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1930 हेल्पलाइन से साइबर फ्रॉड पर लगाम: शिकायत से रकम लौटती है

Jaipur, Rajasthan:साइबर ठगी हुई है तो घबराइए मत... बल्कि तुरंत 1930 पर कॉल कीजिए, एक घंटे में फोन तो बच सकती है रकम बैंकिंग से लेकर शॉपिंग... निवेश से लेकर सरकारी सेवाओं तक... आज लगभग हर काम इंटरनेट के जरिए हो रहा है। इस दौरान लोग जाने अनजाने में साइबर ठगों के जाल में फंस जाते हैं। ऐसे में आपके साथ साइबर ठगी हुई है तो घबराइए मत बल्कि तुरंत 1930 पर कॉल कीजिए। अगर साइबर अपराध के बाद आपने समय पर सही कदम उठा लिया... तो आपकी मेहनत की कमाई वापस भी मिल सकती है। राजस्थान पुलिस का दावा है कि साइबर फ्रॉड के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार हेल्पलाइन 1930 है। मोबाइल पर एक लिंक... सोशल मीडिया पर एक मैसेज... या फिर बैंक अधिकारी बनकर आया एक फोन कॉल... और देखते ही देखते आपकी पूरी जमा पूंजी किसी अनजान खाते में पहुंच जाती है। डिजिटल अरेस्ट... फर्जी इन्वेस्टमेंट... यूपीआई फ्रॉड... केवाईसी अपडेट... ओटीपी और स्क्रीन शेयरिंग जैसे नए-नए हथकंडों से ठग लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। लेकिन अब सवाल यह है? कि अगर आपके साथ ठगी हो जाए? तो क्या किया जाए? क्या पैसा हमेशा के लिए चला जाता है? राजस्थान पुलिस का जवाब है—नहीं... अगर आप समय रहते कार्रवाई करें। देशभर की तरह राजस्थान में भी साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं। राजस्थान में रोज करीब 6 हजार कॉल साइबर ठगी से जुड़ी आती हैं। हर दिन लगभग 2 करोड़ रुपये की साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज होती हैं। हालांकि समय पर कार्रवाई के चलते बड़ी संख्या में रकम होल्ड भी कराई जा रही है। राजस्थान पुलिस के मुताबिक अब तक करीब 26 प्रतिशत राशि पीड़ितों को वापस दिलाई जा चुकी है। इसके लिए मनी रिस्टोरेशन मॉड्यूल के जरिए बैंकिंग प्रक्रिया पूरी कर रकम वापस कराई जाती है। साइबर फ्रॉड में सबसे महत्वपूर्ण होता है "गोल्डन आवर"। साइबर फ्रॉड में पहले 20 मिनट से लेकर एक घंटे तक का समय सबसे निर्णायक है। अगर इस दौरान पीड़ित 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करा देता है... तो पुलिस का API आधारित सिस्टम तुरंत संबंधित बैंक को अलर्ट भेज देता है। जिस खाते में पैसा पहुंचा है, वहां ट्रांजैक्शन रोकने की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। अगर रकम दूसरे खाते में भेज दी गई हो... तो वहां भी तत्काल सूचना पहुंचाई जाती है। यानी जितनी जल्दी शिकायत... उतनी ज्यादा रकम बचने की संभावना。 साइबर फ्रॉड के बाद क्या करें? सबसे पहले 1930 पर कॉल करें बैंक खाते की जानकारी दें ट्रांजैक्शन डिटेल साझा करें जल्द से जल्द शिकायत दर्ज कराएं साइबर पोर्टल पर भी शिकायत करें बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए राजस्थान पुलिस भी अपने सिस्टम को मजबूत कर रही है। अब तक जहां साइबर हेल्पलाइन के लिए 32 कॉल लाइनें थीं... उन्हें बढ़ाकर 60 कॉल लाइनें किया जा रहा है ताकि कोई भी कॉल मिस न हो। फिलहाल पुलिस मुख्यालय, जयपुर कमिश्नरेट और चार रेंज मुख्यालयों पर कॉल टेकर और डिस्पैचर तैनात हैं... जो शिकायत मिलते ही तुरंत कार्रवाई शुरू कर देते हैं। राजस्थान में फिलहाल 46 साइबर पुलिस स्टेशन काम कर रहे हैं... जिन्हें जल्द बढ़ाकर 49 किया जाएगा। वहीं 5 लाख रुपये से अधिक के डिजिटल अरेस्ट और इन्वेस्टमेंट स्कैम जैसे मामलों में स्वतः एफआईआर दर्ज की जाती है। डिजिटल दौर में साइबर अपराध शायद पूरी तरह खत्म न हो... लेकिन जागरूकता और समय पर शिकायत से इस का नुकसान जरूर कम किया जा सकता है।
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वेणुगोपाल Raipur पहुंचे, संगठन सृजन प्रशिक्षण पर बयान; भाजपा पर विपक्षी दल तोड़ने का आरोप

Raipur, Chhattisgarh:कांग्रेस महासचिव के सी वेणुगोपाल पहुंचे रायपुर. आज जिला अध्यक्षों के प्रशिक्षण शिविर में होंगे शामिल. एयरपोर्ट पर कांग्रेस नेताओं ने किया वेणुगोपाल का स्वागत. कांग्रेस संगठन सृजन ट्रेनिंग पर के सी वेणुगोपाल का बयान, कहा- संगठन सृजन के तहत बने अध्यक्षों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है. समय समय पर प्रशिक्षण से संगठन को मजबूती मिलती है विभिन्न पार्टियों में सांसदों की टूट पर केसी वेणुगोपाल का बयान, कहा- भाजपा लगातार क्षेत्रीय पार्टियों को तोड़ रही है. आप, टीएमसी, शिवसेना के सांसदों को तोड़ दिया गया. यह भाजपा के अलोकतांत्रिक चरित्र को दिखाता है. भाजपा के अलोकतांर्तिक कामों के खिलाफ कांग्रेस मजबूती से लड़ रही है आपातकाल को एनसीआरटी सिलेबस में शामिल किए जाने के मसले को लेकर वेणुगोपाल ने कहा- भाजपा इस मुद्दे पर राजनीति कर रही है, भारत के इतिहास को बदलने की कोशिश कर रहे हैं, इन्हें नीट और सीबीएसई परीक्षा की धांधली में भी बात करनी चाहिए. इस देश के विद्यार्थियों को साफ-सुथरी परीक्षा व्यवस्था नहीं भाजपा सरकार मुहैया करवा पा रही है और दूसरी और इतिहास के साथ खेल रही है, ये सही नहीं है, हम इसके खिलाफ लड़ेंगे. भाजपा के मंत्री, नेता लोगों को बर्गलाने का काम कर रहे हैं बाईट- के सी वेणुगोपाल, महासचिव, एआईसीसी......
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गांव में मस्जिद गिराने के मुद्दे पर राजनीति तेज, मुआवजे की मांग उठी

Noida, Uttar Pradesh:कसेरुआ इलाक़े में मस्जिद तोड़ी गई है. कांग्रेस के नेता दानिश अली का कहना है कि वक़्फ़ व रिकॉर्ड में दर्ज है मस्ज़िद, जिला प्रशासन के रिकॉर्ड में भी दर्ज है. वही गाँव के लोगों का कहना है कि उन्हें कुछ न बोलने के लिए डराया जा रहा है. गाँव वालों ने कहा कि हम किसी भी राजनीतिक दल को गाँव में राजनीति नहीं करने देंगे. उनका कहना है कि मस्ज़िद गलत तरीके से गिरायी गई है लेकिन इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए. उनका यह भी कहना है कि जिन लोगों का नुकसान हुआ है उसका मुआवज़ा दे सरकार. यहाँ के पूर्व प्रधान जो भाजपा से जुड़े हैं उनके साथ बहुत से लोगों ने नेताओं का विरोध करना शुरू किया।
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JSCA भगदड़ पर भाजपा ने स्टेडियम सुरक्षा व्यवस्था और फ्री एंट्री पर सवाल उठाए

Ranchi, Jharkhand:रांची स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अजय शाह ने JSCA स्टेडियम में हुए भगदड़ मामले को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब भी झारखंड की चर्चा होती है, तो राज्य की पहचान क्रिकेट और JSCA से भी जुड़ती है, लेकिन हाल की घटना ने पूरे राज्य की छवि को धूमिल किया है। अजय शाह ने कहा कि स्टेडियम में हजारों लोग मैच देखने पहुंचे थे, लेकिन भीड़ प्रबंधन की समुचित व्यवस्था नहीं थी, जिसके कारण भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाओं और बच्चों के लिए कोई विशेष व्यवस्था नहीं थी और फ्री एंट्री की घोषणा के बावजूद लोगों को लंबे समय तक बाहर रोका गया। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि यदि आयोजकों को पहले से फ्री एंट्री की जानकारी थी, तो संभावित भीड़ का आकलन क्यों नहीं किया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि स्टेडियम में आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था, एंबुलेंस और राहत प्रबंधन के पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं थे। अजय शाह ने JSCA पदाधिकारियों, विशेषकर अजय नाथ शाहदेव की जिम्मेदारी तय करने की मांग करते हुए कहा कि उन्हें सामने आकर जवाब देना चाहिए। उन्होंने इस मामले की न्यायिक जांच कराने, जांच समिति गठित करने, अजय नाथ शाहदेव के इस्तीफे तथा घायलों को 10-10 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की। साथ ही उन्होंने कहा कि घटना के 48 घंटे बीत जाने के बाद भी प्राथमिकी दर्ज नहीं होना कई सवाल खड़े करता है।
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नीट पेपर लीक के बाद कांग्रेस ने देशभर में गूंज अभियान शुरू किया

Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर। नीट, सीबीएससी प्रतियोगी परीक्षाओं के पर्चे लीक होने के बाद भी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान द्वारा इस्तीफा नहीं देने और केंद्र सरकार की हठधर्मिता के खिलाफ भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने आज राष्ट्रव्यापी छात्रों की गूंज अभियान का शुभारंभ किया। यह 40 दिनों का अभियान देश के 28 प्रमुख शहरों जिसमें बिलासपुर न्यायधानी भी शामिल है, में छात्रों, अभ्यर्थियों कोचिंग हब, कॉलेज कैंपस, पुस्तकालयों और युवा समूहों के बीच चलाया जाएगा; उक्त जानकारी देते हुए हुए मप्र सरकार के पूर्व मंत्री और राघौगढ़ के विधायक हर्षवर्धन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह अभियान उन छात्रों और नौकरी अभ्यर्थियों की आवाज है जिनकी मेहनत बार बार पेपर लीक, परीक्षा रद्द होने, यह अभिपदरी, भर्ती अटकने और एनटीए की नाकामी के कारण बर्बाद हो रही है. छात्र कोई एहसान नहीं मांगते. वे सिर्फ निष्पक्ष परीक्षा और तय समय पर भर्ती मांग रहे हैं। उन्होंने कहा नीट यूजी 2026 ने परीक्षा व्यवस्था पर भरोसे का संकट और गहरा कर दिया है. भाजपा सरकार ने NTA (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) को पारदर्शिता और सुधार के नाम भारत के छात्रों पर थोपा था, लेकिन यह संस्था आज करोड़ों छात्रों के लिए बन चुकी है. देशभर में पिछले वर्षों में लगभग 89 से अधिक पेपर लीक और परीक्षा घोटाले सामने आए, लेकिन आज तक किसी बड़े सरगना, राजनीतिक संरक्षण देने वाले व्यक्ति या पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश नहीं हुआ। गिरफ्तार हुए तो सिर्फ छोटे दलाल और मोहरे, जबकि असली किंगपिन और भाजपाई संरक्षक हमेशा बचते रहे। उन्होंने कहा कि NEET UG 2026 का पेपर लीक इस बेकार व्यवस्था का सबसे बड़ा उदाहरण है. लाखों छात्रों ने वर्षों की मेहनत, करोड़ों परिवारों ने अपनी जीवन भर की कमाई दांव पर लगाई, लेकिन परीक्षा फिर भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई। इस घोटाले के बाद देशभर में 15 से अधिक छात्रों ने आत्महत्या कर ली। कई छात्रों ने अपने सुसाइड नोट में व्यवस्था से टूटने और भविष्य के अंधकार का उल्लेख किया। फिर भी देश के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने न तो नैतिक जिम्मेदारी ली और न ही इस्तीफा दिया। अगर 20 से अधिक छात्रों की मौत, लाखों युवाओं का भविष्य और पूरे देश का भरोसा टूटना भी किसी मंत्री को पद छोड़ने के लिए मजबूर नहीं करता, तो जवाबदेही का अर्थ क्या रह जाता है? उन्होंने कहा सबसे दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि अपने आप को चौकीदार कहने वाले देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस पूरे मुद्दे पर एक शब्द बोलना जरूरी नहीं समझा। जब छात्र सड़कों पर हैं, परिवार बर्बाद हो रहे हैं, आत्महत्याएं हो रही हैं. और परीक्षाएं मज़ाक बन चुकी हैं, तब सत्ता की चुप्पी इस बात का प्रमाण है कि युवाओं की पीड़ा उनकी प्राथमिकता नहीं है. यह लड़ाई केवल NEET की नहीं है. यह लडाई उस पूरी शिक्षा व्यवस्था को बचाने की है जो आज ICU में पहुंच चुकी है. पेपर देश का सबसे युवा आज सबसे ज्यादा असुरक्षित भविष्य का सामना कर रहा है। हर्षवर्धन सिंह ने कहा केंद्र सरकार की आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, सीबीआई ने नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में कथित स्रोत और मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया. अगर परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े व्यक्ति तक कथित रूप से पेपर की पहुंच थी, तो यह बाहरी शरारत नहीं, अंदरूनी नाकामी है। शिक्षा मंत्री और एनटीए इस संकट की जिम्मेदारी से नहीं बच सकते. जब राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में छात्रों का भरोसा टूटता है, तो जवाबदेही भी राष्ट्रीय स्तर पर तय होनी चाहिए।
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बारिश से जयपुर में जलभराव, स्मार्ट सिटी दावों पर सवाल

Jaipur, Rajasthan:बारिश की कुछ बूंदें…और स्मार्ट सिटी के दावों की खुल गई पोल! कैमरे में चमकते अफसर, पानी में डूबता शहर। बारिश से स्मार्ट सिटी का ‘स्मार्ट’ सच आया सामने कुछ मिनटों की बारिश…और सड़कें बन गईं दरिया नगर निगम के दावों की खुली पोल, शहर में जलभराव का संकट हर साल नालों की सफाई पर करोड़ों खर्च…फिर सड़कों पर पानी क्यों? बारिश आई तो खुल गई साफ-सफाई व्यवस्था की हकीकत नाले साफ या सिर्फ कागजों में सफाई का खेल? निगम के इंजीनियरिंग सिस्टम पर बड़ा सवाल दस करोड़ की सफाई का हिसाब मांग रहा जयपुर शहर अगर नाले साफ थे तो पानी सड़कों पर क्यों उतरा?
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जी हेल्पलाइन ने रेवाड़ी के टिंट गांव सड़क-नाले की समस्या हल कर दी

Rewari, Haryana:हमारा मकसद उन लोगों की मदद करना है जिनकी लाख कोशिशों के बाद भी सरकारी दफ्तर या सरकार द्वारा संचालित विभाग या गैर सरकारी संस्थान में मौजूद बाबू या अधिकारी काम न करते हो। ऐसा ही कुछ हुआ रेवाड़ी के गांव टिंट के रहने वाले अजनेश के साथ जो लंबे समय से अपने घर के बाहर सड़क लेवलिंग ना होने और गंदे पानी के भराव के चलते परेशान हो रहे थे लगातार अधिकारियों को शिकायत देने के बावजूद उनका काम नहीं हो रहा था।शिकायतकर्ता अजिनेश का कहना हैं की उनके निवास स्थान ग्राम पंचायत टींट, जिला - रेवाडी , हरियाणा , पिनकोड - 123401 में पिछले एक महीने से सड़क पर नाले का पानी फैला हुआ है , जिससे गाँव के लोग काफी परेशान है, शिकायतकर्ता ने इसकी शिकायत सरपंच को एक हफ्ते पहले दी थी, सरपंच काम करने की बात बोलते है लेकिन काम नहीं करवाते है। इसके बाद इसकी शिकायत उन्होंने जी हेल्पलाइन में की.... फिर शुरू हुई उनकी समस्या का समाधान निकालने की मुहीम- सरपंच की शिकायत के बाद सबसे पहले हमारी बात सुपरवाइजर रविंद्र यादव से फ़ोन के माध्यम से हुई उन्होंने कहा की कल समस्या का समाधान करा देता हूं। पाईप लीक के वजह से ये समस्या हो रही थी,जिसे कल ठीक करवा देता हूं। फिर हमारी टीम ने जेई प्रविन कुमार से बात की , उन्होंने कहा मैं सारा मामला जान कर समस्या का समाधान करवाता हूं। इसके बाद जो काम लंबे समय से नहीं हो रहा था वह मात्र एक सप्ताह के अंदर हो गया। हमारी टीम ने सरपंच से जब फोन के माध्यम से बात की तो उन्होंने बताया कि इस समस्या का समाधान करवा दिया गया है। इसके बाद हमारी टीम ने कमरे पर शिकायतकर्ता से बात की जनन कहां की जो काम लंबे समय से नहीं हो रहा था वह जी हेल्पलाइन के माध्यम से आज हो गया है। जिससे वह संतुष्ट है। उन्होंने जी हेल्पलाइन का धन्यवाद किया वही गांव के पंच ने भी जी हेल्पलाइन का धन्यवाद किया और कहा कि उनकी शिकायत के बाद यह समाधान करवा दिया गया है。
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धनबाद IIT ISM में 90 युवाओं को कौशल प्रमाण पत्र, 30 का कैंपस प्लेसमेंट

Dhanbad, Jharkhand:एकर धनबाद के आईआईटी आईएसएम में कौशल विकास को बढ़ावा देने की दिशा में एक और पहल की गई है. संस्थान के खनन अभियंत्रण विभाग की ओर से संचालित सहायक खान सर्वेक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल प्रतिभागियों को गुरुवार को स्किल सर्टिफिकेट प्रदान किया गया. इस कार्यक्रम के तहत 90 युवाओं को प्रमाण पत्र मिला, जबकि 30 प्रशिक्षुओं का कैंपस प्लेसमेंट भी हो चुका है. आईआईटी आईएसएम धनबाद के i2H भवन स्थित सेमिनार हॉल में आयोजित समारोह में प्रशिक्षण पूरा करने वाले 90 प्रशिक्षुओं को कौशल प्रमाण पत्र प्रदान किया गया. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संस्थान के उपनिदेशक डॉ. धीरज कुमार मौजूद रहे. उन्होंने सभी सफल प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र सौंपते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की. डॉ. धीरज कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना, कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय और राष्ट्रीय कौशल विकास निगम के सहयोग से चलाया गया यह प्रशिक्षण कार्यक्रम युवाओं को उद्योगों की जरूरतों के अनुसार तैयार करने का प्रयास है. उन्होंने बताया कि सहायक खान सर्वेक्षक प्रशिक्षण प्राप्त 90 युवाओं को प्रमाण पत्र दिया गया है, वहीं इनमें से 30 प्रतिभागियों का कैंपस प्लेसमेंट भी हो चुका है. उन्होंने कहा कि संस्थान का उद्देश्य केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि युवाओं को रोजगार से जोड़ना भी है. कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षुओं ने भी अपने अनुभव साझा किए और बताया कि इस प्रशिक्षण से उन्हें खनन क्षेत्र में बेहतर करियर बनाने में मदद मिलेगी.
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लोकतंत्र हत्या दिवस पर देहरादून में भाजपा नेताओं ने आपातकाल का इतिहास याद किया

Dehradun, Uttarakhand:एंकर आपातकाल की घटना को भाजपा हमेशा लोकतंत्र हत्या दिवस की हत्या तौर पर याद करती है। राजधानी देहरादून में लोकतंत्र हत्या दिवस के मौके पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर धामी और भाजपा के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने कहा कि लोकतंत्र हत्या दिन इतिहास में काले पन्ने पर लिखा गया है। कांग्रेस की तत्कालीन सरकार ने अपने लाभ के लिए किस तरह देश पर आपातकाल थोपा था यह सभी जानते हैं। लोकतंत्र सेनानी के रूप पर उसे वक्त जिन लोगों ने काम किया था उनको याद करने का यह दिन है लोगों पर परेशानी हुई लेकिन उन्होंने आपातकाल का विरोध किया। मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने कहा कि अब किस तरह से भाजपा सरकार काम करती है यह जनता देख रही है। आज देश तरक्की कर रहा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हर व्यक्ति विकास का भागीदार है। बाइट पुष्कर धामी मुख्यमंत्री उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रीतम सिंह ने कहा है कि आपातकाल लागू हुआ था । लेकिन वह अब इतिहास बन चुका है हर बार उसे घटना को याद करके सरकार अपनी सफलता छुपाती है आज किस तरह से ईडी , सीबीआई का दुरुपयोग केंद्र सरकार कर रही है इसका भी जवाब देना चाहिए लोकतंत्र हत्या क्या होती है यह वर्तमान की केंद्र सरकार के कार्यों से पता चलता है कि राज्यों के सरकारों को गिरा देना यह केंद्र सरकार बखूबी जानती है। बाइट पुष्कर धामी मुख्यमंत्री उत्तराखंड
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संभल के कसारवा में अवैध मस्जिद पर बुलडोजर कार्रवाई से विपक्ष की सियासत तेज

Sambhal, Uttar Pradesh:लोकेशन संभल संभल। कसेरवा में अवैध मुस्तफा कादरी मस्जिद पर बुलडोजर एक्शन के मामले में नहीं थम रही विपक्ष की सियासत.. उसी कसरेवा गांव में सरकारी जमीन पर कब्जा कर बनाई गई अवैध मुस्तफा कादरी मस्जिद पर बुलडोजर एक्शन के मामले में जांच के लिए कसेरवा गांव पहुंचा काँग्रेस पार्टी का डेलिगेशन। कांग्रेस डेलिगेशन में शामिल कांग्रेस नेता कुंवर दानिश अली ने मुस्तफा कादरी मस्जिद स्थल का निरीक्षण कर ग्रामीणों से बातचीत कर जानकारी ली। आरोप लगाते हुए कुंवर दानिश अली ने मुस्तफा कादरी मस्जिद पर बुलडोजर एक्शन के मामले में प्रशासन पर मनमानी का आरोप लगाया। आरोप लगाते हुए .. मुस्तफा कादरी मस्जिद सरकारी दस्तावेजों में बक्फ प्रॉपर्टी के तौर पर दर्ज है ... प्रशासन के अफसरों को बक्फ बोर्ड की प्रॉपर्टी के मामले की सुनवाई और कार्यवाही का कोई हक नहीं .. मस्जिद बक्फ बोर्ड की प्रोपर्टी होने के बावजूद प्रशासन ने मनमाने तरीके से मस्जिद पर बुलडोजर कार्यवाही की .. जो कि पूरी तरह गलत .. कार्यवाही के आदेश का अधिकार सिर्फ कोर्ट को है ..प्रशासन या सरकार को नहीं । प्रदेश में जितनी भी धार्मिक स्थलों पर बुलडोजर कार्यवाही की गई है .. डेलिगेशन सभी की जांच कर प्रदेश अध्यक्ष को जांच रिपोर्ट सौंपेगा । संभल सदर तहसील क्षेत्र के कसेरवा गांव ने मुस्तफा कादरी मस्जिद पर बुलडोजर कार्यवाही का मामला। बाइट ,कुंवर दानिश अली ,काग्रेस नेता बाइट .. स्थानीय महिला
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सवारी को लेकर रोडवेज बस चालकों में भिड़ंत, बीच सड़क पर मारपीट से लगा जाम

AKArif khanFollow10m ago
Khatauli, Uttar Pradesh:खतौली। नगर के पिकेट स्कूल के सामने सोमवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब सवारी बैठाने को लेकर दो रोडवेज बसों के चालकों के बीच विवाद हो गया। देखते ही देखते कहासुनी इतनी बढ़ गई कि दोनों चालक बसों को बीच सड़क पर खड़ा कर आपस में मारपीट करने लगे। दोनों बसों के सड़क पर खड़े होने से यातायात बाधित हो गया और लंबा जाम लग गया। बसों में बैठे यात्री भीषण गर्मी में परेशान होते रहे और काफी देर तक अपने गंतव्य की ओर नहीं जा सके। राहगीरों और अन्य वाहन चालकों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक मोटरसाइकिल सवार को भी दोनों बसों के बीच से बड़ी मुश्किल से निकलना पड़ा। सड़क पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और कुछ लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। घटना का वीडियो भी आसपास मौजूद लोगों ने अपने मोबाइल फोन में कैद कर लिया, जो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने परिवहन विभाग से मामले की जांच कर संबंधित चालकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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