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हिमाचल में बाढ़ का अलर्ट: शिमला, सोलन और सिरमौर में 17 घंटे में मध्यम खतरा

Shimla, Himachal Pradesh:हिमाचल प्रदेश सरकार ने शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों के कुछ क्षेत्रों के लिए फ्लैश फ्लड (अचानक बाढ़) का अलर्ट जारी किया है। यह अलर्ट सोमवार 27 जुलाई को शाम 4:15 बजे से प्रभावी हो गया है और 28 जुलाई सुबह नौ बजे तक रहेगा。 सरकार की ओर से जारी चेतावनी के अनुसार, अगले 17 घंटों के दौरान इन जिलों के कुछ इलाकों में अचानक बाढ़ आने की मध्यम (Medium Intensity) संभावना है। लोगों से नदी-नालों और खड्डों के आसपास जाने से बचने, अनावश्यक यात्रा न करने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है。 प्रदेश में पहले से ही भारी बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने भी कई जिलों में भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। ऐसे में संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है。
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डिप्टी कमिश्नर के दफ्तर के बाहर घेराव, बीईओ टीचर्स का प्रदर्शन जारी

Noida, Uttar Pradesh:ਮਲੇਰਕੋਟਲਾ ਦੇ ਡਿਪਟੀ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਸਿਆਮ ਕਰਨ ਤਿੜਕੇ ਜਿਨਾਂ ਤੋਂ ਬੀਐਲਓਜ ਜੋ ਐਸਆਈ ਆਰ ਮੁਹਿੰਮ ਨੂੰ ਪੂਰਾ ਕਰਨ ਵਿੱਚ ਲੱਗੇ ਹੋਏ ਹਨ ਉਹਨਾਂ ਵੱਲੋਂ ਦਫਤਰ ਦੇ ਬਾਹਰ ਧਰਨਾ ਲਗਾ ਕੇ ਉਹਨਾਂ ਦਾ ਘਿਰਾਵ ਕੀਤਾ ਗਿਆ। ਇਸ ਮੌਕੇ ਇਹਨਾਂ ਟੀਚਰਾਂ ਨੇ ਮੀਡੀਆ ਨੂੰ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਕੁਝ ਦਿਨ ਪਹਿਲਾਂ ਇੱਕ ਬੀਐਲਓ ਨੂੰ ਡੀਸੀ ਵੱਲੋਂ ਆਪਣੇ ਦਫਤਰ ਵਿੱਚ ਬੁਲਾਇਆ ਗਿਆ ਅਤੇ ਵਿਭਾਗੀ ਕੰਮ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਕੁਝ ਅਪਸ਼ਬਦ ਬੋਲੇ ਗਏ ਜਿਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਇੱਕ ਟੀਚਰ ਵੱਲੋਂ ਆਪਣੀ ਵੀਡੀਓ ਬਣਾ ਕੇ ਸੋਸ਼ਲ ਮੀਡੀਆ ਤੇ ਵਾਇਰਲ ਵੀ ਕੀਤੀ ਗਈ ਸੀ ਜਿਸ ਵਿੱਚ ਉਹਨਾਂ ਆਪਦੀ ਬੇਇਜ਼ਤੀ ਨਾ ਸਹਾਰਦੇ ਹੋਏ ਜੀਵਨ ਲੀਲਾ ਖਤਮ ਕਰਨ ਦੀ ਗੱਲ ਆਖੀ ਗਈ ਸੀ ਪਰ ਸਾਥੀ ਟੀਚਰਾਂ ਵੱਲੋਂ ਉਸ ਨੂੰ ਸਮਝਾ ਬੁਝਾ ਕੇ ਅਜਿਹਾ ਕਰਨ ਤੋਂ ਰੋਕਿਆ ਗਿਆ ਅਤੇ ਡਿਪਟੀ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਕੋਲੋਂ ਸਪਸ਼ਟੀਕਰਨ ਲਿਆ ਗਿਆ ਪਰ ਦੱਸ ਦਈਏ ਕਿ ਡਿਪਟੀ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਵੱਲੋਂ ਕੁਝ ਵੀ ਕਹਿਣ ਤੋਂ ਇਨਕਾਰ ਕਰ ਦਿੱਤਾ ਜਿਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਅੱਜ ਇਹਨਾਂ ਬੀਐਲਓ ਟੀਚਰਾਂ ਵੱਲੋਂ ਇਕੱਠੇ ਹੋ ਕੇ ਡਿਪਟੀ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਨੂੰ ਉਹਨਾਂ ਦੇ ਦਫਤਰ ਵਿੱਚ ਬਿਠਾ ਕੇ ਉਹਨਾਂ ਨੂੰ ਘੇਰਾ ਪਾ ਲਿਆ ਗਿਆ ਅਤੇ ਦਫਤਰ ਤੋਂ ਬਾਹਰ ਨਾ ਨਿਕਲਣ ਦਿੱਤਾ ਉਧਰ ਇਸ ਘਟਨਾ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਵੱਡੀ ਗਿਣਤੀ ਦੇ ਵਿੱਚ ਪੁਲਿਸ ਮੁਲਾਜ਼ਮ ਵੀ ਸੁਰੱਖਿਆ ਦੇ ਲਿਹਾਜੇ ਦੇ ਨਾਲ ਤੈਨਾਤ ਕਰ ਦਿੱਤੇ। ਇਸ ਮੌਕੇ ਇਹਨਾਂ ਟੀਚਰਸ ਯੂਨੀਅਨ ਬੀਐਲਓ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਜਦੋਂ ਤੱਕ ਇਸ ਮਾਮਲੇ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਡਿਪਟੀ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਖੁਦ ਉਹਨਾਂ ਕੋਲ ਆ ਕੇ ਸਪashਟੀਕਰਨ ਨਹੀਂ ਦਿੰਦੇ ਜਾਂ ਮੁਆਫੀ ਨਹੀਂ ਮੰਗਦੇ ਤਾਂ ਉਹ ਇਹ ਧਰਨਾ ਨਹੀਂ ਚੁੱਕਣਗੇ ਅਤੇ ਇਸੇ ਤਰ੍ਹਾਂ ਘਿਰਾਵ ਕਰਦੇ ਰਹਿਣਗੇ ਨਾਲ ਹੀ ਉਹਨਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਟੀਚਰ ਬਿਲਕੁਲ ਵੀ ਕਿਸੇ ਦੇ ਦਬਾਅ ਹੇਠ ਆ ਕੇ ਕੰਮ ਨਹੀਂ ਕਰਨਗੇ ਅਤੇ ਨਾ ਹੀ ਉਹਨਾਂ ਨੂੰ ਕੋਈ ਉੱਚ ਅਧਿਕਾਰੀ ਅਜਿਹੇ ਦੱਬ ਕੇ ਮਾਰੇਗਾ ਇਸ ਮੌਕੇ ਡਿਪਟੀ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਨਾਲ ਜਦੋਂ ਮੀਡੀਆ ਨੇ ਉਹਨਾਂ ਦਾ.pakh ਫੇਸ ਨੂੰ ਪੱਖ ਜਾਨਣ ਲਈ ਮਿਲਣਾ ਚਾਹਿਆ ਤਾਂ ਉਹਨਾਂ ਮੀਡੀਆ ਨਾਲ ਗੱਲਬਾਤ ਕਰਨ ਤੋਂ ਵੀ ਇਨਕਾਰ ਕਰ ਦਿੱਤਾ ਫਿਲਹਾਲ ਹਾਲੇ ਤੱਕ ਡਿਪਟੀ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਦਾ ਘਿਰਾਓ ਜਾਰੀ ਹੈ ਇਹ ਦੇਖਣਾ ਹੋਏਗਾ ਇਹ ਕਦੋਂ ਤੱਕ ਇਸੇ ਤਰ੍ਹਾਂ ਰਹਿੰਦਾ ਹੈ ।
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गैंगस्टर जॉबनजीत बिल्ला को अदालत ने 8 दिन की रिमांड पर भेजा

Baba Bakala, Punjab:Baba Bakala Sahib ਗੈਂਗਸਟਰ ਜੋਬਨਜੀਤ ਬਿੱਲਾ ਨਾਲ ਅਦਾਲਤ ਵਿੱਚ ਲੈਅ ਕੇ ਪੁੱਜੀ ਪੁਲਿਸ ਮਾਨਯੋਗ ਅਦਾਲਤ ਨੇ ਗੈਂਗਸਟਰ ਜੋਬਨਜੀਤ ਬਿੱਲੇ ਦਾ ਅੱਠ ਦਿਨ ਦਾ ਦਿੱਤਾ ਰਿਮਾਂਡ ਮਾਨਯੋਗ ਅਦਾਲਤ ਬਾਬਾ ਬਕਾਲਾ ਸਾਹਿਬ ਵਿਖੇ ਕੀਤਾ ਪੇਸ਼ ਵੱਖ ਵੱਖ ਮੁਕਦਮਿਆਂ ਦੇ ਵਿੱਚ ਲੋੜੀਂਦੇ ਗੈਂਗਸਟਰ ਜੋਬਨਜੀਤ ਬਿੱਲਾ ਨੂੰ AGTF ਨੇ ਇੰਡੋਨੇਸ਼ੀਆ ਤੋਂ ਲਿਆਂਦਾ ਭਾਰਤ ਗੈਂਗਸਟਰਾ+ਤਾਂ ਤੇ ਵਾਰ, ਮੁਹਿੰਮ ਦੌਰਾਨ ਅੰਤਰਰਾਸ਼ਟਰੀ ਸੰਗਠਿਤ ਅਪਰਾਧ ਵਿਰੁੱਧ ਪੁਲਿਸ ਨੂੰ ਮਿਲੀ ਵੱਡੀ ਸਫਲਤਾ ਮੁਲਜ਼ਮ ਜੋਬਨਜੀਤ ਬਿੱਲਾ ਦੇ ਖਿਲਾਫ ਚਾਰ ਕਤਲਾਂ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਵੱਖ ਵੱਖ ਮਾਮਲੇ ਦਰਜ ਪੁਲਿਸ ਵੱਲੋਂ ਰੈਡ ਕਾਰਨਰ ਨੋਟਿਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਪੰਜ ਇੰਟਰਪੋਲ ਰੈਫਰਸ ਵੀ ਕੀਤੇ ਗਏ ਸਨ ਜਾਰੀ ਆਪ੍ਰੇਸ਼ਨ ਨੋਮੈਡ ਹੰਟ ਦੇ ਤਹਿਤ ਪੁਲਿਸ ਵੱਲੋਂ ਕੀਤੀ ਗਈ ਵੱਡੀ ਕਾਰਵਾਈ ਮੁਲਜ਼ਮ ਨੂੰ ਅਦਾਲਤ ਵਿੱਚ ਪੇਸ਼ ਕਰਕੇ ਪੁਲਿਸ ਵੱਲੋਂ ਅੱਠ ਦਿਨਾਂ ਰਿਮਾਂਡ ਹਾਸਲ ਕੀਤਾ
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जगरों में डॉक्टर के क्लिनिक पर लूट: पांच गिरफ्तार, तीन युवक व दो महिलाएं

Jagraon, Punjab:ਬੀਤੇ ਦਿਨੀਂ ਜਗਰਾਓਂ ਦੇ ਇਕ ਡਾਕਟਰ ਦੇ ਕਲੀਨਿਕ ਤੇ ਲੁੱਟ ਦੀ ਵਾਰਦਾਤ ਕਰਨ ਵਾਲੇ ਅੱਧੀ ਦਰਜਨ ਵਿਅਕਤੀਆਂ ਵਿੱਚੋ ਤਿੰਨ ਨੌਜ਼ਵਾਨਾਂ ਤੇ ਦੋ ਔਰਤਾਂ (ਮਾਂ ਧੀ) ਨੂੰ ਕਾਬੂ ਕਰਕੇ ਇਸ ਲੁੱਟ ਦੀ ਵਾਰਦਾਤ ਨੂੰ ਸੁਲਝਾ ਲਿਆ ਹੈ। ਇਸ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਾਕਰੀ ਦਿੰਦੇ ਹੋਏ ਜਗਰਾਓਂ ਦੇ ਐਸਐਸਪੀ ਡਾਕਟਰ ਅੰਕੁਰ ਗੁਪਤਾ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਇਸ ਲੁੱਟ ਦੀ ਵਾਰਦਾਤ ਦੇ ਪਿੱਛੇ ਕਲੀਨਿਕ ਦੇ ਡਾਕਟਰ ਦੀ ਪਹਿਲੀ ਨੂਹ ਜਿਸਦਾ ਡਾਕਟਰ ਦੇ ਬੇਟੇ ਨਾਲ ਤਲਾਕ ਹੋ ਚੁੱਕਿਆ ਹੈ, ਉਸ ਦੇ ਇਸ਼ਾਰੇ ਤੇ ਇਹ ਸਾਰੀ ਲੁੱਟ ਕੀਤੀ ਗਈ ਸੀ ਅਤੇ ਇਸ ਲੁੱਟ ਦੇ ਵਿਚ ਵਰਤੀ ਗਈ ਜੀਪ ਤੇ ਮੋਟਰਸਾਈਕਲ ਪੁਲਿਸ ਨੇ ਬਰਾਮਦ ਕਰ ਲਿਆ ਹੈ ਤੇ ਜਲਦੀ ਹੀ ਇਸੇ ਮਾਮਲੇ ਵਿੱਚ ਨਾਮਜ਼ਦ ਚਾਰ ਹੋਰ ਨੌਜ਼ਵਾਨਾਂ ਨੂੰ ਵੀ ਕਾਬੂ ਕਰ ਲਿਆ ਜਾਵੇਗਾ。
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हिमाचल में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, 108 सड़के बंद, 38 पेयजल योजनाएं बाधित

Shimla, Himachal Pradesh:हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश का असर आम जनजीवन पर साफ दिखाई दे रहा है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) की सोमवार शाम 6 बजे जारी रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में 108 सड़कें बंद हैं, जबकि 9 बिजली ट्रांसफार्मर (डीटीआर) प्रभावित हैं। इसके अलावा 38 पेयजल योजनाएं भी बाधित हो गई हैं, जिससे कई क्षेत्रों में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार सोमवार सुबह तक 123 सड़कें बंद थीं। वहीं, प्रभावित डीटीआर की संख्या 31 से घटकर 9 रह गई, जबकि बाधित पेयजल योजनाओं की संख्या बढ़कर 38 पहुंच गई। एक दिन पहले यानी 26 जुलाई को 106 सड़कें, 45 डीटीआर और 18 पेयजल योजनाएं प्रभावित थीं। इस बीच मौसम विभाग ने मंडी, शिमला और सोलन जिलों में येलो अलर्ट, जबकि बिलासपुर और सिरमौर जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार प्रदेश में 31 जुलाई तक मौसम खराब बना रहेगा और कई स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग व जिला प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है। लगातार बारिश के चलते लोक निर्माण, बिजली और जल शक्ति विभाग प्रभावित सेवाओं को जल्द बहाल करने में जुटे हुए हैं।
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शिमला नगर निगम में सफाई कर्मचारियों के हितों को लेकर आयोग ने स्पष्टीकरण मांगा

Shimla, Himachal Pradesh:हिमाचल प्रदेश राज्य सफाई कर्मचारी आयोग ने सफाई कर्मचारियों से हड़ताल पर न जाने का एफिडेविट लेने के मामले को गंभीरता से लेते हुए नगर निगम शिमला से विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा है। आयोग ने नगर निगम, प्रशासन और सफाई कर्मचारियों के बीच हुई बैठक की कार्यवाही की रिपोर्ट भी तलब की है। आयोग के अध्यक्ष कुलदीप कुमार धीमान ने कहा कि पूरे मामले की रिपोर्ट मिलने के बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी。 राज्य सफाई कर्मचारी आयोग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कुलदीप कुमार धीमान ने कहा कि सफाई कर्मचारियों की जो मांगें आयोग के स्तर पर सुलझाई जा सकती हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाएगा, जबकि सरकार से जुड़ी मांगों को सरकार के समक्ष उठाया जाएगा। उन्होंने बताया कि आयोग अब तक प्रदेश के 9 जिलों में अनुसूचित जाति और सफाई कर्मचारियों के हितों से जुड़े मुद्दों पर समीक्षा बैठकें कर चुका है। उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि कामगार योजना के तहत आवास निर्माण के लिए ₹3 लाख की सहायता दी जाती है और पात्र लोग सभी औपचारिकताएं पूरी कर आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने नगर निगम से शिमला को मॉडल सिटी बनाने की दिशा में काम करने का आग्रह करते हुए कहा कि सफाई कर्मियों को सिर पर कूड़ा उठाने की स्थिति खत्म होनी चाहिए और सफाई व्यवस्था में ऑटोमेशन बढ़ाया जाए ताकि हाथों से कूड़ा उठाने का काम कम से कम हो। उन्होंने कहा कि सफाई कार्य को पेशेवर तरीके से संचालित करना जरूरी है। कुलदीप कुमार धीमान ने कहा कि आयोग ने नगर निगम को सफाई व्यवस्था का नियमित औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं, क्योंकि निरीक्षण नियमित नहीं होने से कार्य की गुणवत्ता प्रभावित होती है। आयोग की प्राथमिकता अधिक से अधिक लोगों को सुरक्षित रोजगार उपलब्ध कराना और सफाई कर्मचारियों का शोषण रोकना है। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों को निर्धारित सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए। साथ ही युवाओं को नशे से बचाने के लिए उन्हें रोजगार से जोड़ने पर भी जोर दिया। आयोग के सदस्य डॉ. विजय डोगरा ने कहा कि आयोग सफाई कर्मचारियों के हितों और अधिकारों की सुरक्षा के लिए लगातार काम कर रहा है तथा सफाई कार्य में लगी एनजीओ और कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है। आयोग के सदस्य दिग्विजय मल्होत्रा ने कहा कि वाल्मीकि समुदाय के लोगों को जाति प्रमाण पत्र और बोनाफाइड प्रमाण पत्र बनवाने में दिक्कतें आ रही हैं। इन समस्याओं को मुख्यमंत्री के समक्ष उठाया जाएगा। उन्होंने सफाई कर्मचारियों को उपलब्ध कराई जा रही यूनिफॉर्म, गम बूट्स और रेनकोट की गुणवत्ता की भी जांच की। नगर निगम आयुक्त सचिन कंवल ने बताया कि महर्षि वाल्मीकि कामगार योजना के तहत अभी तक नगर निगम को कोई आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। योजना के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष शिविर लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में 3457 ग्लव्स, 3428 मास्क, 1118 रेनकोट और 62 गम बूट्स सफाई कर्मचारियों को वितरित किए गए हैं। नगर निगम में 483 स्वीकृत पदों के मुकाबले 150 नियमित कर्मचारी कार्यरत हैं, जबकि सेहब सोसायटी के तहत 931 कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि हाल ही में करुणामूलक आधार पर 7 कर्मचारियों को नगर निगम में नियुक्ति दी गई है। बैठक में जिले की सभी शहरी निकायों, आईजीएमसी, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, एपीजे विश्वविद्यालय और सीएमओ कार्यालय के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया तथा अपने-अपने संस्थानों में कार्यरत सफाई कर्मचारियों की जानकारी आयोग के समक्ष प्रस्तुत की।
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हौशियारपुर में सड़क धंसने से दहशत, नगर निगम और ठेकेदारों पर सवाल

Hoshiarpur, Punjab:हुषियारपुर शहर के बल कृष्ण रोड से एक हैरान कर देने वाली तस्वीर सामने आई है। यहां आज दोपहर बिना किसी भूचाल के अचानक सड़क ज़मीन के नीचे धंस गई। खुशनसीबी रही कि इस घटना में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ, पर स्थानीय लोगों ने नगर निगम और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। VO1:- तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि बल कृष्ण रोड पर सड़क करीब 8 से 10 फीट नीचे धंस गई है। सड़क के नीचे बड़ा खखलापन नजर आ रहा है, जिसके कारण इलाके में दहशत का माहौल बन गया। BYTE: स्थानीय लोग VO2:- स्थानीय लोगों का कहना है कि परमात्मा की कृपा से एक बड़ा हादसा होने से बच गया, क्योंकि सिर्फ दो से तीन मिनट पहले ही उसी रास्ते से एक स्कूल बस गुजर गई थी। उन्होंने नगर निगम और ठेकेदारों की कार्य-क्षमता की जांच करके जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
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सुक्खू ने राहत पैकेज बढ़ाकर बोह हादसे पीड़ितों को बड़ी राहत दी

mathura, Dharamshala, Himachal Pradesh:बोह हादसे के प्रभावितों से मिले मुख्यमंत्री सुक्खू, राहत पैकेज बढ़ाया, बीजेपी पर साधा निशाना धर्मशाला : बोह हादसे से प्रभावित परिवारों से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने धर्मशाला में पत्रकारों से बातचीत करते हुए प्रदेश सरकार की ओर से राहत पैकेज में बढ़ोतरी की घोषणा की। उन्होंने कहा कि अब पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त मकान के निर्माण के लिए 7 लाख रूपये की बजाय 7.5 लाख रूपये दिए जाएंगे। इसके अलावा घर के बर्तन, पलंग और बच्चों की किताबें खरीदने के लिए 1 रूपये लाख अतिरिक्त सहायता प्रदान की जाएगी। इस प्रकार प्रभावित परिवारों को कुल 8.5 लाख रूपये की सहायता मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी जानकारी के अनुसार यह देश का सबसे बड़ा राहत पैकेज है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023-24 में प्रदेश में लगभग 23 हजार मकान पूर्ण या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए थे। महंगाई को देखते हुए राहत राशि में 50 हजार रूपये की बढ़ोतरी की गई है। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों की गाय की मृत्यु हुई है उन्हें 55 हजार, जबकि भेड़-बकरी की मृत्यु पर 15 हजार रूपये की सहायता दी जाएगी। आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त दुकानों के लिए 1 लाख रूपये तथा बह चुकी दो कनाल कृषि भूमि पर 10 हजार रूपये की राहत राशि देने का भी निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार हर आपदा प्रभावित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है और राहत कार्यों के लिए धन की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। जेपी नड्डा के पेपर लीक संबंधी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके कार्यकाल में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2017 से 2022 के दौरान भाजपा सरकार के समय पुलिस भर्ती और कर्मचारी चयन आयोग में पेपर लीक के मामले सामने आए थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बनने के कुछ ही महीनों बाद सूचना मिलते ही उन्होंने तत्कालीन कर्मचारी चयन आयोग को भंग कर दिया और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा नेतृत्व को गलत जानकारी दी गई है। उन्होंने दावा किया कि यदि उनके कार्यकाल में किसी भी भर्ती परीक्षा में पेपर लीक की घटना होती तो दोषियों को तुरंत जेल भेजा जाता। शिक्षा व्यवस्था पर पूछे गए सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा क्षेत्र में व्यापक सुधार किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पेपर लीक के खिलाफ संघर्ष करने वाले युवाओं के साथ कांग्रेस ने भी आवाज उठाई थी। उन्होंने यह भी घोषणा की कि प्रदेश सरकार जल्द ही भाजपा सरकार के कार्यकाल में हुए कथित भ्रष्टाचार और पेपर लीक मामलों पर एक श्वेत पत्र लाएगी। इसके लिए कैबिनेट में प्रस्ताव लाकर एक समिति का गठन किया जाएगा, जो पिछले कार्यकाल के मामलों की रिपोर्ट जनता के सामने रखेगी। भाजपा द्वारा कांग्रेस सरकार के खिलाफ प्रस्तावित प्रदर्शन पर मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष पहले अपने सभी गुटों को एकजुट करे। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की जनता और देवी-देवताओं का आशीर्वाद उनकी सरकार के साथ है और सरकार अपना कार्यकाल पूरा करेगी। विधायकों के दल-बदल को लेकर पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग राजनीतिक सौदेबाजी करना चाहते हैं, वे जा सकते हैं। कांग्रेस "बिकी हुई राजनीति" में विश्वास नहीं करती। उन्होंने यह भी दावा किया कि भाजपा के कुछ लोग कांग्रेस के संपर्क में हैं, लेकिन कांग्रेस भ्रष्टाचार से जुड़े लोगों को शामिल नहीं करेगी。
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भाजपा हिमाचल: राजीव बिंदल ने प्रकोष्ठों के नए संयोजक नियुक्त किए

Shimla, Himachal Pradesh:भारतीय जनता पार्टी हिमाचल प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने संगठन को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने की दिशा में विभिन्न प्रकोष्ठों के प्रदेश संयोजकों एवं सह-संयोजकों की नियुक्तियों की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि पार्टी के विभिन्न प्रकोष्ठ समाज के अलग-अलग वर्गों के साथ संवाद स्थापित करने, उनकी समस्याओं को संगठन एवं सरकार तक पहुंचाने तथा भाजपा की नीतियों और विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सभी नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू होंगी। डॉ. बिंदल ने पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ का प्रदेश संयोजक लेफ्टिनेंट कमांडर अभिषेक पटियाल को नियुक्त किया है। वहीं ब्रिगेडियर आर.के. शर्मा, कर्नल एम.एस. कटोच, कमांडर विजय जम्वाल, सूबेदार कमलेश कुमार, सूबेदार भगत सिंह वहलवाल तथा सूबेदार विजय भट्ट को सह-संयोजक बनाया गया है। खेल प्रकोष्ठ का प्रदेश संयोजक कुलदीप राणा को नियुक्त किया गया है, जबकि मोहित सूद, आशीष ठाकुर, राकेश चौहान एवं डिंपल को सह-संयोजक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। देव समाज प्रकोष्ठ का संयोजक प्रेम पंडित को बनाया गया है। इसके साथ अभिषेक पाठा, बलदेव रांटा, महंत बालयोगी स्वतंत्र महाराज, जयगोपाल, इंद्रपुर जमदग्नि ऋषि, सुशील कालिया तथा आशुतोष शर्मा को सह-संयोजक नियुक्त किया गया है। फार्मासिस्ट प्रकोष्ठ का प्रदेश संयोजक बस्ती राम शर्मा तथा सह-संयोजक राकेश चंदेल को नियुक्त किया गया है। वहीं बुनकर प्रकोष्ठ का संयोजक शिवचरण चौहान और सह-संयोजक लता कटोच को बनाया गया है। इसी प्रकार परिवहन प्रकोष्ठ का प्रदेश संयोजक मनोज राणा को नियुक्त किया गया है, जबकि पंकज अग्रवाल, जितेन्द्र कुमार, राजा ठाकुर तथा संतोष शुक्ला को सह-संयोजक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे संगठन की विचारधारा, नीतियों एवं कार्यक्रमों को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने के साथ-साथ पार्टी संगठन को बूथ स्तर तक और अधिक मजबूत करने में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा का संगठन ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है और प्रत्येक प्रकोष्ठ समाज के विविध वर्गों के बीच पार्टी के जनाधार को मजबूत करने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि सभी पदाधिकारी पूरी निष्ठा, समर्पण और संगठनात्मक भावना के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे तथा पार्टी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में योगदान देंगे।
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बरनाला लाठीचार्ज: NHRC ने DGP और चीफ सेक्रेटरी को नोटिस, 9 बिंदुओं की रिपोर्ट मांगी

Amritsar, Punjab:ਬਰਨਾਲਾ ਲਾਠੀਚਾਰਜ ਮਾਮਲੇ 'ਚ DGP ਤੇ ਚੀਫ ਸੈਕਟਰੀ ਨੂੰ ਨੋਟਿਸ, 9 ਬਿੰਦੂਆਂ 'ਤੇ ਮੰਗੀ ਰਿਪੋਰਟ ਮਕਬੂਲਪੁਰਾ ਦੀਆਂ ਨਸ਼ਾ ਪੀੜਤ ਵਿਧਵਾਵਾਂ ਤੱਕ ਨਹੀਂ ਪਹੁੰਚ ਰਹੀਆਂ ਸਰਕਾਰੀ ਸਕੀਮਾਂ: ਪ੍ਰਿਯੰਕ ਕਾਨੂੰਨਗੋ POCSO ਮਾਮਲਿਆਂ ਦੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਬਾਲ ਕਲਿਆਣ ਕਮੇਟੀ ਤੱਕ ਨਾ ਪਹੁੰਚਣਾ ਗੰਭੀਰ ਚਿੰਤਾ ਦਾ ਵਿਸ਼ਾ: NHRC ਮੈਂਬਰ ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ 'ਚ ਪਾਣੀ ਸਪਲਾਈ ਤੇ ਕੂੜਾ ਪ੍ਰਬੰਧਨ ਦੇ ਮੁੱਦਿਆਂ 'ਤੇ NHRC ਨੇ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨ ਤੋਂ ਮੰਗਿਆ ਜਵਾਬ ਰਾਸ਼ਟਰੀ ਮਨੁੱਖੀ ਅਧਿਕਾਰ ਕਮਿਸ਼ਨ (ਐਨ.ਐਨਰ.ਸੀ.), ਨਵੀਂ ਦਿੱਲੀ ਦੇ ਮਾਣਯੋਗ ਮੈਂਬਰ ਸ਼੍ਰੀ ਪ੍ਰਿਯੰਕ ਕਾਨੂੰਨਗੋ ਨੇ ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ ਦੌਰੇ ਦੌਰਾਨ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨ ਦੇ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਅਧਿਕਾਰੀਆਂ ਨਾਲ ਮਨੁੱਖੀ ਅਧਿਕਾਰਾਂ ਨਾਲ ਸਬੰਧਤ ਮੁੱਦਿਆਂ 'ਤੇ ਸਮੀਖਿਆ ਬੈਠਕ ਕੀਤੀ। ਬੈਠਕ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਪੱਤਰਕਾਰਾਂ ਨਾਲ ਗੱਲਬਾਤ ਕਰਦਿਆਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ ਵਿੱਚ ਕਈ ਮਹੱਤਵਪੂਰਨ ਮੁੱਦਿਆਂ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਵਿਭਾਗਾਂ ਨਾਲ ਵਿਸਥਾਰਪੂਰਵਕ ਚਰਚਾ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ。 ਪ੍ਰਿਯੰਕ ਕਾਨੂੰਨਗੋ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਅੱਜ ਸਵੇਰੇ ਉਹ ਮਕਬੂਲਪੁਰਾ ਇਲਾਕੇ ਵਿੱਚ ਉਨ੍ਹਾਂ ਔਰਤਾਂ ਨੂੰ ਮਿਲੇ, ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਨਸ਼ੇ ਦੀ ਲਤ ਕਾਰਨ ਆਪਣੇ ਪਤੀ ਜਾਂ ਬੱਚਿਆਂ ਨੂੰ ਗੁਆ ਦਿੱਤਾ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਹ ਪਰਿਵਾਰ ਅੱਜ ਵੀ ਬੇਹੱਦ ਮੁਸ਼ਕਲ ਹਾਲਾਤਾਂ ਵਿੱਚ ਜੀਵਨ ਬਿਤਾ ਰਹੇ ਹਨ ਅਤੇ ਚਿੰਤਾ ਦੀ ਗੱਲ ਇਹ ਹੈ ਕਿ ਸਰਕਾਰ ਦੀਆਂ ਭਲਾਈ ਸਕੀਮਾਂ ਅਜੇ ਤੱਕ ਇਨ੍ਹਾਂ ਪਰਿਵਾਰਾਂ ਤੱਕ ਨਹੀਂ ਪਹੁੰਚੀਆਂ। ਕਈ ਪਰਿਵਾਰਾਂ ਨੂੰ ਤਾਂ ਇਹ ਵੀ ਪਤਾ ਨਹੀਂ ਕਿ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਅਨਾਥ ਬੱਚੇ ਕੇਂਦਰ ਅਤੇ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਦੀਆਂ ਕਿਹੜੀਆਂ-ਕਿਹੜੀਆਂ ਯੋਜਨਾਵਾਂ ਦੇ ਹੱਕਦਾਰ ਹਨ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸਰਕਾਰ ਨੂੰ ਅਜਿਹੇ ਪਰਿਵਾਰਾਂ ਦਾ ਡਾਟਾਬੇਸ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਤੁਰੰਤ ਸਰਕਾਰੀ ਸਕੀਮਾਂ ਨਾਲ ਜੋੜਨਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ。 ਪ੍ਰਿਯੰਕ ਕਾਨੂੰਨਗੋ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਬੈਠਕ ਦੌਰਾਨ ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ ਦੇ ਨਗਰ ਪਾਲਿਕਾ ਖੇਤਰ ਦੇ ਵਾਰਡ ਨੰਬਰ 1 ਅਤੇ 2 ਵਿੱਚ ਪੀਣ ਵਾਲੇ ਪਾਣੀ ਦੀ ਸਪਲਾਈ ਬੰਦ ਹੋਣ ਦਾ ਮੁੱਦਾ ਵੀ ਉਠਾਇਆ ਗਿਆ ਹੈ। ਇਸ ਦੇ ਨਾਲ ਹੀ ਇਹ ਗੰਭੀਰ ਗੱਲ ਸਾਹਮਣੇ ਆਈ ਹੈ ਕਿ ਪੋਕਸੋ (POCSO) ਨਾਲ ਜੁੜੇ ਮਾਮਲਿਆਂ ਦੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਬਾਲ ਕਲਿਆਣ ਕਮੇਟੀ ਤੱਕ ਨਹੀਂ ਪਹੁੰਚ ਰਹੀ, ਜਿਸ ਕਾਰਨ ਪੀੜਤ ਬੱਚਿਆਂ ਦੇ ਮੁੜ-ਵਸੇਬੇ ਦੀ ਪ੍ਰਕਿਰਿਆ ਪ੍ਰਭਾਵਿਤ ਹੋ ਰਹੀ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਨਗਰ ਨਿਗਮ ਦੀ ਕਾਰਗੁਜ਼ਾਰੀ 'ਤੇ ਵੀ ਸਵਾਲ ਚੁੱਕਦਿਆਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਬੈਠਕ ਵਿੱਚ ਸਮਰੱਥ ਅਧਿਕਾਰੀਆਂ ਦੀ ਗੈਰ-ਹਾਜ਼ਰੀ ਲਾਪਰਵਾਹੀ ਨੂੰ ਦਰਸਾਉਂਦੀ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਬੈਠਕ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਉਹ ਡੰਪਿੰਗ ਸਾਈਟ ਦਾ ਦੌਰਾ ਕਰਨਗੇ ਤਾਂ ਜੋ ਕੂੜਾ ਪ੍ਰਬੰਧਨ ਵਿੱਚ ਲੱਗੇ ਮਜ਼ਦੂਰਾਂ ਦੇ ਮਨੁੱਖੀ ਅਧਿਕਾਰਾਂ ਅਤੇ ਪ੍ਰਦੂਸ਼ਣ ਕਾਰਨ ਆਮ ਲੋਕਾਂ 'ਤੇ ਪੈਣ ਵਾਲੇ ਪ੍ਰਭਾਵ ਦਾ ਜਾਇਜ਼ਾ ਲਿਆ ਜਾ ਸਕੇ। ਬਰਨਾਲਾ ਵਿੱਚ ਸਫਾਈ ਕਰਮਚਾਰੀ ਔਰਤਾਂ 'ਤੇ ਹੋਏ ਲਾਠੀਚਾਰਜ ਬਾਰੇ ਗੱਲ ਕਰਦਿਆਂ ਐਨ.ਐਨ.ਐਰ.ਸੀ. ਮੈਂਬਰ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਕਮਿਸ਼ਨ ਨੇ ਇਸ ਮਾਮਲੇ ਦਾ ਗੰਭੀਰ ਨੋਟਿਸ ਲੈਂਦਿਆਂ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਡੀਜੀਪੀ ਅਤੇ ਚੀਫ਼ ਸੈਕਟਰੀ ਨੂੰ ਨੋਟਿਸ ਜਾਰੀ ਕਰਕੇ 9 ਬਿੰਦੂਆਂ 'ਤੇ ਵਿਸਥਾਰਤ ਰਿਪੋਰਟ ਮੰਗੀ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਜੇ ਲੋੜ ਪਈ ਤਾਂ ਉਹ ਖੁਦ ਵੀ ਬਰਨਾਲਾ ਦਾ ਦੌਰਾ ਕਰਕੇ ਸਥਿਤੀ ਦਾ ਜਾਇਜ਼ਾ ਲੈਣਗੇ। ਬਾਈਟ : ਪ੍ਰਿਯੰਕ ਕਾਨੂੰਨਗੋ, ਮੈਂਬਰ, ਰਾਸ਼ਟਰੀ ਮਨੁੱਖੀ ਅਧਿਕਾਰ ਕਮਿਸ਼ਨ (NHRC)
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कसोल रेव पार्टी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने जिला प्रशासन को राहत दी

Shimla, Himachal Pradesh:ज़िला कुल्लू के कसोल में हुई रेव पार्टी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने जिला प्रशासन को बड़ी राहत दी है। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें कुल्लू के डीसी अनुुराग चंद्र शर्मा, एसपी और एसडीएम के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि, हाई कोर्ट के एक सप्ताह के भीतर अधिकारियों का तबादला करने के आदेश पर फिलहाल कोई रोक नहीं लगाई गई है। मामले की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि अधिकारियों के तबादले के आदेश में दखल देने का कोई आधार नहीं है, लेकिन याचिकाकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश पर रोक लगाई जाती है। इससे फिलहाल अधिकारियों को एफआईआर के मामले में राहत मिल गई है। हिमाचल सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता माधवी दीवान ने अदालत में कहा कि डीसी और एसपी को अपना पक्ष रखने का पूरा मौका नहीं दिया गया। उन्होंने बताया कि प्रशासन ने पहले ही जरूरी एहतियाती कदम उठाए थे और जिस जगह कार्यक्रम हुआ, वहां से कोई मादक पदार्थ बरामद नहीं हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि किसी डीसी के लिए हर जगह खुद मौजूद रहना संभव नहीं होता। इस पर सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा कि जिन लोगों के खिलाफ पहले से आपराधिक मामले दर्ज थे, उन्हें कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति दी गई थी। इसलिए तबादले के आदेश में हस्तक्षेप का कोई कारण नहीं बनता। अधिकारियों की ओर से यह भी कहा गया कि डीसी अनुुराग चंद्र शर्मा एक प्रतिष्ठित अधिकारी हैं। इस पर न्यायमूर्ति बागची ने कहा कि चूंकि एफआईआर दर्ज करने के निर्देश पर रोक लगा दी गई है, इसलिए उनकी प्रतिष्ठा पर कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ेगा। गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने कसोल में 7 जून से चार दिन तक चली कथित रेव पार्टी को लेकर जिला प्रशासन को कानून-व्यवस्था बनाए रखने में विफल माना था। पार्टी में ड्रग्स के इस्तेमाल की सूचना मिलने के बाद हाई कोर्ट ने डीसी, एसपी और एसडीएम के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और उनके तबादले के निर्देश दिए थे। मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा था कि प्रशासन की मौन सहमति के बिना ऐसे आयोजन संभव नहीं हो सकते।
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