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वाल्ले शाह उताड़ में बांध पर ग्रामीणों का भारी विरोध

Fazilka, Punjab:फाजिल्का के गांव वल्ले शाह उताड़ उर्फ नूरशाह से मामला सामने आया है । जहां पर बताया जा रहा है कि डिफेंस बांध बनाया जाना है । जिसके लिए जमीन की निशानदेही करने के लिए पहुंचे पटवारी व अधिकारियों को गांव के लोगों ने रोक दिया । गांव के किसानों और लोगों का आरोप है कि यह बांध और नदी बनने से उनके इलाके को नुकसान होगा । इसलिए वह यहां बांध बनने नहीं देंगे । जिसके लिए उन्होंने इसका विरोध किया है । ओर कहा कि विभाग कहीं ओर ये बांध बना ले यहां बांध नहीं बनने दिया जाएगा । उन्होंने अपनी बात प्रशासन के आगे भी कब की रख दी है । उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सुनवाई न हुई तो लोग इसके विरोध में सड़कों पर उतरेंगे । चेयरमैन परमजीत नूरशाह ने बताया कि गांव घुरका और गांव नूरशाह के पास नदी और डिफेंस बांध बनाया जाना है । जिसके लिए संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे है जिनके द्वारा निशानदेही की जानी थी । जिसका पता लगते ही गांव के लोग और किसान एकत्र हो गए । जिन्होंने मौके पर पहुंच अधिकारियों को निशानदेही करने से रोक दिया है । उन्होंने कहा कि इस बांध को बनने नहीं दिया जाएगा । क्योंकि इससे बनने से उनके यहां दूषित पानी नदी में चलेगा । जिससे बीमारियां फैलेंगी । उन्होंने कहा कि जितनी मर्जी अधिकरी हमारे सतह बैठकें कर ले लेकिन वह बांध नहीं बनने देंगे । उन्होंने कहा कि अगर आप लोगों ने बांध बनाना है तो जीरो लाइन के पास बनाया जाए । क्योंकि इस इलाके में करीब 20 से 25 गांव लगते है । जिनको इसका नुकसान होगा । उधर मौके पर पहुंचे बीआरओ विभाग के जेई सुधीर मिश्रा ने बताया कि आर्मी सुरक्षा के मद्देनजर इलाके ने नया डीसीपी बनाया जाना है । लेकिन गांव के लोगों ने उनके सामने कुछ समस्याएं रखी है । जिसे प्रशासन ओर उच्चाधिकारियों के समक्ष रखा जाएगा । जिसपर सरकार और प्रशासन का जो फैसला आएगा वो गांव के लोगों को बताकर इस कार्य को आगे बढ़ाया जाएगा ।
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अमृतसर एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन सिस्टम फेल, यात्रियों को घंटों इंतजार और हंगामा

Amritsar, Punjab:अमृतसर एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन सिस्टम फेल होने पर हंगामा:यात्रियों को झेलनी पड़ी परेशानी; तकनीकी खराबी के चलते लगी कतारें अमृतसर स्थित श्री गुरु रामदास इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उस समय अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला जब सिस्टम में तकनीकी खराबी आने के कारण यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। जानकारी के अनुसार, इमिग्रेशन सिस्टम में आई दिक्कत की वजह से एयरपोर्ट पर चेकिंग और प्रोसेसिंग का काम धीमा पड़ गया, जिसके चलते यात्रियों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं। इसके चलते एयरपोर्ट पर हंगामे की स्थिति बन गई। घटना देर रात की बताई जा रही है। इसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि कुछ समय के लिए एयरपोर्ट पर अव्यवस्था का माहौल बन गया और यात्रियों को घंटों तक इंतजार करना पड़ा। कई यात्रियों ने अपनी फ्लाइट्स को लेकर चिंता भी जताई, जबकि कुछ को देरी के कारण असुविधा का सामना करना पड़ा। हालांकि एयरपोर्ट प्रशासन ने तुरंत स्थिति को संभालने की कोशिश की और तकनीकी टीम को मौके पर बुलाकर सिस्टम को दुरुस्त करने का काम शुरू किया गया। धीरे-धीरे स्थिति पर नियंत्रण पाया गया और यात्रियों की प्रोसेसिंग दोबारा सामान्य रूप से शुरू कर दी गई। एयरपोर्ट डायरेक्टर भूपिंदर सिंह ने बताया कि बीती रात इमिग्रेशन से संबंधित तकनीकी गड़बड़ी के कारण कुछ समय के लिए हंगामे जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई थी। उन्होंने कहा कि यह समस्या रात लगभग 11-12 बजे तक बनी रही, लेकिन इसके बाद पूरी तरह से सिस्टम को ठीक कर दिया गया और स्थिति सामान्य हो गई। एयरपोर्ट पर हालात सामान्य उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अब एयरपोर्ट पर सभी सेवाएं सुचारू रूप से चल रही हैं और यात्रियों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है। प्रशासन ने भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए सिस्टम की और मजबूत निगरानी और तकनीकी सुधार के निर्देश भी जारी किए हैं। फिलहाल एयरपोर्ट पर हालात सामान्य हैं और यात्रियों की आवाजाही पहले की तरह सुचारू रूप से जारी है。
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जालंधर: डीजल टंकी वेल्डिंग के दौरान धमाका, वेल्डर की मौत; फायर ब्रिगेड ने आग पर पाया काबू

Jalandhar, Punjab:जालंधर: गाड़ी की डीजल टंकी वेल्ड करते समय धमाका, वेल्डर की मौत वर्कशाप में मचा हड़कंप, फायर ब्रिगेड ने आग पर पाया काबू जालंधर लोहियां-मखू राष्ट्रीय मार्ग पर स्थित एक वर्कशाप में जोरदार धमाके में एक वेल्डर की मौत हो गई। महिंद्रा पिकअप गाड़ी की डीजल टंकी वेल्ड करते समय अचानक टंकी फट गई, जिससे लगी आग में वेल्डर गंभीर रूप से झुलस गया और कुछ ही समय बाद उसकी मौत हो गई। मृतक की पहचान गांव रायवाला निवासी जसवंत सिंह के रूप में हुई है。 मिली जानकारी के अनुसार जसवंत सिंह वर्कशाप में महिंद्रा पिकअप की डीजल टंकी वेल्ड कर रहा था। इसी दौरान टंकी में धमाका हो गया और तेल गिरने से आग भड़क उठी। जसवंत आग की चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गया। उसे तुरंत मेडिकल सहायता के लिए ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। धमाके और आग लगने से वर्कशाप में अफरा-तफरी मच गई। पिकअप के साथ ही नजदीक खड़ी एक मोटरसाइकिल भी आग की चपेट में आ गई और दोनों वाहन जलकर क्षतिग्रस्त हो गए। सूचना मिलने पर सुल्तानपुर लोधी से फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। घटना के बाद पिकअप का चालक मौके से गायब हो गया। स्थानीय थाने के एसएचओ सुखजिंदर सिंह खैरा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी।
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PRTC और पंजाब कर्मचारी बस चक्का-ज़ाम; सरकार नहीं मानी तो भगवंत मान घर घेराव

Jalandhar, Punjab:ਪੂਰੇ ਪੰਜਾਬ ਚ PRTC ਅਤੇ ਪਨਬਸ ਮੁਲਾਜ਼ਮਾ ਨੇ ਅਣਮਿੱਥੇ ਸਮੇਂ ਲਈ ਕੀਤਾ ਬੱਸਾਂ ਦਾ ਚੱਕਾ ਜਾਮ\n\nਗੱਲਬਾਤ ਦੌਰਾਨ PRTC ਅਤੇ ਪਨਬਸ ਮੁਲਾਜ਼ਮਾ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਅੱਜ ਦੀ ਇਹ ਮਨ ਦੀ ਕਾਲ ਇਸ ਲਈ ਦਿੱਤੀ ਗਈ ਕਿਉਂਕਿ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਅੱਜ ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ ਵਿਖੇ ਕਿਲੋਮੀਟਰ ਸਕੀਮ ਦੀਆਂ ਬੱਸਾਂ ਨੂੰ ਹਰੀ ਝੰਡੀ ਦਿੱਤੀ ਜਾਣੀ ਸੀ ਜਿਸ ਨੂੰ ਦੇਖਦੇ ਹੋਇਆ ਟੀਸੀ ਚ ਪਨਬਸ ਮੁਲਾਜ਼ਮਾਂ ਵੱਲੋਂ ਅਣਮਿੱਥੇ ਸਮੇਂ ਲਈ ਬੱਸਾਂ ਦਾ ਚੱਕਾਜਾਮ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਹੈ ਅਤੇ ਉਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਕੁਝ ਸਮਾਂ ਪਹਿਲਾਂ ਹੜਤਾਲ ਦੌਰਾਨ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਜੇਲਾਂ ਚ ਬੰਦ ਕੀਤੇ ਮੁਲਾਜ਼ਮਾਂ ਨੂੰ ਅਜੇ ਤੱਕ ਛੱਡਿਆ ਨਹੀਂ गया ਅਤੇ ਕਈ ਮੁਲਾਜ਼ਮਾਂ ਨੂੰ ਪੱਕੇ ਨਾ ਕਰਨ ਦੇ ਰੋਸ ਵਜੋਂ ਅੱਜ ਤੋਂ ਅਣਮਿੱਥੇ ਸਮੇਂ ਲਈ ਪੀਆਰਟੀਸੀ ਪਨਬਸ ਮੁਲਾਜ਼ਮਾਂ ਨੇ ਬੱਸਾਂ ਦਾ ਚੱਕਰਜਾਮ ਕੀਤਾ ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਇਹ ਵੀ ਕਿਹਾ ਕਿ ਜੇਕਰ ਸਰਕਾਰ ਉਹਨਾਂ ਦੀ ਮੰਗਾਂ नहीं ਮੰਨੇਗੀ ਤਾਂ ਪਹਿਲਾਂ ਚੱਕਾ ਜਾਮ ਅਤੇ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਸੀਐਮ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਦੇ ਘਰ ਦਾ ਘਿਰਾ ਵੀ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇਗਾ.
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नॉर्वे निवेश से हिमाचल में सतत विकास और हरित ऊर्जा को बढ़ावा

Shimla, Himachal Pradesh:हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने नॉर्वे की कंपनियों को हिमाचल प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि राज्य और नॉर्वे प्राकृतिक संरक्षण तथा सतत विकास के साझा दृष्टिकोण के साथ कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दोनों के बीच सहयोग से ऐसे नवाचारपूर्ण समाधान विकसित किए जा सकते हैं, जो न केवल हिमाचल प्रदेश बल्कि दुनिया के अन्य पर्वतीय क्षेत्रों के लिए भी उपयोगी साबित होंगे मुख्यमंत्री ने मंगलवार को भारत में नॉर्वे की राजदूत मे-एलिन स्टेनर के साथ विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में निर्माण एवं विध्वंस (सीएंडडी) अपशिष्ट प्रबंधन, ठोस कचरा प्रबंधन, सर्कुलर इकोनॉमी, संसाधन पुनर्प्राप्ति, सतत पर्यटन, कचरा-मुक्त पर्यटन स्थलों के विकास, जलवायु-अनुकूल शहरी विकास, नवीकरणीय ऊर्जा, हरित परिवर्तन, डिजिटल गवर्नेंस और स्मार्ट सिटी जैसे विषय प्रमुख रूप से शामिल रहे मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश निर्माण एवं विध्वंस मलबे के प्रबंध‌न और पुनर्चक्रण के क्षेत्र में नॉर्वे की विशेषज्ञता, श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों और उन्नत तकनीकों का लाभ उठाना चाहता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पर्यावरण-अनुकूल और सतत शहरी विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है तथा इस दिशा में नॉर्वे के साथ सहयोग की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं CM सुक्खू ने नॉर्वे की कंपनियों से विशेष रूप से पर्यटन, हरित ऊर्जा और भू-तापीय ऊर्जा क्षेत्रों में निवेश करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार नॉर्वे के संस्थानों, विशेषज्ञों और तकनीकी साझेदारों के साथ मिलकर ऐसे व्यावहारिक और नवाचारपूर्ण मॉडल विकसित करना चाहती है, जिन्हें अन्य पर्वतीय क्षेत्रों में भी लागू किया जा सके बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश ने हरित आवरण को 29.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 32 प्रतिशत करने का लक्ष्य तय किया है, जिसमें युवाओं और समाज के विभिन्न वर्गों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार रसायनमुक्त प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित कर रही है। ग्रामीण अर्थव्यस्था को मजबूत बनाने और कृषि क्षेत्र को सशक्त करने के लिए किसानों को मक्की, गेहूं, दूध और कच्ची हल्दी पर न्यूनतम समर्थन मूल्य उपलब्ध कराया जा रहा है。
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हिमाचल में मानसून तैयारी तेज, आपदा प्रशासन के लिए समन्वय और चेतावनी प्रणाली मजबूत

Shimla, Himachal Pradesh:आगामी मानसून सीजन को देखते हुए हिमाचल प्रदेश सरकार ने आपदा प्रबंधन और राहत तैयारियों को और मजबूत करने की कवायद तेज कर दी है। मुख्य सचिव कमलेश कुमार पंत ने मंगलवार को जिला प्रशासन और विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर मानसून के दौरान संभावित आपदाओं से निपटने की तैयारियों का जायजा लिया। बैठक में मुख्य सचिव ने भारी बारिश से होने वाली प्राकृतिक आपदाओं और नुकसान को कम करने के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय, समय रहते चेतावनी प्रणाली, बाढ़ नियंत्रण और आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को दूर-दराज और अधिक संवेदनशील क्षेत्रों में पर्याप्त खाद्य सामग्री तथा आपातकालीन ईंधन का भंडारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बांध प्राधिकरणों को चेतावनी संबंधी सभी प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करने और अतिरिक्त पानी छोड़े जाने से पहले स्थानीय लोगों को पूर्व सूचना देने के निर्देश भी दिए। मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य सरकार त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग लगातार मौसम की changing परिस्थितियों पर नजर रखते हुए राहत कार्यों का समन्वय कर रहा है। बैठक के दौरान भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने मानसून पूर्वानुमान, पिछले मौसम के रुझानों और चेतावनी प्रणालियों पर प्रस्तुति दी। वहीं केंद्रीय जल आयोग ने बाढ़ पूर्वानुमान और प्रारंभिक चेतावनी तंत्र से जुड़ी जानकारी साझा की。 राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) के प्रतिनिधियों ने मानसून के दौरान अपनी तैयारियों और उपलब्ध संसाधनों की जानकारी दी। लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग, होमगार्ड्स, नागरिक सुरक्षा और अग्निशमन सेवाओं सहित अन्य विभागों ने भी अपनी-अपनी तैयारियों से अवगत कराया。 इससे पहले राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के निदेशक एवं विशेष सचिव डॉ. पुष्पेंद्र राणा ने राज्य में मानसून तैयारियों को लेकर उठाए गए कदमों की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की। बैठक में विभिन्न विभागों के सचिव, विभागाध्यक्ष तथा स्वास्थ्य, पुलिस, हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड, कृषि, बागवानी, वन, पशुपालन, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति तथा परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे。
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350 ब्याहिता बेटियों ने महासू महाराज मंदिर में एक साथ दर्शन किए

Paonta Sahib, Himachal Pradesh:350 ब्याहित बेटियों ने एक साथ किए महासू महाराज मंदिर में दर्शन टिटियाना गांव की लगभग 350 ब्याहिता लड़कियां यानी धींटियाँ एक साथ श्री चालदा महासू महाराज के मंदिर पशमी धाम पहुंची। एक जैसी एक ही रंग की पहाड़ी वेशभूषा में धींटियाँ ने महासू महाराज के दर्शन किए। महाराज को चांदी का छत्र अर्पित किया और भजन कीर्तन व नाटी डालकर खुशी एवं श्रद्धा का इजहार किया。 श्री छत्रधारी चालदा मासूम महाराज के धाम पशमी में आस्था और संस्कृति का अनोखा संगम देखने को मिला। यहां टिटियाना गांव की लगभग 350 ब्याहता लड़कियां मन की मुरादें लेकर मंदिर पहुंची। श्रद्धालु लड़कियां मासूम महाराज की भेंट स्वरूप एक चांदी का छात्र भी लाई थी। इससे पहले गांव की बेटियों ने एक दूसरे से संपर्क कर अपने पैतृक गांव में एकत्र होने का कार्यक्रम बनाया। इस धार्मिक कार्य मे गांव के लोगों ने लड़कियों का भरपूर साथ दिया। सभी एक रंग के ढांटू और सदरी वाली पहाड़ी पोशाक पहनकर पशमी पहुंची। यहां एक साथ पहुंची 350 ने महाराज के दर्शन किए आराध्य देव से अपने मन की बात और मुरादें कहानी साथ ही मासूम महाराज को चांदी का छात्र भी अर्पित किया। इस दौरान धींटियाँ ने मंदिर के प्रांगण में भजन कीर्तन गए और पहाड़ी शैली में रासे और नाटी डालकर आराध्य देव की आराधना की और मन की प्रसन्नता का प्रदर्शन किया। एक ही रंग की पोशाक में बेटियों की नाटी की भव्यता देखते ही बनती थी। जिसने भी यह नजारा देखा तारीफ किए बगैर नहीं रहा। टिटियाना मंदिर के पुजारी और पशमी मंदिर गई श्रद्धालु लड़कियों ने इस ऐतिहासिक धार्मिक यात्रा करार दिया。
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शिमला ग्रीष्मोत्सव 2026: 250 आंगनवाड़ी महिलाएं महानाटी से नशे के खिलाफ जागरूकता

Shimla, Himachal Pradesh:अंतरराष्ट्रीय शिमला ग्रीष्मोत्सव- 2026 के दूसरे दिन मंगलवार को हिमाचली संस्कृति की पहचान नाटी सामाजिक जागरूकता का सशक्त माध्यम बनकर उभरी। ‘MAA (Mothers Against Abuse and Addiction)’ थीम पर आयोजित विशेष महानाटी में शिमला के विभिन्न आईसीडीएस खंडوں से आई करीब 250 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने एक साथ कदमताल करते हुए नशे के खिलाफ जनजागरूकता का संदेश दिया। शिमला माल रोड पर आयोजित इस कार्यक्रम में पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाओं ने महानाटी पर न केवल हिमाचली लोक संस्कृति का रंग बिखेरा, बल्कि समाज को नशे के बढ़ते खतरे के प्रति सचेत भी किया। महानाटी से यह संदेश दिया गया कि नशा केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, उनके अधिकारों तथा सशक्तिकरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी रहा। प्रतिभागियों ने सामूहिक प्रस्तुति के जरिए समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महिलाओं की भूमिका को प्रमुखता से रेखांकित किया। ग्रीष्मोत्सव के मंच पर जब 250 महिलाओं ने एक स्वर और एक लय में महानाटी प्रस्तुत की तो यह दृश्य आकर्षण का केंद्र बन गया। सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक सरोकारों के इस अनूठे संगम ने दर्शकों को मनोरंजन के साथ-साथ एक महत्वपूर्ण सामाजिक संदेश भी दिया। Elements Mahanati Visuals WKT of Mahanati
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दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे: पातड़ा हिस्से की आम आवाजाही बहाल, निर्माण एक हफ्ते में शुरू

Patran, Punjab:दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे मुद्दों पर प्रशासन–किसानों की बैठक, कई मांगों पर सहमति; दिल्ली कटड़ा एक्सप्रेसवे आम आवाजाही के लिए खोला. पातड़ा सब-डिवीजन में 6 महीने से चल रहे धरने के बाद बनी सहमति, एक हफ्ते में निर्माण कार्य शुरू होने के संकेत. दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे से जुड़े पातड़ा सब-डिवीजन क्षेत्र के लंबित मुद्दों को लेकर मंगलवार को प्रशासन और किसानों के बीच अहम बैठक हुई। बैठक में लुधियाना से पीडी, भवानी के एसडीओ, नेशनल हाईवे विभाग के अधिकारी, एसडीएम पातडां और स्थानीय राजस्व स्टाफ मौजूद रहे। बैठक के दौरान किसानों की सभी मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रशासन की ओर से कई मांगों को पूरा करने के लिए तय समयसीमा भी निर्धारित की गई। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि किसानों की जायज मांगों पर लगातार काम किया जा रहा है और जल्द समाधान किया जाएगा। बातचीत सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुई। बैठक में एक अहम फैसला लेते हुए एक्सप्रेसवे के इस हिस्से को आम आवाजाही के लिए खोल दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, अगले एक सप्ताह के भीतर यहां निर्माण कार्य दोबारा शुरू होने की संभावना है। वहीं किसान नेताओं ने बताया कि घगा टोल प्लाजा पर पिछले करीब छह महीनों से धरना जारी है। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी अधिकारियों ने 13 मांगों को जायज मानते हुए जल्द पूरा करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक उन पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई। मंगलवार को पीडी लुधियाना, एसडीओ तरनजीत सिंह और एसडीएम सुलेमान सहित प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और किसानों के साथ दोबारा बैठक की। इस दौरान अधिकारियों ने लिखित रूप में कार्रवाई का आश्वासन देने की बात कही। प्रशासन ने बताया कि पाइपलाइन से متعلق भुगतान अगले शुक्रवार तक कर दिए जाएंगे, जबकि 22 तारीख तक कमिश्नर के फैसलों के अनुसार किसानों को मुआवजे की राशि जारी करने के आदेश दिए जाएंगे। इसके अलावा बिजली और अन्य लंबित मांगों को भी एक-दो दिन में हल करने का भरोसा दिया गया है। हालांकि किसानों ने प्रशासन के आश्वासनों पर संदेह जताया है। उनका कहना है कि पहले भी उन्हें ऐसे ही वादों से टाला गया है और अब भी उन्हें समय पर काम पूरा होने पर भरोसा नहीं है। किसानों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक टोल प्लाजा, सड़क और चौक से संबंधित कोई भी काम नहीं होने दिया जाएगा। उधर, दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे को बंद करने के फैसले पर भी बैठक में चर्चा हुई। अधिकारियों ने इसे खोलने की अपील की, क्योंकि इससे आम लोगों को परेशानी हो रही है। किसानों ने कहा कि वे इस मुद्दे पर आपसी बैठक के बाद ही अगला निर्णय लेंगे। फिलहाल किसान प्रशासन को दिए गए नए समय के अनुसार एक और मौका देने को तैयार हैं, लेकिन यदि इस बार भी मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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