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DIC Kathua organizes Bhajan Sandhya for Shri Amarnath Ji Yatris

Jul 09, 2024 09:49:59
Kathua,
District Information Centre Kathua hosted a mesmerizing Bhajan Sandhya for the Shri Amarnath Ji Yatris at the Lakhanpur Facilitation Centre. The event commenced with a soulful rendition of Shri Ganesh Vandana, followed by a series of Shiv Bhajans performed in Hindi, Punjabi, and Dogri. The artists' captivating performances left the audience enthralled and spellbound. Pilgrims from various parts of the country participated in Bhajan sandhya.
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Mar 01, 2026 12:24:50
Dhanaura, Uttar Pradesh:स्लग शोक एंकर अमरोहा जनपद के नौगावा सादात कस्बे में शिया समुदाय के लोगों में गहरा शोक और आक्रोश देखने को मिला। ईरान के सर्वोच्च नेता अली ख़ामेनेई की मौत की खबर के बाद लोगों ने कस्बे में मातमी जुलूस निकालकर शोक व्यक्त किया। कस्बे में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे और मातम मनाते हुए आतंकवाद के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर किया। वहीं अमरोहा जनपद में शिया समुदाय के लोग अपने-अपने घरों और मोहल्लों में शोक मना रहे हैं। शिया धर्मगुरु मौलाना कोकब मुज्तबा ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए दुनिया भर के शिया मुसलमानों से अपील की कि वे अपने-अपने गांव, शहर और घरों में मातम मनाएं और आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर खड़े हों। उन्होंने कहा कि शिया समुदाय आतंकवाद के आगे कभी नहीं झुकेगा और अन्याय के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करता रहेगा।
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Mar 01, 2026 12:23:22
Hathras, Uttar Pradesh:हाथरस में होली पर्व को लेकर लोगों में उत्साह देखने को मिला। रविवार को शहर के मुख्य बाजारों में पूजा-पाठ, खान-पान के सामान, रंग, गुलाल और पिचकारी की दुकानों पर भारी भीड़ उमड़ी। बच्चों ने अपनी मनपसंद पिचकारियां खरीदीं, बाजार में तरह-तरह की पिचकारियां और होली की टोपियां व मुखौटे सजी दुकानों पर उपलब्ध थे। एक दुकानदार ने बताया कि इस बार होली को लेकर लोगों में काफी उत्साह है। उसकी दुकान से अब तक 40-50 हजार रुपए की पिचकारी और मुखौटे बिक चुके हैं। शहर की किला गेट स्थित बड़ी होली का दहन 3 मार्च को प्रात: 5:19 पर होगा। बड़ी होली के प्रबंधक रामगोपाल आंधीवाल ने बताया कि होलिका दहन निर्धारित इस समय पर ही किया जाएगा। होली पर्व को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी सतर्क है और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठा रहा है।
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VMVimlesh Mishra
Mar 01, 2026 12:20:52
Mandla, Madhya Pradesh:माहिष्मती घाट के समीप स्थित कला दीर्घा परिसर में दो दिवसीय होली उत्सव मेले का आयोजन चल रहा है। मेले में जिले भर के स्व सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए आकर्षक एवं प्राकृतिक उत्पादों को विक्रय के लिए प्रदर्शित किया गया है। विशेष रूप से होली पर्व के लिए तैयार किए गए हर्बल रंग, गुलाल एवं अन्य पर्यावरण अनुकूल सामग्री लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। साथ ही विभिन्न प्रकार के स्वादिष्ट व्यंजनों से सजे फूड स्टॉल भी मेले की रौनक बढ़ा रहे हैं। जिला कलेक्टर ने होली, भाईदूज ओर रंगपंचमी की जिलेवासियों को शुभकामनाएं दी है वंही पर्व शांति और सौहार्दपूर्ण मनाने की अपील की है।
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Mar 01, 2026 12:19:58
Dhanaura, Uttar Pradesh:हसनपुर कोतवाली क्षेत्र में प्रतिबंधित हरे-भरे आम के पेड़ों का कटान धड़ल्ले से जारी है। शनिवार देर शाम रामपुर मार्ग स्थित कांशीराम कॉलोनी के पीछे भूमाफियाओं ने अंधेरे का फायदा उठाकर आम के हरे-भरे पेड़ काट डाले। ताज्जुब की बात यह है कि पर्यावरण के रखवाले 'वन विभाग' की नाक के नीचे यह खेल चल रहा है। हाल ही में काले खेड़ा पुल के पास भी आधा दर्जन पेड़ों पर कुल्हाड़ी चलाई गई थी। सूत्रों की मानें तो एक ही बीट पर पिछले करीब 16वर्षों से जमे दरोगा की कार्यप्रणाली संदेह के घेरे में है। जब इस संबंध में वन दरोगा बलराम से बात की गई, तो उन्होंने गैर-जिम्मेदाराना जवाब देते हुए कहा, "क्या मैं हर पेड़ पर जाकर बैठा हूँ?" क्षेत्र के ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग की मिलीभगत से ही लकड़ी माफिया सक्रिय हैं। स्थानीय लोगों ने उच्चाधिकारियों से भ्रष्ट कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई और अवैध कटान पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है।
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PGPARAS GOYAL
Mar 01, 2026 12:19:51
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NSNITIN SRIVASTAVA
Mar 01, 2026 12:19:42
Barabanki, Uttar Pradesh:Barabanki Story- ईरान में फंसे बाराबंकी के छात्र और मौलाना, हालात देखकर परिजन परेशान, नहीं हो पा रही ज्यादा बात ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हालिया हमलों के बाद बाराबंकी जिले के कई परिवार गहरी चिंता में हैं। जानकारी के मुताबिक, ईरान के धार्मिक और शैक्षणिक केंद्र कुम शहर में बाराबंकी के एक दर्जन से अधिक छात्र, मौलाना और उनके परिजन मौजूद हैं। हमलों के बाद इंटरनेट सेवाएं प्रभावित होने से उनसे संपर्क टूट गया है, जिससे परिवारों की बेचैनी बढ़ गई है। परिजन मस्जिदों में इकट्ठा होकर अपने प्रियजनों की सलामती के लिए दुआ कर रहे हैं। स्थानीय लोगों ने केंद्र सरकार से अपील की है कि ईरान में मौजूद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और जरूरत पड़ने पर उन्हें सुरक्षित स्वदेश लाने की व्यवस्था की जाए। परिजनों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय हालात को देखते हुए समय रहते ठोस कदम उठाना बेहद जरूरी है। -जानकारी के मुताबिक कुम में मौलाना जफर अब्बास उर्फ फैजी, मौलाना आबिद हुसैन काजमी, मौलाना अली मेहदी रिजवी, मौलाना सैय्यद काशिफ रिजवी जैदपुरी समेत कई लोग तालीम और धार्मिक कार्यों से जुड़े हैं। इनके साथ परिवार के सदस्य, बच्चे और रिश्तेदार भी वहीं रह रहे हैं। हमलों के तुरंत बाद कुछ लोगों से फोन पर बात हो सकी थी, लेकिन इंटरनेट सेवाएं बंद होने के बाद संपर्क पूरी तरह बाधित हो गया। शहर स्थित दुर्गा पूरी अस्करी नगर निवासी परिजनों ने बताया कि हमले के तुरंत बाद बातचीत हुई थी। उस दौरान जानकारी मिली थी कि कुम शहर की सीमा के पास हमला हुआ है, हालांकि शहर के अंदर हालात सामान्य बताए गए थे। इसके बाद से संपर्क न हो पाने के कारण परिवार लगातार परेशान है। -कई वर्षों से ईरान में धार्मिक पढ़ाई कर रहे सैय्यद इमरान शकील का कहना है कि वहां के लोग अमन पसंद हैं और सामान्य परिस्थितियों में शहर शांत रहता है। उनके अनुसार मौजूदा स्थिति में सबसे बड़ी समस्या इंटरनेट सेवाओं का ठप होना है, जिससे संवाद पूरी तरह रुक गया है। उन्होंने बताया कि उनके परिचित पिछले 15 वर्षों से वहां तालीम दे रहे हैं और शुरुआती सूचना के अनुसार सुरक्षित हैं। वहीं अधिवक्ता दिलकश रिजवी ने बताया कि शुरुआत में संपर्क हुआ था, लेकिन अब बातचीत पूरी तरह बंद है, जिससे सभी लोग तनाव में हैं. बाइट- अली, परिजन, बाइट- सैय्यद जहीर अब्बास रिजवी, परिजन, बाइट- सैय्यद इमरान शकील, ईरान में आठ साल से धार्मिक पढ़ाई कर रहे।
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Mar 01, 2026 12:19:05
Hapur, Uttar Pradesh:खबर हापुड़ से है। जहां हापुड़ एसपी कुंवर ज्ञानंजय सिंह के दिशा निर्देश पर आगामी त्यौहार होली के पर्व को लेकर जनपद की पुलिस अलर्ट मोड पर है। लगातार सभी रहना क्षेत्रों में पुलिस द्वारा फ्लैग मार्च किया जा रहा है। आज इसी क्रम में हापुड़ महिला थाना प्रभारी अरुण राय ने महिला पुलिस कर्मियों के साथ हापुड़ के रेलवे रोड, फ्रीगंज रोड व अन्य मार्गों पर फ्लैग मार्च किया। हापुड़ पुलिस लगातार होली के त्यौहार व रमजान माह को लेकर अलर्ट मोड पर नज़र आ रही है। इसी के मद्देनजर महिला थाना प्रभारी अरुण राय ने महिला पुलिसकर्मियों को लेकर शहर के मुख्य मार्ग पर फ्लैग मार्च किया। हापुड़ पुलिस आगामी त्योहारों को लेकर अलर्ट मोड पर है। ताकि होली का पर्व और रमजान माह व ईद का त्यौहार शांतिपूर्ण ढंग से व आपसी भाईचारे के साथ संपन्न हो सके।
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RVRaunak Vyas
Mar 01, 2026 12:18:57
Bikaner, Rajasthan:डोलची मार होली का खेल, पानी से खेली जाती है होली, राजस्थान की पारंपरिक अनोखी होली का अनोखा नज़ारा, होली के रंग में सरोबार रेगिस्तान का शहर बीकानेर. मथुरा की लठमार होली तो आपने देखी होगी लेकिन बीकानेर मे पानी से डोलची मार होली खेली जाती है जो अपने आप में अनूठी है होली के रसिये इस डोलचीमार होली का जम कर आनंद ले रहे है, इसमें रंग की बजाय केवल पानी से होली खेली जाती है. कहते है प्यार का दर्द है मीठा मीठा प्यारा प्यारा जी हाँ ऐसा ही दर्द बीकानेर के लोगो को मीठा भी लगता है और प्यारा भी जहाँ होली पर डोलची से होली खेलने की परंपरा है जिसमें एक दूसरे पर पानी का वार करके होली खेली जाती है जहाँ जितना तेज प्रहार होगा और दर्द होगा उतना ही प्यार बढ़ेगा। यह परंपरा लगभग 500 साल पुरानी है, बरसों से चली आ रही इस परंपरा को आज भी बीकानेर में वैसे ही मनाया जाता है, होली के मोके पर बड़े बड़े कडाव (बर्तन) को पानी से भरा जाता है इस खेल में काफी पानी लगता है, उसके लिए पहले से तैयारी की जाती है और अगर पानी कम पड़ जाए तो पानी के टैंकर मंगवाए जाते हैं और सैकड़ों की संख्या में लोग इस खेल में एक दूसरे की पीठ पर डोलची से पानी मारते है और होली खेलते है. इस खेल में दो लोग आपस में खेलते है, चमड़े से बनी इस डोलची में खेलने वाला पानी भरता है और सामने खड़े अपने साथी की पीठ पर जोर से पानी से वार करता है. और फिर उसे भी जवाब देने का मौका मिलता है. इतिहास के मुताबिक़ ये खेल सालों पहले दो जातियों हर्ष-व्यास के बीच शुरू हुआ जिसे अब हर वर्ग और जात के लोग खेलते है। महिलाये और बच्चे अपने घरो की छत से इस खेल के नज़ारे को देखते है और आखिर में खेल का अंत लाल गुलाल उड़ाकर और पारंपरिक गीत गाकर किया जाता है. इस खेल में बच्चे, बूढ़े, जवान हर जाति धर्म के लोग हिस्सा लेते है. होली के रसिये साल भर इस डोलची मार होली का इंतजार करते है और जम कर खेलते है.
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DGDeepak Goyal
Mar 01, 2026 12:17:55
Jaipur, Rajasthan:होलिका दहन को लेकर तिथि, भद्रा और चंद्रग्रहण ने खासा गणित खड़ा कर दिया है। लेकिन ज्योतिषाचार्यों ने तस्वीर साफ कर दी है। फाल्गुन पूर्णिमा पर 2 मार्च की आधी रात 1 बजकर 26 मिनट से 2 बजकर 38 मिनट तक भद्रा पुच्छ में होलिका दहन शास्त्र सम्मत रहेगा। हालाँकि शाम 5:56 बजे से भद्रा शुरू होकर अगली सुबह 5:32 बजे तक रहेगी। लेकिन भद्रा मुख को छोड़कर पुच्छ काल में दहन किया जा सकेगा। 3 मार्च को धुलण्डी मनाई जाएगी…वहीं इसी दिन दोपहर बाद चंद्रग्रहण भी रहेगा। ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि रंगोत्सव पर सूतक का दोष नहीं लगेगा। लेकिन ग्रहण से पहले ही धुलण्डी मना लेना उचित रहेगा। तो इस बार जयपुर में आधी रात जलेगी होलिका… और अगले दिन रंगों के साथ मनाई जाएगी धुलण्डी। फाल्गुन पूर्णिमा पर इस बार होलिका दहन को लेकर तिथि, भद्रा और चंद्रग्रहण के कारण खास चर्चा है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार शास्त्रों में होलिका दहन प्रदोष व्यापिनी पूर्णिमा और भद्रा रहित समय में करना श्रेष्ठ माना गया है। हालांकि इस वर्ष भद्रा की स्थिति के चलते दहन आधी रात बाद किया जाएगा। ज्योतिर्विद के अनुसार 2 मार्च को शाम 5:56 बजे से पूर्णिमा तिथि प्रारंभ होगी। जो 3 मार्च को शाम 5:08 बजे तक रहेगी। 2 मार्च को ही प्रदोष काल में पूर्णिमा प्राप्त होने से होली पर्व का निर्धारण इसी दिन माना गया है। हालांकि 2 मार्च को शाम 5:56 बजे से भद्रा शुरू होकर 3 मार्च की सुबह 5:32 बजे तक रहेगी। शास्त्रों में भद्रा काल में होलिका दहन वर्जित बताया गया है। लेकिन यदि भद्रा निशीथ काल को पार कर उषाकाल तक रहे तो भद्रा मुख को त्यागकर भद्रा पुच्छ में दहन किया जा सकता है। ज्योतिषाचार्य के अनुसार जयपुर सहित प्रदेश में 2 मार्च की रात भद्रा पुच्छ में होलिका दहन किया जाएगा। भद्रा पुच्छ मुहूर्त रात 1:26 से 2:38 बजे तक दहन के लिए श्रेष्ठ है। भद्रा मुख रात 2:38 से 4:38 बजे तक दहन वर्जित है। इसलिए जयपुर में होलिका दहन 2 मार्च की मध्यरात्रि 1:26 से 2:38 बजे के बीच शास्त्रसम्मत रहेगा। होलिका दहन के अगले दिन 3 मार्च को धुलण्डी पर्व मनाया जाएगा। ज्योतिषाचार्य पंडित घनश्याम लाल स्वर्णकार के अनुसार 3 मार्च को चंद्रग्रहण रहेगा, जिसका प्रभाव दोपहर 3:20 से शाम 6:48 बजे तक रहेगा। ग्रहण का सूतक सूर्योदय 6:53 बजे से प्रारंभ माना जाएगा, लेकिन धुलण्डी रंगोत्सव होने के कारण सूतक दोष प्रभावी नहीं होगा। उन्होंने सलाह दी कि रंगों का उत्सव दोपहर 3:20 बजे से पूर्व मना लेना चाहिए। ग्रहण मोक्ष शाम 6:48 बजे होगा, जिसके बाद स्नान आदि कर धार्मिक कृत्य किए जा सकते हैं। बहरहाल,इस बार जयपुर में होली का दहन आधी रात के सन्नाटे में होगा। जब घड़ी की सुईयां 1:26 पर ठहरेंगी और भद्रा पुच्छ का समय शुरू होगा। आस्था, ज्योतिष और परंपरा के संगम के बीच दहन की ज्वाला उठेगी, और फिर अगली सुबह रंगों की बौछार के साथ शहर धुलण्डी में सराबोर होगा।
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RVRaunak Vyas
Mar 01, 2026 12:17:35
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DGDeepak Goyal
Mar 01, 2026 12:16:46
Jaipur, Rajasthan:रंग रसिया ओ म्हारा रंग रसिया आज थारे सागे होली खेलण आई… सांवरा…जैसे ही ये सुर मंदिर प्रांगण में गूंजे, पूरा दरबार फाग के रंग में डूब गया। भजनों की स्वरलहरियों, चंग की थाप और मयूर नृत्य की मनोहारी अदा ने ऐसा समां बांधा कि श्रद्धालु खुद को ब्रज की गलियों में महसूस करने लगे। शहर के आराध्य गोविंददेवजी मंदिर में चल रहे परम्परागत फागोत्सव में इस बार शेखावाटी, ब्रज और कोलकाता की लोकधारा एक साथ बहती नजर आई। ढप-चंग की थाप पर कलाकारों ने जब “नंदलाल थांसे फाग रमण न आई म्हारा श्याम…” और “राधा गोविंद के दरबार मची रे होली रे…” जैसे फाल्गुनी गीत पेश किए, तो भक्तों के कदम खुद-ब-खुद थिरक उठे।।रंग-बिरंगी पोशाक में सजे कलाकारों ने मयूर नृत्य की प्रस्तुति देकर दरबार में प्रकृति और प्रेम का अद्भुत संगम रचा। आंगिक अभिनय के जरिए राधा-कृष्ण स्वरूपों को जीवंत किया गया। पुष्प वर्षा और फूलों की होली ने माहौल को और अधिक अलौकिक बना दिया। शेखावाटी के कलाकारों ने चंग की गूंज के साथ ऐसी धमाल मचाई कि पूरा प्रांगण तालियों और जयकारों से गूंज उठा। “रंग मत डारे रे सांवरिया…” जैसे गीतों ने पारंपरिक राजस्थानी होली को साकार कर दिया। ठिकाना मंदिर श्री गोविन्द देवजी महाराज में कल 2 मार्च को होली का उत्सव पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया जाएगा। ब्रह्म मुहूर्त से लेकर संध्या आरती तक दिनभर ठाकुरजी के दरबार में रंग, रस और भक्ति की त्रिवेणी बहेगी। प्रातः ब्रह्म मुहूर्त में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ ठाकुर श्रीजी का पंचामृत अभिषेक होगा। इसके बाद उन्हें सफेद लप्पा जामा पोशाक और विशेष अलंकारों से श्रृंगारित किया जाएगा। मंगला झांकी के दर्शन सुबह 4 बजे से 6:30 बजे तक होंगे, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। राजभोग झांकी में महंत श्री अंजन कुमार गोस्वामी जी महाराज द्वारा ठाकुर श्रीजी को पांच रंगों काgulाल, पांच प्रकार के पुष्प और केसर जल अर्पित किया जाएगा। विशेष आकर्षण यह रहेगा कि ठाकुर श्रीजी और ठकुरानी राधारानी जी के हाथों में सोने की पिचकारी सुसज्जित होगी। जबकि सखियों के हाथों में भी पिचकारियां होंगी। राजभोग आरती के बाद पारंपरिक होली क्रीड़ा में भक्तजन ठाकुरजी संग रंगोत्सव का आनंद लेंगे। इस अवसर पर श्रीकृष्ण चैतन्य महाप्रभु जी की 540वीं जयंती के पावन उपलक्ष्य में ठाकुर श्री गौर गोविंद जी का पंचामृत और सर्वोषधि से महाभिषेक संध्या झांकी में किया जाएगा। बहरहाल, गुलाबी नगरी में जन्माष्टमी के बाद फागोत्सव ही वह अवसर है, जब गोविंद का दरबार रंग, रस और भक्ति के चरम पर दिखाई देता है। इन दिनों मंदिर ही नहीं, बल्कि शहर की गलियों और कॉलोनियों में भी महिलाएं और युवा समूह फागोत्सव के आयोजन कर रहे हैं। यहां होली सिर्फ रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि परंपरा, लोककला और आस्था का जीवंत उत्सव बनकर सामने आ रही है।
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