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खतौरा में दो किन्नरों से मारपीट: कैंची से बाल काटे गए, 8 आरोपियों के खिलाफ एफआईआर

Shivpuri, Madhya Pradesh:खतौरा में दो किन्नरों से मारपीट, कैंची से बाल काट दिए गए; वीडियो वायरल, 8 आरोपियों पर एफआईआर शिवपुरी जिले के इंदार थाना क्षेत्र के खतौरा कस्बे में मंगलवार शाम दो किन्नरों के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि क्षेत्र बंटवारे के विवाद में नेहा और मुस्कान किन्नर के साथ मारपीट की गई, उनके कपड़े फाड़े गए और कैंची से बाल काट दिए गए। घटना के वीडियो भी सामने आए हैं। पुलिस ने 8 आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है。 रन्नौद निवासी नेहा किन्नर मंगलवार रात अपनी साथी मुस्कान किन्नर, बेबी किन्नर, हसीना किन्नर और चालक देवेंद्र रजक के साथ खतौरा में एक मेडिकल दुकान के पास खड़ी थी। तभी ईसागढ़ निवासी प्रिंसी किन्नर, आशी उर्फ आशू किन्नर, जोया किन्नर और तमन्ना किन्नर वहां पहुंचीं और क्षेत्र बंटवारे को लेकर विवाद करने लगीं。 आरोप है कि गाली-गलौज का विरोध करने पर चारों आरोपियों ने मुस्कान किन्नर को जमीन पर पटक दिया और उसके साथ लात-घूंसों से मारपीट की। मारपीट में उसके सिर में चोट आई और खून निकल आया। आरोपियों ने उसके सिर के बाल भी काट दिए। नेहा किन्नर जब बचाव के लिए पहुंची तो उसके साथ भी मारपीट की गई और उसके बाल काट दिए गए। घटना के बाद घायलों को उपचार के लिए बदरवास अस्पताल ले जाया गया, जहां से उन्हें मेडिकल कॉलेज शिवपुरी रेफर कर दिया गया। मुस्कान किन्नर का मेडिकल कॉलेज में उपचार जारी है।
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भोजपुर एनकाउंटर: भरत भूषण तिवारी की मौत पर सवाल उठ रहे हैं

Mumbai, Maharashtra:भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में आज सुबह हाथ में पिस्तौल लिए घूम रहे और खुल्लेआम पुलिस पर पिस्टल से फायरिंग करने वाले युवक भरत भूषण तिवारी का मामला अब उसके इलाज के दौरान मौत के मोड़ पर पहुंच गया है। पुलिस और युवक के बीच हुई मुठभेड़ में उसे तीन गोली पैर के ऊपरी हिस्से में लगी थी। गंभीर हालत में पहले आरा सदर अस्पताल लाया गया जहाँ उसकी स्थिति को देख चिकित्सकों ने उसे पटना पीएमसीएच रेफर कर दिया था, लेकिन पटना ले जाने के क्रम में रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि युवक मानसिक रूप से परेशान था। अब इस घटना को लेकर इलाके में सवाल, आरोप-प्रत्यारोप और चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। एक परिवार ने अपना बेटा खो दिया, तो दूसरी ओर पुलिस अपनी कार्रवाई को जायज बता रही है। सच क्या है, यह जांच के बाद ही साफ हो पाएगा। हालांकि इस घटना के बाद उसकी माँ ने पुलिस पर आरोप लगाया है कि आत्मसमर्पण करने के बाद पुलिस और एसटीएफ ने उनके बेटे को गोली मारी है, मृत युवक की माँ ने यह भी स्पष्ट किया है कि उसका बेटा बिल्कुल ठीक था और उसका कहीं भी इलाज नहीं चल रहा था। पिछले कुछ दिनी से वह समाज सेवा में सक्रिय था और बाढ़ के दौरान जल जमाव को लेकर लगातार आवाज उठा रहा था। उसकी माँ ने SDM जगदीशपुर पर भी आरोप लगाया है कि उनके ईशारे पर इस घटना को अंजाम दिया गया है, जबकि ग्रामीणों की माने तो फायरिंग की आवाज सभी ने सुनी थी। मृत युवक के भाई ने भी पुलिस पर आरोप लगाया है कि उसके भाई को आत्मसमर्पण के बाद पुलिस ने गोली मारी है। हालांकि इस पूरे मामले पर अभी तक पुलिस की कोई भी प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है जबकि एक प्रेस नोट जारी कर भोजपुर पुलिस ने उसकी मौत की पुष्टि की है। हालांकि युवक के एनकाउंटर पर शाहपुर विधानसभा के पूर्व विधायक राहुल तिवारी ने भी सवाल उठाया है कि अगर युवक ने आत्मसमर्पण कर दिया था हथियार डाल दिया था तो फिर एनकाउंटर करने की क्या जरूरत थी; उन्होंने कहा कि अगर लड़का मानसिक रूप से विक्षिप्त था तो फिर ऐसी परिस्थिति क्यों बनाई गई। एक सवाल है अब सिस्टम से कि आखिरकार जब युवक भरत भूषण तिवारी ने हथियार डाल दिया था तो उसका एनकाउंटर क्यों किया गया? हालांकि भोजपुर एसपी मिस्टर राज ने शाहपुर थाना प्रभारी राजेश मालाकार सहित एक SI और एक ASI सहित तीन पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। मौके पर पहुंचकर FSL की टीम भी जांच में जुट गई है।
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बिहार शराबबंदी पर राजद MLA का तीखा हमला, 70% थानों में मिलीभगत का दावा

Chapra, Bihar:ANCHOR: Removed content. राजद एमएलसी सुनील कुमार सिंह ने बिहार में शराबबंदी कानून को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि बिहार के 70 प्रतिशत थानों में पुलिसकर्मियों की मिलीभगत से शराब का कारोबार संचालित हो रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्षों में ढाई हजार करोड़ रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति अर्जित की गई है। सुनील कुमार सिंह ने आरोप लगाया कि शराबबंदी कानून भ्रष्टाचार का बड़ा माध्यम बन गया है और इसका लाभ संगठित नेटवर्क उठा रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि आगामी बिहार विधानसभा सत्र में वह कई माननीयों के शराब के नशे में सदन की कार्यवाही में शामिल होने का पर्दाफाश करेंगे। सुनील कुमार सिंह ने कहा कि बिहार में नशे की स्थिति बेहद भयावह हो चुकी है। उन्होंने कहा, आज बिहार सूखे नशे की चपेट में है और हालात उड़ता पंजाब से भी ज्यादा गंभीर हो चुके हैं। उन्होंने सरकार से शराबबंदी कानून की समीक्षा करने और इसके क्रियान्वयन में हो रहे भ्रष्टाचार पर जवाब देने की मांग की। उन्होंने कहा कि हम लोगों ने कभी भी नैतिक रूप से यह नहीं कहा कि हम शराबबंदी के विरोधी हैं, लेकिन जिस तरीके से आनन-फानन में इसे लागू किया गया, वह पूरी तरह अव्यवहारिक था। उन्होंने मुख्यमंत्री Nitish Kumar पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर आप स्मरण करें तो शराबबंदी लागू करने से पहले बिहार के लगभग प्रत्येक पंचायत में शराब की दुकानें खोल दी गई थीं। सरकार ने खुद गांव-गांव तक शराब पहुंचाने का काम किया और लोगों को इसकी लत लगाई। उसके बाद अचानक शराबबंदी लागू कर दी गई, जिसका खामियाजा आज आम जनता भुगत रही है। सुनील कुमार सिंह ने आरोप लगाया कि शराबबंदी कानून के नाम पर गरीबों और आम लोगों का उत्पीड़न हो रहा है, जबकि अवैध शराब का कारोबार लगातार जारी है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों में स्पष्टता और गंभीरता की कमी रही है, जिसका परिणाम आज बिहार की जनता देख रही है。
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खूँटी सिलादोन में चट्टान पर रह रहे रतनु मुण्डा परिवार को आवास नहीं मिला

Khunti, Jharkhand:क्षेत्र - खूँटी。 स्लग - चट्टान में बना झोपड़ी में रहने को मजबूर किसान रतनु मुण्डा का परिवार । खूँटी जिले का ऐसा मामला जो कि बिरहू पंचायत क्षेत्र के सिलादोन गाँव के रतनू मुण्डा और उसकी पत्नी व एक बेटा चट्टान में झोपड़ी बनाकर विगत 15 वर्षों से रह रहे रतनु मुण्डा को अब तक सरकार के लाभान्वित योजना के तहत आवास नहीं मिला । खूँटी के स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने केवल आश्वासन दिया लेकिन घर नहीं । पंचायत में सरकार आपके द्वार कार्यक्रम में लाभान्वित करने के नाम पर कई बार शिविर लगाया गया लेकिन रतनु की गरीबी के कारण उसे कोई महत्व नहीं दिया गया जबकि कई लोगों के घर होने के बावजूद जिले में आवास पहले सबल लोगों को मिला। जिन्होंने ने भी लिस्ट बनायी ऐसे लोगों को उपेक्षित किया गया जबकि इसे प्राथमिकता मिलनी चाहिए। लेकिन अब प्रतिदिन बारिश और वज्रपात के आगोश में रतनु का परिवार आवास नहीं होने के कारण चट्टान में ही रहकर गुजर-बसर करने को मजबूर हैं। किसी तरह किसानी मजदूरी करके जीवन यापन करनेवाला रतनु मुण्डा दुख के आंसू रोने को मजबूर है। झोपड़ी में अनाज रखने को जगह नहीं है इसलिए उपजाए गये धान को चट्टान में रखना पड़ रहा है। बरसाना नहीं होने पर पेड़ के नीचे सोते हैं। उनकी सुरक्षा में लावारिस कुत्ते सहयोग करते हैं। भयभीत वातावरण में जीवन यापन कर रहे रतनु मुण्डा के मामले पर समाचार चलने के बाद उप विकास आयुक्त प्रवीण कुमार प्रकाश ने जी मिडिया संवाददाता ब्रजेश कुमार से पूरी जानकारी ली。 उन्होंने कहा कि समाचार जी न्यूज के माध्यम से जानकारी मिला कि रतनु मुण्डा की दयनीय स्थिति है, उसके घर जाने के लिए प्रखंड विकास पदाधिकारी को बोल दे रहे हैं। जिसके बारे में पूरी जानकारी लेंगी और उसे आवास नहीं मिला है तो उसे आवास दिया जाएगा और सरकार के अन्य योजनाओं से भी जोड़ा जाएगा। रतनु मुण्डा का सिलादोन गाँव में एक छोटा सा घर था गरीबी की मार में ठीक नहीं कर पाया और वो भी धँस गया। फिर उसके माँ पिताजी इसी झोपड़ी में आकर रहने लगे । घर पूरी तरह धंस जाने के बाद रतनु और उसका परिवार भी उसमें रहने लगे। एक छोटा सा झोपड़ी केवल रात गुजारने के लिए था जो आज भी वैसे ही है। रतनु के मां पिताजी गरीबी की मार झेलते-झेलते मर गये। बिमारी से ईलाजरत एक बेटा दो वर्ष पहले देहांत कर गया। भाई के साथ दो एकड़ जमीन का हिस्सा के अलावे भाड़े पर जमीन लेकर खेती करने लगा है रतनु और उसकी पत्नी。 जो 2013 से लगातार कई प्रधानमंत्री आवास और अबुआ आवास का फार्म भरा लेकिन अबतक नहीं मिला। जबकि कई बार झारखण्ड सरकार द्वारा पंचायतों में शिविर लगाकर लाभान्वित करने की बात कही गयी। लेकिन अबतक रतनु थण्डरिंग जोन के चट्टान पर रहकर जीवन यापन कर रहा है। रतनु की पत्नी पुष्पा संगा ने बताई कि गरीबी की मजबूरी के कारण एक चदरा और प्लास्टिक तानकर झोपड़ी में रहते हैं। घर के बाहर चुल्हा है जहाँ खाना बनाते हैं। धान रखने तक का जगह नहीं है इसलिए चट्टान के उपर ही प्लास्टिक ढंककर धान रखते हैं। घर में दो चार बकरियाँ हैं और मुर्ग़ी पाले है। पशुपालन कि पैसा मिलने की बात कही गयी लेकिन वो भी नहीं मिला। प्रधानमंत्री आवास और अबुआ आवास के लिए 2013 ई से फार्म भरते आ रहे हैं। लेकिन अबतक आश्वासन ही मिला आवास का कहीं कोई ठिकाना नहीं । इसलिए जैसे तैसे रहना पड़ रहा है। रतनु मुण्डा ने बताया कि माँ पिताजी भी इसी घर में देहांत कर गये। एक जवान बेटा बिमारी से देहांत कर गया। 2010 ई. से इसी चट्टान पर झोपड़ी बनाकर रहते हैं और अपना जमीन के अलावे पाँच हजार रुपए में सलाना भाड़ा देकर उसके जमीन में खेती करते हैं तो कुछ बहुत फसल हो जाता है। आवास मिल जाता तो अच्छा होता।
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नैनीताल-कालाढूंगी मार्ग पर भयावह हादसा, टेंपो ट्रैवलर खाई में गिरा—2 की मौत, 25 घायल

Noida, Uttar Pradesh:नैनीताल से लौट रहे पर्यटकों पर टूटा कहर, टेंपो ट्रैवलर खाई में गिरा, 2 की मौत, 25 घायल विजय कश्यप कालाढूंगी उत्तराखंड के नैनीताल से एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है,नैनीताल-कालाढूंगी मोटर मार्ग पर मेरठ के पर्यटकों से भरा एक टेंपो ट्रैवलर अचानक अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरा, इस भीषण हादसे में दो महिलाओं की मौत हो गई, जबकि 25 लोग घायल हो गए,घायलों में महिलाएं और मासूम बच्चे भी शामिल हैं,हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, एसडीआरएफ और प्रशासन की टीमों ने मौके पर पहुंच कर रेस्क्यू अभियान चलाया और सभी घायलों को hospital पहुंचाया. नैनीताल घूमकर वापस मेरठ लौट रहे पर्यटकों का सफर उस समय मातम में बदल गया, जब उनका टेंपो ट्रैवलर कालाढूंगी-नैनीताल मार्ग पर अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरा,वाहन में कुल 29 लोग सवार थे. हादसा इतना भयावह था कि दो महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई है, जबकि 25 लोग घायल हो गए। कई घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है,सूचना मिलते ही पुलिस, एसडीआरएफ, स्थानीय प्रशासन और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंचे,खाई में गिरे वाहन तक पहुंचने के लिए रेस्क्यू टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ी. बचाव दल ने एक-एक कर सभी घायलों को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया,प्रशासन ने अस्पतालों में अतिरिक्त मेडिकल स्टाफ की तैनाती कर दी है, वहीं गंभीर घायलों के बेहतर उपचार के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं. सीओ अमित कुमार ने बताया कि हादसे में दो पर्यटकों की मौत हो चुकी है, जबकि अन्य घायलों को अस्पताल भेज दिया गया है मामले की जांच की जा रही है। फिलहाल दुर्घटना के कारणों की जांच जारी है, प्रारंभिक तौर पर चालक द्वारा वाहन से नियंत्रण खोने या ब्रेक फेल होने की आशंका जताई जा रही है,पुलिस हादसे के सभी पहलुओं की जांच कर रही है。 हादसे में दो पर्यटकों की मौत हुई है, सभी घायलों का रेस्क्यू कर अस्पताल पहुंचाया गया है,दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। फिलहाल इस दर्दनाक हादसे के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर है और घायलों के बेहतर इलाज की व्यवस्था की जा रही है। वहीं मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए हल्द्वानी भेज दिया गया है। पुलिस हादसे के कारणों का पता लगाने में जुटी हुई है。 Byte.- प्रत्यक्षदर्शी
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तेज रफ्तार बस ने साइकिल सवार युवक को कुचला, मौके पर मौत

Begusarai, Bihar:एंकर बेगूसराय में तेज रफ्तार सवारी बस ने साइकिल पर सवार होकर ससुराल जा रहे एक युवक को कुचल दिया। जिससे युवक की घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस मौत के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। बताया जा रहा है कि तेज रफ्तार सवारी बस ने युवक को कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही जान चली गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने बस को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। घटना गढ़पुरा प्रखंड के हसनपुर रोड की बताई जा रही है। मृतक युवक की पहचान बखरी प्रखंड निवासी मोहम्मद लालसर के रूप में हुई है। इस घटना के संबंध में परिजनों ने बताया कि मोहम्मद लालसर साइकिल पर सवार होकर अपने ससुराल जा रहे थे। इसी दौरान हसनपुर रोड पर एक सवारी बस ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी और कुचल दिया। हादसा इतना भीषण था कि युवक की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों की भीड़ घटनास्थल पर जुट गई। लोगों ने इसकी जानकारी पुलिस को दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने दुर्घटना में शामिल बस को अपने कब्जे में ले लिया है और चालक समेत अन्य लोगों से पूछताछ कर रही है। वहीं युवक की मौत से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। फिलहाल पुलिस हादसे के सभी पहलुओं की जांच कर रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है。
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बृजभूषण शरण सिंह ने अयोध्या-गोंडा बैरियर पर फिर उठाए सवाल

Gonda, Uttar Pradesh:गोंडा जिले के कैसरगंज लोकसभा सीट से पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने एक बार फिर से गोंडा से लेकर अयोध्या तक लगे बैरियर को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए बड़ा बयान दिया है और इसे बीते चुनाव में पार्टी को सबसे बड़ा नुकसान भी बताया है खुद के राम मंदिर दर्शन करने जाने को लेकर भी बड़ा बयान दिया है। बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि विनय कटियार आज यह जो सवाल उठा रहे हैं यह 100% सवाल सही है। मंदिर बनने के बाद अगर किसी को सजा मिली तो देवीपाटन मंडल के लोगों को मिली बस्ती के लोगों को मिली फैज़ाबाद, बाराबंकी के लोगों को मिली है। लेकिन आज इतने बैरियर लगा दिए गए इतना सजा आम आदमियों ने भोग की आम आदमी अयोध्या से कट गया। इसका परिणाम भी पार्टी ने भोगा है। आप देखिए अयोध्या, अम्बेडकर नगर, बस्ती, बाराबंकी हार गए तो यह आम लोगों को जो अयोध्या से काट दिया गया मेरा सवाल है रास्ते क्यों बंद किए गए थे। यह जो रास्ते अब आवाज उठाने पर खोले गए हैं यह 6-7 साल से क्यों बंद थे ₹200 दे दीजिए तो तुरंत बैरियर हट जाएगा इसका खामियाजा पार्टी ने भोगा है। मैं तो अभी तक अयोध्या राम मंदिर दर्शन करने के लिए ही नहीं गया अब जब विनय कटिहार दर्शन करने के लिए जाते हैं तो उनसे तो पास मांगा जाता है। हमको तो दर्शन करने जाने ही नहीं देंगे सब लठ्ठ बजा देंगे हमसे तो सब बहुत नाराज रहते हैं।
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चतरा के ग्रामीण DMF से बन रहे स्कूल भवन में अनियमितता पर भड़के

Ansar Nagar, Jharkhand:चतरा : जिले के प्रतापपुर प्रखंड में से बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ का एक गंभीर मामला उजागर हुआ है। गजवा पंचायत के जम्बूआ प्राथमिक मध्य विद्यालय में डीएमएफ मद से 51 लाख रुपये की लागत से बन रहे दो मंजिला भवन निर्माण में भारी अनियमितता बरती जा रही है। इस भ्रष्टाचार के खिलाफ स्थानीय ग्रामीण और स्कूल के शिक्षकों का गुस्सा फूट पड़ा है। इस स्कूल में 106 बच्चे नामांकित हैं, जो अब तक पेड़ की छांव में खुले आसमान के नीचे पढ़ने को मजबूर थे। जब डीएमएफ मद के 51 लाख के टेंडर से भवन का निर्माण शुरू हुआ, तो ठेकेदार की मनमानी सामने आ गई। स्कूल के सहायक शिक्षक सिकंदर यादव और ग्रामीण रोहन यादव ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बिल्डिंग में बेहद कमजोर 'बांग्ला भट्ठा' की ईंटों और 'नॉट फॉर सेल' वाले घटिया सीमेंट का इस्तेमाल किया जा रहा है। निर्माण के बाद दीवारों पर पानी का छिड़काव (पटवन) भी नहीं किया जा रहा, जिससे बुनियादी ढांचा कमजोर हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह सिर्फ एक इमारत नहीं, बल्कि बच्चों के सपनों का मंदिर है। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस मामले पर क्या कदम उठाता है।
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महागामा पार्क के पास हाई टेंशन तार से हादसा; बच्चों के झुलसने के बाद मौत

Godda, Jharkhand:विगत दिनों महागामा नगर पंचायत क्षेत्र अंतर्गत बसुवा चौक में अटल नवनीकरण योजना के तहत 55 लाख रुपए की लागत से एक पार्क का निर्माण कराया जा रहा था, जहां पिछले 1 साल से अधूरी निर्माण के बाद कार्य रुका हुआ था, लेकिन पार्क का ढांचा तैयार हो जाने के बाद आसपास के सैकड़ो बच्चों की भीड़ वहां लगनी शुरू हो गई, जिसके बाद पार्क में सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त न होने पर आसपास के लोगों ने पार्क की सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग की थी. बावजूद इसके बिजली विभाग और नगर पंचायत विभाग द्वारा इस पर ध्यान ना दिया गया । बीते 11 जून को पार्क के अंदर मौजूद 11 000 वोल्ट के हाई टेंशन बिजली तार से सटकर दो मासूम बच्चे बुरी तरह झुलस गए, जिसमें 17 जून को एक बच्चे 8 वर्षीय प्रिंस कुमार पिता गुंजन ठाकुर की मौत हो गई, वहीं दूसरे बच्चे की स्थिति गंभीर है और रांची की रिम्स में इलाजरत है, लेकिन प्रिंस की मौत के बाद स्थानीय युवाओं का आक्रोश उसे वक्त तुल पकड़ने लगा जब हादसे के सात दिन बाद भी ना तो बिजली विभाग ने उसे हाइ टेंशन तार को हटाया जो की पार्क के सतह से लगभग 6 फीट की दूरी पर था, और ना ही इस अधूरे पार्क को बच्चों के लिए बंद किया गया, जिसके बाद अब युवाओं के द्वारा park में बिजली विभाग, नगर पंचायत और संवेदक द्वारा बरती गई अनियमितता पर कानूनी कार्रवाई और बिजली विभाग की हाई टेंशन तार को हटाना और मृतक बच्चे के परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग को लेकर बड़ी संख्या में प्रखंड कार्यालय महागामा की सद्भावना स्थल पर आमरण अनशन पर बैठ गए है..! इसमें बाइट :- दिवाकर तिवारी (स्थानीय युवा) और बाइट :- ऋतिक जयसवाल (स्थानीय)
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GI टैग से पत्थरकट्टी कला को वैश्विक ब्रांड मिली, गया के कलाकारों में उत्साह

Gaya, Bihar:पत्थरकट्टी कला को मिला जीआई टैग, कारीगरों के चेहरे पर खुशी और भविष्य को लेकर नई उम्मीद। गया के पत्थरकट्टी स्टोन क्राफ्ट को जीआई टैग मिला है. जीआई टैग मिलने पर पत्थरकट्टी गांव में काफी हर्ष का माहौल है. जीआई टैग मिलने से अब पत्थरकट्टी के पत्थर शिल्प कला का अपना एक ब्रांड होगा. नाबार्ड और बिहार सरकार के प्रयास से गया के पत्थरकट्टी को जीआई टैग मिला है. जीआई टैग मिलने से अब इसका वैश्विक बाजार में अपना एक ब्रांड होगा, साथ ही नई प्रतिष्ठा प्राप्त होगी. असल में, पत्थरकट्टी कला एक प्राचीन और विशिष्ट हस्तकला है, जो मुख्य रूप से गया से जुड़ी है. इसमें कलाकार छेनी और हथौड़ी से काले ग्रेनाइट (पत्थर) को तराशते हैं.पत्थर शिल्प कला करीब 300 वर्ष पुरानी है. अपने उत्कृष्टता के लिए पत्थरकट्टी गाँव की पत्थर शिल्प कला काफी प्रसिद्ध है. इसके तहत यहां के कारीगर काले ग्रेनाइट पत्थरों से भगवान बुद्ध, भगवान महावीर, देवी-देवताओं और हिंदू देवी-देवताओं के साथ-सा दैनिक उपयोग और सजावट के सामान भी तराशे जाते हैं. काले पत्थर से बनी मूर्तियां इतनी मजबूत होती हैं कि वह लंबे समय तक धूप, बारिश या घर्षण को सहन कर सकती हैं. विश्व प्रसिद्ध विष्णुपद मंदिर के पुनर्निर्माण में पत्थरकट्टी के ही कलाकार शामिल थे. पत्थरकट्टी के ही ब्लैक स्टोन से विष्णुपद मंदिर बना है. पत्थरकट्टी के कलाकारों का इतिहास 300 सालों से भी अधिक पुराना है. इंदौर की महारानी अहिल्याबाई होल्कर ने सन 1720 ईस्वी में राजस्थान से गौड़ परिवार को लाकर पत्थरकट्टी में बसाया था. पत्थरकट्टी का ही पत्थर चयनित कर उससे विष्णुपद मंदिर का निर्माण कार्य हुआ था. 1787 ईस्वी में विष्णुपद मंदिर का पुनर्निर्माण हुआ था. गौड़ परिवार की पीढ़ी ज्यादातर पत्थरकट्टी में निवास करती है. हालांकि धीरे-धीरे यह गौड़ परिवार अन्य कई गांव में भी निवास करते हैं, जिसमें बनवारीगंज, नेयामतपुर, जयराम बीघा, खुखड़ी आदि गांव शामिल हैं. वहीं, कुछ गौड़ परिवार गया शहर के विष्णु पद क्षेत्र में भी निवास करते हैं. बरहाल जीआई टैग मिलने से नकली उत्पादों पर रोक लगेगी और पत्थरकट्टी कला की मौलिकता सुरक्षित रहेगी। साथ ही, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में इसकी ब्रांड वैल्यू भी मजबूत होगी। जीआई टैग मिलने के बाद पत्थरकट्टी के शिल्पकारों को उम्मीद है कि उनकी मेहनत और हुनर को अब वैश्विक मंच पर नई पहचान मिलेगी। यह उपलब्धि न सिर्फ गया जिले बल्कि पूरे बिहार की सांस्कृतिक विरासत के लिए गौरव का विषय है।
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