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ਸਪੀਕਰ ਸੰਧਵਾਂ ਨੇ ਕੋਟਕਪੂਰਾ ਵਿਖੇ ਗੁਰੂ ਗੋਬਿੰਦ ਸਿੰਘ ਮਿਉਂਸੀਪਲ ਲਾਇਬਰੇਰੀ ਦਾ ਕੀਤਾ ਉਦਘਾਟਨ
Kot Kapura, Punjab:ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਦੀ ਅਗਵਾਈ ਵਾਲੀ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਲੋਕਾਂ ਨਾਲ ਕੀਤੇ ਵਾਅਦੇ ਇਕ-ਇਕ ਕਰਕੇ ਪੂਰੇ ਕੀਤੇ ਜਾ ਰਹੇ ਹਨ। ਇਸੇ ਲੜੀ ਤਹਿਤ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਸਿੱਖਿਆ ਦਾ ਪੱਧਰ ਉੱਚਾ ਚੁੱਕਣ ਅਤੇ ਨੌਜਵਾਨਾਂ ਨੂੰ ਨਸ਼ਿਆਂ ਤੋਂ ਦੂਰ ਰੱਖਣ ਲਈ ਸੂਬੇ ਭਰ ਵਿੱਚ ਲਾਇਬ੍ਰੇਰੀਆਂ ਖੋਲ੍ਹ ਰਹੀ ਹੈ। ਇਨ੍ਹਾਂ ਗੱਲਾਂ ਦਾ ਪ੍ਰਗਟਾਵਾ ਪੰਜਾਬ ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ ਦੇ ਸਪੀਕਰ ਸ. ਕੁਲਤਾਰ ਸਿੰਘ ਸੰਧਵਾਂ ਨੇ ਅੱਜ ਕੋਟਕਪੂਰਾ ਵਿੱਚ ਗੁਰੂ ਗੋਬਿੰਦ ਸਿੰਘ ਮਿਉਂਸਪਲ ਲਾਇਬ੍ਰੇਰੀ ਦਾ ਉਦਘਾਟਨ ਕੀਤਾ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਪੀ.
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सुखजिंदर रंधावा की सुरक्षा मुद्दे पर केंद्र से मुलाकात; राजनीतिक रंग नहीं
Noida, Uttar Pradesh:श्री सुखजिंदर सिंह रंधावा का परिवार पंजाब के सबसे सम्मानित परिवारों में से एक है। उनके पिता एवं पूर्व पंजाब कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष श्री संतोख सिंह रंधावा ने पंजाब में अशांति के समय बिना डरे देश की एकता, अखंडता का खुलकर पक्ष लिया। वह उन गिने-चुने राजनेताओं में से थे जिन्होंने उग्रवाद के खिलाफ सार्वजनिक मंचों से आवाज उठाई। अपने पिता की इसी विरासत को आगे बढ़ाते हुए श्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने भी हमेशा देशविरोधी ताकतों के खिलाफ बेहद सख्त रवैया अपनाया है। पंजाब के गृह मंत्री के रूप में उन्होंने ऐसे लोगों पर कड़ी कार्रवाई भी की। जाहिर है, देशहित में खड़े रहने के कारण उन्हें और उनके परिवार को लगातार धमकियां मिलती रही हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना पूरी तरह से सरकार की नैतिक और संवैधानिक जिम्मेदारी है। इस गंभीर विषय को लेकर यदि वे केंद्रीय गृह मंत्री से मुलाकात करते हैं, तो एक सामान्य और आवश्यक प्रक्रिया को अनावश्यक रूप से राजनीतिक रंग देना या उसका गलत प्रचार करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और अनुचित है।0
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मोरिंडा: कांग्रेस MLA त्रिपत बाजवा ने पूर्व CM चारणजीत चन्नी की बैठक पर प्रतिक्रिया दी
Noida, Uttar Pradesh:MORINDA (PUNJAB): TRIPAT BAJWA (CONGRESS MLA) ON MEETING HELD BY FORMER CHIEF MINISTER CHARANJIT CHANNI0
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के खिलाफ धमकी वीडियो के आरोपी गिरफ्तार, पुलिस रिमांड जारी
Chanwal, Himachal Pradesh:मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के खिलाफ सोशल मीडिया पर कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी और जान से मारने की धमकी का वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट करने वाले व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है。 आरोपी की पहचान गांव भगोट निवासी रजनीश के रूप में हुई है। आरोपी को आज अदालत में पेश किया। बुधवार को शिवनगर निवासी विश्व शामा ने शिकायत दी थी कि एक व्यक्ति के सोशल मीडिया अकाउंट से अपलोड किए गए वीडियो में मुख्यमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया है। वीडियो में उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई है। वीडियो में एक विशेष समुदाय के खिलाफ भी आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप है। आरोपी की पहचान होने के बाद उसे भोटा पुलिस चौकी में पूछताछ के लिए बुलाया गया। जहां पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया。 एसपी हमीरपुर बलवीर सिंह ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच करते हुए दोषी व्यक्ति को पकड़ कर उससे पूछताछ कर उसे गिरफ्तार किया और आज कोर्ट में पेश किया गया जहाँ से उसे चार दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है । उन्होंने बताया कि पुलिस ने सोशल मीडिया पर अपशब्द कहने, जानबूझकर किसी व्यक्ति के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने सहित व्यक्ति की छवि को धूमिल करने की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है बाइट बलबीर सिंह पुलिस अधीक्षक0
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सीएम Sukhu: हिमाचल वन निगम में वेतन भत्ता, बोनस और नियमितीकरण को मंजूरी
Shimla, Himachal Pradesh:मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश राज्य वन विकास निगम लिमिटेड के निदेशक मंडल की 216वीं बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में प्रदेश सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुरूप निगम के कर्मचारियों को पहली अप्रैल, 2025 से 3 प्रतिशत महंगाई भत्ता बढ़ाने को स्वीकृति प्रदान की गई। साथ ही, 21,000 रुपये तक मासिक वेतन प्राप्त करने वाले 175 कर्मचारियों को बोनस देने की स्वीकृति भी प्रदान की गई। बैठक के दौरान निदेशक मंडल ने प्रदेश सरकार द्वारा पहली अप्रैल, 2026 को जारी अधिसूचना के अनुसार उन दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की सेवाओं को नियमित करने की भी स्वीकृति दी, जिन्होंने पिछले चार वर्षों में प्रत्येक वर्ष 240 दिन का कार्य पूरा किया है। इसके अतिरिक्त, प्रदेश सरकार की नीति के अनुरूप पात्र अनुबंध कर्मचारियों की सेवाओं के नियमितीकरण को भी स्वीकृति प्रदान की गई। निदेशक मंडल ने विभिन्न श्रेणियों के श्रमिकों के लिए न्यूनतम दैनिक मजदूरी 425 रुपये से बढ़ाकर 450 रुपये करने को भी स्वीकृति प्रदान की। यह संशोधन पहली अप्रैल, 2026 से प्रभावी होगा और प्रदेश सरकार की अधिसूचना के अनुरूप लागू किया जाएगा। निगम के कार्यों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने बिलासपुर स्थित रेजिन एवं टरपेंटाइन (आरएंडटी) फैक्ट्री के आधुनिकीकरण के बाद राजस्व में हुई उल्लेखनीय वृद्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की। निदेशक मंडल ने सकारात्मक परिणामों को ध्यान में रखते हुए नाहन स्थित आरएंडटी फैैक्ट्री के आधुनिकीकरण का भी निर्णय लिया ताकि उत्पादकता और राजस्व में और अधिक वृद्धि सुनिश्चित की जा सके। मुख्यमंत्री ने निगम की वित्तीय स्थिति को सुदृढ़ करने के लिए प्रबंध निदेशक द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना करते हुए अधिकारियों को राजस्व बढ़ाने, कार्यकुशलता में सुधार लाने और निगम की दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए नवाचारपूर्ण उपाय जारी रखने के निर्देश दिए。0
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मजीठिया FIR 91: अदालत ने फैसला सुरक्षित रखा, सियासी उद्देश्य पर सवाल
Amritsar, Punjab:ਮਜੀਠੀਆ ਖ਼ਿਲਾਫ਼ ਐਫਆਈਆਰ ਨੰਬਰ 91 ਮਾਮਲੇ ਦੀ ਸੁਣਵਾਈ ਮੁਕੰਮਲ, ਅਦਾਲਤ ਨੇ ਫ਼ੈਸਲਾ ਰਾਖਵਾਂ ਰੱਖਿਆ ਅਰਸ਼ਦੀਪ ਸਿੰਘ ਕਲੇਰ ਦਾ ਦਾਅਵਾ—ਐਫਆਈਆਰ ਨੰਬਰ 91 ਸਿਆਸੀ ਮਕਸਦ ਨਾਲ ਦਰਜ ਕੀਤੀ ਹਾਈਕੋਰਟ 'ਤੇ ਪੂਰਾ ਭਰੋਸਾ, ਸੱਚ ਦੀ ਜਿੱਤ ਹੋਵੇਗੀ: ਮਜੀਠੀਆ ਦੇ ਵਕੀਲ ਪੁਲਿਸ ਦੀ ਕਾਰਵਾਈ 'ਤੇ ਉਠੇ ਸਵਾਲ, ਸੀਸੀਟੀਵੀ ਫੁਟੇਜ ਪੇਸ਼ ਨਾ ਕਰਨ 'ਤੇ ਵਕੀਲ ਨੇ ਕੀਤੀ ਆਲੋਚਨਾ ਅੱਜ ਅਕਾਲੀ ਆਗੂ ਬਿਕਰਮ ਸਿੰਘ ਮਜੀਠੀਆ ਨਾਲ ਸੰਬੰਧਿਤ ਐਫਆਈਆਰ ਨੰਬਰ 91 ਦੇ ਮਾਮਲੇ ਵਿੱਚ ਅਦਾਲਤ ਅੰਦਰ ਸੁਣਵਾਈ ਹੋਈ। ਸੁਣਵਾਈ ਦੌਰਾਨ ਮਜੀਠੀਆ ਦੀ ਪੱਖੋਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਵਕੀਲ ਅਰਸ਼ਦੀਪ ਸਿੰਘ ਕਲੇਰ ਅਦਾਲਤ ਵਿੱਚ ਪੇਸ਼ ਹੋਏ। ਕਾਰਵਾਈ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਮੀਡੀਆ ਨਾਲ ਗੱਲਬਾਤ ਕਰਦੇ ਹੋਏ ਕਲੇਰ ਨੇ ਦਾਅਵਾ ਕੀਤਾ ਕਿ ਇਹ ਪੂਰਾ ਮਾਮਲਾ ਸਿਆਸੀ ਪ੍ਰੇਰਿਤ ਹੈ ਅਤੇ ਆਉਣ ਵਾਲੀਆਂ ਨਗਰ ਕੌਂਸਲਾਂ ਅਤੇ ਨਗਰ ਨਿਗਮ ਚੋਣਾਂ ਨੂੰ ਧਿਆਨ ਵਿੱਚ ਰੱਖਦਿਆਂ ਵਿਰੋਧੀ ਧਿਰ ਦੇ ਆਗੂਆਂ ਅਤੇ ਸਮਰਥਕਾਂ ਨੂੰ ਨਿਸ਼ਾਨਾ ਬਣਾਇਆ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ。 ਵਕੀਲ ਕਲੇਰ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਐਫਆਈਆਰ ਨੰਬਰ 91 ਵਿੱਚ ਬਿਕਰਮ ਸਿੰਘ ਮਜੀਠੀਆ ਨੂੰ ਨਾਮਜ਼ਦ ਕਰਨਾ ਕਾਨੂੰਨੀ ਤੌਰ 'ਤੇ ਜਾਇਜ਼ ਨਹੀਂ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦਾ ਕਹਿਣਾ ਸੀ ਕਿ ਇਸ ਮਾਮਲੇ ਨਾਲ ਜੁੜੇ ਜੋਬਨਜੀਤ ਨੂੰ ਪਹਿਲਾਂ ਹੀ ਪੰਜਾਬ ਅਤੇ ਹਰਿਆਣਾ ਹਾਈਕੋਰਟ ਵੱਲੋਂ ਗੈਰ-ਕਾਨੂੰਨੀ ਹਿਰਾਸਤ ਵਿੱਚ ਹੋਣ ਦੇ ਆਧਾਰ 'ਤੇ ਰਿਹਾਅ ਕੀਤਾ ਜਾ ਚੁੱਕਾ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਅਨੁਸਾਰ ਜੇਕਰ ਕਿਸੇ ਵਿਅਕਤੀ ਨੂੰ ਗੈਰ-ਕਾਨੂੰਨੀ ਤਰੀਕੇ ਨਾਲ ਹਿਰਾਸਤ ਵਿੱਚ ਰੱਖਿਆ ਗਿਆ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਉਸ ਦੇ ਹੱਕ ਵਿੱਚ ਧਰਨਾ ਦੇਣਾ ਜਾਂ ਉਸ ਦੇ ਪਰਿਵਾਰ ਨਾਲ ਖੜ੍ਹਨਾ ਕਿਸੇ ਵੀ ਜਨ-ਪ੍ਰਤੀਨਿਧੀ ਦੀ ਜ਼ਿੰਮੇਵਾਰੀ ਬਣਦੀ ਹੈ。 ਕਲੇਰ ਨੇ ਦੋਸ਼ ਲਗਾਇਆ ਕਿ ਸੰਬੰਧਿਤ ਐਸਐਚਓ ਨੇ ਜੋਬਨਜੀਤ ਨੂੰ ਥਾਣੇ ਦੇ ਲਾਕਅੱਪ ਦੀ ਬਜਾਏ ਆਪਣੇ ਨਿੱਜੀ ਕਮਰੇ ਵਿੱਚ ਰੱਖਿਆ, ਜਿਸ ਬਾਰੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਹ ਕਾਨੂੰਨੀ ਪ੍ਰਕਿਰਿਆ ਦੇ ਉਲਟ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦਾ ਕਹਿਣਾ ਸੀ ਕਿ ਇਸ ਸਬੰਧੀ ਪੁਲਿਸ ਦੀ ਕਾਰਵਾਈ 'ਤੇ ਗੰਭੀਰ ਸਵਾਲ ਖੜ੍ਹਦੇ ਹਨ ਅਤੇ ਅਸਲ ਜਾਂਚ ਦੀ ਬਜਾਏ ਵਿਰੋਧੀ ਧਿਰ ਦੇ ਆਗੂਆਂ ਨੂੰ ਨਿਸ਼ਾਨਾ ਬਣਾਇਆ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਵਕੀਲ ਨੇ ਇਹ ਵੀ ਦਾਅਵਾ ਕੀਤਾ ਕਿ ਮਜੀਠਾ ਨਗਰ ਕੌਂਸਲ ਨਾਲ ਜੁੜੇ ਕੁਝ ਚੁਣੇ ਹੋਏ ਅਕਾਲੀ ਕੌਂਸਲਰਾਂ ਨੂੰ ਵੀ ਇਸੇ ਐਫਆਈਆਰ ਵਿੱਚ ਸ਼ਾਮਲ ਕਰਨ ਦੀ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ ਤਾਂ ਜੋ ਉਹ ਆਪਣੀ ਵੋਟ ਦਾ ਇਸਤੇਮਾਲ ਨਾ ਕਰ ਸਕਣ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਅਨੁਸਾਰ ਇਹ ਸਭ ਕੁਝ سਿਆਸੀ ਲਾਭ ਹਾਸਲ ਕਰਨ ਦੀ ਨੀਅਤ ਨਾਲ ਕੀਤਾ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ。 ਅਰਸ਼ਦੀਪ ਸਿੰਘ ਕਲੇਰ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਬਚਾਅ ਪੱਖ ਵੱਲੋਂ ਅਦਾਲਤ ਵਿੱਚ ਆਪਣੇ ਸਾਰੇ ਤੱਥ ਅਤੇ ਦਲੀਲਾਂ ਪੇਸ਼ ਕਰ ਦਿੱਤੀਆਂ ਗਈਆਂ ਹਨ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦਾ ਦਾਅਵਾ ਸੀ ਕਿ ਸੁਣਵਾਈ ਦੌਰਾਨ ਅਦਾਲਤ ਨੇ ਪੁਲਿਸ ਪੱਖ ਤੋਂ ਕੁਝ ਸਵਾਲ ਪੁੱਛੇ, ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਸੰਤੋਸ਼ਜਨਕ ਜਵਾਬ ਨਹੀਂ ਦਿੱਤੇ ਜਾ ਸਕੇ। ਇਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਅਦਾਲਤ ਨੇ ਮਾਮਲੇ 'ਤੇ ਆਪਣਾ ਫ਼ੈਸਲਾ ਰਾਖਵਾਂ ਰੱਖ ਲਿਖ ਲਿਆ ਹੈ। ਬਾਈਟ:--- ਐਡਵੋਕੇਟ ਅਰਸ਼ਦੀਪ ਸਿੰਘ ਕਲੇਰ ਬਾਈਟ:-- ਦਮਨ ਬੀਰ ਸਿੰਘ ਸੋਬਤੀ ਐਡਵੋਕੇਟ0
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लोकतंत्र Modi-Shah शासन से खतरे में; विपक्ष ने सुप्रीम कोर्ट से चुनाव पारदर्शिता मांगी
Noida, Uttar Pradesh:Electoral democracy in our country faces the gravest of threats from the Modi-Shah regime. On 28th June, 24 Opposition Parties along with an Independent MP wrote to the Hon’ble Chief Justice of India on the flawed SIR process, the partisan role of the Election Commission of India and other election-related issues. It is the role of our judiciary to guard our democracy from the excesses of the executive - especially one which is hell-bent on destroying the Constitutional framework that gives us our democracy. In our democracy, the Supreme Court is entrusted with the onerous responsibility of ensuring injustice doesn’t prevail. Therefore, it has a vital role to play in protecting the free and fair nature of elections, and also to make sure that they seen to be free and fair. Without this, injustice against 1.4 billion voters persists every single day. We are releasing this letter, in the interest of transparency, and in the hope that the Hon’ble Supreme Court will take the firm steps urgently required to restore the integrity and accoutability of and faith in the election process of crores of our people.0
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हमीरपुर के कोचिंग संस्थानों के लिए 9 जुलाई तक स्टेटस रिपोर्ट और सुरक्षा तैयारी
Chanwal, Himachal Pradesh:देश के अलग-अलग कोनों में आए दिन कोचिंग शिक्षण संस्थानों में हो रही आगजनी की घटनाओं को लेकर प्रशासन हाई अलर्ट पर है किसी भी परिस्थिति से आपात समय में निपटने को लेकर संस्थानों में तैयारी कैसी हैं । इसे लेकर एसडीएम हमीरपुर ने कोचिंग संस्थानों के साथ बैठक की और शिक्षण संस्थानों को 9 जुलाई तक अपने संस्थानों में क्या सुविधाएं हैं और सरकार द्वारा दिए गए दिशा निर्देश के अनुसार एनओसी व अन्य दस्तावेज़ लेकर जल्द स्टेटस रिपोर्ट देने को कहा गया है। हमीरपुर शहर में चल रहे विभिन्न कोचिंग सेंटर में पढ़ाई करने आ रहे बच्चों की सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह की कोई कोताही संबंधित कोचिंग संस्थानों द्वारा नही बरती जाए इसे लेकर प्रशासन ने सख्त कदम उठाना शुरू कर दिए हैं । कोई भी अप्रिय घटना न हो इसको लेकर प्रशासन ने सभी संस्थानों को तैयारी करके रखना को कहा गया है। हमीरपुर शहर में पहले 25 कोचिंग संस्थान थे जिनमें पांच बंद हो गए हैं और अभी मौजूदा समय में 18 कोचिंग संस्थान चल रहे हैं जिसमे हजारों की संख्या में छात्र प्रदेश के विभिन्न स्थानों ने कोचिंग लेने आते हैं । एसडीएम हमीरपुर संजीत कुमार ने बताया कि कोचिंग संस्थाओं के प्रबंधकों को बुलाया गया था और उनसे कहा गया है कि वह अपने संस्थान की स्टेटस रिपोर्ट 9 जुलाई तक जमा करवा अगर तय समय के अंदर उन्होंने इस रिपोर्ट को जमा नहीं करवाया तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी अमर में लाई जा सकती है। उन्होंने बताया कि संस्थाओं के पास आगजनी की घटना के समय बचाव के कैसे इंतजाम है पानी की कितनी व्यवस्था है एंट्री और एग्जिट प्वाइंट कैसे हैं बच्चों के लिए खुला स्पेस कितना है और किसी भी आपात स्थिति में बचाव के क्या तरीका उनके पास मौजूद है सब की जानकारी मांगी गई है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा संस्थाओं के लिए जो नियम बनाए गए हैं उन्हें संस्थान कितना फॉलो कर रहे हैं इसकी जानकारी भी मांगी गई है। जहां पर नियमों का पालन नहीं हो रहा होगा और कमियां होगी उन्हें भी जल्द पूरा करने के लिए समय दिया जाएगा ताकि किसी भी आपात स्थिति के समय बचाव के रास्ते अपनाए जा सके。0
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खन्ना पुलिस ने गैर-कानूनी साइलेंसर के खिलाफ बुलडोजर चलाकर 150 से अधिक साइलेंसर नष्ट किए
Khanna, Punjab:-ਖੰਨਾ ਪੁਲਿਸ ਦਾ ਐਕਸ਼ਨ ਮੋਡ: ਬੁਲੇਟਾਂ ਦੇ ਪਟਾਕੇ ਕੀਤੇ ਜਾਣਗੇ ਪੂਰਨ ਬੰਦ, 150 ਗੈਰ-ਕਾਨੂੰਨੀ ਸਾਈਲੈਂਸਰਾਂ 'ਤੇ ਚੱਲਿਆ ਬੁਲਡੋਜ਼ਰ -ਐਸਐਸਪੀ ਡਾ. ਦਰਪਣ ਆਹਲੂਵਾਲੀਆ ਦੀ ਅਗਵਾਈ ਹੇਠ ਨਿਯਮ ਤੋੜਨ ਵਾਲਿਆਂ ਖ਼ਿਲਾਫ਼ ਵੱਡੀ ਕਾਰਵਾਈ, ਮਾਪਿਆਂ ਨੂੰ ਵੀ ਕੀਤੀ ਸਹਿਯੋਗ ਦੀ ਅਪੀਲ -ਜਿਲ੍ਹੇ ਭਰ ਅੰਦਰ ਸੈਂਕੜੇ ਚਲਾਨ, ਕਰੀਬ 150 ਗੈਰ-ਕਾਨੂੰਨੀ ਸਾਈਲੈਂਸਰ ਜ਼ਬਤ ਕਰਕੇ ਜਨਤਕ ਤੌਰ 'ਤੇ ਕੀਤੇ ਨਸ਼ਟ, ਹੁਣ ਮੋਡੀਫਿਕੇਸ਼ਨ ਕਰਨ ਵਾਲੇ ਮੈਕੇਨਿਕਾਂ ਖਿਲਾਫ ਵੀ ਹੋਵੇਗੀ ਕਾਰਵਾਈ ਖੰਨਾ/ਲੁਧਿਆਣਾ 03 ਜੁਲਾਈ ਪੁਲਿਸ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਖੰਨਾ ਵਿੱਚ ਕਾਨੂੰਨ ਦੀ پਾਲਣਾ ਯਕੀਨੀ ਬਣਾਉਣ, ਆਵਾਜ਼ ਪ੍ਰਦੂਸ਼ਣ 'ਤੇ ਰੋਕ ਲਗਾਉਣ ਅਤੇ ਆਮ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਸੁਖਾਵਾਂ ਮਾਹੌਲ ਪ੍ਰਦਾਨ ਕਰਨ ਦੇ ਮਕਸਦ ਨਾਲ ਐਸਐਸਪੀ ਡਾ. ਦਰਪਣ ਆਹਲੂਵਾਲੀਆ (ਆਈਪੀਐਸ) ਦੀ ਅਗਵਾਈ ਹੇਠ ਚਲਾਈ ਗਈ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਮੁਹਿੰਮ ਨੇ ਇੱਕ ਵਾਰ ਫਿਰ ਸਾਬਤ ਕਰ ਦਿੱਤਾ ਹੈ ਕਿ ਜਨਤਕ ਹਿੱਤਾਂ ਨਾਲ ਖਿਲਵਾੜ ਕਰਨ ਵਾਲਿਆਂ ਲਈ ਹੁਣ ਕੋਈ ਰਿਆਇਤ ਨਹੀਂ ਹੋਵੇਗੀ। ਗੈਰ-ਕਾਨੂੰਨੀ ਸਾਈਲੈਂਸਰ ਲਗਾ ਕੇ ਬੁਲੇਟ ਮੋਟਰਸਾਈਕਲਾਂ ਨਾਲ ਪਟਾਕੇ ਮਾਰਨ ਵਾਲਿਆਂ ਖ਼ਿਲਾਫ਼ ਚਲਾਈ ਗਈ ਇਸ ਮੁਹਿੰਮ ਤਹਿਤ ਜਿੱਥੇ ਪੂਰੇ ਜ਼ਿਲ੍ਹੇ ਵਿੱਚ ਸੈਂਕੜੇ ਚਲਾਨ ਕੀਤੇ ਗਏ, ਉੱਥੇ ਹੀ ਕਰੀਬ 150 ਗੈਰ-ਕਾਨੂੰਨੀ ਸਾਈਲੈਂਸਰ ਜ਼ਬਤ ਕਰਕੇ ਅੱਜ ਖੰਨਾ ਦੇ ਅਮਲੋਹ ਚੌਂਕ ਵਿੱਚ ਲੋਕਾਂ ਦੇ ਸਾਮਣੇ ਉਨ੍ਹਾਂ 'ਤੇ ਬੁਲਡੋਜ਼ਰ ਚਲਾ ਕੇ ਨਸ਼ਟ ਕੀਤਾ ਗਿਆ। ਇਹ ਕਾਰਵਾਈ ਸਿਰਫ਼ ਗੈਰ-ਕਾਨੂੰਨੀ ਸਾਈਲੈਂਸਰ ਨਸ਼ਟ ਕਰਨ ਤੱਕ ਸੀਮਿਤ ਨਹੀਂ ਰਹੀ, ਸਗੋਂ ਇਸ ਰਾਹੀਂ ਪੁਲਿਸ ਨੇ ਪੂਰੇ ਸਮਾਜ ਨੂੰ ਇੱਕ ਸਪੱਸ਼ਟ ਸੰਦੇਸ਼ ਦਿੱਤਾ ਕਿ ਕਾਨੂੰਨ ਦੀ ਉਲੰਘਣਾ ਕਰਨ ਵਾਲਿਆਂ ਨਾਲ ਸਖ਼ਤੀ ਨਾਲ ਨਿਪਟਿਟਾ ਜਾਵੇਗਾ। ਇਸ ਮੌਕੇ ਵੱਡੀ ਗਿਣਤੀ ਵਿੱਚ ਲੋਕਾਂ ਨੇ ਵੀ ਪੁਲਿਸ ਦੀ ਇਸ ਪਹਿਲ ਦੀ ਸ਼ਲਾਘਾ ਕੀਤੀ。 ਮੀਡੀਆ ਨਾਲ ਗੱਲਬਾਤ ਕਰਦਿਆਂ ਐਸਐਸਪੀ ਡਾ. ਦਰਪਣ ਆਹਲੂਵਾਲੀਆ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪਿਛਲੇ ਕੁੱਝ ਸਮੇਂ ਤੋਂ ਪੁਲਿਸ ਨੂੰ ਲਗਾਤਾਰ ਸ਼ਿਕਾਇਤਾਂ ਮਿਲ ਰਹੀਆਂ ਸਨ ਕਿ ਬੁਲੇਟ ਮੋਟਰਸਾਈਕਲਾਂ 'ਤੇ ਗੈਰ-ਕਾਨੂੰਨੀ ਸਾਈਲੈਂਸਰ ਲਗਾ ਕੇ ਉੱਚੀ ਆਵਾਜ਼ ਨਾਲ ਪਟਾਕੇ ਜਾਂਦੇ ਹਨ, ਜਿਸ ਕਾਰਨ ਆਮ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਭਾਰੀ ਦਿੱਕਤਾਂ ਦਾ ਸਾਹਮਣਾ ਕਰਨਾ ਪੈਂਦਾ ਹੈ। ਖ਼ਾਸ ਕਰਕੇ ਬਾਜ਼ਾਰਾਂ ਵਿੱਚ ਖਰੀਦਦਾਰੀ ਕਰਨ ਵਾਲੀਆਂ ਔਰਤਾਂ, ਬਜ਼ੁਰਗਾਂ, ਦਿਲ ਦੇ ਮਰੀਜ਼ਾਂ, ਛੋਟੇ ਬੱਚਿਆਂ ਅਤੇ ਸਕੂਲ-ਕਾਲਜਾਂ ਦੇ ਨੇੜੇ ਇਹ ਹਰਕਤਾਂ ਡਰ ਅਤੇ ਪਰੇਸ਼ਾਨੀ ਦਾ ਕਾਰਨ ਬਣ ਰਹੀਆਂ ਸਨ। ਲੋਕਾਂ ਦੀ ਸੁਰੱਖਿਆ ਅਤੇ ਸ਼ਾਂਤੀ ਨੂੰ ਧਿਆਨ ਵਿੱਚ ਰੱਖਦਿਆਂ ਟਰੈਫਿਕ ਪੁਲਿਸ ਨੂੰ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਮੁਹਿੰਮ ਚਲਾਉਣ ਦੇ ਨਿਰਦੇਸ਼ ਦਿੱਤੇ ਗਏ। ਇਸ ਮੁਹਿੰਮ ਤਹਿਤ ਪੂਰੇ ਜ਼ਿਲ੍ਹੇ ਵਿੱਚ ਸੈਂਕੜੇ ਵਾਹਨਾਂ ਦੇ ਚਲਾਨ ਕੀਤੇ ਗਏ ਅਤੇ ਕਰੀਬ 150 ਗੈਰ-ਕਾਨੂੰਨੀ ਸਾਈਲੈਂਸਰ ਜ਼ਬਤ ਕੀਤੇ ਗਏ। ਅੱਜ ਇਨ੍ਹਾਂ ਸਾਈਲੈਂਸਰਾਂ ਨੂੰ ਜਨਤਕ ਤੌਰ 'ਤੇ ਨਸ਼ਟ ਕਰਕੇ ਲੋਕਾਂ ਵਿੱਚ ਜਾਗਰੂਕਤਾ ਦਾ ਸੰਦੇਸ਼ ਦਿੱਤਾ ਗਿਆ ਹੈ ਕਿ ਅਜਿਹੀਆਂ ਹਰਕਤਾਂ ਕਿਸੇ ਵੀ ਕੀਮਤ 'ਤੇ ਬਰਦਾਸ਼ਤ ਨਹੀਂ ਕੀਤੀਆਂ ਜਾਵੇਗੀਆਂ ਐਸਐਸਪੀ ਡਾ. ਦਰਪਣ ਆਹਲੂਵਾਲੀਆ ਨੇ ਸਪੱਸ਼ਟ ਕੀਤਾ ਕਿ ਇਹ ਮੁਹਿੰਮ ਦਾ ਸਿਰਿਰ ਪਹਿਲਾ ਪੜਾਅ ਹੈ। ਅਗਲੇ ਪੜਾਅ ਵਿੱਚ ਉਹਨਾਂ ਵਰਕਸ਼ਾਪਾਂ, ਗੈਰਾਜਾਂ ਅਤੇ ਮਕੈਨਿਕਾਂ ਖ਼ਿਲਾਫ਼ ਵੀ sbਖ਼ਤ ਕਾਰਵਾਈ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇਗੀ ਜੋ ਗੈਰ-ਕਾਨੂੰਨੀ ਸਾਈਲੈਂਸਰ ਲਗਾਉਂਦੇ ਜਾਂ ਮੋਡੀਫਾਈ ਕਰਦੇ ਹਨ। ਅਜਿਹੇ ਲੋਕਾਂ ਖ਼ਿਲਾਫ਼ ਕਾਨੂੰਨੀ ਕਾਰਵਾਈ ਦੇ ਨਾਲ-ਨਾਲ ਮੁਕੱਦਮੇ ਵੀ ਦਰਜ ਕੀਤੇ ਜਾਣਗੇ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਮਾਪਿਆਂ ਨੂੰ ਵੀ ਅਪੀਲ ਕੀਤੀ ਕਿ ਉਹ ਆਪਣੇ ਬੱਚਿਆਂ ਨੂੰ ਟਰੈਫਿਕ ਨਿਯਮਾਂ ਦੀ ਪਾਲਣਾ ਕਰਨ ਲਈ ਪ੍ਰੇਰਿਤ ਕਰਨ ਅਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਗੈਰ-ਕਾਨੂੰਨੀ ਸਾਈਲੈਂਸਰ ਲਗਾ ਕੇ ਪਟਾਕੇ ਮਾਰਨ ਵਰਗੀਆਂ ਹਰਕਤਾਂ ਤੋਂ ਰੋਕਣ। ਜੇਕਰ ਕੋਈ ਨਾਬਾਲਗ ਅਜਿਹੀ ਉਲੰਘਣਾ ਕਰਦਾ ਮਿਲਿਆ ਤਾਂ ਕਾਨੂੰਨ ਅਨੁਸਾਰ ਉਸਦੇ ਮਾਪਿਆਂ ਖ਼ਿਲਾਫ਼ ਵੀ ਕਾਰਵਾਈ ਕੀਤੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ。 ਸ਼ਹਿਰਵਾਸੀਆਂ ਨੇ ਵੀ ਖੰਨਾ ਪੁਲਿਸ ਦੀ ਇਸ ਮੁਹਿੰਮ ਨੂੰ ਸਮੇਂ ਦੀ ਲੋੜ ਦੱਸਦਿਆਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪਿਛਲੇ ਕਾਫ਼ੀ ਸਮੇਂ ਤੋਂ ਗੈਰ-ਕਾਨੂੰਨੀ ਸਾਈਲੈਂਸਰਾਂ ਦੀ ਉੱਚੀ ਆਵਾਜ਼ ਕਾਰਨ ਲੋਕ ਪਰੇਸ਼ਾਨ ਸਨ। ਹੁਣ ਪੁਲਿਸ ਦੀ ਇਸ ਸਖ਼ਤ ਕਾਰਵਾਈ ਨਾਲ ਨਾ ਸਿਰਫ਼ ਕਾਨੂੰਨ ਦਾ ਡਰ ਪੈਦਾ ਹੋਵੇਗਾ, ਸਗੋਂ ਨੌਜਵਾਨਾਂ ਵਿੱਚ ਵੀ ਟਰੈਫਿਕ ਨਿਯਮਾਂ ਦੀ ਪਾਲਣਾ ਕਰਨ ਦੀ ਜਾਗਰੂਕਤਾ ਵਧੇਗੀ। ਇਸ ਮੌਕੇ ਡੀਐਸਪੀ ਟਰੈਫਿਕ ਕਰਮਵੀਰ ਸਿੰਘ ਤੂਰ, ਟਰੈਫਿਕ ਇੰਚਾਰਜ ਕੁਲਜੀਤ ਸਿੰਘ ਸਮੇਤ ਟਰੈਫਿਕ ਪੁਲਿਸ ਦੇ ਹੋਰ ਅਧਿਕਾਰੀ ਵੀ ਮੌਜੂਦ ਰਹੇ, ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਇਸ ਮੁਹਿੰਮ ਨੂੰ ਸਫਲ ਬਣਾਉਣ ਵਿੱਚ ਅਹਿਮ ਭੂਮਿਕਾ ਨਿਭਾਈ。 ਖੰਨਾ ਪੁਲਿਸ ਦੀ ਇਹ ਕਾਰਵਾਈ ਸਪੱਸ਼ਟ ਕਰਦੀ ਹੈ ਕਿ ਐਸਐਸਪੀ ਡਾ. ਦਰਪਣ ਆਹਲੂਵਾਲੀਆ ਦੀ ਅਗਵਾਈ ਹੇਠ ਜ਼ਿਲ੍ਹੇ ਵਿੱਚ ਕਾਨੂੰਨ ਦੀ ਉਲੰਘਣਾ ਕਰਨ ਵਾਲਿਆਂ ਲਈ ਕੋਈ ਢਿੱਲ ਨਹੀਂ ਹੈ ਅਤੇ ਆਮ ਲੋਕਾਂ ਦੀ ਸੁਰੱਖਿਆ, ਸ਼ਾਂਤੀ ਅਤੇ ਸੁੱਖ-ਸੁਵਿਧਾ ਨੂੰ ਸਭ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਤਰਜੀਹ ਦਿੱਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ। ਇਹ ਮੁਹਿੰਮ ਨਾ ਸਿਰਫ਼ ਟਰੈਫਿਕ ਅਨੁਸ਼ਾਸਨ ਨੂੰ ਮਜ਼ਬੂਤ ਕਰੇਗੀ, ਸਗੋਂ ਜਨਤਾ ਵਿੱਚ ਕਾਨੂੰਨ ਪ੍ਰਤੀ ਭਰੋਸਾ ਵੀ ਹੋਰ ਮਜ਼ਬੂਤ ਕਰੇਗੀ。 ਬਾਈਟ - ਡਾ. ਦਰਪਣ ਆਹਲੂਵਾਲੀਆ SSP0
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ज़ीर्कपुर VIP रोड पर पुलिस अधिकारी पर थप्पड़ के आरोप, जांच शुरू
Zirakpur, Punjab:ਜ਼ੀਰਕਪੁਰ ਦੇ ਵੀਆਈਪੀ ਰੋਡ ਇਲਾਕੇ ਤੋਂ ਇੱਕ ਹੈਰਾਨ ਕਰਨ ਵਾਲੀ ਘਟਨਾ ਸਾਹਮਣੇ ਆਈ ਹੈ, ਜਿੱਥੇ ਦੇਰ ਰਾਤ ਬੀਟ ਬਾਕਸ 'ਤੇ ਤੈਨਾਤ ਇੱਕ ਪੁਲਿਸ ਮੁਲਾਜ਼ਮ ਦੀ ਇੱਕ ਵੀਡੀਓ ਸੋਸ਼ਲ ਮੀਡੀਆ 'ਤੇ ਤੇਜ਼ੀ ਨਾਲ ਵਾਇਰਲ ਹੋ ਰਹੀ ਹੈ। ਇਸ ਵੀਡੀਓ ਵਿੱਚ ਪੁਲਿਸ ਮੁਲਾਜ਼ਮ ਦੀ ਇੱਕ ਮਹਿਲਾ ਅਤੇ ਉਸਦੇ ਨਾਲ ਮੌਜੂਦ ਨੌਜਵਾਨ ਨਾਲ ਤਿੱਖੀ bਹਿਸ ਹੁੰਦੀ ਦਿਖਾਈ ਦੇ ਰਹੀ ਹੈ। ਦੋਸ਼ ਹੈ ਕਿ ਬਹਿਸ ਦੌਰਾਨ ਪੁਲਿਸ ਮੁਲਾਜ਼ਮ ਨੇ ਗੁੱਸੇ ਵਿੱਚ ਆ ਕੇ ਨੌਜਵਾਨ ਨੂੰ ਥੱਪੜ ਮਾਰ ਦਿੱਤਾ। ਵਾਇਰਲ ਵੀਡੀਓ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਇਹ ਵੀ ਦਾਅਵਾ ਕੀਤਾ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ ਕਿ ਸੰਬੰਧਿਤ ਪੁਲਿਸ ਮੁਲਾਜ਼ਮ ਸ਼ਰਾਬ ਦੇ ਨਸ਼ੇ ਵਿੱਚ ਸੀ ਅਤੇ ਉਸ ਨੇ ਮਹਿਲਾ ਨਾਲ ਵੀ ਬਦਸਲੂਕੀ ਕੀਤੀ। ਹਾਲਾਂਕਿ, ਇਸ ਦਾਅਵੇ ਦੀ ਅਧਿਕਾਰਿਕ ਪੁਸ਼ਟੀ ਅਜੇ ਤੱਕ ਨਹੀਂ ਹੋਈ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸ ਦੀ ਜਾਂਚ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ। ਵੀਡੀਓ ਵਿੱਚ ਇਹ ਵੀ ਨਜ਼ਰ ਆ ਰਿਹਾ ਹੈ ਕਿ ਥੱਪੜ ਮਾਰੇ ਜਾਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਨੌਜਵਾਨ ਅਤੇ ਉਸਦੇ ਨਾਲ ਮੌਜੂத ਕੁਝ ਲੋਕਾਂ ਵੱਲੋਂ ਵੀ ਪੁਲਿਸ ਮੁਲਾਜ਼ਮ ਨਾਲ ਧੱਕਾ-ਮੁੱਕੀ ਕੀਤੀ ਗਈ, ਜਿਸ ਕਾਰਨ ਮੌਕੇ 'ਤੇ ਹੰਗਾਮੇ ਵਰਗੇ ਹਾਲਾਤ ਬਣ ਗਏ। ਇਸ ਸਾਰੀ ਘਟਨਾ ਦੀ ਕਿਸੇ ਵਿਅਕਤੀ ਨੇ ਵੀਡੀਓ ਬਣਾ ਲਈ, ਜੋ ਹੁਣ ਸੋਸ਼ਲ ਮੀਡੀਆ 'ਤੇ ਵਾਇਰਲ ਹੋ ਰਹੀ ਹੈ। ਵੀਡੀਓ ਸਾਹਮਣੇ ਆਉਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਪੁਲਿਸ ਵਿਭਾਗ ਵਿੱਚ ਵੀ ਹੜਕੰਪ ਮਚ ਗਿਆ ਹੈ। ਜ਼ੀਰਕਪੁਰ ਪੁਲਿਸ ਦੇ ਸੀਨੀਅਰ ਅਧਿਕਾਰੀਆਂ ਨੇ ਮਾਮਲੇ ਦਾ ਗੰਭੀਰ ਨੋਟਿਸ ਲੈਂਦਿਆਂ ਜਾਂਚ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਦਿੱਤੀ है। ਅਧਿਕਾਰੀਆਂ ਦਾ ਕਹਿਣਾ ਹੈ ਕਿ ਵੀਡੀਓ ਅਤੇ ਘਟਨਾ ਨਾਲ ਜੁੜੇ ਸਾਰੇ ਤੱਥਾਂ ਦੀ ਨਿਰਪੱਖ ਜਾਂਚ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ। ਜੇਕਰ ਜਾਂਚ ਦੌਰਾਨ ਕੋਈ ਵੀ ਪੁਲਿਸ ਮੁਲਾਜ਼ਮ ਜਾਂ ਹੋਰ ਵਿਅਕਤੀ ਦੋਸ਼ੀ ਪਾਇਆ ਗਿਆ ਤਾਂ ਉਸ ਖ਼ਿਲਾਫ਼ ਕਾਨੂੰਨ ਅਨੁਸਾਰ ਸਖ਼ਤ ਕਾਰਵਾਈ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇਗੀ。0
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पठानकोट के कच्चे क्वार्टर मोहल्ले में युवक की हत्या, पुरानी रंजिश पर कार्रवाई की मांग
Pathankot, Punjab:पठानकोट के कच्चे क्वार्टर मोहल्ला में एक नौजवान के कत्ल का मामला सामने आया है पुरानी रंजिश के चलते यह कत्ल का मामला सामने आया है/ लड़ाई झगड़े की सीसीटीवी फुटेज भी सामने आई है / पुलिस की ओर से मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी गई है पुरानी रजिश के चलते पठानकोट के कच्चे क्वार्टर मोहल्ला मैं एक नौजवान के कत्ल मामला सामने आया है जिसमें एक नौजवान गंभीर रूप से जख्मी हो गया और एक की मौत हो गई परिजनों का कहना है कि बीती रात पुरानी रंजिश के चलते हमलावरों की ओर से घटना को अंजाम दिया गया जिसके चलते एक नौजवान की मौत हो गई वही मृतक परिवार के सदस्यों का कहना है कि सबसे सख्त कार्रवाई की जाए और आरोपियों को जल्द पकड़कर उन पर बनती कार्रवाई की जाए वही इस संबंधी सिविल अस्पताल के सीनियर मेडिकल ऑफिसर का कहना है कि बीती रात एक लड़ाई झगड़े का मामला सामने आया था जिसके दौरान एक नौजवान की मौत का मामला सामने आया है और पोस्टमार्टम करके रिपोर्ट तैयार की जा रही है बाइट --- सुनील चंद सीनियर मेडिकल ऑफिसर वही इस मामले पर मृतक की बहन का कहना है कि जिनकी ओर से इस घटना को अंजाम दिया गया है उन पर बनती कार्रवाई की जाए और पुलिस प्रशासन से मांग की जा रही है कि जल्द आरोपियों को गिरफ्तार किया जाऐ बाइट--- गोरी (बहन)0
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हिमाचल में मानसून ने शुरुआत की खतरे की घंटी, भविष्य की तबाही का ट्रेलर
Kullu, Himachal Pradesh:नमस्कार, मैं हूं संदीप सिंह और आप देख रहे हैं ZEE PHH। हिमाचल प्रदेश में मानसून ने दस्तक दे दी है… लेकिन इस दस्तक के साथ ही पहाड़ों से डराने वाली तस्वीरें भी सामने आने लगी हैं। महज़ तीन-चार दिनों की बारिश में ही कहीं बादल फटने जैसे हालात, कहीं उफनते नाले, तो कहीं दरकते पहाड़… यानि बारिश की शुरुआत ने ही खतरे का ट्रेलर दिखाना शुरू कर दिया है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है— क्या हिमाचल एक बार फिर उसी तबाही की तरफ बढ़ रहा है, जिसकी दर्दनाक तस्वीरें 2023, 2024 और 2025 में पूरे देश ने देखी थीं? क्या पिछले हादसों से कोई सबक लिया गया? क्या संवेदनशील इलाकों में ज़मीन पर तैयारी हुई? या फिर सिस्टम अब भी पहले की तरह ही कमजोर, सुस्त और बेपरवाह है? वीकेंड स्पेशल में आज हम आपको दिखाएंगे ग्राउंड ज़ीरो की वो तस्वीर, जो मानसून की पहली बारिश में ही बहुत कुछ कह रही है… और बता रही है कि आने वाले दिनों में हिमाचल के लिए खतरा कितना बड़ा हो सकता है। हिमाचल में मानसून की शुरुआत के साथ ही खतरे की घंटी बज चुकी है। कुछ घंटों की तेज बारिश के बाद ही कई इलाकों में हालात बदलने लगे हैं— कहीं सड़कें बंद हैं, कहीं पुल बहने की कगार पर हैं, कहीं बिजली व्यवस्था चरमरा रही है, कहीं पानी की सप्लाई प्रभावित है, और कई इलाके फिर से हाई रिस्क ज़ोन में आते दिखाई दे रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है— क्या हिमाचल के संवेदनशील इलाकों में खतरा अब पहले से ज्यादा बढ़ चुका है? क्या नदियों-नालों के किनारे बढ़ता दबाव…नदी नालों में बढ़ती गैर-कानूनी mining, बेतरतीब निर्माण… और कमजोर सुरक्षा इंतज़ाम… आने वाले दिनों में किसी बड़ी तबाही की जमीन तैयार कर रहे हैं? हिमाचल में हर साल मानसून के साथ एक जैसी कहानी सामने आती है। बादल फटते हैं, बारिश होती है… नाले उफान पर आते हैं… सड़कें टूटती हैं… पहाड़ दरकते हैं… और फिर शुरू होता है नुकसान, डर और तबाही का लंबा सिलसिला। लेकिन हर बार सवाल सिर्फ कुदरत पर ही क्यों जाकर रुक जाए? क्या इसके पीछे सिस्टम की सुस्ती भी जिम्मेदार है? क्या बचाव और सुरक्षा के दावों की असलियत पहली बारिश में ही सामने आने लगती है? क्या अवैज्ञानिक निर्माण, नदियों-नालों से छेड़छाड़, पहाड़ों पर बढ़ता दबाव, और क्या कमज़ोर डिज़ास्टर मैनेजमेंट हिमाचल को हर साल और ज्यादा संवेदनशील बना रहे हैं? आने वाले दिन कितने भारी पड़ेंगे, यह मानसून के तेवर तय करेंगे। उम्मीद यही है कि इस बार हिमाचल पर मानसून का असर कम से कम कहर बनकर टूटे… और लोग सुरक्षित रहें।0
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हिंदी में पाँचखबर: ईसाई समुदाय ने पंजाबी गायक जानी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई; कड़ी कार्रवाई की मांग
Jalandhar, Punjab:ਪੰਜਾਬੀ ਗਾਇਕ ਅਤੇ ਲਿਖਾਰੀ Janni ਦੀਆਂ ਹੁਣ ਵਧਣਗੀਆਂ ਮੁਸ਼ਕਿਲਾਂ ਈਸਾਈ ਭਾਈਚਾਰੇ ਦੇ ਲੋਕਾਂ ਨੇ ਪੁਲਿਸ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਨੂੰ ਦਿੱਤੀ ਸ਼ਿਕਾਇਤ ਕੁਝ ਸਮਾਂ ਪਹਿਲਾਂ janni ਆਏ ਗਾਣੇ Apsraa 2 ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਛਿੜਿਆ ਵਿਵਾਦ ਗੱਲਬਾਤ ਦੌਰਾਨ ਇਸਾਈ ਭਾਈਚਾਰੇ ਦੇ ਆਗੂ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਕੁਝ ਸਮਾਂ ਪਹਿਲਾਂ ਜਾਨੀ ਵੱਲੋਂ ਇੱਕ ਗੀਤ ਗਾਇਆ ਗਿਆ ਜਿਸਦਾ ਨਾਮ ਅਫਸਰਾ ਟੂ ਹੈ ਜਿਸ ਦੇ ਵਿੱਚ ਉਹਨਾਂ ਵੱਲੋਂ ਇਸਾਈ ਭਾਈਚਾਰੇ ਦੇ ਭਾਵਨਾ ਨੂੰ ਠੇਸ ਪਹੁੰਚਾਈ ਗਈ ਹੈ ਉਹਨਾਂ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਗਾਣੇ ਦੇ ਵਿੱਚ ਕੁਝ ਲਾਈਨਾਂ ਨੇ ਜੋ ਪੰਜਾਬੀ ਗਾਇਕ ਜਾਨੀ ਵੱਲੋਂ ਗਾਈਆਂ ਗਈਆਂ ਨੇ ਜਿਸ ਦੇ ਵਿੱਚ ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਲੱਭਦੇ ਲੱਭਦੇ ਚਲਾ ਗਿਆ ਮੈਂ ਇੱਕ ਚਰਚ ਦੇ ਅੰਦਰ ਚਰਚ ਦੇ ਅੰਦਰ ਜਾ ਕੇ ਜਗਾਈਆਂ ਮੋਮਬੱਤੀਆਂ ਕੀ ਦੱਸਾਂ ਮੇਰੇ ਕਿੰਨੀਆਂ ਕੰਮ ਆਈਆਂ ਮੋਮਬੱਤੀਆਂ ਮੋਮਬੱਤੀਆਂ ਦੇ ਧੂਏ ਚੋਂ ਦੁਆ ਦਿਖੀ ਮੈਨੂੰ ਚਰਚ ਦਾ ਦਰਵਾਜ਼ਾ ਖੁੱਲਿਆ ਅਫਸਰਾ ਦਿਖੀ ਮੈਨੂੰ ਜਿਸ ਨੂੰ ਜਦੋਂ ਇਸਾਈ ਭਾਈਚਾਰੇ ਨੇ ਸੁਣਿਆ ਤੇ ਉਦੋਂ ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਦੇਖਿਆ ਕਿ ਇਹ ਤਾਂ ਸਿੱਧੇ ਸਿੱਧੇ ਚਰਚ ਦੀ ਬੇਅਦਬੀ ਹੈ। ਜਿਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਅੱਜ ਜਲੰਧਰ ਪੁਲਿਸ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਦਫਤਰ ਦੇ ਵਿੱਚ ਇਸਾਈ ਭਾਈਚਾਰੇ ਦੇ ਲੋਕ ਪਹੁੰਚੇ ਅਤੇ ਉਹਨਾਂ ਵੱਲੋਂ ਜਾਨੀ ਦੇ ਖਿਲਾਫ ਸ਼ਿਕਾਇਤ ਦਿੱਤੀ ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਜਾਨੀ ਦੇ ਉੱਪਰ ਸਖਤ ਤੋਂ ਸਖਤ ਕਾਰਵਾਈ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹ ਨੇਤਾ ਆਉਣ ਵਾਲੇ ਸਮੇਂ ਦੇ ਵਿੱਚ ਉਹਨਾਂ ਵੱਲੋਂ ਵੱਡਾ ਧਰਨਾ ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨ ਵੀ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇਗਾ। ਉੱਥੇ ਹੀ ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਇਹ ਵੀ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨ ਨੂੰ ਪੰਜਾਬੀ ਗਾਇਕ ਜਾਨੀ ਦੇ ਉੱਪਰ ਸਖਤ ਤੋਂ ਸਖਤ ਕਾਰਵਾਈ ਕਰਨੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਤਾਂ ਕਿ ਹੋਰ ਵੀ ਗਾਇਕਾਂ ਨੂੰ ਇਸ ਤੋਂ ਸਬਕ ਮਿਲ ਸਕੇ ਕਿ ਉਹ ਕਿਸੇ ਵੀ ਧਰਮ ਜਾਂ ਕਿਸੇ ਵੀ ਜਾਤ ਬਾਰੇ ਕਿਸੇ ਵੀ ਤਰੀਕੇ ਦੇ ਨਾਲ ਗਲਤ ਨਾ ਲਿਕ ਸਕਣ0
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पंजाब कांग्रेस में अंदरूनी संघर्ष तेज, वंशवाद बनाम सत्ता
Chandigarh, Chandigarh:पंजाब कॉंग्रेस का अंदरूनी विवाद कांग्रेस पार्टी आज वंशवाद, अहंकार और तानाशाही के कारण पूरे देश में खत्म हो रही है। नौसिखिया, नालायक और नाकामयाब युवराज विदेशी टूलकिट पर नागिन डांस कर रहे हैं। आज कांग्रेस में महा परिक्रमावादी और परिक्रमावादियों के बीच सत्ता संघर्ष चल रहा है, क्योंकि पराक्रमवादी पार्टी छोड़ चुके हैं और कांग्रेस आज एक एक्सपायर्ड इंजेक्शन बन चुकी है।0
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शिरोमणि कमेटी ने CM भगवंत मान के खिलाफ FIR दर्ज करवाने का दबाव बढ़ाया
Chandigarh, Chandigarh:ਸ਼੍ਰੋਮਣੀ ਕਮੇਟੀ ਨੇ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਖ਼ਿਲਾਫ਼ ਐੱਫ. ਆਈ.ਆਰ. ਦਰਜ ਕਰਨ ਲਈ ਡੀ.ਜੀ.ਪੀ. ਪੰਜਾਬ ਨੂੰ ਦਿੱਤੀ ਸ਼ਿਕਾਇਤ ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ, 3 ਜੁਲਾਈ- ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਵੱਲੋਂ ਗੁਰੂ ਸਾਹਿਬਾਨ ਦੇ ਸਤਿਕਾਰ ਵਿਰੁੱਧ ਕੀਤੀ ਹਰਕਤ ਦੀ ਵਾਇਰਲ ਵੀਡੀਓ ਦੇ ਮਾਮਲੇ ਸਬੰਧੀ ਸ਼੍ਰੋਮਣੀ ਗੁਰਦੁਆਰਾ ਪ੍ਰਬੰਧਕ ਕਮੇਟੀ ਵੱਲੋਂ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਵਿਰੁੱਧ ਸਿੱਖ ਭਾਵਨਾਵਾਂ ਨੂੰ ਠੇਸ ਪਹੁੰਚਾਉਣ ਲਈ ਪਰਚਾ ਦਰਜ਼ ਕਰਨ ਵਾਸਤੇ ਡੀਜੀਪੀ ਪੰਜਾਬ ਨੂੰ ਲਿਖਤੀ ਸ਼ਿਕਾਇਤ ਸੌਂਪ ਕੇ ਤੁਰੰਤ ਕਾਨੂੰਨੀ ਕਾਰਵਾਈ ਦੀ ਮੰਗ ਕੀਤੀ ਹੈ。 ਇਹ ਸ਼ਿਕਾਇਤ ਅੱਜ ਸ਼੍ਰੋਮਣੀ ਕਮੇਟੀ ਦੇ ਉੱਚ ਪੱਧਰੀ ਵਫ਼ਦ ਨੇ ਸ. ਅਮਰਬੀਰ ਸਿੰਘ ਰਾਏ (ਆਈ.ਪੀ.ਐਸ.) ਸਪੈਸ਼ਲ ਡਾਇਰੈਕਟਰ ਜਨਰਲ ਆਫ ਪੰਜਾਬ ਪੁਲਿਸ ਨੂੰ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਦਫ਼ਤਰ ਵਿਖੇ ਸੌਂਪੀ। ਇਸ ਵਫ਼ਦ ਵਿਚ ਸ਼੍ਰੋਮਣੀ ਕਮੇਟੀ ਦੇ ਜੂਨੀਅਰ ਮੀਤ ਪ੍ਰਧਾਨ ਬਲਦੇਵ ਸਿੰਘ ਕਲਿਆਣ, ਜਨਰਲ ਸਕੱਤਰ ਸ. ਸ਼ੇਰ ਸਿੰਘ ਮੰਡਵਾਲਾ, ਮੁੱਖ ਸਕੱਤਰ ਸ. ਕੁਲਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮੰਨਣ, ਅੰਤ੍ਰਿੰਗ ਮੈਂਬਰ ਸ. ਸੁਰਜੀਤ ਸਿੰਘ ਗੜ੍ਹੀ, ਸ. ਸੁਰਜੀਤ ਸਿੰਘ ਤੁਗਲਵਾਲ, ਸ. ਸੁਰਜੀਤ ਸਿੰਘ ਕੰਗ, ਸ. ਦਲਜੀਤ ਸਿੰਘ ਭਿੰਡਰ, ਸ. ਬਲਦੇਵ ਸਿੰਘ ਕਾਇਮਪੁਰ, ਸ. ਮੰਗਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਖਾਪੜਖੇੜੀ, ਵਧੀਕ ਸਕੱਤਰ ਸ. ਲਖਬੀਰ ਸਿੰਘ, ਕਾਨੂੰਨੀ ਸਲਾਹਕਾਰ ਐਡਵੋਕੇਟ ਅਮਨਬੀਰ ਸਿੰਘ ਸਿਆਲੀ ਸ਼ਾਮਲ ਸਨ。 ਸ਼੍ਰੋਮਣੀ ਕਮੇਟੀ ਵੱਲੋਂ ਸੌਂਪੀ ਗਈ ਸ਼ਿਕਾਇਤ ਵਿਚ ਕਿਹਾ ਗਿਆ ਹੈ ਕਿ ਇਸ ਵਿਵਾਦਤ ਵੀਡੀਓ ਵਿਚ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਵੱਲੋਂ ਦਸ ਗੁਰੂ ਸਾਹਿਬਾਨ ਦੀਆਂ ਪ੍ਰਚਲਿਤ ਤਸਵੀਰਾਂ ਉੱਪਰ ਸ਼ਰਾਬ ਛਿੜਕਣ ਅਤੇ ਸੰਤ ਜਰਨੈਲ ਸਿੰਘ ਖ਼ਾਲਸਾ ਭਿੰਡਰਾਂਵਾਲਿਆਂ ਦੇ ਸਰੂਪ ਨਾਲ ਕੀਤੀ ਘਿਨਾਉਣੀ ਹਰਕਤ ਕਾਰਨ ਸੰਸਾਰ ਭਰ ਵਿਚ ਵੱਸਦੇ ਸਿੱਖਾਂ ਦੀਆਂ ਧਾਰਮਿਕ ਭਾਵਨਾਵਾਂ ਨੂੰ ਠੇਸ ਪੁੱਜੀ ਹੈ。 ਸ਼ਿਕਾਇਤ ਵਿਚ ਇਹ ਵੀ ਕਿਹਾ ਗਿਆ ਕਿ ਸਿੱਖ ਭਾਵਨਾਵਾਂ ਨਾਲ ਜੁੜੇ ਇਸ ਗੰਭੀਰ ਮਾਮਲੇ ਨੂੰ ਦਬਾਉਣ ਲਈ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਨੇ ਹੋਰ ਅਧਿਕਾਰੀਆਂ ਨਾਲ ਮਿਲ ਕੇ ਕਥਿਤ ਤੌਰ ’ਤੇ ਜਾਅਲੀ ਫੋਰੈਂਸਿਕ ਰਿਪੋਰਟ ਤਿਆਰ ਕਰਵਾਉਣ ਦੀ ਵੀ ਸਾਜ਼ਿਸ਼ ਰਚੀ, ਜਿਸ ਸਬੰਧੀ ਹਰਿਆਣਾ ’ਚ ਗੁਰੂਗ੍ਰਾਮ ਦੇ ਡੀ.ਐੱਲ.ਐੱਫ. ਥਾਣੇ ਵਿਚ ਸਬੰਧਤ ਵਿਅਕਤੀਆਂ ਵਿਰੁੱਧ ਐੱਫ.ਆਈ.ਆਰ. ਵੀ ਦਰਜ ਹੋ ਚੁੱਕੀ ਹੈ। ਇਹ ਬੇਹੱਦ ਸੰਜੀਦਾ ਤੇ ਗੰਭੀਰ ਮਾਮਲਾ ਹੈ, ਜਿਸ ਲਈ ਭਾਰਤੀ ਕਾਨੂੰਨ ਤਹਿਤ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਖਿਲਾਫ ਤੁਰੰਤ ਐੱਫ.ਆਈ.ਆਰ. ਦਰਜ ਕਰਕੇ ਨਿਰਪੱਖ ਜਾਂਚ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇ ਅਤੇ ਦੋਸ਼ ਸਾਬਤ ਹੋਣ ’ਤੇ ਸਖ਼ਤ ਕਾਨੂੰਨੀ ਕਾਰਵਾਈ ਅਮਲ ਵਿਚ ਲਿਆਂਦੀ ਜਾਵੇ, ਤਾਂ ਜੋ ਸਿੱਖ ਕੌਮ ਦੀਆਂ ਧਾਰਮਿਕ ਭਾਵਨਾਵਾਂ ਦਾ ਸਤਿਕਾਰ ਅਤੇ ਕਾਨੂੰਨ ਦੀ ਮਰਯਾਦਾ ਬਰਕਰਾਰ ਰਹੇ。 ਡੀ.ਜੀ.ਪੀ. ਦਫ਼ਤਰ ’ਚ ਸ਼ਿਕਾਇਤ ਦੇਣ ਮਗਰੋਂ ਪੱਤਰਕਾਰਾਂ ਨਾਲ ਗੱਲਬਾਤ ਕਰਦਿਆਂ ਸ਼੍ਰੋਮਣੀ ਕਮੇਟੀ ਦੇ ਮੁੱਖ ਸਕੱਤਰ ਸ. ਕੁਲਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮੰਨਣ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਸ਼੍ਰੋਮਣੀ ਕਮੇਟੀ ਦੀ 27 ਜੂਨ 2026 ਨੂੰ ਹੋਈ ਜਰਨਲ ਇਕੱਤਰਤਾ ਵਿਚ ਸਰਬਸੰਮਤੀ ਨਾਲ ਮਤਾ ਪਾਸ ਕਰਕੇ ਅੰਤ੍ਰਿੰਗ ਕਮੇਟੀ ਨੂੰ ਇਸ ਮਾਮਲੇ ਵਿਚ ਕਾਨੂੰਨੀ ਕਾਰਵਾਈ ਕਰਨ ਦਾ ਅਧਿਕਾਰ ਦਿੱਤਾ ਗਿਆ ਸੀ। ਉਸੇ ਮਤੇ ਦੀ ਰੌਸ਼ਨੀ ਅੱਜ ਡੀ.ਜੀ.ਪੀ. ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਨਾਂ ਇਹ ਸ਼ਿਕਾਇਤ ਸੌਂਪੀ ਗਈ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਅਤੇ ਇਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਜਾਅਲੀ ਰਿਪੋਰਟ ਤਿਆਰ ਕਰਵਾ ਕੇ ਇਸ ਮਾਮਲੇ ਨੂੰ ਪ੍ਰਭਾਵਿਤ ਕਰਨ ਦੀ ਘਿਨਾਉਣੀ ਹਰਕਤ ਕੀਤੀ ਗਈ, ਜਿਸ ਸਬੰਧੀ ਹਰਿਆਣਾ ਪੁਲਿਸ ਵੱਲੋਂ/parਚਾ ਵੀ ਦਰਜ ਹੋ ਚੁੱਕਾ ਹੈ। ਮੁੱਖ ਸਕੱਤਰ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਹ ਸੰਸਾਰ ਭਰ ਦੇ ਸਿੱਖਾਂ ਦੀਆਂ ਧਾਰਮਿਕ ਭਾਵਨਾਵਾਂ ਨਾਲ ਜੁੜਿਆ ਹੋਇਆ ਮਾਮਲਾ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸ ਸਬੰਧੀ ਕਾਨੂੰਨ ਅਨੁਸਾਰ ਕਾਰਵਾਈ ਯਕੀਨੀ ਬਣਾਈ ਜਾਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ。0
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स्पीति घाटी में 21.3% आबादी में गॉलस्टोन: चिंता बढ़ाने वाला मामला
Shimla, Himachal Pradesh:हिमाचल प्रदेश के सुदूर और अत्यधिक ऊंचाई वाले जनजातीय क्षेत्र स्पीति घाटी के मूल निवासियों में पित्त की पथरी (गॉलस्टोन) की बीमारी का एक अत्यंत गंभीर और चिंताजनक स्तर सामने आया है। एक हालिया वैज्ञानिक अध्ययन के अनुसार, इस दुर्गम क्षेत्र में रहने वाले हर पांच में से एक से अधिक वयस्क (21.3%) पित्त की पथरी की बीमारी से पीड़ित हैं। यह आंकड़ा सामान्य वैश्विक और राष्ट्रीय औसत की तुलना में कहीं अधिक है, जिसने चिकित्सा जगत और स्वास्थ्य विशेषज्ञों को हैरान कर दिया है। अध्ययन के मुख्य निष्कर्ष स्वास्थ्य नीति निर्माताओं के लिए एक चेतावनी की तरह हैं। यह खुलासा Cureus इंटरनेशनल मेडिकल जर्नल में प्रकाशित एक महत्वपूर्ण शोध पत्र "Prevalence and Factors of Gallstone Disease in the High-Altitude Tribal Population of Spiti Valley, Northern India: A Population-Based Cross-Sectional Study" में हुआ है। जमीनी स्तर पर हुआ पहला अनूठा अध्ययन डॉ. विपिन शर्मा की अगुवाई हुआ। अध्ययन करने वाली सात सदस्यीय विशेषज्ञों की टीम ने शुक्रवार को पत्रकार वार्ता के दौरान अध्ययन के आंकड़ों को साझा करते हुए बताया कि फरवरी 2024 से जनवरी 2026 के बीच आयोजित यह जनसंख्या-आधारित फील्ड स्टडी अपनी तरह की पहली और बेहद चुनौतीपूर्ण रही है। इस महत्वपूर्ण दल में डॉ. विपन कुमार, डॉ. वाइपर शर्मा, डॉ. सुषमा मखैक, डॉ. संदीप रायता, डॉ. दिग्विजय ठाकुर, डॉ. चमन ठाकुर और डॉ. सुधाकर चुघ शामिल रहे। इस परियोजना को हिमाचल प्रदेश विज्ञान, प्रौद्योगिकी और पर्यावरण परिषद (HIMCOSTE) द्वारा वित्तपोषित किया गया था, जिसे IGMC (IGMC) शिमला के मल्टीडिसिप्लिनरी रिसर्च यूनिट (MRU) का सहयोग प्राप्त हुआ। डॉ. विपिन शर्मा ने कहा कि इस अध्यय में केवल स्व-रिपोर्ट या अस्पतालों के आंकड़ों पर निर्भर रहने के बजाय, डॉक्टरों और शोधकर्ताओं की टीम ने स्वयं अल्ट्रासाउंड मशीनों और उपकरणों को साथ लेकर स्पीति घाटी के हिक्किम और कोमिक जैसे दुनिया के सबसे ऊंचे और दुर्गम गांवों का दौरा किया। अध्ययन में 30 से 70 वर्ष की आयु के 450 मूल निवासियों को शामिल किया गया, जिनमें से प्रत्येक का ऑन-साइट पेट का अल्ट्रासाउंड (अल्ट्रासोनोग्राफी) किया गया। स्पीति घाटी के अध्ययन समूह में 21.3% लोगों में गॉलस्टोन पाया गया। यह दर भारत के ग्रामीण गंगा के मैदानी इलाकों (4.15%) और कश्मीर (6.12%) में पहले दर्ज की गई दरों की तुलना में कई गुना अधिक है। उन्होंने कहा कि शोध में एक बेहद दिलचस्प और चौंकाने वाला तथ्य यह भी सामने आया कि ऊंचाई अपने आप में इस बीमारी का सीधा कारण नहीं है। इसके बजाय, स्पीति घाटी के निवासियों में इस बीमारी के बढ़ने के प्रमुख स्वतंत्र जोखिम कारकों में बढ़ती उम्र, महिला लिंग (फीमेल सेक्स), और फैटी लीवर को मुख्य रूप से जिम्मेदार पाया गया है। अध्ययन में ऊंचाई के आधार पर तीन समूह बनाए गए थे, जिसमें कम ऊंचाई वाले समूह में 24.0%, मध्य ऊंचाई में 24.7% और अत्यधिक ऊंचाई वाले समूह में 15.3% व्यापकता देखी गई। विशेषज्ञों ने आगाह किया है कि गॉलस्टोन का यह उच्च स्तर बेहद संवेदनशील है क्योंकि यह आगे चलकर तीव्र चोलसिस्टिटिस (gallbladder inflammation), pancreatitis, obstructive jaundice जैसी गंभीर कूटिलताओं को जन्म दे सकता है। सुदूर क्षेत्रों में जहां तत्काल चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं, वहां पित्ताशय का कैंसर (gallbladder cancer) भी एक बड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य चिंता बन सकता है। बाइट—- डॉ. विपिन शर्मा इस रिपोर्ट ने साफ कर दिया है कि जनजातीय और उप-हिमालयी क्षेत्रों में प्रारंभिक जांच, अल्ट्रासाउंड सुविधाओं तक आसान पहुंच और हिपेटोबिलियरी सर्जिकल सेवाओं को मजबूत करने की तत्काल आवश्यकता है। शोधकर्ताओं ने इस दिशा में खान-पान, जीवनशैली और आनुवंशिक कारकों को गहराई से समझने के लिए आगे और बड़े शोध की वकालत की है।0
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