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दिल्ली-चंडीगढ़-शिमला के सरकारी अतिथि गृहों के कमरे किराया 3,000 रुपये, ऑनलाइन बुकिंग शुरू

Shimla, Himachal Pradesh:हिमाचल प्रदेश सरकार ने आम लोगों को राहत देते हुए दिल्ली, चंडीगढ़ और शिमला स्थित सरकारी अतिथि गृहों के 24 कमरों का किराया घटा दिया है। अब इन कमरों की ऑनलाइन बुकिंग 4,000 रुपये के बजाय 3,000 रुपये प्रति कमरा प्रतिदिन की दर से होगी। किराए में सभी कर शामिल होंगे। इन कमरों की बुकिंग हिम अतिथि पोर्टल के माध्यम से की जा सकेगी। सरकार ने बीते 18 अप्रैल की अधिसूचना में हिमाचल भवन व हिमाचल सदन नई दिल्ली, हिमाचल भवन चंडीगढ़ और וिली पार्क सर्किट हाउस शिमला के 24 कमरों को आम जनता के लिए ऑनलाइन बुकिंग के लिए अधिसूचित किया था। हालांकि, तकनीकी प्रावधान नहीं होने के कारण यह व्यवस्था लागू नहीं हो पाई थी। अब पोर्टल में जरूरी तकनीकी बदलाव के बाद इसे लागू करने का निर्णय लिया गया है। इन 24 कमरों में हिमाचल भवन नई दिल्ली के सात, हिमाचल सदन नई दिल्ली के चार, हिमाचल भवन चंडीगढ़ के छह और विली पार्क सर्किट हाउस शिमला के सात कमरे शामिल हैं। आम लोग ठहरने की तारीख से अधिकतम तीन दिन पहले हिम अतिथि पोर्टल पर कमरा बुक कर सकेंगे। बुकिंग की पुष्टि 3,000 रुपये का अग्रिम शुल्क जमा होने के बाद ही होगी। भुगतान नेट बैंकिंग, क्यूआर कोड, यूपीआई, डेबिट कार्ड या क्रेडिट कार्ड के माध्यम से किया जा सकेगा। चेक-इन समय से 24 घंटे पहले बुकिंग रद्द करने पर 10 प्रतिशत शुल्क काटकर शेष राशि वापस की जाएगी। वहीं, चेक-इन से 24 घंटे के भीतर बुकिंग रद्द करने पर पूरी राशि काट ली जाएगी। यदि बुकिंग सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से रद्द की जाती है तो पूरी राशि वापस की जाएगी। इन 24 कमरों के अलावा संबंधित भवनों और सर्किट हाउस के शेष कमरों के किराए में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इन कमरों का किराया 1,200 रुपये प्रति कमरा प्रतिदिन रहेगा। उपलब्ध 24 कमरों में से करीब 40 प्रतिशत कमरों की बुकिंग प्रत्येक कार्यदिवस दोपहर 12 बजे और शेष करीब 60 प्रतिशत कमरों की बुकिंग शाम पांच बजे सुनिश्चित की जाएगी。
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चंडीगढ़ सेक्टर-34 में मनजीत कौर हत्या, रिंकू की भूमिका सामने

Chandigarh, Chandigarh:पंजाबी इन्फ्लुएंसर मनजीत कौर की हत्या मामले में पुलिस जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। पहले हत्या की जगह मोरिंडा बताई जा रही थी, लेकिन आरोपी की गिरफ्तारी के बाद सामने आया कि वारदात चंडीगढ़ के सेक्टर-34 में हुई थी। पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी रिंकू का मनजीत कौर से विवाद चल रहा था और हत्या से पहले दोनों के बीच बहस व मारपीट हुई थी। गिरफ्तार आरोपी पिंडा ने पूछताछ में रिंकू का साथ देने की बात कबूली है। सूत्रों के अनुसार, रिंकू और मनजीत रिश्ते में थे, हालांकि पुलिस ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। पुलिस के मुताबिक, मनजीत करीब तीन महीने की गर्भवती थी। बच्चे के पिता और अन्य विवादों की पुष्टि डीएनए जांच के बाद होगी。
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बापू तरसेਮ सिंह ने पंजाब सरकार पर तीखे आरोप, मंत्रियों के घर घेराव की धमकी

Amritsar, Punjab:ਅਟਾਰੀ ਤੋਂ ਵਾਰਿਸ ਪੰਜਾਬ ਨੂੰ ਮਿਲਿਆ ਵੱਡਾ ਬਲਜੁਲਮ ਦੇ ਖਿਲਾਫ ਸਾਨੂੰ ਲੜਨ ਦੀ ਲੋੜ ਹੈ - ਬਾਪੂ ਤਰਸੇਮ ਸਿੰਘ ਸਾਰੀਆਂ ਧਿਰਾਂ ਪੰਜਾਬ ਨੂੰ ਖਤਮ ਕਰਨ ਤੇ ਲੱਗੀਆਂ ਹਨ ਦੇਸ਼ਾਂ ਵਿਦੇਸ਼ਾਂ ਚੋਂ ਪੰਜਾਬੀਆਂ ਨੂੰ ਮੈਂ ਅਪੀਲ ਆਓ ਇਕੱਠੇ ਹੋ ਕੇ ਪੰਜਾਬ ਨੂੰ ਬਚਾਈਏ ਗਲਤ ਨੀਤੀਆਂ ਕਰਕੇ ਅਕਾਲੀ ਦਲ ਖਤਮ ਹੋ ਚੁੱਕਾ ਹੈ ਪੰਜਾਬ ਦਾ ਬਹੁਤ ਵੱਡਾ ਅਕਾਲੀ ਦਲ ਨੇ ਨੁਕਸਾਨ ਕੀਤਾ ਇਨ੍ਹਾਂ ਸ੍ਰੀ ਅਕਾਲ ਤਖਤ साहਿਬ ਨਾਲ ਮੱਥਾ ਲਾਇਆ SGPC ਚ ਵੀ ਬਹੁਤ ਘਪਲੇ ਹੋਏ ਹਨ ਗੁਲਜ਼ਾਰ ਸਿੰਘ ਦੀ ਮੌਤ ਲਈ CM ਭਗਵੰਤ ਮਾਨ ਤੇ ਹਰਪਾਲ ਚੀਮਾ ਜ਼ਿੰਮੇਵਾਰ—ਬਾਪੂ ਤਰਸੇਮ ਸਿੰਘ ਦੋਵਾਂ ਤੋਂ ਅਸਤੀਫ਼ੇ ਦੀ ਮੰਗ, ਆਉਣ ਵਾਲੇ ਦਿਨਾਂ 'ਚ ਮੰਤਰੀਆਂ ਦੇ ਘਰਾਂ ਦੇ ਘਿਰਾਓ ਦਾ ਐਲਾਨ ਪੰਜਾਬ 'ਚ ਨਸ਼ਾ ਖ਼ਤਮ ਕਰਨ ਦੇ ਸਰਕਾਰੀ ਦਾਅਵਿਆਂ 'ਤੇ ਵੀ ਚੁੱਕੇ ਸਵਾਲ ਅਕਾਲੀ ਦਲ ਵਾਰਿਸ ਪੰਜਾਬ ਵਾਰਿਸ ਪੰਜਾਬ ਵੱਲੋਂ ਅੱਜ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਪ੍ਰੈੱਸ ਕਾਨਫਰੰਸ ਦੌਰਾਨ ਬਾਪੂ ਤਰਸੇਮ ਸਿੰਘ ਨੇ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ 'ਤੇ ਤਿੱਖੇ ਹਮਲੇ ਕੀਤੇ ਹਨ。 ਮੀਡੀਆ ਨਾਲ ਗੱਲਬਾਤ ਕਰਦਿਆਂ ਬਾਪੂ ਤਰਸੇਮ ਸਿੰਘ ਨੇ ਗੁਲਜ਼ਾਰ ਸਿੰਘ ਦੀ ਮੌਤ ਲਈ ਸਿੱਧੇ ਤੌਰ 'ਤੇ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਅਤੇ ਵਿੱਤ ਮੰਤਰੀ ਹਰਪਾਲ ਸਿੰਘ ਚੀਮਾ ਨੂੰ ਜ਼ਿੰਮੇਵਾਰ ਠਹਿਰਾਇਆ。 ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਭਗਵੰਤ ਮਾਨ ਅਤੇ ਹਰਪਾਲ ਚੀਮਾ ਨੂੰ ਆਪਣੇ ਅਹੁਦਿਆਂ ਤੋਂ ਅਸਤੀਫ਼ਾ ਦੇ ਦੇਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ। ਇਸ ਦੇ ਨਾਲ ਹੀ ਉਨ੍ਹਾਂ ਐਲਾਨ ਕੀਤਾ ਕਿ ਆਉਣ ਵਾਲੇ ਸਮੇਂ ਵਿੱਚ ਮੰਤਰੀਆਂ ਦੇ ਘਰਾਂ ਦਾ ਘਿਰਾਓ ਵੀ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇਗਾ。 ਬਾਪੂ ਤਰਸੇਮ ਸਿੰਘ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸਰਕਾਰ ਦੇ ਸੀਨੀਅਰ ਮੰਤਰੀ ਹਰਪਾਲ ਸਿੰਘ ਚੀਮਾ ਵੱਲੋਂ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚੋਂ ਨਸ਼ਾ ਖ਼ਤਮ ਕਰਨ ਦੇ ਦਾਅਵੇ ਕੀਤੇ ਜਾ ਰਹੇ ਸਨ, ਪਰ ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਪਰਿਵਾਰਾਂ ਨੇ ਨਸ਼ੇ ਕਾਰਨ ਆਪਣੇ ਬੱਚੇ ਗੁਆਏ ਹਨ, ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀਆਂ ਗੱਲਾਂ ਨੂੰ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਗੰਭੀਰਤਾ ਨਾਲ ਨਹੀਂ ਸੁਣਿਆ ਗਿਆ。 ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੋਸ਼ ਲਗਾਇਆ ਕਿ ਆਪਣਾ ਦੁੱਖ ਸਰਕਾਰ ਤੱਕ ਪਹੁੰਚਾਉਣ ਵਾਲੇ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਕਥਿਤ ਤੌਰ 'ਤੇ ਜ਼ਲੀਲ ਕੀਤਾ ਗਿਆ, ਜਿਸ ਕਾਰਨ ਹਾਲਾਤ ਗੰਭੀਰ ਹੋਏ。 ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਜਿਸ ਵਿਅਕਤੀ ਦੀ ਮੌਤ ਹੋਈ ਹੈ, ਉਸ ਮਾਮਲੇ ਵਿੱਚ ਜ਼ਿੰਮੇਵਾਰੀ ਤੈਅ ਕਰਕੇ ਕਾਰਵਾਈ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ。 ਇਸ ਦੇ ਨਾਲ ਹੀ ਉਨ੍ਹਾਂ ਪੰਜਾਬ ਪੁਲਿਸ ਨੂੰ ਵੀ ਅਪੀਲ ਕੀਤੀ ਕਿ ਪੁਲਿਸ ਮੁਲਾਜ਼ਮ ਕਾਨੂੰਨ ਦੇ ਦਾਇਰੇ ਵਿੱਚ ਰਹਿ ਕੇ ਆਪਣੀ ਡਿਊਟੀ ਨਿਭਾਉਣ ਅਤੇ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਇਨਸਾਫ਼ ਦੇਣ。 ਬਾਪੂ ਤਰਸੇਮ ਸਿੰਘ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਅਕਾਲੀ ਦਲ ਵਾਰਿਸ ਪੰਜਾਬ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਲੋਕਾਂ ਅਤੇ ਪ੍ਰਭਾਵਿਤ ਪਰਿਵਾਰਾਂ ਦੇ ਨਾਲ ਖੜ੍ਹ੍ਹਾ ਹੈ ਅਤੇ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਕਥਿਤ ਗੁੰਡਾਗਰਦੀ ਨੂੰ ਖ਼ਤਮ ਕਰਨ ਦੀ ਮੰਗ ਕਰਦਾ ਰਹੇਗਾ。 ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਹਾ ਕਿ ਆਉਣ ਵਾਲੇ ਸਮੇਂ ਵਿੱਚ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਮੁੱਦਿਆਂ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਹੋਰ ਵੱਡੇ ਪ੍ਰੋਗਰਾਮ ਕੀਤੇ ਜਾਣਗੇ ਅਤੇ ਸਰਕਾਰ ਤੋਂ ਜਵਾਬ ਮੰਗਿਆ ਜਾਵੇਗਾ。
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बिलासपुर में खाद्य पदार्थों की अधिकतम खुदरा कीमतें घोषित; मनमाने दाम रोकने के निर्देश

Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर जिला में आवश्यक उपभोक्ता वस्तुओं तथा ढाबों और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों में परोसे जाने वाले खाद्य पदार्थों की अधिकतम खुदरा कीमतें तत्काल प्रभाव से निर्धारित कर दी गई हैं। यह अधिसूचना हिमाचल प्रदेश जमाखोरी एवं मुनाफाखोरी निवारण आदेश, 1977 के क्लॉज 3(1)(E) के तहत पूर्व जारी सभी अधिसूचनाओं का स्थान लेगी। इसके अनुसार बकरा/भेड़ का मांस 550 रुपये, सूअर का मांस 300 रुपये, ड्रेस्ड चिकन व ब्रॉयलर ड्रेस्ड 250 रुपये, बिना तली मछली 230 रुपये, तली हुई मछली 450 रुपये तथा जीवित चिकन 200 रुपये प्रति किलोग्राम निर्धारित की गई है। फिर ढाबों और खाद्य प्रतिष्ठानों में तंदूरी चपाती 10 रुपये, तवा चपाती 7 रुपये, स्टफ्ड परांठा 30 रुपये तथा पूर्ण भोजन और बिलासपुरी धाम 100 रुपये प्रति थाली की अधिकतम कीमत तय की गई है। चावल की पूरी प्लेट 50 रुपये, तली हुई दाल 60 रुपये, मीट कड़ी 130 रुपये, चिकन कड़ी 110 रुपये, स्पेशल सब्जी 80 रुपये, मटर/पालक पनीर 100 रुपये, दो भटूरे के साथ सब्जी/चना एवं दही 60 रुपये तथा रायता 50 रुपये प्रति डिश की अधिकतम दर निर्धारित की गई है। पैकेटबंद दूध और शीतल पेय को मुद्रित एमआरपी पर बेचने के निर्देश दिए गए हैं। खुले पनीर की अधिकतम कीमत 350 रुपये और खुले दही की 80 रुपये प्रति किलोग्राम तय की गई है। जिला दण्डाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि मीट और चिकन कड़ी की प्रत्येक प्लेट में 200 ग्राम शुद्ध मांस, कम से कम पांच टुकड़े और 100 ग्राम ग्रेवी होना अनिवार्य है। साथ ही मटर पनीर और पालक पनीर जैसी डिश में कम से कम 100 ग्राम पनीर होना चाहिए। सभी दुकानदारों, होटल और ढाबा संचालकों को निर्धारित रेट लिस्ट प्रतिष्ठान के प्रवेश द्वार पर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने तथा ग्राहक की मांग पर नकद रसीद या बिल उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन के इस फैसले से खाद्य पदार्थों की मनमानी कीमत वसूली पर रोक लगाने में मदद मिलने की उम्मीद है। कोई भी दुकानदार, ढाबा व होटल संचालक निर्देशों की अवहेलना करते हुए ग्राहकों से मनमाना रेट वसूलता है तो ग्राहक की शिकायत के आधार पर कड़ी कार्यवाही अमल में लायी जाएगी।
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पठानकोट के रोमांच को अमेरिका में सम्मान, पेटा ने स्मृति पत्ता समर्पित किया

Noida, Uttar Pradesh:पठानकोट के रोमांच का अमेरिका में सम्मान:PETA के ट्री ऑफ लाइफ में पहले भारतीय के तौर पर नाम दर्ज; खत्म होगी घोड़ा-बग्गी प्रथा घोड़ा-बग्गी दुर्घटना में जान गंवाने वाले पठानकोट के रोमांच महाजन को अमेरिका में मरणोपरांत बड़ा सम्मान मिला है। PETA ने अपने मुख्यालय स्थित 'ट्री ऑफ लाइफ' मेमोरियल में रोमांच की स्मृति में एक विशेष पत्ती समर्पित करने का फैसला किया है।दुनिया की सबसे बड़ी पशु अधिकार संस्था पेटा (पीपुल फॉर द एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स) द्वारा यह विशेष सम्मान पाने वाले रोमांच पहले भारतीय हैं। इस सम्मान के साथ-साथ इसी साल न्यूयॉर्क सिटी काउंसिल रोमांच लॉ नाम के विधेयक पर मुहर लगाने जा रही है। इसका उद्देश्य सेंट्रल पार्क में घोड़ा-बग्गी उद्योग पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाना है।कई दशकों से घोड़ा-बग्गी बंद करने की मांग पूरी होते देख
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हिमाचल में बारिश का असर घटा, 70 सड़कें बंद, 285 मौतें, भारी नुकसान

Shimla, Himachal Pradesh:हिमाचल प्रदेश में बारिश का असर अब कुछ हद तक कम होता हुआ नजर आ रहा है। हालांकि प्रदेश में अभी भी करीब 70 सड़कें बंद हैं। इसके अलावा 19 बिजली योजनाएं और 2 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हैं। बारिश से सबसे ज्यादा प्रभावित मंडी जिला है, जहां 37 सड़कें अभी भी बंद पड़ी हैं। हिमाचल प्रदेश में 30 जून से अब तक बारिश और प्राकृतिक आपदाओं के साथ-साथ सड़क दुर्घटनाओं में 285 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें 114 मौतें प्राकृतिक आपदाओं में, जबकि 171 लोगों की जान सड़क दुर्घटनाओं में गई है। बारिश और इससे जुड़ी घटनाओं से हिमाचल प्रदेश सरकार को अब तक 1 हजार 550 करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान हुआ है। इसमें भूस्खलन, बाढ़, भारी बारिश और सड़क दुर्घटनाओं से हुआ नुकसान शामिल है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुमान के मुताबिक, 25 सितंबर के बाद प्रदेश से मानसून की विदाई संभावित है। हालांकि तब तक लोगों को बारिश के कारण होने वाली परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
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हाईकोर्ट: जन्मतिथि सुधार के नियम-समय सीमा के बाद आवेदन स्वीकार नहीं

Shimla, Himachal Pradesh:हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने सरकारी कर्मचारियों की सेवा पुस्तिका में दर्ज जन्मतिथि में बदलाव को लेकर एक निर्णायक फैसला सुनाया है। कोर्ट ने साफ किया है कि सेवा नियमों में जन्मतिथि में सुधार के लिए जो समय-सीमा तय की गई है, उसके खत्म होने के बाद जन्मतिथि बदलने की मांग स्वीकार नहीं की जा सकती। न्यायमूर्ति राकेश कैंथला की एकल पीठ ने अपीलीय अदालत के फैसले के खिलाफ राज्य सरकार की ओर से दायर नियमित द्वितीय अपील को मंजूर करते हुए ये फैसला सुनाया। उच्च न्यायालय ने अतिरिक्त जिला न्यायाधीश, ऊना के उस फैसले को रद्द कर दिया, जिसमें एक टीजीटी शिक्षक की जन्मतिथि बदलने का आदेश दिया गया था। हाईकोर्ट ने सिविल जज जूनियर डिविजन, ऊना के उस फैसले को बहाल कर दिया, जिसमें शिक्षक का दावा खारिज किया गया था। कोर्ट ने कहा कि वित्तीय और सेवा नियमों में तय समय-सीमा का पालन जरूरी है और केवल समानता, सहानुभूति या न्यायसंगत आधार बताकर इसमें छूट नहीं दी जा सकती। मामले में उच्च अदालत ने हिमाचल प्रदेश वित्तीय नियम, 1971 के नियम 7.1 के नोट d1 का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकारी कर्मचारी को सरकारी सेवा में शामिल होने के दो साल के भीतर अपनी जन्मतिथि में सुधार के लिए आवेदन करना होता है। इस अवधि के बाद सेवा रिकॉर्ड में दर्ज जन्मतिथि को अंतिम माना जाएगा। कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि जन्मतिथि में बदलाव के लिए समय-सीमा तय करने का उद्देश्य सेवा मामलों में अनिश्चितता खत्म करना और कर्मचारियों की वरिष्ठता व पदोन्नति पर पड़ने वाले असर को रोकना है। हाईकोर्ट ने माना कि प्रथम अपीलीय अदालत ने इस नियम की सही व्याख्या नहीं की। कोर्ट ने यह भी कहा कि मैट्रिक प्रमाणपत्र में दर्ज जन्मतिथि को चुनौती देने की तीन साल की कानूनी समय-सीमा भी काफी पहले खत्म हो चुकी थी। ऐसे में वर्ष 2004 में दायर किया गया सिविल मुकदमा अत्यधिक देरी से दायर किया गया था और इस आधार पर भी राहत नहीं दी जा सकती। मामला टीजीटी नॉन-मेडिकल शिक्षक सुरेश कुमार से जुड़ा है। उन्होंने मार्च 1985 में हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड से मैट्रिक की परीक्षा पास की थी। उनके मैट्रिक प्रमाणपत्र में जन्मतिथि 30 अगस्त 1968 दर्ज थी। इसके बाद 9 फरवरी 2001 को वह सरकारी सेवा में टीजीटी नॉन-मेडिकल के पद पर नियुक्त हुए और उनकी सेवा पुस्तिका में भी यही जन्मतिथि दर्ज की गई। सुरेश कुमार का दावा था कि उन्होंने अपनी कुंडली एक ज्योतिषी को दिखाई, जिसने उनकी वास्तविक जन्मतिथि 1 सितंबर 1969 बताई। इसके बाद उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी, ऊना के रिकॉर्ड से इसी जन्मतिथि का प्रमाण पत्र प्राप्त किया और 13 मई 2003 को शिक्षक निदेशक के पास जन्मतिथि बदलने के लिए आवेदन किया। राहत नहीं मिलने पर उन्होंने सिविल अदालत में मुकदमा दायर किया। राज्य सरकार ने इसका विरोध करते हुए कहा कि स्कूल में प्रवेश के समय उनके पिता ने भी 30 अगस्त 1968 ही जन्मतिथि बताई थी और नियमों के अनुसार दो साल की अवधि समाप्त होने के बाद जन्मतिथि बदलने की मांग नहीं की जा सकती। ट्रायल कोर्ट ने सुरेश कुमार का मुकदमा खारिज कर दिया था, लेकिन प्रथम अपीलीय अदालत ने उनके पक्ष में फैसला दिया। अब हाईकोर्ट ने उस फैसले को रद्द करते हुए ट्रायल कोर्ट का फैसला बहाल कर दिया और राज्य सरकार की अपील मंजूर कर ली。
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गर्भवती महिला की मौत: हत्या के आरोप, पति और ससुराल पर शक

Jagraon, Punjab:ਗਰਭਵਤੀ ਵਿਆਹੁਤਾ ਦੀ ਮੌਤ ਨੇ ਛੱਡੇ ਕਈ ਸਵਾਲ! ਕੁੱਟਮਾਰ ਦੇ ਦੋਸ਼ ਹੱਥਾਂ ’ਤੇ ਵਿਆਹ ਦੀ ਮਹਿੰਦੀ ਦਾ ਰੰਗ ਅਜੇ ਫਿੱਕਾ ਵੀ ਨਹੀਂ ਪਿਆ ਸੀ ਕਿ ਮਹਿਤਾਬਗੜ੍ਹ ਘੁੰਗਰਾਣਾ ਦੀ 22 ਸਾਲਾ ਹਰਪ੍ਰੀਤ ਕੌਰ ਦੀ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਅਚਾਨਕ ਖ਼ਤਮ ਹੋ ਗਈ। ਬੁਰਜ ਲਿੱਟਾਂ ਵਿਖੇ ਵਾਪਰੀ ਇਸ ਘਟਨਾ ਨੇ ਇੱਕ ਪਰਿਵਾਰ ਨੂੰ ਗਹਿਰੇ ਸਦਮੇ ਵਿੱਚ ਡੁਬੋ ਦਿੱਤਾ ਹੈ ਅਤੇ ਕਈ ਗੰਭੀਰ ਸਵਾਲ ਖੜ੍ਹੇ ਕਰ ਦਿੱਤੇ ਹਨ। ਮ੍ਰਿਤਕਾ ਦੇ ਪਰਿਵਾਰ ਵੱਲੋਂ ਲਗਾਏ ਦੋਸ਼ਾਂ ਅਨੁਸਾਰ ਹਰਪ੍ਰੀਤ ਕੌਰ ਨੂੰ ਉਸਦੇ ਸਹੁਰੇ ਪਰਿਵਾਰ ਵੱਲੋਂ ਕਥਿਤ ਤੌਰ ’ਤੇ ਕੁੱਟਮਾਰ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਸੀ ਅਤੇ ਦਾਜ-ਦਹੇਜ ਲਈ ਵੀ ਪਰੇਸ਼ਾਨ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਸੀ। ਪਰਿਵਾਰ ਨੇ ਉਸਦੇ ਪਤੀ ’ਤੇ ਨਸ਼ਾ ਕਰਨ ਦੇ ਦੋਸ਼ ਵੀ ਲਗਾਏ ਹਨ। ਹਰਪ੍ਰੀਤ ਕੌਰ ਦੀ ਹਾਲਤ ਗੰਭੀਰ ਹੋਣ ਦੀ ਸੂਚਨਾ ਮਿਲਣ ’ਤੇ ਜਦੋਂ ਉਸਦੇ ਪਰਿਵਾਰਕ ਮੈਂਬਰ ਬੁਰਜ ਲਿੱਟਾਂ ਪੁੱਜੇ ਤਾਂ ਉਹ ਮੰਜੇ ’ਤੇ ਪਈ ਸੀ। ਪਰਿਵਾਰ ਦਾ ਦੋਸ਼ ਹੈ ਕਿ ਉਸਦੇ ਗਲੇ ’ਤੇ ਨਿਸ਼ਾਨ ਅਤੇ ਸਰੀਰ ਦੇ ਹੋਰ ਹਿੱਸਿਆਂ ’ਤੇ ਸੱਟਾਂ ਦੇ ਨਿਸ਼ਾਨ ਸਨ। ਮ੍ਰਿਤਕਾ ਦੇ ਚਾਚਾ ਦਰਸ਼ਨ ਸਿੰਘ ਨੇ ਦੋਸ਼ ਲਗਾਇਆ ਕਿ ਹਰਪ੍ਰੀਤ ਕੌਰ ਦਾ ਗਲਾ ਘੁੱਟ ਕੇ ਕਤਲ ਕੀਤਾ ਗਿਆ। ਮਾਮਲੇ ਦੀ ਗੰਭੀਰਤਾ ਨੂੰ ਦੇਖਦਿਆਂ ਥਾਣਾ ਸੁਧਾਰ ਦੀ ਪੁਲਿਸ ਨੇ ਮ੍ਰਿਤਕਾ ਦੇ ਪਿਤਾ ਜਗਤਾਰ ਸਿੰਘ ਅਤੇ ਚਾਚਾ ਦਰਸ਼ਨ ਸਿੰਘ ਦੇ ਬਿਆਨਾਂ ਦੇ ਆਧਾਰ ’ਤੇ ਉਸਦੇ ਪਤੀ ਜਸਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ, ਸਹੁਰੇ ਜਗਦੀਪ ਸਿੰਘ ਅਤੇ ਦਾਦਾ ਸਹੁਰੇ ਨਰਿੰਦਰ ਸਿੱਘ ਵਾਸੀ ਬੁਰਜ ਲਿੱਟਾਂ ਖ਼ਿਲਾਫ਼ ਮਾਮਲਾ ਦਰਜ ਕੀਤਾ ਹੈ। ਪੁਲਿਸ ਨੇ ਪਤੀ ਜਸਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ ਨੂੰ ਗ੍ਰਿਫ਼ਤਾਰ ਕਰ ਲਿਆ ਹੈ। ਥਾਣਾ ਸੁਧਾਰ ਦੇ ਮੁਖੀ ਕੁਲਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਮ੍ਰਿਤਕਾ ਦਾ ਪੋਸਟਮਾਰਟਮ ਕਰਵਾਇਆ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਇਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਮੌਤ ਦੇ ਅਸਲ ਕਾਰਨਾਂ ਅਤੇ ਉਸਦੇ ਗਰਭਵਤੀ ਹੋਣ ਸਬੰਧੀ ਵੀ ਸਥਿਤੀ ਸਪੱਸ਼ਟ ਹੋਵੇਗੀ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪੋਸਟਮਾਰਟਮ ਰਿਪੋਰਟ ਅਤੇ ਪੁਲਿਸ ਜਾਂਚ ਦੌਰਾਨ ਜੇਕਰ ਕੋਈ ਹੋਰ ਤੱਥ ਸਾਹਮਣੇ ਆਉਦੇ ਹਨ ਤਾਂ ਕਾਨੂੰਨ ਅਨੁਸਾਰ ਅਗਲੀ ਕਾਰਵਾਈ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇਗੀ। ਇੱਕ ਨੌਜਵਾਨ ਧੀ ਦੀ ਮੌਤ ਨਾਲ ਪਰਿਵਾਰ ਦੀ ਦੁਨੀਆ ਉਜੜ ਗਈ ਹੈ। ਹੁਣ ਸਾਰੀਆਂ ਨਜ਼ਰਾਂ ਪੋਸਟਮਾਰਟਮ ਰਿਪੋਰਟ ਅਤੇ ਪੁਲਿਸ ਜਾਂਚ ’ਤੇ ਟਿਕੀਆਂ ਹਨ ਕਿ ਆਖ਼ਰ ਹਰਪ੍ਰੀਤ ਕੌਰ ਦੀ ਮੌਤ ਪਿੱਛੇ ਅਸਲ ਸੱਚ ਕੀ ਹੈ ਅਤੇ ਉਸਦੀ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਦਾ ਇਹ ਦੁਖਦਾਈ ਅੰਤ ਕਿਹੜੇ ਹਾਲਾਤਾਂ ਵਿੱਚ ਹੋਇਆ.
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गैर-जातीय प्रेम विवाह पर कहर: गर्भवती बहू को नहर में फेंकने का मामला

Sri Muktsar Sahib, Punjab:ਪ੍ਰੇਮ ਵਿਆਹ ਦੀ ਖੌਫ਼ਨਾਕ ਸਜ਼ਾ ਗਿੱਦੜਬਾਹਾ ਦੇ ਪਿੰਡ ਕਰਾਈ ਵਾਲਾ ਵਿੱਚ ਅੰਤਰਜਾਤੀ ਪ੍ਰੇਮ ਵਿਆਹ ਦਾ ਕਹਿਰ, ਗਰਭਵਤੀ ਕੁੜੀ ਨੂੰ ਨਹਿਰ 'ਚ ਸੁੱਟਿਆ ਪਿੰਡ ਕਰਾਈਵਾਲਾ ਤੋਂ ਇੱਕ ਦਿਲ ਦਹਿਲਾਉਣ ਵਾਲੀ ਘਟਨਾ ਸਾਹਮਣੇ ਆਈ ਹੈ। ਇੱਥੇ ਇੱਕ ਜੋੜੇ ਨੂੰ ਅੰਤਰਜਾਤੀ ਪ੍ਰੇਮ ਵਿਆਹ ਕਰਵਾਉਣ ਦੀ ਇੰਨੀ ਭਿਆਨਕ ਸਜ਼ਾ ਮਿਲੀ ਕਿ ਸੁਣ ਕੇ ਤੁਹਾਡੀ ਰੂਹ ਕੰਬ ਜਾਵੇਗੀ। ਕੁੜੀ ਦੇ ਪਰਿਵਾਰ ਵਾਲਿਆਂ ਨੇ ਨਾ ਸਿਰਫ਼ ਮੁੰਡੇ ਅਤੇ ਉਸਦੇ ਪਰਿਵਾਰ 'ਤੇ ਤੇਜ਼ਧਾਰ ਹਥਿਆਰਾਂ ਨਾਲ ਜਾਨਲੇਵਾ ਹਮਲਾ ਕੀਤਾ, ਸਗੋਂ ਆਪਣੀ ਹੀ ਸਾਢੇ ਪੰਜ ਮਹੀਨੇ ਦੀ ਗਰਭਵਤੀ ਧੀ ਨੂੰ ਅਗਵਾ ਕਰਕੇ ਜਾਨੋਂ ਮਾਰਨ ਦੀ ਨੀਅਤ ਨਾਲ ਨਹਿਰ ਵਿੱਚ ਸੁੱਟ ਦਿੱਤਾ। ਇਹਨਾਂ ਨੇ ਤਿੰਨ ਸਾਲ ਪਹਿਲਾਂ ਹਾਈਕੋਰਟ ਵਿੱਚ ਪ੍ਰੇਮ ਵਿਆਹ ਕਰਵਾਇਆ ਸੀ। ਮੁੰਡਾ ਮਜ਼੍ਹਬੀ ਸਿੱਖ ਭਾਈਚਾਰੇ ਨਾਲ ਸਬੰਧ ਰੱਖਦਾ ਹੈ ਜਦਕਿ ਕੁੜੀ ਜੱਟ ਸਿੱਖ ਪਰਿਵਾਰ ਤੋਂ ਹੈ। ਇਹ ਅੰਤਰਜਾਤਾਤੀ ਵਿਆਹ ਕੁੜੀ ਦੇ ਪਰਿਵਾਰ ਨੂੰ ਮਨਜ਼ੂਰ ਨਹੀਂ ਸੀ। ਪੀੜਤ ਸਤਨਾਮ ਸਿੰਘ ਦਾ ਦੋਸ਼ ਹੈ ਕਿ ਦੋ ਦਿਨ ਪਹਿਲਾਂ ਕੁੜੀ ਦੇ ਪਰਿਵਾਰ ਵਾਲਿਆਂ ਨੇ 10-12 ਬੰਦਿਆਂ ਨਾਲ ਮਿਲ ਕੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਘਰ ਤਲਵਾਰਾਂ ਅਤੇ ਕਿਰਪਾਨਾਂ ਨਾਲ ਹਮਲਾ ਕਰ ਦਿੱਤਾ। ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਆ ਕੇ ਸਾਰੇ ਪਰਿਵਾਰ ਤੇ ਹਮਲਾ ਬੋਲਤਾ... ਮੇਰੇ ਸਿਰ 'ਚ ਮਾਰੀ, ਹੱਥ ਤੇ ਵੱਜੀ ਆ... ਅਤੇ ਮੇਰੀ ਵਾਈਫ ਨੂੰ ਉੱਥੋਂ ਲੈ ਗਏ ਚੁੱਕ ਕੇ...) VO: ਹਮਲਾਵਰ ਸਤਨਾਮ ਨੂੰ ਖੂਨ ਨਾਲ ਲੱਥਪੱਥ ਕਰਕੇ ਅਤੇ ਉਸਦੀ ਬਜ਼ੁਰਗ ਮਾਂ ਦੀ ਕੁਟਮਾਰ ਕਰਨ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਅੰਮ੍ਰਿਤਪ੍ਰੀਤ ਨੂੰ ਜ਼ਬਰਦਸਤੀ ਗੱਡੀ ਵਿੱਚ ਪਾ ਕੇ ਲੈ ਗਏ। ਹੈਵਾਨੀਅਤ ਦੀ ਹੱਦ ਤਾਂ ਉਦੋਂ ਪਾਰ ਹੋ ਗਈ ਜਦੋਂ ਅਗਲੀ ਸਵੇਰ ਸਾਢੇ ਸਕਵੇਂਹੇ, ਆਪਣੇ ਹੀ ਪਿਤਾ ਅਤੇ ਭਰਾਵਾਂ ਨੇ ਇਸ ਸਾਢੇ ਪੰਜ ਮਹੀਨਿਆਂ ਦੀ ਗਰਭਵਤੀ ਕੁੜੀ ਨੂੰ ਵੱਡੀ ਨਹਿਰ ਵਿੱਚ ਸੁੱਟ ਦਿੱਤਾ। ਪਰ ਕਹਿੰਦੇ ਨੇ 'ਜਾਕੋ ਰਾਖੇ ਸਾਈਆਂ ਮਾਰ ਸਕੇ ਨਾ ਕੋਇ', ਕੁੜੀ ਕਿਸੇ ਤਰ੍ਹਾਂ ਨਹਿਰ ਵਿੱਚੋਂ ਬਾਹਰ ਆ ਗਈ ਅਤੇ ਪਿੰਡ ਦੇ ਸਰਪੰਚ ਦੀ ਮਦਦ ਨਾਲ ਹਸਪਤਾਲ ਪਹੁੰਚੀ। ਪੀੜਤ ਜੋੜੇ ਦਾ ਕਹਿਣਾ ਹੈ ਕਿ ਇਸ ਸਾਰੇ ਕਾਂਡ ਵਿੱਚ ਪਿੰਡ ਦੇ ਸਰਪੰਚ ਦੀ ਵੀ ਸ਼ਹਿਯਤ ਹੈ। ਸਭ ਤੋਂ ਹੈਰਾਨੀ ਦੀ ਗੱਲ ਇਹ ਹੈ ਕਿ ਇੰਨੀ ਵੱਡੀ ਵਾਰਦਾਤ ਹੋਣ ਦੇ ਬਾਵਜੂਦ, ਤਿੰਨ ਦਿਨ ਬੀਤ ਜਾਣ 'ਤੇ ਵੀ ਪੁਲਿਸ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨ ਕੁੰਭਕਰਨੀ ਨੀਂਦ ਸੁੱਤਾ ਪਿਆ ਹੈ। ਹੁਣ ਇਹ ਗਰਭਵਤੀ ਔਰਤ ਇਨਸਾਫ਼ ਲਈ ਦਰ-ਦਰ ਦੀਆਂ ਠੋਕਰਾਂ ਖਾਣ ਲਈ ਮਜ਼ਬੂਰ ਹੈ। ਦੂਜੇ ਪਾਸੇ ਗਿੱਦੜਬਾਹਾ ਪੁਲਿਸ ਨੇ ਲੜਕੀ ਦੇ ਬਿਆਨਾਂ ਤੇ ਪਿਤਾ ਸਮੇਤ ਛੇ ਵਿਅਕਤੀਆਂ ਤੇ ਵੱਖ ਵਖ ਧਾਰਾ ਅਧੀਨ ਛੇ ਵਿਅਕਤੀਆਂ ਤੇ ਮਾਮਲਾ ਦਰਜ ਕਰਕੇ ਦੋਸ਼ੀਆਂ ਦੀ ਭਾਲ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ。
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मानसा के जवाहरके गांव में पुरानी रंजिश पर युवक पर तेजधार हथियारों से हमला

Mansa, Punjab:ਮਾਨਸਾ ਦੇ ਪਿੰਡ ਜਵਾਹਰਕੇ ਵਿਖੇ ਪੁਰਾਣੀ ਰੰਜਿਸ਼ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਨੌਜਵਾਨ ਨੂੰ ਤੇਜ਼ਧਾਰ ਹਥਿਆਰਾਂ ਨਾਲ ਵੱਢਿਆ ਹਾਲਤ ਗੰਭੀਰ ਦੇਖਦੇ ਹੋਏ ਨੌਜਵਾਨ ਨੂੰ ਕੀਤਾ ਰੈਫਰ ਏਂਕਰ : ਮਾਨਸਾ ਦੇ ਪਿੰਡ ਜਵਾਹਰਕੇ ਵਿਖੇ ਪੁਰਾਣੀ ਰੰਜਿਸ਼ ਦੇ ਚੱਲਦਿਆਂ ਇੱਕ ਨੌਜਵਾਨ ਨੂੰ ਤੇਜ਼ਧਰ ਹਥਿਆਰਾਂ ਦੇ ਨਾਲ ਗੰਭੀਰ ਰੂਪ ਵਿੱਚ ਜ਼ਖਮੀ ਕਰ ਦਿੱਤਾ ਗਿਆ ਜਿਸ ਨੂੰ ਮਾਨਸਾ ਸਿਵਲ ਹਸਪਤਾਲ ਵਿਖੇ ਇਲਾਜ ਲਈ ਲਿਆਂਦਾ ਗਿਆ ਜਿੱਥੋਂ ਹਾਲਤ ਗੰਭੀਰ ਦੇਖਦੇ ਹੋਏ ਪਟਿਆਲਾ ਦੇ ਲਈ ਰੈਫਰ ਕਰ ਦਿੱਤਾ ਗਿਆ। ਵੀਓ : ਮਾਨਸਾ ਜ਼ਿਲ੍ਹੇ ਦੇ ਪਿੰਡ ਜਵਾਹਰਕੇ ਦੇ ਵਿੱਚ ਦਿਨ ਦਿਹਾੜੇ ਇੱਕ ਨੌਜਵਾਨ ਨੂੰ ਤੇਜ਼ਧਾਰ ਹਥਿਆਰਾਂ ਦੇ ਨਾਲ ਵੱਢ ਦਿੱਤਾ ਗਿਆ ਜਿਸ ਨੂੰ ਇਲਾਜ ਦੇ ਲਈ ਸਿਵਲ ਹਸਪਤਾਲ ਮਾਨਸਾ ਵਿਖੇ ਲਿਆਂਦਾ ਜਿੱਥੋਂ ਡਾਕਟਰਾਂ ਵੱਲੋਂ ਹਾਲਤ ਗੰਭੀਰ ਦੇਖਦੇ ਹੋਏ ਪਟਿਆਲਾ ਦੇ ਲਈ ਰੈਫਰ ਕਰ ਦਿੱਤਾ ਗਿਆ ਜਖਮੀ ਨੌਜਵਾਨ ਗਗਨਦੀਪ ਸਿੰਘ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਪੁਰਾਣੀ ਰੰਜਿਸ਼ ਦੇ ਚੱਲਦਿਆਂ ਪਿੰਡ ਦੇ ਹੀ ਨੌਜਵਾਨਾਂ ਵੱਲੋਂ ਉਨਾਂ ਨੂੰ ਘੇਰ ਕੇ ਤੇਜ਼ਧਾਰ ਹਥਿਆਰਾਂ ਦੇ ਨਾਲ ਵੱਡਿਆ ਗਿਆ ਉਹਨਾਂ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਪਹਿਲਾਂ ਪੁਲਿਸ ਥਾਣੇ ਦੇ ਵਿੱਚ ਉਹਨਾਂ ਦਾ ਸਮਝੌਤਾ ਵੀ ਹੋ ਗਿਆ ਸੀ ਪਰ ਉਸੇ ਗੱਲ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਅੱਜ ਮੁੜ ਤੋਂ ਉਹਨਾਂ ਵੱਲੋਂ ਤੇਜ਼ਧਾਰ ਹਥਿਆਰਾਂ ਦੇ ਨਾਲ ਉਸ ਤੇ ਹਮਲਾ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਜਖਮੀ ਨੌਜਵਾਨ ਦੇ ਪਿਤਾ ਸਰਦਾਰਾ ਸਿੰਘ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਪਿੰਡ ਦੇ ਹੀ ਨੌਜਵਾਨਾਂ ਨੇ ਪੁਰਾਣੀ ਤਕਰਾਰ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਅੱਜ ਉਹਨਾਂ ਦੇ ਪੁੱਤਰ ਨੂੰ ਦਿਨ ਦਿਹਾੜੇ ਘੇਰ ਕੇ ਤੇਜ ਦਾ ਹਥਿਆਰਾਂ ਦੇ ਨਾਲ ਵੱਡਿਆ ਗਿਆ ਉਹਨਾਂ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਪੁਲਿਸ ਕੋਲ ਇੱਕ ਮਹੀਨਾ ਪਹਿਲਾਂ ਸ਼ਿਕਾਇਤ ਵੀ ਦਿੱਤੀ ਸੀ ਪਰ ਕੋਈ ਵੀ ਕਾਰਵਾਈ ਨਹੀਂ ਹੋਈ ਜਿਸਦੇ ਚਲਦਿਆਂ ਅੱਜ ਉਹਨਾਂ ਦੇ ਪੁੱਤਰ ਨੂੰ ਬੇਰਹਿਮੀ ਦੇ ਨਾਲ ਕਤਲ ਕਰਨ ਦੀ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ ਉਹਨਾਂ ਪੁਲਿਸ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨ ਤੋਂ ਤੁਰੰਤ ਸਖਤ ਕਾਰਵਾਈ ਕਰਨ ਦੀ ਮੰਗ ਕੀਤੀ ਹੈ। ਬਾਈਟ ਗਗਨਦੀਪ ਸਿੰਘ ਜਖਮੀ ਨੌਜਵਾਨ ਬਾਈਟ ਸਰਦਾਰਾ ਸਿੰਘ ਪਿਤਾ ਬਾਈਟ ਪਰਗਟ ਸਿੰਘ ਗੁਆਂਢੀ ਬਾਈਟ ਅਭੀਜੋਤ ਚਸ਼ਮਦੀਦ ਵੀਓ : ਉਧਰ ਸਿਵਿਲ ਹਸਪਤਾਲ ਦੇ ਐਸਐਮਓ ਡਾਕਟਰ ਗੁਰਮੇਲ ਸਿੰਘ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਪਿੰਡ ਜਵਾਹਰਕੇ ਤੋਂ ਨੌਜਵਾਨ ਗਗਨਦੀਪ ਸਿੰਘ ਨੂੰ ਹਸਪਤਾਲ ਲਿਆਂਦਾ ਗਿਆ ਹੈ ਜਿਸ ਦੀ ਉਮਰ ਕਰੀਬ 18 ਸਾਲ ਹੈ ਨੌਜਵਾਨ ਦੇ ਗਹਿਰੀਆਂ ਸੱਟਾਂ ਹੋਣ ਕਾਰਨ ਉਸ ਨੂੰ ਮੁੱਢਲੀ ਸਹਾਇਤਾ ਦੇਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਰੈਫਰ ਕਰ ਦਿੱਤਾ ਗਿਆ। ਬਾਈਟ ਡਾਕਟਰ ਗੁਰਮੇਲ ਸਿੰਘ ਐਸਐਮਓ ਮਾਨਸਾ
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Dubai से लौटा युवक गुरजिंदर लापता, परिवार और प्रशासन से मदद की अपील

Sri Muktsar Sahib, Punjab:ਦੁਬਈ ਤੋਂ ਪਰਤ ਰਿਹਾ ਪੰਜਾਬੀ ਨੌਜਵਾਨ ਲਾਪਤਾ ਰੋਜ਼ੀ-ਰੋਟੀ ਕਮਾਉਣ ਲਈ ਵਿਦੇਸ਼ ਗਏ ਪੰਜਾਬੀਆਂ ਨਾਲ ਅਕਸਰ ਕਈ ਹਾਦਸੇ ਵਾਪਰਦੇ ਰਹਿੰਦੇ ਹਨ। ਅਜਿਹੀ ਹੀ ਇੱਕ ਬੇਹੱਦ ਦੁਖਦਾਈ ਖ਼ਬਰ ਗਿੱਦੜਬਾਹਾ ਦੇ ਪਿੰਡ ਹੁਸਨਰ ਦਾ ਰਹਿਣ ਵਾਲਾ ਨੌਜਵਾਨ ਗੁਰਜਿੰਦਰ, ਜੋ ਦੁਬਈ ਤੋਂ ਵਾਪਸ ਆਪਣੇ ਘਰ ਪਰਤ ਰਿਹਾ ਸੀ, ਪਿਛਲੇ 4 ਦਿਨਾਂ ਤੋਂ ਲਾਪਤਾ ਹੈ। ਪਰਿਵਾਰ ਦਾ ਰੋ-ਰੋ ਕੇ ਬੁਰਾ ਹਾਲ ਹੈ ਅਤੇ ਉਹ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨ ਤੋਂ ਮਦਦ ਦੀ ਗੁਹਾਰ ਲਗਾ ਰਹੇ ਹਨ। ਪਿੰਡ ਹੁਸਨਰ ਦੇ ਇਸ ਗਰੀਬ ਪਰਿਵਾਰ ਦੇ ਵਿਹੜੇ ਵਿੱਚ ਅੱਜ ਸੋਗ ਪਸਰਿਆ ਹੋਇਆ ਹੈ。 ​ਲਾਪਤਾ ਨੌਜਵਾਨ ਗੁਰਜਿੰਦਰ ਦੇ ਪਿਤਾ ਦਰਸ਼ਨ ਸਿੰਘ ਮੁਤਾਬਕ, ਉਸਨੇ 4 ਤਰੀਕ ਨੂੰ ਵਾਪਸ ਆਉਣਾ ਸੀ ਅਤੇ ਉਸਦੀ ਸ਼ਾਮ 6:30 ਵਜੇ ਦੀ ਫਲਾਈਟ ਸੀ, ਜਿਸਨੇ ਰਾਤ 11:30 ਜਾਂ 12 ਵਜੇ ਪਹੁੰਚਣਾ ਸੀ。 ​ਪਰਿਵਾਰ ਮੁਤਾਬਕ ਉਸ ਨਾਲ ਆਖਰੀ ਵਾਰ ਫੋਨ 'ਤੇ ਗੱਲਬਾਤ ਵੀਰਵਾਰ ਸ਼ਾਮ 6:30 ਵਜੇ ਹੋਈ ਸੀ。 ​ਉਸਦੀ ਉਹਸ ਦੀ ਭੈਣ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਉਸਨੇ ਆਉਣ ਲਈ ਕਿਹਾ ਸੀ ਅਤੇ ਉਸਨੇ ਘਰ ਵਿੱਚ ਖਾਣਾ (ਸਬਜ਼ੀ) ਵੀ ਬਣਾ ਕੇ ਰੱਖਿਆ ਸੀ, ਪਰ ਉਹ ਨਹੀਂ ਆਇਆ ਅਤੇ ਹੁਣ 4 ਦਿਨਾਂ ਤੋਂ ਉਸਦਾ ਕੋਈ ਫੋਨ ਨਹੀਂ ਆਇਆ ਗੁਰਜਿੰਦਰ ਦੇ ਦੋਸਤਾਂ ਅਤੇ ਪਿੰਡ ਵਾਸੀਆਂ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਪਰਿਵਾਰ ਦੀ ਆਰਥਿਕ ਹਾਲਤ ਠੀਕ ਨਹੀਂ ਹੈ। ਮਜਬੂਰੀ ਵੱਸ ਉਸਨੂੰ ਪੈਸੇ ਇਕੱਠੇ کرਕੇ ਵਿਦੇਸ਼ ਭੇਜਿਆ ਗਿਆ ਸੀ。 ​ਗੁਰਜਿੰਦਰ ਦੇ ਦੋਸਤ ਲਖਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਉਸਦੀ ਮਾਤા ਦਾ ਦੇਹਾਂਤ ਹੋ ਚੁੱਕਾ ਹੈ ਅਤੇ ਦੋਸਤਾਂ-ਰਿਸ਼ਤੇਦਾਰਾਂ ਤੋਂ ਪੈਸੇ ਇਕੱਠੇ ਕਰਕੇ ਉਸਨੂੰ ਵਾਪਸ ਕੰਮ 'ਤੇ ਭੇਜਿਆ ਗਿਆ ਸੀ, ਜਿੱਥੇ ਉਹ ਪਿਛਲੇ 8 ਮਹੀਨਿਆਂ ਤੋਂ ਲੱਗਿਆ ਹੋਇਆ ਸੀ。 ​ਦੋਸਤਾਂ ਨੇ ਹੀ ਉਸਦੇ ਵਾਪਸ ਆਉਣ ਲਈ ਦਿੱਲੀ ਤੋਂ ਬਠਿੰਡਾ ਤੱਕ ਕਿਸਾਨ ਐਕਸਪ੍ਰੈਸ ਟ੍ਰੇਨ ਦੀ ਟਿਕਟ ਗਿੱਦੜਬਾਹਾ ਤੋਂ ਬੁੱਕ ਕਰਵਾਈ ਸੀ。 ​ਹੁਣ ਗੁਰਜਿੰਦਰ ਦਾ ਫੋਨ ਅਤੇ ਇੰਟਰਨੈੱਟ ਬਿਲਕੁਲ ਬੰਦ ਹੈ, ਵਟਸਐਪ ਜਾਂ ਇੰਸਟਾਗ੍ਰਾਮ 'ਤੇ ਕੋਈ ਸੁਨੇਹਾ ਡਿਲੀਵਰ ਨਹੀਂ ਹੋ ਰਿਹਾ。 ​ਦੋਸਤ ਲਖਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਨੂੰ ਸ਼ੱਕ ਹੈ ਕਿ ਸ਼ਾਇਦ ਜਿਸ ਕੰਪਨੀ ਵਿੱਚ ਗੁਰਜਿੰਦਰ ਕੰਮ ਕਰਦਾ ਸੀ, ਉਸਨੇ ਹੀ ਉਸਨੂੰ ਵਾਪਸ ਆਉਣ ਤੋਂ ਰੋਕਿਆ ਹੋਵੇਗਾ ਪਰਿਵਾਰ ਇੰਨਾ ਗਰੀਬ ਹੈ ਕਿ ਉਹ ਖੁਦ ਕਿਤੇ ਜਾ ਕੇ ਭਾਲ ਨਹੀਂ ਕਰ ਸਕਦੇ। ਪਿੰਡ ਦੇ ਆਗੂ ਗੁਰਮੀਤ ਸਿੰਘ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਉਹਨਾਂ ਵੱਲੋਂ ਗਿੱਦੜਬਾਹਾ ਥਾਣੇ ਵਿੱਚ 2-3 ਦਿਨ ਪਹਿਲਾਂ ਦਰਖਾਸਤ ਦਿੱਤੀ ਗਈ ਹੈ, ਪਰ ਅਜੇ ਤੱਕ ਕੋਈ ਜਾਣਕਾਰੀ ਨਹੀਂ ਮਿਲੀ। ਪਿੰਡ ਵਾਸੀਆਂ ਨੇ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨ ਅਤੇ ਸਰਕਾਰ ਅੱਗੇ ਹੱਥ ਬੰਨ੍ਹ ਕੇ ਬੇਨਤੀ ਕੀਤੀ ਹੈ ਕਿ ਇਸ ਗਰੀਬ ਪਰਿਵਾਰ ਦੀ ਮਦਦ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇ ਤਾਂ ਜੋ ਗੁਰਜਿੰਦਰ ਦੀ ਕੋਈ ਉੱਘ-ਸੁੱਘ ਮਿਲ ਸਕੇ。
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