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DIC Kathua organizes Bhajan Sandhya for Shri Amarnath Ji Yatris

Jul 09, 2024 09:49:59
Kathua,
District Information Centre Kathua hosted a mesmerizing Bhajan Sandhya for the Shri Amarnath Ji Yatris at the Lakhanpur Facilitation Centre. The event commenced with a soulful rendition of Shri Ganesh Vandana, followed by a series of Shiv Bhajans performed in Hindi, Punjabi, and Dogri. The artists' captivating performances left the audience enthralled and spellbound. Pilgrims from various parts of the country participated in Bhajan sandhya.
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Jan 14, 2026 07:30:44
Bareilly, Uttar Pradesh:बरेली के बहेड़ी पुलिस ने गौकशी की घटना में शामिल दो शातिर अभियुक्तों को थाना बहेड़ी क्षेत्र में पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। देर रात हुई इस मुठभेड़ में एक अभियुक्त पुलिस की जवाबी फायरिंग में पैर में गोली लगने से घायल हो गया, जिसे उपचार के लिए जिला अस्पताल बरेली भेजा गया है। वहीं दूसरे अभियुक्त को पुलिस ने घेराबंदी कर मौके से दबोच लिया। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्त 8 जनवरी 2026 को ग्राम सुकटिया में हुई गौकशी की घटना में शामिल थे। पुलिस ने इस कार्रवाई के साथ ही मामले का सफल खुलासा कर दिया है। अभियुक्तों के पास से दो तमंचे, जिंदा कारतूस और एक खोखा बरामद किया गया है। इसके साथ ही गौकशी में प्रयुक्त गंडासे, छुरियां, कुल्हाड़ी, सुआ और प्लास्टिक के बोरे भी पुलिस ने कब्जे में लिए हैं। पुलिस ने अभियुक्तों के पास से एक चोरी की स्प्लेंडर मोटरसाइकिल भी बरामद की है। गिरफ्तार दोनों अभियुक्त रामपुर जनपद के निवासी बताए गए हैं। उनके विरुद्ध थाना बहेड़ी में गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्त अभियान लगातार जारी रहेगा।
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Jan 14, 2026 07:27:16
Hathras, Uttar Pradesh:

हाथरस के सलेमपुर औद्योगिक क्षेत्र में मंगलवार तड़के एक रंग गुलाल संयंत्र में भाप मशीन से तीन मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा हसायन कोतवाली क्षेत्र में स्थित 'तोता ब्रांड' रंग गुलाल फैक्ट्री में हुआ। यह घटना सुबह करीब 2 बजे उस समय हुई जब संयंत्र में गुलाल बनाने का काम चल रहा था। हावड़ा बॉयलर मशीन का तापमान अपनी सीमित क्षमता से अधिक हो जाने के कारण वह तेज धमाके के साथ फट गया। बॉयलर के क्षतिग्रस्त होने से वहां काम कर रहे मजदूर उसकी गर्म पाइपों की चपेट में आ गए। घायलों की पहचान हसायन के मोहल्ला किला खेड़ा निवासी महेश (पुत्र कन्हैयालाल), सासनी के गांव कौमरी खिटौली निवासी तेजपाल (पुत्र जवाहर सिंह) और एटा के जलेसर कोतवाली क्षेत्र के गांव नगला धनी निवासी राहुल कुमार के रूप में हुई है। महेश लाल गुलाल सुखाने का काम कर रहे थे, तेजपाल गुलाल की माप-तौल कर रहे थे, जबकि राहुल मशीन से गुलाल के पैकेट काटने का कार्य कर रहे थे। हादसे के समय रात की शिफ्ट में लगभग 35 से 40 मजदूर काम कर रहे थे। मशीन पर भोपतपुर के एक ठेकेदार के अधीन कार्य चल रहा था। घटना के बाद संयंत्र में हड़कंप मच गया। घायल मजदूरों को तुरंत हाथरस ले जाया गया। उनकी गंभीर हालत को देखते हुए, संयंत्र संचालक और ठेकेदार उन्हें आगरा के एक निजी अस्पताल में ले गए, जहां उनका इलाज चल रहा है। तीनों मजदूरों की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है।

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Jan 14, 2026 07:19:53
Lucknow, Uttar Pradesh:लखनऊ। राजधानी में खाकी ने फिर मानवता की मिशाल पेश करी है। लंबे समय से कूल्हे की हड्डी टूटी होने के कारण बिस्तर पर पड़ी रहने वाली कौशलता के लिए प्रभारी निरीक्षक गोसाईगंज दिलेश कुमार सिंह फरिश्ता बन गए। गोसाईगंज कोतवाली में बेटे के खिलाफ शिकायत लेकर आई कौशल्या के बहते आंसुओं को देख कर इंस्पेक्टर ने बुजुर्ग कौशल्या को निजी हॉस्पिटल में निजी खर्चे से इलाज करवाने के लिए भर्ती करवाया। मंगलवार को गोसाईगंज कस्बे के सदरपुर बाजार वार्ड की रहने वाली 80 वर्षीय कौशल्या अपने छोटे बेटे और पौत्री के साथ रिक्शा ट्राली पर लेट कर गोसाईगंज कोतवाली पहुंची। उस समय कोतवाली में मौजूद मिले प्रभारी निरीक्षक दिलेश कुमार सिंह ने बुजुर्ग माता जी का हाल जाना तो पता चला कि दो बेटों में छोटा मजदूरी करके परिवार चलता है लेकिन बड़ा बेटा उनकी मदद नहीं करता है जिससे उनका इलाज भी नहीं हो पा रहा है। कौशल्या ने बताया कि करीब दस महीने पहले अप्रैल में उसके कूल्हे की हड्डी टूट गई थी और उसी समय पति का निधन भी हो गया। इन हालातों में अब वह बिस्तर पर ही पड़ी रहती हैं लेकिन गरीबी के कारण इलाज नहीं करवा पा रही है। यह सुनकर इंस्पेक्टर दिलेश कुमार सिंह भावुक हो उठे और कौशल्या को समझाते हुए कहा माता जी परेशान न हों आपका इलाज हम करवाएंगे आप मेरी मां के समान हैं। इंस्पेक्टर ने यह कहते हुए प्राईवेट एंबुलेंस बुलवा लिया और मोहनलालगंज स्थित निजी अस्पताल में बात करके कौशल्या को अपने निजी खर्चे पर इलाज कराने के लिए अस्पताल भेजवा दिया। कौशल्या को एक बार फिर लगा कि हमारे पास पैसा नहीं है तो उन्होंने कहा हमको कहीं न भेजिए जितने दिन की जिंदगी है घर में पड़े पड़े बीत जाएगी। इंस्पेक्टर दिलेश कुमार ने कौशल्या के साथ बहू को भेजते हुए कहा कि इलाज के लिए आप लोगों को कोई पैसा नहीं देना है जो खर्च आएगा हम दे देंगे। फिलहाल मंगलवार को गोसाईगंज कोतवाली में एक तरफ जहां मित्र पुलिस की अवधारणा को पुनः चरितार्थ होते देखा गया वहीं पर एक असहाय मां के प्रति खाकी का मानवतावादी दृष्टिकोण देखने को मिला। इंस्पेक्टर दिलेश अपने नाम के मतलब दिलों पर राज करने वाला को सार्थक बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे। बीते दिनों अपनों से भटके नेपाली बच्चे को परिवार से मिलाने और नए कपड़े दिलाने के बाद यह दूसरा मौका था जब उन्होंने मानवता दिखाते हुए बुजुर्ग मां को इलाज के लिए अस्पताल भेजवाया।
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Jan 14, 2026 07:17:33
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Jan 14, 2026 06:48:36
Mathura, Uttar Pradesh:मथुरा। प्रसिद्ध कथावाचक अनिरुद्ध आचार्य एक बार फिर विवादों के घेरे में हैं। ललितपुर निवासी एक भक्त बबलू ने गौरी गोपाल आश्रम प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई है। पीड़ित के अनुसार, दो वर्ष पूर्व आश्रम में उन्होंने अपनी कुछ निजी समस्याएँ महाराज के समक्ष रखी थीं। आश्रम प्रशासन ने उस बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, जिससे उनके मान-सम्मान को ठेस पहुँच रही है। पीड़ित का दावा है कि कई महीनों से वीडियो हटाने के निवेदन के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। आरोप है कि रविवार को जब वह अपनी पत्नी के साथ आश्रम पहुँचे, तो सुरक्षाकर्मियों ने उनकी पत्नी के साथ मारपीट और अभद्रता की। पीड़ित ने आश्रम प्रशासन पर धमकी देने का आरोप लगाते हुए पुलिस से कार्यवाही की माँग की है।इस मामले में आश्रम के की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। बाइट - बबलू,पीड़ित।
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Jan 14, 2026 06:25:09
Jalalpur, Uttar Pradesh:जलालपुर तहसील क्षेत्र के मंगूराडिला गांव में देर रात करीब 12 बजे के बाद एक पागल कुत्ते ने अचानक आतंक मचा दिया। जानकारी के अनुसार कुत्ते ने गांव में उत्पात मचाते हुए दो दर्जन से अधिक लोगों को काटकर घायल कर दिया। कुत्ते ने किसी को रास्ते पर चलते समय तो किसी को घर में घुसकर अपना शिकार बनाया, जिससे पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई।घटना के बाद ग्रामीणों ने साहस दिखाते हुए कुत्ते को घेर लिया और उसे मार डाला। हालांकि देर रात से लेकर सुबह तक गांव में दहशत और भगदड़ का माहौल बना रहा। सुबह डॉग बाइट के शिकार सभी लोगों को नगपुर स्थित (सीएचसी) पहुंचाया गया, जहां उपचार हुआ।सीएचसी अधीक्षक डॉ. जयप्रकाश ने बताया कि डॉग बाइट से घायल सभी मरीजों का समुचित उपचार किया गया।उन्होंने लोगों से अपील करते हुए क्या कहा आप भी सुने..
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Gaurav Kumar DixitGaurav Kumar Dixit
Jan 14, 2026 06:07:23
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Jan 14, 2026 05:51:32
Mirzapur, Uttar Pradesh:चील्ह। विंध्य डिफेंस एकेडमी द्वारा सेकेण्ड लिस्ट में सिलेक्टेड आर्मी के जवानों का किया गया स्वागत। विकासखंड कोन क्षेत्र के विंध्य डिफेंस एकेडमी चिकवा ग्राउंड पर कमांडो पी एस ओ संतोष कुमार यादव द्वारा बुधवार को सिलेक्टेड आर्मी के जवानों का माला पहनकर मिठाई खिलाते हुए अंग वस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। जिसमें अनूप यादव, रविशंकर यादव, आयूषमान सिंह, धीरज सिंह आदि मिर्जापुर जिले के समस्त सिलेक्टेड अग्निवीर आर्मी के जवानों का माला पहनकर मिठाई खिलाकर अंग वस्त्र देते हुए सम्मानित करते हुए उत्साहित किया गया। सम्मानित करने वालों में मुख्य रूप से इंटरनेशनल खिलाड़ी कोच नागेंद्र प्रसाद बिंद, विजय यादव फौजी, जयप्रकाश यादव फौजी, मुन्ना यादव, बाबूलाल लाल, आर्मी, विकास यादव सीआरपीएफ आदि लोगों ने सम्मानित किया।
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Jan 14, 2026 05:23:10
Babaganj, Uttar Pradesh:मकर संक्रांति को लेकर भ्रम: 14 या 15 जनवरी—कब है संक्रांति? मकर संक्रांति प्रमुख सूर्य पर्वों में से एक है, जिसे लेकर हर वर्ष लोगों के बीच तिथि को लेकर चर्चा और भ्रम की स्थिति बनती है। इस वर्ष भी ऐसा ही देखने को मिल रहा है—कुछ लोग मकर संक्रांति 14 जनवरी को मान रहे हैं तो कुछ 15 जनवरी को। इस मतभेद के पीछे खगोलीय गणनाएं, पंचांगों का अंतर और क्षेत्रीय परंपराएं प्रमुख कारण हैं। पंडितो का कहना है कि मकर संक्रांति चंद्र तिथि पर नहीं, बल्कि सूर्य के राशि परिवर्तन पर आधारित पर्व है, इसलिए इसकी तिथि हर वर्ष थोड़ी-बहुत बदल सकती है। क्या है मकर संक्रांति का वैज्ञानिक आधार मकर संक्रांति वह दिन होता है जब सूर्य धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करता है। इसे सूर्य का उत्तरायण होना भी कहा जाता है। इसी दिन से सूर्य की गति दक्षिण से उत्तर की ओर हो जाती है और दिन बड़े तथा रातें छोटी होने लगती हैं। खगोलीय गणना के अनुसार सूर्य का यह राशि परिवर्तन किसी निश्चित घड़ी में होता है। यदि यह परिवर्तन 14 जनवरी को होता है तो संक्रांति 14 को मानी जाती है, और यदि 15 जनवरी को होता है तो 15 को। विभिन्न पंचांग सूर्य के मकर राशि में प्रवेश का समय अलग-अलग बताते हैं। कई बार यह प्रवेश रात के समय या दोपहर के बाद होता है। शास्त्रों के अनुसार, यदि संक्रांति का प्रवेश सूर्यास्त के बाद होता है तो पर्व अगले दिन मनाने की परंपरा है। इसी कारण कुछ पंचांग 14 जनवरी तो कुछ 15 जनवरी को मकर संक्रांति बताते हैं। ग्रामीण इलाकों में परंपरागत पंचांगों के अनुसार पर्व मनाया जाता है, जबकि शहरी क्षेत्रों में आधुनिक पंचांगों और कैलेंडरों का प्रभाव अधिक देखा जाता है।हिंदू धर्म में मकर संक्रांति का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस दिन गंगा स्नान, दान-पुण्य और सूर्य उपासना करने से विशेष फल प्राप्त होता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, इसी दिन सूर्यदेव अपने पुत्र शनिदेव से मिलने मकर राशि में प्रवेश करते हैं, जिससे पारिवारिक सौहार्द का संदेश मिलता है। महाभारत काल से भी इस दिन का महत्व जुड़ा है—भीष्म पितामह ने उत्तरायण के समय ही देह त्याग का वरदान प्राप्त किया था। दान-पुण्य का विशेष महत्व मकर संक्रांति के दिन तिल, गुड़, खिचड़ी, तिल के लड्डू, कंबल, वस्त्र और अन्न का दान विशेष पुण्यकारी माना जाता है। मान्यता है कि तिल दान करने से पापों का नाश होता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। उत्तर भारत में खिचड़ी दान की परंपरा है, वहीं महाराष्ट्र में तिलगुल (तिल और गुड़) बांटकर आपसी सौहार्द का संदेश दिया जाता है—“तिलगुल घ्या, गोड गोड बोला।” क्षेत्रीय नाम और परंपराएं मकर संक्रांति पूरे भारत में अलग-अलग नामों और परंपराओं के साथ मनाई जाती है। तमिलनाडु में इसे पोंगल, असम में बिहू, पंजाब में लोहड़ी, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में संक्रांति कहा जाता है। गुजरात और राजस्थान में पतंगबाजी इस पर्व की पहचान है। हर क्षेत्र में पर्व की तिथि को लेकर स्थानीय पंचांग और परंपरा के अनुसार निर्णय लिया जाता है, जिससे तिथि को लेकर मतभेद और अधिक स्पष्ट दिखाई देता है। विशेषज्ञों की राय ज्योतिषाचार्यों और पंचांगकारों का कहना है कि मकर संक्रांति की सही तिथि सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के समय पर निर्भर करती है। यदि सूर्य का प्रवेश 14 जनवरी की देर रात या सूर्यास्त के बाद होता है, तो धार्मिक दृष्टि से पर्व 15 जनवरी को मनाना अधिक उचित माना जाता है।
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