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Rise of PINEWZ in digital era, here are insights from recent Faridabad's PINEWZ workshop
Faridabad, Haryana:In today's evolving landscape, media is reinventing itself, with people rapidly shifting from traditional orthodox media to digital platforms. At the PINEWZ workshop, participants shared unique insights with our team. Pawan Singh, Chairperson of the Y.M.C.A Media Department, stated that PINEWZ offers a new direction and perspective that meets the demands of modern media. Emerging journalists also noted that PINEWZ is essential for adapting to the changing times.
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बारां में पानी की टंकी पर चढ़े महिलाएं-पुरुष, मकान गिराने के विरोध में
Baran, Rajasthan:बारां: पानी की टंकी पर चढ़े महिला व पुरुष 8-10 महिला-पुरुष अपनी मांगों को लेकर चढ़े पानी की टंकी पर, विगत 70 सालों से रह रहे मकानों को नगर परिषद द्वारा गिराये जानेका जता रहे विरोध, आरोप है कि बिना सूचना पर बारां नगर परिषद की टीम पहुंची थी मकान गिराने, आक्रोशित महिलाएं व पुरुष चढ़े हैं पानी की टंकी पर0
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होटल में कारोबारी की मौत: दोस्त ही हत्या के आरोपी? फेसबुक लाइव से संकेत मिले
Jaipur, Rajasthan:होटल के कमरे में मिला कारोबारी का शव, दोस्तों पर हत्या का शक वारदात के बाद किया फेसबुक लाइव राजधानी के नारायण विहार थाना क्षेत्र स्थित एक होटल में शेयर मार्केट कारोबारी का शव मिलने से सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान गांधी पथ स्थित निर्याणद नगर निवासी 38 वर्षीय गुरु प्रसाद चौधरी के रूप में हुई है। पुलिस को कारोबारी का शव होटल के कमरे में संदिग्ध हालत में बिस्तर पर पड़ा मिला। शरीर पर चोटों के निशान और कमरे में खून के धब्बे मिलने के बाद हत्या की आशंका जताई जा रही है। पुलिस के अनुसार गुरु प्रसाद पिछले दो दिनों से अपने कुछ दोस्तों के साथ बजरी मंडी के पास स्थित एक होटल में ठहरा हुआ था। मंगलवार देर रात होटल स्टाफ ने कमरे का दरवाजा खुला देखा। अंदर जाकर जांच की तो गुरु प्रसाद बेसुध हालत में बिस्तर पर पड़ा मिला। सूचना मिलने पर नारायण विहार थाना पुलिस और एफएसएल टीम मौके पर पहुंचे तथा साक्ष्य जुटाए।गुरु प्रसाद सोमवार दोपहर घर से दोस्तों से मिलने की बात कहकर निकला था। इसके बाद उसका मोबाइल फोन बंद हो गया और वह घर नहीं लौटा। पहले भी कई बार दोस्तों के साथ बाहर रहने के कारण परिवार ने शुरुआत में ज्यादा चिंता नहीं की, लेकिन बाद में पुलिस से सूचना मिलने पर मामला सामने आया।प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि होटल के कमरे में दोस्तों के बीच शराब पार्टी चल रही थी। इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हुआ और मामला मारपीट तक पहुंच गया। पुलिस को संदेह है कि मारपीट में गंभीर चोट लगने से गुरु प्रसाद की मौत हुई। आरोप है कि साथी उसे कमरे में छोड़कर फरार हो गए।जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि होटल छोड़ने के बाद कुछ संदिग्धों ने वाहन में बैठकर फेसबुक लाइव भी किया था। इस लाइव वीडियो में कई लोग दिखाई दिए। पुलिस अब वीडियो और मोबाइल रिकॉर्ड के आधार पर संदिग्धों की पहचान और उनकी गतिविधियों की जांच कर रही है।पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। एफएसएल की रिपोर्ट और मेडिकल बोर्ड की राय के बाद मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल पुलिस हत्या के एंगल से जांच कर रही है और मृतक के साथ होटल में मौजूद लोगों से पूछताछ की जा रही है。0
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1975-77 के इमरजेंसी में हरियाणा की जेलें बन गईं लोकतंत्र के सैनिक
Sirsa, Haryana:एंकर रीड भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में 25 जून 1975 की तारीख एक ऐसे अध्याय के रूप में दर्ज है, जिसे आज भी लोग लोकतंत्र पर सबसे बड़ा हमला मानते हैं। 51 साल पहले देश में आपातकाल लागू हुआ था। रातों-रात विपक्षी पार्टियों के नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया, प्रेस की स्वतंत्रता पर ताले जड़ दिए गए, अभिव्यक्ति की आवाज को कुचल दिया गया और हजारों लोगों को मीसा (मेंटेनेंस ऑफ इंटरनल सिक्योरिटी एक्ट) के तहत जेलों में डाल दिया गया। हरियाणा उन राज्यों में शामिल था, जहां आपातकाल का प्रभाव सबसे अधिक दिखाई दिया। लोगों की नसबंदी की जाने लगी। कांग्रेस ने विपक्षी दलों के नेताओं को जेल में डाल दिया। प्रेस की आजादी छीन ली। हरियाणा में इसका सबसे अधिक असर नजर आया। इमरजेंसी 25 जून 1975 को लागू की गई और 2 फरवरी 1977 तक रही। चौ. बंसीलाल उस समय केंद्रीय रक्षा मंत्री थे। इमरजेंसी लगाने का आइडिया की इंदिरा गांधी के बेटे संजय गांधी के दिमाग की उपज था। बंसीलाल ने इसे पूरे देश में लागू किया। बंसीलाल ने इस दौरान बहुत सख्ती की। साल 1975 में आपातकाल लागू करने की नीति में उनका अहम योगदान रहा। आपातकाल के दौरान जयप्रकाश नारायण को हरियाणा के सोहना में ले जाया गया। भाजपा नेता एल.के. आडवाणी, चंद्रशेखर, मोरारजी देसाई, मधु दंडवते, सिकंदर बख्त, बीजू पटनायक, बिल्लू मोदी, सरीखे नेता हरियाणा की जेलों में रहें। इसके अलावा हरियाणा से चौधरी देवीलाल, मंगलसैन, हरद्वारी लाल, अयोध्या प्रसाद, डा. कमला वर्मा, ओमप्रकाश चौटाला, जगदीश चौटाला, जगबीर सिंह, चौधरी जगन्नाथ, उदय सिंह, नारनौंद से विधायक रहे बीरेंद्र सिंह, बलबीर सिंह ग्रेवाल, छछरौली के रोशनलाल आर्य सहित कई विपक्षी नेताओं को चौधरी बंसीलाल ने जेल में डाल दिया। वोल 1 प्रो. गणेशीलाल भी अलग-अलग समय में करीब 9 माह तक सिरसा की जेल में रहे। आपातकाल में कैसा माहौल था, प्रो. गणेशीलाल का क्या अनुभव रहा, इसको लेकर उन्होंने आज मीडिया से बातचीत की। उस दौर को याद करते हुए उड़ीसा के पूर्व राज्यपाल प्रो. गणेशी लाल कहते हैं कि आपातकाल में जन भी गायब था, गण भी गायब था और मन भी गायब था, बस तानाशाही जिंदा थी। यह वाक्य उस दौर की पूरी तस्वीर सामने रख देता है। उस समय 33 वर्षीय प्रो. गणेशी लाल सिरसा के राजकीय कॉलेज में अध्यापन कार्य कर रहे थे। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े होने के कारण वे भी प्रशासन के निशाने पर थे। पुलिस लगातार उनकी तलाश कर रही थी। गिरफ्तारी से बचने के लिए वे पहले अपने विद्यार्थी नरेश गंडा के घर पर छिपे और बाद में सांड शाला में सूरजमल डरौलिया के यहां शरण ली। आपातकाल में समाचार पत्रों पर सेंसरशिप लागू थी। सूचना पहुंचाने का हर रास्ता बंद था। ऐसे में लोकतंत्र के सिपाहियों ने संदेश पहुंचाने का अनोखा तरीका निकाला। गत्ते पर संदेश लिखकर गाय के गले में बांध दिया जाता था ताकि सूचना एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंच सके। संघ के कार्यकर्ताओं की गुप्त बैठकें वीरान स्थानों पर आयोजित होती थीं। बेगू रोड स्थित एस.एन. अनेजा के घर हुई ऐसी ही एक बैठक आज भी उनकी स्मृतियों में ताजा है। उस दौर में जयप्रकाश नारायण से लेकर अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी, चंद्रशेखर, मोरारजी देसाई और बीजू पटनायक जैसे राष्ट्रीय नेता हरियाणा की जेलों में रहे। हरियाणा में चौधरी देवीलाल, ओमप्रकाश चौटाला, मंगलसैन, हरद्वारी लाल और अनेक विपक्षी नेताओं को जेलों में डाल दिया गया। वोल 2 आपातकाल की चर्चा करते हुए प्रो. गणेशी लाल की आंखें तब नम हो जाती हैं, जब वे अपनी पत्नी स्वर्गीय सुशीला देवी को याद करते हैं। उस समय उनकी पत्नी गर्भवती थीं। एक दिन पुलिस तलाशी के लिए पहुंची। गली में खड़ी सुशीला देवी को देखकर एक पुलिसकर्मी ने दूसरे से कहा कि उसके पेट पर लात मार दो। हालांकि दूसरे पुलिसकर्मी ने उसे रोकते हुए कहा कि इतनी भी इंसानियत मत खोओ। प्रो. गणेशीलाल बताते हैं कि उस दौर में हर परिवार किसी न किसी पीड़ा से गुजर रहा था। गिरफ्तारी, भय, असुरक्षा और अनिश्चितता का माहौल था। इसी दौरान उनके घर पुत्र का जन्म हुआ। परिवार ने उसका नाम मनीष रखा। यह नाम भी उस दौर की परिस्थितियों से प्रेरित था, क्योंकि उस समय पूरा जीवन मीसा कानून की छाया में बीत रहा था। जब उन्हें गिरफ्तार किया गया तो पहले सिरसा जेल और बाद में हिसार जेल भेजा गया। उनके घर को सील कर दिया गया। मकान में रहने वाले किरायेदार डब्ल्यू.सी. गर्ग को भी बिना किसी अपराध के गिरफ्तार कर लिया गया। उनकी पुस्तकों को सिरसा के सुभाष चौक पर सार्वजनिक रूप से जलाया गया। वे बताते हैं कि उस समय हथकडिय़ां लगाकर अदालत ले जाया जाता था। एक बार जज बजाज साहब ने प्रशासन से कहा कि ये कोई अपराधी नहीं हैं, ये भागने वाले नहीं हैं, इनकी हथकडिय़ां खोल दो। वह घटना आज भी उन्हें न्याय व्यवस्था में मौजूद संवेदनशील लोगों की याद दिलाती है। वोल 3 प्रो. गणेशीलाल बताते हैं कि जेल की सलाखों के पीछे भी लोकतंत्र का संघर्ष जारी था। सिरसा जेल छोटी थी, इसलिए कई बार उन्हें हिसार जेल भी भेजा गया। जेल में सुबह प्रार्थना होती थी। सभी बंदी एक-दूसरे का हौसला बढ़ाते थे। जेल मैन्युअल के अनुसार मिलने वाले राशन से स्वयं भोजन तैयार किया जाता था। दोपहर के समय वैचारिक चर्चा और व्याख्यान होते थे। संघ के कार्यकर्ता राष्ट्रभक्ति के गीत गाते थे। कठिन परिस्थितियों के बावजूद निराशा को अपने ऊपर हावी नहीं होने देते थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात कामरेड शंकर लाल से हुई, जिन्हें बेडिय़ों और हथकडय़िों में रखा गया था। वे बेहद निराश थे। प्रो. गणेशीलाल ने उन्हें कहा कि हिम्मत मत हारो, लोकतंत्र लौटेगा और तुम विधायक बनोगे। समय ने करवट ली। 1977 में आपातकाल समाप्त हुआ, चुनाव हुए और जनता पार्टी की लहर चली। सिरसा से कामरेड शंकर लाल विधायक चुने गए। वे बताते हैं कि जेल में चौधrody ओमप्रकाश चौटाला, वैद्य श्रीनिवास, वैद्य मानस्वरूप, महावीर रातुसरिया सहित अनेक लोकतंत्र सेनानी रहे। सभी का एक ही उद्देश्य था—लोकतंत्र की पुनःस्थापना। आज जब आपातकाल के 51 वर्ष पूरे हो रहे हैं, तब प्रो. गणेशीलाल युवाओं को संदेश देते हैं कि लोकतंत्र केवल संविधान की किताबों से नहीं चलता, बल्कि नागरिकों की सजगता से मजबूत होता है। नसबंदी अभियान और भय के साये में जी रहा था समाज, फिर भी नहीं टूटा विरोध का हौसला आपातकाल के दौरान केवल राजनीतिक नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं पर ही कार्रवाई नहीं हुई, बल्कि आम नागरिक भी सरकारी सख्ती का शिकार बने। उस समय देशभर में चलाए गए नसबंदी अभियान ने लोगों के मन में भय का वातावरण पैदा कर दिया था। गांवों और कस्बों में यह चर्चा आम थी कि प्रशासन द्वारा जबरन नसबंदी करवाई जा रही थी। हरियाणा में भी इस अभियान का व्यापक प्रभाव देखने को मिला। लोग घरों से निकलने से डरते थे और कई परिवार अपने युवाओं को रिश्तेदारों के यहां भेज देते थे ताकि वे प्रशासनिक कार्रवाई से बच सकें। वोल 4 प्रो. गणेशीलाल बताते हैं कि उस दौर में विरोध करना लगभग अपराध माना जाता था। अखबारों पर सेंसरशिप लागू थी और जो खबर Government के खिलाफ जाती, उसे प्रकाशित होने की अनुमति नहीं मिलती थी। रेडियो और सरकारी माध्यमों पर केवल वही बातें सुनाई देती थीं, जो सत्ता चाहती थी। लोकतंत्र की आत्मा कही जाने वाली अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पूरी तरह से सीमित हो चुकी थी। इसके बावजूद समाज का एक वर्ग ऐसा था जिसने हार नहीं मानी। गुप्त बैठकों, व्यक्तिगत संपर्कों और वैचारिक संवाद के माध्यम से लोकतंत्र की अलख जलती रही। लोगों को विश्वास था कि यह अंधेरा स्थायी नहीं है। यही विश्वास बाद में परिवर्तन का आधार बना। प्रो. गणेशीलाल कहते हैं कि आपातकाल ने उन्हें सिखाया कि सत्ता चाहे कितनी भी शक्तिशाली क्यों न हो, जनता की इच्छा शक्ति और लोकतांत्रिक मूल्यों से बड़ी नहीं हो सकती। 1977 के चुनाव परिणामों ने यह साबित भी कर दिया, जब जनता ने मतदान के माध्यम से सत्ता परिवर्तन का रास्ता चुना। हरियाणा की जेलें बनीं लोकतंत्र सेनानी का केंद्र, सलाखों के पीछे भी चलता रहा संघर्ष आपातकाल के दौरान हरियाणा की जेलें केवल बंदियों को रखने का स्थान नहीं थीं, बल्कि वे लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहे लोगों के विचारों और संकल्प का केंद्र बन गई थीं। देश के कई बड़े नेताओं को हरियाणा की विभिन्न जेलों में रखा गया। जयप्रकाश नारायण को सोहना ले जाया गया, जबकि लालकृष्ण आडवाणी, चंद्रशेखर, मोरारजी देसाई, सिकंदर बख्त, मधु दंडवते और बीजू पटनायक जैसे राष्ट्रीय नेता भी हरियाणा की जेलों में रहे। प्रदेश के भीतर चौधरी देवीलाल, ओमप्रकाश चौटाला, मंगलसैन, हरद्वारी लाल, रोशनाल आर्य और अनेक विपक्षी नेताओं को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे डाल दिया गया। प्रो. गणेशीलाल बताते हैं कि जेल के भीतर भी लोकतंत्र और राष्ट्रहित के विषयों पर निरंतर चर्चा होती थी। विभिन्न विचारधाराओं से जुड़े लोग एक-दूसरे के अनुभव साझा करते थे। राजनीतिक मतभेद जरूर थे, लेकिन लोकतंत्र की रक्षा के सवाल पर सभी एकजुट दिखाई देते थे। यही कारण था कि जेल की कठिन परिस्थितियां भी उनके मनोबल को तोड़ नहीं सकीं। वे बताते हैं कि उस समय जेलों में रहने वाले नेताओं और कार्यकर्ताओं को विश्वास था कि लोकतंत्र की जड़ें इतनी कमजोर नहीं हैं कि किसी एक आदेश से समाप्त हो जाएं। यही विश्वास उन्हें हर कठिनाई के बीच मजबूती देता था। जेल में बिताए गए दिन केवल संघर्ष की कहानी नहीं थे, बल्कि लोकतंत्र के प्रति समर्पण की मिसाल भी थे। 1977 में जब आपातकाल समाप्त हुआ और चुनाव हुए, तब जनता ने अपने मताधिकार के माध्यम से यह संदेश दिया कि लोकतंत्र की ताकत किसी भी तानाशाही से बड़ी होती है। यही कारण है कि आज भी आपातकाल का दौर भारतीय लोकतंत्र के लिए एक महत्वपूर्ण सीख के रूप में याद किया जाता है। बाइट प्रोफेसर गणेशी लाल , पूर्व राज्यपाल。0
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यमुनानगर में एयरटेल सिम धोखाधड़ी: 95 लाख से अधिक की निकासी
Yamuna Nagar, Haryana:यमुनानगर में इस बार ठगी का और धोखाधड़ी का एक नया मामला सामने आया है। जिसमें एयरटेल कंपनी का मोबाइल सिम बंद करके उसकी जगह नया सिम लेकर मोबाइल नंबर के खाते से 95 लाख से अधिक की राशि निकलवा ली गई है। साइबर थाना पुलिस ने मामला दर्ज करके आरोपी को मुंबई से गिरफ्तार कर लिया है। साइबर अपराध पुलिस थाना जांच अधिकारी विशाल सैनी ने बताया कि 25 मई को शिकायतकर्ता निर्देश जैन का एयरटेल का सिम अचानक ब्लॉक हो गया। और उसके बदले इस नंबर का नया सिम कहीं और बन गया। यह मोबाइल नंबर बैंक खाते से अटैच था। जिस पर आरोपियों ने उसमें से 95 लाख से अधिक की राशि निकलवा ली। मामला साइबर पुलिस तक पहुंचा। जांच की गई और आरोपी को मुंबई से गिरफ्तार कर लिया गया। जांच अधिकारी ने बताया कि नया सिम उसके मालिक उत्तर भारत कंपनी के निर्देश जैन की बजाय किसी और को कैसे मिल गया, इसके लिए एयरटेल कंपनी को नोटिस दिया गया है। इसके अलावा अन्य और आरोपी की भी इस मामले में शामिल होने की आशंका है, जांच के बाद उन्हें भी गिरफ्तार किया जाएगा।0
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रेउसा में तेज रफ्तार कार ने सीएनजी ऑटो को मारी टक्कर, चालक समेत 7 घायल; तीन की हालत गंभीर रेउसा कस
Bamhnawa, Uttar Pradesh:रेउसा में तेज रफ्तार कार ने सीएनजी ऑटो को मारी टक्कर, चालक समेत 7 घायल; तीन की हालत गंभीर रेउसा कस्बे में बुधवार रेउसा-बिसवां मार्ग पर नायरा पेट्रोल पंप के पास उस समय हुआ, जब बिसवां से सवारियां लेकर रेउसा आ रहा एक सीएनजी ऑटो सामने से आ रही तेज रफ्तार लाल रंग की कार से टकरा गया। आमने-सामने की जोरदार टक्कर के बाद ऑटो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें सवार यात्री घायल हो गए। हादसे के बाद कार चालक वाहन को मौके पर छोड़कर फरार हो गया। घायलों में भवानीपुर निवासी सुर्ज लाल (50) पुत्र बेचे लाल तथा हथिना निवासी ऑटो चालक राजेश कुमार (50) पुत्र जगन्नाथ गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं रामचंद्र (75) निवासी राजापुर कला, अर्जुन (45) निवासी कोंडरी, महाराजा देवी (75) निवासी भिठना फर्र, अमोलक (70) निवासी जमौली तथा मुनेसर (33) निवासी रतनगंज घायल हुए हैं। सूचना मिलते ही रेउसा पुलिस मौके पर पहुंची और सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रेउसा पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद सुर्ज लाल, राजेश कुमार समेत तीन घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर कर दिया गया।0
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रादौर के छोटाबां्स में CIA टीम पर हमला, सुखबीर के घर से नशा बरामद
Yamuna Nagar, Haryana:रादौर के छोटाबांस की डेहा बस्ती में असंध सीआईए टीम पर हुए हमले के मामले में गिरफ्तार आरोपी सुखबीर के घर से पुलिस ने साढ़े छह ग्राम नशीला पदार्थ बरामद किया है। पुलिस ने बुधवार को आरोपी को रिमांड पर लेकर गांव छोटाबांस में घटनास्थल पर पहुंचकर मामले से संबंधित जानकारी जुटाई। पुलिस का कहना है कि मामले में अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। राजेश राणा थाना प्रभारी रादौर ने बताया कि असंध सीआईए की टीम कुछ दिन पहले राजेंद्र नामक एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार करने आई थी, जिससे सुखबीर नशा खरीदा करता था। इस दौरान सुखबीर और उसके साथियों ने पुलिस टीम पर हमला कर आरोपी को छुड़ा लिया था। उन्होंने बताया कि सुखबीर पर पहले भी करीब एक दर्जन आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह पुलिस टीम के साथ मारपीट करने की घटना में भी शामिल रहा है। थाना प्रभारी ने बताया कि इस मामले में अब तक तीन गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और बाकी आरोपियों का पता लगाने के लिए सुखबीर को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। उन्होंने समाज को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि क्षेत्र में नशा बेचने वालों के खिलाफ इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, क्योंकि नशे के कारण पहले ही कई युवा अपनी जान गंवा चुके हैं।0
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गुरुग्राम में थार चालक ने इंजीनियर को पीटा; वीडियो वायरल
Gurugram, Haryana:गुरुग्राम गुरुग्राम में रोड रेज में इंजीनियर को पीटा थार गाड़ी चालक और उसके साथियों ने इंजीनियर को सोसाइटी के बाहर बुरी तरह पीटा इंजीनियर ड्यूटी खत्म कर जा रहा था अपने घर साइड देने को लेकर थार गाड़ी चालकों को आया गुस्सा, इंजीनियर को पीटा थार गाड़ी चालक की गुंडागर्दी फिर आई सामने गुरुग्राम के सेक्टर 71 में सोसाइटी के बाहर की घटना इंजीनियर स्कूटी पर आ रहा था तब की गई उसके साथ मार पीट इंजीनियर के साथ हो रही मारपीट की वीडियो सोसाइटी की बालकनी से किसी ने बनाई इंजीनियर की पिटाई की वीडियो सोशल मीडिया पर खूब हो रही है वायरल पुलिस ने वीडियो के आधार पर जांच की शुरू0
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बेगूं में मुखर्जी की पुण्यतिथि पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने श्रद्धांजलि दी
Begun, Rajasthan:बेगूं नगर के अहिंसा सर्किल पर भारतीय जनता पार्टी नगर मंडल द्वारा जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि श्रद्धापूर्वक मनाई गई। इस दौरान भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उनकी तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में वक्ताओं ने डॉ. मुखर्जी के राष्ट्र निर्माण, राष्ट्रीय एकता और जनसेवा के क्षेत्र में दिए गए योगदान को याद किया। साथ ही उनके विचारों और सिद्धांतों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प भी लिया गया। कार्यक्रम में नगर मंडल के पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं भाजपा समर्थक उपस्थित रहे।0
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रामगढ़ विषधاری टाइगर रिजर्व में RVT-07 का पुनर्वास सफल, जंगल में विचरण शुरू
Noida, Uttar Pradesh:बूंदी से बड़ी खबर रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व में पुनर्वासित बाघ RVT-07 प्राकृतिक आवास में हुआ रिलीज अब खुले जंगल में विचरण करेगा बाघ राजस्थान में अनाथ बाघ शावक के वैज्ञानिक पुनर्वास का पहला सफल प्रयास रणथम्भौर की बाघिन T-114 का अनाथ शावक है RVT-07 अभेड़ा जैविक उद्यान में प्रशिक्षण के बाद रामगढ़ विषधारी लाया गया था बाघ 23 जून की शाम रीवाइल्डिंग एनक्लोजर के द्वार खोले गए बाघ ने बाहर निकलने का प्रयास किया, फिर स्वेच्छा से लौटा एनक्लोजर में GPS रेडियो कॉलर, कैमरा ट्रैप और विशेष टीम करेगी 24 घंटे निगरानी0
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अलवर के दीवान जी के बाग में नालियों की गंदगी से परेशान लोग
Alwar, Rajasthan:अलवर के दीवान जी का बाग क्षेत्र में लंबे समय से नालियों की सफाई नहीं होने से स्थानीय निवासी भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं। क्षेत्र के वेद प्रकाश जाटव और राजवती ने बताया कि मुख्य नाली प्लास्टिक कचरे और गंदगी से पूरी तरह जाम हो चुकी है, जिससे जल निकासी व्यवस्था प्रभावित हो गई है। नालियों में गंदा पानी जमा रहने से पूरे इलाके में बदबू फैल रही है और मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है। इसके साथ ही सांप, बिच्छू जैसे जहरीले जीव घरों में घुसने लगे हैं, जिससे लोगों में भय का माहौल बना हुआ है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्होंने कई बार नगर निगम और संबंधित अधिकारियों को शिकायत दी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। समस्या जस की तस बनी हुई है। इसी मुद्दे को लेकर बुधवार को वेद प्रकाश जाटव और राजवती सहित क्षेत्र के लोग सचिवालय पहुंचे और जिला प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए ज्ञापन सौंपा। उन्होंने नालियों की तत्काल सफाई, जल निकासी व्यवस्था सुधारने और नियमित सफाई सुनिश्चित करने की मांग की है। निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। अब क्षेत्रवासियों की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई है। बाइट: वेद प्रकाश, स्थानीय निवासी राजवती, स्थानीय निवासी0
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लखनऊ आग के बाद मुज़फ्फरनगर में कोचिंग सेंटर और होटलों में चैकिंग, सील
Muzaffarnagar, Uttar Pradesh:मुज़फ्फरनगर ब्रेकिंग लखनऊ अग्निकांड के बाद जिलेभर मे चैकिंग अभियान कोचिंग सेंटर से लेकर गेस्ट हॉउस तक चैकिंग अभियान मानक के अनुरूप फायर सिस्टम ना मिलने पर कई पर कार्रवाई दो कोचिंग सेंटर व एक डॉरमेट्री हॉउस किया गया सील NIGT कोचिंग सेंटर व स्कील इंडिया का कम्प्यूटर सेंटर किया सील फायर सेफ्टी स्टूमेंट ना मिलने पर दिया गया था नोटिस MDA द्वारा दोनों सेंटरो क़ो किया गया सील नगर मजिस्ट्रेट पंकज राठौड़ ने अग्निशमन विभाग के साथ चलाया अभियान बाइट=पंकज राठौड़ (सिटी मजिस्ट्रेट )0
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राम मंदिर चंदा घोटाले पर कांग्रेस ने पीलीभीत में धरना, एफआईआर की मांग
Pilibhit, Uttar Pradesh:अयोध्या के राम मंदिर में चंदा चोरी को लेकर पीलीभीत में कांग्रेस के जिला अध्यक्ष हरप्रीत सिंह चब्बा के नेतृत्व में दर्जनों कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन करते हुए पहुंचे और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की इस दौरान एफआईआर दर्ज करने को लेकर उन्होंने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन जिला अधिकारी को सौपा है। ज्ञापन में कहा गया कि श्रीराम मंदिर में रामधन, दान और चढ़ावे से जुड़े घोटाले एवं चोरी की खबरों ने करोड़ों रामभक्तों की आस्था को आहत किया है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार द्वारा एसआईटी का गठन तो किया गया है, लेकिन अब तक कोई औपचारिक एफआईआर दर्ज नहीं की गई है, जिससे जांच की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। कांग्रेस जिला अध्यक्ष का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी पीएम व यूपी के सीएम पर भी इस मामले में रिपोर्ट दर्ज होनी चाहिए।0
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गाजियाबाद के सिकंदरपुर रोड पर मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी के गोदाम में आग, दमकलें जुटी
Noida, Uttar Pradesh:GHAZIABAD: A FIRE BROKE OUT IN THE WAREHOUSE OF THE MATERIAL RECOVERY FACILITY LOCATED ON SIKANDARPUR ROAD GHAZIABAD सिकंदरपुर रोड गाजियाबाद पर स्थित मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी के गोदाम में आग लग गई0
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कोरबा की पुरानी बस्ती में सांड ने बुजुर्ग पर हमला, दहशत फैली
Korba, Chhattisgarh:आम नागरिकों पर आवारा कुत्तों के आतंक का वायरल वीडियो तो आपने खूब देखा होगा लेकिन कोरबा शहर की पुरानी बस्ती में एक सांड ने आतंक मचा रखा है. बुधवार को इस सांड ने आतंक मचाते हुए एक बुजर पर हमला कर घायल का दिया. सांड ने बुजुर्ग को सींग से उठाकर ज़मीन पर पटक दिया जो घटना आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई. जानकरी के अनुसार, 55 वर्षीय छोटे लाल श्रीवास सुबह अपने काम से जा रहे थे. इसी दौरान अचानक सांड ने उन पर हमला कर दिया। सांड ने उन्हें सींगों पर उठाकर जमीन पर पटक दिया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं. घायल अवस्था में उन्हें तत्काल एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है. प्रत्यक्षदर्शियों कि माने तो उक्त सांड पिछले कई दिनों से बस्ती में घूम रहा था और राहगीरों तथा दोपहिया वाहन चालकों पर हमला कर रहा था. जिससे वे घायल हुए हैँ. फिलहाल क्षेत्र में दहशत का माहौल है। बच्चे और बुजुर्ग घर से निकलने में डर महसूस कर रहे हैं. स्थानीय नागरिकों ने नगर निगम और संबंधित विभाग से आवारा मवेशियों पर नियंत्रण तथा सांड को तत्काल पकड़ने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो.0
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नरसिंहपुर पुलिस ने सेव क्लिक अभियान की शुरुआत कर साइबर सुरक्षा जागरूकता बढ़ाई
Narsinghpur, Madhya Pradesh:नरसिंहपुर पुलिस ने आज मध्य प्रदेश सरकार के अभियान सेव क्लिक की शुरुआत की। इस अभियान के द्वारा साइबर अपराध को रोकने और साइबर सुरक्षा को लेकर लोगों में जन जागरूकता फैलाने का काम पुलिस के द्वारा किया जाएगा। इस अभियान में लगे वाहन को हरि झंडी दिखाकर नरसिंहपुर के एसपी ने रवाना किया। नरसिंहपुर पुलिस अधीक्षक ऋषिकेश मीना ने अभियान से जुड़ी जानकारी देते हुए बताया कि अगर किसी के साथ साइबर फ्रॉड होता है तो इसकी जानकारी वह तत्काल अपने नजदीकी थाना में देते हुए 1930 डायल कर सकते हैं। इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि अगर कोई फोन पर पुलिस का अधिकारी बनकर ऑनलाइन वारंट या फिर ऑनलाइन FIR की धमकी देता है तो उस पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है। आज पुलिस कंट्रोल रूम में जिले के तमाम बैंक अधिकारियों की मौजूदगी में साइबर अपराध को रोकने और साइबर सुरक्षा को लेकर एक बैठक करते हुए जिले में जन जागरण का अभियान की पुलिस के द्वारा शुरुआत की गई।0
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