले से ही अपने पुराने नाम ग्लोबेरेना के नाम से विवादों में घिरी हुई है? यह किसके ऑर्डर पर किया गया? कोई बैकग्राउंड चेक क्यों नहीं किया गया? COEMPT के मैनेजमेंट और मोदी सरकार के बीच क्या कनेक्शन है? या तो आपने बैकग्राउंड चेक किया और फिर भी आगे बढ़ गए - या आपने किया ही नहीं। दोनों ही तरह से, आप इसमें शामिल हैं। जहां तक ​​ज़िम्मेदारी की बात है - अगर PM को परवाह होती, तो उन्हें लाखों स्टूडेंट्स का भविष्य बर्बाद करने के लिए आपको बहुत पहले ही निकाल देना चाहिए था।
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