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ਕਲਸ਼ ਯਾਤਰਾ: ਸ੍ਰੀ ਮਦ ਭਾਗਵਤ ਕਥਾ ਲਈ ਸ਼ਹਿਰ ਦੀ ਰੰਗੀਨ ਸ਼ੁਰੂਆਤ
Kot Kapura, Punjab:ਕੋਟਕਪੂਰਾ ਦੇ ਸ੍ਰੀ ਸ਼ਿਆਮ ਮੰਦਰ ਵਿਖੇ 20 ਸਤੰਬਰ ਤੋਂ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋਣ ਜਾ ਰਹੀ ਸ੍ਰੀ ਮਦ ਭਾਗਵਤ ਕਥਾ ਨੂੰ ਸਮਰਪਿਤ ਸ਼ਹਿਰ ਵਿੱਚ ਕਲਸ਼ ਸੋਭਾ ਯਾਤਰਾ ਦਾ ਆਯੋਜਨ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਜਿਸ ਵਿੱਚ ਪੰਜਾਬ ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ ਦੇ ਸਪੀਕਰ ਕੁਲਤਾਰ ਸਿੰਘ ਸੰਧਵਾਂ ਵੀ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਤੌਰ ਤੇ ਪੁੱਜੇ ਅਤੇ ਸ਼ਰਧਾਲੂਆਂ ਨੂੰ ਸਮਾਗਮ ਕਰਾਉਣ ਦੀ ਵਧਾਈ ਦਿੱਤੀ। ਇਹ ਕਲਸ਼ ਯਾਤਰਾ ਸੇਠ ਕੇਦਾਰਨਾਥ ਧਰਮਸ਼ਾਲਾ ਤੋਂ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋਈ ਜੋ ਕਿ ਸ਼ਹਿਰ ਦੇ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਹਿੱਸਿਆਂ ਤੋਂ ਹੁੰਦੀ ਹੋਈ ਸੁਰਗਾ ਪੁਰੀ ਸਥਿਤ ਸ੍ਰੀ ਸ਼ਿਆਮ ਮੰਦਰ ਵਿਖੇ ਸਮਾਪਤ ਕੀਤੀ ਗਈ ਜਿੱਥੇ ਕਿ 20 ਸਤੰਬਰ ਤੋਂ ਲੈ ਕੇ 26 ਸਤੰਬਰ ਤੱਕ ਕਥਾ ਦਾ ਆਯੋਜਨ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇਗਾ।0
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पंजाब के लेहरा गागा में तेज रफ्तार वाहन ने मजदूरों को रौंदा, मौत की आशंका
Noida, Uttar Pradesh:LEHRAGAGA (PUNJAB): SEVERAL MGNREGA WORKERS FEARED DEAD AFTER SPEEDING VEHICLE HITS LABOURERS DRINKING WATER BY ROADSIDE IN ALISHER VILLAGE.0
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पंजाब कांग्रेस नेताओं ने बलविंदर सिंह हत्याकांड पर पुलिस पर सवाल, FBI-जाँच की मांग
Hoshiarpur, Punjab:होशियारपुर जिले के टांडा उड़मुड़ के गांव मियानी में आज पंजाब कांग्रेस के प्रभारी सचिन पायलट और पंजाब कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रगट सिंह पहुंचे। यहां उन्होंने गैंगस्टरों द्वारा मारे गए बलविंदर सिंह के परिवार से मुलाकात कर दुख साझा किया और परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की。 इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने बलविंदर सिंह हत्याकांड को लेकर पंजाब पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह बेहद शर्मनाक है कि हत्या के मामले को सुलझाने की जांच में FBI जैसी जांच एजेंसियों के सामने पंजाब पुलिस के थाना प्रभारी की कथित संलिप्तता का मामला सामने आया। उन्होंने इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच करने और कानून-व्यवस्था को लेकर जवाबदेही तय करने की जरूरत पर जोर दिया。 वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पंजाब दौरे को लेकर सचिन पायलट ने कहा कि उनका पंजाब आना अच्छी बात है। उन्हें पंजाब आकर लोगों की समस्याओं को देखना और समझना चाहिए, ताकि राज्य के हालात और जनता की परेशानियों को बेहतर तरीके से जाना जा सके。 बाइट 1: प्रगट सिंह, प्रदेश अध्यक्ष, पंजाब कांग्रेस。 बाइट 2: सचिन पायलट, प्रभारी, पंजाब कांग्रेस。0
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लेहरा दुर्घटना: 8 MGNREGA मजदूरों की मौत, कई घायल—मुआवजे की मांग
Noida, Uttar Pradesh:Deeply saddened by the tragic incident in Lehra where 8 MGNREGA workers were mowed down by a speeding car, leaving several injured. This is heartbreaking. These are the poorest workers who toil hard to earn a living. I urge the administration to ensure immediate medical aid for the injured, sternest action against those responsible and adequate compensation for the families of the deceased. May the departed souls rest in peace.0
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श्री आनंदपुर साहिब में दवाओं के अवैध विक्रय रोकने के लिए समीक्षा मीटिंग आयोजित
Noida, Uttar Pradesh:दवाओं के दुरुपयोग को रोकने के लिए सतर्क रहना, प्रभावी कार्रवाई और हर स्तर पर जवाबदेही जरूरी है, खासकर आदत बनाती दवाओं की गैर-कानूनी बिक्री व मिसयूज़ को रोकना। रमपनगर, शाहिद भगत सिंह नगर, SAS नगर और होशियारपुर (लोकसभा क्षेत्र श्री आनंदपुर साहिब) जिलों के ड्रग इंस्पेक्टर्स के साथ सुबह 11 बजे समीक्षा बैठक आयोजित की गई है ताकि निरीक्षण, जब्त, लाइसेंसिंग कार्रवाई और मुकदमों की समीक्षा, दोहराते अपराधियों की पहचान और दवाओं की गैर-कानूनी बिक्री रोकने के लिए समयबद्ध रणनीति बनाई जा सके। हमारा संकल्प स्पष्ट है—लोकसभा क्षेत्र श्री आनंदपुर साहिब के हर कोने से नशे के कहर को रोकना और युवाओं के भविष्य की सुरक्षा करना।0
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पर्गत सिंह और संदीप नंगल अंबिया परिवार की मुलाकात: ताजा खबर
Noida, Uttar Pradesh:0
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वीरभद्र सिंह की प्रतिमा का अनावरण: सराहन में लाखों श्रद्धांजलि
Rampur, Uttar Pradesh:सराहन में वीरभद्र सिंह की आदमकद प्रतिमा का अनावरण, श्रद्धांजलि देने उमड़े हजारों लोग कांग्रेस के कई दिग्गज नेता हुए शामिल, नेताओं ने प्रदेश के विकास में उनके योगदान को किया याद हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह की स्मृति में शिमला जिले के रामपुर बुशहर के सराहन स्थित माता भीमा काली मंदिर परिसर में उनकी आदमकद प्रतिमा का अनावरण किया गया। इस मौके पर हजारों लोग अपने नेता को श्रद्धांजलि देने पहुंचे। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह, मंत्री रोहित ठाकुर सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष एवं कैबिनेट रैंक मंत्री आरएस बाली चॉपर से कार्यक्रम में पहुंचे, जबकि पूर्व सीपीएस नीरज भारती भी अपनी पत्नी के साथ समारोह में शामिल हुए। इस दौरान नेताओं ने वीरभद्र सिंह के राजनीतिक जीवन, प्रदेश के विकास में उनके योगदान और जनता के साथ उनके जुड़ाव को याद किया। हिमाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने वीरभद्र सिंह की प्रतिमा के अनावरण को प्रदेश के लिए पावन और ऐतिहासिक अवसर बताया। उन्होंने कहा कि वीरभद्र सिंह की जन्मस्थली पर उनकी आदमकद प्रतिमा स्थापित होना भावनात्मक रूप से महत्वपूर्ण है। अग्निहोत्री ने वीरभद्र सिंह को हिमाचल प्रदेश के प्रमुख नेताओं में शामिल बताते हुए कहा कि डॉ. वाईएस परमार ने हिमाचल के निर्माण में अहम भूमिका निभाई, जबकि वीरभद्र सिंह को आधुनिक हिमाचल का निर्माता यानी ‘आर्किटेक्ट ऑफ मॉडर्न हिमाचल’ कहा जा सकता है। मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि वीरभद्र सिंह छह बार प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे और उन्होंने विकास, जनकल्याण और गरीबों की सेवा के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया। वह सांसद, केंद्रीय मंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भी रहे। अग्निहोत्री ने कहा कि वीरभद्र सिंह ने कांग्रेस के साथ अपना राजनीतिक जीवन शुरू किया और अंत तक पार्टी से जुड़े रहे। उन्होंने कहा कि वीरभद्र सिंह उनके नेता थे और उन्हें राजनीति में लेकर आए। उनके साथ काम करने का अनुभव रहा है और उनका कोई मुकाबला नहीं है। बाइट— मुकेश अग्निहोत्री, उपमुख्यमंत्री, हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने प्रतिमा अनावरण समारोह में पहुंचे सभी नेताओं, कार्यकर्ताओं और आम लोगों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने विशेष रूप से उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री और कार्यक्रम में शामिल कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का धन्यवाद किया। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि वीरभद्र सिंह की प्रतिमा का अनावरण उनके परिवार और क्षेत्र के लोगों के लिए महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने दूर-दराज के क्षेत्रों से अपने नेता को सम्मान देने पहुंचे लोगों का दिल की गहराइयों से आभार जताया और कहा कि सभी की मौजूदगी से समारोह की गरिमा बढ़ी है। बाइट— विक्रमादित्य सिंह, लोक निर्माण मंत्री, हिमाचल प्रदेश इस दौरान पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने कहा कि सराहन वीरभद्र सिंह की जन्मस्थली है और यहां के लोगों की लंबे समय से इच्छा थी कि उनकी प्रतिमा स्थापित की जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी उन्हें याद रख सकें। उन्होंने कहा कि लोगों की यह भावना पूरी हुई है। यह खुशी के साथ भावुकता का भी अवसर है। प्रतिभा सिंह ने कार्यक्रम में दूर-दराज के क्षेत्रों से पहुंचे लोगों का आभार जताया। उन्होंने उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, ठाकुर कौल सिंह, ठाकुर रामलाल और कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेताओं का धन्यवाद किया। साथ ही, समारोह में शामिल जनप्रतिनिधियों और आम जनता के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी मौजूदगी से आयोजन की गरिमा बढ़ी है। बाइट— प्रतिभा सिंह, पूर्व अध्यक्ष, हिमाचल कांग्रेस सराहन स्थित माता भीमा काली मंदिर परिसर में आयोजित समारोह में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी रही। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, मंत्री रोहित ठाकुर, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह और पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष एवं कैबिनेट रैंक मंत्री आरएस बाली कार्यक्रम में शामिल हुए। आरएस बाली चॉपर से पहुंचे, जबकि पूर्व सीपीएस नीरज भारती अपनी पत्नी के साथ समारोह में मौजूद रहे। हजारों लोगों की मौजूदगी के बीच नेताओं ने वीरभद्र सिंह के लंबे राजनीतिक जीवन और प्रदेश के विकास में उनके योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। रामपुर बुशहर और आसपास के क्षेत्रों में वीरभद्र सिंह का विशेष राजनीतिक प्रभाव रहा है। सराहन में स्थापित उनकी आदमकद प्रतिमा अब उनकी स्मृतियों और क्षेत्र के लोगों के साथ उनके जुड़ाव का प्रतीक बनेगी。0
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टिम्मी चावला के परिवार से मिले सचिन पायलट-परगट सिंह, इंसाफ के लिए कांग्रेस भरोसा
Chandigarh, Chandigarh:टिम्मी चावला के परिवार से मिले सचिन पायलट, परगट सिंह, इंसाफ की लड़ाई में हर कदम पर साथ देने का दिया भरोसा नकोदर/जालंधर, 18 अक्टूबर: नकोदर में पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष परगट सिंह, पंजाब कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट और को-इंचार्ज रविंदर दलवी ने चार साल पहले गोली मारकर हत्या किए गए टिम्मी चावला के घर पहुंचकर उनके परिवार से मुलाकात की और दुख साझा किया。 कांग्रेस नेताओं ने परिवार को भरोसा दिलाया कि टिम्मी चावला को इंसाफ दिलाने के लिए कांग्रेस हर संभव प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि इंसाफ की इस लड़ाई को विधानसभा से लेकर लोकसभा तक और सड़कों पर पूरी मजबूती से उठाया जाएगा। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना कांग्रेस की प्राथमिकता है और इस संघर्ष में पार्टी परिवार के साथ मजबूती से खड़ी रहेगी।0
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पंजाब के हालात के कारण नीरो बज्वा की फिल्म रोक दी गई
Noida, Uttar Pradesh:Neeru Bajwa hold her film ਅਸੀਂ ਅੱਜ ਜੋ ਵੀ ਹਾਂ ਪੰਜਾਬ 'ਤੇ ਪੰਜਾਬੀਅਤ ਕਰ ਕੇ ਹਾਂ। ਥਾਪੀ” ਫ਼ਿਲਮ ਬਣਾਉਣ ਦਾ ਮਕਸਦ ਵੀ ਇਹੀ ਹੈ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਮੈਦਾਨਾਂ ਵਿੱਚ ਫਿਰ ਰੌਣਕ ਲੱਗੇ।ਸਿਨੈਮਾ ਲੋਕਾਂ ਲਈ ਹੁੰਦਾ ਲੋਕਾਂ ਤੋਂ ਵੱਡਾ ਕਦੇ ਵੀ ਨਹੀਂ ਅੱਜ ਜੋ ਵੀ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਹਾਲਾਤ ਨੇ, ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਦੇਖਦੇ ਹੋਏ ਮੈਂ ਤੇ ਮੇਰੀ ਟੀਮ ਨੇ ਇਹ ਫੈਸਲਾ ਲਿਆ ਕਿ ਸਾਡੇ ਲਈ ਪੰਜਾਬ ਤੋਂ ਉੱਪਰ ਕੁਛ ਵੀ ਨਹੀਂ ਹੈ ਤੇ ਅਸੀਂ ਆਪਣੀ ਫਿਲਮ ਥਾਪੀ ਨੂੰ ਹੋਲਡ ਕਰ ਰਹੇ ਹਾਂ। ਕੱਲ੍ਹ ਤੋਂ ਫਿਲਮ ਕਿਸੇ ਵੀ ਸਿਨੇਮੇਘਰਾਂ ਦੇ ਵਿੱਚ ਨਹੀਂ ਹੋਵੇਗੀ, ਸੋ ਜਦ ਤੱਕ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਹਾਲਾਤ ਠੀਕ ਨਹੀਂ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਅਸੀਂ ਹਰ ਪੱਖ ਤੋਂ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਨਾਲ ਹਾਂ, ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਨਾਲ ਸੀ ਤੇ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਨਾਲ ਰਹਾਂਗੇ । #JusticeForParminderJotta #StandWithPunjab #PunjabFirst #Punjabiyat0
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CBI Chandigarh कार्यालय में इन्वेस्टिगेशन के लिए AAP यूथ विंग नेता पहुँचे
Chandigarh, Chandigarh:चंडीगढ़ CBI ऑफिस में आज इन्वेस्टिगेशन में शामिल होने के लिये OSD राजवीर सिंह धुममन के दोस्त और आम आदमी पार्टी यूथ विंग के उपाध्यक्ष वीर दविंदर सिंह बल्ला और नितिन गोहाल का भाई जतिन गोहाल पहुंचे।0
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पंचकुला में 221 फुट ऊँचा रावण पुतला: दशहरा का सबसे बड़ा आकर्षण बन गया
Chandigarh, Chandigarh:ਪੰਚਕੁਲਾ ਤੇ ਦਸਹਿਰਾ ਗਰਾਉਂਡ ਦੇ ਵਿੱਚ ਬਣਿਆ 221 ਫੁੱਟ ਉੱਚੇ ਰਾਵਣ ਦੇ ਪੁਤਲੇ ਦੀ ਖ਼ਾਸੀਅਤ, ਸਾਢੇ ਤਿੰਨ ਮਹੀਨਿਆਂ ਵਿੱਚ ਤਿਆਰ ਹੋਇਆ ਦੇਸ਼ ਦਾ ਸਭ ਤੋਂ ਉੱਚਾ ਪੁਤਲਾ 700 ਬਾਂਸ, 4,000 ਮੀਟਰ ਮਖਮਲੀ ਕੱਪੜਾ ਅਤੇ ਸੱਤ ਟਨ ਲੋਹੇ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਰਜਿੰਦਰ ਚੌਹਾਨ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ 1985 ਵਿੱਚ 20 ਫੁੱਟ ਦੇ ਰਾਵਣ ਤੋਂ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋਇਆ ਸਫ਼ਰ, ਹੁਣ 221 ਫੁੱਟ ਤੱਕ ਪਹੁੰਚਿਆ; 200 ਟਨ ਦੀ ਕਰੇਨ ਅਤੇ 100 ਦੇ ਕਰੀਬ ਲੋਕਾਂ ਦੀ ਮਦਦ ਨਾਲ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਬਣਾਇਆ ਗਿਆ ਹੈ। ਪੰਚਕੂਲਾ.......ਦੁਸਹਿਰੇ ਮੌਕੇ ਰਾਵਣ ਦਹਿਨ ਦੀ ਪਰੰਪਰਾ ਨੂੰ ਇੱਕ ਵੱਖਰੇ ਰੂਪ ਵਿੱਚ ਪੇਸ਼ ਕਰਦਿਆਂ 221 ਫੁੱਟ ਉੱਚਾ ਰਾਵਣ ਦਾ ਪੁਤਲਾ ਤਿਆਰ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਹੈ। ਇਸ ਨੂੰ ਦੇਸ਼ ਦਾ ਸਭ ਤੋਂ ਉੱਚਾ ਰਾਵਣ ਦਾ ਪੁਤਲਾ ਦੱਸਿਆ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਇਸ ਵਿਸ਼ਾਲ ਪੁਤਲੇ ਨੂੰ ਤਿਆਰ ਕਰਨ ਲਈ ਲਗਭਗ ਸਾਢੇ ਤਿੰਨ ਮਹੀਨਿਆਂ ਦਾ ਸਮਾਂ ਲੱਗਿਆ ਹੈ। ਇਸ ਦੇ ਨਿਰਮਾਣ ਵਿੱਚ 40 ਤੋਂ 50 ਲੋਕਾਂ ਦੀ ਟੀਮ ਨੇ ਦਿਨ-ਰਾਤ ਸ਼ਿਫਟਾਂ ਵਿੱਚ ਕੰਮ ਕੀਤਾ। ਪੁਤਲੇ ਦੀ ਉਸਾਰੀ ਤੋਂ ਲੈ ਕੇ ਇਸ ਨੂੰ ਸੁਰੱਖਿਅਤ ਢੰਗ ਨਾਲ ਖੜ੍ਹਾ ਕਰਨ ਤੱਕ ਕਈ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੀਆਂ ਚੁਣੌਤੀਆਂ ਦਾ ਸਾਹਮਣਾ ਕਰਨਾ ਪਿਆ。 ਪੁਤਲੇ ਉਹਨੂੰ ਤਿਆਰ ਕਰਨ ਵਾਲੇ ਚੌਹਾਨ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਇਸ ਨੂੰ ਤਿਆਰ ਕਰਨ ਲਈ ਮੌਸਮ ਦੀਆਂ ਮੁਸ਼ਕਲਾਂ, ਤੇਜ਼ ਹਵਾਵਾਂ, ਗਰਮੀ ਅਤੇ ਬਰਸਾਤ ਦਾ ਸਾਹਮਣਾ ਕਰਨਾ ਪਿਆ। ਹਾਲਾਂਕਿ, ਸਭ ਤੋਂ ਵੱਡੀ ਚੁਣੌਤੀ ਪੁਤਲੇ ਨੂੰ ਖੜ੍ਹਾ ਕਰਨਾ ਸੀ। ਇਸ ਕੰਮ ਲਈ 200 ਟਨ ਸਮਰੱਥਾ ਵਾਲੀ करੇਨ, ਇਕ ਛੋਟੀ करੇਨ ਅਤੇ ਜੇਸੀਬੀ ਮਸ਼ੀਨ ਦੀ ਮਦਦ ਲਈ ਗਈ। ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਲਗਭਗ 100 ਲੋਕ ਪੁਤਲੇ ਨੂੰ ਚੁੱਕਣ, ਰੱਸਿਆਂ ਨੂੰ ਸੰਭਾਲਣ ਅਤੇ ਇਸ ਨੂੰ ਸੰਤੁਲਿਤ ਕਰਨ ਦੇ ਕੰਮ ਵਿੱਚ ਲੱਗੇ ਰਹੇ। ਕਾਫ਼ੀ ਮਿਹਨਤ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਇਸ ਨੂੰ ਬੀਤੀ ਰਾਤ ਸਫਲਤਾਪੂਰਵਕ ਸਥਾਪਿਤ ਕੀਤਾ ਗਿਆ। ਰਿਮੋਟ ਕੰਟਰੋਲ ਨਾਲ ਹੋਵੇਗਾ ਰਾਵਣ ਦਾ ਦਹਿਨ ਇਸ 221 ਫੁੱਟ ਉੱਚੇ ਪੁਤਲੇ ਦੀ ਇੱਕ ਹੋਰ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ਤਾ ਇਸ ਦੇ ਦਹਿਨ ਲਈ ਵਰਤੀ ਜਾਣ ਵਾਲੀ ਤਕਨੀਕ ਹੈ। ਨਿਰਮਾਤਾ ਅਨੁਸਾਰ, ਪੁਤਲੇ ਵਿੱਚ ਰਿਮੋਟ ਕੰਟਰੋਲ ਨਾਲ ਚਲਾਏ ਜਾਣ ਵਾਲੇ 12 ਪੁਆਇੰਟ ਲਗਾਏ ਗਏ ਹਨ। ਇਨ੍ਹਾਂ ਰਾਹੀਂ ਪਟਾਕਿਆਂ ਅਤੇ ਧਮਾਕਿਆਂ ਦਾ ਕ੍ਰਮਵਾਰ ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇਗਾ। ਦਹਿਨ ਦੀ ਸ਼ੁਰੂਆਤ ਪੁਤਲੇ ਦੇ ਸਭ ਤੋਂ ਉੱਪਰਲੇ ਹਿੱਸੇ ਵਿੱਚ ਬਣੀ ਛਤਰੀ ਤੋਂ ਹੋਵੇਗੀ। ਇਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਮੁਕਟ ਦੇ ਪੀਲੇ ਹਿੱਸੇ, ਫਿਰ ਹਰੇ, ਜਾਮਨੀ ਅਤੇ ਲਾਲ ਰੰਗ ਦੇ ਹਿੱਸਿਆਂ ਵਿੱਚ ਲੱਗੇ ਪਟਾਕਿਆਂ ਨੂੰ ਕ੍ਰਮਵਾਰ ਚਲਾਇਆ ਜਾਵੇਗਾ। ਇਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਚਿਹਰੇ, ਢਾਲ ਅਤੇ ਤਲਵਾਰ ਵਾਲੇ ਹਿੱਸਿਆਂ ਵਿੱਚ ਲੱਗੇ ਪੁਆਇੰਟਾਂ ਨੂੰ ਚਲਾਇਆ ਜਾਵੇਗਾ। ਅੰਤ ਵਿੱਚ ਪੁਤਲੇ ਦੇ ਪੈਰਾਂ ਵਾਲੇ ਹਿੱਸੇ ਤੋਂ ਅੱਗ ਲਗਾਈ ਜਾਵੇਗੀ ਅਤੇ ਪੂਰੇ ਪੁਤਲੇ ਨੂੰ ਅਗਨੀ ਦੇ ਹਵਾਲੇ ਕਰ ਦਿੱਤਾ ਜਾਵੇਗਾ。 ਨਿਰਮਾਤਾ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਪੁਤਲੇ ਦੇ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਹਿੱсਿਆਂ ਨੂੰ ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਤਿਆਰ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਹੈ ਕਿ ਦਹਿਨ ਦੌਰਾਨ ਇੱਕ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਇੱਕ ਹਿੱਸਾ ਸੜਦਾ ਹੋਇਆ ਦਿੱਖਾਈ ਦੇਵੇ। ਤੇਜ਼ ਹਵਾਵਾਂ ਦਾ ਸਾਹਮਣਾ ਕਰਨ ਲਈ ਖ਼ਾਸ ਪ੍ਰਬੰਧ 221 ਫੁੱਟ ਦੀ ਉਚਾਈ ਵਾਲੇ ਪੁਤਲੇ ਨੂੰ ਖੜ੍ਹਾ ਰੱਖਣਾ ਆਪਣੇ ਆਪ ਵਿੱਚ ਵੱਡੀ ਚੁਣੌਤੀ ਹੈ। ਉਚਾਈ ਵਧਣ ਨਾਲ ਹਵਾਵਾਂ ਦਾ ਦਬਾਅ ਵੀ ਵਧ ਜਾਂਦਾ ਹੈ, ਜਿਸ ਕਾਰਨ ਪੁਤਲੇ ਦੇ ਡਿੱਗਣ ਦਾ ਖ਼ਤਰਾ ਬਣਿਆ ਰਹਿੰਦਾ। ਇਸ ਚੁਣੌਤੀ ਨਾਲ ਨਜਿੱਠਣ ਲਈ ਪੁਤਲੇ ਵਿੱਚ ਸਟੀਲ ਦੇ ਰੱਸਿਆਂ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ। ਨਿਰਮਾਤਾ ਅਨੁਸਾਰ, ਇਸ ਕੰਮ ਲਈ ਲਗਭਗ 12 ਫੁੱਟ ਡੂੰਘੇ ਟੋਏ ਪੁੱਟੇ ਗਏ। ਇਨ੍ਹਾਂ ਵਿੱਚ ਚਾਰ ਇੰਚ ਦੇ ਮਜ਼ਬੂਤ ਲੋਹੇ ਦੇ ਪਾਈਪਾਂ ਨੂੰ ਟੀ-ਆਕਾਰ ਵਿੱਚ ਲਗਾ ਕੇ ਸਹਾਰਾ ਤਿਆਰ ਕੀਤਾ ਗਿਆ। ਇਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਪੁਲੀਆਂ ਅਤੇ ਛੋਟੀ ਕਰੇਨ ਦੀ ਮਦਦ ਨਾਲ ਸਟੀਲ ਦੇ ਰੱਸਿਆਂ ਨੂੰ ਕੱਸਿਆ ਗਿਆ। ਉਨਾਂ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਸਟੀਲ ਦੇ ਰੱਸਿਆਂ ਨੂੰ ਹੱਥਾਂ ਨਾਲ ਲੋੜੀਂਦੇ ਪੱਧਰ ਤੱਕ ਕੱਸਣਾ ਸੰਭਵ ਨਹੀਂ ਸੀ। ਇਸ ਲਈ ਮਸ਼ੀਨਾਂ ਦੀ ਮਦਦ ਲਈ ਗਈ, ਤਾਂ ਜੋ ਪੁਤਲੇ ਨੂੰ ਹਵਾਵਾਂ ਦੇ ਪ੍ਰਭਾਵ ਤੋਂ ਬਚਾਉਣ ਲਈ ਮਜ਼ਬੂਤ ਸਹਾਰਾ ਦਿੱਤਾ ਜਾ ਸਕੇ। 700 ਬਾਂਸ, 4,000 ਮੀਟਰ ਮਖਮਲੀ ਕੱਪੜਾ ਅਤੇ ਸੱਤ ਟਨ ਲੋਹੇ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਇਸ ਵਿਸ਼ਾਲ ਪੁਤਲੇ ਨੂੰ ਤਿਆਰ ਕਰਨ ਲਈ ਵੱਡੀ ਮਾਤਰਾ ਵਿੱਚ ਸਮੱਗਰੀ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ। ਨਿਰਮਾਤਾ ਵੱਲੋਂ ਦਿੱਤੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਅਨੁਸਾਰ, ਇਸ ਦੇ ਨਿਰਮਾਣ ਵਿੱਚ ਲਗਭਗ 700 ਬਾਂਸ ਵਰਤੇ ਗਏ ਹਨ, ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਲੰਬਾਈ 24 ਫੁੱਟ ਹੈ। ਪੁਤਲੇ ਦੀ ਪੋਸ਼ਾਕ ਤਿਆਰ ਕਰਨ ਲਈ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਰੰਗਾਂ ਦੇ ਲਗਭਗ 4,000 ਮੀਟਰ ਮਖਮਲੀ ਕੱਪੜੇ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ। ਇਸ ਦਾ ਚਿਹਰਾ ਫਾਈਬਰ ਗਲਾਸ ਨਾਲ ਤਿਆਰ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਹੈ। ਇਸ ਲਈ ਪਹਿਲਾਂ ਮਿੱਟੀ ਨਾਲ ਡਾਈ ਬਣਾਈ ਗਈ ਅਤੇ ਫਿਰ ਉਸ ਦੀ ਮਦਦ ਨਾਲ ਫਾਈਬਰ ਗਲਾਸ ਦਾ ਚਿਹਰਾ ਤਿਆਰ ਕੀਤਾ ਗਿਆ। ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ, ਪੁਤਲੇ ਦੇ ਢਾਂਚੇ ਨੂੰ ਮਜ਼ਬੂਤੀ ਦੇਣ ਲਈ ਲਗਭਗ ਸੱਤ ਟਨ ਲੋਹੇ ਦੇ ਪਾਈਪ ਵਰਤੇ ਗਏ ਹਨ। ਇਨ੍ਹਾਂ ਸਾਰੀਆਂ ਸਮੱਗਰੀਆਂ ਦੀ ਮਦਦ ਨਾਲ ਪੁਤਲੇ ਦਾ ਢਾਂਚਾ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਉਸ ਨੂੰ ਸੰਤੁਲਿਤ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਹੈ। 1985 ਵਿੱਚ 20 ਫੁੱਟ ਦੇ ਰਾਵਣ ਦੇ ਪੁਤਲੇ ਨੂੰ ਬਣਾਉਣ ਨਾਲ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋਇਆ ਸਫ਼ਰ 221 ਫੁੱਟ ਉੱਚੇ ਪੁਤਲੇ ਦੇ ਨਿਰਮਾਣ ਤੱਕ ਪਹੁੰਚਣ ਵਾਲੇ ਕਲਾਕਾਰ ਦਾ ਇਹ ਸਫ਼ਰ ਇੱਕ ਦਿਨ ਵਿੱਚ ਤੈਅ ਨਹੀਂ ਹੋਇਆ। ਇੰਟਰਵਿਊ ਦੌਰਾਨ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਆਪਣੇ ਜੀਵਨ ਦੀ ਕਹਾਣੀ ਸਾਂਝੀ ਕਰਦਿਆਂ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਇਸ ਕੰਮ ਦੀ ਸ਼ੁਰੂਆਤ ਸਾਲ 1985 ਵਿੱਚ ਹਰਿਆਣਾ ਦੇ ਅੰਬਾਲਾ zਲ੍ਹੇ ਦੇ ਪਿੰਡ ਬਰਾਡ਼ਾ ਤੋਂ ਹੋਈ ਸੀ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਉਸ ਸਮੇਂ ਆਪਣੇ ਕੁਝ ਸਾਥੀਆਂ ਨਾਲ ਮਿਲਕੇ ਸਿਰਫ਼ 20 ਫੁੱਟ ਉੱਚਾ ਰਾਵਣ ਦਾ ਪੁਤਲਾ ਤਿਆਰ ਕੀਤਾ ਸੀ। ਇਸ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਇਲਾਕੇ ਵਿੱਚ ਰਾਮਲੀਲਾ ਅਤੇ ਦੁਸਹਿਰੇ ਦੇ ਸਮਾਗਮ ਕੁਝ ਕਾਰਨਾਂ ਕਰਕੇ ਬੰਦ ਹੋ ਗਏ ਸਨ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਅਨੁਸਾਰ, ਉਸ ਸਮੇਂ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨਿਕ ਮਨਜ਼ੂਰੀਆਂ ਨਾਲ ਜੁੜੀਆਂ ਮੁਸ਼ਕਲਾਂ ਕਾਰਨ ਵੀ ਅਜਿਹੇ ਸਮਾਗਮ ਕਰਵਾਉਣ ਵਿੱਚ ਦਿੱਕਤਾਂ ਆਈਆਂ ਸਨ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਪਿਤਾ ਜੀ ਹੈਡਮਾਸਟਰ ਸਨ ਅਤੇ ਉਹ ਬਹੁਤ ਅਨੁਸ਼ਾਸਿਤ ਤੇ ਸਾਊ ਸੁਭਾਅ ਦੇ ਇਨਸਾਨ ਸਨ। ਇਸ ਦੇ ਉਲਟ, ਜਵਾਨੀ ਦੇ ਦੌਰ ਵਿੱਚ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦਾ ਆਪਣਾ ਵਿਹਾਰ ਠੀਕ ਨਹੀਂ ਸੀ, ਜਿਸ ਕਾਰਨ ਪਰਿਵਾਰ ਅਤੇ ਸਮਾਜ ਨੂੰ ਵੀ ਕਈ ਵਾਰ ਮੁਸ਼ਕਲਾਂ ਦਾ ਸਾਹਮਣਾ ਕਰਨਾ ਪਿਆ। ਨਿਰਮਾਤਾ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਜਦੋਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਆਪਣੀਆਂ ਗ਼ਲਤੀਆਂ ਦਾ ਅਹਿਸਾਸ ਹੋਇਆ ਤਾਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਆਪਣੇ ਮਾਪਿਆਂ ਤੋਂ ਮੁਆਫ਼ੀ ਮੰਗੀ ਅਤੇ ਪੁੱਛਿਆ ਕਿ ਹੁਣ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਕੀ ਕਰਨਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ। ਇਸ 'ਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਪਿਤਾ ਨੇ ਸਲਾਹ ਦਿੱਤੀ ਕਿ ਉਹ ਕੋਈ ਸਮਾਜਿਕ ਜਾਂ ਧਾਰਮਿਕ ਕੰਮ ਕਰਨ, ਜਿਸ ਨਾਲ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਜੀਵਨ ਵਿੱਚ ਸਕਾਰਾਤਮਕ ਤਬਦੀਲੀ ਆ ਸਕੇ। ਪਿਤਾ ਦੀ ਸਲਾਹ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਪਿੰਡ ਵਿੱਚ ਰਾਮਲੀਲਾ ਅਤੇ ਦੁਸਹਿਰੇ ਦੇ ਸਮਾਗਮ ਮੁੜ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰਨ ਦਾ ਫ਼ੈਸਲਾ ਕੀਤਾ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਉਸ ਸਮੇਂ ਨਾ ਤਾਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਰਾਮਲੀਲਾ ਦੇ ਆਯੋਜਨ ਦਾ ਤਜਰਬਾ ਸੀ ਅਤੇ ਨਾ ਹੀ ਰਾਵਣ ਦਾ ਪੁਤਲਾ ਬਣਾਉਣ ਦੀ ਕੋਈ ਖ਼ਾਸ ਜਾਣਕਾਰੀ ਸੀ। ਪਰ ਪਿਤਾ ਦੀ ਸਲਾਹ ਨੂੰ ਮੰਨਦਿਆਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਆਪਣੇ ਸਾਥੀਆਂ ਨਾਲ ਮਿਲ ਕੇ ਇਹ ਕੰਮ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਦਿੱਤਾ。 ਸਮੱਗਰੀ ਦਾ ਪ੍ਰਬੰਧ ਕਰਨ ਲਈ ਕਈ ਥਾਵਾਂ ਤੋਂ ਸਾਮਾਨ ਉਧਾਰ ਲੈਣਾ ਪਿਆ, ਪਰ ਆਖਰਕਾਰ ਉਹ 20 ਫੁੱਟ ਉੱਚਾ ਪੁਤਲਾ ਤਿਆਰ ਕਰਨ ਵਿੱਚ ਸਫ਼ਲ ਰਹੇ। ਜਦੋਂ ਇਸ ਪੁਤਲੇ ਨੂੰ ਪਿੰਡ ਦੇ ਮੈਦਾਨ ਵਿੱਚ ਸਥਾਪਿਤ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਤਾਂ ਇਸ ਨੂੰ ਦੇਖਣ ਲਈ ਵੱਡੀ ਗਿਣਤੀ ਵਿੱਚ ਲੋਕ ਪਹੁੰਚੇ। ਲੋਕਾਂ ਵੱਲੋਂ ਮਿਲੀ ਹੱਲਾਸ਼ੇਰੀ ਨੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦਾ ਹੌਸਲਾ ਵਧਾਇਆ ਅਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਇਸ ਕੰਮ ਨੂੰ ਹੋਰ ਬਿਹਤਰ ਬਣਾਉਣ ਦਾ ਫੈਸਲਾ ਕੀਤਾ。 ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ 20 ਫੁੱਟ ਦੇ ਪੁਤਲੇ ਨਾਲ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋਇਆ ਸਫ਼ਰ ਅੱਜ 221 ਫੁੱਟ ਦੇ ਵਿਸ਼ਾਲ ਪੁਤਲੇ ਤੱਕ ਪਹੁੰਚ ਗਿਆ ਹੈ。 ਪ੍ਰਦੂਸ਼ਣ ਬਾਰੇ ਕੀ ਕਹਿੰਦੇ ਹਨ ਨਿਰਮਾਤਾ? ਰਾਵਣ ਦਹਿਨ ਦੌਰਾਨ ਵਾਤਾਵਰਣ ਵਿੱਚ ਹੋਣ ਵਾਲੇ ਪ੍ਰਦੂਸ਼ਣ ਬਾਰੇ ਪੁੱਛੇ ਗਏ ਸਵਾਲ ਦੇ ਜਵਾਬ ਵਿੱਚ ਨਿਰਮਾਤਾ ਨੇ ਮੰਨਿਆ ਕਿ ਕਿਸੇ ਵੀ ਢਾਂਚੇ ਨੂੰ ਅੱਗ ਲਗਾਉਣ ਨਾਲ ਪ੍ਰਦੂਸ਼ਣ ਹੁੰਦਾ ਹੈ। ਹਾਲਾਂਕਿ, ਉਨ੍ਹਾਂ ਦਾ ਕਹਿਣਾ ਸੀ ਕਿ ਦੁਸਹਿਰੇ ਦਾ ਤਿਉਹਾਰ ਸਾਲ ਵਿੱਚ ਇੱਕ ਵਾਰ ਮਨਾਇਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਰਾਵਣ ਦਹਿਨ ਦੀਆਂ ਗਤੀਵਿਧੀਆਂ ਆਮ ਤੌਰ 'ਤੇ ਇੱਕ ਤੋਂ ਦੋ ਘੰਟਿਆਂ ਤੱਕ ਚੱਲਦੀਆਂ ਹਨ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦਾ ਮੰਨਣਾ ਹੈ ਕਿ ਕਰੋੜਾਂ ਲੋਕਾਂ ਦੀ ਧਾਰਮਿਕ ਆਸਥਾ ਇਸ ਤਿਉਹਾਰ ਨਾਲ ਜੁੜੀ ਹੋਈ ਹੈ。 ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਮਾਤਾ ਮਨਸા ਦੇਵੀ ਚੈਰਿਟੇਬਲ ਟਰੱਸਟ ਵੱਲੋਂ ਇਸ ਵਾਰ ਪਟਾਕਿਆਂ ਦੇ ਮਾਮਲੇ ਵਿੱਚ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਪ੍ਰਬੰਧ ਕੀਤੇ ਗਏ ਹਨ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਅਨੁਸਾਰ, ਸ਼ਿਵਕਾਸ਼ੀ ਤੋਂ ਗ੍ਰੀਨ ਕਰੈਕਰ ਮੰਗਵਾਏ ਗਏ ਹਨ, ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਬਾਰੇ ਦਾਅਵਾ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਹੈ ਕਿ ਇਹ ਆਮ ਪਟਾਕਿਆਂ ਦੇ ਮੁਕਾਬਲੇ ਘੱਟ ਪ੍ਰਦੂਸ਼ਣ ਫੈਲਾਉਂਦੇ ਹਨ。0
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PGI चंडीगढ़ और AIIMS दिल्ली PG डॉक्टर बिना परीक्षा-इंटरव्यू नियुक्त होंगे
Shimla, Himachal Pradesh:पीजीआई चंडीगढ़ और एम्स दिल्ली से पीजी डॉक्टरों को बिना लिखित परीक्षा-इंटरव्यू मिलेगी नियुक्ति एमबीबीएस और पीजी की मेरिट से लगाए जाएंगे सीनियर रेजिडेंट, ट्यूटर और विशेषज्ञ चिकित्सक हिमाचल सरकार ने रेजिडेंट डॉक्टर्स पॉलिसी- 2025 में महत्वपूर्ण संशोधन किया है। अब पीजीआई चंडीगढ़ और एम्स दिल्ली से पीजी डॉक्टरों को बिना लिखित परीक्षा और इंटरव्यू के मेडिकल कॉलेजों में नियुक्ति मिलेगी। इन्हें सीनियर रेजिडेंट, ट्यूटर और विशेषज्ञ चिकित्सकों के रिक्त पदों पर नियुक्त किया जाएगा। सरकार ने प्रदेश में सीनियर रेजिडेंट, ट्यूटर और विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी दूर करने के लिए सरकार ने यह निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू जी के निर्देश पर स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की ओर से इसकी अधिसूचना जारी कर दी गई है। अधिसूचना के अनुसार, इन डॉक्टरों की नियुक्ति एमबीबीएस और पोस्ट ग्रेजुएशन में प्राप्त मेरिट के आधार पर की जाएगी। इसके लिए लिखित परीक्षा या इंटरव्यू नहीं लिया जाएगा।0
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पूर्व DGP ने मलेरकोटला मामले में FIR और SIT की मांग के साथ बड़ा कदम उठाया
Noida, Uttar Pradesh:ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਸਾਬਕਾ ਡੀਜੀਪੀ (DGP) ਮੁਹੰਮਦ ਮੁਸਤਫ਼ਾ ਨੇ ਸ਼ਮਸ਼ੁਦੀਨ (ਵਾਸੀ ਮਾਲੇਰਕੋਟਲਾ), ਬਖ਼ਸ਼ੀਸ਼ ਸਿੰਘ ਅਤੇ ਉਹਨਾਂ ਦੇ ਸਾਥੀਆਂ ਖ਼ਿਲਾਫ਼ ਐਸ.ਐਚ.ਓ. ਸਿਟੀ-1 ਅਤੇ ਐਸ.ਐਸ.ਪੀ. ਮਾਲੇਰਕੋਟਲਾ ਨੂੰ ਤੁਰੰਤ ਐਫ.ਆਈ.ਆਰ. (FIR) ਦਰਜ ਕਰਨ ਲਈ ਦਰਖਾਸਤ ਦਿੱਤੀ ਹੈ. * ਪੁੱਤਰ ਦੀ ਮੌਤ 'ਤੇ ਦਰਜ ਝੂਠਾ ਪਰਚਾ: ਸ਼ਿਕਾਇਤਕਰਤਾ ਅਨੁਸਾਰ, ਅਕਤੂਬਰ 2025 ਵਿੱਚ ਉਹਨਾਂ ਦੇ ਪੁੱਤਰ ਆਕਿਲ ਅਖ਼ਤਰ ਦੀ ਮੌਤ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਸ਼ਮਸ਼ੁਦੀਨ ਨੇ ਸਿਆਸੀ ਵਿਰੋਧੀਆਂ ਨਾਲ ਮਿਲ ਕੇ ਪੰਚਕੂਲਾ ਵਿਖੇ ਉਹਨਾਂ ਦੇ ਪੂਰੇ ਪਰਿਵਾਰ ਖ਼ਿਲਾਫ਼ ਕਤਲ ਦਾ ਕੇਸ ਦਰਜ ਕਰਵਾਇਆ, ਜਿਸ ਦੀ ਜਾਂਚ ਇਸ ਵੇਲੇ ਸੀ.ਬੀ.ਆਈ. (CBI) ਕਰ ਰਹੀ ਹੈ. * ਬਦਨਾਮ ਕਰਨ ਦੀ ਮੁਹਿੰਮ: ਸ਼ਮਸ਼ੁਦੀਨ ਵੱਲੋਂ ਵਾਰ-ਵਾਰ ਪ੍ਰੈਸ ਕਾਨਫਰੰਸਾਂ ਅਤੇ ਮੀਡੀਆ ਇੰਟਰਵਿਊਆਂ ਰਾਹੀਂ ਬੇਬੁਨਿਆਦ ਦੋਸ਼ ਲਗਾਏ ਗਏ, ਜਿਸ ਕਾਰਨ ਉਹ ਪਹਿਲਾਂ ਹੀ ਅਦਾਲਤਾਂ ਵਿੱਚ ਮਾਣਹਾਨੀ ਦੇ ਕੇਸਾਂ ਅਤੇ ਮਾਲੇਰਕੋਟਲਾ ਸਾਈਬਰ ਕ੍ਰਾਈਮ ਥਾਣੇ ਵਿੱਚ ਦਰਜ ਮੁਕੱਦਮੇ ਦਾ ਸਾਹਮਣਾ ਕਰ ਰਿਹਾ ਹੈ. * ਦਹਿਸ਼ਤਗਰਦ ਬਖ਼ਸ਼ੀਸ਼ ਸਿੰਘ ਨਾਲ ਮਿਲ ਕੇ ਭੜਕਾਊ ਪੋਸਟਰ: ਦੋਸ਼ ਹੈ ਕਿ ਸ਼ਮਸ਼ੁਦੀਨ ਨੇ ਦਹਿਸ਼ਤਗਰਦੀ ਦੇ ਮਾਮਲਿਆਂ 'ਚ ਸ਼ਾਮਲ ਬਖ਼ਸ਼ੀਸ਼ ਸਿੰਘ ਨਾਲ ਸਾਜ਼ਿਸ਼ ਰਚ ਕੇ ਮਾਲੇਰਕੋਟਲਾ ਵਿੱਚ ਭੜਕਾਊ ਪੋਸਟਰ ਲਗਵਾਏ ਇਹਨਾਂ ਰਾਹੀਂ ਅੱਤਵਾਦੀ ਤੱਤਾਂ ਨੂੰ ਉਕਸਾਉਣ ਅਤੇ ਅੱਤਵਾਦ ਦੇ ਦੌਰ ਦੇ ਝੂਠੇ ਮੁਕਾਬਲਿਆਂ ਦੇ ਦੋਸ਼ ਲਾ ਕੇ ਸਿੱਖ ਭਾਈਚਾਰੇ ਨੂੰ ਭੜਕਾਉਣ ਦੀ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕੀਤੀ ਗਈ. * ਨਸ਼ਾ ਤਸਕਰਾਂ ਨਾਲ ਸਬੰਧਾਂ ਦੇ ਨਵੇਂ ਦੋਸ਼: ਸ਼ਮਸ਼ੁਦੀਨ ਨੇ ਸੋਸ਼ਲ ਮੀਡੀਆ 'ਤੇ ਵੀਡੀਓ ਅਪਲੋਡ ਕਰਕੇ ਸਾਬਕਾ ਡੀਜੀਪੀ ਦੇ ਮਾਲੇਰਕੋਟਲਾ ਦੇ ਨਸ਼ਾ ਤਸਕਰਾਂ ਨਾਲ ਕਥਿਤ ਸਬੰਧ ਹੋਣ ਦੇ ਗੰਭੀਰ ਦੋਸ਼ ਲਗਾਏ. * ਰਿਹਾਇਸ਼ ਨੇੜੇ ਧਮਾਕਾ: ਸ਼ਿਕਾਇਤਕਰਤਾ ਦਾ ਦਾਅਵਾ ਹੈ ਕਿ 15 ਮਈ 2026 ਨੂੰ ਮਾਲੇਰਕੋਟਲਾ ਵਿਖੇ ਉਹਨਾਂ ਦੀ ਰਿਹਾਇਸ਼ ਨੇੜੇ ਹੋਏ ਧਮਾਕੇ ਵਿੱਚ ਸ਼ਮਸ਼ੁਦੀਨ ਦੇ ਸ਼ਾਮਲ ਹੋਣ ਦੇ ਪੁਖ਼ਤਾ ਸਬੂਤ ਹਨ, ਜਿਸ ਸੰਬੰਧੀ ਪਹਿਲਾਂ ਥਾਣਾ ਅਮਰਗੜ੍ਹ ਵਿਖੇ ਦਰਖਾਸਤ ਦਿੱਤੀ ਗਈ ਸੀ। * ਜਾਨੀ ਖ਼ਤਰਾ ਅਤੇ ਕਾਨੂੰਨੀ ਧਾਰਾਵਾਂ: ਇਹ ਸਾਰੇ ਕਦਮ ਜਾਨੋਂ ਮਾਰਨ ਦੀ ਸਾਜ਼ਿਸ਼, ਸਮਾਜਿਕ ਸ਼ਾਂਤੀ ਭੰਗ ਕਰਨ ਅਤੇ ਭਾਈਚਾਰਕ ਸਾਂਝ ਨੂੰ ਨੁਕਸਾਨ ਪਹੁੰਚਾਉਣ ਦਾ ਹਿੱਸਾ ਹਨ, ਜੋ ਭਾਰਤੀ ਨਿਆਂ ਸੰਹਿਤਾ (BNS) ਅਤੇ ਗ਼ੈਰ-ਕਾਨੂੰਨੀ ਗਤੀਵਿਧੀਆਂ ਰੋਕਥਾਮ ਕਾਨੂੰਨ (UAPA) ਦੇ ਘੇਰੇ ਵਿੱਚ ਆਉਂਦੇ ਹਨ। * ਮੁੱਖ ਮੰਗਾਂ: ਸ਼ਮਸ਼ੁਦੀਨ, ਬਖ਼ਸ਼ੀਸ਼ ਸਿੰਘ ਤੇ ਸਾਥੀਆਂ ਵਿਰੁੱਧ ਤੁਰੰਤ ਐਫ.ਆਈ.ਆਰ. ਦਰਜ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇ ਅਤੇ ਪੰਜਾਬ ਪੁਲਿਸ haiੱਡਰ ਦੇ ਕਿਸੇ ਸੀਨੀਅਰ ਪੁਲਿਸ ਅਧਿਕਾਰੀ ਦੀ ਅਗਵਾਈ ਹੇਠ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਜਾਂਚ ਟੀਮ (SIT) ਬਣ ਕੇ ਸਮਾਂਬੱਧ ਜਾਂਚ ਕਰਵਾਈ ਜਾਵੇ। ਪੰਜਾਬ के पूर्व पुलिस महानिदेशक (DGP) मोहम्मद मुस्तफ़ा ने मलेरकोटला के शमशुद्दीन और बख्शीश सिंह सहित उनके सहयोगियों के खिलाफ तुरंत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराने की मांग की है। * बेटे की मौत पर झूठा केस दर्ज कराने का आरोप: अक्टूबर 2025 में बेटे आकिल अख़्तर की मौत के बाद, राजनीतिक विरोधियों से मिलकर पंचकूला में पूरे परिवार के खिलाफ हत्या का झूठा मामला दर्ज करवाने का आरोप है (जो वर्तमान में CBI जांच के अधीन है)। * बदनामी और प्रेस कॉन्फ्रेंस: शमशुद्दीन पर लगातार निराधार आरोप लगाने, प्रेस कॉन्फ्रेंस करने और मानहानि फैलाने का आरोप है, पिछले अदालत और साइबर क्राइम में मामले लंबित हैं। * आतंकी तत्वों के साथ साजिश व भड़काऊ पोस्टर: आतंकवाद से जुड़े मामलों के आरोपी बख्शीश सिंह के साथ मिलकर मलेरकोटला में भड़काऊ पोस्टर लगाने का आरोप; इसका उद्देश्य आतंकवाद के दौर के कथित एनकाउंटर मामलों को उठाकर सिख समुदाय और आतंकी तत्वों को मुस्तफा के खिलाफ भड़काना था। * ड्रग तस्करों से सांठगांठ के आरोप वाली वीडियो: सोशल मीडिया पर वीडियो डालकर मुस्तफा पर ड्रग तस्करों से संबंध होने के झूठे आरोप लगाए गए। * आवास के पास विस्फोट (ब्लास्ट) में संलिप्तता: 15 मई 2026 को मलेरकोटला स्थित मुस्तफा के आवास के पास हुए धमाके में शमशुद्दीन की संलिप्तता के पक्के सबूत होने का दावा किया गया है, जिस पर पुलिस ने ठोस कार्रवाई नहीं की। * मुख्य मांग: भारतीय न्याय संहिता (BNS) और यूएपीए (UAPA) के तहत तुरंत FIR दर्ज की जाए और पंजाब पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) गठित कर निष्पक्ष जांच कराई जाए।0
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Punjab को नशा मुक्त बनाने के लिए शाह से ठोस कार्रवाई की मांग
Noida, Uttar Pradesh:रवनीत बिट्टू जी, अमित शाह जी पंजाब आकर नशों पर भाषण ही देंगे या केंद्र सरकार की कार्रवाई का हिसाब भी देंगे? पंजाब को नशा-मुक्त बनाने आ रहे अमित शाह जी से एक सवाल ज़रूर पूछिए— पंजाब को भाषण नहीं, नशों की सप्लाई रोकने का हिसाब चाहिए! सीमा पार से आने वाली हेरोइन, ड्रोन के ज़रिए नशों की तस्करी और नशा तस्करों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए केंद्र सरकार ने क्या ठोस कार्रवाई की? पंजाब के युवाओं का भविष्य राजनीतिक बयानों से कहीं बड़ा है। पंजाब आइए, लेकिन भाषण देने नहीं—पंजाब की जनता को जवाब देने!0
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NIA की रेड: जालंधर के न्यू हरदयालपुरा में दो घरों से दस्तावेज बरामद
Noida, Uttar Pradesh:जालंधर में टिफिन बम मामले में NIA की रेडः गढ़ा के न्यू हरदयालपुरा इलाके में पहुंची टीम, दो घरों में तलाशी लेकर दस्तावेज ले गए जालंधर के गढ़ा इलाके के न्यू हरदयाल नगर में नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने रेड की है। थाना-7 पुलिस ने बताया कि यहां के दो घरों में टीम पहुंची थी और 2021 के मामले में नोटिस देकर गई है। NIA से जुड़ा मामला होने का हवाला देकर पुलिस ने इस मामले में ज्यादा कुछ जानकारी साझा नहीं की। ACP रैंक के अधिकारी ने बताया कि NIA की टीम शनिवार देर शाम जालंधर आई थी। वे केवल पूर्व जत्थेदार जसबीर रोडे से जुड़े मामले में नोटिस सर्व करने आए थे。 सूत्रों का कहना है कि रेड के दौरान टीम के लोग करीब 3 घंटे तक यहां पर रहे। जालंधर एरिया में 2021 में मिले टिफिन बम मिलने में जांच की गई है। दो घरों से तलाशी के दौरान कुछ दस्तावेज भी टीम ने बरामद किए हैं। सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार राष्ट्रीय जांच एजेंसी NIA की टीम ने अपनी रेड को पूरी तरह से सीक्रेट रखा था。 पंजाब में मिले बमों से संबंधित चल रही जांच ये रेड बीते कुछ सालों में पंजाब में कई जगह मिले बमों की जांच से जुड़ी थी। उस दौरान जालंधर के भी कुछ लोग शक के घेरे में आए थे जिसकी NIA जांच लगातार चल रही है। अमृतसर-जालंधर जीटी रोड पर गांव हंबोवाल अंडरपास के पास भी 5 साल पहले बम मिला था। टीम आने के गढ़ा के इलाके में चर्चा रही लेकिन मीडिया से दूरी बनाए रखने के लिए आस पास पुलिस नाके भी लगाए जाने की चर्चा है。 2021 में टिफिन बम और ग्रेनेड मिले थे जालंधर के हरदयाल नगर में पूर्व जत्थेदार जसबीर सिंह रोडे के भाई लखबीर सिंह रोडे का घर है। वह पाकिस्तान में इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन की गतिविधियां संचालित करता है। यहां NIA ने अगस्त 2021 में रेड की थी। पुलिस के अनुसार लखबीर सिंह के बेटे गुरमुख सिंह से टिफिन बम और ग्रेनेड मिले थे। ये पंजाब को दहलाने के लिए भेजे गए थे। विस्फोटक सामग्री को पंजाब में कई जगह सप्लाई करने की जिम्मेदारी गुरमुख सिंह रोडे को दी गई थी。 कोरोना काल में गुरमुख की वीडियो हुई थी वायरल कोरोना काल में गुरमुख सिंह उस समय चर्चा में आया था, जब उनकी एक मारपीट वाली वीडियो काफी वायरल हुई थे। वीडियो में गुरमुख सिंह ने किसी को मुक्का मारा था। वह व्यक्ति मौके पर ही बेहोश हो गया था। हालांकि यह वीडियो कहां की थी, इस बारे में कुछ पता नहीं चला था।0
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अष्टमी उत्साह में हिमाचल के बाबा भीमाकाली मंदिर में भक्तों का भारी जलसा
Shimla, Himachal Pradesh:देशभर में अष्टमी की धूम! सराहन के भीमाकाली मंदिर में उमड़े श्रद्धालु शिमला से करीब 160 किलोमीटर दूर स्थित है 13वीं शताबदी का ऐतिहासिक मंदिर बुशहर रियासत के राजपरिवार की कुलदेवी हैं मां भीमाकाली आज मंदिर के नज़दीक किया जा रहा वीरभद्र सिंह की प्रतिमा का अनावरण देशभर में अष्टमी का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। हिमाचल प्रदेश के प्रमुख शक्तिपीठों और धार्मिक स्थलों पर भी श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। शिमला से करीब 160 किलोमीटर दूर सराहन स्थित ऐतिहासिक मां भीमाकाली मंदिर में भी भक्त दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। 13वीं शताब्दी के इस मंदिर का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व है। मां भीमाकाली तत्कालीन बुशहर रियासत के राजपरिवार की कुलदेवी हैं। यह मंदिर पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के राजपरिवार से भी जुड़ा हुआ है। आज ही मंदिर के नज़दीक पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की प्रतिमा का अनावरण भी किया जा रहा है, जिसे लेकर इलाके के लोगों में भी खासा उत्साह है। मंदिर के पुजारी सोहन लाल ने बताया कि भीमाकाली मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। मंदिर से जुड़ी कई ऐतिहासिक और धार्मिक मान्यताएं हैं। उन्होंने बताया कि एक भूकंप के दौरान मंदिर टेढ़ा हो गया था, जबकि बाद में आए एक अन्य भूकंप के दौरान मंदिर फिर से सीधा हो गया। मंदिर से जुड़ी यह मान्यता श्रद्धालुओं के बीच विशेष चर्चा का विषय रहती है। सराहन में स्थित मां भीमाकाली का भव्य मंदिर तत्कालीन बुशहर रियासत के राजवंश की कुलदेवी को समर्पित है। किन्नौर तक फैली इस रियासत की राजधानी शोणितपुर थी, जिसे आज सराहन के नाम से जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शोणितपुर के राजा बाणासुर भगवान शिव के परम भक्त थे। बाणासुर के बाद प्रद्युम्न के इस क्षेत्र का राजा बनने और फिर इसी वंश के शासन से जुड़ी कथाएं भी मंदिर के इतिहास का हिस्सा हैं। मंदिर परिसर में कोटशैली में बने पांच मंजिला ढांचे और दो भव्य मंदिर अपनी पहाड़ी वास्तुकला और काष्ठशिल्प के लिए पहचाने जाते हैं। मंदिर से जुड़ी एक धार्मिक मान्यता के अनुसार, तत्कालीन बुशहर राजा द्वारा सती के जले हुए शरीर को उठाए जाने के दौरान उनके कान का हिस्सा यहां गिरा था। इसी मान्यता के चलते इस स्थान को 51 शक्तिपीठों से भी जोड़ा जाता है। मंदिर के नए भवन की सबसे ऊपरी मंजिल पर आदिशक्ति देवी की कन्या रूप में पूजा की जाती है। इसके ठीक नीचे की मंजिल पर माता सती और हिमालय पुत्री पार्वती के स्वरूप की मान्यता है। मंदिर परिसर में भगवान रघुनाथ, नरसिंह और पातालू भैरव यानी लकड़ा वीर के मंदिर भी स्थित हैं। पुराणों में भी सराहन स्थित मां भीमाकाली मंदिर का उल्लेख मिलता है। अष्टमी के अवसर पर मंदिर में पहुंच रहे श्रद्धालु मां के दर्शन कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना कर रहे हैं। धार्मिक आस्था, प्राचीन इतिहास और पहाड़ी वास्तुकला के कारण सराहन का भीमाकाली मंदिर हिमाचल प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है।0
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