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AL-REZA Health Care & Research Foundation Kargil Conducts Successful Blood Donation Camp
Kargil,AL-REZA Health Care & Research Foundation Kargil Conducts Successful Blood Donation and Multi-Specialty Health Check-Up Camp Examines Around 700 Patients and Distributes Medicines Free of Cost AL-REZA Health Care & Research Foundation (HC & RF), the health wing of Jamait ul Ulema Isna Ashriya Kargil, organized a Blood Donation Camp and Multi-Specialty Health Check-Up Camp on the 9th and 10th of Moharram at the old taxi stand in Kargil.
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गाजियाबाद में पार्किंग विवाद के बाद मारपीट, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
Ghaziabad, Uttar Pradesh:गाजियाबाद के थाना शालीमार गार्डन क्षेत्र के एक्सटेंशन वन में गाड़ी की पार्किंग को लेकर जमकर मारपीट हुई। मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो को देखकर आप अंदाजा लगा सकते हैं की पार्किंग विवाद किस तरीके से जंग में तब्दील हो गया और लात घुसे और बेल्ट निकालकर एक दूसरे के साथ मारपीट शुरू हो गई। हालांकि वीडियो दो से तीन दिन पुराना बताया जा रहा और अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।0
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छतरपुर में लग्जरी कारों से अवैध शराब सप्लाई का नेटवर्क उजागर
Chhatarpur, Madhya Pradesh:एकंर -छतरपुर में अवैध शराब का कारोबार अब लग्जरी अंदाज में चल रहा है। गांव-गांव महंगी गाड़ियों से शराब पहुंचाई जा रही है, और जिम्मेदार विभाग आंख मूंदे बैठे हैं। आमखेरा लुगासी में दुर्घटनाग्रस्त मिली एक कार ने इस पूरे नेटवर्क की पोल खोल दी है। नौगांव थाने के आमखेरा लुगासी गांव के पास की हैं। सड़क किनारे पलटी पड़ी ये लग्जरी कार कोई आम हादसा नहीं, बल्कि शराब तस्करी के काले खेल का सबूत है। कार से भारी मात्रा में अवैध शराब की पेटियां बरामद हुईं, लेकिन तस्कर मौके से फरार हो गए। ,12पेटी देशी अवैध शराब भरी थी, पिछले कई महीनों से लग्जरी गाड़ियों से रात के अंधेरे में गांव-गांव शराब सप्लाई हो रही है। बड़ा सवाल ये है कि नेशनल हाईवे से लगे इलाके में इतना बड़ा कारोबार चल रहा है, तो आबकारी विभाग और पुलिस को खबर क्यों नहीं? और अगर खबर थी तो छापेमारी क्यों नहीं हुई?,चर्चा ये भी है कि बिना विभागीय मिलीभगत के लग्जरी गाड़ियों से शराब तस्करी मुमकिन नहीं। दुर्घटना के बाद गाड़ी छोड़कर तस्करों का भाग जाना और अब तक किसी की गिरफ्तारी न होना, सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े करता है।0
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जबलपुर में डोडा चूरा-गांजा की बड़ी बरामदगी: 18 किलो गांजा पकड़ा गया
Jabalpur, Madhya Pradesh:जबलपुर मध्य प्रदेश 30 किलो डोडा चूरा 12 किलोगांजा जब एंकर जबलपुर के विभिन्न स्थानों की पुलिस और क्राइम ब्रांच ने मादक पदार्थों की धर पकड़ के खिलाफ अभियान चलाकर बड़ी मात्रा में डोडा चूरा और गांजा जप्त किया है जबलपुर की कटंगी पुलिस ने पंजाब से आ रहे एक ट्रक को पकड़ा और उसमें से 18 किलो गांजा पकड़ा है ड्राइवर की निशानदेही पर एक आरोपी को कर्मेता से गिरफ्तार किया गया 12 किलो डोडा चूरा उसके पास से मिला है। वही भेड़ाघाट थाने में भी एक महिला से 6 किलो डोडा चूरा जप्त किया गया है। वही तिलवारा थाने में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर एक महिला से 12 किलो गांजा जप्त किया है जबलपुर पुलिस का कहना है कि फिलहाल आरोपियों से पूछताछ चल रही है इस मामले में और भी खुलासे हो सकते हैं डोडा चूरा कहां से लाया जा रहा था और किसको सप्लाई होना था इन सभी चीजों को लेकर जांच चल रही है जिसमें सफलता मिलने पर आगे और सूचना दी जाएगी0
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Paradip में अज्ञात वाहन का हादसा, प्रारम्भिक पहचान नहीं हो सकी
Paradeep, Odisha:Paradip के तारिणी गड़ा क्षेत्र के पास रात के अंधेरे में एक अज्ञात गाड़ी ने अनजान व्यक्ति पर चढ़कर पलट दी और फरार हो गई। घटना स्थल पर Paradip आदर्श थाना पुलिस पहुंची और शव को कब्जे में लेकर उसकी पहचान के लिए जांच शुरू कर दी। मृतक की पहचान न मिल पाने के कारण फरार गाड़ी की तलाश के लिए पुलिस कार्रवाई कर रही है।0
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पटना पुलिस के ऑपरेशन मुस्कान से 150 मोबाइल लौटे, कुल कीमत लगभग 25 लाख
Patna, Bihar:पटना पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन मुस्कान के तहत खोए और गुम हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके असली मालिकों को लौटाने का अभियान लगातार जारी है. इसी क्रम में पटना पुलिस ने करीब 150 मोबाइल फोन रिकवर कर उनके वास्तविक धारकों को सौंपा है. एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि ऑपरेशन मुस्कान के तहत पुलिस लगातार खोए हुए मोबाइल फोन की तलाश कर रही है और उन्हें बरामद कर उनके असली मालिकों तक पहुंचा रही है. उन्होंने कहा कि इस बार बरामद किए गए मोबाइल फोन की कुल अनुमानित कीमत करीब 25 लाख रुपये है. एसएसपी ने कहा कि आगे भी इस तरह के अभियान जारी रहेंगे. जिन लोगों के मोबाइल फोन खो गए हैं, उन्हें वापस दिलाने के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही है, ताकि बरामद मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों को लौटाए जा सकें. वहीं, लंबे समय बाद अपना मोबाइल वापस मिलने पर लोगों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी. मोबाइल प्राप्त करने वाले लोगों ने पटना पुलिस के इस प्रयास की सराहना करते हुए इसे आम जनता के हित में किया गया सराहनीय कार्य बताया. लोगों ने कहा कि पुलिस की सक्रियता और तकनीकी जांच के कारण उन्हें अपना खोया हुआ मोबाइल वापस मिल सका, जिससे उनका पुलिस पर भरोसा और मजबूत हुआ है.0
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किसानों का शाजापुर बैंक में हंगामा, स्टाफ कमी से देरी, अंत में भुगतान संभव
Shajapur, Madhya Pradesh:शाजापुर जिले के लालघाटी स्थित शाजापुर बैंक मर्यादित शाखा में मंगलवार दोपहर किसानों ने भुगतान में देरी को लेकर जमकर हंगामा किया। किसानों का आरोप है कि बैंक अधिकारी और कर्मचारी निर्धारित समय पर नहीं पहुंचते, जिसके कारण उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ता है। दोपहर को सैकड़ों किसान बैंक परिसर में एकत्र हो गए। उन्होंने कैशियर की अनुपस्थिति पर विरोध जताया। किसानों ने बताया कि वे सुबह 9:30 से 10 बजे के बीच गेहूं भुगतान और अन्य कार्यों के लिए बैंक पहुंच जाते हैं, लेकिन दोपहर तक भी उनका काम शुरू नहीं हो पाता। इस दौरान बैंक प्रबंधक दीपक श्रीवास्तव से किसानों की बहस भी हुई। किसानों ने आरोप लगाया कि बैंक में स्टाफ की कमी और कर्मचारियों की लापरवाही के कारण उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसान मनोज पाटीदार ने कहा कि लगभग सौ किसान सुबह से बैठे थे, लेकिन भुगतान प्रक्रिया शुरू नहीं हुई थी। बालकृष्ण पाटीदार ने भी अधिकारियों के समय पर न आने की शिकायत की। किसानों ने मांग की है कि बैंक में स्टाफ की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित की जाए ताकि भविष्य में ऐसी समस्या न हो। किसानों के विरोध के बाद एक कैशियर बैंक पहुंचा और भुगतान प्रक्रिया शुरू की गई। बैंक प्रबंधक दीपक श्रीवास्तव ने बताया कि स्टाफ की कमी और एक कैशियर के अस्थायी रूप से अनुपस्थित रहने के कारण देरी हुई थी। उन्होंने आश्वस्त किया कि बाद में व्यवस्था बनाकर सभी किसानों को भुगतान कराया गया।0
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कांग्रेस विधायक के 10 करोड़ ऑफर पर बीजेपी बोले: ये विपक्षी द्वंद है
Bhopal, Madhya Pradesh:भोपाल कांग्रेस विधायक बाबू झंडेल के 10 करोड़ बीजेपी से मिलने वाले ऑफर को लेकर बीजेपी प्रवक्ता अजय सिंह यादव ने तंज कसते हुए कहा बीजेपी लोकतंत्र के मूल्य पर चलने वाली पार्टी है। कांग्रेस विधायक हर दिन नए ऑफर की बात कर रहे हैं ऐसा लगता है कांग्रेस विपक्ष में रहते रहते वह खुद काल्पनिक रेट बढ़ाने का काम कर रहे हैं यह कांग्रेस का आंतरिक द्वन्द है। बाइट अजय सिंह यादव, बीजेपी प्रवक्ता0
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बाबू झंडेल के 10 करोड़ ऑफर पर भाजपा का तंज, कांग्रेस के आंतरिक द्वंद का संकेत
Bhopal, Madhya Pradesh:भोपाल कांग्रेस विधायक बाबू झंडेल के 10 करोड़ बीजेपी से मिलने वाले ऑफर को लेकर बीजेपी प्रवक्ता अजय सिंह यादव ने तंज कसते हुए कहा बीजेपी लोकतंत्र के मूल्य पर चलने वाली पार्टी है। कांग्रेस विधायक हर दिन नए ऑफर की बात कर रहे हैं, ऐसा लगता है कांग्रेस विपक्ष में रहते रहते वह खुद काल्पनिक रेट बढ़ाने का काम कर रहे हैं यह कांग्रेस का आंतरिक द्वंद है。0
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6 From kaya toast to sourdough: Can nostalgia save Singapore’s traditional bakeries from fading away
Ram Krishna Pur, Andaman and Nicobar Islands:6 From kaya toast to sourdough: Can nostalgia save Singapore’s traditional bakeries from fading away?0
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भिवंडी उपनदी के प्राकृतिक प्रवाह पर अवैध निर्माण, किसानों को बाढ़ का खतरा
Thane, Maharashtra:भिवंडीतील भातसा नदीतील उपनदीचा नैसर्गिक प्रवाह बंद केल्याने पावसाळ्यात शेतकऱ्यांना पुराचा धोका... संबंधांवर कारवाईसाठी मुख्यमंत्री सचिवालयाचे भिवंडी उपविभागीय कार्यालयाला आदेश... तालुक्यातील मौजे भोकरी येथील एका कंपनीद्वारे भातसा नदीतील उपनदीचा नैसर्गिक प्रवाह बंद करून त्याच्यावर अवैध बांधकाम करण्यात आल्याचा आरोप ठाणे जिल्हा ग्रामीणचे सरचिटणीस पंकज गायकवाड यांनी केला असून यामुळे पावसाळ्यात भोकरी आणि तळवली गावातील स्थानिक शेतकऱ्यांना याचा फटका बसण्याची दाट शक्यता निर्माण झाली असून पुराची संभाव्यता लक्षात घेता मोठ्या प्रमाणात भातशेती नष्ट होण्याची चिन्हे दिसून येत आहेत. त्यामुळे सदर अवैध बांधकाम बुजवून भातसा उपनदीचा नैसर्गिक प्रवाह पूर्ववत करण्यासह संबंधितांवर कारवाई करून शेतकऱ्यांना दिलासा द्या या मागणीसाठी पंकज गायकवाड यांनी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस यांना लेखी निवेदन सादर केले होते. तसेच याची प्रत महसूल मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे यांनाही देण्यात आली आहे. याचीच दखल घेत मुख्यमंत्री सचिवालय कार्यालयाने संबंधित मौजे भोकरी येथील कंपनीच्या अवैध बांधकामाची चौकशी करून ४५ दिवसांच्या आत कार्यवाही करण्याचे आदेश उपविभागीय अधिकारी कार्यालयाला दिले आहेत.0
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शेखपुरा में तेज रफ्तार वाहन की टक्कर, 25 वर्षीय युवक की मौत
Sheikhpura, Bihar:शेखपुरा में रफ़्तार का कहर देखने को मिला। जहां तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने बाईक सवार युवक को टक्कर मार दी। इस हादसे में बाईक सवार युवक गंभीर रूप से ज़ख्मी हो गया। करीब आधा घंटा सड़क पर तड़पने पुलिस के 112 को घटना की जानकारी मिली। जिसके बाद 112 की टीम ने मौके पर पहुंच घायल को बेहतर इलाज के लिए शेखपुरा सदर अस्पताल में भर्ती कराया। घटना शेखपुरा जिले के नगर थाना क्षेत्र के शेखपुरा शेखोपुर सराय मुख्य सड़क मार्ग के मटोखर - पैन मोड के पास घटित हुआ। मृतक की पहचान बरबीघा थाना क्षेत्र के मालदह गांव निवासी 25 वर्षीय मुन्ना कुमार के रूप में किया गया, जो जियो फाइबर लगाने का काम करता है। आज भी जिओ फाइबर लगाने घर से निकला था और आज हादसे का शिकार हो गया। घटना के बाद परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है।0
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पटना कोर्ट ने फैजल खान की गिरफ्तारी पर रोक लगाई, अग्रिम जमानत की अनुमति दी
Noida, Uttar Pradesh:पटना डिस्ट्रिक्ट कोर्ट द्वारा फैजल खान मामले में दिए गए आदेश की कॉपी न्यायाधीश ने फैजल खान की गिरफ्तारी पर रोक क्यों लगाई जानिए सत्र न्यायाधीश, पटना के न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका संख्या 2461/2026 खान सर - फैज़ल खान बनाम बिहार राज्य याचिकाकर्ता。 आदेश 1. याचिकाकर्ता, खान सर - फैज़ल खान, को भारतीय न्याय संहिता, 2023 (बीएनएस) की धारा 109 तथा आयुध अधिनियम, 1959 की धारा 25(9), 27 एवं 35 के अंतर्गत दर्ज कदमकुआँ थाना कांड संख्या 418/2026 में गिरफ्तारी की आशंका है, जिसे उप-निरीक्षक अनिल कुमार द्वारा दर्ज किया गया है。 2. अभियोजन पक्ष का मामला, जैसा कि कदमकुआँ थाना, पटना के उप-निरीक्षक अनिल कुमार की लिखित रिपोर्ट में वर्णित है, यह है कि दिनांक 04.06.2026 को सनहा संख्या 265/26 के संबंध में पीएसआई राजीव रंजन ओझा एवं सिपाही पवन कुमार सहित एक पुलिस दल प्रातः लगभग 09:30 बजे सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे एक वीडियो/फोटो की सत्यता की जांच हेतु रवाना हुआ। इस संबंध में थाना प्रभारी को विधिवत सूचित किया गया था। लगभग 10:20 बजे पुलिस दल खान जीएस अकादमी के निकट पहुँचा। स्थानीय लोगों से पूछताछ करने पर वायरल वीडियो में दिखाई देने वाले व्यक्तियों की पहचान अकादमी में कार्यरत निजी सुरक्षा गार्डों के रूप में हुई। वीडियो में कथित रूप से उन्हें अपनी राइफलों से दो-दो राउंड फायरिंग करते हुए दिखाया गया था। पुलिस ने याचिकाकर्ता से संपर्क किया और उन्होंने पुष्टि की कि उक्त व्यक्ति एपीएस सिक्योरिटी एजेंसी के माध्यम से नियुक्त सुरक्षा गार्ड हैं। उन्होंने यह भी बताया कि दोनों गार्ड वर्तमान में बाहर हैं, लेकिन उन्हें बुलाया जाएगा。 लगभग 01:25 बजे दोनों सुरक्षा गार्ड, प्रदीप कुमार एवं तालेबर सिंह, अपनी-अपनी राइफल तथा लाइसेंस के साथ पुलिस के समक्ष उपस्थित हुए और वायरल वीडियो में दिखाई देने वाले व्यक्तियों के रूप में उनकी पहचान की गई। पूछताछ के दौरान उन्होंने उन्होंने बताया कि दिनांक 02.06.2026 को रात्रि लगभग 10:30 बजे कुछ लोग अकादमी के बाहर एकत्र हुए और कथित रूप से एक अन्य सुरक्षा गार्ड, चुनचुन, के साथ मारपीट की, जिससे छात्रों में अफरा-तफरी फैल गई। शोर सुनकर खान जीस फैज़ल खान तथा उनके कर्मचारी बाहर आए और भीड़ को देखा। आरोप है कि याचिकाकर्ता तथा उनके एक अज्ञात सहयोगी ने सुरक्षा गार्डों को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए फायरिंग करने का निर्देश दिया। इन निर्देशों के पालन में दोनों गार्डों ने अपनी-अपनी राइफलों से दो-दो राउंड फायरिंग की。 सह-अभियुक्त सुरक्षा गार्ड प्रदीप कुमार एवं तालेबर सिंह ने क्रमशः यूआईएन संख्या 6260049242014 एवं लाइसेंस संख्या 2375/बेवर वाली .315 बोर राइफल तथा यूआईएन संख्या 330980008351602015 वाली दूसरी .315 बोर राइफल प्रस्तुत की। प्रत्येक राइफल में तीन जीवित कारतूस लोड पाए गए। पुलिस का आरोप है कि अभियुक्तों ने सार्वजनिक स्थान पर दहशत और आतंक फैलाने के उद्देश्य से फायरिंग की। परिणामस्वरूप दोनों गार्डों को गिरफ्तार कर लिया गया, उनके हथियार जब्त कर लिए गए और प्राथमिकी दर्ज की गई। खान सर - फैज़ल खान तथा अन्य अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध भी कथित रूप से फायरिंग के लिए उकसाने के आरोप में कानूनी कार्रवाई प्रारम्भ की गई。 3. याचिकाकर्ता के अधिवक्ता का कहना है कि उनके विरुद्ध लगाए गए केवल गैर-जमानती अपराध बीएनएस की धारा 109 तथा आयुध अधिनियम की धारा 27 और 35 हैं। यह तर्क दिया गया कि यदि प्राथमिकी को यथावत स्वीकार भी कर लिया जाए, तब भी याचिकाकर्ता के विरुद्ध आरोप केवल इतना है कि उन्होंने गार्डों को फायरिंग करने का निर्देश दिया। संबंधित वीडियो से स्पष्ट है कि गार्डों ने हवाई फायरिंग की थी। यदि उनकी हत्या करने की मंशा होती, तो वे एकत्रित लोगों को निशाना बना सकते थे। यह दर्शाता है कि यह कार्य आत्मरक्षा में और पूर्व की एक घटना के प्रत्युत्तर में किया गया था, जिसके संबंध में याचिकाकर्ता के प्रबंधक द्वारा कदमकुआँ थाना कांड संख्या 410/26 दर्ज कराया गया था। 4. आगे यह भी तर्क दिया गया कि याचिकाकर्ता के विरुद्ध आरोप केवल सह-अभियुक्तों के कथित खुलासे (डिस्क्लोज़र स्टेटमेंट) पर आधारित है, जो साक्ष्य के रूप में ग्राह्य नहीं हैं। याचिकाकर्ता ने यह भी दावा किया कि उन्हें ज्ञान बिंदु कोचिंग चलाने वाले रोशन आनंद के साथ व्यावसायिक प्रतिद्वंद्विता के कारण झूठा फँसाया गया है। आयुध अधिनियम के आरोपों के संबंध में कहा गया कि धारा 25(9) जमानती है तथा धारा 27 और 35 लागू नहीं होतीं क्योंकि प्रयुक्त हथियार लाइसेंसधारी थे। यह भी रेखांकित किया गया कि याचिकाकर्ता ने जांच में सहयोग किया और सुरक्षा गार्डों को बुलाया, जो अपने लाइसेंसधारी हथियारों तथा लाइसेंसों के साथ पुलिस के समक्ष उपस्थित हुए। निष्पक्ष रूप से यह भी बताया गया कि याचिकाकर्ता के विरुद्ध एक पूर्व मामला, पत्रकार नगर थाना कांड संख्या 42/2022, लंबित है, जिसमें जमानती अपराधों के साथ भारतीय दंड संहिता की धारा 353 का एक गैर-जमानती अपराध भी शामिल है, और उस मामले में उन्हें पहले ही जमानत प्राप्त है。 5. विद्वान लोक अभियोजक ने सह-अभियुक्त प्रदीप कुमार के स्वीकारोक्ति बयान पर भरोसा करते हुए अग्रिम जमानत याचिका का जोरदार विरोध किया। यह इंगित किया गया कि यद्यपि हथियार का लाइसेंस वर्ष 2012 में उनके पिता की वर्ष 2011 में हुई हत्या के बाद व्यक्तिगत सुरक्षा हेतु प्राप्त किया गया था, किंतु कथित रूप से उसी हथियार का उपयोग पेशेवर सुरक्षा सेवाएँ प्रदान करने के लिए कर उसका दुरुपयोग किया गया। 6. प्रत्युत्तर में, याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने कहा कि सुरक्षा गार्ड सीधे याचिकाकर्ता द्वारा नियुक्त नहीं थे, बल्कि नोएडा स्थित एपीएस सिक्योरिटी एजेंसी के माध्यम से लगाए गए थे। अतः यदि लाइसेंस का कोई दुरुपयोग हुआ भी हो, तो उसके लिए याचिकाकर्ता को उत्तरदायी नहीं ठहराया जा सकता। अन्यथा भी, पुलिस द्वारा ऐसा कोई तथ्य प्रस्तुत नहीं किया गया है जिससे लाइसेंस के दुरुपयोग का पता चले, क्योंकि हथियार विधिवत लाइसेंसी था। 7. इस अग्रिम जमानत याचिका की बेहतर सराहना हेतु कार्यालय को निर्देश दिया जाता है कि मामले की केस डायरी तथा अभियुक्त-याचिकाकर्ता के आपराधिक पूर्ववृत्त (क्रिमिनल एंटीसिडेंट) की रिपोर्ट मामले के अनुसंधान पदाधिकारी (आई.ओ.) से मंगाई जाए। 8. याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण प्रदान किए जाने की प्रार्थना की。 9. मामले के उपर्युक्त तथ्यों एवं परिस्थितियों, याचिकाकर्ता के विरुद्ध लगाए गए आरोपों की प्रकृति तथा दोनों पक्षों के विद्वान अधिवक्ताओं द्वारा प्रस्तुत तर्कों को ध्यान में रखते हुए, उपर्युक्त नामित याचिकाकर्ता को कदमकुआँ थाना कांड संख्या 418/2026 के संबंध में अगली तिथि तक गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण प्रदान किया जाता है। तथापि, याचिकाकर्ता को अनुसंधान पदाधिकारी के साथ सहयोग करना होगा तथा पुलिस द्वारा आवश्यकता पड़ने पर स्वयं को उपलब्ध कराना होगा。 10. इस मामले को दिनांक 20.06.2026 को पुनः प्रस्तुत किया जाए।0
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पटना कोर्ट ने फैजल खान पर अग्रिम जमानत याचिका पर गिरफ्तारी रोक दी
Patna, Bihar:पटना डिस्ट्रिक्ट कोर्ट द्वारा फैजल खान मामले में दिए गए आदेश की कॉपी न्यायाधीश ने फैजल खान की गिरफ्तारी पर रोक क्यों लगाई जानिये सत्र न्यायाधीश, पटना के न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका संख्या 2461/2026 खान सर फैज़ल खान बनाम बिहार राज्य याचिकाकर्ता。 आदेश 1. याचिकाकर्ता, खान सर फैज़ल खान, को भारतीय न्याय संहिता, 2023 (बीएनएस) की धारा 109 तथा आयुध अधिनियम, 1959 की धारा 25(9), 27 एवं 35 के अंतर्गत दर्ज कदमकुआँ थाना कांड संख्या 418/2026 में गिरफ्तारी की आशंका है, जिसे उप-निरीक्षक अनिल कुमार द्वारा दर्ज किया गया है。 2. अभियोजन पक्ष का मामला, जैसा कि कदमकुआँ थाना, पटना के उप-निरीक्षक अनिल कुमार की लिखित रिपोर्ट में वर्णित है, यह है कि दिनांक 04.06.2026 को सनहा संख्या 265/26 के संबंध में पीएसआई राजीव रंजन ओझा एवं सिपाही पवन कुमार सहित एक पुलिस दल प्रातः लगभग 09:30 बजे सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे एक वीडियो/फोटो की सत्यता की जांच हेतु रवाना हुआ। इस संबंध में थाना प्रभारी को विधिवत सूचित किया गया था。 लगभग 10:20 बजे पुलिस दल खान जीएस अकादमी के निकट पहुँचा। स्थानीय लोगों से पूछताछ करने पर वायरल वीडियो में दिखाई देने वाले व्यक्तियों की पहचान अकादमी में कार्यरत निजी सुरक्षा गार्डों के रूप में हुई। वीडियो में कथित रूप से उन्हें अपनी राइफलों से दो-दो राउंड फायरिंग करते हुए दिखाया गया था। पुलिस ने याचिकाकर्ता से संपर्क किया और उन्होंने पुष्टि की कि उक्त व्यक्ति एपीएस सिक्योरिटी एजेंसी के माध्यम से नियुक्त सुरक्षा गार्ड हैं। उन्होंने यह भी बताया कि दोनों गार्ड वर्तमान में बाहर हैं, लेकिन उन्हें बुलाया जाएगा。 लगभग 01:25 बजे दोनों सुरक्षा गार्ड, प्रदीप कुमार एवं तालेबर सिंह, अपनी-अपनी राइफल तथा लाइसेंस के साथ पुलिस के समक्ष उपस्थित हुए और वायरल वीडियो में दिखाई देने वाले व्यक्तियों के रूप में उनकी पहचान की गई। पूछताछ के दौरान उन्होंने बताया कि दिनांक 02.06.2026 को रात्रि लगभग 10:30 बजे कुछ लोग अकादमी के बाहर एकत्र हुए और कथित रूप से एक अन्य सुरक्षा गार्ड, चुनचुन, के साथ मारपीट की, जिससे छात्रों में अफरा-तफरी फैल गई। शोर सुनकर खान सर फैज़ल खान तथा उनके कर्मचारी बाहर आए और भीड़ को देखा। आरोप है कि याचिकाकर्ता तथा उनके एक अज्ञात सहयोगी ने सुरक्षा गार्डों को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए फायरिंग करने का निर्देश दिया। इन निर्देशों के पालन में दोनों गार्डों ने अपनी-अपनी राइफलों से दो-दो राउंड फायरिंग की。 सह-अभियुक्त सुरक्षा गार्ड प्रदीप कुमार एवं तालेबर सिंह ने क्रमशः यूआईएन संख्या 6260049242014 एवं लाइसेंस संख्या 2375/बेवर वाली .315 बोर राइफल तथा यूआईएन संख्या 330980008351602015 वाली दूसरी .315 बोर राइफल प्रस्तुत की। प्रत्येक राइफल में तीन जीवित कारतूस लोड पाए गए। पुलिस का आरोप है कि अभियुक्तों ने सार्वजनिक स्थान पर दहशत और आतंक फैलाने के उद्देश्य से फायरिंग की। परिणामस्वरूप दोनों गार्डों को गिरफ्तार कर लिया गया, उनके हथियार जब्त कर लिए गए और प्राथमिकी दर्ज की गई। खान सर फैज़ल खान तथा अन्य अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध भी कथित रूप से फायरिंग के लिए उकसाने के आरोप में कानूनी कार्रवाई प्रारंभ की गई。 3. याचिकाकर्ता के अधिवक्ता का कहना है कि उनके विरुद्ध लगाए गए केवल गैर-जमानती अपराध बीएनएस की धारा 109 तथा आयुध अधिनियम की धारा 27 और 35 हैं। यह तर्क दिया गया कि यदि प्राथमिकी को यथावत स्वीकार भी कर लिया जाए, तब भी याचिकाकर्ता के विरुद्ध आरोप केवल इतना है कि उन्होंने गार्डों को फायरिंग करने का निर्देश दिया। संबंधित वीडियो से स्पष्ट है कि गार्डों ने हवाई फायरिंग की थी। यदि उनकी हत्या करने की मंशा होती, तो वे एकत्रित लोगों को निशाना बना सकते थे। यह दर्शाता है कि यह कार्य आत्मरक्षा में और पूर्व की एक घटना के प्रत्युत्तर में किया गया था, जिसके संबंध में याचिकाकर्ता के प्रबंधक द्वारा कदमकुआँ थाना कांड संख्या 410/26 दर्ज कराया गया था。 4. आगे यह भी तर्क दिया गया कि याचिकाकर्ता के विरुद्ध आरोप केवल सह-अभियुक्तों के कथित खुलासे (डिस्क्लोज़र स्टेटमेंट) पर आधारित है, जो साक्ष्य के रूप में ग्राह्य नहीं हैं। याचिकाकर्ता ने यह भी दावा किया कि उन्हें ज्ञान बिंदु कोचिंग चलाने वाले रोशन आनंद के साथ व्यावसायिक प्रतिद्वंद्विता के कारण झूठा फँसाया गया है। आयुध अधिनियम के आरोपों के संबंध में कहा गया कि धारा 25(9) जमानती है तथा धारा 27 और 35 लागू नहीं होतीं क्योंकि प्रयुक्त हथियार लाइसेंसधारी थे। यह भी रेखांकित किया गया कि याचिकाकर्ता ने जांच में सहयोग किया और सुरक्षा गार्डों को बुलाया, जो अपने लाइसेंसधारी हथियारों तथा लाइसेंसों के साथ पुलिस के समक्ष उपस्थित हुए। निष्पक्ष रूप से यह भी बताया गया कि याचिकाकर्ता के विरुद्ध एक पूर्व मामला, पत्रकार नगर थाना कांड संख्या 42/2022, लंबित है, जिसमें जमानती अपराधों के साथ भारतीय दंड संहिता की धारा 353 का एक गैर-जमानती अपराध भी शामिल है, और उस मामले में उन्हें पहले ही जमानत प्राप्त है。 5. विद्वान लोक अभियोजक ने सह-अभियुक्त प्रदीप कुमार के स्वीकारोक्ति बयान पर भरोसा करते हुए अग्रिम जमानत याचिका का जोरदार विरोध किया। यह इंगित किया गया कि यद्यपि हथियार का लाइसेंस वर्ष 2012 में उनके पिता की वर्ष 2011 में हुई हत्या के बाद व्यक्तिगत सुरक्षा हेतु प्राप्त किया गया था, किंतु कथित रूप से उसी हथियार का उपयोग पेशेवर सुरक्षा सेवाएँ प्रदान करने के लिए कर उसका दुरुपयोग किया गया。 6. प्रत्युत्तर में, याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने कहा कि सुरक्षा गार्ड सीधे याचिकाकर्ता द्वारा नियुक्त नहीं थे, बल्कि नोएडा स्थित एपीएस सिक्योरिटी एजेंसी के माध्यम से लगाए गए थे। अतः यदि लाइसेंस का कोई दुरुपयोग हुआ भी हो, तो उसके लिए याचिकाकर्ता को उत्तरदायी नहीं ठहराया जा सकता। अन्यथा भी, पुलिस द्वारा ऐसा कोई तथ्य प्रस्तुत नहीं किया गया है जिससे लाइसेंस के दुरुपयोग का पता चले, क्योंकि हथियार विधिवत लाइसेंसधारी था。 7. इस अग्रिम जमानत याचिका की बेहतर सराहना हेतु कार्यालय को निर्देश दिया जाता है कि मामले की केस डायरी तथा अभियुक्त-याचिकाकर्ता के आपराधिक पूर्ववृत्त (क्रिमिनल एंटीसिडेंट) की रिपोर्ट मामले के अनुसंधान पदाधिकारी (आई.ओ.) से मंगाई जाए। 8. याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण प्रदान किए जाने की प्रार्थना की। 9. मामले के उपर्युक्त तथ्यों एवं परिस्थितियों, याचिकाकर्ता के विरुद्ध लगाए गए आरोपों की प्रकृति तथा दोनों पक्षों के विद्वान अधिवक्ताओं द्वारा प्रस्तुत तर्कों को ध्यान में रखते हुए, उपर्युक्त नामित याचिकाकर्ता को कदमकुआँ थाना कांड संख्या 418/2026 के संबंध में अगली तिथि तक गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण प्रदान किया जाता है। तथापि, याचिकाकर्ता को अनुसंधान पदाधिकारी के साथ सहयोग करना होगा तथा पुलिस द्वारा आवश्यकता पड़ने पर स्वयं को उपलब्ध कराना होगा। 10. इस मामले को दिनांक 20.06.2026 को पुनः प्रस्तुत किया जाए。0
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नाबालिग के शोषण के आरोप: शिक्षक गिरफ्तार, पॉक्सो कोर्ट में मुकदमा
Pithoragarh, Uttarakhand:नाबालिग छात्रा के शोषण मामले में शिक्षक गिरफ्तार, पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई पिथौरागढ़ जनपद के अस्कोट क्षेत्र में नाबालिग छात्रा के साथ कथित शारीरिक शोषण का गंभीर मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, अत्यधिक रक्तस्राव होने पर छात्रा को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकीय जांच में पता चला कि वह नाबालिग है तथा उसने एक बच्चे को जन्म दिया है। मामले की सूचना पुलिस को मिलने पर तत्काल जांच शुरू की गई। जांच के दौरान छात्रा के नाबालिग होने की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पॉक्सो अधिनियम एवं भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। पूछताछ के दौरान पीड़िता ने अपने ही शिक्षक पर शोषण का आरोप लगाया। इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, कुछ दिन पूर्व कोतवाली अस्कोट में आरोपी के विरुद्ध धारा 65(1) बीएनएस तथा 5/6 पॉक्सो अधिनियम के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया था। मामले की विवेचना थानाध्यक्ष अस्कोट सुरेश कंबोज के नेतृत्व में की जा रही थी। जांच में जुटी पुलिस टीम ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। बाइट – एसपी पिथौरागढ़ "मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस द्वारा तत्काल कार्रवाई की गई है। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है तथा प्रकरण की विस्तृत जांच जारी है।"0
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पलीभीत बिलसंडा में जूता-चप्पल गोदाम की तीन मंजिला इमारत में भीषण आग; लाखों का नुकसान
Pilibhit, Uttar Pradesh:एंकर-पीलीभीत के थाना बिलसंडा कस्बे में एक जूता चप्पल की गोदाम के ऊपर बने मकान में भीषण आग लग गई। परिवार ने भाग कर किसी तरह जान बचाई है। आग की सूचना पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गई। जिन्होंने दूसरी मंजिल की जूता चप्पल को गोदाम से माल नीचे फेंकना शुरू कर दिया। वहीं फायर ब्रिगेड को सूचना देने के बावजूद भी टीम काफी देर बाद मौके पर पहुंची जब तक लाखों का सामान जलकर राख हो गया। वही आग लगने की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है। बताया जा रहा है कि पुरानी बैंक ऑफ़ बड़ौदा के निकट शेखर गुप्ता की तीन मंजिला इमारत बनी है। जिसमें सबसे नीचे जूता चप्पल की दुकान और दूसरी मंजिल पर गोदाम बना है और तीसरी मंजिल पर बने मकान में शेखर गुप्ता का परिवार रहता है। जिसमें भीषण आग लग गई और मकान के शीशे प्लास्टर टूटकर गिरने लगा। हालांकि इस दौरान कोई जनहानि नहीं हुई। क्योंकि परिवार ने भाग कर अपनी जान बचा ली। सूचना पर थाना बिलसंडा की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गई। फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई काफी देर तक फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर नहीं पहुंची जिसके चलते लाखों रुपए का मकान में सामान जलकर राख हो गया। फायर ब्रिगेड की टीम देर से पहुंचने पर व्यापारियों में रोष है। फिलहाल आग लगने की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है।0
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