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Khordha752055

Odisha Floods - NH 57 Blocked, Chaos at Begunia Block!

Aug 08, 2024 04:00:00
Khordha, Odisha

The flood situation in Odisha has caused significant disruption at NH 57 near Begunia Block, Baghamari Bazar. The road is blocked, leading to vehicles being halted on both sides for extended periods.

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KKKRISNDEV KUMAR
Mar 13, 2026 17:47:08
Noida, Uttar Pradesh:योगी सरकार कर रही है सरयू नहर परियोजना का विस्तार, पूर्वी यूपी में बढ़ेगा सिंचित क्षेत्र सरयू नहर परियोजना से पूर्वी यूपी में 14.04 लाख हेक्टेयर सिंचित क्षेत्र विकसित करने का लक्ष्य सतत विकास को सुनिश्चित करेगा सरयू नहर परियोजना का विस्तार, बढ़ेगी किसानों की उत्पादकता और आय लखनऊ, 13 मार्च। यूपी का सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन ‘हर खेत को जल’ के मुताबिक पूरे प्रदेश में सिंचाई व्यवस्था का विस्तार कर रहा है। इस क्रम में सिंचाई विभाग सरयू नहर परियोजना का विस्तार कर रहा है, जिससे पूर्वी उत्तर प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिशा-निर्देश में प्रदेश का सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग इस राष्ट्रीय परियोजना के तहत कुल 14.04 लाख हेक्टेयर सिंचित क्षेत्र विकसित करने का लक्ष्य तय किया है। इस दिशा में वर्ष 2026-27 में नए कुलाबों का निर्माण और गैप्स को पूरा करने के साथ प्रेशर सिंचाई प्रणाली विकसित कर सरयू नहर परियोजना की सिंचाई क्षमता में लगातार वृद्धि की जा रही है। इससे न केवल पूर्वी यूपी में सिंचाई कमांड एरिया में वृद्धि हो रही है, बल्कि क्षेत्र के किसानों के उत्पादन और आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी। वर्ष 2026-27 में होगा 1655 कुलाबों का निर्माण, 14 नहर गैप में चल रहा है निर्माण कार्य सरयू नहर परियोजना के तहत पूर्वी यूपी के नौ जिलों में 9000 कुलाबों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें से लगभग 7345 कुलाबों का निर्माण पूरा हो चुका है। शेष 1655 कुलाबों का निर्माण सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग वित्तीय वर्ष 2026-27 में पूरा कर रहा है। इससे क्षेत्र में लगभग 66,200 हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचाई क्षेत्र का विकास होगा, जिसका लाभ क्षेत्र के किसानों को रबी और खरीफ दोनों फसलों में मिलेगा। इसी क्रम में नहरों में 14 गैप्स के कारण बड़े क्षेत्र में सिंचाई व्यवस्था प्रभावित होती है। इनमें से 14 नहर गैप्स में निर्माण कार्य तेज गति से चल रहा है। इस कार्य के पूरा होने से लगभग 27,863 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा का विस्तार होगा। प्रेशर सिंचाई परियोजना का हो रहा है चरणबद्ध विकास, बढ़ेगा 1.31 लाख हेक्टेयर सिंचाई क्षेत्र सरयू नहर परियोजना के तहत कम जल उपलब्धता वाले क्षेत्रों में सिंचाई व्यवस्था का विस्तार करने के उद्देश्य से यूपी सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, केंद्र सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के सहयोग से प्रेशर सिंचाई परियोजना का चरणबद्ध विकास कर रहा है। सरयू नहर परियोजना के कमांड एरिया में प्रेशर सिंचाई परियोजना पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर अप्रैल 2025 से चल रही है। इस क्रम में प्रेशर सिंचाई के जरिए लगभग 1.31 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचाई क्षेत्र का विस्तार करने का लक्ष्य तय किया गया है। कुल मिलाकर प्रदेश का सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग 0.95 लाख हेक्टेयर क्षेत्र कुलाबा निर्माण और गैप भरने से पूरा करने का प्रयास कर रहा है, जबकि शेष लक्ष्य को प्रेशर सिंचाई परियोजना के माध्यम से प्राप्त किया जा रहा है। योगी सरकार के प्रयासों से सरयू नहर परियोजना के सिंचित क्षेत्र में उत्तरोत्तर वृद्धि हो रही है, जिसका प्रत्यक्ष लाभ पूर्वांचल के किसानों को मिल रहा है。
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KKKRISNDEV KUMAR
Mar 13, 2026 17:46:50
Noida, Uttar Pradesh:योगी सरकार की पहल से युवाओं को मिलेगा रोजगार का बड़ा अवसर, तीन शहरों में बृहद रोजगार मेला कौशल विकास मिशन के तहत 18 से 25 मार्च के बीच लखनऊ, झांसी और वाराणसी में आयोजित होंगे रोजगार मेले युवाओं को निजी कंपनियों में नौकरी के अवसर उपलब्ध कराने की पहल कौशल विकास मिशन के माध्यम से रोजगार से जोड़ा जा रहा युवाओं को प्रदेश सरकार की प्राथमिकता—कौशल, प्रशिक्षण और रोजगार लखनऊ, 13 मार्च। योगी सरकार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने और उन्हें कौशल के आधार पर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन प्रदेश के विभिन्न जनपदों में बृहद रोजगार मेलों का आयोजन कर रहा है। इससे बड़ी संख्या में युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। राज्य सरकार के निर्देशानुसार मार्च माह में तीन प्रमुख शहरों में रोजगार मेले आयोजित किए जाएंगे। इन रोजगार मेलों में विभिन्न कंपनियां भाग लेकर प्रशिक्षित और योग्य युवाओं का चयन کریںगी। सरकार का उद्देश्य है कि कौशल प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को सीधे रोजगार से जोड़ा जाए। तीन प्रमुख शहरों में होगा आयोजन कौशल विकास मिशन द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार 18 मार्च को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में बृहद रोजगार मेले का आयोजन किया जाएगा। इस मेले में लखनऊ, कानपुर, अयोध्या और बरेली मंडल के अभ्यर्थियों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। इसके बाद 24 मार्च को झांसी के बुंदेलखंड महाविद्यालय में रोजगार मेला आयोजित होगा, जिसमें झांसी, चित्रकूट और आगरा मंडल के युवाओं को भाग लेने का अवसर मिलेगा। इसी क्रम में 25 मार्च को वाराणसी स्थित राजकीय आईटीआई करौंदी परिसर में रोजगार मेले का आयोजन किया जाएगा। इस मेले में वाराणसी, मिर्जापुर और प्रयागराज मंडल के युवाओं को विभिन्न कंपनियों में रोजगार के अवसर मिलेंगे। कौशल और रोजगार को जोड़ने पर जोर प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश सरकार की नीति के तहत कौशल विकास मिशन युवाओं को प्रशिक्षण देने के साथ-साथ उन्हें रोजगार उपलब्ध कराने पर भी विशेष ध्यान दे रहा है। रोजगार मेलों के माध्यम से प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं और कंपनियों को एक मंच पर लाकर रोजगार की प्रक्रिया को आसान बनाया जा रहा है। जिला प्रशासन और मिशन की संयुक्त जिम्मेदारी रोजगार मेलों के सफल आयोजन के लिए कौशल विकास मिशन द्वारा संबंधित मंडलों में नोडल अधिकारियों की भी नियुक्ति की गई है। साथ ही जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाइयों को निर्देश दिए गए हैं कि वे जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर कार्यक्रम को सफल बनाएं। युवाओं के लिए अवसरों का विस्तार मिशन डायरेक्टर पुलकित खरे ने बताया कि योगी सरकार की विभिन्न योजनाओं, कौशल प्रशिक्षण, स्टार्टअप और निवेश आधारित औद्योगिक विकास के चलते प्रदेश में रोजगार के अवसर लगातार बढ़ रहे हैं। रोजगार मेलों के माध्यम से युवाओं को सीधे कंपनियों से जुड़ने और अपनी योग्यता के अनुसार नौकरी पाने का अवसर मिल रहा है। 100 से अधिक कंपनियां देंगी रोजगार योजना के तहत प्रत्येक आयोजन स्थल पर 100 से अधिक कंपनियों और नियोक्ताओं को आमंत्रित किया जाएगा, जिनके माध्यम से बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। इन रोजगार मेलों में प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना, मुख्यमंत्री युवा कौशल योजना, आईटीआई और पॉलिटेक्निक से प्रशिक्षित युवाओं के साथ-साथ अन्य अभ्यर्थियों को भी रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही महिला अभ्यर्थियों के अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने, जीरो पॉवर्टी अभियान के अंतर्गत चयनित परिवारों के युवाओं को प्राथमिकता देने तथा इच्छुक और योग्य दिव्यांगजनों के लिए विशेष अवसर उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की जा रही है। कौशल विकास मिशन के अनुसार प्रत्येक आयोजन स्थल पर चयनित कंपनियों के माध्यम से न्यूनतम 1.50 लाख रुपये वार्षिक वेतन वाली रिक्तियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का भी प्रयास किया जा रहा है। ताकि अधिक से अधिक युवाओं को बेहतर रोजगार मिल सके और प्रदेश में कौशल, प्रशिक्षण और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिल सके।
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KKKRISNDEV KUMAR
Mar 13, 2026 17:46:33
Noida, Uttar Pradesh:रजिस्ट्री से पहले मालिकाना हक की जांच, संपत्ति विवादों पर लगाम लगाने की तैयारी भू-माफियाओं की कमर तोड़ने का भी काम करेगा योगी सरकार का यह फैसला, लुटने से बचेगी लोगों की मेहनत की कमाई भू-माफियाओं के लिए मुश्किल होगा फर्जी सौदा, रजिस्ट्री प्रक्रिया बनेगी अधिक पारदर्शी जमीन के सुरक्षित लेनदेन से बढ़ेगा भरोसा, निवेश और विकास को भी मिलेगी नई गति लखनऊ, 13 मार्च। उत्तर प्रदेश में जमीन और संपत्ति से जुड़े विवादों, धोखाधड़ी और जालसाजी की घटनाओं को रोकने के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार का हालिया कैबिनेट फैसला आने वाले समय में बड़ा बदलाव ला सकता है। रजिस्ट्री से पहले भू-संपत्ति के मालिकाना हक और उससे जुड़े दस्तावेजों की अनिवार्य जांच की व्यवस्था लागू होने से जमीन के लेनदेन को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की दिशा में नई शुरुआत मानी जा रही है। यह फैसला भू-माफियाओं की कमर तोड़ने का भी काम करेगा साथ ही लोगों की मेहनत की कमाई लुटने से बचेगी। जमीन की खरीद-फरोख्त के मामलों में अक्सर कोई न कोई समस्या सामने आती रहती है। रजिस्ट्री होने के बाद खरीदार को पता चलता है कि जमीन विवादित है, उस पर किसी और का दावा है या फिर दस्तावेजों में गड़बड़ी है। ऐसे मामलों में कई बार लोगों को लंबी कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ती है और उनकी मेहनत की कमाई दांव पर लग जाती है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद रजिस्ट्री से पहले ही कागजात और मालिकाना हक की जांच होने से ऐसे जोखिम काफी हद तक कम हो सकते हैं। प्रॉपर्टी विशेषज्ञ प्रदीप मिश्रा का कहना है कि यह कदम भविष्य में संपत्ति विवादों की संख्या कम करने में अहम भूमिका निभा सकता है। जब रजिस्ट्री से पहले जमीन की स्थिति स्पष्ट हो जाएगी और दस्तावेजों की पुष्टि हो जाएगी, तब फर्जी सौदे, डुप्लीकेट कागजात और धोखाधड़ी की संभावनाएं स्वतः कम हो जाएंगी। इससे जमीन खरीदने वाले लोगों को भरोसे के साथ निवेश करने का माहौल मिलेगा। यह फैसला भू-माफियाओं और अवैध जमीन कारोबार पर भी प्रभावी चोट साबित होगा। लंबे समय से फर्जी दस्तावेजों और कानूनी खामियों का फायदा उठाकर कुछ लोग जमीनों की अवैध खरीद-बिक्री करते रहे हैं। यदि रजिस्ट्री प्रक्रिया में ही कड़ी जांच की व्यवस्था लागू होती है, तो ऐसे तत्वों के लिए जमीन से जुड़े फर्जी सौदे करना बेहद मुश्किल हो जाएगा। इसके साथ ही प्रदेश में रियल एस्टेट सेक्टर के लिए भी यह कदम सकारात्मक माना जा रहा है। जब जमीन से जुड़े लेनदेन अधिक पारदर्शी और सुरक्षित होंगे तो निवेशकों और खरीदारों का भरोसा बढ़ेगा। इससे शहरी और औद्योगिक विकास की योजनाओं को भी गति मिलने की संभावना है। योगी सरकार पहले से ही भू-माफियाओं के विरुद्ध सख्त कार्रवाई और अवैध कब्जों को हटाने के अभियान पर जोर दे रही है। ऐसे में रजिस्ट्री से पहले दस्तावेजों की जांच की नई व्यवस्था इस अभियान को और मजबूत आधार देने में सक्षम होगी। आने वाले समय में यह पहल आम लोगों को जमीन से जुड़े जोखिमों से बचाने और संपत्ति बाजार को अधिक विश्वसनीय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है。
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KKKRISNDEV KUMAR
Mar 13, 2026 17:46:15
Noida, Uttar Pradesh:योगी सरकार ने किया गो हत्यारों व तस्करों का दमन, सलाखों के पीछे धकेले गए 35 हजार से अधिक आरोपी सीएम योगी के निर्देश पर विशेष अभियान चलाकर गोकशी के संगठित नेटवर्क पर कसा गया शिकंजा, 14,182 मामले किये गये दर्ज गोकशी और तस्करी को रोकने के लिए वर्ष 2020 में उत्तर प्रदेश गोवध निवारण (संशोधन) अध्यादेश-20 लागू किया गया 13,793 आरोपियों पर गुंडा एक्ट, 178 पर एनएसए और 14,305 मामलों में गैंगस्टर के तहत की गई कार्रवाई आरोपियों की लगभग 83 करोड़ 32 लाख रुपये की संपत्ति भी जब्त लखनऊ, 13 मार्च। योगी सरकार ने सूबे की सत्ता संभालने के बाद प्रदेश में गोकशी, गोतस्करों और अवैध पशु वध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत ताबड़तोड़ कार्रवाई की, जो आज भी लगातार जारी है। इसके साथ गोकशी को पूरी तरह से रोकने के लिए वर्ष 2020 में गोवध निवारण कानून में संशोधन किया गया और जून-2020 में उत्तर प्रदेश गोवध निवारण (संशोधन) अध्यादेश जारी किया गया। इसके तहत अब तक प्रदेश भर में गोकशी के 14,182 मामले दर्ज किए गए, जिनमें 35,924 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया。 178 आरोपियों के खिलाफ एनसएसए की कार्रवाई की गई योगी सरकार का मानना है कि गोकशी पर नियंत्रण केवल कानून व्यवस्था का विषय नहीं बल्कि यह सामाजिक आस्था और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से भी जुड़ा हुआ है। इसी को ध्यान में रखते हुए योगी सरकार द्वारा पुलिस, प्रशासन और विशेष कानूनों के माध्यम से लगातार कार्रवाई की जा रही है। गोकशी से जुड़े मामलों में गिरफ्तार किए गए आरोपी के खिलाफ केवल सामान्य मुकदमे ही नहीं दर्ज किए गए, बल्कि उनके विरुद्ध कड़े कानूनों के तहत भी कार्रवाई की गई। गोकशी के मामले में 35,924 आरोपियों में से 13,793 के खिलाफ गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई की गई, जबकि 178 आरोपियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) की कार्रवाई की गई। इसके अलावा 14,305 मामलों में गैंगस्टर एक्ट के तहत कठोर कार्रवाई की गई है। योगी सरकार की सख्त कार्रवाई से गोकशी व गोतस्करी से जुड़े संगठित गिरोहों पर प्रभावी अंकुश लगाने में मदद मिली। इस दौरान प्रदेश में सक्रिय गोकशी से जुड़े नेटवर्क को ध्वस्त किया गया और आरोपियों की संपत्तियों की भी जांच की गई。 गोकशी पर अंकुश को गठित की गई विशेष टीमें गोकशी के मामलों में केवल गिरफ्तारी तक ही कार्रवाई सीमित नहीं रही, बल्कि आर्थिक स्तर पर भी अपराधियों पर प्रहार किया गया। गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के तहत कार्रवाई करते हुए लगभग 83 करोड़ 32 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की गई। इसका उद्देश्य अपराध से अर्जित संपत्ति को जब्त करने से संगठित अपराधियों की आर्थिक ताकत कमजोर करना है ताकि भविष्य में ऐसे अपराधों को पूरी तरह रोका जा सके। इतना ही नहीं कई मामलों में अवैध कमाई से खरीदी गई जमीन, वाहन और अन्य संपत्तियों को भी कुर्क किया है। योगी सरकार ने गोकशी पर नियंत्रण के लिए पुलिस की विशेष टीमों का गठन किया। विशेष टीमों द्वारा खुफिया निगरानी, जिलास्तरीय टास्क फोर्स और सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष सतर्कता के जरिये गोकशी-गोतस्करी के नेटवर्क को ध्वस्त किया गया। साथ ही प्रदेश के कई संवेदनशील जिलों में रात के समय पुलिस गश्त बढ़ाई गई, वहीं पशु परिवहन से जुड़े मामलों की भी विशेष निगरानी की गई। इसके अलावा अवैध बूचड़खानों के खिलाफ लगातार अभियान चलाए गए। योगी सरकार की सख्त कार्रवाई से प्रदेश में अवैध पशु वध से जुड़े मामलों में काफी कमी आई है और संगठित गिरोहों की गतिविधियों पर अंकुश लगा है। उत्तर प्रदेश गोवध निवारण (संशोधन) अध्यादेश 2020 में नियमों को किया गया सख्त - अध्यादेश के तहत प्रदेश में गोहत्या पर 10 साल कठोर कारावास की सजा - 3 से 5 लाख तक जुर्माने का प्रावधान - गोवंश के अंगभंग करने पर 7 साल की जेल व 3 लाख जुर्माना
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ASABHISHEK SHARMA1
Mar 13, 2026 17:45:56
Chittorgarh, Rajasthan:निम्बाहेड़ा, चित्तौड़गढ़ जिले के निकुम्भ थाना इलाके में शुक्रवार शाम दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। निम्बाहेड़ा-उदयपुर हाईवे पर नपावली के पास कंटेनर और पिकअप वाहन की आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि पिकअप चालक उकार सिंह और पिकअप में सवार महिला जुम्मा कुंवर पत्नी लोकेंद्र सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं हादसे में करीब आठ से नौ महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। बताया जा रहा है कि पिकअप में लगभग 15 महिलाएं सवार थीं, जो प्रतापगढ़ जिले के बंबोरी गांव की रहने वाली हैं। ये सभी महिलाएं शुक्रवार सुबह दशा माता पूजन के लिए बंबोरी से वल्लभनगर क्षेत्र गई थीं। वहां पूजा-अर्चना करने के बाद सभी महिलाएं वापस अपने गांव लौट रही थीं, तभी करीब शाम आठ बजे नपावली के पास यह हादसा हो गया। दुर्घटना की सूचना मिलते ही निकुम्भ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। घायलों को तत्काल एंबुलेंस की सहायता से निम्बाहेड़ा जिला चिकित्सालय पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। दोनों मृतकों के शवों को पुलिस ने निकुम्भ मोर्चरी में रखवाया है। सूचना मिलने पर पूर्व यूडीएच मंत्री व विधायक श्रीचन्द कृपलानी भी जिला चिकित्सालय पहुंचे। उन्होंने घायलों से मुलाकात कर उनकी कुशलक्षेम पूछी तथा चिकित्सकों से उपचार की जानकारी ली और बेहतर इलाज के निर्देश दिए। फिलहाल पुलिस हादसे के कारणों की जांच में जुटी हुई है。
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DGDeepak Goyal
Mar 13, 2026 17:33:48
Jaipur, Rajasthan:राजस्थान संपर्क 181 हेल्पलाइन के जरिए आमजन की समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया तेज हो रही है। सार्वजनिक निर्माण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रवीण गुप्ता ने शुक्रवार को शासन सचिवालय स्थित हेल्पलाइन सेंटर का निरीक्षण कर अधिकारियों की बैठक ली और परिवादियों से सीधा संवाद किया। निरीक्षण के दौरान एसीएस ने विभाग से संबंधित 11 परिवादियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को तुरंत समाधान के निर्देश दिए। सुनवाई में सड़कों पर अवैध गतिरोधक, झाड़ियां और मिट्टी जमा होने जैसी समस्याएं सामने आईं, जिन्हें गंभीरता से लेते हुए जल्द कार्रवाई के निर्देश दिए गए। सार्वजनिक निर्माण विभाग के अनुसार मार्च माह में 181 हेल्पलाइन पर अब तक 3228 शिकायतें दर्ज हुई हैं, जिनमें से 752 का निस्तारण किया जा चुका है। विभाग ने औसतन 6 दिन में शिकायतों का समाधान किया है। वहीं परिवादियों की संतुष्टि दर 79 प्रतिशत दर्ज की गई है। बैठक में एसीएस ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों के निस्तारण में लगने वाला समय कम किया जाए और संतुष्टि स्तर बढ़ाया जाए। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए, जिसके तहत कुछ अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। निरीक्षण के दौरान पर्यटन इकाई के एक प्रोजेक्ट को लंबे समय तक लंबित रखने से जुड़े परिवाद पर भी एसीएस ने संज्ञान लिया। परिवादी से बातचीत कर मामले की जानकारी ली और फाइल को लंबित रखने के कारणों की जांच के लिए पत्रावली तलब की। इस मौके पर लोक शिकायत निवारण विभाग के संयुक्त सचिव हर्ष सावन सुखा, RISL के समूह महाप्रबंधक जी.के. शर्मा, राजस्थान संपर्क पोर्टल के अतिरिक्त निदेशक सुदर्शन सिंह देओरा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार सभी विभागों के सचिव तय तिथियों पर 181 हेल्पलाइन पर उपस्थित होकर परिवादियों से सीधे संवाद कर रहे हैं, ताकि आमजन की शिकायतों का त्वरित निस्तारण हो सके।
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KKKRISNDEV KUMAR
Mar 13, 2026 17:33:03
Noida, Uttar Pradesh:एलपीजी सिलेंडरों की कालाबाजारी पर कड़ी कार्रवाई, 1483 स्थानों पर निरीक्षण व छापे कालाबाजारी में 24 एफआईआर दर्ज, 6 गिरफ्तार, 19 लोगों पर अभियोजन प्रदेशभर में 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम, आपूर्ति व्यवस्था पर कड़ी निगरानी 4,108 एलपीजी वितरकों के माध्यम से उपभोक्ताओं को सुनिश्चित की गई रिफिल डिलीवरी वितरकों के यहां एलपीजी सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध लखनऊ, 13 मार्च। प्रदेश में आम नागरिकों को पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार पूरी तरह सक्रिय है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर खाद्य एवं रसद विभाग तथा जिला प्रशासन द्वारा प्रदेशभर में आपूर्ति व्यवस्था की लगातार निगरानी के साथ निरीक्षण व छापेमारी की कार्रवाई की जा रही है, जिससे कहीं भी किसी प्रकार की कमी या अव्यवस्था न होने पाए। इसी क्रम में मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन द्वारा सभी जिलाधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं कि पेट्रोल, डीजल और एलपीजी सिलेंडरों की उपलब्धता बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम सुनिश्चित किए जाएं। कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई यूपी पहला राज्य है, जहां कालाबाजारी के खिलाफ सबसे पहले और ताबड़तोड़ सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसके तहत जनपद स्तर पर प्रवर्तन टीमों द्वारा शुक्रवार को कुल 1,483 स्थानों पर निरीक्षण और छापेमारी की गई। इस दौरान एलपीजी वितरकों के विरुद्ध 4 एफआईआर दर्ज की गईं, जबकि एलपीजी गैस की कालाबाजारी में संलप्त अन्य व्यक्तियों के विरुद्ध 20 एफआईआर दर्ज कराई गई हैं। मौके से 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 19 व्यक्तियों के विरुद्ध अभियोजन की कार्रवाई की गई है। उपभोक्ताओं को सुनिश्चित की गई एलपीजी रिफिल डिलीवरी प्रदेश में कार्यरत 4,108 एलपीजी गैस वितरकों के माध्यम से उपभोक्ताओं को उनकी बुकिंग के सापेक्ष एलपीजी रिफिल की डिलीवरी सुनिश्चित कराई गई है। वितरकों के यहां एलपीजी सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और आवश्यकतानुसार घरेलू एलपीजी सिलेंडर रिफिल उपलब्ध कराए जा रहे हैं। वाणिज्यिक सिलेंडरों का 20 प्रतिशत आवंटन भारत सरकार द्वारा वाणिज्यिक सिलेंडरों की कुल खपत के 20 प्रतिशत तक आवंटन की अनुमति प्रदान की गई है, जिससे होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में भी गैस आपूर्ति प्रभावित न हो। 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम आपूर्ति व्यवस्था की निगरानी और किसी भी समस्या के त्वरित समाधान के लिए खाद्यायुक्त कार्यालय में पेट्रोलियम पदार्थों के वितरण से संबंधित सूचनाओं के आदान-प्रदान हेतु 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। यहां खाद्य एवं रसद विभाग के अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके अतिरिक्त होम कंट्रोल रूम में भी विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती की गई है। वहीं प्रदेश के सभी जनपदों में भी कंट्रोल रूम स्थापित कर दिए गए हैं, जो लगातार कार्यरत हैं। फील्ड में सक्रिय प्रशासन उपभोक्ताओं को एलपीजी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जिला पूर्ति कार्यालय और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी लगातार फील्ड में भ्रमण कर रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के किसी भी हिस्से में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति बाधित न हो और आम जनता को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
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RKRAJESH KUMAR
Mar 13, 2026 17:32:47
Noida, Uttar Pradesh:पटना, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में कहा है कि कांग्रेस और पूरा विपक्ष अफवाह फैला रहे हैं कि गैस और पेट्रोल की कीमत बढ़ रही है. जनार्दन सिंह सिग्रीवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने सही कहा है कि NDА सरकार भारत को विकसित देश बनाने के लिए काम कर रही है और कांग्रेस सिर्फ अफवाह फैला रही है, वह कभी अपने गिरेबान में झांक कर नहीं देखी कि उन्होंने क्या किया था. जब प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हम अच्छा काम कर रहे हैं तो कांग्रेस को बेचैनी हो रही है और इस बेचैनी में इस तरह का अफवाह फैलाना और जनता को गुमराह करना कायक है कि गैस की किल्लत पेट्रोलियम और अन्य पदार्थ की कमी है. लेकिन मैं आग्रह कर रहा हूँ कि किसी भी चीज की दिक्कत नहीं है. गैस, पेट्रोल, डीजल या अन्य पदार्थ जरूरत के हिसाब से खरीदें. भारत सरकार इसी प्रयास में लगी है कि किसी भी देशवासियों को कमी न हो. नेहरू जी के 15 अगस्त के भाषण में North Korea और South Korea के युद्ध से महंगाई बढ़ रही, इस पर_sigriwal ने कहा कि वह वक्त नेहरू जी अपने भाषण में यह कहकर निकलना चाह रहे थे और हम स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी करके बैठे हैं. राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि एलपीजी गैस और पेट्रोलियम क्राइसिस पर बोलना चाहते हैं तब उनका माइक बंद कर दिया जाता है. सिग्रीवाल ने टिप्पणी करते हुए कहा- राहुल गांधी अब खिलौना हो गए हैं.
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AMAjay Mishra
Mar 13, 2026 17:31:21
Rewa, Madhya Pradesh:रीवा जिले के चोरहटा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम दुआरी में हाईकोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन ने शासकीय भूमि पर कब्जा हटाने की बड़ी कार्रवाई की। प्रशासनिक अमले ने जेसीबी की मदद से कुल 23 मकानों को जमींदोज कर दिया। कार्रवाई के बाद कई परिवार बेघर हो गए और उनका घरेलू सामान मलबे में दब गया। कार्राई के बाद प्रभावित परिवार छोटे-छोटे बच्चों को लेकर कलेक्टर कार्यालय के चक्कर काटते नजर आ रहे हैं। लोगों का कहना है कि अचानक हुई कार्रवाई के कारण घरों में रखा सामान, कपड़े और जरूरी दस्तावेज मलबे में दब गए। कई परिवारों के बच्चों की परीक्षाएं चल रही हैं, लेकिन उनकी किताबें और पढ़ाई का सामान भी मलबे में दब गया, जिससे उनकी पढ़ाई पर संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि जब बच्चों और परिजनों ने कार्रवाई का विरोध किया तो कुछ लोगों को पुलिस थाने ले गई। फिलहाल बेघर हुए परिवार प्रशासन से राहत और वैकल्पिक व्यवस्था की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनका कहना है कि उन्हें अधिकारियों से मिलने में भी दिक्कत हो रही है। वहीं इस मामले में एसडीएम अनुराग तिवारी का कहना है कि यह प्रकरण साल 2012 से न्यायालय में लंबित था और करीब ढाई साल पहले हाईकोर्ट से अतिक्रमण हटाने का आदेश मिला था। उसी के पालन में प्रशासन ने कार्रवाई की है। एसडीएम के अनुसार, जिन लोगों के पास पहले से अन्य मकान थे उन्हें वहीं शिफ्ट कराया गया है। जबकि 5 भूमिहीन परिवारों को फिलहाल खाली जमीन पर अस्थायी रूप से बसाया गया है। आगे की प्रक्रिया के तहत उन्हें पट्टा वितरण करने की कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, कार्रवाई के बाद बेघर हुए कई परिवार अब भी राहत और स्थायी व्यवस्था की मांग को लेकर प्रशासन के दरवाजे खटखटा रहे हैं।
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RSRAKESH SINGH
Mar 13, 2026 17:30:41
Chapra, Bihar:सारण जिले में एक बार फिर दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। डेरनी थाना क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या कर शव को कुएं में फेंकने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। हालांकि घटना के 48 घंटे से ज्यादा बीत जाने के बाद भी पुलिस इसे संदिग्ध मौत मान रही है, जबकि परिजन लगातार सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या का आरोप लगा रहे हैं। मामला सारण जिले के डेरनी थाना क्षेत्र के पट्टीशीतल गांव का है, जहां 11 मार्च को एक नाबालिग लड़की का शव कुएं से बरामद किया गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल छपरा भेज दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर सोनपुर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। वहीं एफएसएल टीम को भी बुलाया गया, जिसने मौके से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि नाबालिग के साथ दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या कर शव को घसीटते हुए कुएं में फेंक दिया गया था। इस मामले में डेरनी थाना कांड संख्या 96/26 दर्ज करते हुए पुलिस ने पट्टीशीतल गांव निवासी युवराज कुमार, पिता राजकिशोर मांझी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य संभावित आरोपियों की तलाश जारी है और गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। वहीं दूसरी ओर मृतका के परिजन लगातार यह आरोप लगा रहे हैं कि बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या की गई है। परिजनों का कहना है कि घटना के 48 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद पुलिस मामले को संदिग्ध मान रही है, जिससे परिवार में आक्रोश है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच की बात कह रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिला रही है।
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RRRikeshwar Rana
Mar 13, 2026 17:17:46
Dantewada, Chhattisgarh:एंकर - दंतेवाड़ा जिले के बचेली में NMDC गेस्ट हाउस में युवाओं की एक बड़ी बैठक हुई। यहां बड़ी संख्या में स्थानीय युवक-युवतियां जुटे और NMDC की L1 एवं L2 भर्ती परीक्षा में हो रही देरी पर गहरा आक्रोश जताया। युवाओं ने आरोप लगाया कि लंबे इंतजार से उनकी मानसिक और आर्थिक स्थिति खराब हो रही है। बैठक में उन्होंने NMDC अधिकारियों को एक लिखित ज्ञापन सौंपा, जिसमें तीन प्रमुख मांगें रखी गईं - उन्होंने एनएमडीसी की अधिकारियों से अपनी मांगों में।कहा कि परीक्षा का तत्काल आयोजन और तिथि की घोषणाकी जाए । परीक्षा में स्थानीय परिवेश, संस्कृति और भूगोल से जुड़े प्रश्नों को प्राथमिकता दी जाए और भर्ती प्रक्रिया को उसी पुराने विज्ञापन और नियमों के आधार पर पूरा करना, बिना किसी बदलाव के। बैठक में जिला पंचायत उपाध्यक्ष अरविंद कुंजाम, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष रमेश गावड़े और भाजपा युवा मोर्चा के मंडल अध्यक्ष अर्णब चक्रवर्ती सहित कई प्रमुख लोग मौजूद रहे। उन्होंने युवाओं की मांगों का पूरा समर्थन किया। NMDC अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि यह मामला मुख्यालय हैदराबाद भेजा जाएगा और जल्द से जल्द परीक्षा आयोजित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी । बाइट - अरविंद कुंजाम (जिला पंचायत उपाध्यक्ष दंतेवाड़ा) ।
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CSChandrashekhar Solanki
Mar 13, 2026 17:17:31
Ratlam, Madhya Pradesh:रतलाम में आज दशा माता पर्व की पूजा के दौरान हरदेव लाला पीपली चौराहा पर एक महिला के गले से अज्ञात महिलाओं ने सोने की चेन पार कर दी। बताया जा रहा है कि चेन करीब 30 ग्राम से ज्यादा वजनी थी। घटना उस समय हुई जब चौराहे पर दशा माता की पूजा के चलते काफी भीड़ जमा थी और महिलाएं पूजा-अर्चना में व्यस्त थीं। इसी भीड़ का फायदा उठाकर अज्ञात संदेही महिलाओ ने वारदात को अंजाम दिया और मौके से फरार हो गईं। घटना के बाद मौके पर हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। सूत्रों के मुताबिक तीन संदिग्ध महिलाएं लाल रंग की मैजिक वाहन में बैठकर जाती हुई देखी गई हैं, जिनकी तलाश में पुलिस जुटी हुई
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